Answers from Sakar Murli 13-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 13-07-2020*

1. *विश्व में शान्ति* की टॉपिक पर कौन-सी खुशखबरी सुनानी / लिखनी है? किस अंदाज में और किन्हें? इसके लिए पहले हमे कैसा बनना है? (3)
° 5 हज़ार वर्ष पहले विश्व में शान्ति थी जब इन लक्ष्मी-नारायण का राज्य था (नई दुनिया, नया भारत, सुखधाम, सतोप्रधान दुनिया थी)। क्योंकि *एक ही आदि सनातन देवी-देवता धर्म* था। अब यह फिर से स्थापन करने भगवान् ने यह रूद्र यज्ञ / ब्राह्मण रचे है।
° बड़ा शौक से समझाये। छपा भी सकते हो, *ब्युटीफुल कार्ड* में। भभके से बैठकर समझाएं। बड़े-बड़े मन्दिर बनाने वालों को भी
° ऐसे शान्ति स्थापन करने वाले बच्चे बहुत *शान्तचित* और बहुत *मीठे* चाहिए क्योंकि जानते हैं – हम निमित्त बने हैं विश्व में शान्ति स्थापन करने। बातचीत भी बहुत आहिस्ते-आहिस्ते बड़ी *रॉयल्टी* से करनी है। खुद को ही खुशी नहीं होगी, शान्ति नहीं होगी तो वह विश्व में शान्ति क्या स्थापन करेंगे! बाप आते ही हैं शान्ति का वरदान देने।

2. तुम्हारी बुद्धि में अविनाशी _______ का खजाना भरा हुआ है। बाप के तुम वारिस हो ना। जितना बाप के पास खजाना है, तुमको भी _____ भरना चाहिए। सारी मिलकियत आपकी है, परन्तु वह ______ नहीं है तो ले नहीं सकते। लेने वाले ही ______ पद पायेंगे। बाप कहते हैं तुम्हारा यह समय एक-एक सेकण्ड मोस्ट _______ है। यह बातें सिमरण करने से भी तुम बच्चों को बड़ी _____ होनी चाहिए।
°ज्ञान रत्नों, पूरा, हिम्मत, ऊंच, वैल्युबुल, खुशी

3. बाप को *याद करने से ही हम (शान्त) विश्व के मालिक* बनने वाले हैं। कैसे? तो याद के लिए बाबा ने कौन-सी *सहज युक्तियां* सुनाई? याद से दो बहुत *सुन्दर प्राप्तियां* कौन-सी है?
° कहते हैं मुझे याद करो तो तमोप्रधान बनने कारण जो आत्मा अशान्त हो पड़ी है वह याद से (विकर्म विनाश हो) *सतोप्रधान शान्त* बन जायेगी।
° बाबा ने समझाया है जो भी टाइम मिले बाबा की याद में रहो। *सवेरे में स्नान कर फिर एकान्त में चक्र लगाओ या बैठ जाओ* । यहाँ तो कमाई ही कमाई करनी है। अलबेलापन-नींद को छोड़।
° *एवर हेल्दी और सदा पावन* बनने के लिए ही याद है

4. _____ रखने से घाटे-फायदे का पता पड़ जाता है। कहते हैं _____ ने तो मेरी अवस्था में कमाल कर दी है। ऐसे बिरला कोई _____ रखता है।
°चार्ट, चार्ट, चार्ट

5. *प्लैन को प्रैक्टिकल* में कैसे लाना है?
° बालक और मालिक पन के *बैलेन्स* से।

6. सबको _____ देते जाओ, चुप करके नहीं बैठो। _____ में भी तुम समझाकर लिटरेचर दे दो। बोलो, यह _____ की मिलकियत है।
°पैगाम, ट्रेन, करोड़ों

7. तुम बच्चे जानते हो (दुनिया में) अनेक प्रकार की मतें हैं। हम ब्राह्मणों की कैसी / कौन-सी *मत* है?
° *एक* मत। विश्व में शान्ति स्थापन करने की मत।

8. बच्चों को कौन-सा *निश्चय* है?
° अभी बाकी थोड़ा समय है। यह हमारा अन्तिम जन्म है फिर *हम स्वर्ग में होंगे*। यह दु:खधाम है फिर सुखधाम हो जायेगा। (बनने में टाइम तो लगता है ना।)

9. बाबा ने वरदान में कहा सदा *विष्णु की शेश शैया* का चित्र अपने सामने देखो। यह किसका यादगार है? इससे *प्राप्ति* क्या है? (4)
° *सहजयोगी जीवन* का यादगार। सहजयोग द्वारा विकारों रूपी सांप भी अधीन हो जाते हैं।
° जो बच्चे विकारों रूपी सांपों पर विजय प्राप्त कर उन्हें आराम की शैया बना देते हैं वह सदा विष्णु के समान *हर्षित व निश्चितं* रहते हैं। मैं विकारों को अधीन किया हुआ *अधिकारी* हूँ। आत्मा सदा *आराम* की स्थिति में निश्चितं है।

10. तुम जितना बाप को याद करेंगे और सर्विस करेंगे उतना _____ पायेंगे। बच्चे नाम बाला करेंगे हमारे _____ का। तुम बच्चों को भी ईश्वरीय _____ का, _____ का नाम बाला करना है।
°सुख, कुल,कुल, बाप

11. जैसे नया घर बनता है तो फिर नये घर की ही याद आती है। वह है हद की बात, उसमें कोई _____ आदि थोड़ेही बदल जाते हैं। यह तो पुरानी _____ ही बदलनी है फिर जो अच्छी रीति पढ़ेंगे वह _____ कुल में आयेंगे।
°सम्बन्ध, दुनिया, राजाई

12. (पुरूषार्थ नहीं करेंगे तो भी) *स्वर्ग* में तो जायेंगे ना। यह सोचना ठीक है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (अरे, मार खाकर पाई पैसे का सुख पाना यह कोई अच्छा है क्या। मनुष्य ऊंच पद पाने के लिए कितना पुरूषार्थ करते हैं। ऐसे नहीं कि जो मिला सो अच्छा।)

13. इस समय कन्या का इतना *मान* क्यों हुआ है?
° क्योंकि तुम ब्रह्माकुमार- *कुमारियाँ* हो ना। मैजारिटी तुम कन्याओं की है। शिवशक्ति पाण्डव सेना गाई हुई है। इनमें मेल भी हैं, मैजारटी माताओं की है इसलिए गाया जाता है।)

Answers from Sakar Murli 16-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-07-2020*

