Being full of spiritual power! | Avyakt Murli Churnings 01-03-2020

Being full of spiritual power! | Avyakt Murli Churnings 01-03-2020

1. जबकि हम रूहानी-शक्ति के अधिकारी बन गये हैं (यादप्यार में भी बाबा रोज़ स्मृति दिलाते), तो परिवर्तन-जीवनमुक्त तो होना ही है (तब ही भविष्य-जीवनमुक्त प्रालब्ध बनेंगी)… इसके लिए मन्सा-वाचा-कर्मणा तीनों शक्तिशाली करना है (तब ही युक्तियुक्त-जीवनमुक्त रह, स्वयं की सम्पन्नता-बाबा को प्रत्यक्ष कर सकेंगे)

2. बन्धन कारण परवश रह, सदा एकरस-अतीन्द्रिय सुख का अनुभव नहीं कर पाते (भल थोड़ी देर सेवा-संगठन-संग-साधन कारण खुश रहें)… मुख्य है मन्सा का बन्धन, जिस कारण हवाई महल बांधने में बिजी-दिलशिकश्त रहते (फिर अभिमान वश दोष देते, मेहसूसता समाप्त), यह सूक्ष्म रीति बाँध उल्टा नशा भी चढ़ाते.. इस लिए इन्हें चेक कर मुक्त होना, व्यर्थ-ईर्षा-आलस्य से भी (स्वयं मुक्त होने के बाद ही भिन्न-भिन्न आत्माओं को मुक्ति दिला सकेंगे)

पार्टियों से

1. सुनने के साथ स्वरूप बनने से शक्तिशाली होते (रोज़ स्वयं औरों प्रति नये उमंग-उत्साह के संकल्प का स्वरूप बन सेवा में लगाना)… अमृतवेला सेट करना, और फिर रात को चेक (ऐसा मनोरंजन प्रोग्राम)

2. शक्तिशाली याद से ही अनुभव-एकरस होते, सभी शक्तियों (तन-मन-धन) को सेवा में लगाने से सफलता होती… अनेक जन्मों के पद्म जमा करने से यह 1 जन्म तो मेहनत-मुक्त रहेंगे ही, इस राज़ को जान खुशी-खुशी सेवा में आगे बढ़ना है

3. सेवाधारी अर्थात लगन में मगन रह, औरों को भी करना (खुशी में रह, खुशी दिलाना).. यह अलौकिक-स्टड़ी ही अविनाशी-प्राप्ति कराती, यह जान आगे बढ़ औरों को आगे बढ़ाते रहना, सदा याद और सेवा (उन्नति प्राप्त करते रहना)

4. (नौकरी वाली कुमारियां)… निर्बन्धन होते भी दो नांव में पैर रखने से परेशान रहेंगे, सिर्फ हिम्मत चाहिए (बाबा भी साथ है)… संगम का हमारा विशेष पार्ट है सेवाधारी बनना (यही गोल्डन चांस-वरदान है), उसमें लगन होने से लौकिक-पढ़ाई विघ्न नहीं बनती (सदा भाग्य बनाते, नशे में रहतेे)

सार (चिन्तन)

सदा हर पॉइंट को स्वरूप में लाते शक्तिशाली-याद द्वारा रूहानी शक्ति से मन्सा-वाचा-कर्मणा सम्पन्न-शक्तिशाली रह… सदा जीवनमुक्त-एकरस-अतीन्द्रिय सुख-सर्व प्राप्ति सम्पन्न रह… हिम्मत रख सेवाधारी बन खुशी-खुशी सेवा में आगे बढ़ते, स्वयं-सर्व का सर्वश्रेष्ठ भाग्य बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Passing the exam! | Sakar Murli Churnings 29-02-2020

Passing the exam! | Sakar Murli Churnings 29-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि बाबा ने हम ब्राह्मण-बच्चों को adopt किया है, सतयुग-स्वर्ग-सुखधाम का वर्सा देकर देवता बनाने (सम्पूर्ण-धनवान)… तो सदा माया को डोंट केयर कर, अच्छे से पढ़कर, अपने को बिन्दी-आत्मा समझ एक-निराकार पतित-पावन बिन्दी शिवबाबा की याद द्वारा विकर्म-विनाश पावन-खुश बन ऊँच पद पा ले (बाकी सब ड्रामा है)… सेवा भी करते रहना

