Answers from Sakar Murli 04-09-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-09-2020*

1. स्नेह ही सहज _____ का साधन है इसलिए सदा स्नेही रहना और स्नेही बनाना।
°याद

2. *स्वमान में रहने वालो* की कौन-सी वन्डरफुल निशानियाँ हैं? (4)
° उन्हें कभी भी अभिमान नहीं आ सकता, वे *सदा निर्मान* होते हैं।
° जितना बड़ा स्वमान उतना ही *हाँ जी* में निर्मान।
° छोटे बड़े, ज्ञानी-अज्ञानी, मायाजीत या माया-वश, गुणवान या पुरूषार्थी हो लेकिन स्वमान वाले *सभी को मान देने वाले दाता* होते हैं अर्थात् स्वयं सम्पन्न होने के कारण *सदा रहमदिल* होते हैं।

3. बाबा आया है तुम्हें _____ बनाने, तब ही यह भारत काँटों के जंगल से सम्पूर्ण _____ बनेगा। बागवान भी ______, माली भी ______ आत्मा है। वहां यह देवतायें रहते थे। सब प्रार्थना करते हैं, हमको ऐसा _____ आत्मा बनाओ।
° फूल, बगीचा, निराकार, निराकार, पुण्य

4. लक्ष्मी-नारायण के लिए सब कहेंगे स्वर्ग के ______ थे। कोई ______ की बात नहीं लिखते।शिव का बड़ा लिंग बना देते। कहते भी हैं कि आत्मा _____ मिसल है, तो जरूर बाप भी ऐसा होगा ना। परन्तु उनकी पूरी पहचान नहीं है।
°मालिक, ग्लानि, स्टार

5. *मन्दिर लायक बनने* लिए किन बातों पर विशेष ध्यान देना है? (2)
° *चलन बहुत मीठी रॉयल* होनी चाहिए। (इतना मीठापन हो जो दूसरों को उसकी महसूसता आये।)
° अनेकों को बाप का परिचय दो। अपना कल्याण करने लिए अच्छी रीति पुरुषार्थ कर *सर्विस पर लगे रहो।*

6. *प्रजा* को भी मन्दिर लायक वा जगतजीत कहेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बाप कहते हैं मैं आकर सबको मन्दिर लायक बनाता हूँ, परन्तु *सब मन्दिर लायक नहीं बनते* हैं। प्रजा को तो मन्दिर लायक नहीं कहेंगे ना। जगतजीत अर्थात् राजा-रानी, प्रजा को जगतजीत नहीं कहेंगे।)

7. यह ड्रामा का *खेल बना हुआ* है। सब आत्मायें जो भी *पार्ट* बजाती हैं, वह *सब नूंधा* हुआ है। इसके लिए बाबा ने कौन-से 2 जबरदस्त मिसाल सुनायै?
° *जैसे कठपुतलियाँ होती हैं* ना, ऐसे नाचती रहती हैं। यह भी ड्रामा है, हर एक का इस ड्रामा में पार्ट है। पार्ट बजाते-बजाते तुम तमोप्रधान बने हो। फिर अब ऊपर जाते हो, सतोप्रधान बनते हो। बाप ऊपर ले जाते।
° वास्तव में वह *मछलियाँ तार में लटकती* हैं (ऐसा एक खेल है), इस तार में मनुष्यों को डालना चाहिए। ऐसे उतरती कला फिर चढ़ती कला होती है। 5 हज़ार वर्ष लगते हैं ऊपर जाकर फिर उतरने में।

8. अगर *छोटेपन से ही नॉलेज में* लग जाएं, तो क्या प्राप्तियां है? (2)
° *धारणा* होती जायेगी। समझेंगे इसने बहुत भक्ति की हुई है, *बहुत होशियार* हो जाए, क्योंकि आरगन्स बड़े होने से फिर *समझ भी जास्ती आती* है। (परन्तु जब वह लगन भी लगे)

9. हमने कौन-सी 2 जबरदस्त *प्रतिज्ञाएं* की है?
° हम यह प्रतिज्ञा करते हैं कि श्रीमत पर हम इस *भारत की भूमि (और विश्व) को पतित से पावन बनायेंगे* (पावन बनने का रास्ता बताते। अच्छा पुरूषार्थ थोड़े करते हैं, पवित्र तो सारी दुनिया बन जाती है।)
° *पवित्रता की प्रतिज्ञा* करते हैं (बता सकते हम कैसे बाप की श्रीमत से पवित्र रहते हैं। फिर पवित्र दुनिया सतयुग का मालिक जगतजीत बनेंगे। लक्ष्मी-नारायण, सबसे ऊँच पद!)

10. प्रदर्शनी म्युज़ियम में पूछते हैं तुम *भारत की क्या सेवा करते* हो?
° हम भारत की बहुत अच्छी सर्विस करते हैं, *जंगल से बगीचा बना रहे* हैं। (सतयुग है गार्डन। यह है काँटों का जंगल। एक-दो को दु:ख देते रहते हैं। यह तुम अच्छी रीति समझा सकते हो।)
° हम सब बच्चे बाप की श्रीमत पर *भारत की रूहानी सर्विस* करते हैं अपने ही तन-मन-धन से।

10. तुम बच्चों को _____ सोशल सर्विस भी करनी है, इस सेवा में अपना जीवन ______ करना है। अपने ______ के लिए अच्छी रीति पुरूषार्थ कर सर्विस में लगे रहो। बाप भी सर्विस पर है ना। तुम बच्चे भी ______ सर्विस पर रहो। बाप द्वारा समझते हैं, वह समझाने लायक भी बनते हैं। _______ धारण करते।
°रूहानी, सफल, कल्याण, दिन-रात, दैवीगुण

11. लक्ष्मी-नारायण का ____ भी बहुत अच्छा बनाना चाहिए। _____ भी इसलिए करते हैं कि क्या-क्या सर्विस करें जो बहुतों को बाप का परिचय मिले।
°चित्र, सेमीनार

12. हमारे सेवा से किसको *तीर* कब लगेगा? (3)
° *याद में रहें तब* किसको तीर भी लगे। घड़ी-घड़ी देह-अभिमान में आ जाते हैं। बाप कहते हैं *आत्म-अभिमानी बनो*। (आत्मा ही शरीर धारण कर पार्ट बजाती। आत्माओं में जो पार्ट की नूंध है उसको हम साक्षी हो देखते हैं।)
° जब *खुद फूल बने होंगे*। (खुद ही कांटा होगा तो किसको फूल कैसे बनायेंगे, उनका तीर पूरा लगेगा नहीं।)

13. *शिवजयन्ती की चिट्ठियों* में ऐसी लिखत हो, जो किसको भी दिखायें तो समझ जाएं। जैसे लिखते हैं *शिवबाबा केयरऑफ ब्रह्मा* वा बापदादा, इस पर क्या समझानी है?
° वह रूहानी पिता (शिवबाबा), वह जिस्मानी (प्रजापिता ब्रह्मा)। उनसे जिस्मानी रचना रची जाती। बाप है मनुष्य सृष्टि का रचता। *बाप ब्रह्मा द्वारा अब नई रचना रच रहे हैं*। ब्राह्मण हैं चोटी फिर देवता, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
° (बापदादा) शिवबाबा को बाप, ब्रह्मा को दादा कहते हैं। (एक को कभी कोई बापदादा कहते हैं क्या? यह तो *वन्डरफुल बात* है, इसमें सच्चा-सच्चा ज्ञान है।)

14. कईयों की *बुद्धि में ठहरता ही नहीं* इसलिए किसको समझा नहीं सकते। बाबा ने उन्हों के लिए कौन-सा मिसाल दिया?
° आत्मा बिल्कुल ही *गर्म तवा*, तमोप्रधान पतित है। उन पर ज्ञान अमृत डाला जाता तो भी ठहरता नहीं। (जिसने बहुत भक्ति की है, उनको ही तीर लगेगा, झट धारणा होगी। हिसाब ही वन्डरफुल है – पहले नम्बर में पावन, वही फिर पतित बनते हैं।)

15. तुम हो रूहानी _____ । तुम 5 विकारों पर जीत पाने से जगत जीत बनने वाले हो। जन्म-जन्मान्तर के पाप कटने लिए बाबा युक्तियाँ बताते हैं। तुम बहुत ______ वारियर्स हो। जब तक राजधानी स्थापन न हो जाए तब तक _____ नहीं होगा। फिर सतयुग में कभी _______ होती नहीं।
°मिलेट्री, गुप्त, विनाश, लड़ाई

16. इस प्रवृत्ति मार्ग (जोड़ी की दौड़ी) में *दूसरे ने* काम महाशत्रु में गिराया। _(सही / गलत)_
° *गलत* (ऐसे थोड़ेही उसने गिराया। गिरना, न गिरना *अपने हाथ में है*। कोई धक्का थोड़ेही देते हैं, हम गिरें क्यों? *कुछ भी हो जाए हम गिरेंगे नहीं*। गिरे तो खाना खराब, जोर से चमाट लगती है। फिर पछताते भी हैं, *हड्डी-हड्डी टूट जाती है*। बहुत चोट लगती है।)

Answers from Sakar Murli 03-09-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-09-2020*

1. जिसका बाप और सेवा से प्यार है, उसे ________ का प्यार स्वत: मिलता है।
°परिवार

2. *सतयुग* की कौन-सी नई-नई बातें आज बाबा ने सुनाई? (4)
° वहाँ *घी* आदि खरीद करना नहीं पड़ेगा। सबके पास *अपनी गायें फर्स्टक्लास* होती हैं।
° वहाँ *सब कुछ नया* होगा। *खानियाँ* जो अब खाली हो गई हैं वह सब फिर से अब *भरतू* हो जाती है। खानियों से खोद कर ले आते हैं।
° *लाइट* आदि भी जैसे *नैचुरल* रहती है, साइंस से यहाँ सीखते रहते हैं। वहाँ यह भी काम में आती हैं।
° *हेलीकाप्टर खड़े* होंगे, बटन दबाया यह चला। कोई तकलीफ नहीं। वहाँ सब *फुलप्रूफ* होते हैं, कभी मशीन आदि खराब हो न सके। घर में बैठे सेकण्ड में स्कूल में वा घूमने-फिरने पहुँचते हैं। (तुम्हारे लिए वहाँ *सब सुख* होते।)

3. जैसे बाप में निश्चय है, वैसे *स्वयं और ड्रामा में भी सम्पूर्ण निश्चय* रखना क्यों जरूरी है? (2)
° स्वयं में यदि कमजोरी का संकल्प उत्पन्न होता है तो *कमजोरी के संस्कार* बन जाते हैं, इसलिए व्यर्थ संकल्प रूपी कमजोरी के जर्म्स अपने अन्दर प्रवेश होने नहीं देना।
° साथ-साथ हलचल की सीन में भी कल्याण का अनुभव हो, तो *विकराल समस्या भी शीतल* हो जायेगी।

