Answers from Sakar Murli 13-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 13-11-2020*

1. ___ बल, ____ भरोसा-इस पाठ को सदा पक्का रखो तो बीच भंवर से सहज निकल जायेंगे।
° _एक_, _एक_

2. जैसे *दीपावली* पर एक दीप से अनेक दीप जगाते, *दीपमाला* मनाते हैं। दीपक में अग्नि होती है, ऐसे……….. क्या? _(वरदान)_
° आप दीपकों में *लगन की अग्नि* है। (अगर एक एक दीपक की एक दीपक के साथ लगन लग गई तो यही *सच्ची दीपमाला* है। तो देखना है कि हम दीपक लगन लगाकर अग्नि रूप बनने वाले, अपनी *रोशनी से अज्ञानता का अंधकार मिटाने वाले* ही सच्चे सेवाधारी हैं।)

3. 5 हजार वर्ष की बात है – जब इनका राज्य था। आधाकल्प के बाद पुरानी दुनिया कहा जाता है इसलिए धन्धे वाले ____ रखते हैं चौपड़े में। उनका भी अर्थ है ना। _____ को फिर विघ्न विनाशक देवता समझते हैं। स्वास्तिका में पूरे 4 भाग होते हैं। अभी दीपावली मनाते हैं, वास्तव में सच्ची-सच्ची दीवाली ____ की यात्रा ही है जिससे आत्मा की _____ 21 जन्मों के लिए जग जाती है। बहुत कमाई होती है। तुम बच्चों को बहुत खुशी होनी चाहिए। अभी तुम्हारा नया ____ शुरू होता है – नई दुनिया के लिये। ____ जन्मों के लिए खाता अभी जमा करना है।
° _स्वास्तिका_, _गणेश_, _याद_, _ज्योति_, _खाता_, _21_

4. ____ ही सुनती है, पढ़ती है, आत्मा में ही ____ हैं। हम आत्मा भिन्न-भिन्न ____ धारण करती हैं। अभी तुम जानते हो हम आत्मायें कहाँ से आई हैं ____ बजाने। तुमने ही 84 ____ जन्म लिए हैं। वह भी अविनाशी हैं। तुम जानते हो कल्प-कल्प 84 का चक्र हम फिरते रहते हैं। अब बाप बच्चों को समझाते हैं, अपने को ____ समझ सुन रहे हो, तो खुशी भी रहेगी। बाप हमको पढ़ाते हैं। भगवानुवाच भी है ना।
° _आत्मा_, _संस्कार_, _शरीर_, _पार्ट_, _वैरायटी_, _आत्मा_

5. ऐसे-ऐसे विचार सागर मंथन करना चाहिए। गायन है मन के जीते जीत, मन से हारे हार……. वास्तव में कहना चाहिए – ____ पर जीत। मनुष्य कहते हैं मन की शान्ति कैसे हो? बाप कहते हैं ____ कैसे कहेगी कि मन की शान्ति चाहिए। आत्मा तो है ही ____ -धाम में रहने वाली। आत्मा जब शरीर में आती है तब कार्य करने लग पड़ती है। बाप कहते हैं तुम अब ____ में टिको, अपने को आत्मा समझो। आत्मा का स्वधर्म है ____ । बाकी शान्ति कहाँ से ढूंढेगी। इस पर रानी का भी दृष्टान्त है ____ का।
° _माया_, _आत्मा_, _शान्ति_, _स्वधर्म_, _शान्त_,
_हार_

6. मीठे बच्चे – यह भूल-भुलैया का खेल है, तुम घड़ी-घड़ी ____ को भूल जाते हो, निश्चयबुद्धि बनो तो इस खेल में फसेंगे नहीं। अभी तुम बच्चों ने ____ को जान लिया है। सम्मुख बैठे हो। जो गाते थे तुम्हीं से ______ …..। वह सब कुछ हो रहा है। तुम जानते हो _____ पढ़ाते हैं। भगवान कौन है? ____ शिव को ही कहेंगे। यह है बेहद का ____, तुम हो बेहद के स्टूडेन्ट।
° _बाप_, _बाप_, _बैठूँ_, _भगवान_, _निराकार_, _टीचर_

7. ____ मेरे पास है। बाकी न मनुष्यों में ___ है, न देवताओं में। जो मैं तुम बच्चों को देता हूँ। यह है रूहानी ____ ।
° _ज्ञान_, _ज्ञान_, _ज्ञान_

8. बाप तुम बच्चों को कितना प्यार से _____ पर बिठाकर ले जाते हैं। ___ का हार बनाए सबको ले जाता हूँ। _____ चिता पर बिठाए, हिसाब-किताब चुक्तू कराए वापिस ले जाते हैं। अब तुम्हारा काम है पढ़ने से, और ____ में क्यों जाना चाहिए। यह तो ____ का समय है, सब हिसाब-किताब चुक्तू कर वापिस चले जायेंगे। यह बेहद के ___ का राज़ तुम बच्चों की बुद्धि में है, और कोई नहीं जानते।
° _नयनों_, _गले_, _ज्ञान_, _बातों_, _कयामत_, _ड्रामा_

9. सब विश्व में शान्ति चाहते हैं, कहते एक धर्म हो जाए तो शान्ति हो। । अब यह तो समझना चाहिए – जरूर विश्व का _____ ही विश्व में शान्ति स्थापन करते हैं। ____ द्वारा शान्ति और सुख की स्थापना होती है। अब तुम बच्चे जानते हो – बाप शान्ति, सुख, ____ की स्थापना कर रहे हैं। विश्व में शान्ति कब थी, बाप कहते हैं तुम्हारे घर में तो चित्र रखे हैं ना। इनका ____ था – तो सारे विश्व में शान्ति थी, उनको स्वर्ग कहा जाता है। नई दुनिया को ही हेविन गोल्डन एज कहा जाता है। अभी ये पुरानी दुनिया बदलनी है। वह _____ स्थापन हो रही है।यही भारत के मालिक थे – इनके राज्य में जरूर सुख-शान्ति थी। _____ वर्ष की बात है – जब इनका राज्य था।
° _मालिक_, _ब्रह्मा_, _सम्पत्ति_, _राज्य_, _राजधानी_, _5 हजार_

10. *पहले जरूर सतोप्रधान दुनिया होती है*, फिर पुरानी तमोप्रधान दुनिया होती है। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° *झाड़ 🌳 भी पहले नया सतोप्रधान होता* है। (नये पत्ते बहुत अच्छे-अच्छे होते हैं। यह तो बेहद का झाड़ है। ढेर धर्म हैं। तुम्हारी बुद्धि अब बेहद तरफ जायेगी। कितना बड़ा झाड़ है। पहले-पहले आदि सनातन देवी-देवता धर्म ही होगा। फिर वैरायटी धर्म आयेंगे।)
° *शुरू में ही नया घर* 🏡 होगा फिर पुराना होता जायेगा। (घर में बच्चों की वृद्धि होती जायेगी। पुत्र, पोत्रे, पर-पोत्रे वह तो पुराने घर में आयेंगे ना। कहेंगे हमारे दादा, परदादा का यह मकान है। पीछे आने वाले भी बहुत होते हैं ना। जितना जोर से पुरूषार्थ करेंगे तो पहले नये घर में आयेंगे।)

11. अनेक बार एक ____ स्थापन हुआ है। फिर अनेक धर्मों की वृद्धि होते-होते ____ बड़ा हो जाता है फिर ____ को आना पड़ता है।
° _राज्य_, _झाड़_, _बाप_

12. वह है रामराज्य। हमेशा ____ राज्य हो तो फिर मनुष्य थक जाएं। कभी सुख देख न सकें। अभी तुम ___ -स्तिक बने हो और ____ -दर्शी भी बने हो। आधा समय है ज्ञान – सतयुग-त्रेता। अभी तुम बच्चे ____ -फुल बनते जाते हो। हमने सबसे जास्ती _भक्ति_ की है इसलिए हम ही पहले-पहले बाप के पास आये हैं। फिर हम ही राजधानी में आयेंगे। तो बच्चों को पूरा ____ करना चाहिए – नई दुनिया में ऊंच पद पाने। बच्चों की दिल होती है अब हम जल्दी नये घर में जायें।
° _रावण_, _आ_, _त्रिकाल_,
_नॉलेज_, _पुरुषार्थ_

13. पत्थरबुद्धि राजायें और ____ -बुद्धि राजायें यहाँ ही हैं। ____ -नाथ का मन्दिर भी है। यह सारी दुनिया कांटों का जंगल हैं। फूलों के ____ को आग लगी, ऐसा कभी सुना नहीं होगा। हमेशा जंगल को आग लगती है। इस सारी दुनिया को ही ___ कहा जाता है।
° _पारस_, _पारस_, _बगीचे_, _भंभोर_

14. तुम जानते हो इस समय हैं ___ बाप। कहते भी हैं वह परम- _____ परमात्मा है। बाबा ने भी देह में आकर प्रवेश किया है। बाप कहते हैं मैं साधारण तन में आता हूँ, इनको भी बैठ समझाता हूँ कि तुम अपने जन्मों को नहीं जानते हो। और कोई ऐसे कह न सके कि बच्चों, देही-अभिमानी बनो, बाप को याद करो। प्रजा- ____ भी बाबा ठहरा ना। नई सृष्टि जरूर प्रजापिता द्वारा ही रची जाती है। हम आत्मायें भाई-भाई हैं फिर शरीर धारण कर भाई-बहन हो जाते। याद _____ को करते और पारलौकिक को करते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा को कोई याद नहीं करते। सुख में तो किसी को भी याद नहीं करते हैं। वहाँ सुख ही सुख है। अब बेहद का बाप आये हैं ब्रह्मा के तन में – हम बच्चों को बेहद का ____ देने। उनका बनने से हम बेहद का ____ पाते हैं।
° _3_, _पिता_, _पिता_, _लौकिक_, _सुख_, _वर्सा_

Answers from Sakar Murli 12-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-11-2020*

1. ___ के त्याग में सर्व के माननीय बनने का भाग्य समाया हुआ है।
° _मान_

2. जैसे स्थूल शरीर द्वारा साकारी ईश्वरीय सेवा में बिजी रहते हो ऐसे *अपने आकारी शरीर द्वारा अन्त:वाहक सेवा* भी साथ-साथ करनी है। इसके लिए मुख्य कौन-सी धारणा आवश्यक है?
° इस सेवा के लिए कर्म करते भी किसी भी कर्मबन्धन से मुक्त *सदा डबल लाइट* रूप में रहो। (जैसे ब्रह्मा द्वारा स्थापना की वृद्धि हुई वैसे अभी आपके सूक्ष्म शरीरों द्वारा, *शिव शक्ति के कम्बाइन्ड रूप* के साक्षात्कार द्वारा साक्षात्कार और सन्देश मिलने का कार्य होना है।)

3. तुम कितना ____ बनते हो। बाबा को तो खुशी होती है ना। क्या से क्या बन जाते हैं। अभी तुम बाप के बने हो तो सारे ____ के मालिक बन जाते हो। बाप कहते हैं – मुझे कहते ही हो – ____ गॉड फादर। यह भी तुम जानते हो अभी ____ की स्थापना हो रही है। वहाँ क्या-क्या होगा – यह सिवाए तुम्हारे और कोई की बुद्धि में नहीं है। तुम्हारी बुद्धि में है कि हम विश्व के ____ थे, अब बन रहे हैं। यह बातें तुम बच्चों की ही बुद्धि में हैं तो ____ रहनी चाहिए ना!
° _ऊंच_, _विश्व_, _हेविनली_, _स्वर्ग_, _मालिक_, _खुशी_

4. हमको तो अब बाप को याद कर अपनी आत्मा को पवित्र बनाना है। हम सतोप्रधान थे, ____ थे। अभी तमोप्रधान बने हैं तो दु:खी हैं फिर सतोप्रधान बनना है। नई दुनिया में हमको शरीर भी ____ मिलेगा। अभी हम ____ -पुरी के मालिक बन रहे हैं। तुम बच्चों को सदैव ____ , हर्षितमुख रहना चाहिए। तुम बहुत ____ चिल्ड्रेन हो। बाप 5 हजार वर्ष बाद उन्हीं बच्चों से आकर मिलते हैं। तो जरूर ____ होगी ना। हम फिर से आये हैं बच्चों से मिलने।
° _सुखी_, _गुल-गुल_, _अमर_, _खुश_, _स्वीट_, _खुशी_