चिन्तन

जबकि हमारी बुद्धि में पढ़ाई का तन्त समा गया है (मन्मनाभव-मध्याजीभव, अल्प-बे)… तो सदा ज्ञान-चिन्तन वा योग द्वारा ज्ञान-याद-गुण स्वरूप सर्व प्राप्ति सम्पन्न बन… सदा अपनी डबल-लाइट फरिश्ता स्थिति का अनुभव करते, सबको प्रेरणा देकर आप-समान बनाते, इम्तिहान में सम्पूर्ण पास हो, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Welcoming the Supreme Guest! | Sakar Murli Churnings 28-02-2020

Welcoming the Supreme Guest! | Sakar Murli Churnings 28-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि सबसे बड़ी-आसामी (Highest-अथॉरिटी) बाबा हम सिताएं-ब्राइड्स के बुलावे पर पुरानी दुनिया में गेस्ट ऑफ आनर बन आकर हमें सम्पूर्ण ज्ञान दिया है, तो इसका सम्पूर्ण निश्चय-नशा हो… उनकी श्रीमत पर, अपने को निराकार-बिन्दी अकालमूर्त-आत्मा समझ निराकार-बिन्दी पतित-पावन परमात्मा को याद कर, पावन-अतीन्द्रिय सुख से सम्पन्न-कर्मातीत बन, देवता-राजा बन जाए… बाकी सब ड्रामा है, जिसका भी हमे पूरा ज्ञान है

चिन्तन

जबकि सबसे प्यारे ये प्यारा सर्वोत्तम-मेहमान हमारे लिए आया है… तो उनकी दिल की दुआएं प्राप्त करने, उनकी श्रीमत-मदद-वरदानों का सम्पूर्ण लाभ उठाने… सदा अपनी ईश्वरीय ज्ञान-योग सम्पन्न दिनचर्या को दिल से निभाते… सदा शान्ति-प्रेम-आनंद से भरपूर, सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनते-बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Becoming divine! | Sakar Murli Churnings 27-02-2020

Becoming divine! | Sakar Murli Churnings 27-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

ज्ञान-सागर बाबा ने हमे सारा ज्ञान दे दिया है (कैसे अब हम कलियुगी से सतयुगी-पावन-पूज्य-देवता बन रहे)… तो फिर से ऐसे दैवी-श्रेष्ठ धर्म-कर्म वाले बनने, जरा भी देह प्रति बुद्धि न जाए (कुदृष्टि-ख़यालात-हंसी-वचन से परे), ऐसा पक्का आत्म-अभिमानी बनना है (एक-निराकार-रूहानी पवित्र-शान्ति सागर की याद द्वारा, सदा बाबा-बाबा ही करते)… ऐसे पावन-सतोप्रधान धारणा-मूर्त होकर, सबको मुक्ति-जीवनमुक्ति का रास्ता दिखाते रहे (लेबर-फोरेनर्स को भी)

चिन्तन

जबकि हमारी ऐम-ओबजेक्ट सदा हमारे सामने है… तो आज योग के पहले इस चित्र को देख, फिर बहुत खुशी-दृढ़ता से आत्मिक-स्वरूप में एकाग्र हो, सर्व गुण-शक्तियों के सागर बाबा की शीतल लहरों में लहराते… सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनते-बनाते, सारा दिन स्वयं-सर्व का सर्वश्रेष्ठ भाग्य बनाते, सतयुग बनाते रहे… ओम् शान्ति!


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कितना मीठा, कितना प्यारा, शिव भोला भगवान्.. | Sakar Murli Churnings 26-02-2020

कितना मीठा, कितना प्यारा, शिव भोला भगवान्.. | Sakar Murli Churnings 26-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

1. जबकि बुद्धिवानों की बुद्धि बाबा ने हमे सम्पूर्ण ड्रामा-झाड़ का ज्ञान देकर, उसका सहज बीज़-सार दे दिया है, कि…

2. अपने को अकाल-तख्तनशीन आत्मा समझ एक निराकार पतित-पावन मीठे-प्यारे भोलेनाथ-माशूक को याद कर… विकर्म-विनाश पावन-शान्त-खुशी से भरपूर-अचल बन, ताऊसी-तख्तनशीन (विश्व के मलिक) देवता लक्ष्मी-नारायण बन जाए…