1. हम ज्ञान-सागर बाप के त्रिकालदर्शी बच्चे जानते है कि जो पास्ट की महिमा है, वह प्रेजन्ट में फिर रिपीट हो रही है। ड्रामा प्लैन अनुसार बरोबर *पुरूषोत्तम संगमयुग* 5 हज़ार वर्ष पहले पास्ट हो गया है, अब फिर प्रेजन्ट है। इसमें भी मुख्य बात क्या समझनी हैं? तो अब *हमें क्या करना है*? इससे कौन-सी *सर्वश्रेष्ठ प्राप्ति* होती? (2)
° बाप *राजयोग* सिखला रहे हैं, हम फिर सतयुग में राज्य पायेंगे।
° हमें श्रीमत पर *पतित-पावन बाप की याद की शक्ति से विकर्म विनाश* कर पावन बनना है (विकर्म विनाश के समय फिर विकर्म नहीं करना)
° तुम बच्चों को कितना *अतीन्द्रिय सुख* रहना चाहिए। तुम यहाँ *अविनाशी ज्ञान धन से बहुत-बहुत साहूकार* बन रहे हो, नई दुनिया के लिए।
° सतयुग में *सब ऊंच नम्बरवन श्रेष्ठ पवित्र विश्व के मालिक* होंगे।

2. हम श्रीमत द्वारा शक्ति लेने वाली *संगमयुग की शिव शक्तियाँ देवियाँ* है। हम सबको कौन-सा वरदान देते?
° तुम संगमयुगी देवियां *स्वर्ग का वरदान* देने वाली हो।
° तुम देवियां मनुष्यों को ज्ञान दान करती हो जिससे *21 जन्म के लिए सुख की सब सब कामनायें पूर्ण* कर देती हो।

3. इतनी *मीठी-मीठी ज्ञान की बातें* बुद्धि में कब आ जायेंगी?
° जब धीरज से *विचार सागर मंथन* करेंगे।

4. बाप ही आकर तुम बच्चों को *अज्ञान नींद से जगाते* हैं, तो फिर हमें क्या करना है?
जिन बच्चों को *पुरूषोत्तम संगमयुग की स्मृति* रहती है, उनकी निशानी क्या है?
° (अज्ञान नींद से) तुम फिर *औरों को जगाते* हो। वह जगते रहते हैं।
° (पुरूषोत्तम संगमयुग की स्मृति) वह *ज्ञान रत्नों का दान करने बिना रह नहीं सकते* । जैसे मनुष्य पुरूषोत्तम मास में बहुत दान-पुण्य करते हैं, ऐसे इस पुरूषोत्तम संगमयुग में तुम्हें ज्ञान रत्नों का दान करना है।

5. *सम्‍पूर्णता को समीप* लाने के लिए विस्‍तार में जाने के बजाए क्या करना?
° *बिन्‍दू बन बिन्‍दू बाप को याद* करो।

6. पढ़ाई सिर्फ स्कूल में नहीं पढ़ी जाती। टीचर लेसन देते हैं घर में पढ़ने के लिए, जिसको *होम वर्क* कहते हैं। हमको बाबा ने कौन-सा होमवर्क दिया है? (2)
° दिन में भल धंधा आदि भी करो, शरीर निर्वाह तो करना ही है। अमृतवेले तो सबको फुर्सत रहती, सवेरे-सवेरे *दो तीन बजे उठकर बाप को प्यार से याद करो*। विकारों (पांच मंजिल से गिरना) घोड़ो।
° शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि भल 8 घण्टा करो, बाकी *8 घण्टा याद में रहने के लिए पुरूषार्थ* करना है। (अन्त में यह कर्मातीत अवस्था होगी, हम शरीर छोड़ चलें जाएंगे, और विनाश होगा)

7. कौन-से बच्चे *अभी-अभी आर्डर हो* (बिगुल बजे कि चले आओ), तो नष्टोमोहा बन चले जायेंगे? इसके लिए हमें क्या करना है?
° जो निमित्त मात्र डायरेक्शन प्रमाण प्रवृत्ति को सम्भालते हुए *आत्मिक स्वरूप में रहते* हैं, मोह के कारण नहीं।
° सदैव *अपने को चेक* करना है कि देह का, सम्बन्ध का, वैभवों का बन्धन अपनी ओर खींचता तो नहीं है। जहाँ *बंधन* होगा वहाँ *आकर्षण* होगी। लेकिन जो *स्वतंत्र* हैं वे बाप समान *कर्मातीत* स्थिति के समीप हैं।

8. इस समय सारा झाड़ जड़जड़ीभूत अवस्था को पाया है। एक भी ______ नहीं, वह तो होते ही हैं शान्तिधाम और सुखधाम में। बच्चे जानते हैं – बाप अभी ______ लगा रहे हैं फिर पूरा झाड़ यहाँ बढ़ेगा। ______ गॉड फादर अक्षर बड़ा क्लीयर है – हेविन स्थापन करने वाला। यह बुद्धि में पक्का करो कि शिवबाबा ब्रह्मा तन से हमको कहते हैं कि मुझे याद करो तो ______ के घराने में चले जायेंगे।
°सतोप्रधान, कलम, हेविनली, विष्णु

9. पढ़ाई तो सहज है, मुख्य है पावन बनने की बात (याद द्वारा)। फिर *बाप को भूलने की बड़ी भूल* क्यों हो जाती है?.
° देह-अभिमान में आने से ही भूलते हो। अब *देही-अभिमानी* बनना है।

10. रावण को मारते आये हैं परन्तु *रावण* मरता ही नहीं। अभी तुम बच्चे जानते हो यह रावण (5 विकार) को जलाना बन्द कब होगा। कब?
° (जब सतयुग में पहुंच जाएंगे, इसी लिए) अभी सच्ची-सच्ची सत्य नारायण की कथा सुनते हो। तुम जानते हो कि हमको अभी बाप से वर्सा मिलता है।

11. पुरूषार्थ करते-करते अगर कभी *फेल* हो पड़ते, तो क्या करना है? (2)
° *बाप को समाचार दो*, बाप सावधानी देंगे फिर से खड़े होने की।
° कभी भी फेल्युअर हो बैठ नहीं जाना है। *फिर से खड़े हो जाओ, (याद की) दवाई कर लो*। सर्जन तो बैठा है ना।

Answers from Sakar Murli 11-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-07-2020*

1. आप _____ का एक कदम बढ़ाओ तो बाप _______ के हजार कदम बढ़ायेंगे।
°हिम्मत, मदद

2. बाबा हमको इन लक्ष्मी-नारायण जैसा बनाते हैं। वैसे आगे तो 21 जन्म के लिए लिखते थे। अभी बाबा लिखते हैं *50-60 जन्म*। क्यों?
° क्योंकि *द्वापर में भी पहले तो बहुत धनवान सुखी* रहते हो ना। भल पतित बनते हो तो भी धन बहुत रहता है। यह तो बिल्कुल जब तमोप्रधान बनते हैं तब दु:ख शुरू होता है। पहले तो सुखी रहते हो।

3. अच्छी रीति धारणा कर और *हर्षित* होना है। क्यों हर्षित रहना है? (2)
° (हमारा एम अॉब्जेक्ट) इन *लक्ष्मी-नारायण* का चित्र सदैव हर्षितमुख वाला ही बनाते हैं।
° *स्कूल में ऊंच दर्जा* पढ़ने वाले कितना हर्षित होंगे। दूसरे भी समझेंगे यह तो बहुत बड़ा इम्तहान पास करते हैं।