4. अभी तुम बाप से योग लगाते हो। सतयुग से लेकर तुम _____ थे अर्थात् बाप से योग नहीं था। अभी तुम _____ बनते हो, बाप के समान। अभी तुम्हारी बुद्धि लगी है उस अपने पतियों के पति शिव ______ के साथ। योग सिखलाने वाला है ईश्वर इसलिए उनको कहा जाता है ______ ।
°वियोगी, योगी, साजन, योगेश्वर

5. जितना तुम याद में रहेंगे उतना _____ में रहेंगे। योग से _____ बढ़ती है। सिवाए याद के ______ वश होना मुश्किल है। याद से ही _____ पार होना है।
°खुशी, आयु, कर्मेन्द्रियाँ, बेड़ा

6. बाबा ने आज आते ही कौन-सी वन्डरफुल युक्ति सुनाई, जिसमें *याद और पढ़ाई दोनों* समाए हुए हैं?
° जब सामने बैठते, तो समझ हैं *हमको पढ़ाने वाला ज्ञान-सागर नॉलेजफुल बाबा है* (स्टूडेन्ट अपने स्कूल में बैठे होंगे तो टीचर याद आयेगा ना।) ध्यान में रखना है – *हम आत्मा हैं, बाप से सुन रहे हैं* । हमारा बाप इस समय टीचर है क्योंकि पढ़ाते हैं, दोनों काम करने पड़ते। पढ़ती आत्मा है, पढ़ाता परमात्मा है।
° यह तो पक्का निश्चय है वह हमारा बाप भी है, जब पढ़ते हैं तो *पढ़ाई पर अटेन्शन* रहता है। अपने को आत्मा जरूर समझना है। *बुद्धि भागनी नहीं चाहिए*।

7. यह *योग भी है, कमाई भी है*। कैसे?
° आत्मा को ही *सतोप्रधान* बनना है। कर्मातीत अवस्था में पहुँचेंगे तो वह भी जैसे *पवित्रता की ताकत* मिलती है।
° तुम सतोप्रधान भी बन रहे हो, *(ज्ञान) धन भी* ले रहे हो।

8. जैसे बाप को _____ उठा कि मैं जाऊं तो बाप कहते हैं मैं आता हूँ और मेरी ______ चलनी शुरू हो जाती है। वहाँ तो शान्ति में हैं। फिर ड्रामा अनुसार उनका _____ शुरू होता है। बाप कहते हैं मेरे में जो ____ भरा हुआ है वह खुलता जायेगा। बच्चों को बताते रहेंगे।
°संकल्प, वाणी, पार्ट, पार्ट

9. हम डबल अहिंसक, अननोन वारियर्स की *विजय निश्चित* क्यों है?
° हम बच्चे जो माया पर जीत पाने का पुरूषार्थ कर रहे, विजय निश्चित है क्योंकि *हमारे साथ साक्षात् परमपिता परमात्मा* है। हम *योगबल* से विजय पाते है।

10. हम आधाकल्प राज्य करेंगे। तो अब हमे *दैवीगुण धारण* करने और कराने हैं। इसके लिए बाबा कौन-सी *राय* देते हैं?
° अपना *चार्ट रखने से बहुत मज़ा आयेगा*। (रजिस्टर में गुड, बेटर, बेस्ट होते हैं ना। खुद भी फील करते हैं। कोई अच्छा पढ़ते हैं, कोई का अटेन्शन नहीं रहता है तो फेल हो जाते हैं। यह फिर है बेहद की पढ़ाई।)

11. हम *लाइट हाउस* भी हैं। कैसे?
° एक ऑख में शान्तिधाम, एक ऑख में जीवनमुक्ति-धाम है। (इन आंखों की बात नहीं है, *आत्मा का तीसरा नेत्र* कहा जाता है।)

12. दिन-प्रतिदिन _____ को भी पाते जायेंगे। एक दिन तुमको बड़े रॉयल _____ भी मिलेंगे, जिसमें ______ लोग भी आयेंगे। सब इकट्ठे बैठ सुनेंगे। बाबा ने कहा यह भी लिख दो वर्ल्ड की हिस्ट्री-जाग्राफी कैसे _____ होती है, आकर समझो। जो ________ होगा कहेगा अभी आइरन एज है तो जरूर गोल्डन एज रिपीट होगी। तुम्हारे द्वारा सबको ______ का पैगाम मिलेगा। यह है महामंत्र।
°वृद्धि, हाल, बड़े-बड़े, रिपीट,सेन्सीबुल, मनमनाभव

13. इस सृष्टि चक्र में *आधा* हिस्सा सुख है, *आधा* हिस्सा है दु:ख। _(सही / गलत)_
° गलत ( *पौना हिस्सा सुख* है, बाकी क्वार्टर है दु:ख। आधा-आधा हो फिर तो मज़ा न रहे। भक्ति में भी तुम बहुत सुखी रहते। पीछे मन्दिरों आदि को लूटते हैं। सतयुग में तुम कितने साहूकार थे तो तुम बच्चों को *बहुत खुशी* होनी चाहिए। एम ऑब्जेक्ट तो सामने खड़ा है। गाया जाता है खुशी जैसी खुराक नहीं।)

14. शिवबाबा के रथ ब्रह्मा बाबा की एक्टिविटी वन्डरफुल है। (सिखाते, शिवबाबा रेसपान्ड देते वह सुनते, याद में रहते, बाबा हमको खिलाते आदि)। तो जबकि याद से ही फायदा है, तो *भण्डारे में भोजन बनाते समय* क्या याद रखना है?
° हम *शिवबाबा के बच्चों के लिए* बनाते हैं। खुद भी शिवबाबा के बच्चे हैं तो ऐसे याद करने से भी *फायदा* ही है। सबसे जास्ती पद उनको मिलेगा जो *याद* में रह कर्मातीत अवस्था को पाते हैं *और सर्विस* भी करते हैं।

15. अभी आत्मा को स्व का दर्शन हुआ है कि हम 84 का चक्र लगाते ( *स्वदर्शन चक्रधारी* )। अब बाप सबको ले जायेंगे (आत्मा संस्कारों के साथ जायेंगी शान्तिधाम, फिर नया पार्ट प्रालब्ध का इमर्ज होगा)।
परन्तु इसके पहले जो नैचुरल कैलामिटीज़ और बॉम्बस से विनाश होंगा, उसका *सहज सामना* करने लिए क्या करना है?
° उसमें *बड़ी हिम्मत* चाहिए। अंगद का भी मिसाल है ना, उनको कोई हिला न सका। यह *अवस्था पक्की करनी है-मैं आत्मा हूँ, शरीर का भान टूटता जाए।* (सतयुग में तो जब ऑटोमेटिकली समय पूरा होता है तो साक्षात्कार होता। अभी हमको यह शरीर छोड़ जाए बच्चा बनना है। एक शरीर छोड़ जाए दूसरे में प्रवेश करते, सज़ायें आदि तो वहाँ कुछ हैं नहीं। दिन-प्रतिदिन तुम नज़दीक आते जायेंगे।)

16. बाप ही कहते ______ बनो। तुम अपने को _______ समझ बाप को याद करो। अब बाप के पास जाना है घर। बाप कहते हैं मैं तुम्हारा _____ हूँ। _______ के बाद फिर जयजयकार होगी। _____ की नदियाँ बहेंगी।
°मरजीवा, आत्मा, बाप, हाहाकार, घी

17. एक तरफ समझते हम स्वर्ग में बैठे हैं, यह सुखधाम बन गया है, दूसरी तरफ फिर ____ में भी भारत की हालत सुनाते हैं। तुम जानते हो यह तो और ही _____ हो गये हैं। माया का भी बहुत ज़ोर है। यह है माया का अन्तिम ______।
°गीत, तमोप्रधान, पाम्प

Answers from Sakar Murli 02-09-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 02-09-2020*

1. सर्व प्रति _____ -ग्राहक बनो लेकिन फालो _______ को करो।
°गुण, ब्रह्मा बाप

2. हम बाप समान विश्व सेवाधारी आत्माओं को *कौन-सी डबल सेवा* का अभ्यास निरन्तर-नेचुरल करना है? (जिससे देखने वालों को अनुभव- साक्षात्कार हो कि यह कोई अलौकिक शक्ति है।)
° शरीर द्वारा *स्थूल सेवा करते हुए मन्सा से विश्व परिवर्तन* की सेवा पर तत्पर रहो। (एक ही समय पर *तन और मन* से इक्ट्ठी सेवा। *मन्सा और कर्मणा* दोनों साथ-साथ।)
° मन्सा सेवा के लिए विशेष *एकाग्रता* का अभ्यास बढ़ाओ।

3. रोज़ सुबह-शाम यह विचार करना चाहिए-यह ______ रत्न _____ जीवन के लिए रूहानी बाप से मिलते हैं। पुरूषोत्तम बनने के लिए पढ़ रहे हैं। हम पुरूषोत्तम ______ पर हैं।बाबा अनेक प्रकार से समझाते रहते हैं। तुम भी स्लोगन लिखते हो ‘बी होली एण्ड ______ ‘।सर्विस की युक्तियाँ तो बाबा बहुत बतलाते हैं, बच्चों को _______ में लाना चाहिए।
° अमूल्य, अमूल्य, संगमयुग, राजयोगी, अमल

4. बाबा ने कहा सबके दु:ख दूर करने वाले हम *रूहानी पण्डे* -गाइड्स, सबको *मुक्ति-जीवनमुक्ति की राय* -एडवाइज देते। तो मुक्ति-जीवनमुक्ति में जाने लिये क्या करना है? (2)
° अमरपुरी में जाने के लिए तुम *पवित्र* बन रहे हो। (पतित-पावन आकर राय देते *पावन* बनने की। मुक्तिधाम में कोई भी जा नहीं सकते, जब तक बाप एडवाइज़ न करे, श्रीमत न दे।)
° *मामेकम् याद करो* तो तुम्हारे जन्म-जन्मान्तर के पाप कट जायेंगे। (याद से ही बेड़ा पार है।)

5. बाबा ने आज *परमधाम* को कौन-कौन से नाम दिये? (6)
° मुक्तिधाम, *आत्माओं की अमरपुरी*, परमधाम, शान्तिधाम, शिव नगरी, मूलवतन

6. और *सतयुग* को कौन-से नाम दिये? (7)
° अमरपुरी, *अमरनाथ पुरी*, स्वर्ग, फूलों का बगीचा, नई दुनिया, वाइसलेस वर्ल्ड, सुखधाम, (वर्सा, सद्गति)

7. स्वर्ग *ऊपर में* है _(सही / गलत)_
° *गलत* (मुक्तिधाम ऊपर में है। जीवनमुक्ति में तो यहाँ ही आना है। यह बाप तुम्हें समझाते हैं, उनको अच्छी रीति धारण कर नॉलेज का ही मंथन करना है।)

