Answers from Sakar Murli 01-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-08-2020*

1. रीयल _____ बनकर अपने वायब्रेशन की _चमक_ विश्व में फैलाओ। (स्लोगन)
°डायमण्ड

2. हम अभी सतयुगी नये जन्म में जाते हैं। *सतयुग* की कौन-सी एक नई बात आज बाबा ने सुनाई?
° स्वर्ग में कोई गन्दी चीज़ होती नहीं, जिसमें हाथ-पांव अथवा कपड़े आदि *मैले* हों। देवताओं की कैसी सुन्दर पहरवाइस है। कितने फर्स्ट क्लास कपड़े होंगे। *धोने की भी दरकार नहीं* । (इनको देखकर कितनी खुशी होनी चाहिए। आत्मा जानती है भविष्य 21 जन्म हम यह बनेंगे। ऐसे बाबा के हम बच्चे फिर रोते क्यों हैं! हमको कोई फिक्र थोड़ेही होना चाहिए।)

3. हमें खुशी हैं स्वयं पतित-पावन सर्व का सद्गति दाता, बेहद का बाप / सुप्रीम टीचर हमें नर्कवासी से स्वर्गवासी बनाते। इसका *बहुत सहज रास्ता* कौन-सा बताया? (3) नम्बरवन दैवीगुण *पवित्रता धारण करने की वन्डरफुल युक्ति* कौन-सी सुनाई? जब *सम्पूर्ण पवित्र* बन जाएंगे, तो क्या होगा?
° (बहुत सहज रास्ता) सिर्फ *याद* करना है और अपने में *दैवीगुण* धारण करने हैं। अपनी *जांच* रखनी है।
° (पवित्रता धारण करने की वन्डरफुल युक्ति) बाप ने तुम बच्चों को स्मृति दिलाई है कि तुम *आदि सनातन देवी-देवता धर्म वाले थे* (हम ही पूज्य थे), चक्र खाकर आये अब फिर तुमको *वही बनना है*। यह मीठी स्मृति आने से पवित्र बनने की हिम्मत आती है। (अब हियर नो ईविल…….)
° (सम्पूर्ण पवित्र) आत्मा पवित्र बन जाती है तो फिर अपवित्र शरीर को छोड़ना पड़ता है। सब आत्माओं को पवित्र होकर जाना है। पवित्र दुनिया अब स्थापन हो रही है।

4. बाप की याद के साथ-साथ *घर को भी याद* जरूर करना चाहिए। क्यों? कैसे?
° क्योंकि अब *वापिस* घर जाना है।
° (कैसे घर को याद करना) *घर में ही बाप* को याद करना है।
° भल तुम जानते हो बाबा इस तन में आकर हमको सुना रहे हैं परन्तु *बुद्धि* परमधाम स्वीट होम से टूटनी नहीं चाहिए। टीचर घर छोड़कर आते हैं, तुमको पढ़ाने। पढ़ाकर फिर बहुत दूर चले जाते हैं।

5. बाप ने हमे बोलते-चलते *स्वदर्शन चक्रधारी बनने की स्मृति* क्यों दिलाई है? स्वदर्शन चक्र फिरते रहने से क्या *प्राप्तियां* है? (3)
° अब स्मृति आई है, *सिमरण करने* के लिए।
° (प्राप्तियां) स्वदर्शन चक्र फिरते रहने से *विकर्म विनाश* हो जायेंगे। तुम इस *रावण पर जीत* पा लेंगे। *आसुरीपना खत्म* होता है।

6. यह है बिल्कुल नई ____ । तुमने ही यह सुनी थी और पद पाया था और कोई नहीं जानते। तुमको ____ परमपिता परमात्मा सिखला रहे हैं। अभी तुम ब्रह्मा की सन्तान ब्राह्मण वंशी हो। तुम ईश्वरीय _____ बने हो। ईश्वर बैठ तुमको शिक्षा देते हैं। अभी तुम देवी-देवता बन रहे हो। यह सारा दिन _____ करते रहो तो भी तुम्हारा बहुत कल्याण है। उनको बागवान कहा जाता है। देवी-देवता धर्म का _____ शिवबाबा ने ही लगाया है।
°पढ़ाई, राजयोग, औलाद, सिमरण, बीज

7. हमारी *मुख्य रूहानी सर्विस* क्या है? (5)
° बाप से शिक्षा लेकर पतित से पावन बनना और दूसरों को भी *पावन बनने का रास्ता बताना*।
° पहले-पहले कोई को भी *आत्मा का ज्ञान देना* है। (तुम आत्मा हो। आत्मा अविनाशी है। जब समय होता है आत्मा शरीर में आकर प्रवेश करती है।)
° उनकी मत से सब *मनुष्यों को श्रेष्ठ* बनाना।
° आत्मा में अन्दर *ज्ञान* है जो तुम बच्चों को और भाई-बहिनों को *समझाना* है। (बड़े-बड़े करोड़पति को भी समझा सकते!)
° बच्चे भी *मददगार* तो बनेंगे ना।

8. भक्ति मार्ग के कौन-से 4 *दृष्टान्त* और 2 *गायन* आज बाबा ने याद किये? देवताओं और असुरों की *लड़ाई* क्यों हो न सके?
° (दृष्टान्त) नारद का मिसाल, कछुए का, सर्प का, भ्रमरी का दृष्टान्त।
° (गायन) देवताओं का जन्म दिन अथवा भगवान का जन्म दिन
° (लड़ाई क्यों हो न सके) क्योंकि असुर हैं कलियुग में, देवतायें हैं सतयुग में। बीच में है संगमयुग।

9. जैसे अब वापिस जाना है।विनाश सामने खड़ा है। सतयुग में दैवी परिवार बहुत ____ होता है। वर्ल्ड वार लग जायेगी। उससे पहले तुम बच्चों को अपनी पढ़ाई से ______ अवस्था प्राप्त करनी है।
°छोटा, कर्मातीत,

10. “ *धरत परिये धर्म न छोड़िये* ” का क्या अर्थ बाबा ने सुनाया? इसके लिये क्या *श्रेष्ठ* करना है? (6) कौन-सी *डेट फिक्स* करनी है?
° (अर्थ) कोई भी सरकमस्टांश आ जाए, माया के महावीर रूप सामने आ जाएं लेकिन *धारणायें* न छूटे। संकल्प द्वारा त्याग की हुई बेकार वस्तुयें *संकल्प में भी* स्वीकार न हों।
° (क्या श्रेष्ठ करना) सदा अपने श्रेष्ठ *स्वमान* , श्रेष्ठ *स्मृति* और श्रेष्ठ *जीवन* के समर्थी स्वरूप द्वारा श्रेष्ठ *पार्टधारी* बन *श्रेष्ठता का खेल* करते रहो। (कमजोरियों के सब खेल समाप्त हो जाएं।)
° (डेट फिक्स) जब ऐसी *सम्पूर्ण आहुति* का संकल्प दृढ़ होगा तब *परिवर्तन समारोह* होगा। इस समारोह की डेट अब संगठित रूप में निश्चित करो।)

11. तुम बच्चे उस शिवबाबा को सिमरण करते हो। ब्रह्मा को नहीं। तो भक्ति मार्ग में ब्रह्मा की *मन्दिर में पूजा* क्यों होती? और *दाढ़ी* क्यों दिखाते?
° (पूजा क्यों) क्योंकि वह *सम्पूर्ण अव्यक्त मूर्त* बनते।
° (दाढ़ी क्यों) ब्रह्मा को दाढ़ी दिखाते हैं तो मालूम पड़े यह *यहाँ का* है।

12. जब सब आ जाते हैं फिर तो वापिस जायेंगे। *घर भेजने वाले* हैं धर्म स्थापक। _(सही / गलत)_
° *गलत* … (वह तो भिन्न नाम-रूप में तमोप्रधान अवस्था में है। सतो, रजो, तमो में आते हैं ना। इस समय सब तमोप्रधान जड़जड़ीभूत अवस्था में हैं। अब सबको वापिस जाना है जरूर। *बाबा ही वापिस घर ले जाते*।
फिर से चक्र फिरना चाहिए। पहले नया धर्म चाहिए जो सतयुग में था। बाप ही आकर आदि सनातन देवी-देवता धर्म की स्थापना करते हैं।)

Answers from Sakar Murli 05-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-08-2020*

1. संकल्पों की _____ श्रेष्ठ परिवर्तन में फास्ट गति ले आती है।
°एकाग्रता

2. बापदादा की श्रीमत है बच्चे व्यर्थ बातें न सुनो, न सुनाओ और न सोचो। *सदा शुभ भावना से सोचो, शुभ बोल बोलो*। तो यदि कोई व्यर्थ सुनाये, फिर क्या करना है?
° व्यर्थ को भी शुभ भाव से सुनो। *शुभ चिंतक* बन बोल के भाव को *परिवर्तन* कर दो। *सदा भाव और भावना श्रेष्ठ* रखो, *स्वयं को परिवर्तन* करो न कि अन्य के परिवर्तन का सोचो। स्वयं का परिवर्तन ही अन्य का परिवर्तन है (इसमें पहले मैं – इस मरजीवा बनने में ही मजा है। इसी को ही महाबली कहा जाता है। इसमें खुशी से मरो – यह मरना ही जीना है, यही सच्चा जीयदान है।)

3. हीरे जैसे परमपिता परमात्मा *भोलानाथ देने वाला* है। वो क्या, कब ओर कैसे देते हैं? (आज की मुरली का मुख्य टॉपिक।) तो अब *हमे क्या करना* है?
° (क्या देते) भोलेनाथ ने ही नई दुनिया-स्वर्ग-सुखधाम की *बादशाही-राज्य भाग्य श्री लक्ष्मी-नारायण (उत्तम पुरूष) को दी* (वा कृष्ण को दी)
° (कब देते) इसके पहले जरूर पुरानी दुनिया-कलियुग-नर्क था… तो जरूर *बीच के कल्याणकारी पुरूषोत्तम संगमयुग (लीप युग) में* पतित-पावन बाप ने राजयोग सिखाया होगा। (जिस पुरूषार्थ की प्रालब्ध फिर नये जन्म में मिलती, वा सर्व की गति-सद्गति हो जाती।)
° (कैसे देते) इसके लिए जरूर अलौकिक जन्म (शिवजयन्ती) पहले हुआ होगा। अर्थात्‌ बहुत जन्मों के अन्त के साधारण तन में प्रवेश / एडाप्ट कर ब्राह्मण रचते। (कृष्ण की आत्मा के ही 84 वे जन्म में प्रवेश करते, वह फिर कृष्ण बनती।)
° (हमे क्या करना है) पवित्र बनने की *प्रतिज्ञा* कर (सबसे भारी प्रतिज्ञा!) *मामेकम् याद* -योगबल द्वारा *पावन* बन पावन दुनिया के *मालिक* बन जायेंगे। (डबल-अहिंसक!)