4. आज बाबा ने कहा शिवबाबा की भी महिमा है, तो सूर्यवंशी घराने की भी महिमा है। फिर भी *एक शिवबाबा की ही महिमा* कहेंगे। क्यों?
° लक्ष्मी-नारायण को ऐसा लायक भी शिवबाबा ही बनाते हैं, उनकी ही महिमा है। इनको ऐसा *बनाने वाला टीचर* न हो तो यह भी ऐसे न बनें। बाप संगम पर न आयें तो इन्हों को राजाई भी मिल न सके।

5. बाप ही नॉलेजफुल है। तो उनमें कौन-सी *नॉलेज* है? बाबा किन्हों का *उद्धार* कर सकते? भारत को ही *मदर कन्ट्री* क्यों कहा जाता है?
° *सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त की हिस्ट्री-जॉग्राफी* बेहद का बाप ही सुनाते हैं।।
° *महा अजामिल जैसे पापियों* का भी उद्धार करते हैं।
° क्योंकि यहाँ ही शिवबाबा *मात-पिता* के रूप में पार्ट बजाते हैं। (शिवबाबा ब्रह्मा-माँ में प्रवेश कर बच्चों को एडाप्ट करते)

6. बाबा की *याद* से कौन-सी 3 मुख्य प्राप्तियां सुनाई? वैसे तो रोना नहीं है, फिर भी *आंसू मोती* कब बन जाते?
° बाप की याद से ही *विकर्म विनाश* होंगे। बाप को जितना याद करेंगे उतना *पावन* बनेंगे और फिर *ऊंच पद* पायेंगे नम्बरवार।
° *बाप की याद में प्यार के आंसू* बहाते हैं, वह आंसू मोती बन जाते हैं।

7. *वानप्रस्थ स्थिति* की कौन-सी 3 निशानियाँ आज वरदान में सुनाई?
° वानप्रस्थी कभी गुड़ियों का खेल नहीं करते हैं। वे सदा (एक के अन्त में) *एकान्त* और *सिमरण* में रहते (स्मृति-स्वरुप बनते)।
° *समान बनना ही समाना* है – यही वानप्रस्थ स्थिति की निशानी है।

8. बच्चों को यह ओना रहना चाहिए – हमको पढ़कर अपने को _____ बनाना है। जो अच्छी रीति पुरूषार्थ करेंगे वही _____ तिलक पायेंगे। बच्चों को हुल्लास में रहना चाहिए – हम भी इन ________ जैसे बनें। बाप कहते हैं अपने लिए आपेही पुरुषार्थ कर ______ प्राप्त करनी है। अभी बाप हमको _____ -योग सिखला रहे हैं, नई दुनिया के लिए राजाओं का राजा कैसे बन सकते हैं वह बतलाते हैं।
°राजा, राज, लक्ष्मी-नारायण, राजधानी, राज,

9. यह पढ़ाई ऐसी *सहज* है, कैसी? (3)
इस पढ़ाई में और क्या करना है? (2)
° खटिया पर सोये हुए भी पढ़ सकते हो। विलायत में रहते भी पढ़ सकते हो। घर में रहते भी पढ़ सकते हो। इतनी *सहज पढ़ाई* है।
° मेहनत कर अपने *पापों को काटना* है और दूसरों को भी *समझाना* है।

10. पढ़ने लिए _____ मिलती है। मूल बात है ______ बनने की, जिसके लिए यह पढ़ाई है। फी आदि की कोई बात नहीं सिर्फ _____ की बात है
°श्रीमत, पावन, हिम्मत

11. दूसरे धर्म वालों को भी तुम समझा सकते हो। कौन-कौन सी पॉइंट्स *सबको सुनानी* है? (4)
° कोई को भी यह बताना है – तुम *आत्मा* हो। आत्मा का स्वधर्म एक ही है, इनमें कोई फर्क नहीं पड़ सकता है।
° कोई को भी समझा सकते हो – *आत्मा का बाप* कौन है?
° कोई भी मिले तो बोलो तुम *स्वीट होम* जाना चाहते हो? फिर पावन जरूर बनना पड़े।
° लक्ष्मी-नारायण के चित्र पर कोई को भी समझाना सहज है। भारत में इनका राज्य था। यह जब राज्य करते थे तो *विश्व में शान्ति* थी। विश्व में शान्ति बाप ही कर सकते हैं और कोई की ताकत नहीं।

12. *अखबार* में भी क्या लिख सकते हैं? *ज्ञान तलवार* के साथ क्या चाहिए?
° (अखबार में) भारत में जब इनका राज्य था तो *विश्व में शान्ति* थी। आखरीन समझेंगे जरूर।
° *याद का जौहर* नहीं होगा तो ज्ञान तलवार चलेगी नहीं। बहुत याद करें तब जौहर आये।

13. बुद्धिवानों की *बुद्धि* बाबा ताला कैसे खोलते? जो *अच्छी रीति पढ़ते* उनकी निशानी क्या है? जो *नहीं पढ़ते* उनकी निशानी क्या है?
° बाप तुम सब बच्चों को *ज्ञान की रोशनी देते* हैं उससे ताला खुलता जाता है। फिर भी कोई-कोई की बुद्धि खुलती नहीं।
° जो अच्छी रीति पढ़ते हैं, उनको जहाँ-तहाँ *बुलाया जाता* है। बाबा उन्हें जानते हैं। गोल्डन एज में *पारसबुद्धि* बनते।
° (नहीं पढ़ते) *शक्ल* और *सर्विस* से मालूम पड़ जाता है कि यह क्या बनने लायक हैं। घर में स्टूडेन्ट की *चाल-चलन* से समझ जाते हैं। जब पिछाड़ी में इम्तहान पूरा होगा तब तुमको सब साक्षात्कार होंगे।

14. यहाँ जो कुछ हो रहा है, जिसमें मनुष्य खुशी समझते हैं वह सब दु:ख के लिए है। यह है विनाशी खुशियाँ। बाबा किस बात पर समझा रहे है? और क्यों? *अविनाशी खुशी* कौन देते?
° बाइसकोप, क्योंकि यह देखने वाले अपवित्र बनने का पुरूषार्थ जरूर करेंगे। (हम जो देखेंगे, वैसे ही संकल्प चलेंगे)
° *अविनाशी बाप* से ही अविनाशी खुशी मिलती है।

Answers from Sakar Murli 10-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-07-2020*

1. परमात्‍म _____ के आधार पर _____ रूपी बीज को _______ का जल मिलता रहे तो बीज शक्तिशाली बन जायेगा।
°श्रीमत, कर्म, शुभ संकल्‍पों