8. याद को सहज करने लिए *परमपिता परमात्मा शिवबाबा* की कौन-कौन सी *महिमा* आज की मुरली में है? (5)
° वह भी आत्मा ही है। सिर्फ उनको परमपिता परमात्मा कहते हैं, वह हमको समझा रहे हैं। वही *ज्ञान का सागर है, पवित्रता का सागर* है। अब बच्चों को पवित्र बनाने लिए श्रीमत देते।
° यह तो सब कहते हैं *पतित-पावन*।
° *सद्गति दाता* ज्ञान का सागर है ही एक।
° ज्ञान का सागर है, *प्रेम का सागर* है।
° *गीता का भगवान* शिव

9. हमे कौन-सा *नशा* सदा चढ़ा रहना चाहिए, धन्धा आदि करते भी? (2)
° तुम बच्चों को यह नशा रहना चाहिए कि *हम बाप को याद कर जन्म-जन्मान्तर के लिए पवित्र बनते* हैं। तुम जानते हो भल कितने भी विघ्न पड़ें *स्वर्ग की स्थापना तो जरूर होनी है*। नई दुनिया की स्थापना और पुरानी दुनिया का विनाश होना ही है। यह बना-बनाया ड्रामा है, इसमें संशय की बात ही नहीं।
° बुद्धि में रहे – *बाप हमको पढ़ा रहे* हैं। जिस पढ़ाई से हम *मनुष्य से देवता बन जायेंगे*। इसमें तकलीफ की कोई बात नहीं। (धन्धे आदि से भी कुछ टाइम निकाल याद कर सकते हो। छुट्टी लेकर जाए बाबा को याद करो। सारा दिन ऐसे ही थोड़ेही गंवाना है। हम भविष्य का तो कुछ ख्याल करें। युक्तियाँ बहुत हैं, जितना हो सके टाइम निकाल बाप को याद करो।)

10. मातायें तो बिचारी अबोध होती हैं। कहती हैं हम *पढ़ी-लिखी नहीं हैं*। तो बाबा ने कौन-सा वन्डरफुल उत्तर दिया?
° बाप कहते हैं नहीं पढ़े तो *अच्छा है* । वेद-शास्त्र जो कुछ पढ़े हैं वह *सब यहाँ भूल जाना* है। अभी मैं जो सुनाता हूँ, वह सुनो।

11. *स्टूडेन्ट* घर में यही ख्याल करते-यह पेपर भरकर देना है, आज यह करना है। तो हम बच्चों को *अपने कल्याण* के लिए क्या ख्याल करते रहना है?
° आत्मा को *सतोप्रधान* बनाना है। *पवित्र* बन मुक्तिधाम में जाना है और *नॉलेज* से फिर देवता बनते हैं।

12. बाबा अनेक प्रकार से समझाते रहते। फिर भी देह-अभिमान में आने से भूल जाते। तो इस *देह-अभिमान को मिटाने* लिए कौन-सी युक्ति है? (2)
° *जितना याद करते रहेंगे* उतना देह-अभिमान टूटता जायेगा।
° अपनी *सम्भाल करते रहो। देखो*, हमारा देह-अभिमान टूटा है? (हम अभी जा रहे हैं फिर हम विश्व के मालिक बनेंगे। हमारा पार्ट ही हीरो-हीरोइन का है।)

13. आत्मा ही पुरूषार्थ करती विश्व का मालिक बनने। बाप कहते यह पक्का याद कर लो हम आत्मा हैं। यह पुरूषार्थ *देवता बनने के बाद* भी करना पड़ेगा। _(सही / गलत)_
° *गलत* (देवताओं को याद नहीं करना पड़ता क्योंकि वह तो है ही पावन। प्रालब्ध भोग रहे हैं, पतित थोड़ेही हैं जो बाप को याद करें। तुम आत्मा अभी पतित हो इसलिए बाप को याद करना है।)

14. यह ड्रामा है। इसमे *हर दिन एक समान* है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (एक भी दिन एक समान नहीं होता। यह ड्रामा चलता रहता। सारे दिन का पार्ट सेकण्ड बाई सेकण्ड बदलता रहता। शूट होता रहता। तो बाप बच्चों को समझाते हैं, कोई भी बात में हार्टफेल मत हो।)

15. प्रदर्शनी वा *म्युज़ियम* में हमारे कौन-से नाम रख सकते? (2)
° लिखो *गाइड टू हेविन*
° वा *नई विश्व की राजधानी के गाइड्स* ।

16. _____ वा _____ है तो उनको भी युक्ति से यह रूहानी पढ़ाई पढ़ानी चाहिए, जिससे कल्याण हो। बाकी इस जिस्मानी पढ़ाई से क्या होगा। हम यह पढ़ाते हैं। बाकी थोड़े दिन हैं।
अन्दर _____ आती रहेगी – कैसे मनुष्यों को रास्ता बतायें।
°टीचर, प्रोफेसर, उछल

17. *गीता का भगवान् शिव* लिखने से फेल कर दिया। तो क्या यह सत्य बात वे कभी समझेंगे?
° *हाँ* (आगे चलकर समझेंगे बरोबर इस बच्ची ने जो लिखा था वह सत्य है। जब प्रभाव निकलेगा वा प्रदर्शनी अथवा म्युज़ियम में उनको बुलायेंगे तो पता चलेगा और बुद्धि में आयेगा यह तो राइट है।)

18. क्षत्रियपने की निशानी _____ दिया है। परन्तु हमारा तो पार्ट है ऊंच ते ऊंच हीरो-हीरोइन का। यह नाम तब पड़ता है जब कोई ______ पाते हैं। _______ कन्या उनको कहा जाता है जो अपवित्र बनने के बाद फिर पवित्र बनती है।
°बाण, विजय, अधर

19. भल कोई कितने भी लखपति वा करोड़पति हो परन्तु तुम जानते हो यह सब ____ हो जायेंगे। तुम आत्मायें धनवान बनती जाती हो। बाकी सब _____ में जा रहे हैं।
°विनाश, देवाले

20. भक्ति में भी बहुत दानी होते हैं। (सुबह को उठकर अन्न की मुट्ठी निकालते, गरीबों को दान करते।) परन्तु बाबा कहते *पात्र को दान* देना चाहिए। (इस समय तो यह बहुत जरूरी है ध्यान रखना)। तो बाहर में एसे ही भीख में पैसे देना, यह क्यों ठीक नहीं है?
° उन्हों का तो यह धन्धा हो जाता। (और यदि दुरुपयोग करते, तो हमारा भी कर्मों का खाता बनता।)

Answers from Sakar Murli 01-09-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-09-2020*

1. _______ ही ब्राह्मण जीवन के कदम हैं, कदम पर कदम रखना माना ______ के समीप पहुंचना।
°मर्यादायें, मंजिल

2. सर्व _____ के अनुभव द्वारा _____ बनने वाले सदा ______ -मूर्त भव। सर्व आत्मायें ढूंढेगी कि सुख-शान्ति के मास्टर ______ कहाँ हैं। तो जब आपके पास सर्वशक्तियों का ______ होगा तब तो सबको सन्तुष्ट कर सकेंगे। जैसे आजकल एक ही ______ से सब चीजें मिल जाती हैं, ऐसे आपको भी बनना है।
°प्राप्तियों, पावरफुल, सफलता, दाता, स्टॉक, स्टोर

3. सतयुग में *घर-घर में सोझरा* होता। अर्थात्‌ क्या?
° *हर एक आत्मा पवित्र* बन जाती है। उसको कहा जाता है – घर-घर में सोझरा। (तुम्हारी ज्योत जगी हुई है। ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है।)

4. *योग अग्नि* से क्या प्राप्तियां होती? (3) और *ज्ञान धन* से क्या प्राप्तियां है?
° योग अग्नि द्वारा पतित से *पावन* बनेंगे। योग से *एवर हेल्दी* पवित्र। योगी की *आयु बड़ी* होती है।
° नॉलेज से धन मिलता है। , ज्ञान से *एवर वेल्दी* धनवान बनते हैं।

5. *ओम् शान्ति* कहने से ही क्या निश्चय हो जाता? (2)
° *हमारा स्वधर्म शान्त* है, जब घर में रहते हैं।
° हम आत्मायें यहाँ की रहवासी नहीं हैं। हम तो *शान्तिधाम की रहवासी* हैं। (फिर यहाँ आकर पार्ट बजाते, शरीर के साथ कर्म करते।)

6. हम *सेना* क्या करती? किन बातों का हमे *नशा* होना चाहिए? (3)
° (सेना) तुम जानते हो *याद के बल से पवित्र बन हम राजा रानी* बन रहे हैं। फिर दूसरे जन्म में गोल्डन स्पून इन माउथ होगा।
° *बड़ा इम्तहान पास* करने वाले मर्तबा भी बड़ा पाते हैं। जितनी पढ़ाई उतना सुख। यह तो *भगवान पढ़ाते हैं* । यह नशा चढ़ा हुआ रहना चाहिए। चोबचीनी ( *ताकत का माल* ) मिलता है। भगवान बिगर ऐसा *भगवान-भगवती* कौन बनायेंगे। तुम अभी पतित से पावन बन रहे हो फिर *जन्म-जन्मान्तर के लिए सुखी* बन जायेंगे। *ऊंच पद* पायेंगे।

7. जो चढ़ेंगे फिर भी गिरेंगे फिर इतना *पुरुषार्थ ही क्यों करें?* _(सही / गलत)_ (4)
° नहीं, फिर तो ऐसे भी समझें अगर *खाना* मिलना होगा तो *आपेही मिलेगा*, फिर इतनी मेहनत कर कमाते ही क्यों हो? वैसे हम भी देख रहे हैं अब *चढ़ती कला* का समय आया है, वही *देवता घराना* स्थापन हो रहा है तो क्यों न अभी ही वो *सुख* ले लेवें।
° जैसे देखो अब कोई *जज बनना* चाहता है तो जब *पुरुषार्थ* करेगा तब उस *डिग्री* को हांसिल करेंगे ना।
° इस अविनाशी ज्ञान का विनाश नहीं होता। करके इतना पुरुषार्थ न कर *दैवी रॉयल घराने* में न भी आवे परन्तु अगर कम पुरुषार्थ किया तो भी उस *सतयुगी दैवी प्रजा* में आ सकते हैं।
° पुरुषार्थ करना अवश्य है क्योंकि *पुरुषार्थ से ही प्रालब्ध* बनेगी, बलिहारी पुरुषार्थ की ही गाई हुई है।

8. नई दुनिया में एक भी ____ हो न सके। नई दुनिया का _____ है परमपिता परमात्मा, वही पतित-पावन है, उनकी ______ भी जरूर पावन होनी चाहिए। पतित सो पावन, पावन सो पतित, यह बातें दुनिया में किसकी _____ में बैठ न सकें।
°पतित, रचयिता, रचना, बुद्धि

9. मीठे-मीठे सिकीलधे नूरे _____ , श्याम से _____ बनने वाली आत्माओं प्रति मात-पिता बापदादा का दिल व ____ , _____ व प्रेम से याद-प्यार और गुडमॉर्निंग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।
°रत्न, सुन्दर, जान, सिक