5. तुम बच्चों के *अतीन्द्रिय सुख का गायन* क्यों है?
° क्योंकि तुम बच्चे ही इस समय *बाप को जानते* हो, तुमने ही बाप द्वारा सृष्टि के आदि मध्य अन्त को जाना है। तुम अभी संगम पर *बेहद में खड़े* हो। जानते हो अभी हम इस खारी चेनल से *अमृत के मीठे चेनल में जा रहे* हैं। हमें स्वयं *भगवान पढ़ा रहे* हैं, ऐसी खुशी ब्राह्मणों को ही रहती है इसलिए अतीन्द्रिय सुख तुम्हारा ही गाया हुआ है।

6. मीठे बच्चे – बाप जो पढ़ाते हैं, उसे अच्छी रीति पढ़ो तो 21 जन्मों के लिए सोर्स आफ ____ हो जायेगी, सदा ____ बन जायेंगे। कभी बीमार नही होंगे, सदा ____ रहेंगे। यह निश्चय करना होता है। ऐसे-ऐसे निश्चय रखने से तुमको ___ आयेगा।
° _इनकम_, _सुखी_, _अमर_, _हुल्लास_

7. यह बातें सुनकर फिर दूसरों को भी सुनानी है, इसलिए ______ खोलते रहते हैं। जो कल्प पहले हुआ था वही होता रहेगा। म्युज़ियम सेन्टर्स आदि के लिए तुमको बहुत ____ करेंगे, फिर बहुत निकल पड़ेंगे। सारी दुनिया की अब तुम ____ नर्म करते जाते हो। तुम्हारे योग में ____ कितनी जबरदस्त है। ____ तुम योग में रहकर बनाओ, खिलाओ तो बुद्धि इस तरफ खीचेंगी।
° _सेन्टर वा म्यूज़ियम_, _ऑफर_, _हड्डियां_, _ताकत_, _भोजन_

8. तुम्हारा बाप के साथ कितना ____ है। सर्विस करने वाला ____ बच्चा जरूर बाप को प्यारा लगता है ना। अभी तुम समझते हो – आदि सनातन देवी देवता ____ तो यह था ना, कब स्थापन हुआ।
° _लव_, _सपूत_, _धर्म_

9. वह निराकारी बाप है तो जरूर आत्मा को भी _____ ही कहेंगे। आत्मा ही एक ____ छोड़ दूसरा लेती है। फिर ____ बजाती है। मनुष्य फिर आत्मा के बदले अपने को शरीर समझ लेते हैं। मैं _____ हूँ, यह भूल जाते हैं। हम आत्माओं को बाप ने स्मृति दिलाई है। तुम हमारी _____ हो। तुम अभी देवी देवता बनने के लिए पुरूषार्थ कर रहे हो। कौन पढ़ा रहे हैं? खुद परमपिता परमात्मा। तुम समझते हो हमारा यह _____ ब्राह्मण कुल। बाप भी सर्वोत्तम है ना।
° _निराकार_, _शरीर_, _पार्ट_, _आत्मा_, _सन्तान_,
_सर्वोत्तम_

10. हम गॉडली स्टूडेन्ट हैं, इसलिए पढ़ाई का ____ भी रहे तो अपने ____ पर भी ध्यान हो। एक दिन भी पढ़ाई ____ नहीं करनी है। देर से क्लास में आकर टीचर की _इनसल्ट_ नहीं करना है।
° _नशा_, _कैरेक्टर्स_, _मिस_

11. रूहानी _____ का बाप रूहानी ____ के बच्चों प्रति समझा रहे हैं – यानी अपनी मत दे रहे हैं। निश्चय तो अपने को ____ करना है ना। तो सब कहते हैं हम हर 5 हजार वर्ष बाद _____ -युगे बाबा के पास आते हैं। स्टूडेन्ट को ____ तो जरूर याद आयेगा ना। एम आब्जेक्ट तो एक ही है। ____ करना चाहिए – हम बेहद के बाप से पढ़ रहे हैं।
° _बेहद_, _बेहद_, _आत्मा_,
_पुरूषोत्तम संगम_, _स्कूल_,
_सिमरण_

12. तुम जानते हो भगवान किसको कहा जाता है। वह क्या पार्ट बजाते हैं। टॉपिक में भी बताते हो, आओ तो परमपिता परमात्मा की ____ तुमको समझायें। यह तो फिर बापों का बाप है ना। तुम्हारे में भी नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार जानते हैं। अब तुमको ______ रीति बाप का परिचय देना है। तुमको भी बाप ने दिया है तब तो समझाते हो। बाबा बाप भी है, टीचर, सतगुरू भी है, _____ अक्षर तो जरूर डालना है। तुम जानते हो बेहद का बाप सर्व का शिक्षक, सर्व का ____ दाता है। _____ का सुख, बेहद का ज्ञान देने वाला है। ईश्वर को तो ____ कहते हैं परन्तु माया भी कम नहीं है।
° _बायोग्राफी_, _यथार्थ_, _सुप्रीम_, _सद्गति_, _बेहद_, _समर्थ_

13. तुम सभी आत्माओं में पार्ट की नूंध है जो ____ हो रही है। तुम जो सीखते हो वह भी रिपीटेशन है ना। रिपीटेशन के ____ का तुम बच्चों को मालूम हुआ है। कदम-कदम पर ____ बदलता जा रहा है। एक सेकेण्ड न मिले दूसरे से।____ टिक-टिक चलती रहती है। टिक हुई सेकेण्ड पास हुआ। अभी तुम ____ में खड़े हो।
° _रिपीट_, _राज़_, _पार्ट_, _जूँ मिसल_, _बेहद_

14. वन्डर है ना। इनको भी ____ कहेंगे। जीव जन्तु कितने वन्डरफुल हैं। अनेक प्रकार के कीड़े हैं, कैसे पैदा होते हैं, बहुत वन्डरफुल ड्रामा है, इसको कहा ही जाता है ____ । यह भी बना बनाया ____ है। सतयुग में क्या-क्या देखेंगे। वह भी नई चीजें ही होंगी, एवरीथिंग ____ होता है। मोर के लिए तो बाबा ने समझाया है उनको भारत का _____ बर्ड कहते हैं क्योंकि श्रीकृष्ण के मुकुट में मोर का पंख दिखाते हैं। मोर और डेल खूबसूरत भी होते हैं। ___ भी आंसू से होता है, इसलिए नेशनल बर्ड कहते हैं।
° _कुदरत_, _नेचर_, _खेल_, _न्यु_, _नेशनल_, _गर्भ_

15. तुम बच्चे समझते हो *भक्ति मार्ग का विस्तार* तो बहुत है, उनका वर्णन नहीं कर सकते। यहां बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° यह बीज वह झाड़ है। बीज का वर्णन कर सकते हैं। बाकी कोई को बोलो *पेड़ के पत्ते* गिनती करो तो कर नहीं सकेंगे। *अथाह* पत्ते होते हैं। (बीज में तो पत्ते की निशानी दिखाई नहीं पड़ती है।)

16. इस विकारी छी-छी दुनिया से ____ रखनी है, बाप की याद से अपनी आत्मा को पवित्र _____ बनाने का पुरूषार्थ करना है। सदैव खुश, _____ -मुख रहना है।
° _ऩफरत_, _सतोप्रधान_, _हर्षित_

Answers from Sakar Murli 11-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-11-2020*

1. स्वमान में ___ रहो तो अनेक प्रकार के अभिमान स्वत: समाप्त हो जायेंगे।
° _स्थित_

2. मीठे बच्चे – तुम अभी वर्ल्ड सर्वेन्ट हो, तुम्हें किसी भी बात में _____ नहीं आना चाहिए। बाबा भी कहते हैं बच्चे नमस्ते। अर्थ सहित समझाते हैं। तुम अभी पद्मापद्म _____ बन रहे हो। ब्राह्मण जो बनते हैं उनके पांव में ____ हैं। तुम बच्चों को समझाना चाहिए – हम यह राज्य स्थापन कर रहे हैं, इसलिए बाबा ने ___ बनवाये हैं। ___ साड़ी पहनी हुई हो, बैज लगा हो, इससे स्वत: सेवा होती रहेगी।
° _देह-अभिमान_, _भाग्यशाली_, _पद्म_, _बैज_, _सफेद_

3. संगमयुग पर आलराउन्ड सेवा का चांस मिलना-यह भी *ड्रामा में एक लिफ्ट* है, कैसे?
° क्योंकि जो प्यार से यज्ञ की आलराउन्ड सेवा करते हैं उन्हें *सर्व प्राप्तियों का प्रसाद* स्वत:प्राप्त हो जाता है। वे *निर्विघ्न* रहते हैं। एक बारी सेवा की और *हजार बार सेवा का फल* प्राप्त हो गया। (इसलिए सदा स्थूल सूक्ष्म लंगर लगा रहे। किसी को भी सन्तुष्ट करना-यह सबसे बड़ी सेवा है। मेहमान-निवाज़ी करना, यह सबसे बड़ा भाग्य है।)

4. सर्विस का ____ रहना चाहिए। सबको यह पैगाम देने की ___ रचें। मेहनत करनी है। ___ से बताना चाहिए – शिवबाबा कहते हैं मुझे याद करो तो पाप मिट जायेंगे। हम एक ___ के सिवाए और किसको याद नहीं करते हैं। अच्छा!
° _शौक_, _युक्ति_, _नशे_, _शिवबाबा_

5. बड़ी चीज़ होगी (चित्र) तो देखकर पूछेंगे – *यह क्या उठाया है?*
° बोलो, हमने वह चीज़ उठाई है, *जिससे मनुष्य बेगर टू प्रिन्स* बन जायें। दिल में बड़ा *उमंग* , बड़ी *खुशी* रहनी चाहिए। (हम आत्मायें भगवान के बच्चे हैं। हम आत्माओं को भगवान पढ़ाते हैं।)

6. तुम छोटी-छोटी बच्चियां तोतलj भाषा में किसको भी समझा सकती हो। बड़े-बड़े ____ आदि होते हैं, उनमें तुमको बुलाते हैं। यह चित्र तुम ले जाओ और बैठकर समझाओ। भारत में फिर से इन्हों का ____ स्थापन हो रहा है। कहाँ भी ____ सभा में तुम समझा सकते हो। सारा दिन सर्विस का ही नशा रहना चाहिए। बाबा हमको ____ सिखला रहे हैं। शिव भगवानुवाच – हे बच्चों, तुम अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो। तो तुम यह बन जायेगे 21 पीढ़ी के लिए। ____ गुण भी धारण करने हैं। ____ बनाने वाला तो एक ही श्री श्री शिवबाबा है। वही ऊंच ते ऊंच बाप हमको पढ़ाते हैं। शिव भगवानुवाच, मनमनाभव।
° _सम्मेलन_, _राज्य_, _भरी_, _राजयोग_, _दैवी_, _श्रेष्ठ_

7. तुम छोटी-छोटी _____ कोई से भी विजिट ले सकती हो। अभी तुम बहुत श्रेष्ठ बन रहे हो। यह भारत की एम ____ है ना। कितना ____ चढ़ना चाहिए। हम तो ____ बनेंगे।
° _बच्चियां_, _आब्जेक्ट_, _नशा_, _लक्ष्मी-नारायण_

8. जो *अच्छे बच्चे* होंगे – वह कैसी *अवस्था* में बैठेंगे? _(योग में)_
° एक टिक, एकदम लवलीन हो जाते हैं। *एकदम अशरीरी बन जाते* हो। जो अच्छे बच्चे होंगे – वही ऐसी अवस्था में बैठेंगे। (देह का भान निकल जायेगा। *अशरीरी हो उस मस्ती में बैठे रहेंगे* । यह आदत पड़ जायेगी।)

9. इस सृष्टि में सबसे नामीग्रामी हैं यह *राधे कृष्ण, सतयुग के फर्स्ट प्रिन्स प्रिन्सेज* । कभी किसके ख्याल में भी नहीं आयेगा कि यह कहाँ से आये। सतयुग के आगे जरूर कलियुग होगा। *उन्होंने क्या कर्म किये जो विश्व के मालिक बनें?* _(एक शब्द का उत्तर)_
° अभी तुम बच्चे जानते हो – बाप हमको *राजयोग* सिखा रहे हैं। (हमारी एम आब्जेक्ट यह है। तुम्हारे में भी नम्बरवार समझते हैं। कोई तो बिल्कुल ही भूल जाते हैं। चलन ऐसी होती है जैसे पहले थी। यहाँ समझते तो बहुत अच्छा हैं, यहाँ से बाहर निकले खलास।)