2. निरन्तर याद द्वारा *हर कदम में कमाई* जमा करते रहेंगे, तो क्या अनुभव करेंगे? संगम पर ब्राह्मणों को कोई *कष्ट* हो नहीं सकता। यदि कोई कष्ट आता भी है, तो क्यों?
° सुख, शान्ति, आनंद, प्रेम…इन सब *खजानों के अधिकार* का अनुभव करते रहेंगे।
° कष्ट आता भी है तो *बाप की याद दिलाने* के लिए, जैसे गुलाब के पुष्प के साथ कांटा उनके बचाव का साधन होता है। वैसे यह तकलीफें और ही बाप की याद दिलाने के निमित्त बनती हैं।

3. *डबल* ओम् शान्ति क्यों? निश्चयबुद्धि *विजयन्ती*, किस बात में विजय? हम *पद्मापद्म भाग्यशाली* कैसे है? अभी हमारा कल्याण हो रहा है। कौन-सा *कल्याण* ?
° (डबल ओम् शान्ति) एक – बाप स्वधर्म में टिके हुए हैं, दूसरा – बच्चों को भी कहते हैं अपने *स्वधर्म में टिको* और बाप को याद करो।
° *बाप के वर्से की।* स्वर्ग में जाना – यह है बाप के वर्से की विजय पाना।
° तुम पद्मापद्म भाग्यशाली बन रहे हो। वहाँ *अथाह सुख* होते हैं। नई दुनिया में जो देवी-देवता धर्म था, वह अभी नहीं है। बाप दैवी राज्य की स्थापना करते ही हैं ब्रह्मा द्वारा।
° पतित दुनिया से *पावन दुनिया* में जाने का कल्याण होता है।

4. बाप न आये तो सृष्टि का चक्र ही न फिरे। बाबा सृष्टि को *क्या से क्या* बनाते हैं? (5)
° दु:खधाम से सुखधाम
° कलियुग से सतयुग
° नर्क से *स्वर्ग*
° पतित दुनिया से पावन दुनिया
° पुरानी दुनिया से नई दुनिया (पुराने मकान से नये मकान)

5. हर कार्य करते हुए कौन-सी *स्मृति* रहे, तो अपार खुशी रहेगी?
° अभी हम घर जाकर फिर अपनी *राजधानी* में जायेंगे।

6. बच्चियाँ कहती हैं हमारे पति की बुद्धि *परिवर्तन* करो। बाबा का वन्डरफुल उत्तर?
° बाबा कहते हैं मुझे मत कहो। तुम *योगबल* में रह फिर बैठ ज्ञान समझाओ।

7. श्री-श्री शिवबाबा ने कौन-सी *श्रीमत* दी है? अगर कोई समझें *भगवान आबू में* आया है, तो क्या करेंगे?
° *श्री लक्ष्मी-नारायण* बनने की श्रीमत।
° एकदम *भागे* मिलने के लिए।

8. *साक्षी* होकर क्या देखना / धारण करना है? (2)
° अभी है अन्धियारी रात, मनुष्य धक्के खाते रहते। तुम रोशनी में हो। सेकण्ड बाई सेकण्ड *बेहद सृष्टि का चक्र* फिरता रहता है। एक दिन न मिले दूसरे से। सारी दुनिया की एक्ट बदलती रहती है। नई सीन चलती रहती है।
° जितना *कल्प पहले पुरुषार्थ* किया है उतना करेंगे जरूर। अपने पुरुषार्थ को भी जानते हैं।

9. यह भी समझते हो – पवित्र होने बिगर _____ बनना मुश्किल है। _____ न करने से फिर पवित्र भी नहीं बन सकते। _____ पर न चलने से चोट लग जाती है, कल्प-कल्पान्तर की।
°देवता, याद, श्रीमत

10. बाप का *रहम* क्या है? कौन-सा *शब्द* ही ड्रामा में (उचित) नहीं है?
° बाप आकर सिर्फ *राय* देते हैं। यही उनका रहम है।
° बाबा कोई क्षमा या माफ नहीं करते। ड्रामा में (भगवान् से) *क्षमा* अक्षर ही नहीं है। तुमको अपनी मेहनत करनी है।

11. बाप समझाते हैं – बच्चे, ______ होकर अपना चार्ट रखो तो जो भूलें होती हैं उनका _____ कर सकेंगे।
°अन्तर्मुख, पश्चाताप्

12. अपने से क्या पूछना / *जांच* करनी चाहिए? (3)
° मेरे में कोई *अवगुण* तो नहीं है?
° हम कहाँ तक *खुशी* में रहते हैं? हमको कोई विकर्म नहीं करना है। तूफान तो आयेंगे।
° तुमको देखना है अपने को – हम कहाँ तक *पढ़ते* हैं?

Answers from Sakar Murli 09-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-07-2020*

1. स्नेह और सहयोग के साथ ______ रूप बनो तो राजधानी में नम्बर आगे मिल जायेगा।
°शक्ति

2. मैं आत्मा विश्व कल्याण की सेवा के लिए परमधाम से अवतरित हुई हूँ, इस स्मृति में सदा रहने से क्या *प्राप्ति* होती? (2)
° जो भी *संकल्प* करेंगे, *बोल* बोलेंगे उसमें विश्व कल्याण समाया हुआ होगा।
° यही स्मृति लाइट हाउस का कार्य करेगी। आप *चैतन्य लाइट हाउस* द्वारा सर्व शक्तियों की लाइट आत्माओं को हर कदम में रास्ता दिखाने का कार्य करती रहेगी।

3. बाबा ने आज आते ही कहा… मीठे-मीठे बच्चे _________ होकर बैठे हो? तब ही _____ याद आयेगा। नहीं तो भूल जायेंगे। ____ कैसे कटेंगे! जब समय मिले तो एकान्त में बैठ _________ करो, जो प्वाइंट्स सुनते हो उसको ______ करो।
°आत्म-अभिमानी, बाप, पाप, विचार सागर मंथन, रिवाइज़

4. बाप कहते हैं हम तुमको कितना ऊंच पुरुषोत्तम बनाता हूँ। *उत्तम से उत्तम नम्बरवन* किन्हें कहेंगे? (2)
° *लक्ष्मी-नारायण* फिर नम्बरवार तुम बच्चे बनेंगे।
° *सूर्यवंशी* घराने को उत्तम कहेंगे।

5. शिवबाबा आते हैं जरूर कुछ ______ लाते होंगे।अभी तुम बच्चे नई दुनिया का ______ करते हो। लिखा हुआ भी है ______ के फूलों की वर्षा होती है। तुम बच्चों को कितना _____ का पारा चढ़ना चाहिए। तुमको ______ और _____ दोनों मिलते हैं।
°सौगात, मुहूर्त, सोने, खुशी, सुख, शान्ति

6. मुख्य है याद की यात्रा। तो बाबा ने इसके लिए कौन-सी *2 बहुत प्रैक्टिकल युक्तियां* सुनाई?
° *सवेरे का टाइम* तो सब फ्री होते हैं। सुबह का क्लास होता है – आधा पौना घण्टा, मुरली सुनकर फिर चले जाओ। याद तो कहाँ भी रहते कर सकते हो
° इतवार ( *रविवार*) का दिन तो छुट्टी है। सवेरे 2-3 घण्टा बैठ जाओ।