4. इसमें *जन्माष्टमी* की समझानी कैसे आ जाती?
° राधे-कृष्ण, प्रिन्स-प्रिन्सेज ही लक्ष्मी-नारायण महाराजा-महारानी बनते हैं। उन्हों ने ही 84 जन्म लिए फिर अन्त के जन्म में ब्रह्मा-सरस्वती बने। बहुत जन्मों के अन्त में बाप ने प्रवेश किया। और इनको ही कहते हैं तुम अपने जन्मों को नहीं जानते हो। तुम पहले जन्म में लक्ष्मी-नारायण थे। (चित्र में दिखाया है – पुरानी दुनिया को लात मार रहे हैं। नई दुनिया हाथ में है। अभी पढ़ रहे हैं इसलिए कहा जाता है – श्रीकृष्ण आ रहे हैं)

5. बाकी थोड़ा टाइम है _____ का। यह पाठशाला है, इसमें सबसे जास्ती टाइम लगता है _____ मे। बच्चे मेहनत करते रहते हैं बाप को ____ करने की।
तुम्हारा भी यह ____ जैसा जन्म है फिर गोल्डन एज में आते हो।
°पढ़ाई, याद, याद, हीरे

6. *हम बच्चों के लिए* अभी कलियुग चल रहा है _(सही / गलत)_
° *गलत* (तुम बच्चों के लिए यह है संगमयुग। तुम्हारे लिए कलियुग पूरा हो गया।)

7. *ड्रामा* के बारे में बाबा ने आज क्या सुनाया? (3)
° *बाप जो सुनाते हैं*, तुम जानते हो ड्रामा में सारी नूंध है। अक्षर बाई अक्षर जो कल्प पहले सुनाया था वह फिर आज सुनाते हैं। यह रिकॉर्ड भरा हुआ है। (भगवान खुद कहते हैं मैंने जो 5 हज़ार वर्ष पहले हूबहू अक्षर बाई अक्षर सुनाया है वही सुनाता हूँ। यह शूट किया हुआ ड्रामा है। इसमें फ़र्क ज़रा भी नहीं पड़ सकता। इतनी छोटी आत्मा में रिकार्ड भरा हुआ है।)
° बाप कहते हैं मैं कल्प-कल्प आता हूँ, *मेरा भी ड्रामा में पार्ट है* । पार्ट बिगर मैं भी कुछ नहीं कर सकता हूँ। मैं भी ड्रामा के बन्धन में हूँ। पूरे टाइम पर आता हूँ।
° *ड्रामा के प्लैन अनुसार* मैं तुम बच्चों को वापिस ले जाता हूँ। अब कहता हूँ मनमनाभव।

8. इस *ईश्वरीय विश्व विद्यालय* की कौन-सी जबरदस्त महिमा है?
° यह है ईश्वरीय विश्व विद्यालय, *सारे विश्व को सद्गति देने वाला* दूसरा कोई ईश्वरीय विश्व विद्यालय हो न सके। *ईश्वर बाप खुद आकर* सारे विश्व को चेंज कर देते हैं। (हेल से हेविन बनाते हैं। जिस पर फिर तुम राज्य करते हो)

9. शिव को *बबुलनाथ* क्यों कहते?
° क्योंकि वह आकर तुमको *काम कटारी (कांटे) से छुड़ाए पावन बनाते* हैं।

10. भक्ति मार्ग में तो बहुत शो है, यहाँ तो _____ में याद करना है। बाप कहते हैं यज्ञ, तप, दान, पुण्य आदि करते तुम नीचे गिरते आये हो। ____ से ही सद्गति होती है। समझते हैं ब्रह्म में लीन हो जायेंगे। गोया आत्मा को _______ बना देते हैं।
°शान्त, ज्ञान, मार्टल (विनाशी)

11. बाबा ने आज *विराट रूप के चित्र* को थोड़ी भिन्न अंदाज़ में याद किया। कैसे?
° जन्मों की संख्या (वा जनसंख्या) के हिसाब से! (कैसे हर युग में बढ़ते जाते)
° यह है संगमयुग। यह बहुत छोटा-सा युग है। चोटी सबसे छोटी होती है ना। फिर उनसे बड़ा मुख, उनसे बड़ी बांहें, उनसे बड़ा पेट, उनसे बड़ी टाँगे। (विराट रूप दिखाते हैं, परन्तु उसकी समझानी कोई नहीं देते। तुम बच्चों को यह 84 जन्मों के चक्र का राज़ समझाना है।)

Answers from Sakar Murli 24-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-08-2020*

1. नाज़ुक परिस्थितियों से घबराओ नहीं, उनसे _____ पढ़कर स्वयं को _____ बनाओ।
°पाठ,परिपक्व

2. तुम सारी _____ के कल्याणकारी हो। श्रीमत पर हम _____ का कल्याण कर रहे हैं – बुद्धि में यह ____ रहना चाहिए। अच्छा!
°सृष्टि,विश्व,नशा

3. जो *सर्व खजानों से सम्पन्न सन्तुष्ट मास्टर सागर* है, उनकी निशानी क्या है? (3)
° वह *सदा खुशी में नाचते* रहेंगे। (अन्दर खुशी के सिवाए और कुछ आ नहीं सकता।)
° स्वयं सम्पन्न होने के कारण किसी से भी *तंग नहीं* होंगे। किसी भी प्रकार की उलझन या *विघ्न एक खेल* अनुभव होगा, *समस्या मनोरंजन* का साधन बन जायेगी।
° निश्चयबुद्धि होने के कारण *सदा हर्षित और विजयी* होंगे।

4. *विकर्माजीत बनने वाले बच्चों* को विकर्मों से बचने लिए किस बात पर बहुत ध्यान देना है? (2)
° जो सर्व विकर्मों की जड़ देह-अभिमान है, उस देह-अभिमान में कभी न आयें, यह ध्यान रखना है। इसके लिए *बार-बार देही-अभिमानी* बन बाप को याद करना है।
° इस जन्म के पापों के बोझ को हल्का करने के लिए बाप को *सच-सच सुनाना* है।

5. सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी का कौन-सा *राज़* हम बच्चों ने समझा है?
° वह *हम ही थे!*

6. सब कहते हैं बाबा आकर हमारे *दु:ख हरकर सुख दो* । बाप को ही दु:ख हर्ता सुख कर्ता कहते। क्यों?
° (क्योंकी बाबा की बनाई हुई) *नई दुनिया में* इन देवताओं का राज्य था। वहाँ *किसी भी प्रकार का दु:ख नहीं* था।

7. *स्वदर्शन चक्र* है गला काटने के लिए। _(सही / गलत)_
° *गलत* (स्वदर्शन चक्र से कोई का गला नहीं काटते हैं। अपने अन्दर आसुरी स्वभाव को परिवर्तन करते है।)

8. सदा इसी खुशी में रहो कि हमने 84 का चक्र पूरा किया, अब जाते हैं अपने घर, बाकी थोड़े दिन यह ______ है। तुम बच्चों को इस सृष्टि चक्र और सारे ड्रामा को जानना है क्योंकि सब _____ है। इसमें डिटेल में नहीं समझ सकेंगे। (क्योंकि) यह तो ____ जन्मों को जानना होता है।
°कर्मभोग, एक्टर्स, 84

9. 84 लाख जन्म नहीं, यह तो सिर्फ *84 जन्मों की कहानी* है। इसका कौन-सा तर्क बाबा ने सुनाया?
° 84 लाख जन्म हों तो कितने वर्ष सुनाने में लग जायें। तुम तो सेकण्ड में जान जाते हो – यह 84 जन्मों की कहानी है। *84 लाख हो तो सेकण्ड में थोड़ेही समझ सकते।*

10. हम है *आलराउन्ड पार्टधारी* । कैसे? (2)
° *आदि से अन्त तक पार्ट* और कोई का है नहीं। (तुमको ही बाप समझाते हैं। बाप कहते हैं – बच्चे, तुम्हें पतित से पावन, पावन से पतित बनना ही है। यह भी ड्रामा में नूँध है।)
° *अनेक बार* यह चक्र पास किया है। (पास करते ही रहेंगे।)

11. बड़े ते बड़ी मंजिल है _____ की। बहुतों को सिर्फ सुनने का शौक रहता है। _____ को समझना तो बहुत सहज है। बाप कहते हैं तुम्हारे 84 जन्मों की कहानी सुनाता हूँ।
°याद, ज्ञान

12. हम है *अननोन वारियर्स*। कैसे?
° तुम *गुप्तवेष में इस पुरानी दुनिया का परिवर्तन कर रहे* हो। तुमको कोई नहीं जानते। (बाबा भी गुप्त, नॉलेज भी गुप्त। इनका कोई शास्त्र आदि भी नहीं बनता।)

13. बच्चे कहते हैं *काम नहीं है* । क्या यह ठीक है? (3)
° नहीं!
° बाबा कहते हैं *यह सर्विस तो बहुत है*। यहाँ एकान्त में बैठ यह काम करो। (जो भी बड़ी-बड़ी संस्थायें हैं, गीता पाठशालायें आदि हैं, उन सबको जगाना है। सबको सन्देश देना है। यह पुरुषोत्तम संगमयुग है। नई दुनिया की स्थापना और पुरानी दुनिया का विनाश।)
° यह *बैठकर लिखो* – गीता का भगवान कौन? दोनों की बायोग्राफी की महिमा लिखो। शिवबाबा की भी बायोग्राफी लिखो। फिर आपेही वह जज करेंगे। (फिर शिव और शंकर का *भेद* भी दिखाना है।)
° यह भी बाबा ने समझाया है – कल्प 5 हज़ार वर्ष का है। मनुष्य 84 जन्म लेते हैं, न कि 84 लाख। (यह *मुख्य-मुख्य बातें शॉर्ट में* लिखनी चाहिए। जो *एरोप्लेन से भी गिरा सकते* हैं, समझा भी सकते हैं।)

14. हमारे *बहुत अच्छे-अच्छे चित्र* है। बाबा ने इनका प्रयोग करने की कौन-सी जबरदस्त युक्ति सुनाई?
° *मुख्य 12 चित्रों के कैलेन्डर्स* भी छपवा सकते हो। जिसमें सारा ज्ञान आ जाए और सर्विस सहज हो सके। (यह चित्र बिल्कुल ज़रूरी है। कौन-से चित्र बनाने हैं, क्या-क्या प्वाइंट लिखनी चाहिए। वह बैठ लिखो।)

15. मनुष्य जहाँ *स्नान* करने जाते हैं, वहाँ क्या समझा सकते?
° *पतित-पावन कौन?* (यह पानी कोई पतित-पावनी नहीं। पतित-पावन तो निराकार परमपिता परमात्मा है। इसका चित्र भी हैं।)

16. *अमरनाथ की यात्रा* पर क्या समझा सकते? (3)
° हम तुमको *सच्ची अमरनाथ की कथा* सुनायें।
° अमरनाथ तो *एक को ही* कहा जाता है।
° अमरनाथ अर्थात् जो *अमरपुरी सतयुग स्थापन* करे। (ऐसे सर्विस करनी पड़े। वहाँ पैदल जाना पड़ता है। जो अच्छे-अच्छे बड़े-बड़े आदमी हों उनको जाकर समझाना चाहिए।)

17. भादों का मास आता है, सभी पित्रों को *श्राद्ध* खिलाते हैं। इसमें क्या करना है? (2)
° वह भी *युक्ति से* करना चाहिए, नहीं तो कहेंगे कि ब्रह्माकुमारियों के पास जाकर सब कुछ छोड़ दिया है। ऐसा कुछ नहीं करना है, जिसमें नाराज हों।
° युक्ति से तुम *ज्ञान दे सकते* हो।

18. इस मास में तुम *ब्राह्मणों* की बहुत सर्विस कर सकते हो। क्या समझा सकते?
° ब्राह्मण तो *प्रजापिता ब्रह्मा की औलाद* है। बताओ ब्राह्मण धर्म *किसने स्थापन किया* ? (तुम उन्हों का भी कल्याण कर सकते हो घर बैठे।)

19. तुम बच्चे *3 बाप का राज़* भी सबको समझा सकते हो। इसकी क्या समझानी है?
° दो बाप तो सब समझते हैं *लौकिक* और *पारलौकिक*।
° और यह *अलौकिक* प्रजापिता ब्रह्मा फिर है यहाँ संगमयुग पर। पुरुषोत्तम संगमयुगी ब्राह्मण भी चाहिए ना। (ब्राह्मण सो देवी-देवता नम:!)