10. निश्चयबुद्धि बनने के बाद फिर कभी किसी भी बात में _____ नहीं उठाना है। विकर्मों से बचने के लिए कोई भी कर्म अपने _____ में स्थित होकर बाप की ____ में करना है। कहते हैं ना ____ की बेड़ी हिलती है परन्तु डूबती नहीं।
°संशय, स्वधर्म, याद, सच

11. पुरुषार्थ और ______ दो चीज़ें हैं, पुरुषार्थ से ____ बनती है। यह अनादि सृष्टि का चक्र फिरता रहता है, जो आदि सनातन भारतवासी पूज्य थे, वही फिर ____ बनें फिर वही पुरुषार्थ कर पूज्य बनेंगे, यह उतरना और _____ अनादि ड्रामा का खेल बना हुआ है।
°प्रालब्ध, प्रालब्ध, पुजारी, चढ़ना

12. यह *ड्रामा हूबहू रिपीट* होता है, तो क्या आलमाइटी परमात्मा सदा ऐसे खेल को देख खुद *थकता नहीं* है? जैसे 4 ऋतुओं में सर्दी, गर्मी आदि का फर्क रहता है तो क्या इस *खेल में फर्क* नहीं पड़ेगा?
° यही तो *खूबी है* इस ड्रामा की, हूबहू रिपीट होता है।
° इस ड्रामा में और भी खूबी है जो *रिपीट होते हुए भी नित्य नया* लगता है। (साक्षी हो देखने से)

13. साधू-सन्यासी आदि से *विकर्म नहीं हो सकता* क्योंकि वह पवित्र रहते हैं। सन्यास किया हुआ है। _(सही / गलत)_
° गलत (वास्तव में पवित्र किसको कहा जाता, यह नहीं जानते। कहते भी हैं हम पतित हैं। *पतित-पावन* को बुलाते हैं। वह जब तक वह *न आये तब तक दुनिया पावन नहीं* बन सकती। और फिर *मन्सा-वाचा कर्मणा विकारों के अंश से भी परे* जाना हैं।)

14. विकारों की *कट* चढ़ी हुई है, उसकी *निशानी* क्या होगी?
° उन्हें *पुरानी दुनिया की कशिश* होती रहेगी। *बुद्धि* क्रिमिनल तरफ जाती रहेगी। याद में रह नहीं सकेंगे।

15. रावण राज्य में सब कर्म विकर्म बनने का मूल बीज़ है – विकार। जिन पुराने संस्कारों कारण ही अच्छे-अच्छे फर्स्टक्लास बच्चे गिर कर सौ गुणा चढ़ाकर नाम बदनाम करते। तो *इस पुराने-पन से परे जाने* की कौन-सी *जबरदस्त युक्ति* बाबा ने आज सुनाई (3)
° *आत्मायें सब भाई-भाई* हैं। *भगवान की सन्तान* होकर फिर क्रिमिनल एसाल्ट कैसे करते हैं। हम बी.के. विकार में जा नहीं सकते। इस युक्ति से ही पवित्र रह सकते हैं।
° (नहीं तो) जैसे *शूद्र* समान पतित हो गया।
° (स्लोगन) गाया भी हुआ है- *अमृत पीकर* विष क्यों खाये! (फिर बाहर में जाए दूसरों को सताते)।

16. यह *ईश्वरीय नॉलेज सर्व मनुष्य आत्माओं के लिये* है (सर्व धर्म लिए, भल हरेक के अपने नॉलेज-शास्त्र-मत-संस्कार है)। इसके लिए मम्मा ने कौन-सा श्रेष्ठ *तर्क* दिया? (2)
° जब इस *मनुष्य सृष्टि झाड़ का बीज रूप परमात्मा है* तो उस परमात्मा द्वारा जो नॉलेज प्राप्त हो रही है वो सब मनुष्यों के लिये जरुरी है।
° सभी को यह नॉलेज लेने का अधिकार है। भल ज्ञान न भी उठा सके, परन्तु सबका पिता होने कारण उनसे *योग लगाने से* फिर भी पवित्र अवश्य बनेंगे। इस *पवित्रता के कारण अपने सेक्शन में पद अवश्य पायेंगे* (योग को तो सभी मानते, और मुक्ति लिए भी सजाओं से मुक्त होने की शक्ति इस योग द्वारा ही मिल सकती।)

17. ज्ञान अमृत है ही ज्ञान _____ के पास। शास्त्र पढ़ने से तो कोई पतित से पावन बन नहीं सकते। दूसरो को समझाने की बच्चों में नम्बरवार _____ रहती है। नम्बरवार में रहते हैं।
°सागर, ताकत, याद

18. महारथियों को भाषण पर बुलाते। तो *महाराजाओं* को क्या समझा सकते? (2)
° तुम ही पहले *पावन पूज्य* थे, अभी तो यह है ही पतित दुनिया। पावन दुनिया में तुम भारतवासी *आदि सनातन देवी-देवता धर्म के डबल सिरताज* सम्पूर्ण निर्विकारी थे। महारथियों को तो ऐसे समझाना होगा ना।
° इस नशे से समझाना होता है। भगवानुवाच-काम चिता पर बैठ सांवरे बन जाते हैं फिर *ज्ञान चिता पर बैठने से गोरा* बनेंगे।

19. *चित्र* तो बहुतों के काले बनाते हैं (रामचन्द्र, श्रीनाथ आदि) उनसे पूछना चाहिए- *काला क्यों बनाया है?* कह देंगे यह तो ईश्वर की भावी। यह तो चलता आता है। तो उन्हें क्या समझा सकते? (4)
° बाप समझाते हैं *काम चिता* पर बैठने से पतित दु:खी वर्थ नाट ए पेनी बन जाते हैं। वह है *निर्विकारी* दुनिया। यह है विकारी दुनिया।
° ऐसे-ऐसे समझाना चाहिए। यह *सूर्यवंशी* , यह चन्द्रवंशी फिर *वैश्य वंशी* बनना ही है (वाम मार्ग)।
° जो *सतोप्रधान गोरे थे* , वही काम चिता पर बैठने से काले तमोप्रधान बने हैं।
° वह है *गोल्डन एज* , यह है *आइरन एज*। कट चढ़ जाती है ना। अभी तुम्हारी *कट उतर रही* है। (जो याद करते)

20. वास्तव में पावन बन फिर पावन दुनिया में जाना है। परन्तु कई समझते हैं फलाने ने *मोक्ष* को पाया। इसके लिए बाबा ने कौन-सा तर्क सुनाया?
° उनको *क्या पता* , अगर मोक्ष को पा लिया फिर तो उनका *क्रियाकर्म* आदि भी नहीं कर सकते। (यहाँ ज्योत आदि जगाते हैं कि उनको कोई तकलीफ न हो। अंधियारे में ठोकरें न खायें। आत्मा तो एक शरीर छोड़ दूसरा जाकर लेती है, एक सेकण्ड की बात है। अंधियारा फिर कहाँ से आया?)

21. *रिद्धि-सिद्धि* की बातों में कुछ रखा नहीं। इसके लिए बाबा ने कौन-सी वन्डरफुल बात सुनाई?
° समझो कोई को *पंख* आ जाते हैं, उड़ने लगते हैं – फिर क्या, *उससे फायदा क्या* मिलेगा? बाप तो कहते हैं मुझे *याद करो तो विकर्म विनाश होंगे* (और अनादि गुण जागृत होंगे!)

22. कृष्ण को *योगेश्वर* क्यों कहते?
° *ईश्वर* की याद ( *योग* ) से कृष्ण बना है। (उनको स्वर्ग में योगेश्वर नहीं कहेंगे। वह तो प्रिन्स है। पास्ट जन्म में ऐसा कर्म किया है, जिससे यह बना है।)

Answers from Sakar Murli 20-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-08-2020*

1. साइलेन्स की _____ से निगेटिव को पॉजिटिव में परिवर्तन करो।
°पॉवर

2. रायल कुल में *फर्स्ट जन्म* के सम्बन्ध में समीप कौन-से बच्चे आते हैं? (2)
° वही बच्चे जो यहाँ बाप के गुण-संस्कारों के *समीप* हैं, सर्व सम्बन्धों से बाप के *साथ* का वा *समानता* का अनुभव करते हैं।
° वही आयेंगे जो आदि से अब तक *अव्यभिचारी* और *निर्विघ्न* रहे हैं। (विघ्नों के ऊपर सदा विजयी, विघ्न-विनाशक)

3. हमे किन-किन बातों की *अथाह खुशी* होनी चाहिए? (5)
° हमको सदैव खुशी क्यों नहीं होनी चाहिए। जबकि *ऊंच ते ऊंच बाप के बने* हैं।
° *घर (और राजधानी) को याद* कर खुश होना चाहिए।(मनुष्य मुसाफिरी कर घर लौटते हैं तो खुशी होती है ना। हम आत्माओं का भी घर है मूलवतन। कितनी खुशी होती है।)
° *यह है पुरुषोत्तम संगमयुग* । बाबा हमको पुरूषोत्तम बना रहे हैं। यह याद रहे तो भी खुशी रहे। *भगवान पढ़ाते हैं, विश्व का मालिक बनाते* हैं।
° यह आन्तरिक खुशी रहनी चाहिए कि हमको बागवान-पतित पावन का हाथ मिला है, हम *शिवबाबा से ब्रह्मा द्वारा हैण्ड-शेक* करते हैं।
° हम इस *पढ़ाई से स्वर्ग की पटरानी* बनते हैं – इसी आन्तरिक खुशी में रहना है।

4. किस बात का *नशा* होना चाहिए?
° अन्दर में नशा रहना चाहिए – हम *शिवबाबा के साथ आये हैं* दैवी राज्य स्थापन करने, *सारे विश्व को स्वर्ग बनाने* ।

5. बाप को सब पुकारते हैं क्योंकि उनसे शान्ति और सुख का _____ मिलता है। दुनिया में कोई भी 84 जन्मों की हिस्ट्री-जॉग्राफी नहीं जानते। अभी बाप ने आकर सारी _____ कहानी समझाई है। अभी तुम बच्चे जानते हो यह दुनिया बदल रही है। यह _____ का युग है, जबकि नई दुनिया स्थापन हो रही है। मनुष्यों को भी बदलना है। जरूर ______ वाले मनुष्य चाहिए। तुम कितने _____ थे। भल इस समय पैसे कौड़ी हैं परन्तु यह तो कुछ है नहीं। कौड़ियां हैं।
°वर्सा, जीवन, गीता, दैवी गुणों, साहूकार

6. तुम ______ हो जो पार जाती हो। तुम जानते हो हमको इस मायावी दुनिया से पार जाना है।तुम _____ करते हो – सतोप्रधान दुनिया में जाने का।
°नईया, पुरुषार्थ

7. जबकि बचड़ेवाल-बाबा हमारी सेफ्टी की इतनी सम्भाल करते (पोतामेल देखना, किस बच्चे को कहाँ भेजना, आदि) की बच्चे विकारों रूपी माया के चम्बे से बचे। तो हमें भी *पुण्य आत्मा जरूर बनना है*, इसके लिए क्या करना हैं? (2)
1. *श्रीमत* पर सदा चलते रहो। *याद* की यात्रा में ग़फलत नहीं करो।
2. *आत्म-अभिमानी* बनने का पूरा-पूरा पुरूषार्थ कर काम महाशत्रु पर *जीत प्राप्त करो*। (यही समय है – पुण्यात्मा बन इस दु:खधाम से पार सुखधाम में जाने का।)

8. बाप को पुकारते हैं कि हमारे दु:ख दूर करो। तुम समझते हो दु:ख दूर सब होने हैं। *दुःख दूर करने का एकमात्र उपाय* कौन-सा है?
° सिर्फ *बाप को याद* करते रहो। (हम दु:ख हर्ता सुख कर्ता के बच्चे है, अब दु:खी नहीं होना है।)

9. याद बढ़ाने की सर्वश्रेष्ठ युक्ति है – चार्ट रखना। तो अपने *चार्ट* में क्या-क्या देखना है? (3)
° अपने आपको देखना है कि *याद का चार्ट ठीक है?* कहाँ तक बाबा को याद करते हैं? (बाबा के पास कोई का 5 घण्टे का, कोई का 2-3 घण्टे का भी चार्ट आता। कोई तो लिखते ही नहीं हैं। बहुत कम याद करते हैं।)
° हर एक को अपना चार्ट देखना है *- मैं कहाँ तक पद पा सकूँगा?*
° कहाँ तक *खुशी का पारा* चढ़ता है? हमको सदैव खुशी क्यों नहीं होनी चाहिए?