7. बाबा कितना _____ और ______ से पढ़ाते हैं तो इतना पढ़ना चाहिए ना। कैसे _______ रीति शिवबाबा आकर पढ़ाते हैं। कोई _________ नहीं।
°प्यार, रूचि, साधारण, अहंकार

8. मनुष्य तो बिल्कुल घोर ______ में हैं। अभी तुम घोर ______ में हो। बाप आकर रात को ______ बना देते हैं।
°अन्धियारे, रोशनी, दिन

9. तुम 3 पैर पृथ्वी में भी यह अविनाशी ______ और गॉडली _______ खोल सकते हो।
°हॉस्पिटल, युनिवर्सिटी

10. मनुष्य शान्ति-शान्ति मांगते *विश्व में शान्ति* चाहते हैं। उनको क्या बताना है?
बाबा ने और एक सर्विस की कौन-सी वन्डरफुल *युक्ति* सुनाई?
सर्विस में मान-अपमान, दु:ख-सुख, ठण्डी-गर्मी, सब सहन करने लिये कौन-से *2 श्रेष्ठ संकल्प* सुनाये?
° (विश्व में शान्ति) तुम यह *लक्ष्मी-नारायण का चित्र* दिखाओ। इन्हों का राज्य था तो पवित्रता-सुख-शान्ति भी थी। तुमको ऐसा राज्य चाहिए ना।
° बाबा युक्ति बताते रहते हैं। कमरे में 8-10 *चित्र* दीवाल में अच्छी रीति लगा दो और बाहर में *लिख दो* – बेहद के बाप से बेहद सुख का वर्सा लेना है अथवा मनुष्य से देवता बनना है, तो आओ हम आपको समझायें
° (सब सहन करना) किसको *हीरे जैसा बनाना* कम बात है क्या! *बाप कभी थकता है* क्या? तुम क्यों थकते हो?

11. हमारी *याद की यात्रा पूरी* तब होगी? (2)
° जब तुम्हारी कोई भी *कर्मेन्द्रियां धोखा न दें*।
° *कर्मातीत अवस्था* हो जाए तब याद की यात्रा पूरी होगी।

12. *ज्ञान-सागर* बाबा के लिये भक्ति में कौन-सा सुन्दर गायन है?
° *सारा सागर स्याही* बनाओ, जंगल को कलम बनाओ, धरती को कागज़ बनाओ…. तो भी अन्त नहीं आ सकती।

13. *त्रिलोकीनाथ* किसे कहेंगे? तो *स्वर्ग* (वा *पारसपुरी* ) का मालिक किसे कहेंगे? *नर्क* का मालिक कौन?
° सिर्फ *हम ब्राह्मण* ही त्रिलोकीनाथ कहेंगे। (ब्रह्माण्ड का मालिक शिवबाबा है, स्थूल वतन में वह मालिक नहीं है, न स्वर्ग का, न नर्क)
° *कृष्ण* है स्वर्ग का मालिक। (वा पारसपुरी के मालिक *लक्ष्मी-नारायण* हैं)
° नर्क का मालिक है *रावण*।

14. मोटी बुद्धि वा *महीन बुद्धि* का अन्तर किस बात में स्पष्ट होता?
° तुम्हारी आत्मा में पार्ट भरा हुआ है। सतयुग त्रेता में *जो पार्ट कल्प पहले बजाया है वही बजायेंगे।* मोटी बुद्धि यह भी नहीं समझते हैं। जो महीन बुद्धि हैं वही अच्छी रीति समझ कर समझा सकते हैं। उन्हें अन्दर भासना आती है कि यह अनादि नाटक बना हुआ है।

Answers from Sakar Murli 08-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 08-07-2020*

1. जहाँ सर्वशक्तियां हैं वहाँ _______ सफलता साथ है।
°निर्विघ्न

2. सदा मोल्ड होने की ______ से सम्पर्क और सेवा में सफल होने वाले सफलतामूर्त भव। ऎसे बच्चे सहज ही गोल्डन _____ की स्टेज तक पहुंच सकते हैं। मोल्ड होने वाले ही रीयल ______ हैं। जैसे साकार बाप की विशेषता देखी – जैसा समय, जैसा व्यक्ति वैसा रूप – ऐसे ______करो।
°विशेषता, एज, गोल्ड, फालो फादर

3. *पावन दुनिया* को क्या कहा जाता है? (3)
° *स्वर्ग* अथवा विष्णुपुरी, लक्ष्मी-नारायण का राज्य कहा जाता है।

4. आत्मा _____ चाहिए। तब ही ______ दुनिया में ऊंच पद पा सके। _____ पर ही बाबा ज़ोर देते हैं। बिगर _______ किसको ज्ञान दे न सके।
°पवित्र, पवित्र, पवित्रता, पवित्रता

5. *याद* में रहने से कौन-सी मुख्य प्राप्ति है? (4)
° विकर्म विनाश होते, पावन-सतोप्रधान बनते, ज्ञान की धारणा होती।

6. किसको *तीर* कब लग सकता? (4)
° *योग* का पूरा पुरुषार्थ करना चाहिए, तब किसको तीर भी लग सकेगा।
° पहले *पवित्र* बनें, योग हो तब वाणी में भी जौहर भरेगा।
° योग में रहें, *जौहर* भरे तब किसको पूरा तीर लगे।
° जब तुम्हारा पतितपना निकल *सतोप्रधान* तक आत्मा आ जाती है तब जौहर भरता है तो झट तीर लग जाता है।

7. बाबा को लिखते हैं हमने *फलानी जगह जाकर सर्विस की* , बाबा ने क्या जबरदस्त उत्तर दिया?
° बाबा पूछेंगे पहले तुम *याद की यात्रा* पर तत्पर हो? पहली बात ही यह है – और संग तोड़ एक बाप संग जोड़ो। देही-अभिमानी बनना पड़े।

8. हम तो *सदैव* बाप को याद करते ही रहते हैं। _(सही / गलत)_
° *गलत* (यह भी गपोड़ा मारते रहते हैं। याद में तो बड़ी मेहनत है। हम याद करते हैं वा नहीं, यह भी समझ नहीं सकते। अनजाने से कह देते हम तो याद करते ही हैं। मेहनत बिगर कोई विश्व का मालिक थोड़ेही बन सकते।)

9. किसको ज्ञान सुनाते हो तो *उनके पाप* कट जायेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (जब खुद याद करें तब पाप कटें।)

10. देह-अभिमान छोड़ सर्विस में लग जाना चाहिए। ______ बनना है। स्थूल _धन_ भी व्यर्थ नहीं गँवाना है। पतितों को _____ नहीं करना है। ज्ञान _____ भी पात्र को देखकर देना है।
°कल्याणकारी, दान, धन