10. अब बाप तुम बच्चों को कहते हैं अपने को आत्मा समझ ____ याद करो। सभी आत्माओं को अपने ____ को याद करना है। वास्तव में बच्चों को समझाया है – गुरू कोई भी है नहीं, सिवाए एक के। जिसके नाम पर ही गाते हैं ____ -गुरू अकाल… वह ______ -मूर्त है अर्थात् जिसको काल न खाये, वह है आत्मा, तब यह कहानियां आदि बैठ बनाई हैं। श्रीमत तब मिले जब _____ स्वयं आकर मत देवे। तुम समझा सकते हो कि जरूर कोई की मत से यह (देवता) बने हैं ना। भारत में किसको भी यह पता नहीं कि यह इतना ऊंच विश्व के मालिक कैसे बने। तुमको तो यही ___ चढ़ना चाहिए। यह एम आब्जेक्ट का चित्र सदैव छाती से लगा होना चाहिए। किसको भी बताओ – हमको भगवान पढ़ाते हैं, जिससे हम विश्व का महाराजा बनते हैं। बाप आये हैं इस राज्य की स्थापना करने।
° _मामेकम्_, _बाप_, _सत_,
_अकाल_, _श्री-श्री_, _नशा_,

11. बाप बैठ बच्चों को शिक्षा देते हैं – बच्चे ___ -अभिमानी बनो। यह आदत तुम्हारी फिर ___ जन्म के लिए चलती है। बाबा घड़ी-घड़ी मूल बात समझाते हैं – अपने को ____ समझकर बैठो। ____ बाप हम आत्माओं को बैठ समझाते हैं, तुम घड़ी-घड़ी ___ -अभिमान में आ जाते हो फिर घरबार आदि याद आ जाता है। यह होता है।
° _आत्म_, _21_, _आत्मा_, _परमात्मा_, _देह_

12. यह लिखा हुआ है। देह सहित देह के सर्व सम्बन्ध छोड़ अपने को ___ समझो। बाप याद दिलाते हैं – तुम बच्चे पहले-पहले ____ आये थे, वहाँ तो पवित्र ही रहते हैं। फिर यहाँ आकर अपवित्र भी जरूर होना है। सतयुग को ____ वर्ल्ड, कलियुग को विशश वर्ल्ड कहा जाता है। अब तुम ____ -पावन बाप को याद करते हो कि हमको पावन ____ बनाने आप विशश दुनिया, विशश शरीर में आओ। किसी को समझाओ तो बोलो – बाप कहते हैं तुम अशरीरी आये, अब ____ बनकर जाना है।
° _आत्मा_, _अशरीरी_, _वाइसलेस_, _पतित_, _वाइसलेस_, _अशरीरी_

13. आदि सनातन _____धर्म वाले भी तमोप्रधान बन गये हैं। ____ का भगवान कब आया था? ____ का युग कब था? कोई भी नहीं जानते। तुम जानते हो इस ____ -युग पर ही बाप आकर राजयोग सिखलाते हैं। तमोप्रधान से सतोप्रधान बनाते हैं। भारत की ही बात है। अनेक धर्म भी थे जरूर। गायन है एक धर्म की ____ , अनेक धर्मों का विनाश। सतयुग में था एक धर्म, अभी नहीं है। बाकी सब खड़े हैं। ____ के झाड़ का मिसाल भी बिल्कुल ठीक है।
° _देवी देवता_, _गीता_, _गीता_, _संगम_, _स्थापना_, _बड़_

14. ब्रह्मा के चित्र पर ही मूंझते हैं कि दादा को क्यों बिठाया है। समझाना चाहिए यह तो ____ -रथ है। शिव भगवानुवाच है – यह रथ मैंने लिया है क्योंकि मुझे प्रकृति का ____ जरूर चाहिए। नहीं तो मैं तुमको पतित से ____ कैसे बनाऊं। रोज़ पढ़ाना भी जरूर है। भागीरथ को ही ब्रह्मा कहा जाता है, जिसको ____ भी कहते हैं। यहाँ देलवाड़ा मन्दिर में बैठे हुए हैं ना।
° _भागी_, _आधार_, _पावन_, _महावीर_

15. गीत:- ____ देख ले प्राणी….. ओम् शान्ति। मीठे-मीठे रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप कहते हैं – अपनी ___ करो कि याद की यात्रा से हम तमोप्रधान से सतोप्रधान तरफ कितना आगे बढ़े हैं क्योंकि जितना-जितना याद करेंगे उतना ___ कटते जायेंगे।
° _मुखड़ा_, _जांच_, _पाप_

16. बाबा हमको ____ पर बिठाए ले जायेंगे। इन ____ से जो देखते हैं यह कुछ भी रहना नहीं है। यहाँ तो मनुष्य हैं कांटों मिसल। सतयुग है फूलों का बगीचा। फिर हमारे ____ ही ठण्डे हो जायेंगे।
° _नयनों_, _आंखों_, _नयन_

17. कौन सी एक आदत *ईश्वरीय कायदे के विरूद्ध* है, जिससे बहुत नुकसान होता है?
° कोई भी *फिल्मी कहानियां* सुनना वा पढ़ना, *नाविल्स* पढ़ना… यह आदत बिल्कुल बेकायदे है, इससे बहुत नुकसान होता है। (बाबा की मना है-बच्चे, तुम्हें ऐसी कोई किताबें नहीं पढ़नी है। अगर कोई बी.के. ऐसी पुस्तकें पढ़ता है तो तुम एक-दो को सावधान करो।)

Answers from Sakar Murli 10-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-11-2020*

1. मनन करने से जो खुशी रूपी ____ निकलता है-वही जीवन को शक्तिशाली बनाता है।
° _मक्खन_

2. *नम्बरवन* आने का सहज साधन क्या है? कौन-सा *मंत्र* पक्का करना है?
° जो नम्बरवन ब्रह्मा बाप है, उसी *वन को देखो* । (अनेकों को देखने के बजाए एक को देखो और *एक को फालो* करो।)
° *हम सो फरिश्ता* का मंत्र पक्का कर लो तो अन्तर मिट जायेगा (फिर साइन्स का यंत्र अपना काम शुरू करेगा और आप *सम्पूर्ण फरिश्ते देवता बन नई दुनिया में अवतरित* होंगे। तो सम्पूर्ण फरिश्ता बनना अर्थात् साकार बाप को फालो करना।)

3. सतयुग नई दुनिया जो पास्ट हो गई है, उसमें इन लक्ष्मी-नारायण का ___ था। यह किसको भी पता नहीं है। वहाँ हर एक चीज़ ____ है। गीत भी है ना जाग ____ जाग……। ___ -युग है सतयुग। पुराना युग है कलियुग। तुम सतयुग के लिए पढ़ते हो। ऐसा पढ़ाने वाला तो कोई भी नहीं होगा जो कहे कि इस ___ से तुमको नई दुनिया में राज्य पद मिलेगा। ___ के सिवाए और कोई बोल न सके।
° _राज्य_, _नई_, _सजनिया_, _नव_, _पढ़ाई_, _बाप_

4. नई दुनिया और ___ दुनिया में बहुत फ़र्क है। वह है पावन दुनिया, यह है ____ दुनिया। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ, आकर पावन बनाओ। ___ को पुराना, सतयुग को नया कहा जाता है। कलियुग अन्त और सतयुग आदि का यह है संगमयुग। बाप नई दुनिया का ______ -शन कराते फिर इस पुरानी दुनिया का ___-शन हो जाता है। ____ राज्य में सब पतित दु:खी हैं। रामराज्य में सब हैं पावन सुखी।
° _पुरानी_, _पतित_, _कलियुग_, _कन्स्ट्रक्_, _डिस्ट्रक्_, _रावण_

5. बाबा भी बहुत ____ करते हैं। वन्डर भी खाते रहते हैं। बाबा की याद में ___ करता हूँ, ___ खाता हूँ, फिर भी भूल जाता हूँ फिर ___ करने लगता हूँ। बड़ी सबजेक्ट है यह।
° _पुरूषार्थ_, _स्नान_, _भोजन_, _याद_

6. बाप बैठ रूहानी बच्चों को समझाते हैं – यहाँ जब याद की यात्रा में बैठते हो तो भाई-बहिनों को कहो कि तुम आत्म-अभिमानी हो बैठो और बाप को याद करो। यह ____ दिलानी चाहिए, तुमको भी मिल रही है। हम आत्मा हैं, हमारा ___ हमको पढ़ाने आते हैं। हम भी ____ द्वारा पढ़ते हैं। बाप भी ___ का आधार ले इन द्वारा पहले-पहले यह कहते हैं – बाप को याद करो। ज्ञान सिर्फ एक ही ___ सागर पतित-पावन देते हैं। तुमको पहले नम्बर का ___ यही मिलता है – अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो। यह बहुत जरूरी है।
° _स्मृति_, _बाप_, _कर्मेन्द्रियों_, _कर्मेन्द्रियों_, _ज्ञान_, _पाठ_

7. बेहद के बाप को याद करो तो ___ विनाश हो जाएं। हम अभी ____ बन रहे हैं याद की यात्रा-बल से। यह है ही राजयोग बल। सतयुग में तुम कितना तन्- ___ रहते हो।
° _विकर्म_, _पावन_, _दुरूस्त_

8. माया ने आत्मा के ___ तोड़ डाले हैं। आत्मा उड़ती है ना। एक शरीर छोड़ दूसरा लेती है। आत्मा है सबसे तीखा ___ । तुम बच्चों को यह नई-नई बातें सुनकर वन्डर लगता है। आत्मा में 84 जन्मों का ___ नूंधा हुआ है। ऐसी बातें दिल में याद रखने से ___ आयेगा।
° _पंख_, _रॉकेट_, _पार्ट_, _उमंग_

9. ___ में ही मन-बुद्धि है। ____ ही पढ़ती है। नौकरी आदि सब कुछ ____ ही करती है। शिवबाबा भी ____ है। परन्तु उनको परम कहते हैं। वह ज्ञान का सागर है। वह बहुत छोटी ___ है। यह भी किसको पता नहीं है, जो उस बाप में ____ हैं वही तुम बच्चों में भरे जाते हैं। अभी तुम योगबल से पावन बन रहे हो। उसके लिए पुरूषार्थ करना पड़े।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _बिन्दी_, _संस्कार_

10. बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ, आकर ____ बनाओ। गीता में भी अक्षर है मामेकम् याद करो। देह के सर्व सम्बन्ध ___ अपने को आत्मा समझो। यह देह के ____ पहले नहीं थे। तुम आत्मा यहाँ आती हो ___ बजाने। गायन भी है – अकेले आये, ___ जाना है। गीता में भी है देह सहित देह के सब धर्म छोड़ो। बाकी रही ____ । देह को भूल अपने को आत्मा समझो।
° _पावन_, _त्याग_, _सम्बन्ध_, _पार्ट_, _अकेला_, _आत्मा_

11. पहले तो यह बताओ कि बाप कहते हैं – देह के सब सम्बन्ध छोड़ अपने को ____ समझो। तुम आत्मा ____ आई थी, अब फिर वापिस जाना है। अभी तुम्हारी आत्मा कहेगी कि हम असुल ____ के रहने वाले हैं। यहाँ यह 5 तत्वों का ___ लिया है – पार्ट बजाने के लिए।
° _आत्मा_, _अशरीरी_, _परमधाम_, _पुतला_

12. बाबा पूछते हैं – *आगे कभी मिले हो?*
° *हाँ बाबा, कल्प पहले* मिले थे। (बाबा पूछते हैं और तुम उत्तर देते हो अर्थ सहित। ऐसे नहीं कि तोते मिसल कह देंगे।)

13. फिर बाबा पूछते हैं – *क्यों मिले थे, क्या पाया था?*
° हमने *विश्व का राज्य पाया था* , उसमें सब आ जाता है।

14. तुम बच्चों के *मुख से कौन से शुभ बोल* सदा निकलने चाहिए?
° सदा मुख से यही शुभ बोल बोलो कि *हम नर से नारायण बनेंगे* , कम नहीं। हम ही *विश्व के मालिक थे फिर से बनेंगे* । (लेकिन यह मंजिल ऊंची है, इसलिए बहुत-बहुत खबरदार रहना है। अपना पोतामेल देखना है। एम ऑबजेक्ट को सामने रख पुरूषार्थ करते रहना है, हार्ट-फेल नहीं होना है।)

15. तुम बच्चों को हर बात की स्मृति दिलाई जाती है। ग़फलत नहीं करनी है। बाबा सबको समझाते रहते हैं। कहाँ भी बैठो, ___ आदि करो अपने को आत्मा समझ करो। धन्धे धोरी में जरा मुश्किलात होती है तो जितना हो सके – ____ निकाल याद में बैठो तब ही आत्मा पवित्र होगी। और कोई उपाय नहीं। पहले नम्बर की सबजेक्ट ही यह है कि हम आत्मा ____ बनें। कुछ खामी न रह जाए। नहीं तो नापास हो जायेंगे। माया तुमको हर बात में भुलाती है। आत्मा चाहती भी है ___ रखें। सारे दिन में कोई आसुरी काम न करें। परन्तु माया रखने नहीं देती। तुम माया के चम्बे में आ जाते हो। दिल कहती भी है – ____ रखें। व्यापारी लोग हमेशा फायदे नुकसान देखते हैं। तुम्हारा तो यह बहुत बड़ा पोतामेल है। 21 जन्मों की ____ है, इसमें ग़फलत नहीं करनी चाहिए।
° _धंधा_, _टाइम_, _सतोप्रधान_, _चार्ट_, _पोतामेल_, _कमाई_