10. बस घर और राजधानी याद रहे। परन्तु यहाँ बैठे भी कोई-कोई को अपने कारखाने आदि याद रहते हैं। बाबा ने यहां कौन-सा हंसी का *उदाहरण* दिया?
° जैसे देखो *बिड़ला* है, कितने उनके कारखाने आदि हैं। सारा दिन उनको ख्यालात रहती होगी। उनको कहें बाबा को याद करो तो कितनी उनको अटक पड़ेगी। घड़ी-घड़ी धन्धा याद आता रहेगा।

11. यहां नदी में मूर्ति डुबोने जाते हैं, अर्थी को भी ले जाते। (हरीबोल, हरीबोल कर डुबो देते)। और वहां *सतयुग में नदी पर* क्या करते? (नशे की बात!)
° तुम जानते हो यह *जमुना का कण्ठा* था, जहाँ *रास विलास* आदि करते थे। वहाँ तो *बड़े-बड़े महल* होते हैं।

12. *कुमार-कुमारियों* के लिए बहुत सहज है, इसलिए परमात्मा को कन्हैया भी कहते। (इतनी कन्यायें जरूर शिवबाबा की होगी।) तो उन्हें *क्या सोचना* है? (याद से सम्बंधित)
° देह सहित देह के सब सम्बन्ध छोड़ अपने को आत्मा समझ *शिवबाबा का बन जाना* है।
° *शिवबाबा को ही याद* करते रहना है क्योंकि पापों का बोझा सिर पर बहुत है।
° अभी तुम इस पढ़ाई से पटरानी बन रहे हो, इसमें *पवित्रता* भी मुख्य चाहिए। (दिल तो सबकी होती है, हम जीते जी शिवबाबा का बन जायें। शरीर का भान न रहे। हम अशरीरी आये थे फिर अशरीरी बनकर जाना है। बाप के बने हैं तो बाप के सिवाए दूसरा कोई याद न रहे।)

13. *नये को* पहले-पहले क्या समझाना है? *बड़ो-बड़ों को* कैसे समझाना है? बाबा के बच्चे *कोने-कोने में* है (विदेश में भी), उनके लिए क्या करना है?
° (नये को) एक हद के, दूसरा *बेहद के बाप का परिचय* देना है। बेहद के *बाप से स्वर्ग (बहिश्त) नसीब होता* है।
° (बड़ो-बड़ों को समझाने), *आपस में मिलकर राय* करनी है कि सर्विस की वृद्धि कैसे हो। विहंग मार्ग की सर्विस कैसे हो।
° कोने-कोने में जाना चाहिए। विलायत में भी।

14. पास्ट में दान-पुण्य किया है तो भी बहुत *पैसा* मिलता है। फिर ज्ञान-योग का पुरुषार्थ क्यों करना है? (4)
° वह दान-पुण्य है एक जन्म की बात। यहाँ तो *जन्म-जन्मान्तर के लिए* साहूकार बनते हैं।
° जिनको बहुत धन है वह फिर बहुत फंसे हुए हैं ( *लोभ* )। कभी ठहर न सके। कोई साधारण गरीब ही सरेन्डर होंगे। साहूकार कभी नहीं होंगे।
° जैसे बहुत दान जो करते हैं तो वह राजा बनते हैं। परन्तु *एवरहेल्दी* तो नहीं हैं।
° राजाई की तो क्या हुआ, *अविनाशी सुख नहीं* है। यहाँ कदम-कदम पर अनेक प्रकार के दु:ख होते हैं। वहाँ यह सब दु:ख दूर हो जाते हैं।

15. तुम जानते हो बाप हमको राजयोग सिखा रहे हैं। हम पुरुषार्थ कर रहे हैं। इसमें *संशय क्यों नहीं* हो सकता? किसको संशय हो तो क्या समझा सकते?
° (संशय क्यों नहीं) हम *(इतने सारे) बी.के.* राजयोग सीख रहे हैं। झूठ थोड़ेही बोलेंगे।
° कोई को यह संशय आये तो समझाना चाहिए, यह तो *पढ़ाई* है। *विनाश* सामने खड़ा है। हम हैं *संगमयुगी ब्राह्मण चोटी*। प्रजापिता ब्रह्मा है तो जरूर ब्राह्मण भी होने चाहिए। (तुमको भी समझाया है तब तो निश्चय किया है।)

Answers from Sakar Murli 19-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-08-2020*

1. ब्राह्मण जीवन का ____ उमंग-उत्साह है इसलिए किसी भी परिस्थिति में उमंग-उत्साह का _____ कम न हो।
°सांस, प्रेशर

2. तुमको अविनाशी ज्ञान _____ का दान मिलता है, जिससे तुम साहूकार बनते हो। तुम बच्चे इस पढ़ाई से ____ -पति बनते हो। सोर्स ऑफ इनकम है ना। इन ज्ञान रत्नों को तुम _____ करते हो। झोली भरते हो।
°रत्नों, पद्म, धारण

3. *ओम् शान्ति* कौन-कौन कहते? (3)
° एक *सुप्रीम आत्मा (शिवबाबा)* कहते हैं ओम् शान्ति।
° दूसरा यह दादा ( *ब्रह्मा बाबा*) कहते हैं ओम् शान्ति। (शिवबाबा और ब्रह्मा बाबा दोनों को हक है बच्चे-बच्चे कहना)
° फिर तुम *बच्चे* भी कहते हो हम आत्मा शान्त स्वरूप हैं, रहने वाले भी शान्ति देश के हैं। स्थूल देश में पार्ट बजाने आये। (तो शरीर द्वारा लड़ना नहीं है, भाई-भाई से। )

4. आखिर *वह दिन* आया आज। कौन-सा दिन? (4)
° जो *बाप आया है* पढ़ाने।
° बाबा *दु:ख हरकर सुख देते*। (हर एक मनुष्य सुख-शान्ति ही पसन्द करते हैं।)
° जब तुम पुराने भक्तों के पुकार की *सुनवाई* होती है। जब भगवान *भक्ति का फल* देता है। (भक्तों को देवता बनाता!)
° *पुरुषोत्तम संगमयुग का दिन*। जब तुम उत्तम से उत्तम पुरूष बन रहे हो (उत्तम ते उत्तम पुरुष हम ही थे!)

5. जबकि सुखदाता श्री श्री शिवबाबा हमें *श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ श्रीमत* देते विश्व का मालिक बनाने। (जहाँ अप्राप्त कोई वस्तु नहीं, आधाकल्प प्योरिटी-पीस-प्रासपर्टी सम्पन्न दैवी राज्य, जमुना के कण्ठे पर परिस्तान!), तो ऐसी श्रीमत पर जरूर चलना है। बाबा *पहली-पहली मत* कौन-सी देते? _(आज की मुरली अनुसार)_
° पहली-पहली मत देते हैं – *देही-अभिमानी बनो*। (बाबा हम आत्माओं को पढ़ाते हैं। यह पक्का-पक्का याद करो। यह अक्षर याद किया तो बेड़ा पार है। बच्चों को समझाया है, तुम ही 84 जन्म लेते हो। तुम ही तमोप्रधान से सतोप्रधान बनते हो।)

6. जबकि सर्वशक्तिमान्-पतित पावन खिवैया-बागवान *शिवबाबा हमे पढ़ाते* (जो सद्गति-दाता ज्ञान-सागर बाप है।), तो अच्छी रीति पढ़कर *दैवी कर्म करने है* । कौन-सा एक भ्रष्ट कर्म बिल्कुल नहीं करना चाहिए?
° “जुआ”। बहुत मनुष्यों में जुआ खेलने की आदत होती है, यह भ्रष्ट कर्म है क्योंकि हारने से दु:ख, जीतने से खुशी होगी। ऐसा कोई भी कर्म नहीं करना है जिसमें टाइम वेस्ट हो। सदा *बेहद की जीत (माया पर जीत!)* पाने का पुरुषार्थ करो।

7. *सुप्रीम बाप आया है साथ ले जाने लिए* (शिव की बरात!) तो इसके लिए मुख्य कौन-सा पुरूषार्थ है?
° *आत्मा को पवित्र बनाना*। आत्मा ही पवित्र बन पार जाती है। उड़ती है। (इसलिए कहते कि अन्त में बाप आकर सबको *पवित्र बनाए* साथ ले जाते।)

8. _____ कितना प्यार से बैठ समझाते हैं। तुम बच्चों को भी नम्बरवार _____ अनुसार निश्चय है। थोड़ा टाइम भी चाहिए ना, _____ बनने के लिए। जो अच्छी रीति इन बातों को समझेंगे, तुम फील करेंगे यह हमारे ____ का है।
°बाप, पुरुषार्थ, पावन, कुल

9. जब बाप के साथ सर्व सम्बन्ध जोड़ लिए तो और किसी में ____ कैसे हो सकता। मनमनाभव की _____ द्वारा बन्धनों के _____ को समाप्त करने वाले नष्टोमोहा स्मृति स्वरूप भव।
°मोह, विधि, बीज

10. *बड़ के झाड़* का मिसाल बाबा क्यों देते?
° क्योंकि उसमें थुर है नहीं। बाकी सारा झाड़ खड़ा है। वैसे इस समय भी *देवी-देवता धर्म का फाउन्डेशन* है नहीं। बाकी सारा झाड़ खड़ा है। (था जरूर परन्तु प्राय: लोप हो गया है फिर रिपीट होगा नई दुनिया में।)