20. बाप *नॉलेजफुल* है अर्थात्‌ सबके दिलों को जानने वाला है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (नॉलेजफुल अर्थात्‌ बाबा के पास बुद्धि में सारे सृष्टि के आदि-मध्य-अन्य का ज्ञान है।)

21. सबके दिलों को जानते / देखते हैं, तब तो *भगवान कर्मों का फल देते* हैं। _(सही / गलत)_
° बाप कहते हैं यह *ड्रामा में नूँध* है। ड्रामा में जो विकर्म करते हैं तो उनकी सज़ा होती जाती है। अच्छे वा बुरे कर्मों का *फल (आपेही) मिलता* है।

Answers from Sakar Murli 29-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-08-2020*

1. किसी भी प्रकार की सेवा में सदा _____ रहना ही अच्छे मार्क्स लेना है।
°सन्तुष्ट

2. बाप द्वारा होने वाली *प्राप्तियां की लिस्ट सदा सामने* रखने से क्या-क्या प्राप्तियां होती? (4)
° जब प्राप्ति अटल, अचल है तो *हिम्मत और हुल्लास भी अचल* रहेंगा।
° सर्व प्राप्तियों का अनुभव सदा सामने वा स्मृति में रहे तो *सब विघ्न खत्म* हो जायेंगे।
° सदा *नया उमंग, नया हुल्लास* रहेगा।
° *स्थिति एकरस और अचल* रहेगी। (मन की स्थिति चंचलता में नहीं आएंगी।)

3. *अभी हम चलते है सुखधाम।* यहाँ हम पुरूषार्थ से 21 जन्मों लिए स्वर्ग की प्रालब्ध बनाते। तो सतयुग में कौन-सी 4 चीज़े नहीं होंगी?
° बाकी वहाँ *हॉस्पिटल* , *कोर्ट* , *पुलिस* आदि कुछ नहीं होगा।
° वहाँ *वजीर* भी होता नहीं। (ऊंच ते ऊंच खुद महाराजा-महारानी, वह वजीर की राय थोड़ेही लेंगे।)

4. हम विश्व के मालिक अमीर थे। अमीरचन्द से फकीरचन्द बने हैं। *अब फिर अमीर बनना है* । इसके लिए बाबा ने आते ही कौन-सी *वन्डरफुल युक्ति* सुनाई?
° यह है पढ़ाई। इसको अच्छी रीति पढ़कर इन *अविनाशी ज्ञान रत्नों को धारण करना-कराने की कोशिश* करनी है। आत्मा रूप-बसन्त है ना।

5. *आत्मा ही धारण करती* है, शरीर तो विनाशी है। यह बाबा ने कैसे सिद्ध किया?
° काम की जो चीज़ नहीं होती है, उनको जलाया जाता है। *शरीर* भी काम का नहीं रहता है तो उनको *आग में जलाते* हैं।

6. स्वदर्शन चक्रधारी बन 84 का ______ बुद्धि में फिराना है। एक ______ को ही याद करना है। दूसरे कोई की याद न रहे। जैसे स्त्री का पुरूष से लव रहता, यहाँ तुम्हारा है _______ लव। तुम्हें उठते-बैठते, पतियों के ______ , बापों के _____को याद करना है।
°चक्र, बाप, रूहानी, पति, बाप

7. अमरनाथ सर्वशक्तिमान् बाप आकर आत्माओं को *अमर बनाने की शक्ति* दे शक्तिवान बनाते (वहाँ अपने समय पर फुल-बड़ी आयु पर अपनी मर्जी से एक शरीर छोड़ दूसरा लेते। सर्प का मिसाल।) तो *बाबा से शक्ति लेने* लिए हमें क्या करना है? (3)
° एक तो *पवित्र बनना* है (पाप आत्मा तो शक्ति ले न सके। पुण्य आत्मा बनते हैं तो शक्ति मिलती है।)
° और *शिवबाबा की याद में रहना* है तब शक्ति मिलती है। बाप से शक्ति का वर्सा लेते हो।(याद से ही सतोप्रधान बनेंगे नहीं तो सज़ायें खाकर फिर कम पद पा लेंगे। मूल बात है याद की, जिसको ही भारत का प्राचीन योग कहा जाता है।
° साथ-साथ *सर्विस भी करेंगे* तो ताकत मिलेगी। समझो कोई सेन्टर खोलते हैं तो बहुतों की आशीर्वाद उन्हों के सिर पर आ जाती। (जैसे मनुष्य धर्मशाला-हॉस्पिटल-युनिवर्सिटी खोलते।)

8. *सब थोड़ेही सतोप्रधान होंगे*। कोई तो सतो भी होंगे ना।
यह सोचना ठीक है। _(सही / गलत)_
° नहीं, हमेशा शुभ भावना रखनी चाहिए। अपने को समझना चाहिए *हम पहले-पहले सतोप्रधान थे। निश्चय से ही सतोप्रधान बनेंगे* । (ऐसे नहीं कि हम कैसे सतोप्रधान बन सकेंगे। फिर खिसक जाते हैं। याद की यात्रा पर नहीं रहते। जितना हो सके पुरूषार्थ करना चाहिए। अपने को आत्मा समझ सतोप्रधान बनना है, और बाप की याद में रहकर।)

9. अब पुरूषार्थ करना है कि हम ______ सतयुग में आयें। इस अन्तिम जन्म में _____ पुरूषार्थ करना है। बाप कोई फाँसी पर नहीं चढ़ाते हैं। सिर्फ कहते हैं ______ बनो और बाप को _____ करो।
° पहले-पहले, पूरा, पवित्र, याद

10. 108 की माला बनाते हैं। अर्थात्‌ *सिर्फ 8-108 आत्माएं* ही अच्छी मेहनत करते। _(सही / गलत)_
° गलत (नम्बरवार तो *बहुत हैं, जो अच्छी मेहनत करते* हैं।)

11. इन 5 ______ ने ही तुमको बिल्कुल वर्थ नाट ए पेनी बनाया है। तुम बच्चे जानते हो हमको _____ जाना है। हम भारत की सेवा कर ______ राज्य स्थापन करते हैं। फिर हम राज्य करेंगे। गाया भी जाता है फालो ______। तुम ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ सब ______ सीख रहे हो। कितना क्लीयर है। (झाड़ के चित्र में)
°विकारों, घर, दैवी, फादर, राजयोग

12. रूद्र यज्ञ होता है तो सालिग्रामों (अर्थात्‌ हम *आत्माओं) की भी पूजा* होती है। क्यों?
° *जरूर कुछ सर्विस की है* तब तो पूजा होती है। तुम ब्राह्मण *रूहानी सेवाधारी* हो। सबकी आत्माओं को *जगाने वाले* हो। (मैं आत्मा हूँ, यह भूलने से देह-अभिमान आ जाता है। यहाँ पार्ट बजाते-बजाते सबको शरीर का भान पक्का हो गया है।)

13. प्रदर्शनी में भी तुमसे पूछते हैं तो बोलो हम बी.के. अपने ही _______ से श्रीमत पर सेवा कर ______ -राज्य स्थापन कर रहे हैं। अपना _____ भी सफल कर अपना कल्याण करो। तो भारत का भी कल्याण होगा। हम अपनी राजधानी _______ पर फिर से स्थापन करते हैं। याद की यात्रा से और सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त को जानने से ही हम _______ राजा बन जायेंगे। देवताओं का है छोटा झाड़। फिर कितनी वृद्धि हो जाती है। आत्मायें सब आती रहती हैं, यह बना-बनाया _____ है।
°तन-मन-धन, राम, पैसा, श्रीमत, चक्रवर्ती, खेल

14. काशी में भी शिव का मन्दिर है। वहाँ जाकर साधू लोग मंत्र जपते। शिव काशी विश्वनाथ गंगा। *शिव* जो काशी के मन्दिर में बिठाया है, *उनको कहते हैं – विश्वनाथ* । यह ठीक है। _(सही / गलत)_
° गलत (बाबा कहते अब *मैं तो विश्वनाथ हूँ नहीं। विश्व के नाथ तुम बनते हो।* मैं बनता ही नहीं हूँ। ब्रह्म तत्व के नाथ भी तुम बनते हो। तुम्हारा वह घर है। वह राजधानी है। मेरा घर तो एक ही ब्रह्म तत्व है। मैं स्वर्ग में आता नहीं हूँ। न मैं नाथ बनता हूँ। *मेरे को कहते हैं शिवबाबा। मेरा पार्ट है पतितों को पावन बनाना*।)

15. महिमा गाते हैं एकोअंकार…… अजोनि यानी *जन्म-मरण रहित* । यह ठीक है। _(सही / गलत)_
° *सही* (मैं तो 84 जन्म लेता नहीं हूँ। मैं इनमें प्रवेश करता हूँ। मनुष्य 84 जन्म लेते हैं।)