11. कदम-कदम पर ______ पर चलना चाहिए। तो ______ बनेंगे। ज्ञान मार्ग कोई _______ का मार्ग नहीं है। बाप के साथ तो फिर _______ भी है।
°श्रीमत, श्रेष्ठ, हंसीकुडी, धर्मराज

12. यह *ड्रामा* बनाया ही क्यों? चक्र में लाया ही क्यों? क्या उत्तर देंगे
° चक्र में तो आते ही रहेंगे। यह तो *अनादि* ड्रामा है ना। (अर्थात्‌ परिस्थितियों से भागना नहीं है… हमें ज्ञान-योग से संस्कार परिवर्तन कर हर परिस्थिति में सर्वश्रेष्ठ पार्ट बजाना है)

13. बाबा तो *सब जानते* हैं। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बाबा जान करके भी क्या करेंगे, पहले तो तुम्हारी आत्मा जानती है श्रीमत पर हम क्या करते हैं, कहाँ तक बाबा को याद करते हैं? बाकी बाबा यह बैठकर जाने, इससे फायदा ही क्या? तुम जो कुछ करते हो सो तुम पायेंगे।)

14. *घर* में रहते भी क्या समझना है?
° बुद्धि में रहे यह तो पुरानी दुनिया, पुरानी देह खलास होनी है। हमारा काम है *बाप और वर्से* से। बाबा ऐसे नहीं कहते कि गृहस्थ व्यवहार में नहीं रहो।

Answers from Sakar Murli 07-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 07-07-2020*

1. जो *विश्व का मालिक* बनने वाले बच्चे हैं, उनकी निशानी क्या है? (3)
° उनके ख्यालात बहुत ऊंचे.
° चलन बड़ी रॉयल होगी।
° भोजन भी बहुत कम

2. यह तो पतियों का ______ है, तुमको कितना _______ रहे हैं – यह ऊंच ते ऊंच पद प्राप्त कराने के लिए। तो तुम बच्चों में कितना _____ होना चाहिए। कितनी _____ होनी चाहिए। _______ भी तुमको यहाँ धारण करने हैं। बड़े आदमी के बच्चे बड़ी ______ से चलते हैं।
°पति, श्रृंगार, नशा, खुशी, दैवीगुण, रायॅल्टी

3. *अच्छा भोजन* है तो बहुत खाना चाहिए! _(सही / गलत)_
° *गलत* (खुशी जैसी खुराक नहीं। ऐसी खुशी में सदैव रहो तो खान-पान भी बहुत थोड़ा हो जाए। बहुत खाने से भारी हो जाते हैं फिर झुटका आदि खाते हैं। फिर कहते बाबा नींद आती है। भोजन सदैव एकरस होना चाहिए)

4. *सबसे श्रेष्ठ कर्तव्य* कौन-सा हो?
° खुशखबरी सुनाकर खुशी दिलाना।

5. ______ की नॉलेज से _______ स्थिति बनाने वाले प्रकृति वा मायाजीत भव। कुछ भी हो लेकिन अन्दर से यह आवाज निकले कि ________। हाय क्या हुआ – यह ______ भी न आये।
°ड्रामा, अचल, वाह मीठा ड्रामा वाह, संकल्प

6. *आत्म-अभिमानी* बनने लिये बाबा ने कौन-कौन से संकल्प दिये? (6)
° आत्मा ही पढ़ती है शरीर से।
° सब कुछ आत्मा ही करती है शरीर से।
° शरीर विनाशी है, जिसको आत्मा धारण कर पार्ट बजाती है।
° आत्मा में ही सारे पार्ट की नूँध है। 84 जन्मों की भी आत्मा में ही नूँध है।
° पहले-पहले तो अपने को आत्मा समझना है।
° बाप के बच्चों प्रति महावाक्य हैं – बच्चे, आत्म-अभिमानी बनने का बहुत पुरूषार्थ करना है। घूमते फिरते भी विचार सागर मंथन करते रहना है

7. ऐसे आत्म-अभिमानी बनने के बाद, बाबा से *शक्ति* लेने लिया क्या संकल्प है? हमें बाबा से *कितनी* शक्ति मिलती है?
° *बाप है सर्वशक्तिमान्*।
° उनसे तुम बच्चों को शक्ति मिलती है। योग से शक्ति जास्ती मिलती है, जिससे तुम पावन बनते हो। बाप तुमको शक्ति देते हैं *विश्व पर राज्य करने की।* जितना-जितना याद बल में रहेंगे उतना मनुष्यों को तुम खीचेंगे, इसमें ही ताकत है। प्योरिटी फर्स्ट।

8. बाप के *डायरेक्शन* पर कौन चल सके? *चार्ट* बनाओ तो बहुत उन्नति होगी। यह किसने कहा?
° *गुप्त याद में रहें* तो बाप के डायरेक्शन पर चल सके।
° चार्ट रखो यह *शिवबाबा ने* कहा।

9. बाबा तो कहते हैं तन्दुरूस्ती अच्छी रखो तो _______ भी अच्छी रीति कर सकेंगे। कोई-कोई हॉस्पिटल में भी समझाने की सर्विस करते हैं तो डॉक्टर लोग कहते हैं यह तो _____ हैं। _चित्र_ साथ में ले जाते हैं। जो ऐसी-ऐसी सर्विस करते हैं उनको ______ कहेंगे।गुरू तो एक ही है, उनके द्वारा तुम ______ गुरू बनते हो।
°सर्विस, फ़रिश्ते, रहमदिल, रूहानी

10. *प्रदर्शनी* में भी मुख्य बात कौन-सी बतानी है?
° याद की यात्रा पर रहो। याद ही काम में आयेगी। बाप की याद से ही पावन बनेंगे।

11. बरोबर यह लक्ष्मी-नारायण तो स्वर्ग के मालिक हैं। स्वर्ग में इनका राज्य था। *बाकी सब आत्मायें* उस समय कहाँ थी?
° जरूर कहेंगे *निराकारी दुनिया में*।

12. हम कोई को भी *दु:ख नहीं दे सकते*। क्यों?
° हम *दु:ख हर्ता, सुख कर्ता* बाप के बच्चे हैं।

13. _______ में आने से आसुरी एक्टिविटी होती है। जब ________बन अच्छी रीति धारणा करते रहो तब ऊंच पद पाओ।
° देह-अभिमान, देही-अभिमानी

14. कौन-कौन से *आसुरी गुण* हम बच्चों मे नहीं होने चाहिए? (8)
° लड़ना-झगड़ना, रूठना, सेन्टर पर धमपा मचाना, दु:ख देना, काम महाशत्रु, क्रोध, तंग करना, डिससर्विस करना।

15. बाप कहते हैं क्षमा अपने पर आपेही करो। _____ में रहो। बाप किसको क्षमा नहीं करते हैं। यह तो ______ है।
°याद, पढ़ाई