11. वैकुण्ठ के खेल-पाल देखना, *भक्ति में साक्षात्कार* आदि करना। इसमें कोई प्राप्ति नहीं है। कैसे?
° (मीरा का मिसाल) साक्षात्कार किया, परन्तु उससे *स्वर्ग में तो नहीं जा सकते* । गति-सद्गति तो संगम पर ही मिल सकती है। (इस पुरूषोत्तम संगमयुग को तुम समझते हो। हम बाबा द्वारा अब मनुष्य से देवता बन रहे हैं।)

12. शिव जयन्ती के बाद फिर होती है _____ जयन्ती । वह फिर श्री- _____ बनते हैं। फिर चक्कर लगाए अन्त में _______ बनते। बाप आकर फिर _____ बनाते हैं।
°कृष्ण, नारायण, सांवरा (पतित), गोरा

13. बहुत हैं जो *यहाँ सुनकर बाहर गये* तो (पढ़ाई) यहाँ की यहाँ रह जाती है। इसके लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° जैसे *गर्भ जेल* में कहते हैं – हम पाप नहीं करेंगे। बाहर निकले, बस वहाँ की वहाँ रही। थोड़ा बड़ा हुआ पाप करने लग पड़ते।

14. बाबा कहते तुम *काम चिता पर बैठ कब्रिस्तानी* बन पड़े थे। फिर तुमको परिस्तानी बनाते हैं। इसके कौन-से 3 यादगार भक्ति मार्ग में चले आये है?
° श्रीकृष्ण को *श्याम-सुन्दर* कहते हैं – क्यों? बाप कहते हैं काम चिता पर बैठने से आइरन एज में हैं।
° (एक कहानी में) गाया हुआ भी है, *सागर के बच्चे* काम चिता पर जल मरे। अब बाप सब पर ज्ञान वर्षा करते हैं। फिर सब चले जायेंगे गोल्डन एज में।
° *भस्मासुर* भी नाम है।

Answers from Sakar Murli 18-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-08-2020*

1. ______ के अन्दर चलना माना मर्यादा पुरूषोत्तम बनना।
°मर्यादा

2. _(वरदान)_ जीवन में ड्रामा अनुसार समस्यायें व परिस्थितियां तो आनी ही हैं। तो उन *नजारों को पार करने* लिए क्या नहीं करना है? और क्या करना है?
° (क्या नहीं करना) यदि *करेक्शन* करने लग जाते हो तो बाप की याद का *कनेक्शन* लूज हो जाता है और *मनोरंजन* के बजाए *मन को मुरझा* देते हो।
° (क्या करना है) इसलिए *वाह नजारा वाह* के गीत गाते आगे बढ़ो अर्थात् *सदा विजयी भव के वरदानी* बनो।

3. सब कहते हैं हमको शान्ति कैसे मिले। तो *शान्ति कहां* होती है? (2)
° वह तो *शान्तिधाम में* मिलती है।
° और *सतयुग में* एक धर्म होने कारण वहाँ अशान्ति होती नहीं। (अशान्ति होती है रावण राज्य में)।

4. *लाइट का ताज* सिर्फ किसको दे सकते? *अमरलोक* क्यों कहते?
° (लाइट का ताज) *देवी-देवताओं को* ही!
° (अमरलोक क्यों) क्योंकि वहाँ मरने का अक्षर नहीं। यहाँ तो बैठे-बैठे अचानक मर जाते, इसको मृत्युलोक उसको अमरलोक कहा जाता है। *पुराना एक शरीर छोड़ फिर बालक बन जाते* हैं। रोग होता नहीं। कितना फायदा होता है। श्री श्री की मत पर तुम एवरहेल्दी बनते हो।

5. यह बेहद का ड्रामा है। इसमें *सबसे मुख्य पार्ट* किसका है? _(आज की मुरली अनुसार)_
° *तुम्हारा* है सबसे मुख्य पार्ट बाप के साथ, जो *तुम पुरानी दुनिया को नई बनाते* हो।

6. अपने को आत्मा समझ *बाप को याद* करने से ही मायाजीत-पवित्र-सतयुगी देवता बन सतोप्रधान-सदैव सुखी जीवन की तकदीर प्राप्त होती (और विश्व का भी कल्याण होता)। तो ऐसा पदम भाग्यशाली हमे बनाने, *आज बाबा ने याद की कौन-सी अनोखी युक्ति* सुनाई?
° यह तो अपने पास *लिख दो*। बांह पर नाम लिखते हैं ना। तुम भी लिख दो – *हम आत्मा हैं, बेहद के बाप से हम वर्सा ले रहे* हैं क्योंकि माया भुला देती है इसलिए लिखा हुआ होगा तो *घड़ी-घड़ी याद रहेगी* ।

7. तुम यहाँ 10-15 मिनट बैठते हो, उनमें भी _____ करो – याद में अच्छी रीति रहते हैं? _____ सुनाना तो अच्छा ही है और भी सीखेंगे। _____ में ही मेहनत है। बाकी बीज से झाड़ कैसे निकलता है, वह तो सबको मालूम रहता है। कहते लक्ष्मी नारायण बनेंगे, बाबा कहते तुम्हारे मुख में गुलाब लेकिन इसके लिए _____ भी करनी है।
°जांच, सच, याद, मेहनत

8. बाप ही सबसे ऊंच है, और किसकी महिमा नहीं। *बाप कहते हैं मैं भी यहाँ ही आकर भारत को स्वर्ग सचखण्ड बनाता* हूँ। तो ऐसे बाप के अवतरण के कौन-से *2 यादगार* भक्ति में चले आये हैं?
° लिखा हुआ है *यदा यदाहि…..*
° अभी तुम जानते हो बाप आते हैं जरूर, *शिवजयन्ती* पर।

9. शिवबाबा की कौन-सी *महिमा* आज की मुरली में है? (2)
° शिवबाबा है परमपिता, पतित-पावन।
° बाप तो सत्य है, चैतन्य है, ज्ञान का सागर है। (बिन्दी है)

10. जिनको सेमिनार आदि में बुलाया है, वह ही *राय दे सकते*। _(सही / गलत)_
° *गलत* ( *राय तो कोई भी दे सकते।* ऐसे नहीं कि जिनके नाम हैं उनको ही देनी है। हमारा नाम नहीं है, हम कैसे देवें। नहीं, कोई को भी सर्विस अर्थ कोई राय हो, एडवाइज़ हो लिख सकते। बाबा इस युक्ति से पैगाम दे कल्याण कर सकते।)

11. *दुकानदार* कैसे सेवा कर सकते?
° दुकान में भी *सबको याद कराते रहें*। (भारत में जब सतयुग था तो एक धर्म था। सबका एक बाप है। बाप कहते हैं मामेकम् याद करो तो तुम्हारे विकर्म विनाश हो जाएं। स्वर्ग के मालिक बन जायेंगे। अच्छा!)

12. कदम-कदम पर ____ लेनी चाहिए। अब तुमको मिलती है _____ मत। तुम बच्चे ____ -मत से सारे विश्व को हेविन बनाते हो।
°मत, ईश्वरीय, श्री

13. पुरूषार्थ में पैसे की बात नहीं है। याद में रहना है और आप समान बनाना है। इसका कौन-सा *जबरदस्त उदाहरण* बाबा ने दिया?
° बाबा ने *मम्मा का मिसाल* बताया है – चावल मुट्ठी भी नहीं ला पाई।

14. और यदि पैसे है, तो क्या करना है? (3)
° समझते हैं हमारे पास पैसे पड़े हैं तो क्यों न यज्ञ में सेवा करे। विनाश तो होना ही है। सब व्यर्थ हो जायेगा। इससे कुछ तो *सफल करें*।
° हर एक मनुष्य कुछ न कुछ दान-पुण्य आदि जरूर करते हैं।परन्तु उनसे सब कामनायें तो सिद्ध नहीं होती हैं। यहाँ तो बेहद के बाप द्वारा तुम्हारी *सब कामनायें पूरी* हो जाती हैं।
° तुम बनते हो पावन तो सब पैसे *विश्व को पावन बनाने* में लगाना अच्छा है ना। (थोड़े भी सेन्टर पर आये, तो भी कम बात नहीं।)

15. दुनिया में इतना धन है, बड़े-बड़े महल है, बिजलियाँ हैं, बस *यही स्वर्ग है*। _(सही / गलत)_
° *गलत* (यह सब है *माया का पाम्प* । सुख के लिए साधन बहुत करते हैं। बड़े-बड़े महल मकान बनाते हैं फिर बीमारी वा मौत कैसे अचानक हो जाता, वहाँ मरने का डर नहीं। यहाँ तो अचानक मर जाते हैं फिर कितना शोक करते हैं। फिर समाधि पर जाकर आंसू बहाते हैं।)

16. अब बाप कहते हैं सबकी ______ अवस्था है, पढ़ो न पढ़ो, जाना है जरूर। तैयारी करो न करो, _____ दुनिया जरूर स्थापन होनी है। अच्छे-अच्छे बच्चे जो हैं वह अपनी _____ कर रहे हैं। _____ पद पाना है तो आप समान बनाने की सेवा करो।
°वानप्रस्थ, नई, तैयारी, ऊंच

Answers from Sakar Murli 17-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-08-2020*

1. *डायमण्ड जुबली* मनाना अर्थात्‌ क्या? (2)
° *डायमण्ड* बन, *डायमण्ड* बनने का मैसेज देना।

2. सन्तुष्टता द्वारा सर्व से प्रशन्सा प्राप्त करने वाले सदा प्रसन्नचित भव। जब सभी सदा प्रसन्न रहेंगे तब _______ का आवाज गूंजेगा अर्थात् ______ का झण्डा लहरायेगा।
°प्रत्यक्षता, विजय

3. अब मैं ज्ञान सागर तुमको ____ -सागर में ले जाता हूँ। सचखण्ड की स्थापना करने वाला है _____ बाबा। ____ -गुरू तो एक ही है।
°क्षीर, सच्चा, सत

4. मैं संगमयुग पर आकर तुमको _____ आत्मा बनाता हूँ, _____ -बुद्धि। तुम बच्चे समझते हो – अब हमारी _____ कला होती है। अब बाप कहते हैं – मीठे-मीठे बच्चों, मेरा बनकर फिर मेरी ____ पर चलो। एक सत का _____ ही पार करता है, बाकी सब डुबोते हैं।
°पुण्य, पारस, चढ़ती, मत, संग

5. गीत:- जो पिया के साथ है…। तो हम *कौन-से पिया के साथ* है? उनकी *ज्ञान वर्षा* से क्या होता?
° (कौन-से पिया) जो रूहानी बाप, परमपिता परमात्मा, शिवबाबा है। वही *ज्ञान का सागर* , सर्व का सद्गति दाता है।
° (ज्ञान वर्षा) इस धरती को फिर से *सब्ज, सुख से भरपूर नई दुनिया-स्वर्ग* कर देते। (दैवीगुणों वाले निर्विकारी दैवी सम्प्रदाय)

6. हम बच्चों को किस बात की *अथाह खुशी* होनी चाहिए?
° इस गन्दी-करप्ट दुनिया में बाप आये हैं, बच्चों को *स्वर्ग का मालिक बनाने* तो अथाह खुशी होनी चाहिए ना!