3. सेवा भी करते रहना (गीतों से रिफ्रेश हो अर्थ भी निकाल सकते), इम्तिहान के दिन अब नजदीक आ रहे

चिन्तन

बाबा के wonderful गीतों को सुनने के साथ-साथ, वाह बाबा-ड्रामा-भाग्य-मैं वाह के दिल से खुशी के गीत गाने लिए… सदा अपने को ज्ञान-योग के सहज-शक्तिशाली अभ्यासों द्वारा सर्व-प्राप्ति-सम्पन, शान्ति-प्रेम आनंद से भरपूर कर… समस्याओं से अधिक शक्तिशाली स्थिति में स्थित रह, सबके जीवन को भी श्रेष्ठ-सुखी बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Ensuring a first-class happy fragrant face, through God’s accurate remembrance! | Sakar Murli Churnings 25-02-2020

Ensuring a first-class happy fragrant face, through God’s accurate remembrance! | Sakar Murli Churnings 25-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

1. हमें इस स्प्रीचुअल-युनिवर्सिटी में स्प्रीचुअल-इनकारपोरियल गॉड-फादर द्वारा सम्पूर्ण रचता-रचना का ज्ञान मिल, हम भगवान् को यथार्थ पहचान याद करते हैं (छोटी-बिन्दी रूप में, अपने को भी छोटी-आत्मा समझ)…जिससे पावन-पारसबुद्धि बन सुखी हो जाते (गोल्डन ऐज-सतयुग में देवता-रूप में)

2. सबको प्रदर्शनी-गोला-सीढ़ी-बाजोली पर गीता-ज्ञान समझाना है (समझू को तीर लग जाएंगा, सहनशील रहना, परन्तु कुदृष्टि-कुचलन से बचे रहना)… याद द्वारा फर्स्टक्लास-खुशनुमा चेहरा-हर्षित रहना

चिन्तन

जबकि हम ही वह चुने हुए पद्मापद्म-भाग्यशाली बच्चें है, जिन्हें बाबा का सत्य परिचय मिला है… तो सदा अपनी दिनचर्या को ही ईश्वरीय-श्रीमत प्रमाण ज्ञान-योग सम्पन्न बना ले, जिससे बार-बार याद द्वारा हमारी frequency ऊँची-श्रेष्ठ शान्ति-प्रेम-आनंद से भरपूर रहे… हम सबके लिए उदाहरण बन कल्याणकारी बनते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Pouring jewels of spiritual wisdom! | Sakar Murli Churnings 24-02-2020

Pouring jewels of spiritual wisdom! | Sakar Murli Churnings 24-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि रत्नागर-बाबा ने हमे अविनाशी ज्ञान-रत्नों के जवाहरातो से सम्पन्न कर दिया है, हम जानते हैं अभी अमरलोक-बगीचे में जाना है श्रेष्ठाचारी-पावन-देवता रूप में (सम्पूर्ण solvent-अमर-सुखी)… तो sensible बन एक रूहानी-पावन-सत्य बाबा की याद में रह, पावन हीरे-तुल्य खुश फूल बन (संग की सम्भाल रखते)… सबको ज्ञान के जवाहरातो से साहूकार बनाते-बरसते, ऊँच पद पाएं

चिन्तन

जबकि ज्ञान-गुण-शक्तियों के सागर बाबा हमें सबकुछ देने लिए तैयार है… तो सदा उनके सर्वश्रेष्ठ संग में रह, भरपूर-सम्पन्न रूहानी-बादल बन… अपने दिव्य-वाइब्रेशन, खुशी-श्रेष्ठता सम्पन्न जीवन-सम्पर्क द्वारा सबको आप-समान सर्वश्रेष्ठ बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Being full of spiritual intoxication! | ईश्वरीय नशा | Avyakt Murli Churnings 23-02-2020

Being full of spiritual intoxication! | ईश्वरीय नशा | Avyakt Murli Churnings 23-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

हमारे निश्चय का प्रत्यक्ष-प्रमाण है, हर कदम-कर्म-ज्ञानी योगी जीवन (अर्थात् संकल्प-बोल-कर्म-चेहरे) में रूहानी नशा-खुशी प्रत्यक्ष अनुभव हो… चार प्रकार के नशे:

  1. अशरीरी-आत्मिक स्वरूप का
  2. अलौकिक जीवन का
  3. फरिश्ते-पन का
  4. भविष्य का

इनमें से एक भी साकार रूप में लाने से (सिर्फ संकल्प तक नहीं) पुराने संस्कार-संसार (सम्बंध-पदार्थ) से परे रहेंगे, सहज परिवर्तन अनुभव करेंगे (कर्म-सम्पर्क) में…हमारे मस्तक-वृत्ति-दृष्टि-मुस्कान-बोल द्वारा सबको आकर्षित-छत्रछाया बनेंगे, ऐसे ब्लिसफुल-सक्सेसफुलबेफिक्र बादशाही में माया की कोई चाल नहीं चलेंगी

पार्टियों से

1. (टीचर्स)… अपनी शक्तियों द्वारा औरों को शक्तिशाली-बलवान बनाने वाले (यही सच्ची सेवा-हीरो पार्ट है)… सदा सेवा में आगे बढ़ते, कई बातों से किनारा रहेंगे… सभी साधन (सेवा-स्थान, आदि) को विधी-पूर्वक शक्ति भरकर कार्य में लगाकर क्वालिटी बनाने वाले

2. (कुमारों)… धमाल बदले कमाल करने लिए, शक्तिशाली बनने, चाहिए मास्टर सर्वशक्तिमान की स्मृति (तो माया की कोई युक्ति नहीं चलेंगी)… स्व पर अटेन्शन से ही सेवा में शक्ति भरती (इसलिए सदा शक्तिशाली अभ्यास-स्व उन्नति के प्रोग्राम करते रहना)… हम भाग्यवान-निर्बन्धन-उड़ती कला वाले बाबा के प्यारे है (सदा याद-सेवा के बैलैंस द्वारा उड़ती कला, परिस्थिति नीचे-ऊपर न करें)

3. (अधर-कुमारों 1)… हम अपने जीवन के परिवर्तन द्वारा सेवा करने वाले है, इसलिए हर कर्म में परिवर्तन का लक्ष्य (तो स्वयं भी खुश-सन्तुष्ट रहेंगे, सेवा भी होंगी)… अपनी शक्तिशाली-दृष्टि द्वारा सबकी दृष्टि बदलने वाले

4. (अधर-कुमारों 2)… क्या थे और क्या बन गए (तो पुराने संस्कार से परे रहेंगे), और क्या बनने वाले है (तो खुशी से आगे बढ़ते रहेंगे)… ऐसे वर्तमान-भविष्य श्रेष्ठ… सदा अपने बेहद-भाग्यवान-निःस्वार्थ ईश्वरीय परिवार को देख खुुश होते

5. (कुमारियां)… मैं विश्व कल्याणकारी हूँ, इस स्मृति से समर्थ रहेंगे-करेंगे (व्यर्थ से मुक्त)… भाग्यवान है, बाबा के साथ द्वारा स्वयं-सर्व का श्रेष्ठ जीवन बनाने बाली, सदा एक बाबा दूसरा ना कोई

6. न्यारे-प्यारे रहने से बनेंगे सबके प्रिय-प्यारे

सार (चिन्तन)

सदा शक्तिशाली-अभ्यासों द्वारा अपने श्रेष्ठ स्वरूपों के निश्चय-नशे-खुशी-उड़ती कला में रह, सहज परिवर्तन का अनुभव कर शक्तिशाली रह… सबको शक्तिशाली बनाते, अपने जीवन के परिवर्तन द्वारा सबका कल्याण करते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Entering Krishnapuri! | Sakar Murli Churnings 22-02-2020

Entering Krishnapuri! | Sakar Murli Churnings 22-02-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

क्योंकि बाबा निराकार जन्म-मरण रहित सूक्ष्म-बिन्दु है, उनका ही सतसंग-प्रीत से याद द्वारा विजयी बनते (कृष्णपुरी-नई दुनिया-स्वर्ग के मलिक, पावन सर्वगुण-सम्पन्न कृष्ण समान!)… इसलिए अच्छे से पढ़ना है (साक्षात्कार की आश नहीं… हम ही ड्रामा के हीरो ऐक्टर्स है), पावन-धारणा मूर्त ईश्वरीय-नशे में रह सबकी सेवा करनी है, 21 जन्म ऊँच-पद जरूर प्राप्त करना है