16. अपना पोतामेल भी देखना है – इस हालत में हम ऊंच ____ पा सकेंगे वा नहीं? कितनों को ___ बताया है? कितने अन्धों की ___ बना हूँ? अगर सर्विस नहीं करते तो समझना चाहिए – हम प्रजा में चले जायेंगे। अपनी दिल से पूछना है अगर अभी हमारा ____ छूट जाए तो क्या पद पायेंगे? बहुत बड़ी मंजिल है तो खबरदार रहना चाहिए। तुम इस पढ़ाई से कितने ___ बनते हो।
° _पद_, _रास्ता_, _लाठी_, _शरीर_, _ऊंच_

17. *हार्टफेल* किसे कहा जाता?
° कई बच्चे समझते हैं बरोबर *हम तो याद ही नहीं करते तो फिर पोतामेल रखकर क्या करेंगे* । उसको फिर हार्टफेल कहा जाता है। (वह पढ़ते भी ऐसा ही हैं। ध्यान नहीं देते। मिया मिट्ठू बन बैठ नहीं जाना है जो पिछाड़ी में फेल हो जाएं। अपना कल्याण करना है। एम ऑब्जेक्ट तो सामने है। हमको पढ़कर यह बनना है।)

18. *शिव-शिव* मुख से कहना नहीं है। क्यों?
° *बाप का नाम बच्चा थोड़ेही सिमरण करता* है। (यह है सब गुप्त। किसको भी पता नहीं है कि तुम क्या कर रहे हो। जिन्होंने कल्प पहले समझा होगा वही समझेंगे। नये-नये बच्चे आते रहते हैं, वृद्धि को पाते रहते हैं। आगे चल ड्रामा क्या दिखलाता है सो साक्षी होकर देखना है।)

19. बच्चियां लिखती हैं *फलाने ने लिखकर दिया है* कि गीता का भगवान शिव है, यह तो बिल्कुल ठीक है। तो बाबा का जबरदस्त उत्तर? (3)
° भल ऐसे कहते हैं परन्तु बुद्धि में कोई बैठता थोड़ेही है। *अगर समझ जाएं कि बाप आया है तो कहे ऐसे बाप से हम जाकर मिलें* । वर्सा लेवें। (एक को भी निश्चय नहीं बैठता। फट से एक की भी चिट्ठी नहीं आती। भल करके लिखते भी हैं कि नॉलेज बड़ी अच्छी है।)
° परन्तु इतनी हिम्मत नहीं होती जो समझें *वाह ऐसा बाबा* , जिससे हम इतना समय दूर रहे, भक्ति मार्ग में धक्के खाये, अब वह बाप विश्व का मालिक बनाने आये हैं। *तो भाग आये*। (आगे चल निकलेंगे।)
° अगर बाप को पहचाना है, ऊंच ते ऊंच भगवान है तो *उनका बनो ना*। समझानी ऐसी देनी चाहिए जो *कपाट ही खुल जाएं*। अच्छा!

20. स्टूडेण्ट को यह पढ़ाई ____ में रहती है। तुमको भी मुख्य-मुख्य प्वाइंट्स बुद्धि में ____ करनी हैं। नम्बरवन बात ___पक्का करो तब आगे चलो।
° _बुद्धि_, _धारण_, _अल्फ_

Answers from Sakar Murli 09-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-11-2020*

1. मेरेपन की अनेक ____ की भावनायें एक “मेरे बाबा” में समा दो।
° _हद_

2. कोई कितना भी आपके संगठन में कमी ढूंढने की कोशिश करे लेकिन जरा भी संस्कार-स्वभाव का टक्कर न हो। अगर कोई गाली भी दे, इनसल्ट भी करे, आप ____ बन जाओ। अगर कोई रांग भी करता तो आप ____ रहो। कोई टक्कर लेता है तो भी आप उसे स्नेह का ____ दो। यह क्यों, ऐसा क्यों-यह संकल्प करके आग पर तेल नहीं डालो। नम्रता का ____ पहनकर रहो। जहाँ नम्रता होगी वहाँ स्नेह और _सहयोग_ भी अवश्य होगा।
° _सेन्ट_, _राइट_, _पानी_, _कवच_

3. अभी तुम पढ़ रहे हो – ____ -धाम के लिए। यह भी अभी याद है फिर भूल जायेगी। मूल बात है ही ____ की यात्रा। याद से हम ____ बन जायेंगे। अच्छा।
° _सुख_, _याद_, _पावन_

4. बाप को याद करते हैं। गाते भी हैं बाबा आप आयेंगे तो हम ___ जायेंगे। आपको ही ____ करेंगे। बाप कहते हैं तुम कहते थे ना – अभी फिर तुमको याद दिलाता हूँ। अपने को ____ समझ मुझे ही याद करो तो तुम्हारे ____ विनाश हो जाएं। यह ____ बात सबको पसन्द आयेगी।
° _वारी_, _याद_, _आत्मा_, _विकर्म_, _मीठी_

5. *गुणों की धारणा* भी होती जाए और *चलन* भी सुधरती रहे उसकी सहज विधि क्या है?
° जो बाबा ने समझाया है – वह दूसरों को समझाओ। *ज्ञान धन का दान करो* तो गुणों की धारणा भी सहज होती जायेगी, चलन भी सुधरती रहेगी। (जिनकी बुद्धि में यह नॉलेज नहीं रहती है, ज्ञान धन का दान नहीं करते, वह हैं मनहूस। वह मुफ्त अपने को घाटा डालते हैं।)

6. बहुत ____ और ____ से सबको बाप का परिचय देना है। सबको यही ___ – ____ बात सुनाओ कि बाप कहते हैं अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो, इस देह से ____ हो जाओ।
° _प्यार_, _नम्रता_, _मीठी_, _मीठी_, _नष्टोमोहा_

7. प्रदर्शनी में जब अन्दर घुसते हैं तो पहले-पहले *बाप का ही परिचय देना चाहिए* । कैसे-कैसे परिचय दे सकते?
° समझाया जाता है *आत्माओं का बाप एक* ही है। वही गीता का *भगवान* है। (आत्मा का नाम नहीं बदलता। तो तुम बच्चे समझा सकते हो – बेहद के बाप से ही सुख का वर्सा मिलता है। *बाप सुख की सृष्टि स्थापन करते* हैं। भारत में *लक्ष्मी-नारायण का राज्य* था ना। चित्र भी हैं – बोलो यह सुख का वर्सा मिलता है।)
° पहले बाप का परिचय देना है। जब तक यह नहीं समझते कि हम आत्माओं का बाप *शिव* है तो आगे कुछ भी नहीं समझ सकेंगे। (2-3 चित्र आगे रख दो, जिसमें बाप का परिचय हो। बाप का परिचय मिलने से वर्से का भी मिल जायेगा।)
° बाप का नाम सदैव मुख में हो। *आत्मा क्या है, परमात्मा क्या है?* दुनिया में कोई भी नहीं जानते। पहले-पहले समझाना है *बाप ही पतित-पावन* है। (वर्सा भी देते हैं, शाहनशाह बनाते हैं। तुम्हारे पास गीत भी है – आखिर वह दिन आया आज…… जिसका रास्ता भक्ति मार्ग में बहुत तकते थे।)
° शिव जयन्ती मनाते हैं तो *जरूर शिव आया होगा। जरूर कुछ किया होगा।* (वही नई दुनिया बनाते हैं। यह लक्ष्मी-नारायण मालिक थे, अब नहीं हैं। फिर बाप राजयोग सिखलाते हैं। यह राजयोग सिखाया था। तुम्हारे सिवाए और कोई के मुख में आ नहीं सकेगा।)

8. कुछ भी होता है तो ____ समझ शान्त रहना है। क्रोध नहीं करना है। जितना हो सके अपने आपको ____ करना है। युक्ति रच ____ -समान बनाने की कोशिश करनी है।
° _भावी_, _कन्ट्रोल_, _आप_

9. बाप का टाइम कितना वैल्युबुल है, समझाकर क्या से क्या बना देते। ऐसे बाप तुम बच्चों को भी कहते तुम अपना वैल्युबुल टाइम मत गँवाओ। *तुम्हारा टाइम तो बहुत वैल्युबुल है।* इस सारी दुनिया में तुम्हारे जितना वैल्युबुल टाइम कोई का है नहीं। कैसे? (3)
° *तुमको बाप की याद में रहना है* । (समय तो बहुत मिलता है। काम नहीं है तो बाप की याद में बैठ जाना चाहिए, यह है सदाकाल के लिए कमाई, इसमें अटेन्शन जास्ती देना पड़ता है। माया घड़ी-घड़ी और तरफ ख्यालात को ले जाती है। यह तो होगा ही। बाप बच्चों को समझाते हैं मामेकम् याद करो।)
° बाप ने समझाया है सब आत्माओं को अन्त में *वापिस जाना है* । सब आत्मायें शरीर छोड़ चली जायेंगी। तुम बच्चों की बुद्धि में है – *बाकी थोड़े दिन* हैं। (अब फिर से यह सब विनाश हो जाना है।)
° *कयामत का समय* भी इनको कहा जाता है। (आसुरी बंधन का सब हिसाब-किताब चुक्तू कर फिर वापिस चले जाते हैं। 84 जन्मों के पार्ट को तुम जानते हो।)

10. अगर कहे यह तो तुम्हारी ____ है तो एकदम छोड़ देना चाहिए, कुछ भी समझेगा नहीं। नॉलेज ____ को ही देनी है। जो ___ पहले आये थे वही नम्बरवार आयेंगे। वही अच्छी रीति पढ़कर और ____ भी रहे हैं। जो अच्छा पढ़ते हैं वही फिर नम्बरवार ____ होते हैं।
° _कल्पना_, _पात्र_, _कल्प_, _पढ़ा_, _ट्रांसफर_

11. गीत:- *बचपन के दिन भुला न देना* ……..मीठे-मीठे बच्चों ने गीत सुना, *अर्थ* तो अच्छी रीति समझा। क्या?
° *हम आत्मा हैं और बेहद बाप के बच्चे हैं* – यह भुला न दो। (अभी-अभी बाप की याद में हर्षित होते हैं, अभी-अभी फिर *याद भूल जाने से गम में पड़ जाते* हैं। तो बाप कहते हैं आज हंसे कल रो न देना। यह हुआ गीत का अर्थ।)

12. तुम बच्चे जानते हो – बहुत करके मनुष्य ____ के लिए ही धक्का खाते हैं। यह एक ही संगमयुग है, जब बाप आकर समझाते हैं। आत्मा है ही ____ स्वरूप। जब अपने ____ -धाम में है तो शान्त है। सतयुग में भी ____ रहती है, सुख भी है।
° _शान्ति_, _शान्त_, _शान्ति_, _शान्ति_

13. आज बाबा ने कौन-सा *नया चित्र* बनाने लिए कहा?
° बाप कहते हैं – मैं तुमको राजाओं का राजा बनाता हूँ। यह चित्र बनाओ। *डबल सिरताज राजाओं के आगे सिंगल ताज वाले माथा टेकते* हैं। (आपेही पूज्य आपेही पुजारी का भी राज़ समझ में आ जाए। पहले बाप की पूजा करते हैं फिर अपने ही चित्रों की बैठ पूजा करते हैं। जो पावन होकर गये हैं उनका चित्र बनाए बैठ पूजते हैं।)

14. शिवोहम् का जो उच्चारण करते हैं वह भी रांग है। तो *राइट अक्षर* कौन-सा है?
° सो हम, *हम सो* का अर्थ भी तुम समझा सकते हो। तुम ही चक्र लगाए अब *ब्राह्मण कुल से देवता कुल* में जाते हो। बुद्धि में अर्थ रहना चाहिए। वह भी सेकेण्ड की बात है। हम ऐसे चक्र लगाते हैं जिसको स्वदर्शन चक्र भी कहा जाता है। आत्मा को अपने 84 जन्मों का दर्शन होता है।)