16. इस दादा (ब्रह्मा बाबा) की आत्मा कहती है मुझे बहुत ______ करनी पड़ती है। ऐसे नहीं कि मेरे साथ बैठा है तो याद अच्छी रहती है। नहीं। एकदम इकट्ठा है। जानता हूँ (शिवबाबा) मेरे पास है। इस शरीर का जैसे वह ______ है। फिर भी भूल जाता हूँ। बाबा को यह (शरीर) मकान दिया है रहने के लिए। बाकी एक _____ में मैं बैठा हूँ। बड़ा आदमी हुआ ना। विचार करता हूँ, _____ में मालिक बैठा है। यह रथ उनका है। वह इनकी सम्भाल करते हैं। मुझे शिवबाबा खिलाते भी हैं। मैं उनका रथ हूँ। कुछ तो खातिरी करेंगे। इस _____ में खाता हूँ। दो-चार मिनट बाद भूल जाता हूँ, तब समझता हूँ बच्चों को कितनी मेहनत होती होगी।
°मेहनत, मालिक, कोने, बाजू, खुशी

17. माया बड़ी जबरदस्त है, तुम _____ के मैदान में हो। तुम ______ -अभिमानी बनो। आत्माओं और परमात्मा का यह _____ है। हम आत्मायें बाप के _____ रहने वाली हैं। वह आत्माओं का घर है ना। बाप भी वहाँ है, उनका असली नाम है ______ शिव।
°युद्ध, आत्म, मेला, साथ, कल्याणकारी

18. यहाँ तो थोड़ी बात में तंग हो पड़ते फिर पढ़ाई को छोड़ देते हैं। बाप को ______ बनावन्ती, ______ सुनावन्ती, पढ़न्ती, दिव्य दृष्टि से ____ देखन्ती, ____ करन्ती, अहो मम माया मुझे ______ देवन्ती, भागन्ती।
°अपना, ज्ञान, स्वर्ग, रास, फारकती

19. रावण राज्य में बिल्कुल ही बेअक्ल तुच्छ बुद्धि बन जाते हैं, इसका *प्रमाण* क्या है?
° इसलिए *विनाश का रास्ता ढूँढते रहते* हैं। खुद समझते हैं हम विश्व को बहुत ऊंच बनाते हैं परन्तु यह और ही नीचे गिरते जाते हैं। अब विनाश सामने खड़ा है।

Answers from Sakar Murli 28-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-08-2020*

1. कोई भी बात में अपसेट होने के बजाए ______ की सीट पर सेट रहो।
°नॉलेजफुल

2. जो बच्चे बाप की ____ में रहकर हर कदम उठाते हैं वह कदम-कदम में पदमों की कमाई जमा करते हैं। इस संगम पर ही पदमों के कमाई की _____ मिलती है। संगमयुग है जमा करने का युग। अभी जितना जमा करना चाहो उतना कर सकते हो। एक कदम अर्थात् एक सेकण्ड भी बिना जमा के न जाए अर्थात् ____ न हो। सदा भण्डारा _______ हो। अप्राप्त नहीं कोई वस्तु…ऐसे ______ हों। जब अभी ऐसी तृप्त वा सम्पन्न आत्मा बनेंगे तब भविष्य में अखुट खजानों के मालिक होंगे।
°याद, खान, व्यर्थ, भरपूर, संस्कार

3. अभी तुम संगमयुग पर बैठे हो। तुम _____ सम्प्रदाय बन रहे हो। तुम अभी मनुष्य से देवता _____ पुरूष बनते हो। यह है ______ ब्राह्मणों का कुल। बाप की ____ में रहकर ही तुम पवित्र बन और पवित्र बनाते हो।तुम्हारे लिए तो जैसे _____ नई दुनिया सुखधाम होगी। मनुष्यों को पता ही नहीं – शान्ति कब थी।
°दैवी, उत्तम, सर्वोत्तम, याद, कल

4. बाबा ने कहा याद की यात्रा पर चलते रहना है (ढीला नहीं पड़ना, देह-अभिमान आने से ही विकर्म होते)। तो ऐसी *योगयुक्त आत्म-अभिमानी स्थिति* बनाने लिए बाबा ने आते ही कौन-से बहुत सुन्दर संकल्प दिये? (2)
° इस शरीर की *मालिक* है आत्मा। मैं *आत्मा* हूँ। यह मेरा शरीर है। शरीर से आत्मा काम लेती है, *पार्ट* बजाती है। मैं आत्मा परमपिता परमात्मा की *सन्तान* हूँ।
° एकान्त में बैठ अपने साथ विचार सागर *मंथन कर प्वाइंट्स* निकालनी होती हैं। कितना समय *बाबा की याद* में रहते हैं, मीठी चीज़ की याद पड़ती है ना।

5. जबकि अपने को आत्मा समझ बाप को *याद करने में ही फायदा* है। (यह सौदा-व्यापार है)। तो क्या इसके लिए सबकुछ छोड़ना पड़ेगा?
° नहीं ( *आत्मा को ज्ञान है* हम यात्रा पर हैं। कर्म तो करना ही है। बच्चों आदि को भी सम्भालना है। धंधा धोरी भी करना है। धन्धे आदि में याद रहे हम आत्मा हैं। बाप कहते हैं कोई भी उल्टा काम कभी नहीं करना।)

6. हर प्रकार से पुरूषार्थ करना है, फिक्र (चिंता) नहीं क्योंकि हमारा ______ स्वयं बाप है। हमारा कुछ भी _____ नहीं जा सकता।
°रेसपान्सिबुल, व्यर्थ

7. कौन-सी *वन्डरफुल मीठी बातें* हम बच्चे ही जानते?
° *रामराज्य* था जरूर परन्तु वह *कैसे था, कैसे स्थापन हुआ*, यह वन्डरफुल मीठी बातें तुम बच्चे ही जानते हो।

8. तुम्हारी है ____ की याद, _____ की खुशी, _____ का धन। _____ का बाप है ना। उनसे ____ का सुख मिलता है। तुम्हारी बुद्धि में है, हम _____ थे फिर बनना है।
°बेहद, बेहद, बेहद, बेहद, बेहद, सतोप्रधान

9. ज्ञान सागर बाप को *स्प्रीचुअल* नॉलेजफुल फादर क्यों कहते?
° (क्योंकि) बाप *रूहों से बात* करते हैं। तुम बच्चे समझते हो *रूहानी बाप* पढ़ाते हैं। यह है *स्प्रीचुअल नॉलेज* (रूहानी एज्युकेशन)

10. दुनिया एक ही है, सिर्फ ____ और पुरानी कहा जाता है। नई दुनिया में ____ भारत, ____ देहली कहते हैं। नई होनी है, जिसमें फिर _नया_ राज्य होगा।
°नई, नया, नई

11. बाप समान बहुत-बहुत स्वीट बनना है। *स्वीट, स्वीटर, स्वीटेस्ट* कहा जाता है ना। तो स्वीटेस्ट किसे कहेंगे? (2)
° स्वीटेस्ट वह हैं *जो बहुतों का कल्याण करते* हैं। बाप भी स्वीटेस्ट है ना, तब तो सब उनको याद करते हैं। (कोई गरीब को धनवान बनाना – यह रूहानी सेवा है। बाप कल्याण करते हैं तो बच्चों को भी मदद करनी चाहिए। जो बहुतों को रास्ता बताते हैं वह बहुत ऊंच चढ़ सकते हैं)
° कोई शहद या चीनी को ही स्वीटेस्ट नहीं कहा जाता। यह मनुष्य की *चलन* पर कहा जाता है। कहते हैं ना यह *स्वीट चाइल्ड* (मीठा बच्चा) है।

12. परमपिता परमात्मा *बिन्दी* हमको पढ़ाते। हम *आत्मायें* पढ़ रही। फिर हम दूसरी *आत्माओं* को देते। यह भूलना नहीं चाहिए। तो यह याद कब ठहरेगी? (2)
° जब अपने को आत्मा समझ *बाप की याद* में रहेंगे। *देही-अभिमानी* बनने की प्रैक्टिस होंगी।

13. टीचर माना टीच करने वाला, _____ सिखलाने वाला। सतयुग में कोई भी ______ बात नहीं होती। इतना ऊंच पद जो पाते हैं, जरूर यहाँ _____ किया है।तुम्हारा काम है ______ बताना। ______ कहते हैं मुझे याद करो तो तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे।
°मैनर्स, शैतानी, पुरूषार्थ,राइट, शिवबाबा

14. ऐसी-ऐसी प्वाइंट्स निकालनी चाहिए, जिसकी बहुत चाहना है मनुष्यों को। तो *विश्व में शान्ति* लिए क्या समझा सकते? (2)
° यह *लक्ष्मी-नारायण का चित्र* सामने देना है। *इनका जब राज्य था तो विश्व में शान्ति थी* , उनको ही हेविन डीटी वर्ल्ड कहते हैं। (आज से 5 हज़ार वर्ष पहले की बातें और कोई नहीं जानते। यह है मुख्य बात। सभी आत्मायें पुकारती हैं, तुम यहाँ विश्व में शान्ति स्थापन करने का पुरूषार्थ कर रहे हो।)
° जो विश्व में शान्ति चाहते हैं उन्हें तुम सुनाओ कि भारत में ही शान्ति थी। *जब भारत स्वर्ग था तो शान्ति थी*, अब नर्क है। नर्क (कलियुग) में अशान्ति है क्योंकि धर्म अनेक हैं, माया का राज्य है। भक्ति का भी पाम्प है।

15. बाबा ने आज कौन-कौन से *चित्र* याद किये? (3)
° *एक तरफ नई दुनिया*, एक तरफ पुरानी दुनिया – यह चित्र बड़ा अच्छा है।
° कहते भी हैं ब्रह्मा द्वारा स्थापना, शंकर द्वारा विनाश……. परन्तु समझते कुछ नहीं। मुख्य चित्र है *त्रिमूर्ति* का। ऊंच ते ऊंच है शिवबाबा। तुम जानते हो – शिवबाबा ब्रह्मा द्वारा हमको याद की यात्रा सिखला रहे हैं। बाबा को याद करो।
° *लक्ष्मी-नारायण* का चित्र (विश्व में शान्ति)

16. शास्त्रों में *प्रलय* का वृतान्त ठीक है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (प्रलय होती ही नहीं। यह *सृष्टि का चक्र फिरता ही रहता* है। बच्चों को आदि से अन्त तक ख्याल में रखना है।)

17. ______ अक्षर बहुत लवली है। तुमको खुद ही _____ आयेगी – हम आत्मायें बाप को याद नहीं कर सकती हैं, जिनसे विश्व की बादशाही मिलती है! बाप भी कहेंगे तुम तो _____ हो, बाप को याद नहीं कर सकते हो तो वर्सा कैसे पायेंगे! विकर्म विनाश कैसे होंगे! तुम आत्मा हो मैं तुम्हारा परमपिता परमात्मा ______ हूँ ना। तुम चाहते हो हम पावन बन सुखधाम में जायें तो _____ पर चलो, याद करो।
°बाबा, लज्जा, बेसमझ, अविनाशी, श्रीमत

18. मनुष्य मेले मलाखड़े आदि पर जाते, जरूर कुछ *सच* होगा। _(सही / गलत)_
° *गलत* (उनसे कोई पावन नहीं बन सकते हैं। पावन बनने का रास्ता मनुष्य कोई बता न सकें। *पतित-पावन एक ही बाप है*। दुनिया एक ही है, सिर्फ नई और पुरानी कहा जाता है।)