Answers from Sakar Murli 06-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 06-07-2020*

1. बाबा हमें कैसे *साथ* ले जाएंगे? पावन बनने का कौन-सा *बहुत सहज उपाय* है?
° बाबा तुम बच्चों को *गुल-गुल बनाकर, नयनों पर बिठाकर* साथ ले जाते हैं।
° बाप पावन होने का बहुत सहज उपाय बतलाते हैं। तुम *एक बाप की याद* से पावन बन जायेंगे।

2. बाबा ज्ञान इन्जेक्शन लगाते हैं तो उसका _____ चढ़ना चाहिए ना। तुम कहेंगे ज्ञान का सागर बाबा आते हैं हमको पढ़ाने के लिए। ______ में रोमांच खड़े हो जाने चाहिए। कहते हैं बच्चे तुम भी पूरे ______ बनो। जितना मेरे में ज्ञान है उतना तुम भी _____ करो।
°नशा, खुशी, सागर, धारण

3. हमें कौन-सी *डबल खुशी* है? और *एक कौन-सी खुशी* हमारे लिए बहुत है?
° डबल खुशी होती है। *शान्तिधाम* घर जायेंगे फिर आयेंगे *राजधानी* में।
° तुम बच्चों के लिए एक ही खुशी बहुत है – *भगवान आकर पढ़ाते* हैं।

4. स्नेह रूप का अनुभव तो सुनाते हो अब _____ रूप का अनुभव सुनाओ।
°शक्ति

5. इस ऊँच-ते-ऊँच बड़े स्कुल से हम क्या बनते हैं? (3)
° हम सतयुग *पारसपुरी के मालिक* पारसनाथ बनते हैं
° इस स्कूल से तुम *करोड़ पद्म भाग्यशाली विश्व के मालिक* बनते हो, तो तुम बच्चों को कितनी खुशी रहनी चाहिए।
° अब फिर तुम पत्थर बुद्धि से *पारस बुद्धि* बनते हो।

6. *पारसपुरी* किसको कहा जाता है?
° वहाँ मकान आदि सब सोने-चांदी के होते हैं।

7. आजकल विश्व को आवश्यकता है मन के _____ की। तो मन से ______ आत्मा मन्सा द्वारा शान्ति के वायब्रेशन फैला सकती है। शान्ति के सागर बाप की ______ में रहने से आटोमेटिक शान्ति की किरणें फैलती हैं। ऐसे शान्ति का दान देने वाले ही _____ महादानी हैं।
°शान्ति, स्वतंत्र, याद, मन्सा

8. इस समय *सबसे मुख्य पार्ट* कौन बजा रहे?
° तुम बजा रहे हो। *तुम रूहानी सोशल वर्कर्स* हो।

9. कौन-सी 2 बातों को भी बाबा ने आज *मन्मनाभव* कहा?
° सदैव खुशी में रहो कि *हमें कौन पढ़ाता है*, तो यह भी मनमनाभव है।
° कल पत्थर बुद्धि थे, *आज पारस बुद्धि बन रहे* हैं। यह बात सदैव बुद्धि में रहे तो भी मनमनाभव ही है।

10. तुम तो ________ हो जो विश्व का मालिक बनने के लिए पढ़ते हो। ऐसी ______ पर कितना अटेन्शन देना चाहिए। तुम समझते हो हम आते हैं, ______ प्वाइंट्स सुन रिफ्रेश होकर जाते हैं।
°भाग्यशाली, पढ़ाई, नई-नई

11. शिवबाबा को कौन-सा नशा नहीं है?
° देह का। बाप कहते हैं बच्चे हम तो सदैव शान्त रहते हैं। तुमको भी जब देह नहीं थी तो (उल्टा) नशा नहीं था।

12. ब्रह्मा बाबा जानते हैं ______ स्पून इन माउथ होगा। एक ही _______ बाप का बच्चा हूँ। बाप ने _______ किया है। बाबा कितना प्यार करते हैं।
°गोल्डन, सिकीलधा, एडाप्ट

13. बाबा कौन-सी *गैरन्टी* करते हैं?
° मुझे याद करो तो मैं गैरन्टी करता हूँ तुम्हारी *आयु भी बड़ी* हो जायेगी। सतयुग में मृत्यु का नाम नहीं होता

14. निश्चय बुद्धि अच्छी रीति पढ़कर ______ करते रहेंगे। जैसे बच्चे _____ लगाकर निशान तक जाकर फिर लौट आते हैं।बाप भी कहते हैं बुद्धि को जल्दी शिवबाबा पास दौड़ायेंगे तो _______ बन जायेंगे। गाया भी जाता है, आत्माओं और परमात्मा का _____ लगता है
°गैलप, दौड़ी, सतोप्रधान, मेला

15. *प्रदर्शनी* में क्या सहज समझानी दे सकते?
° सतयुग-त्रेता की आयु भी लिखी हुई है 2500 वर्ष। सूर्यवंशी के बाद होते हैं चन्द्रवंशी
° फिर दिखाओ रावण का राज्य शुरू हुआ और भारत पतित होने लगा।
° बीच में रखो संगमयुग। रथी भी जरूर चाहिए ना। इस रथ में प्रवेश हो बाप राजयोग सिखलाते हैं, जिससे यह लक्ष्मी-नारायण बनते हैं।
° किसको भी समझाना तो बहुत सहज है।

16. बाबा कहते हैं बच्चे, मैं इस बैल (रथ) पर सदैव सवारी करूँ, इसमें मुझे _____ नहीं भासता है। जैसे पिंजड़े में _____ फँस जाता है। बाबा खुद भी _____ है।
°सुख, तोता, रॉकेट

17. इस समय बाबा बहुत *बिजी* रहते हैं। क्यों? (2)
° दिव्य दृष्टि दाता हूँ, तो भक्तों को राज़ी करना होता है।
° और तुमको पढ़ाता हूँ।

Answers from Sakar Murli 27-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-07-2020*

1. *प्रकृति दासी* कब बन जायेगी?
° जब डबल सेवा (वाणी + वृत्ति) द्वारा *पावरफुल वायुमण्डल* बनाएंगे।

2. इस *संगम के समय को कौन-सा वरदान* मिला है? (2) तो अब क्या *पुरूषार्थ* करना है?
° जो चाहे, जैसा चाहे, *जितना चाहे उतना भाग्य* बना सकते हैं (क्योंकि भाग्य विधाता बाप ने तकदीर बनाने की चाबी बच्चों के हाथ में दी है।) लास्ट वाला भी *फास्ट जाकर फर्स्ट* आ सकता है।
° सिर्फ सेवाओं के विस्तार में स्वयं की स्थिति *सेकण्ड में सार स्वरूप* बनाने का अभ्यास करो। अभी-अभी डायरेक्शन मिले *एक सेकण्ड में मास्टर बीज* हो जाओ तो टाइम न लगे। इस एक सेकण्ड की बाजी से सारे कल्प की तकदीर बना सकते हैं।