15. अब बाप आत्माओं को समझाते हैं – तुम ____ बन गये हो। अपने को आत्मा के बदले शरीर समझ लेते हो। अब बाप तुमको ___ कर रहे हैं। कितना रात-दिन का फ़र्क हो जाता है। सीधा होने से तुम विश्व के ____ बन जाते हो। अभी तुम समझते हो हम आधाकल्प उल्टे थे। अब बाप आधाकल्प के लिए सुल्टा बनाते हैं। अल्लाह के बच्चे हो जाते तो विश्व की ____ का वर्सा मिलता है। रावण उल्टा कर देते हैं तो कला काया ___ हो जाती फिर गिरते ही रहते।
° _उल्टे_, _सीधा_, _मालिक_, _बादशाही_, _चट_

Answers from Sakar Murli 07-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 07-11-2020*

1. निरन्तर योगी बनना है तो हद के मैं और मेरेपन को ____ में परिवर्तन करो।
° _बेहद_

2. दूसरे की गलती को देखकर स्वयं ____ नहीं करो। हम ____ में रहें, उसके संग के प्रभाव में न आयें, जो प्रभाव में आ जाते हैं वह अलबेले हो जाते हैं। हर एक सिर्फ यह जिम्मेवारी उठा लो कि मैं राइट के मार्ग पर ही रहूंगा, अगर दूसरा रांग करता है तो उस समय ____ की शक्ति यूज़ करो। किसी की गलती को नोट करने के बजाए उसको सहयोग का नोट दो अर्थात सहयोग से ____ कर दो तो ____ परिवर्तन का कार्य सहज ही हो जायेगा।
° _गलती_, _राइट_, _समाने_, _भरपूर_, _विश्व_

3. वहाँ अपने फर्स्टक्लास ____ बनायेंगे। जैसे कल्प पहले बनाये हैं। बनायेंगे फिर भी वही जो कल्प पहले बनाया होगा। उस समय वह बुद्धि आ जायेगी। उसका ख्याल अब क्यों करें, इससे तो बाप की ____ में रहें। अभी याद की यात्रा में ___ निभाना है और बहुत ____ में रहना है कि हमको बाप, टीचर, सतगुरू मिला है। इस खुशी में तो ____ खड़े हो जाने चाहिए। तुम जानते हो हम आये ही हैं ____ -पुरी का मालिक बनने।
° _महल_, _याद_, _तोड़_, _खुशी_, _रोमांच_, _अमर_

4. बाबा नये देवता धर्म की स्थापना करने ____ है। कितनी ताकत वाला ____ स्थापन करते हैं। हम बाबा से ताकत लेते हैं, सारे विश्व पर ____ पाते हैं। याद की यात्रा से ही ताकत मिलती है और ____ विनाश होते हैं।
° _निमित्त_, _धर्म_, _विजय_, _विकर्म_

5. आत्मा परमपिता परमात्मा से ____ लगाने से ही पारस बनती है। याद करते-करते आइरन एज से _____ एज में चली जायेगी। _____ -पावन एक को ही कहा जाता है। मुझे याद करो तो तुम ____ बन जायेंगे। टू मच ख्यालात में न जाए, मूल बात हम ____ बनेंगे तो ऊंच पद पायेंगे। समझते हो अब पवित्र बन पवित्र दुनिया का मालिक बनना है। हम ____ -योगी हैं, बाप से वर्सा जरूर लेना है।
° _योग_, _गोल्डन_, _पतित_, _पावन_, _सतोप्रधान_, _राज_

6. रूहानी बाप बैठ रूहानी बच्चों को ____ जन्मों की कहानी सुनाते हैं। तुम ही पहले-पहले सतयुग आदि में ____ देवी-देवता थे। भारत में पहले पूज्य देवी-देवता धर्म का ही ____ था। लक्ष्मी-नारायण का राज्य था तो जरूर _____ होगी। 5 हज़ार वर्ष पहले ही इनका राज्य था – यह स्मृति में लाते हैं। ____ ही पूजे जाते हैं। यह बेहद का बाप बैठ समझाते हैं, जिसको ही ____ -फुल कहा जाता है।
° _84_, _पूज्य_, _राज्य_, _डिनायस्टी_, _पवित्र_, _नॉलेज_

7. बाप समझाते हैं – हर एक _____ को अपना-अपना पार्ट मिला हुआ है। सभी आत्मायें अपने ____ -धाम में रहती हैं। उनमें सारा _____ भरा हुआ है। रेडी बैठे हैं कि जाकर _____ -क्षेत्र पर अपना पार्ट बजायें। यह भी तुम समझते हो हम आत्मायें _____ करती हैं। आत्मा ही कहती है यह खट्टा है, यह नमकीन है। आत्मा ही यहाँ कर्मक्षेत्र पर शरीर लेकर सारा पार्ट बजाती है। तो यह _____ करना चाहिए ना! हम आत्मा ही सब कुछ करती हूँ।
° _आत्मा_, _परम_, _पार्ट_, _कर्म_, _सबकुछ_, _निश्चय_

8. यह *नॉलेज बुद्धि में* रखनी है, और कोई दूसरा काम नहीं करना है। _(सही / गलत)_
° *गलत* , ऐसे नहीं यह नॉलेज बुद्धि में रखते दूसरा काम नहीं करते हैं, कितने ख्यालात रखते हैं। चिट्ठियाँ लिखना, पढ़ना, मकान का ख्याल करना, तो भी *बाप को याद* करता रहता हूँ। बाबा को याद न करें तो विकर्म कैसे विनाश होंगे।

9. कहाँ भी प्रदर्शनी, म्युजियम आदि खोलते हो तो ऊपर में ____ शिव जरूर चाहिए। नीचे में यह लक्ष्मी-नारायण ____ ऑब्जेक्ट। हम यह पूज्य देवी-देवता धर्म की ____ कर रहे हैं।
° _त्रिमूर्ति_, _एम_, _स्थापना_

10. मीठे बच्चे – सबको यह *खुशखबरी* सुनाओ….. कौन-सी? (3)
° अब *डीटी डिनायस्टी* स्थापन हो रही है। (जब वाइसलेस वर्ल्ड होगी तब बाकी सब विनाश हो जायेंगे।)
° मुख्य बात ही यह है – हम भारतवासियों को खुशखबरी सुनाते हैं। *हम यह राज्य स्थापन कर रहे* हैं। (सतयुग में जब यह एक धर्म था तो अनेक धर्म थे नहीं। अब यह पहला आदि सनातन देवी-देवता धर्म प्राय:लोप है।)
° तुम कह सकते हो हम आपको खुशखबरी सुनाते हैं – *शिवबाबा वाइसलेस वर्ल्ड स्थापन कर रहे* हैं। (हम प्रजापिता ब्रह्मा की सन्तान ब्रह्माकुमार-कुमारियां हैं ना। पहले-पहले तो हम भाई-भाई हैं फिर रचना होती है तो जरूर भाई-बहिन होंगे। सब कहते हैं बाबा हम आपके बच्चे हैं तो भाई-बहिन की क्रिमिनल आई जा न सके। यह अन्तिम जन्म पवित्र बनना है, तब ही पवित्र विश्व के मालिक बन सकेंगे।)
° हम खुशखबरी सुनाते हैं। *अब इस धर्म की स्थापना हो रही* है जिसको ही हेविन, स्वर्ग कहते हैं।

11. हम प्रजापिता ब्रह्माकुमार-कुमारियां ____ पर यह कार्य कर रहे हैं। श्रीमत है ही परमपिता परमात्मा ____ की, जो सबका बाप है। _____ ही एक धर्म की स्थापना, अनेक धर्मों का विनाश करते हैं। ____ -योग सीख यह बनते हैं। हम भी यह बन रहे हैं। हमने बेहद का ____ किया है क्योंकि जानते हैं – ये पुरानी दुनिया भस्म हो जानी है। अब हमारे लिए नई ____ स्थापन कर रहे हैं। तुम पढ़ते ही हो – नई दुनिया के लिए।
° _श्रीमत_, _शिव_, _बाप_, _राज_, _सन्यास_, _दुनिया_

12. तुम जानते हो गति-सद्गति _____ है ही एक बाप। पुरानी दुनिया बदलकर जरूर ____ दुनिया स्थापन होनी है। वो तो भगवान ही करेंगे। अब वह नई दुनिया कैसे ____ करते हैं, यह तुम बच्चे ही जानते हो। शिवबाबा ब्रह्मा में ____ कर हमको अपना बनाते हैं। हम शिवबाबा से ____ बनने का वर्सा लेते हैं। शान्ति-सुख का ____ बताने वाला एक ही बाप है।
° _दाता_, _नई_, _क्रियेट_, _प्रवेश_, _पावन_, _रास्ता_

13. अभी तुम पाण्डव सेना के बने हो। अपनी सर्विस करते हुए भी यह ख्याल रखना है, हम जाकर सबको रास्ता बतायें। जितना करेंगे, उतना ऊंच पद पायेंगे। बाबा से पूछ सकते हैं – *इस हालत में मर जायें तो हमको क्या पद मिलेगा?* क्या रिजल्ट है? (3)
° बाबा झट बता देंगे। सर्विस नहीं करते हो इसलिए *साधारण घर में जाकर जन्म* लेंगे। (फिर आकर ज्ञान लेवें सो तो मुश्किल है क्योंकि छोटा बच्चा इतना ज्ञान तो उठा नहीं सकता। समझो बाकी 2-3 वर्ष रहते हैं तो क्या पढ़ सकेंगे?)
° बाबा बता देंगे तुम कोई *क्षत्रिय कुल में जाकर जन्म* लेंगे। (पिछाड़ी में करके डबल ताज मिलेगा। स्वर्ग का फुल सुख पा नहीं सकेंगे। जो फुल सर्विस करेंगे, पढ़ेंगे वही फुल सुख पायेंगे। नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार।)
° यही फुरना रखना है – अभी नहीं बनेंगे तो कल्प-कल्प नहीं बनेंगे। *हर एक अपने को जान सकते* हैं, हम कितने मार्क्स से पास होंगे। (सब जान जाते हैं फिर कहा जाता है भावी।)

14. बैठे-बैठे मनुष्य मर भी जाते हैं इसलिए बाप कहते हैं ____ मत करो। कोई भी मित्र-सम्बन्धी आदि हैं, उन पर ____ पड़ना चाहिए, समझाते रहना चाहिए। कोशिश कर पियरघर, ससुरघर का ______ करना है। सबसे जोड़ना है। हम उनका भी कल्याण करें। बहुत _____ -दिल बनना है। हम सुख तरफ जाते हैं तो औरों को भी _____ बतायें। अन्धों की _____ तुम हो ना। अभी अन्त है, तुम याद के लिए पुरूषार्थ कर रहे हो।
° _सुस्ती_, _तरस_, _कल्याण_, _रहम_, _रास्ता_, _लाठी_

15. *रावण का श्राप* कब मिलता है, श्रापित होने की निशानी क्या है?
° जब तुम *देह-अभिमानी* बनते हो तब रावण का श्राप मिल जाता है। श्रापित आत्मायें *कंगाल विकारी* बनती जाती हैं, नीचे उतरती जाती हैं। (अब बाप से वर्सा लेने के लिए *देही-अभिमानी* बनना है। अपनी *दृष्टि-वृत्ति को पावन* बनाना है।)

Answers from Sakar Murli 06-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 06-11-2020*

1. स्नेह के _____ से मालामाल बन सबको स्नेह दो और स्नेह लो।
° _खजाने_

2. जैसे इकॉनामी से घर-सेन्टर ठीक चलता, वैसे हमे कौन-सी *बेहद की प्रवृत्ति में इकॉनामी* रखनी है?
° चेक करना चाहिए कि *संकल्प, बोल और शक्तियों में* क्या-क्या एक्स्ट्रा खर्च किया? जो *सर्व खजानों की इकॉनामी का बजट* बनाकर उसी अनुसार चलते हैं उन्हें ही महीन पुरूषार्थी कहा जाता है। (उनके संकल्प, बोल, कर्म व ज्ञान की शक्तियां कुछ भी व्यर्थ नहीं जा सकती।)

3. बाप को ही आकर आत्म-अभिमानी बनाना पड़ता है। मीठे-मीठे रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप बैठ समझाते हैं। तुम सब पहले ____ हो। यह पक्का निश्चय रखना है। बच्चे जानते हैं हम आत्मायें _____ से आती हैं, यहाँ शरीर लेकर नूँधा हुआ ____ बजाने। आत्मा को _____ तो लेते रहना है, मैक्सीमम ___ जन्मों से लेकर मिनीमम एक-दो। आत्मा अपने को ही नहीं जानती तो अपने ____ को कैसे जाने।
° _आत्मा_, _परमधाम_, _पार्ट_, _पुनर्जन्म_, _84_, _बाप_