19. आजकल तो राखी भी कितनी फेशनेबुल बनाते। वास्तव में यह *राखी बंधन* किसका यादगार है?
° अभी तुम बच्चे *पावन बनने की प्रतिज्ञा* करते हो। उसका ही यादगार यह राखी बंधन है।
° वास्तव में है अभी की बात। तुम बाप से प्रतिज्ञा करते हो – हम कभी विकार में नहीं जायेंगे । आप से *विश्व के मालिक बनने का वर्सा लेंगे* । (तुमको शिवालय में ले जाते हैं। वहाँ अथाह सुख है। अभी यह अन्तिम जन्म है, हे आत्मायें पवित्र बनो। क्या बाप का कहना नहीं मानेंगे। ईश्वर तुम्हारा बाप कहते हैं मीठे बच्चे विकार में नहीं जाओ। जन्म-जन्मान्तर के पाप सिर पर हैं, वह मुझे याद करने से ही भस्म होंगे। इतना याद करते रहो जो शरीर का भान न रहे।)

20. संन्यासियों में भी कोई-कोई तीखे होते हैं, ऐसे बैठे-बैठे शरीर छोड़ते। जरूर *मुक्ति-जीवनमुक्ति* में जाते होंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बाप समझाते हैं – एक भी वापिस नहीं जा सकता, कायदा ही नहीं। झाड़ वृद्धि को जरूर पाना है।)

Answers from Sakar Murli 27-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-08-2020*

1. अभी सब आधार टूटने हैं इसलिए एक ____ को अपना आधार बनाओ।
°बाप

2. देवताओं की तो _____ ब्युटी देखो कैसी है। ज्ञान चिता पर बैठ _____ भाग्यशाली बन जाएं। बाप तो तुमको पुजारी से _____ बनाते हैं सो भी 21 जन्मों के लिए।
°नैचुरल, पद्म, पूज्य

3. *नम्बरवन फरिश्ता सो विश्व महाराजन* बनने का वरदान किन बच्चों को प्राप्त होता है? (3)
° जो ब्रह्मा बाप के हर *कर्म रूपी कदम पर कदम* उठाने वाले हैं।
° जिनका *मन-बुद्धि* साकार में सदा *बाप के आगे समर्पित* है।
° फालो फादर करने वाले बच्चे भी महान त्यागी वा *सर्वस्व त्यागी* होंगे। संस्कार रूप से भी *विकारों के वंश का त्याग* करेंगे।

4. यह *(ब्रह्मा) बाबा खुद भी प्रैक्टिस करते* हैं तब तो सिखाते हैं ना। कौन-सी प्रैक्टिस?
° *मैं बाबा का रथ हूँ, बाबा मुझे खिलाते हैं*। (तुम बच्चे भी ऐसे समझो। शिवबाबा को याद करते रहो तो कितना फायदा हो जाए।)

5. जो दुकानदार, बांधेलियां, बीमार है वह *याद नहीं कर सकते*। _(सही / गलत)_
° *गलत*
° *धन्धे* में कोई ग्राहक नहीं है तो याद में बैठ जाओ। मैं आत्मा हूँ, बाबा को याद करना है।
° *बीमारी* में भी याद कर सकते हो।
° *बांधेली* हो तो वहाँ बैठ तुम याद करती रहो तो 10-20 वर्ष वालों से भी ऊंच पद पा सकती हो।

6. बाबा तो कहते हैं यहाँ बच्चों को जितना _____ मिले, याद में रहो। इम्तहान के दिन नज़दीक होते हैं तो _____ में जाकर पढ़ते हैं। सिर्फ पढ़ने का _____ चाहिए। यह _____ एक ही बार मिलता है फिर सतयुग से लेकर कलियुग अन्त तक किसको मिलता ही नहीं। बाप कहते हैं मुझे _____ करो तो सतोप्रधान बन जायेंगे। वानप्रस्थ (वाणी से परे) अवस्था में रहने का _______ करना है।
°समय, एकान्त, शौक, ज्ञान, याद, अभ्यास

7. कौन-सी *तात* सदा लगी रहे? अपने अन्दर क्या *रटते* रहना है? (आत्म-अभिमानी स्थिति बनाने)। जब भी *समय मिले* , क्या करना है?
° (तात) बाबा ने समझाया है यह पुरानी दुनिया तो खत्म होनी है। *अभी हमको जाना है घर* – बस यही तात रहे। (वहाँ क्रिमिनल बात होती ही नहीं। बाप आकर उस पवित्र दुनिया के लिए तैयारी कराते हैं।)
° (रटना) बाप तो बहुत सहज समझाते हैं। सिर्फ *अपने को आत्मा निश्चय करो, पक्का निश्चय*। हम अविनाशी आत्मा हैं। बाप से हमको वर्सा मिलता। बाप की याद से ही विकर्म विनाश होंगे। बस। यह अन्दर रटते रहें तो भी बहुत कल्याण हो सकता है।
° जितना समय बैठो *अपने को आत्मा समझो। मैं आत्मा बाबा का बच्चा हूँ* । बाप को याद करने से स्वर्ग की बादशाही मिलेगी। बाप को याद करने से आधाकल्प के पाप भस्म हो जायेंगे।

8. बाबा ने आज आते ही बहुत सुन्दर बात सुनाई। कौन-सी *बात भूल जाने के कारण* सर्विस नहीं कर सकते?
° अभी हम *विश्व के मालिक* बनने के लिए पुरूषार्थ कर रहे हैं। हमको *भगवान* पढ़ाते हैं। (यह याद ही नहीं करते जो खुशी हो। भूल जाने के कारण फिर सर्विस भी नहीं कर सकते।)

9. ब्राह्मणी (टीचर) बनना *मुश्किल* है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (ब्राह्मणी बनना है बहुत सहज। 10-15 दिन में बन सकती है। बाबा किसको भी समझाने की बहुत सहज युक्ति बताते हैं। तुम भारतवासी आदि सनातन देवी-देवता धर्म के थे, स्वर्गवासी थे। अब नर्कवासी हो फिर स्वर्गवासी बनना है तो यह विकार छोड़ो। सिर्फ बाप को याद करो तो विकर्म विनाश हो जाएं। कितना सहज है।)

10. सर्विसएबुल लाडले बच्चों को तो _____ पर बिठाकर ले जाते हैं। अधमों का उद्धार करने के लिए ______ चाहिए। चलन भी बड़ी ______ चाहिए। एक-दो रूपये का भी _______ भेज देते हैं। बाप कहते हैं तुम तो महान् भाग्यशाली हो।
°नयनों, बहादुरी, रॉयल, मनीऑर्डर

11. बाबा को तो *सर्विस में* बड़े फुर्त बच्चे चाहिए। जैसे कौन? _(बाबा ने कौन-से 2 अनन्य रत्नों को याद किया?)_
° सुदेश बहन, मोहिनी बहन जैसे, जिनको *सर्विस का उमंग* हो।

12. मैं *लक्ष्मी को वर* सकता हूँ? _(इसका उत्तर क्या है?)_
° *अपने को देखो* लायक हो? पवित्र सर्वगुण सम्पन्न… हो? (यह तो विकारी पतित दुनिया है। बाप आये हैं उनसे निकाल पावन बनाने। पावन बनो तब तो लक्ष्मी को वरने के लायक बन सकेंगे)

13. बच्चे कोई बात में रूठ कर *पढ़ाई छोड़ते* (हफ्ते में एक बार, आज नहीं, आदि बहाना), तो बाबा ने इससे बचाने क्या प्राप्तियां दिखाई? (2)
° बाबा तो मुरलियों में कभी क्या राय, कभी क्या *राय देते* रहते हैं। मुरली सुनना तो चाहिए ना।
° अरे, बाबा ऐसी *अच्छी-अच्छी प्वाइन्ट्स* सुनाते हैं।

14. जो जानते हैं, पढ़े लिखे हैं वह सर्विस का प्रबन्ध करते, *सबको ज्ञान* देने का। तो वेश्याओं को क्या-क्या समझा सकते? (3)
° वेश्याओं के लिए तुम एलान करो कि तुम बाप के इस ज्ञान को धारण करने से *स्वर्ग के विश्व की महारानी बन सकती* हो, साहूकार लोग नहीं बन सकते।
° तुम ही ऊंच ते ऊंच, नीच ते नीच बनी हो। *तुम्हारे नाम से* ही भारत वेश्यालय बना है। फिर तुम शिवालय में जा सकती हो – यह पुरूषार्थ करने से।
° तुम अभी पैसे के लिए कितना गंदा काम करती हो। अब *यह छोड़ो* । (ऐसा समझाने से वह बहुत खुश होंगी।)

15. शास्त्र बहुत पढ़ते हैं। परन्तु इस पढ़ाई से ही सबका ______ पार होता है। अक्सर करके मातायें भी पूछती हैं कि बाबा घर में गीता पाठशाला खोलें? उन्हों. को ईश्वरीय सेवा का _____ रहता है। साहूकार लोग जब देखेंगे यहाँ सब आते हैं तो उनके आने की दिल नहीं होगी। अच्छा, तो उनका एक अलग _____ खोल लो। वह पढ़ाई तो है पाई पैसे की, शरीर निर्वाह अर्थ। यह तो है ____ जन्मों के लिए। कितनों का कल्याण हो जायेगा।
°बेड़ा, शौक, स्कूल, 21

16. क्या करें, यह दुनिया वाले हमारे ऊपर बिगड़ेंगे (लोक लाज)। बाबा ने इसके उत्तर में कौन-सा *मिसाल* सुनाया?
° मीरा का मिसाल। भक्ति मार्ग में गाते हैं – *मेरा तो एक, दूसरा न कोई* । (एक बाबा की श्रीमत में ही कल्याण है।)

Answers from Sakar Murli 26-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-08-2020*

1. _____ होने की शक्ति नाजुक समय पर पास विद आनॅर बना देगी।
°एडॅजेस्ट

2. ______ स्थिति द्वारा सारे विश्व को _____ का पानी देने वाले _____ कल्याणकारी भव।इसके लिए लाइट ______ बनो न कि बल्ब। हर संकल्प में ____ रहे कि सारे विश्व का कल्याण हो।
°बीजरूप, लाइट, विश्व, हाउस, स्मृति

3. बाप है हेविनली गॉड फादर। तो जरूर ____ सौगात में लायेंगे ना, बच्चों के लिए। ______ का राजा बनाते हैं। देवी-देवतायें ______ सिरताज बनते हैं। सतयुग में 100 परसेन्ट _____ थी तो पीस एण्ड प्रासपर्टी भी थी। मुख्य है अब तुम पारसबुद्धि बनते हो। तुम्हारी _____ कला होती है। बाप को पहचाना और विश्व का मालिक बनें।
°हेविन, राजाओं, डबल, प्योरिटी, चढ़ती