7. हम सर्वोत्तम कुल वाले बच्चों का *मुख्य कर्तव्य* क्या है? हर एक *चित्र के नीचे* क्या लिख देना है? *प्रदर्शनी के उद्घाटन* लिए क्या लिख सकते? *घर-घर में* क्या समझा सकते?
° (मुख्य कर्तव्य) सदा *ऊंची रूहानी सेवा* करना। सारे *विश्व को पावन* बनाना, श्रीमत पर *बाप के मददगार* बनना – यही सर्वोत्तम ब्राह्मणों का कर्तव्य है।
° (चित्र के नीचे) पारलौकिक परमपिता परमात्मा *त्रिमूर्ति शिव भगवानुवाच* । (त्रिमूर्ति न लिखने से कहेंगे शिव तो निराकार है, वह कैसे ज्ञान देंगे?)
° (प्रदर्शनी का उद्घाटन) *बाप परमधाम से आये हैं – हेविन का उद्घाटन करने*। बाप कहते हैं मैं हेविनली गॉड फादर हेविन का उद्घाटन करने आया हूँ।
° (घर-घर में) भारतवासी तुम *सतोप्रधान थे* फिर 84 जन्मों बाद तमोप्रधान बने हो। अब फिर *सतोप्रधान बनो* । *मनमनाभव* । (हम जानते हैं अभी यह भक्तिमार्ग की रात पूरी होती है।)

8. राजा *बनना अच्छा* है या दासी बनना अच्छा?
° *राजा* (राजा बनना है तो इस पढ़ाई में लग जाओ)

9. इन शब्दों का *अर्थ* क्या है – सतगुरू अकाल, जप साहेब?
° सतगुरू अकाल….. अर्थात् जिसको *काल नहीं खाता* । (मनुष्य को तो काल खा जाता है।)
° (जप साहेब) बाप कहते हैं *मुझे याद करो* – जप साहेब को। साहेब तो एक है। (वास्तव में तुमको जपना नहीं है, याद करना है। यह है अजपाजाप। मुख से कुछ बोलो नहीं।)

10. मनुष्य दुर्गती में इतने पतित दु:खी *निधनके* क्यों बने? *नम्बरवन अवगुण* कौन-सा है? अभी बाप कौन-सा *आर्डीनेन्स* निकालते? बच्चों को अभी *नये नाम* क्यों नहीं मिलते?
° (निधनके क्यों) बाप ने समझाया है मैं तुम सभी आत्माओं का बाप हूँ। परन्तु *मुझे और मेरे कर्तव्य को न जानने कारण* ही मनुष्य ऐसे बने। (तुम्हारा बाप है या नहीं है?)
° नम्बरवन अवगुण है जो *बाप को नहीं जानते* । (दूसरा अवगुण है अपवित्रता)
° (आर्डीनेन्स) तुम 63 जन्म पतित रहे हो, अब *पावन दुनिया स्वर्ग में चलना चाहते हो तो पवित्र बनो*। (वहाँ पतित आत्मा जा नहीं सकती इसलिए ही मुझ बेहद के बाप को तुम बुलाते हो।)
° (नाम नहीं रखते) क्योंकि यदि *माया जीत लेती है* तो ब्राह्मण से बदल शूद्र बन जाते हैं (ब्राह्मणों की माला तो होती नहीं!)

11. *अमरनाथ* लिए बाबा ने कौन-से 3 तर्क सुनाये?
° जिनको *सूक्ष्मवतन* में दिखाते हो वह फिर स्थूल वतन में कहाँ से आया? (पहाड़ आदि तो यहाँ हैं ना।)
° वहाँ *पतित* हो कैसे सकते? (जो पार्वती को ज्ञान देते हैं।)
° बर्फ का लिंग तो कहाँ भी बना सकते।

12. विश्व में शान्ति तब होती है जब _____ होता है। इस _____ द्वारा ही स्वर्ग के गेट खुलते हैं।
°विनाश, लड़ाई

Answers from Sakar Murli 15-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-08-2020*

1. किसी भी विधि से ______ को समाप्त कर समर्थ को इमर्ज करो।
°व्यर्थ

2. हमको भगवान पढ़ाते हैं। बस _____ में ठण्डे ठार हो जाना चाहिए। बाप की ______ से सब घोटाले निकल जाते हैं। तुम समझते हो हम ब्राह्मण _____ पर पढ़कर विश्व के मालिक बनते हैं। कितनी खुशी होनी चाहिए। यह बाबा तो अभी ही समझते रहते हैं कि हम जाकर ______ बनेंगे। बचपन की वह बातें अभी ही ______ आ रही हैं, चलन ही बदल जाती है।
°खुशी, याद, श्रीमत, बच्चा, सामने

3. *गोप-गोपियाँ* सतयुग में होंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (गोप-गोपियाँ तो तुम हो। सतयुग में तो होंगे प्रिन्स-प्रिन्सेज। गोप-गोपियों का गोपी वल्लभ है ना। यह सब हैं मुख वंशावली।)

4. *कृष्ण पर लव* लक्ष्मी-नारायण से भी जास्ती रहता है (भल वह एक ही है)। क्यों?
° क्योंकि *बचपन है सतोप्रधान अवस्था* ।

5. कल्प पहले भी परमात्मा-शमा ने हम चैतन्य परवाने-आत्मा से मिल भारत को वाइसलेस शिवालय बनाया था (सद्गति-दाता के ज्ञान से सद्गति हुई थी), यह वही *कल्याणकारी समय* चल रहा (पुरूषोत्तम युग, सच्चा-सच्चा भागवत, वा गीता)। फिर भी *एक-एक दिन जास्ती कल्याणकारी* किनका कहेंगे?
° उनका *जो बाप को अच्छी रीति याद कर अपना भी कल्याण करते* रहते हैं।

6. बाबा ने कहा अवस्थायें नीचे-ऊपर होती। यह है बहुत बड़ी कमाई। कभी बहुत खुशी में अच्छे ख्यालात रहते, कभी ठण्डे पड़ते। तो *अवस्था को सदा ऊँची* रखने की एक युक्ति कौन-सी है?
° *सुबह को उठ बाप को याद* करने से बहुत खुशी होती है ओहो! बाबा हमको पढ़ा रहे हैं। वण्डर है। सभी आत्माओं का बाप भगवान हमको पढ़ा रहे हैं।

7. बाबा ने कहा अपने को आत्मा समझ परमात्मा *बाप से बातें* करनी चाहिए। कैसी बातें?
° बाबा हमारा *बाप* भी है, हमको *पढ़ाते* भी हैं फिर हमको *साथ* भी ले जायेंगे। बाबा हमको *अभी मालूम पड़ा है*।

8. बाप कहते हैं कुमारियों को तो बहुत खड़ा होना चाहिए। कौन-से 3 मन्दिर *कुमारियों के यादगार* बाबा ने कहा?
° कुंवारी कन्या, अधर कुमारी, देलवाड़ा आदि जो भी मन्दिर हैं, यह तुम्हारे ही एक्यूरेट यादगार हैं। (वह जड़, यह चैतन्य। तुम यहाँ चैतन्य में बैठे हो, *भारत को स्वर्ग बना रहे* हो।)

9. हम कैसे *बड़ी सुन्दर कहानी* के रूप में किसी को ज्ञान सुनाने की सेवा कर सकते? (3)
° *लांग-लांग 5 हज़ार वर्ष पहले यह भारत सतयुग था*, सिर्फ देवी-देवताओं का ही सूर्यवंशी राज्य था। लक्ष्मी-नारायण का राज्य चला 1250 वर्ष, फिर उन्होंने राज्य दिया दूसरे भाइयों क्षत्रियों को फिर उनका राज्य चला। तुम समझा सकते हो कि *बाप ने आकर पढ़ाया था* । जो अच्छी रीति पढ़े वह सूर्यवंशी बनें। जो फेल हुए उनका नाम क्षत्रिय पड़ा। बाबा कहते हैं *बच्चे तुम मुझे याद करो* तो तम्हारे विकर्म विनाश हो जायेंगे। तुम्हें *विकारों पर जीत* पानी है। बाप ने ऑर्डीनेन्स निकाला है, जो काम पर जीत पायेंगे वही *जगतजीत* बनेंगे।
° *राम राज्य और रावण राज्य* आधा-आधा है। उनकी कहानी बैठ बनानी चाहिए। फिर क्या हुआ, फिर क्या हुआ।
° यही *सत्य नारायण* की कहानी है। सत्य तो एक ही बाप है, जो इस समय आकर सारे आदि-मध्य-अन्त का तुमको नॉलेज दे रहे हैं, जो और कोई दे न सके। (मनुष्य तो बाप को ही नहीं जानते। जिस ड्रामा में एक्टर हैं, उनके क्रियेटर-डायरेक्टर आदि को नहीं जानते। तो बाकी कौन जानेंगे!)

10. बाबा ने *इन्द्रप्रस्थ की नम्बरवार परियां* (नीलम परी, पुखराज परी) किन 2 कारणों से याद की? (2)
° *तुम्हारे में भी कोई हीरे जैसा रत्न है*। देखो रमेश भाई ने ऐसी बात निकाली प्रदर्शनी की जो सबका विचार सागर मंथन हुआ। तो हीरे जैसा काम किया ना। कोई पुखराज है, कोई क्या है! (बाप कहते हैं – विचार सागर मंथन कर युक्तियां निकालो कि कैसे जगायें? जागेंगे भी ड्रामा अनुसार।)
° यहाँ दूसरा कोई आ न सके। *बाप कहते हैं मैं बच्चों को ही पढ़ाता हूँ*। कोई नये को यहाँ बिठा नहीं सकते।

11. हम जब पुजारी बने थे तब मन्दिर बनाये थे, हीरे ______ का। कोई कितना भी माथा मारे, तुम्हारी _______ तो स्थापन होनी ही है। रावण ही तुमको अज्ञान के घोर अन्धियारे में ______ देते हैं।
°माणिक, राजधानी, सुला

12. बाबा तुमको *गीता* ही पढ़कर सुनाते हैं। _(सही / गलत)_
° *गलत*… बाबा तुमको कोई गीता पढ़कर नहीं सुनाते हैं। वह तो *राजयोग की शिक्षा देते* हैं, जिसका फिर भक्ति मार्ग में शास्त्र बनाते हैं तो अगड़म बगड़म कर देते हैं। (तो तुम्हारी मूल बात है कि गीता का ज्ञान किसने दिया! उनका नाम बदली कर दिया है। कृष्ण तो सर्वगुण सम्पन्न देवता है।)

13. भल कितनी भी पोजीशन वाले बड़े-बड़े विद्वान, पण्डित आदि हैं, कहते भी हैं गॉड फादर को याद करते हैं, परन्तु वह *क्या नहीं जानते?*
° भगवान किसको कहा जाता है। कब आया, क्या आकर किया यह सब भूल गये हैं। *बाप सब बातें समझाते* रहते हैं।