4. अभी तुम बच्चे बाप के जीवन को जानते हो। उनसे तुमको ____ मिल रहा है। बेहद के बाप को ____ करते हो। तुम मात-पिता….. कहते हो तो जरूर बाप आया होगा तब तो ____ घनेरे दिये होंगे ना। बाप कहते हैं – मैं आया हूँ, ____ सुख तुम बच्चों को देता हूँ। बच्चों की बुद्धि में यह नॉलेज अच्छी रीति रहनी चाहिए, इसलिए तुम _____ चक्रधारी बनते हो। तुमको अब ज्ञान का _____ नेत्र मिला है।
° _वर्सा_, _याद_, _सुख_, _अथाह_, _स्वदर्शन_, _तीसरा_

5. हम आत्मा पहले सो ____ बनते हैं। अभी ______ हैं फिर सतोप्रधान पावन बनना है। बाप आते ही तब हैं जब सृष्टि पुरानी हो जाती है। बाप आकर पुरानी को ____ बनाते हैं। नई दुनिया में है ही आदि सनातन _____ धर्म। उन्हों के लिए ही कहेंगे पहले कलियुगी शूद्र धर्म वाले थे। अब प्रजापिता ब्रह्मा के मुख वंशावली बन _____ बने हो। ब्राह्मण कुल में आते हो। तुम अभी _____ प्रजापिता ब्रह्मा की सन्तान बने हो और सबसे ऊंच कोटि के हो।
° _देवता_, _पतित तमोप्रधान_, _नया_, _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_, _डायरेक्ट_

6. बाबा हमारी किन *3 प्रकार से सर्विस* करते? _(आज की मुरली अनुसार)_
° बाप बैठ तुम्हारी *पढ़ाई* की सर्विस, *सम्भालने* की सर्विस और *श्रृंगारने* की सर्विस करते हैं। (गॉड फादर कहते हैं – हम आये हैं सब बच्चों की सर्विस में। बच्चों को सुख का रास्ता बताना है। बाप कहते हैं अब घर चलो। बाप आकर इन दु:खों से छुड़ाते हैं। हाहाकार के बाद जयजयकार।)

7. वास्तव में वैल्यु तुम्हारी है। तुमको ______ का पार्ट मिलता है। अब जबकि हीरे जैसा जन्म मिलता है तो _____ पिछाड़ी क्यों पड़ते हो। बाबा तो कहते हैं गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान ____ रहो और सृष्टि चक्र की ____ को जानकर ____ -गुण भी धारण करो तो तुम हीरे जैसा बन जायेंगे। बरोबर भारत 5 हज़ार वर्ष पहले ____ जैसा था। यह है – एम ऑब्जेक्ट।
° _हीरो-हीरोइन_, _कौड़ियों_, _पवित्र_, _नॉलेज_, _दैवी_, _हीरे_

8. “मीठे बच्चे – तुम अभी गॉडली ____ पर हो, तुम्हें सबको ____ का रास्ता बताना है, तुम बच्चों को बहुत सर्विस करनी है ______ में।
° _सर्विस_, _सुख_, _प्रदर्शनी म्युज़ियम_

9. इस _____ संगमयुग जैसी महिमा और कोई युग की है नहीं। ____ -मूर्ति अक्षर भी जरूर लिखना है और _____ ब्रह्मा अक्षर भी जरूरी है। ब्रह्मा सो विष्णु, विष्णु सो ब्रह्मा कैसे बनते हैं। सारे चक्र का ज्ञान तुम इन ____ से समझा सकते हो। इस ______ के चित्र को बहुत महत्व देना है।
° _पुरूषोत्तम_, _त्रि_, _प्रजापिता_, _चित्रों_, _लक्ष्मी-नारायण_

10. बाबा ने समझाया है कि *स्लोगन* बनाओ – कौन-सा?
° हम शूद्र सो ब्राह्मण, *ब्राह्मण सो देवता कैसे* बनते हैं, आकर समझो। इस *चक्र को जानने से तुम चक्रवर्ती राजा* बनेंगे। स्वर्ग का मालिक बन जायेंगे। (ऐसे स्लोगन बनाकर बच्चों को सिखलाना चाहिए। बाबा युक्तियां तो बहुत बतलाते हैं।)

11. ____ पर तुम बहुत सर्विस कर सकते हो। तुम्हारा यह सब है अर्थ सहित ____ । यह तो जीयदान देने वाला ____ है। इनकी ____ का किसको भी पता नहीं है। और बाबा को हमेशा ____ चीज़ पसन्द आती है, जो कोई भी दूर से पढ़ सके।
° _बैज_, _बैजेस_, _चित्र_, _वैल्यु_, _बड़ी_

12. भल इस ज्ञान को सुनते भी हैं परन्तु ऊंच पद कोई ____ पाते हैं। उनके लिए ही कहा जाता है ____ में कोई। _____ भी कोई लेते हैं ना।
° _बिरले_, _कोटों_, _स्कॉलरशिप_

13. ब्राह्मण हैं पुरूषार्थी। *ब्राह्मणों की माला* पिछाड़ी में बनती है। यहां बाबा ने कौन-सा (जवाहरातों का) मिसाल याद किया?
° *मोती की माला* बनाने में बड़ी मेहनत लगती है। (बड़ी सम्भाल से मोतियों को टेबुल पर रखा जाता है कि कहाँ हिले नहीं। फिर सुई से डाला जाता है। कहाँ ठीक न बनें तो फिर माला तोड़नी पड़े। यहां तो बहुत बड़ी माला है। तुम बच्चे जानते हो – हम पढ़ते हैं नई दुनिया के लिए।)

14. सबको चिंता रहती है हम कैसे अपने पैसे आगे के लिए *ट्रांसफर* करें। परन्तु दूसरे जन्म के लिए ईश्वर अर्थ दान-पुण्य करते हैं तो उसका *रिटर्न* इस ही पुरानी सृष्टि में अल्पकाल के लिए मिलता है। यहाँ तुम्हारा ट्रांसफर होता है *नई दुनिया में और 21 जन्मों के लिए* । तो अब क्या करना है?
° *तन-मन-धन प्रभू के आगे अर्पण* करना है। (सो तो जब आये तब अर्पण करेंगे ना। प्रभू को कोई जानते ही नहीं तो गुरू को पकड़ लेते हैं। बाप समझाते हैं – मैं गरीब निवाज़ हूँ इसलिए मैं आता ही भारत में हूँ। तुमको आकर विश्व का मालिक बनाता हूँ। डायरेक्ट और इनडायरेक्ट में कितना फ़र्क है। तुम बच्चों को अब समझ मिलती है तो तुम बेसमझ से समझदार बने हो।)

15. बाप से तुम वर्सा लेते हो इन द्वारा। ____ भी उनसे वर्सा ले रहे हैं। वर्सा देने वाला एक ही है। उनको ही ____ करना है। बाप कहते हैं – बच्चे, मैं इनके बहुत जन्मों के ____ में आता हूँ, इनमें ____ कर इनको भी पावन बनाता हूँ जो फिर यह ____ बन जाते हैं।
° _दादा_, _याद_, _अन्त_, _प्रवेश_, _फरिश्ता_

16. अब तुम अपने बाप को ___ करो। बाप फिर ____ भी है। टीचर को स्टूडेन्ट कभी भूल न सकें। बाप को बच्चे भूल न सकें, ___ को भी भूल न सकें। बाबा कहते हैं – बच्चे, तुम्हें कोई देहधारी ____ आदि करने की दरकार नहीं है।
° _याद_, _टीचर_, _गुरू_, _गुरू_

17. तुम बच्चों की बुद्धि में जब ज्ञान की अच्छी धारणा हो जाती है तो कौन-सा *डर निकल जाता* है?
° भक्ति में जो डर रहता कि *गुरू* हमें *श्राप* न दे देवे, यह डर ज्ञान में आने से, ज्ञान की धारणा करने से निकल जाता है क्योंकि ज्ञान मार्ग में श्राप कोई दे न सके। (रावण श्राप देता है, बाप वर्सा देते हैं। रिद्धि-सिद्धि सीखने वाले ऐसा तंग करने का, दु:ख देने का काम करते हैं, ज्ञान में तो तुम बच्चे सबको सुख पहुँचाते हो।)

Answers from Sakar Murli 05-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-11-2020*

1. विश्व परिवर्तक वही है जो किसी के _____ को ______ में बदल दे।
° _निगेटिव_, _पॉजिटिव_

2. अभी तुम बच्चे *21 जन्मों के लिए अखुट खजानों में वज़न करने योग्य* बनते हो – क्यों? (2)
° क्योंकि *बाप जब नई सृष्टि रचते हैं, तब तुम बच्चे उनके मददगार बनते* हो।
° *अपना सब कुछ उनके कार्य में सफल करते* हो श्रीमत पर इसलिए बाप उसके रिटर्न में 21 जन्मों के लिए तुम्हें अखुट खजानों में ऐसा वज़न करते हैं जो कभी धन भी नहीं खुटता, दु:ख भी नहीं आता, अकाले मृत्यु भी नहीं होती।

3. वहाँ की ____ सतोप्रधान बहुत सुन्दर होती हैं। जैसे सुन्दर देवतायें, वैसे ____ । देखने से ही दिल ___ हो जाए। वह है ही ____ । सभी स्वर्ग को ____ करते हैं। रात होती है अन्धियारी, ____ में है सोझरा।
° _गायें_, _गायें_, _खुश_, _स्वर्ग_, _याद_, _दिन_

4. दिखलाते हैं – *कृष्ण के मुख में माँ ने देखा* माखन के बदले विश्व का गोला। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° यह है अभी संगम की बात। तुम जानते हो हम यह शरीर छोड़ *बच्चा* जाए बनेंगे। *विश्व का मालिक* बनेंगे। (दोनों क्रिश्चियन आपस में लड़ते हैं और *माखन* मिलता है तुम बच्चों को। राजाई मिलती है ना। तुम अभी ईश्वरीय सन्तान बने हो। अभी तुम ब्रह्माण्ड के मालिक और विश्व के मालिक बनते हो।)

5. आज वरदान में बाबा ने *मेरा-पन के 6 प्रकार* सुनाये। कौन-से?
° मेरा *पुरूषार्थ* , मेरी *इन्वेन्शन* , मेरी *सर्विस* , मेरी *टचिंग* , मेरे *गुण* अच्छे हैं, मेरी *निर्णय शक्ति* बहुत अच्छी है, यह मेरा पन ही रॉयल माया का रूप है।

6. माया ऐसा जादू मंत्र कर देती है जो तेरे को भी ____ बना देती है इसलिए अब ऐसे अनेक _____ से मुक्त बन एक बाप के सम्बन्ध में आ जाओ तो ____ -जीत बन जायेंगे। _____ जीत ही प्रकृति जीत, विश्व जीत व जगतजीत बनते हैं। वही एक सेकण्ड के _____ भव के डायरेक्शन को सहज और स्वत: कार्य में लगा सकते हैं।
° _मेरा_, _बन्धनों_, _माया_, _माया_, _अशरीरी_

7. *ओम् शान्ति* के बदले सिर्फ ओम् कहना भी ठीक है। _(सही / गलत)_
° गलत (कोई-कोई सिर्फ ओम् कहते हैं, परन्तु कहना चाहिए ओम् शान्ति। सिर्फ ओम् का अर्थ निकलता है ओम् भगवान। ओम् शान्ति का अर्थ है *मैं आत्मा शान्त स्वरूप हूँ* । हम आत्मा हैं, यह हमारा शरीर है। पहले है आत्मा, पीछे है शरीर।)
° आत्मा शान्त स्वरूप है, उनका *निवास स्थान है शान्तिधाम* ।
° तुम बच्चों को (शान्ति के सागर द्वारा) *शान्ति का वर्सा* मिल जायेगा। (वहाँ न घर में, न बाहर राजधानी में अशान्ति होती। उसको कहा जाता है शान्ति का राज्य, यहाँ है अशान्ति का राज्य क्योंकि रावण राज्य है। वह है ईश्वर का स्थापन किया हुआ राज्य। अब ईश्वर आकर सर्व की सद्गति कर रहे हैं। पवित्रता, सुख, शान्ति की स्थापना करते हैं। तुम बच्चों को ज्ञान का अब तीसरा नेत्र मिला है।)

8. कहा जाता है ब्रह्मा देवता नम: फिर कहते हैं शिव परमात्माए नम: तो सबसे ____ हो गया ना। उनको कहा जाता है भगवान। कितने मन्दिर हैं, सबसे बड़ा यादगार ____ का है ना, जैसे ____ -नाथ मन्दिर का गायन है। ____ -गर, ____ -गर, ____ -गर, यह शिव परमात्मा को कहा जाता है।
° _ऊंच_, _शिव_, _सोम_, _जादू_, _सौदा_, _रत्ना_