4. अविनाशी ज्ञान धन स्वयं में _____ कर फिर दान करना है। पढ़ाई से अपने आपको स्वयं ही _____ तिलक देना है। ____ को याद करेंगे तो विकर्म विनाश होंगे और _____ को याद करने से चक्रवर्ती महाराजा बन जायेंगे। जैसे बाप ______ है, वैसे बनना है।
°धारण, राज, बाप, चक्र, कल्याणकारी

5. *जानवरों का क्या होगा?* और आत्माओं का क्या होगा? _(बाबा ने कौन-सा उत्तर दिया?)_
° बोलो, *पहले अपना तो समझो*, पीछे औरों की बात।

6. ईश्वर *तेरी माया* बड़ी प्रबल है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (यह कोई *प्रभू की माया नहीं* है। माया कहा जाता है 5 विकारों को, जिसको रावण कहते हैं। यह ड्रामा का खेल है – रामराज्य का और रावण राज्य का।)

7. अपने को आत्मा समझ बाबा को याद करने लिए *शरीर निर्वाह अर्थ कर्म* छोड़ना पड़ेगा। _(सही / गलत)_
° *गलत* (शरीर निर्वाह अर्थ कर्म भी भल करो। उनसे भी *टाइम निकाल सकते हो* । भोजन खाने समय भी बाप की महिमा करते रहो। बाबा को याद कर खाने से भोजन भी पवित्र हो जाता है। जब बाप को निरन्तर याद करेंगे तब याद से ही बहुत जन्मों के पाप कटेंगे, सतोप्रधान बनेंगे।)

8. यहाँ हर एक को बिठाया जाता है कि _____ हो बाप की याद में बैठो और साथ-साथ यह जो सृष्टि _____ है उनको भी याद करो। इनको स्वदर्शन चक्र कहा जाता है, जिससे ______ ख्यालात खत्म हो जायेंगे। कमल फूल समान गृहस्थ व्यवहार में रह _____ बनो। भविष्य 21 जन्म तुम पवित्र दुनिया का ______ बनेंगे।
°अशरीरी, चक्र, आसुरी, पवित्र, मालिक

9. जबकि बागवान बाप आकर कांटों को फूल बनाकर फूलों का बगीचा सतयुग बनाते है, हमें *किंग् आॅफ फ्लावर* जरूर बनना है। इसके लिए क्या युक्ति है? (3)
° कोई *बदबू न रहे* । बुरे ख्यालात निकल जाने चाहिए।
° माया के तूफान गिराने के लिए बहुत आयेंगे। *कर्मेन्द्रियों से कोई विकर्म नहीं करना* है।
° ऐसे-ऐसे अपने को *पक्का करना* है। अपने को सुधारना है।

10. *84 के चक्र* को कौन समझेंगे?
° *जो (पूरा) 84 का चक्र लगाते* हैं वही समझने आयेंगे।

11. *विकारों का अंश समाप्त* करने लिए कौन-सा वन्डरफुल पुरूषार्थ है? (2)
° निरन्तर *अन्तर्मुखी* रहने का पुरूषार्थ। अन्तर्मुख अर्थात् सेकण्ड में *शरीर से डिटैच* । इस दुनिया की सुध-बुध बिल्कुल भूल जाए। *एक सेकण्ड में ऊपर* जाना और आना।
° कर्म करते-करते *बीच-बीच में* अन्तर्मुखी, ऐसा लगे जैसे बिल्कुल *सन्नाटा* है। कोई भी चुरपुर नहीं। यह सृष्टि तो जैसे है ही नहीं।

12. बाबा ने आज कौन-से *5 दृष्टान्त* याद किये?
° *रावण* का (5 + 5 विकार)
° *हनूमान* का
° *अंगद* (उनको रावण ने हिलाया परन्तु हिला न सका। अर्थात्‌ बाप कहते हैं माया तुमको कितना भी हिलाये परन्तु तुम स्थिर रहो।)
° *भ्रमरी*🐝(तुम विष्टा के कीड़ों को ज्ञान-योग की भूँ-भूँ कर पतित से पावन बनाते हो। बाप को याद करो तो सतोप्रधान बन जायेंगे!)
° *कछुआ* 🐢 (इन्द्रियों को समेटकर अन्तर्मुख हो बैठ जाता। तुमको भी बाप कहते हैं भल कर्म करो फिर अन्तर्मुख हो जाओ।)

13. जबकि हम श्रीमत से श्रेष्ठ पुण्य आत्मा बन रहे, तो बाबा ने *श्री श्री 108 की माला* का आध्यात्मिक रहस्य क्या सुनाया? (3)
° ऊपर में है *फूल* , उनको कहेंगे *शिव* । वह है निराकारी फूल।
° (मेरु) फिर *साकार* में मेल-फीमेल हैं, उनकी माला बनी हुई है। शिवबाबा द्वारा यह पूजन सिमरण लायक बनते हैं।
° (दाना) तुम बच्चे जानते हो – बाबा हमको विजय माला का *दाना* बनाते हैं। (हम *विजय* पा रहे हैं याद के बल से, याद से ही विकर्म विनाश होंगे।)

14. *अपने में क्या देखना* है? _(चार्ट चेकिंग के प्रश्न)_ (6)
° देखो हम *लायक* बने हैं?
° कोई *विकार तो नहीं* सताता है?
° हम बाप को *याद* करते हैं? (बाप जो विश्व का मालिक बनाते हैं, ऐसे बाप को दिन-रात याद करना चाहिए)
° आज *कितना* घण्टा याद में रहा? कल 3 घण्टा याद में रहा, आज 2 घण्टा रहा – यह तो आज घाटा हो गया
° देखना है कितना *सच्चा* सोना बना हूँ?
° हमारी *आंखें* कहाँ मतवाली तो नहीं बनी? (बजार में चने देख दिल तो नहीं हुई?)

15. *भारत में ही* पुकारते हैं तुम मात-पिता……. विलायत में मात-पिता अक्षर नहीं कहते। क्यों?
° क्योंकि *भारत में ही (मात-पिता द्वारा) सुख घनेरे थे, भारत स्वर्ग था* – यह भी तुम जानते हो।
° बच्चे जानते हैं स्वर्ग की स्थापना करने वाला परमपिता परमात्मा है, उसमें सुख घनेरे हुए हैं।

16. भगवानुवाच है तो जरूर बच्चों को ही पढ़ायेंगे। तो *भगवान* किसको कहेंगे? (4)
° भगवान तो *निराकार* परमपिता परमात्मा को कहा जाता है। (खुद कहते हैं मैं साधारण तन में प्रवेश करता हूँ)
° वह है सुप्रीम गॉड फादर अथवा *सुप्रीम सोल* ।
° भगवान तो *एक ही* होता है।
° वह है निराकार, सब *आत्माओं का बाप* (इसलिए आपस में भाई-भाई कहते हैं)

17. ड्रामा का खेल है – राम राज्य में सुख , ______ राज्य में _____। नाम भी है ______ दुनिया फिर वाइसलेस दुनिया अर्थात् ______ दुनिया से नई बनती है। कहेंगे ब्रह्मा तथा ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मणों का दिन फिर उन्हीं ब्राह्मणों की ______ ।
°रावण, दु:ख, विशश, पुरानी, रात

18. हम सब *सीताओं को* बाप (राम) क्या कहते?
° *एक बाप को याद करो तो पाप कट जायेंगे*। बाकी और कोई बातें हैं नहीं। (अभी तुम समझते हो रावण कोई ऐसा मनुष्य नहीं है। यह तो विकारों की प्रवेशता हो जाती है तो रावण सम्प्रदाय कहा जाता है।)

19. सतयुगी *विश्व में शान्ति* क्यों है? (2)
° भारत में *(सिर्फ) 9 लाख* होते, शान्ति होती।
° *एक ही आदि सनातन देवी-देवता धर्म* है (और धर्म ही नहीं जो ताली बजे।)

20. शिव जयन्ती में *व्रत* आदि रखते। व्रत का आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° व्रत रखना है *विकारों का*। विकार में नहीं जाना है। इनसे ही तुमने आदि-मध्य-अन्त दु:ख पाया है। (अब यह *एक जन्म पवित्र बनो* । पुरानी दुनिया का विनाश सामने खड़ा है।)

21. जब ब्रह्मा द्वारा नई सृष्टि रचते हैं तो ______ हो जाते हैं। यह है युक्ति। क्रिमिनल आई एकदम निकालने की। अब बाप आये हैं निर्विकारी दुनिया बनाने। बाप कहते हैं – बच्चे, ____ महाशत्रु है, उन पर जीत पानी है। सम्पूर्ण निर्विकारी ____ बनना है। यहाँ तुम श्रीमत से श्रेष्ठ ______ आत्मा बन रहे हो।
°बहन-भाई, काम, पवित्र, पुण्य

Answers from Sakar Murli 25-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-08-2020*

1. नाज़ुक परिस्थितियों के पेपर में पास होना है तो अपनी नेचर को ______ बनाओ।
°शक्तिशाली

2. अपने को *वर्ल्ड सर्वेन्ट, सच्चे सेवाधारी* समझने से क्या प्राप्तियां होती? (2)
° जैसे सर्वेन्ट को सदा सेवा और मास्टर याद रहता। ऐसे *बाप और सेवा* के सिवाए कुछ भी याद नहीं रहता, इससे ही *एकरस स्थिति* में रहने का अनुभव होता है।
° उन्हें एक बाप के रस के सिवाए सब रस नीरस लगते। कहाँ भी आकर्षण नहीं जाती, *सर्व आकर्षणों से मुक्त* बनते।

3. _____ समझ बाप को याद करने में बहुत मज़ा है। बाप कहते हैं फिर हम आकर ज्ञान अमृत की ____ करते हैं। बाप आकर ज्ञान रत्न चुगने वाला ____ बनाते हैं। आगे चल तुम्हारे चरणों में सब झुकेंगे। कहेंगे बरोबर यह मातायें ____ का द्वार खोलती हैं।
°आत्मा, वर्षा, हंस, स्वर्ग

4. तुम इस सारे विश्व को स्वर्ग बनाते हो। अपने को _____ में लाना चाहिए। हम श्रीमत से अपनी ______ स्थापन कर रहे हैं। वहाँ तो ______ के महल होते हैं, सब प्रकार के वैभव होते हैं। जब _____ होगा तब तुम स्वर्ग के साक्षात्कार के हलवे खायेंगे।
°नशे, राजाई, हीरों, विनाश

5. सुखधाम के *देवी-देवता धर्म* को ऊंच ते ऊंच धर्म क्यों कहते?
° क्योंकि सुखधाम में तुमको *सुख भी है तो शान्ति भी है*, इसलिए तुम्हारा ऊंच ते ऊंच धर्म है। ( *अथाह सुख* रहता है। विचार करो हम क्या बनते हैं। स्वर्ग के मालिक बनते हैं। वह है *हीरे जैसा जन्म* ।)