14. और धर्म शास्त्र चले आते, विनाश नहीं होते। तुमको तो जो ज्ञान अभी मैं देता हूँ, इनका कोई शास्त्र बनता नहीं है ( *प्रायः लोप* हो जाता)। ऐसा क्यों? (2)
° यह तो तुम लिखते हो यह सब नैचुरल जलकर *खत्म हो जायेंगे*। (संगम के बाद सतयुग की नई शुरूआत है।)
° बाप ने कल्प पहले भी कहा था, अभी भी तुमको कह रहे हैं – यह ज्ञान तुमको मिलता है फिर *प्रालब्ध जाकर पाते हो फिर ज्ञान की दरकार नहीं* रहती।

15. (वरदान) अभी *कैसा समय* आने वाला है? (4) तो अब हमें क्या करना है?
° अभी ऐसा समय आयेगा जब हर आत्मा प्रत्यक्ष रूप में अपने *रीयल्टी द्वारा रॉयल्टी का साक्षात्कार* करायेगी।
° प्रत्यक्षता के समय माला के मणके का *नम्बर* और भविष्य राज्य का *स्वरूप* दोनों ही *प्रत्यक्ष* होंगे।
° अभी जो रेस करते-करते थोड़ा सा रीस की धूल का पर्दा चमकते हुए हीरों को छिपा देता है, अन्त में यह पर्दा हट जायेगा फिर *छिपे हुए हीरे अपने प्रत्यक्ष सम्पन्न स्वरूप में आयेंगे*
° *रॉयल फैमली* अभी से अपनी *रायॅल्टी दिखायेगी* अर्थात् अपने भविष्य पद को स्पष्ट करेगी।
° (क्या करना है) इसलिए *रीयॅल्टी द्वारा रायॅल्टी* का साक्षात्कार कराओ

Answers from Sakar Murli 14-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-08-2020*

1. समय की सूचना है – ______ बनो ______ बनो।
°समान, सम्पन्न

2. *महावीर विजयी बच्चे* क्या नहीं करते? (2) और क्या करते हैं? (2)
° महावीर विजयी बच्चे पेपर को देखकर *घबराते नहीं* क्योंकि त्रिकालदर्शी होने के कारण जानते हैं कि हम *कल्प-कल्प के विजयी हैं* ।
° महावीर कभी ऐसे नहीं कह सकते कि बाबा हमारे पास *माया को न भेजो – कृपा करो,* आशीर्वाद करो, शक्ति दो, क्या करूं कोई रास्ता दो….यह भी कमजोरी है। महावीर तो *दुश्मन का आह्वान करते हैं कि आओ और हम विजयी बनें।*

3. बाप का *बड़ा मीठा और वन्डरफुल पार्ट* है। क्या? (खुद बाबा के शब्दों में)
° बहुत समय से याद करते आये हो तो *बाप भी खुशी से आता* है। जानते हैं मैं जाता हूँ बच्चों के पास (पराई राजधानी में)। जो बच्चे काम चिता पर बैठ जल गये हैं उन्हों को अपने *घर भी ले आऊं* और फिर *राजाई में भेज* दूँ। उसके लिए *ज्ञान से श्रृंगार* भी करूँ।
° सारी पुरानी दुनिया को *हेविन बनाने* आते हैं और *ज्ञान देते* हैं। (ज्ञान-सागर जरूर ज्ञान देने का कर्तव्य करेंगे।) फिर *तुमसे कराते* भी हैं कि औरों को भी मैसेज दो। मैं *श्रीमत देता* हूँ।
° बाप कहते हैं – बच्चे, मैं आकर *सतयुगी आदि सनातन देवी-देवता धर्म* की स्थापना करता हूँ, जिसमें *100 प्रतिशत सुख-शान्ति-पवित्रता* सब है इसलिए उनको हेविन कहा जाता है। वहाँ दु:ख का नाम नहीं है। बाकी जो भी सब धर्म हैं उन सबका विनाश कराने निमित्त बनता हूँ। सतयुग में होता ही *एक धर्म* है। वह है *नई दुनिया* । पुरानी दुनिया को खत्म कराता हूँ। ऐसा धन्धा तो और कोई नहीं करते हैं।
° सब आत्मायें भी मच्छरों मिसल जायेंगी। शिव की बरात है ना। तुम सब हो ब्राइड्स। *मैं ब्राइडग्रूम आया हूँ सबको ले जाने।* तुम छी-छी हो गये हो इसलिए श्रृंगार कर साथ ले जाऊंगा। जो श्रृंगार नहीं करेंगे तो सज़ा खायेंगे। जाना तो है ही।

4. और बाबा मुख्य हमे क्या *पुरुषार्थ* करने लिए कहते? (3)
° कहते हैं हे बच्चे *मामेकम् याद* करो तो विकर्म विनाश होंगे और चले जायेंगे अपने घर। फिर बड़ी यात्रा होगी अमरपुरी की।
° *आत्मा समझ* बाबा को याद करो।
° बाप सबके लिए कहते हैं कि अब *देह का भान छोड़* मुझे याद करो तो विकर्म विनाश होंगे।

5. जबकि बाबा हमारे पास इतनी खुशी से आते, तो हमें *क्या करना* है? (5)
° बच्चे भी *बाप से जास्ती खुश* होने चाहिए। बाप जबकि आये हैं तो *उनका बन* जाना चाहिए। उनको बहुत *लव* करना चाहिए।
° आत्मा *(अपने से) बात* करती है ना। बाबा 5 हज़ार वर्ष बाद ड्रामा अनुसार आप आये हैं, हमको बहुत खुशी का खज़ाना मिल रहा है। बाबा आप हमारी *झोली भर* रहे हैं, हमको अपने *घर शान्तिधाम में ले चलते* हैं फिर *राजधानी में भेज* देंगे। कितनी अपार खुशी होनी चाहिए।
° *खुशी होती* है कि हम पूज्य से पुजारी बने, अब फिर पूज्य बनते हैं। कितनी *खुशियाँ मनाते* हैं।
° बच्चों को *नशा* बहुत रहना चाहिए। बाप पर बहुत लव होना चाहिए।
° औरों को भी *मैसेज दो* । (देवी-देवता धर्म के पत्ते, शिव-देवताओं के भक्त आयेंगे।)

6. हर एक लिखत में यह जरूर लिखना है – _________ ऐसे समझाते हैं। बाबा कहते हैं एक-एक पेज़ में जहाँ-तहाँ नाम जरूर हो। _______ हम बच्चों को समझाते हैं। मुख्य-मुख्य प्वाइंट किताब में ऐसी क्लीयर लिखी हुई हो जो पढ़ने से आपेही ज्ञान आ जाए। _____ भगवानुवाच होने से पढ़ने में मज़ा आ जायेगा। रंगीन चित्र का किताब ऐसा हो जो मनुष्य देखकर _____ हो जाएं।
°शिवबाबा, शिवबाबा, शिव, खुश

7. बाबा ने आज कौन-से *चित्रों* को याद किया? (3)
° ( *त्रिमूर्ति* ) यह तो उनका रथ है, यह बहुत जन्मों के अन्त का जन्म है। इनमें प्रवेश किया है। ब्रह्मा द्वारा यह ब्राह्मण बनते हैं फिर मनुष्य से देवता बनते हैं। चित्र कितना क्लीयर है।
° भल *अपना भी साधारण और डबल सिरताज वाला चित्र* हो। योगबल से हम ऐसे बनते हैं। ऊपर में शिवबाबा। उनको याद करते-करते मनुष्य से देवता बन जाते हैं।)
° *गीता के भगवान* वाला चित्र है मुख्य।

8. बाबा स्वदर्शन चक्रधारी तो ठहरे। साथ में बाबा को *कमल फूल समान* भी बनना है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बाबा तो ऐसे नहीं कहेंगे कि मुझे कमल फूल समान बनना है। सतयुग में तुम कमल फूल समान ही रहते हो।)

9. सतयुग में *दीपमाला* आदि लक्ष्मी को बुलाने के लिए होती है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (दीपमाला होती है *कारोनेशन पर* ।)

10. अभी हर कर्म _____ -युक्त करना है, _____ को ही दान देना है। पाप आत्माओं से अब कोई पैसे आदि की लेन-देन नहीं करनी है। ______ -बल से सब पुराने हिसाब-किताब चुक्तू करने हैं।
°ज्ञान, पात्र, योग

11. बाबा क्यों कहते कि *योगबल से हिसाब-किताब चुक्तू करो*? (2)
° नहीं तो सजा होती जैसेकि जन्म-जन्मान्तर का दु:ख भोग रहा हूँ। वह दु:ख की फीलिंग ऐसी होती है। *जन्म-जन्मान्तर के पापों की सज़ा* मिलती है।
° जितनी सज़ायें खायेंगे उतना *पद कम* हो जायेगा इसलिए बाबा कहते हैं योगबल से हिसाब-किताब चुक्तू करो। याद से जमा करते जाओ। नॉलेज तो बहुत सहज है।

12. प्रजापिता ब्रह्मा के इतने बच्चे हैं, तो जरूर यहाँ _______ होते होंगे। यही पतित से पावन _______ बनते हैं इसलिए फिर ब्रह्मा देवता कहा जाता है। जिससे देवी-देवता ______ स्थापन होता है। यह बाबा भी देवी-देवता धर्म का पहला _____ बनता है।
°एडाप्ट, फरिश्ता, धर्म, प्रिन्स

13. कौन-कौन सी रोचक *पॉइंट्स* भी सुना सकते? (8)
° *कल्प पहले भी ऐसे हुआ था।* यह सेमीनार आदि भी ऐसे ही कल्प पहले हुए थे। ऐसी प्वाइंट्स निकली थी। आज का दिन जो पास हुआ अच्छा हुआ फिर कल्प बाद ऐसे ही होगा।
° जिस्मानी पण्डे हो। अब *रूहानी पण्डे* बनो।
° *एक ही समय है* जबकि तुम आदि-मध्य-अन्त को जानते हो।
° सन्यासियों का है हठयोग। यह है *राजयोग* ।
° पैगम्बर वा *मैसेन्जर सिर्फ एक बाप* को कहेंगे। बच्चे तो सब हैं ऑल ब्रदर्स। और सब धर्म स्थापन करने आते हैं। बाप तो स्थापना और विनाश दोनों कराते हैं।
° *ब्रह्मा सो विष्णु, विष्णु सो ब्रह्मा* (दोनों यहाँ हैं। ब्रह्मा बोल सकते, विष्णु बोल सकते हैं? सूक्ष्मवतन में क्या बोलेंगे। यह सब समझने की बातें हैं।)
° बाबा ने कहा था मैगज़ीन में भी डालो – यह लड़ाई लगी, *नथिंग न्यु* । 5 हज़ार वर्ष पहले भी ऐसे हुआ था।
° ब्राह्मण देवी-देवता नम: कहते हैं। कौन से ब्राह्मण? तुम ब्राह्मणों को भी समझा सकते हो *ब्रह्मा की औलाद कौन* हैं?