9. गायन भी है दु:ख में सिमरण सब करें……..। बाप सुख का वर्सा देते हैं, फिर _____ करने की दरकार नहीं रहती। तुम मात-पिता…….. यह है _____ मात-पिता की बात। स्कूल में बच्चे अच्छा पास होते हैं तो फिर टीचर को इनाम देते हैं। अब तुम उनको क्या इनाम देंगे! तुम तो उनको अपना ____ बना लेते हो, जादूगरी से। हम सब आत्माओं का वह बाप भी है, ____ भी है।
° _याद_, _पारलौकिक_, _बच्चा_, _टीचर_

10. वह देवतायें हैं मनुष्य, परन्तु ____ -गुण वाले हैं। वहाँ भी 2 भुजा वाले ही मनुष्य होते हैं, परन्तु सम्पूर्ण ____ । वहाँ कितनी खुशी होती है – जाकर ____ बनेंगे। तो तुम बच्चों को बहुत खुशी रहनी चाहिए। हम आत्मा इस शरीर द्वारा ____ को तो देखें।
° _दैवी_, _पवित्र_, _प्रिंस_, _बाबा_

11. आत्मा तो है ही _____, देखने से तुम कुछ भी नहीं समझेंगे। आत्मा तो बहुत ____ है। बहुत डॉक्टर्स आदि ने कोशिश की है आत्मा को पकड़ने की, परन्तु किसको पता नहीं पड़ता। आत्मा जो _____ है उसने तो जाकर दूसरा जन्म लिया। आत्मा में ही अच्छे वा बुरे ____ होते हैं। शरीर में हों तो शरीर के साथ संस्कार भस्म हो जाएं। आत्मा ही ज्ञान _____ करती है, इसलिए बाप कहते हैं अपने को आत्मा समझो। तुम कहते हो शिवबाबा, हम आत्मायें पढ़ती हैं इस शरीर द्वारा। नई बात है ना। हम आत्माओं को शिवबाबा पढ़ाते हैं। आत्मा ही _____ करती है। बाकी शरीर के नाम बदलते हैं।
° _बिन्दी_, _महीन_, _अविनाशी_, _संस्कार_, _धारण_, _सबकुछ_

12. आत्मा तो आत्मा ही है। मैं ____ आत्मा तुम्हारे मुआफिक पुनर्जन्म नहीं लेता हूँ। मेरा ड्रामा में पार्ट ही ऐसा है, जो मैं इनमें प्रवेश कर तुमको सुना रहा हूँ इसलिए इनको _____ रथ कहा जाता है। इनको पुरानी ____ भी कहते हैं। शिवबाबा ने भी पुराना लांग _____ पहना है। बाप कहते हैं मैंने इसमें बहुत जन्मों के अन्त में प्रवेश किया है। साधारण रीति इस रथ में बैठ पढ़ाते हैं। उनका नाम है भागीरथ। यह है पतित पुराना रथ, जिसमें बाप आकर ऊंच ते ऊंच ____ करते हैं। बाप कहते हैं मुझे तो अपना शरीर है नहीं। मैं जो ज्ञान का सागर, प्रेम का सागर…. हूँ, तो तुमको वर्सा कैसे दूँ! ऊपर से तो नहीं दूँगा। क्या प्रेरणा से पढ़ाऊंगा? जरूर आना पड़ेगा ना। पारलौकिक बाप कहते हैं मैं इनमें प्रवेश कर तुम बच्चों को कांटों से फूल विश्व का मालिक बनाए, आधा-कल्प के लिए सदा _____ बनाए मैं वानप्रस्थ में बैठ जाता हूँ।
° _परम_, _भाग्यशाली_, _जुत्ती_, _बूट_, _सर्विस_, _सुखी_

13. हम कौन-सा एक कार्य कर सकते, जो *ब्रह्मा बाबा भी नहीं कर सकते?*
° बाबा कहते हैं तुम तो जवान हो। मेरे से जास्ती पढ़कर ऊंच पद पाना चाहिए, परन्तु मेरे साथ बाबा है तो मुझे घड़ी-घड़ी उनकी याद आती है। बाबा मेरे साथ सोता भी है, परन्तु *बाबा मुझे भाकी नहीं पहन सकते। तुमको भाकी पहनते* हैं। तुम भाग्यशाली हो ना। (शिवबाबा ने जो शरीर लोन लिया है तुम उनको भाकी पहन सकते हो। मैं कैसे पहनूँ! मुझे तो यह भी नसीब नहीं है इसलिए तुम *लक्की सितारे* गाये हुए हो। शिवबाबा भी कहते हैं तुम मेरे से लक्की हो, तुमको पढ़ाकर विश्व का मालिक बनाता हूँ, मैं थोड़ेही बनता हूँ।)

14. ध्यान में आत्मा कहाँ जाती नहीं। आत्मा निकल जाए तो शरीर खत्म हो जाए। यह सब हैं _____। ड्रामा अनुसार उस समय पर वह _____ होता है, जो ड्रामा में पहले से ही नूँध है। सूक्ष्मवतन में आना-जाना ______ आदि इस समय होता है फिर 5 हज़ार वर्ष सूक्ष्मवतन का नाम नहीं होता। आजकल बाबा ने _______ का पार्ट बन्द कर दिया है, क्योंकि नुकसान हो जाता है।
° _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_

15. कोई-कोई महात्माओं का *प्रभाव* इतना क्यों है?
° यह भी बाबा ने समझाया है। झाड़ में *नये-नये पत्ते* निकलते हैं तो सतोप्रधान हैं। ऊपर से *नई सोल* आयेगी तो जरूर उनका प्रभाव होगा ना *अल्पकाल के लिए* (परन्तु वह हमे सतोप्रधान नहीं बना सकते)। (उनका सोने अथवा हीरों में वज़न करते हैं, परन्तु यह तो सब खलास हो जाने हैं। मनुष्यों के पास कितने लाखों के मकान हैं। समझते हैं हम तो बहुत साहूकार हैं। तुम बच्चे जानते हो यह साहूकारी बाकी थोड़े समय के लिए है। यह सब मिट्टी में मिल जायेंगे। किनकी दबी रही धूल में……..)

Answers from Sakar Murli 04-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-11-2020*

1. शुभ ____ कारण को निवारण में परिवर्तन कर देती है।
° _भावना_

2. जो *योगयुक्त, युक्तियुक्त* सेवाधारी हैं वह *सेवा करते भी सदा उपराम रहते* हैं। ऐसे नहीं सेवा ज्यादा है इसलिए अशरीरी नहीं बन सकते। तो इसके लिए कौन-सी युक्तियां अपना सकते? (2)
° याद रहे कि *मेरी सेवा नहीं, बाप ने दी है* तो निर्बन्धन रहेंगे। *ट्रस्टी* हूँ, *बंधनमुक्त* हूँ ऐसी प्रैक्टिस करो।
° *अति के समय अन्त की स्टेज, कर्मातीत अवस्था* का अभ्यास करो। (जैसे बीच-बीच में संकल्पों की ट्रैफिक को कन्ट्रोल करते हो, ऐसे)। तब अन्त के समय पास विद आनर बन सकेंगे।

3. हमे किस बात की *बहुत खुशी* रहनी चाहिए? (2)
° *ओहो! शिवबाबा हमको पढ़ाते हैं।* यही बैठ चिंतन करो। भगवान हमको पढ़ाते हैं, *वाह तकदीर वाह!* ऐसे-ऐसे विचार करते मस्ताना हो जाना चाहिए। वाह तकदीर वाह! बेहद का बाप हमको मिला है, हम बाबा को ही याद करते हैं।)
° तुम बच्चों को तो अभी बड़ी खुशी होती है कि हम अब *कृष्ण की राजधानी में जाते* हैं। हम भी *प्रिन्स-प्रिन्सेज* बन सकते हैं। (सब तो पहले नम्बर में नहीं आयेंगे। नम्बरवार माला बनेगी ना। बाप कहते हैं-बच्चे, खूब पुरूषार्थ करो। यहाँ तुम आये हो नर से नारायण बनने। प्यार भी सबका कृष्ण पर है, झूले में झुलाते हैं।)

4. तुम्हारा _____ है मेरा तो एक दूसरा न कोई। ____ -मोहा बनना है। बाप को याद करना माना ____ पर चढ़ना। शरीर को भूल आत्मा को चले जाना है बाप की ____ में।
° _अन्जाम (वायदा)_, _नष्टो_, _फाँसी_, _याद_

5. कल्प-कल्प के संगमयुग पर आकर इस पाठशाला द्वारा बाबा हमें पुरूषार्थ कराकर लक्ष्मी-नारायण विश्व का मालिक बनाते है। अब शिवबाबा तो परफेक्ट है, उसमें कोई भी कट नहीं। तो हम पवित्र आत्मा जो थी, उसमें कट लगी है। तो कट कैसे उतरे?
° *जितना-जितना बाप को याद करेंगे*, कट उतरती जायेगी।(जितना योग में रहेंगे उतना कट उतरेगी। तुमको अब ज्ञान सागर से ज्ञान मिल रहा है। तुम्हारी बुद्धि में एम ऑब्जेक्ट है।)
° *5 विकारों को निकालना* है। (हम देवता थे। सतयुग में यह लक्ष्मी-नारायण पूज्य थे, अब फिर पूज्य बन रहे हैं, पूज्य सतोप्रधान आत्मायें, उनके शरीर भी सतोप्रधान थे।)
° बाबा साफ कहते हैं-बच्चे, *चार्ट रखो* कि सारे दिन में हम कितना समय याद करते हैं? (याद की यात्रा, यह अक्षर राइट है। याद करते-करते कट निकलते-निकलते अन्त मती सो गति हो जायेगी।)
° बाप मीठे-मीठे बच्चों को राय देते हैं – चार्ट लिखो और *एकान्त में* बैठ ऐसे *अपने साथ बातें* करो। (यहाँ तो एकान्त बहुत अच्छी है इसलिए मधुबन की महिमा है।)

6. जितना बाप को याद करेंगे उतना बाप से ____ जुटेगा, खुशी भी होगी। पढ़ाई से नहीं, ____ से लव जुटेगा। भारत का है ही प्राचीन योग, जिससे आत्मा ____ बन अपने धाम चली जायेगी।
° _लव_, _याद_, _पवित्र_

7) ………. यह भी *मनमनाभव* है ना। क्या?
° पवित्रता धारण करनी है। *हम यह बनते हैं*, दैवीगुण धारण करते हैं। यह भी मनमनाभव है ना। (बाबा हमको यह बनाते हैं। यह तो प्रैक्टिकल अनुभव की बात है।)

8. यह बैज तो ____ से लगा दो। भगवान की _____ पर हम यह बन रहे हैं। इनको देखकर उनको ____ करते रहो। बाबा की _____ से हम यह बनते हैं। बाबा आपकी तो _____ है, बाबा हमको आगे थोड़ेही पता था कि आप हमको विश्व का मालिक बनायेंगे।
° _छाती_, _श्रीमत_, _प्यार_,
_याद_, _कमाल_

9. बाप तुम बच्चों को पढ़ाते हैं, तुम ही पढ़ते हो। फिर सतयुग में यह ____ होगा नहीं। वहाँ है प्रालब्ध। बाप ____ पर आकर यह नॉलेज सुनाते हैं फिर तुम पद पा लेते हो। यह टाइम ही है बेहद के बाप से बेहद का ____ पाने का इसलिए बच्चों को _____ नहीं करनी चाहिए, माया-वश। बाप तो तदबीर कराते हैं। तकदीर में कितना फ़र्क पड़ जाता है। डबल सिरताज बनने के लिए _____ करना पड़े।
° _ज्ञान_, _संगम_, _वर्सा_, _ग़फलत_, _पुरूषार्थ_

10. (धारणा) किसी भी बात में ____ नहीं उठाना है, ____ नहीं करनी है। प्रिन्स बनने वाला हूँ, यह _____ खुशी में रहना। अपनी ____ सर्विस करनी है।
° _संशय_, _ईर्ष्या_, _आन्तरिक_, _गुप्त_

11. अभी बाप कहते हैं – ड्रामा अनुसार तुम्हारा _____ है। _____ अवश्य स्थापन होनी है। जितना कल्प पहले _____ किया है, उतना ही वह करेंगे जरूर। तुम ____ हो देखते रहते हो। यह प्रदर्शनियाँ आदि तो बहुत देखते रहेंगे। तुम्हारी _____ मिशन है। यह है ______ गॉड फादरली मिशन।
° _पार्ट_, _राजधानी_, _पुरूषार्थ_, _साक्षी_, _ईश्वरीय_, _इनकारपोरियल_