6. *बाप समान मीठा, प्यार का सागर, सूर्यवंशी लक्ष्मी-नारायण* (16 कला सम्पूर्ण, परफेक्ट, सतोप्रधान, सम्पूर्ण निर्विकारी, एवरहेल्दी) बनने के लिए क्या करना है? (4)
° *याद* ही प्यार खींचता है।
° बहुत मीठे, बहुत प्यारे बनने चाहते हो, ऊंच पद पाना चाहते हो तो *मेहनत* करो।
° जब समझेंगे कि *हम आत्मा हैं*। देही-अभिमानी बनने के लिए बहुत प्रयत्न करो।
° जितना हो सके कोशिश करो – मैं आत्मा हूँ, बाबा का बच्चा हूँ। अन्दर में *बहुत खुशी* रहनी चाहिए।

7. *याद* से और कौन-कौन सी प्राप्तियां होती? (5)
° *बाप भी तुमको मीठा लगेगा* ।
° कहाँ-कहाँ *खिट-खिट* होती है, *अहंकार* आ जाता है, वह कभी नहीं होगा – याद की यात्रा में रहने से।
° *दिल पर चढ़ते* । *याद से याद* मिलेगी।
° जितनी कलायें बढ़ेगी उतना *खुशी का पारा* चढ़ेगा।
° बाप की याद से ही *पाप कटते* हैं, रात-दिन कोशिश करनी चाहिए। फिर कर्मेन्द्रियों की *चंचलता बन्द* हो जायेगी।

8. आज के मनुष्य क्या हैं, कल के क्या होंगे। अभी तुम हो बीच में। _____तारे कुसंग बोरे। तुम पुरूषोत्तम बनने के लिए बाप का _____ पकड़ते हो। नहीं तो माया खींच लेती है। अब तुम बच्चों को बाप के साथ _____ बुद्धियोग लगाना है, इसमें मूँझना नहीं है।अब बाप इशारा देते हैं _____ में रहने का। तुम बुलाते ही हो कि हमको आकर पतित से पावन बनाओ।
°संग, हाथ, पूरा, याद

9. अगर तुम बच्चे चाहते हो परफेक्ट दुनिया में जायें तो ________ बनना है। अब मुझ आत्मा को परमात्मा बाप कहते हैं तुम पहले _____ थे। सब आत्मायें वहाँ _______ ही हैं।
°परफेक्ट, परफेक्ट, परफेक्ट

10. *किसको थोड़ा समझाया* – इसमें बाबा बहुत खुश होते है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बाबा बार-बार समझाते हैं – याद को बढ़ाओ। किसको थोड़ा समझाया – इसमें बाबा खुश नहीं होते। एक पण्डित की भी कथा है ना।)

11. यह घमण्ड रख सकते कि *हमको ज्ञान बहुत है* । _(सही / गलत)_ (3)
° *गलत* (मूल बात है याद। ज्ञान तो *बिल्कुल सहज* है। कोई भी सीख जायेंगे। आत्मायें सब भाई-भाई हैं। बाप एक है। 84 जन्म कल्प-कल्प लेते आये। पिछाड़ी में तमोप्रधान दु:खी बने।
° सिर्फ नॉलेज को परफेक्ट नहीं कहा जाता। पढ़ाई तो *बिल्कुल कॉमन* है, पवित्र बनना है, याद में रहना है।
° बहुत हैं जिनकी याद का चार्ट है नहीं। गोया *फाउन्डेशन है नहीं* ।

12. बाप को अविनाशी सर्जन भी कहा जाता है। ज्ञान ______ सतगुरू दिया। _____- का दाना बनना है तो पुरूषार्थ करना पड़े।
°इन्जेक्शन, माला

13. सभी मनुष्य मात्र दान तो करते ही हैं (यात्रा पर, फकीरों को, चावल मुट्ठी आदि)। अभी बाबा हमको *डबल दानी* बनाते हैं। कैसे?
° बाप कहते हैं तीन पैर पृथ्वी पर तुम यह *ईश्वरीय युनिवर्सिटी, ईश्वरीय हॉस्पिटल (दोनों एक में!)* खोलो जिसमें मनुष्य 21 जन्मों के लिए आकर शफा पायें।

14. तुम जानते हो – यह है पुरुषोत्तम संगमयुग। हम अभी *पुरुषोत्तम बन रहे* हैं, तो हमें क्या करना चाहिए? (2)
° *पूरा पढ़ना चाहिए*।
° *लोक-लाज* कुल की मर्यादा में भी बहुत फँसे रहते हैं। (इस बाबा ने तो कोई की भी परवाह नहीं की। पहले-पहले आने वालों ने तो कमाल की। अभी ऐसे कोई विरले निकलेंगे। लोक-लाज बहुत है। पहले जो आये उन्हों ने बहुत हिम्मत दिखाई।)

15. अरे गीता में भगवानुवाच है ना – ____ महाशत्रु है, इन पर जीत पाने से विश्व के मालिक बनोगे। मुझ से भी कोई कहलाते हैं कि _____ विकार को जीतने से तुम जगतजीत बनेंगे। तुमको स्वर्ग की बादशाही देने आया हूँ। अब _____ बनो और बाप को याद करो। _____ रहने से ही याद में रह सकेंगे। यह प्वाइंट अच्छी रीति धारण करो।
°काम, काम, पवित्र, पवित्र

16. बाबा ने कहा इस *पुरानी दुनिया से दिल नहीं लगानी* है (तब ही अच्छे से बाबा को याद कर कल्प-कल्पनान्तर का भाग्य बना सकेंगे)। तो बेहद का वैराग्य दिलाने बाबा ने कौन-सी बातें सुनाई? (7)
° दुनिया में मनुष्य कितना लड़ते झगड़ते हैं। जीवन ही जैसे *ज़हर मिसल* कर देते हैं।
° यह है ही विषय सागर। रौरव नर्क में सब पड़े हैं, बहुत गन्द है। दिन-प्रतिदिन गन्द वृद्धि को पाता रहता है। इनको कहा जाता है *डर्टी वर्ल्ड*।
° एक-दो को दु:ख ही देते रहते क्योंकि *देह-अभिमान का भूत* है। काम का भूत है। बाप कहते हैं इन भूतों को भगाओ। यह भूत ही तुम्हारा काला मुँह करते हैं।
° यहाँ तो *सब मिलावटी चीजें* हैं। सबसे तन्त (सार, इसेन्स) निकाल बाकी दे देते हैं। गाय को खाना भी ठीक नहीं मिलता।
° *एटॉमिक बॉम्ब्स* बनाने वालों का भी मान कितना है, इनसे सबका विनाश हो जाता है।
° यहाँ तो *कैसी-कैसी बीमारियां* होती हैं। बीमारी में कितनी बांस हो जाती है। हॉस्पिटल में देखो तो ऩफरत आती है। कर्मभोग कितना है। विकारी मनुष्यों की आयु भी कितनी छोटी हो जाती है।
° बुलाते भी हैं हे दु:ख हर्ता सुख कर्ता परमात्मा, हे मात-पिता……. अच्छा, मात-पिता की बॉयोग्राफी तो बताओ। *कुछ भी पता नहीं* ।

Answers from Sakar Murli 22-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-08-2020*

1. ______ वा ______ सेवा का प्रत्यक्षफल है खुशी।
°युक्तियुक्त, यथार्थ

2. *सतयुग* में क्या नहीं होंगा? (3)
° कोई *लड़ाई* -झंझट नहीं होगी। *जेल* आदि नहीं रहेगा। *कोर्ट* आदि कुछ नहीं होगा। (वहाँ तो सुख ही सुख है। इसके लिए पुरूषार्थ करना है।)

3. तुम ही मैसेन्जर्स हो जो सबको बाप का मैसेज देते हो कि _______ । याद की यात्रा से _______ -जीत बनना है।
°मनमनाभव, विकर्मा

4. *बाबा से स्वर्ग का वर्सा* सिर्फ किनको मिलता है? _(आज की मुरली अनुसार)_
° बाबा कहते हैं *जो मेरे बनते हैं*, उन्हों को ही मैं वर्सा देता हूँ। (लौकिक बाप को भी सपूत बच्चे ही प्यारे लगते हैं।)
° *जो श्रीमत पर पवित्र रहते*। (बच्चों को ही बाप सुधारेंगे ना। सारी दुनिया को कैसे सुधारेंगे। बाहर वालों को कहेंगे बच्चों से समझो।)

5. *विश्व में शान्ति* कब होती? (2)
° लड़ाई के बाद। तुम बच्चे पहले *कर्मातीत अवस्था* को पाओ, इसमें ही मेहनत है।
° बाप कहते हैं *मामेकम् याद* करो और गृहस्थ व्यवहार में रहते *कमल फूल समान पवित्र* बनो और सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का *ज्ञान सिमरण* करते रहो

6. *पवित्र बनना* क्यों इतना जरूरी है? (2)
° क्योंकि पवित्र बनने बिगर तो *ज्ञान की धारणा* हो न सके। (यह ज्ञान तो है – परमपिता परमात्मा का। इसको धारण करने के लिए सोने का बर्तन चाहिए।)
° पवित्रता नहीं तो *योग* की यात्रा ही खत्म। *ज्ञान* भी खत्म। ( *सेवा* भी) किसको कह न सके – भगवानुवाच, काम महाशत्रु है।

7. *इकट्ठे रहते* भी पवित्र रह सकते। _(सही / गलत)_
° *सही* (बहुत सहज है *राजयोग के बल से* ।)
° यहाँ तो विश्व की *बादशाही की प्राप्ति* होती है।
° बाप कहते हैं मेरे खातिर कुल की लाज रखो। शिवबाबा कहते हैं इनके दाढ़ी की लाज रखो। यह एक अन्तिम जन्म पवित्र रहो तो *स्वर्ग के मालिक* बनेंगे।

8. बाबा क्यों कहते *रोज़ पोतामेल* रखो?
° (क्योंकि) जैसे बाप सर्वशक्तिमान् है वैसे *माया भी सर्वशक्तिमान् है* (कभी भी उल्टा कार्य करा सकती)। आधाकल्प रावण का राज्य चलता है। इन पर जीत बाप बिगर कोई पहना न सके।

9. विकारों को वश करने से ही ईश्वरीय सुख-शान्ति में रह सकते, और हमें तो खुद शान्ति में रहकर औरों को शान्ति में लाना है, इसमें _____ -शक्ति जरूर चाहिए।ज्ञान का पहला गुण है _______ -शक्ति धारण करना।
°सहन, सहन

10. तो यदि कोई उल्टा-सुल्टा बोले, फिर *कैसे शान्त रह सकते* ? _(मम्मा ने 3 युक्तियां सुनाई)_
° ऐसे समझो कि *मुझे कहाँ लगा?* भल जिसने बोला वो खुद तो अशान्ति में आ गया, उन्हों का हिसाब-किताब अपना बना। लेकिन हम भी अशान्त हो कुछ कह दे तो फिर हमारा विकर्म बनेगा (ऐसी विकर्म बनाने की कॉम्पीटेशन नहीं करनी है। अपने को तो विकर्मों को भस्म करना है।, ऐसे विकर्म तो जन्म जन्मान्तर बनाते दु:ख उठाते आये।)
° सोचो *यह तो मेरी परीक्षा है*, कितने तक मेरे अन्दर सहनशक्ति है?
° जो विकारों के वश है गोया उन्हों में (उस समय) *भूत प्रवेश है*, भूतों की भाषा ही ऐसे निकलती है। परन्तु हम तो दैवी सोल्स हैं ना, जिनकी भाषा दैवी होती!)