चिन्तन

जबकि भगवान् हमारे लिए स्वर्ग की सौगात लाये है… तो सदा अपनी ऐम-ओबजेक्ट को सामने रख, ज्ञान-चिन्तन वा योग के प्रयोग द्वारा सदा पावन शान्ति-प्रेम-आनंद से सम्पन्न स्थिति का अनुभव कर… सबकी विशेषताएं देखते, सम्मान देते, मीठे बोल द्वारा सर्वश्रेष्ठ सेवा करते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Spiritual Significance of Mahashivratri, in God’s own words! | Baba Milan Murli Churnings 20-02-2020

Spiritual Significance of Mahashivratri, in God’s own words! | Baba Milan Murli Churnings 20-02-2020

1. आज बाबा अपना (वा लाड़ले-सिकिलधे-परमातम प्यार के पात्र बच्चों का) बर्थ-डे मनाने-बधाई देने आए हैं (जो कल्प में एक ही बार होता, बाप-बच्चों का एक साथ!)… बाबा का हमपे कितना गहरा-प्यार है (जन्म भी साथ, और विश्व-कल्याण का कार्य भी साथ करते)बच्चे भी बाप से कम्बाइन्ड रहते (उमंग-दिल से गीत गाते वाह बाबा-बर्थ डे), और वायदा है साथ चलेंगे… लास्ट-बच्चा भी कहता मेरा बाबा, जिसका बाबा को भी नाज़-महत्व है (हमें सौगुना वाह-वाह कहते)

2. उत्सव अर्थात्‌ ही उत्साह में रहना… जो हम ज्ञान-प्रेम से मनाते, उसका ही श्रद्धा-भावना से भक्ति में यादगार-काॅपी होता… शिवरात्री का आध्यात्मिक-रहस्य:

  • वृत्तियों को श्रेष्ठ रखने लिए सम्पूर्ण पवित्रता का पक्का-व्रत (पांचो विकारों का मन्सा में भी अंश न हो, यह व्रत एक ही बार लेना होता)… पवित्रता तो हमारी प्रॉपर्टी-पर्सनैलिटी-रॉयल्टी है (जन्मते ही वरदान मिला, पवित्र भव योगी भव, पाँचों के लिए), अब बनना है ब्रह्मा-चारी
  • आलस्य-अलबेलापन-बहानेबाजी की नींद से जागरण… होता-चलता-महारथी भी करते, यह हो गया उनका दोष-आदि से परे (हमे तो बाबा की श्रीमत पर चलना है)… समय का कोई भरोसा नहीं, बहुतकाल के अभ्यास से ही लक्ष्मी-नारायण बनेंगे (सब हमें फोलो करते)… भल झुकना-बदलना-परिवर्तन होना पडेे, याद-सेवा के डबल-आलमाइटी-लॉक से कमज़ोरी का दरवाजा बन्द

पार्टियों से

  • (भोपाल)… छुपे वीआईपी को मैदान पर लाना, 1 बर्ष में वारिस क्वालिटी सामने लाना… सेवा का गोल्डन चांस अच्छा लिया (स्व-उन्नति, यज्ञ-सेवा से पुण्य का खाता जमा)
  • (विदेशी)… कल्चर ट्रान्सफर अच्छा किया, संगठन को एक चंदन का वृक्ष बनाया है, आसपास की सेवा अच्छी कर रहे… एक बाबा संसार है, तो नम्बर-एक लेना है (इस उमंग-संकल्प में सिर्फ दृढ़ता-फोर्स भरना)
  • (कार्ड-पत्र-ग्रीटिंग, वा संकल्प-उमंग भेजने वालों को) बाबा का भी यादप्यार… (मधुबन में) सम्मुख सुनने से उन्नति और ही है
  • (यादप्यार में) सदा एकनामी-एकॉनाॅमी-एकाग्रता से आगे उड़ते वाले विशेष-बच्चे

सार (चिन्तन)

जबकि बाबा ने इतने प्यार से हमारे साथ बर्थ-डे मनाया (हमने भी बाबा से कम्बाइन्ड रह, वाह-वाह के गीत गाये)… तो अब बाबा को गिफ्ट देने, सम्पूर्ण पवित्रता का पक्का व्रत ले, सदा के लिए बहानेबाजी की नींद से जागरण कर… याद-सेवा के डबल-लॉक द्वारा नम्बर-वन ले, सर्वश्रेष्ठ पुण्य का खाता जमा करते-कराते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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