12. बाप कहते हैं _____ व्यवहार में भल रहो। लौकिक बाप का _____ भी बच्चों को उतारना है। ____ फुल चलना है।
° _गृहस्थ_, _कर्ज़ा_, _लॉ_

13. गाते भी हैं आप सर्वगुण सम्पन्न…… हैं। हम निर्गुण हैं। अब ____ कहते हैं फिर से ऐसे _____ -वान बनो।
° _बाप_, _गुण_

14. वह तो पण्डे लोग *यात्रा पर ले जाते* हैं। यहाँ तो……….. क्या?
° *आत्मा खुद यात्रा करती* है। अपने परमधाम जाना है क्योंकि ड्रामा का चक्र अब पूरा होता है। (यह भी तुम जानते हो कि यह बहुत गन्दी दुनिया है। परमात्मा को तो कोई भी नहीं जानते, न जानेंगे इसलिए कहा जाता है विनाश काले विपरीत बुद्धि। उन्हों के लिए तो यह नर्क ही स्वर्ग के समान है। उन्हों की बुद्धि में यह बातें बैठ न सकें।)

15. *कौन-सा बल* क्रिमिनल आंखों को फौरन ही बदल देता है?
° *ज्ञान के तीसरे नेत्र का बल* जब आत्मा में आ जाता है तो क्रिमिनलपन समाप्त हो जाता है। बाप की श्रीमत है-बच्चे, तुम *सब आपस में भाई-भाई* हो, भाई-बहन हो, तुम्हारी आंखें कभी भी क्रिमिनल हो नहीं सकती। (तुम सदैव याद की मस्ती में रहो। वाह तकदीर वाह! हमें भगवान पढ़ाते हैं। ऐसे विचार करो तो मस्ती चढ़ी रहेगी।)

16. निराकार तो जरूर कोई ____ में आयेगा ना। _____ द्वारा आदि सनातन देवी-देवता धर्म की स्थापना होती है। यह है ही बहुत जन्मों के _____ का जन्म। बाप कहते हैं मैं इनमें _____ कर तुमको राजयोग सिखला रहा हूँ। इनको तो नशा रहता है – हम शिवबाबा का बच्चा _____ हूँ। बाबा विश्व का रचयिता है तो जरूर हम भी स्वर्ग का मालिक बनेंगे। परन्तु जितना तुम बच्चे _____ में रह सकते हो, उतना हम नहीं। बाबा को तो बहुत ख्याल करने पड़ते हैं।
° _शरीर_, _ब्रह्मा_, _अन्त_, _प्रवेश_, _अकेला_, _याद_

17. मनुष्य *ईश्वर प्रति* क्या नहीं जानते? (2)
° ईश्वर *सर्वव्यापी कह मेरी ग्लानि करते* रहते हैं, ड्रामा प्लैन अनुसार।
° मनुष्य यह भी नहीं समझते कि यह ड्रामा है। इसमें क्रियेटर, डायरेक्टर भी ड्रामा के वश हैं। भल सर्वशक्तिमान् गाया जाता है – परन्तु तुम जानते हो *वह भी ड्रामा के पट्टे पर चल रहे* हैं। (बाबा जो खुद आकर बच्चों को समझाते हैं, कहते हैं मेरी आत्मा में *अविनाशी पार्ट नूँधा हुआ* है उस अनुसार पढ़ाता हूँ। जो कुछ समझाता हूँ, ड्रामा में नूँध है।)

18. अभी तुम बच्चों की बेहद के बाप से प्रीत है। एक बाप के सिवाए और कोई याद न रहे। एकदम लाइन क्लीयर होनी चाहिए। अब हमारे 84 जन्म पूरे हुए। अब हम बाप के फरमान पर पूरा चलेंगे। काम महाशत्रु है, उनसे हार नहीं खानी है। *अगर हार हुई*, तो क्या हालत होंगी? (3)
° *पश्चाताप्* कर क्या करेंगे? एकदम *हड्डी-हड्डी टूट* जाती है। *बहुत कड़ी सज़ा* मिल जाती है।
° *कट* उतरने बदले और ही जोर से *चढ़ जाती* है।
° *योग लगेगा नहीं* । याद में रहना बड़ी मेहनत है। (बहुत गप भी मारते हैं-हम तो बाप की याद में रहते हैं।)

Answers from Sakar Murli 03-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-11-2020*

1. ____ को निवारण में परिवर्तन कर _____ बात को भी शुभ करके उठाओ।
° _कारण_, _अशुभ_

2. जो हम *बाप के गुण गाते* हैं, उनका क्या करना है? (2)
° उन सर्व गुणों के *अनुभवी बनो*। (जैसे बाप आनंद का सागर है तो उसी आनंद के सागर की लहरों में लहराते रहो।)
° जो भी सम्पर्क में आये उसे आनदं, प्रेम, सुख… सब गुणों की *अनुभूति कराओ* । (ऐसे सर्व गुणों के अनुभवी मूर्त बनो तो आप द्वारा बाप की सूरत प्रत्यक्ष हो क्योंकि आप महान आत्मायें ही परम आत्मा को अपने अनुभवी मूर्त से प्रत्यक्ष कर सकती हो।)

3. इसी रूहानी ____ में रहना है कि बाबा हमें डबल _____ बना रहे हैं। हम हैं _____ चक्रधारी ब्राह्मण। पास्ट, प्रेजन्ट, फ्युचर का ज्ञान ____ में रखकर चलना है।
° _नशे_, _सिरताज_, _स्वदर्शन_, _बुद्धि_

4. कुमारी ____ है इसलिए सब उनके पांव पड़ते हैं। तुम हो प्रजापिता _____ । मैजारिटी कुमारियों की है इसलिए गायन है कुमारी द्वारा बाण मरवाये। यह है _____ बाण। तुम _____ से बैठ समझाते हो। बाप ____ तो एक ही है। वह सर्व का सद्गति दाता है। भगवानुवाच – _____ ।
° _पवित्र_, _ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ_, _ज्ञान_, _प्रेम_, _सतगुरू_, _मनमनाभव_

5. मीठे बच्चे – तुम ही सच्चे अलौकिक *जादूगर* हो, कैसे? (2)
° तुम *मनुष्य को देवता* बना रहे। यह जादूगरी है ना। *कितनी बड़ी कमाई* कराने का तुम रास्ता बताते / ऊंची पढ़ाई सिखाते हो। (तुम आत्माओं को शुद्ध नशा रहना चाहिए। यह है गुप्त नशा।)
° बेहद के बाप की तो कमाल है। कैसा रूहानी जादू है। *रूह को याद करते-करते तुम पवित्र-सतोप्रधान* बन जायेंगे। (डीटी सावरन्टी श्रीमत पर स्थापन करते। तुम समझाते भी हो हम बेहद बाप से यह वर्सा ले रहे हैं। तुम सब पुरूषार्थ करो। वह बाप सभी आत्माओं का पिता है। तुम आत्माओं को बाप कहते हैं अब मुझे याद करो।)

6. आत्मायें और परमात्मा अलग रहे ____ ….. जो पहले-पहले बिछुड़े हैं, मिलेंगे भी पहले उनको। इसलिए बाप कहते हैं _____ सिकीलधे बच्चों!
° _बहुकाल_, _लाडले_

7. अब भगवान किसको कहा जाए? जरूर सब कहेंगे – _____ शिव। हम आत्मायें उनके बच्चे ___ हैं। वह एक बाप है। बाप कहते हैं तुम सब _____ हो – मुझ माशूक को याद करते हो क्योंकि मैंने ही राजयोग सिखाया था, जिससे तुम प्रैक्टिकल में नर से नारायण बनते हो। शमा पर पतंगे आते हैं, चले जाते हैं फिर आते हैं। यह भी ____ है, सब जलकर खत्म होने हैं। भक्ति मार्ग में बहुत याद करते आये हो – हे ________ …… तो जरूर बाप सुख देने वाला है ना। स्वर्ग को कहा ही जाता है सुखधाम।
° _निराकार_, _ब्रदर_, _आशिक_, _शमा_, _दु:ख हर्ता, सुख कर्ता_

8. *आत्म-अभिमानी* बनाने लिए बाबा ने कौन-से संकल्प दिये? (3)
° तुम *आत्माओं को ज्ञान* का तीसरा नेत्र देते हैं, जिससे आत्मा जान जाती है। शरीर बिगर तो *आत्मा बात* कर नहीं सकती। आत्माओं के *रहने के स्थान* को निर्वाणधाम कहा जाता है।
° क्लास में भी तुम ब्राह्मणियाँ जब बैठती हो तो तुम्हारा काम है पहले-पहले सावधान करना। भाइयों-बहनों अपने को *आत्मा* समझ कर बैठो। हम आत्मा इन *आरगन्स द्वारा सुनते* हैं। *84 जन्म* का राज़ भी बाप ने समझाया है।
° अपने को आत्मा समझो। *आत्मा में ही संस्कार* हैं। संस्कार ले जाते,

9. *अच्छे पुरूषार्थी* स्टूडेन्ट की निशानी क्या होगी? (2)
° वह पास विद् ऑनर होने का अर्थात् *विजय माला में आने का लक्ष्य* रखेंगे।
° उनकी बुद्धि में *एक बाप की ही याद* होगी। (देह सहित देह के सब सम्बन्धों से बुद्धियोग तोड़ *एक से प्रीत* रखेंगे। ऐसे पुरूषार्थी ही माला का दाना बनते हैं।)

10. कर्म, अकर्म, विकर्म का भी ____ समझाया है। बाप बच्चों को ही समझाते हैं और बच्चे ही जानते हैं। रावण राज्य में सबके कर्म ____ ही होते हैं। सतयुग में कर्म ____ होते हैं। अभी तुम बच्चों को राइट और रांग को समझने की ज्ञान चक्षु मिली है तो ___ कर्म ही करना है।
° _राज़_, _विकर्म_, _अकर्म_, _राइट_

11. (पवित्रता की बात पर) कोई पूछे वहाँ *बच्चे* आदि नहीं होते? उत्तर क्या देना है?
° बोलो, उसको कहा ही जाता है वाइसलेस वर्ल्ड, तो वहाँ यह 5 विकार कहाँ से आये। यह तो बहुत सिम्पुल बात है ( *योगबल से रचना* )। यह बाप बैठ समझाते हैं। (बाप समझाते हैं मैं आया ही हूँ पावन बनाने। बच्चे जो काम चिता पर बैठ भस्म हो गये हैं, उन पर आकर ज्ञान की वर्षा करता हूँ। तुम बच्चों को योग सिखलाता हूँ – बाप को याद करो तो विकर्म विनाश होंगे और तुम परिस्तान के मालिक बन जायेंगे। विनाश काले विपरीत बुद्धि कहते हैं। इस पर भी तुम समझा सकते हो। हमारी बाप के साथ प्रीत बुद्धि है। एक बाप के सिवाए हम और कोई को याद नहीं करते।)

12. आधाकल्प ज्ञान, आधाकल्प भक्ति। यह *आधा-आधा* समझाने लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° दिन और रात 24 घण्टे में भी *12 घण्टे ए.एम. और 12 घण्टे पी.एम.* होता है। कल्प भी आधा-आधा है। (ब्रह्मा का दिन, ब्रह्मा की रात।)

13. यह भी तुम्हारा *चक्र फिरता रहता* है। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° *नार की कंगनी* (कुएं से पानी निकालने की एक विधि) होती है ना, फिरती रहती है।

14. पिछाड़ी में आकर जन्म ले और मर जायें। यहां बाबा ने किनका *मिसाल* दिया?
° वह तो जैसे *मच्छरों* मिसल हो गये। (दीपावली पर कितने छोटे-छोटे मच्छर निकलते हैं और खत्म हो जाते हैं। जीना और मरना।)

15. ईश्वर सर्वव्यापी कह देते हैं। ____ कभी सर्वव्यापी होता है क्या? बाप से तुम बच्चों को ____ मिलता है। बाप आकर पुरानी दुनिया को नई दुनिया ____ बनाते हैं। कई तो नर्क को ____ भी नहीं मानते हैं।
° _बाप_, _वर्सा_, _स्वर्ग_, _नर्क_

16. अभी तुम सारी पुरानी दुनिया का ______ करते हो। नई दुनिया का तुमको ______ करा दिया है। वह है वाइसलेस वर्ल्ड। _____ गॉड फादर है हेविन स्थापन करने वाला। फूलों का ____ बनाने वाला। कांटों को फूल बनाते हैं। नम्बरवन कांटा है – काम कटारी। काम के लिए ____ कहते हैं, क्रोध को ___ कहेंगे। देवी-देवतायें डबल अहिंसक थे।
° _संन्यास_, _साक्षात्कार_, _हेविनली_, _बगीचा_, _कटारी_, _भूत_