11. सेवा का प्रोग्राम शुरू करने से पहले कौन-सी *शुद्धि की विधि* अपनानी है? (जिससे किले में *हर आत्मा सदा विजयी और निर्विघ्न* बन जाए)
° इसके लिए विशेष टाइम पर *चारों ओर एक साथ योग के प्रोग्राम* रखो। (फिर कोई भी इस तार को काट नहीं सकेगा, माया अपना नहीं बना सकेंगी)
° आप सर्व श्रेष्ठ आत्माओं का *संगठित रूप में एक ही शुद्ध संकल्प* हो – विजयी।

12. यहाँ बाप तो *ऐसे नहीं कहेंगे* – फण्ड्स इकट्ठा करो। क्यों?
° यहाँ तो जो *(आपेही) बीज बोयेंगे*, 21 जन्म उसका फल पायेंगे। (ईश्वर समर्पणम्!)

13. जबकि पतित-पावन ज्ञान-सागर बाप ही इस समय राजयोग का ज्ञान देकर पावन-राजा बनाते (सतयुगी राजधानी में), तो हमें भी सबकी सेवा करनी है। तो आज *सेवा की कौन-सी अनोखी युक्ति* बाबा ने सुनाई?
° ऐसी-ऐसी प्वाइंट्स *लिखकर एरोप्लेन द्वारा गिराओ*।

14. कैसी-कैसी *पॉइंट्स* / स्लोगन लिख सकते? _(सेवा में, विश्व में शान्ति पर)_
° ड्रामा अनुसार कल्प पहले मुआफिक *विश्व में शान्ति स्थापन हो जायेगी* (सतयुग में।)
° इस लड़ाई के बाद विश्व में शान्ति होनी है, 5 हज़ार वर्ष पहले मुआफिक। वहाँ *एक ही आदि सनातन देवी-देवता धर्म* था। (इसलिए कोई खिटखिट नहीं)
° इस लड़ाई के बाद विश्व में शान्ति होनी है ड्रामा अनुसार। *कल्प-कल्प विश्व में शान्ति होती*। (यह ड्रामा की सुन्दर नुन्ध है)

15. जब कोई शरीर छोड़ता, तो कहते हैं *स्वर्ग पधारा* । यहां क्या सुना सकते?
° परन्तु स्वर्ग है कहाँ। यह तो नर्क है। स्वर्गवासी हुआ तो ज़रूर नर्क में था। *हम तुमको ऐसी युक्ति बतायें जो तुम सच-सच स्वर्ग में जाओ*।

16. गीता में ____ करने से ही भारत का यह हाल हुआ है। कहाँ जन्म-मरण रहित शिवबाबा, कहाँ पूरे 84 जन्म लेने वाला कृष्ण। उनके ही ______ जन्म में बाप आकर प्रवेश करते हैं। बाकी शास्त्रों में पाण्डव और कौरवों की लड़ाई, जुआ आदि बैठ दिखाये हैं। ऐसी बात हो कैसे सकती। राजयोग की पढ़ाई ऐसी होती है क्या? युद्ध के मैदान में गीता _____ होती है क्या?
°भूल, अन्तिम, पाठशाला

17. शिवबाबा आते हैं बच्चों को ____ जैसा बनाने तो उनके लिए फिर डिब्बी भी ऐसी _____ की चाहिए, जिसमें बाप आकर प्रवेश करे। अब यह सोने का कैसे बने तो फट से उनको ______ कराया – तुम तो विश्व के मालिक बनते हो। अब मामेकम् याद करो, पवित्र बनो तो झट पवित्र होने लग पड़े।
°हीरे, सोने, साक्षात्कार

Answers from Sakar Murli 14-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-07-2020*

1. बाप आकर वर्थ ______ बनाते हैं। अभी तुम बच्चे बहुत _____ बनते हो। तुम्हारी बहुत ______ हो रही है। तुम बच्चे जानते हो कि अभी हम सो देवता बन रहे हैं तो तुम बच्चों को कितना ______ नशा चढ़ा रहना चाहिए। यह है विश्व के ______ का नशा।
°पाउण्ड, धनवान, कमाई, नारायणी, मालिकपने

2. *कृष्ण* की इतनी महिमा क्यों है? (2)
° क्योंकि *सबसे जास्ती ब्युटीफुल* बनते हैं।
° *नम्बरवन में कर्मातीत* अवस्था को पाते हैं, इसलिए नम्बरवन में गायन है।

3. गाते हैं नयन हीन को राह दिखाओ प्रभु…. अभी हम सर्वोत्तम ब्राह्मण कुल भूषण को ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है। तो आज की मुरली अनुसार हम *आत्मा* में बारे में क्या जानते हैं? और *परमात्मा* के बारे में? तो अभी हमे *क्या करना* है? ज्ञान के तीसरे नेत्र वालों की क्या *निशानी / प्राप्ति* है? (2)
° (आत्मा) हमारा *स्वधर्म है शान्ति* (तुम अभी शान्ति के लिए थोड़ेही कहाँ जायेंगे)। अभी हमे देही-अभिमानी बनना है (आत्मा बिगर शरीर की कोई वैल्यू नहीं)
° प्रभू वा ईश्वर परमात्मा हम आत्माओं का *बाप* हैं (जिनसे वर्सा मिलता है)। उनका नाम है *शिव* । वह *बिन्दी* स्वरूप है (जिनकी सजावट नहीं कर सकते)। *ज्ञान का सागर* है, शरीर लेना पड़ता है तुमको सुनाने के लिए। बाबा *पतित-पावन* है।
° *अब पावन बनना है*। आत्मा पवित्र बनती है तो शरीर भी पवित्र बनता है। बाप बार-बार कहते हैं – बच्चे, मनमनाभव। हे आत्मायें अपने *बाप को याद* करो।
° जिन बच्चों को ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है उनकी *बुद्धि और चलन आदि बड़ी रिफाइन* होती है। तुम रचता और रचना के आदि-मध्य-अन्त को जानकर *चक्रवर्ती राजा* बनते हो।

4. आज ब्रह्मा बाबा ने अपना कौन-सा *अनुभव* सुनाया? और क्यों?
° बाबा खुद अपना अनुभव बताते हैं। *भोजन पर याद* करता हूँ – शिवबाबा हमको खिलाते हैं फिर भूल जाते हैं। फिर स्मृति में आता है।
° तुम्हारे में भी नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार हैं। अभी तुमको *बहुत मेहनत करनी है* । बाप कहते हैं – बच्चे बहुत कमज़ोर हैं। *याद* भूल जाती है।

5. *स्वदर्शन चक्र* रांग तरफ चल जाता है, तो क्या होता? और राइट तरफ चलने से क्या होता?
° (रांग तरफ) तब मायाजीत बनने के बजाए *पर के दर्शन* के उलझन के चक्र में आ जाते हो जिससे *क्यों और क्या के क्वेश्चन की जाल* बन जाती है जो स्वयं ही रचते और फिर स्वयं ही *फंस जाते*।
° (राइट तरफ) स्वदर्शन चक्र फिराते रहो तो क्यों क्या के क्वेश्चन की जाल से मुक्त हो *योगयुक्त, जीवनमुक्त, चक्रवर्ती बन बाप के साथ विश्व कल्याण* की सेवा में चक्र लगाते रहेंगे। विश्व सेवाधारी चक्रवर्ती राजा बन जायेंगे।

6. *फ़ूलों* के सन्दर्भ में बाबा ने कौन-सी पॉइंट्स सुनाई? (6)
° तुम फूलों का *बगीचा* बनाते हो (गार्डन ऑफ फ्लावर्स, सतयुग)
° इसका *सैपलिंग* अब (संगम पर) लगता है
° बाबा है *बागवान* ।
° *माली* तुम बच्चे हो जो सेन्टर्स सम्भालते हो।
° यह ब्रह्मा और सरस्वती *किंग क्वीन फ्लावर* ठहरे। ज्ञान और याद दोनों में तीखे हैं।
° हममे से कोई किंग ऑफ फ्लावर हैं, कोई गुलाब, कोई मोतिया हैं। (अब धारणा कर हाइएस्ट बनना है)

7. हमारा *फ़र्ज* क्या है?
° अपने हमजिन्स की *सेवा करना*, भारत की सर्विस करना। तुम जानते हो हम क्या थे, क्या बन गये हैं। (तो सबको भी श्रेष्ठ बनाना है)

8. अब तुम नास्तिक से ______ बनते हो। _____ ही ज्ञान धारण करती है। अभी तुम बच्चे कितने _____ बुद्धि बनते हो।
°आस्तिक, आत्मा, स्वच्छ

9. कल बाबा ने स्लोगन में कहा, *प्लान को प्रैक्टिकल* में लाने से पहले बालक सो मालिक बनना है। आज क्या कहा?
° *प्लेन बुद्धि* से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ तो सफलता समाई हुई है।

10. बाबा ने आज *भट्ठी* का मिसाल क्यों याद किया?
° तुम बच्चों को यहाँ 7 रोज़ भट्ठी में बिठाया जाता है। भट्ठी में ईटें *कोई तो पूरी पक जाती हैं, कोई कच्ची रह जाती* हैं। भट्ठी का मिसाल देते हैं।

11. तुम्हारे ऊपर *फूल* नहीं चढ़ सकते हैं। _(सही / गलत)_
° *सही* (फूल तब चढ़े जब शरीर भी पवित्र हो। यहाँ कोई का भी शरीर पवित्र नहीं है। तुम्हारा पूजन नहीं है, सिमरण है।)

12. *विनाश* कब होगा?
° जब *तुम्हारी पूरी तैयारी* हो जायेगी, सब फूल बन जायेंगे तब विनाश होगा।

13. गुलबकावली की कहानी में भी *बिल्ली* का नाम दिखाया है। जो दीवे (दीपक) को बुझा देती थी। बाबा ने इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या सुनाया?
° *माया बिल्ली* विघ्न डाल देती है। तुम्हारी अवस्था को ही गिरा देती है। देह-अभिमान है पहला नम्बर फिर और विकार आते हैं। मोह भी बहुत होता है। तुम्हें मोह की बिल्ली या बिल्ला नहीं बनना है।