3. तुम एक्टर्स हो। उनमें भी नम्बरवार हैं, जिनका ________ का पार्ट है। __________ की आत्मा को मनुष्य आत्माओं में सुप्रीम कहेंगे। अच्छा पुरूषार्थ करेंगे, ऊंच आत्मा बनेंगे, _____ पद पायेंगे। स्वर्ग के मालिक तुम बनते हो। तुम्हारे कदम-कदम में _____ हैं।तुम तो _______ में प्रैक्टिकल में जाकर राज्य-भाग्य करेंगे।
°हीरो-हीरोइन, लक्ष्मी-नारायण, ऊंच, पद्म, वैकुण्ठ

4. कल्प के ____ पर ही सत का संग मिलता है। बाप कहते हैं तुम कितना ____ बुद्धि बनते हो।
°संगम, स्वच्छ

5. बाप की याद के साथ-साथ ______ बनाने की सेवा भी करनी है। चैरिटी बिगन्स एट होम…. सबको _____ से समझाना है।अभी तुम हो रूहानी _____ आर्मी। तुम विश्व का _____ पार करते हो। तुम बच्चों की भी महिमा ________ है।
°आप समान, प्यार, सैलवेशन, बेड़ा, अपरमअपार

6. हमें कौन-कौन सी बातों की *खुशी (वा नशा)* है? (3) खुशी कायम रखने की *युक्ति* क्या है?
° हमने 84 जन्म पूरे किये। अब *बाप के पास* जाना है।
° सब कहते हैं हम नर से *नारायण विश्व के मालिक* बनेंगे।
° अभी हम *बेहद के बाप के बच्चे* बने हैं
° (युक्ति) बाप को *याद* करते रहेंगे तो नशा रहेगा – बाबा हमको विश्व का मालिक बनाते हैं।

7. बाबा हमें ऊँच ते ऊँच श्रेष्ठ मत श्रीमत *क्यों* देते? (2) आज कौन-कौन सी *श्रीमत* दी? (4)
° हमको बेहद का *सुख देने* के लिए श्रीमत दे रहे हैं। *पावन बनाने* ।
° बाप मत देते हैं सुल्टा अच्छा कार्य करो। सबसे अच्छा कार्य *अपने ऊपर रहम* करो।
° अपने को आत्मा समझ और अपने पतित-पावन बाप को *याद* करो तो विकर्म विनाश हो पावन-सतोप्रधान बन जायेंगे।
° *टाइम वेस्ट मत करो* । (शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि भल करो फिर भी टाइम निकाल युक्ति रचो। काम करते आत्मा की बुद्धि बाप तरफ होनी चाहिए। जैसे आशिक-माशुक)
° *हियर नो ईविल*

8. श्रीमत पर नहीं चलते, तो क्या समझा जाता है? *तकदीरवान बच्चो* की निशानी क्या है?
° समझा जाता है इनकी *तकदीर* इतनी ऊंच नहीं है।
° तकदीर वाले सवेरे-सवेरे *उठकर याद करेंगे, बाबा से बातें* करेंगे। अपने को *आत्मा समझ* बाप को याद करेंगे (जो पास विद् ऑनर होते हैं वही राजाई के लायक बन सकते हैं।)

9. *कैसे* आत्मा समझ बाबा को याद करें?
° *आत्मा को जाना जाता* है (कैसे अति-सूक्ष्म, स्टार-मिसल, फायरफ्लाई से भी महीन है। शरीर से कैसे निकल जाती, पता भी नहीं पड़ता।)
° *परमात्मा को भी जाना जाता* है। जैसे आत्मा, वैसे परमात्मा भी सोल है। परन्तु परमात्मा को कहा जाता है – सुप्रीम सोल। वह जन्म-मरण में नहीं आते।

10. बाबा को *सतगुरू लिबरेटर* क्यों कहते? साथ में बाबा और क्या करते?
° सबको *पावन बनाकर ले जाते हैं* इसलिए उनको सतगुरू लिबरेटर कहा जाता है। सच्चा गुरू एक ही है। मनुष्य कभी किसकी सद्गति नहीं करते। सद्गति दाता है ही एक, उनको ही सतगुरू कहा जाता है।
° यह तो *स्थापना भी करते* हैं (भारत को सचखण्ड भी वह बनाते हैं।)

11. तमोप्रधान बनने में *आधाकल्प* लगा है _(सही / गलत)_
° *गलत*… सारा ही कल्प कहें क्योंकि कला तो (सतयुग से ही) कम होती जाती है।

12. इस *खेल* में क्या होता है? (3)
° बाबा वर्सा देते, रावण श्राप देता।
° भारत सचखणड होता। फिर बनता।
° हम भी स्वर्ग के मालिक से नर्क के मालिक बनते।

13. *अल्लाह अवलदीन* पर बाबा ने आज कौन-सी सुन्दर बात सुनाई?
° अल्लाह जो अवलदीन अर्थात् जो देवी-देवता धर्म स्थापन करते हैं। *सेकण्ड में जीवनमुक्ति* दे देते हैं। (सेकण्ड में साक्षात्कार हो जाता। कारून का खजाना!)

14. इस पुरानी दुनिया से *वैराग्य* लाना है। इसलिए बाबा ने कौन-कौन सी बाते सुनाई? (2)
° इस दुनिया में कितना लड़ना-झगड़ना मारामारी है। काम महाशत्रु। *डर्टी* दुनिया।
° *झूठखण्ड* (बाप वा देवताओं की भी ग्लानि करते), निर्गुण

Answers from Sakar Murli 04-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-07-2020*

1. कैसी भी परिस्थिति हो, परिस्थिति चली जाए लेकिन ____ नहीं जाए।
°खुशी

2. शिवबाबा कहने से भी बहुत बच्चों को क्या होता है?
° प्रेम के आंसू आ जाते हैं।

3. हर _______ में सेफ रहने वाले _______ की टिकिट के अधिकारी भव। जैसे उस टिकिट के लिए पैसे देते हो ऐसे यहाँ “ _______ ” बनने की मनी चाहिए। सिर्फ बाप के सदा साथ रहो तो ________ कमाई जमा होती रहेगी।
°कन्डीशन, एयरकन्डीशन,सदा विजयी, अनगिनत

4. बाबा ने आज 5 स्वमान दिए। कौन-से?
° शिव शक्ति पाण्डव सेना, आस्तिक, त्रिनेत्री, त्रिकालदर्शी, पण्डे

5. अभी तो तुम _____ देवता बनने के लिए पढ़ते हो। बाबा हमेशा कहते हैं – संगम अक्षर के साथ _______ अक्षर जरूर लिखो।
°पूज्य, पुरूषोत्तम

6. बाबा राय भी देते हैं – ऐसे-ऐसे करो, अपना ______ करो। बाप की ______ पर चलो। एरोप्लेन से ______ गिराओ, जो मनुष्य समझें कि यह तो बरोबर ठीक _______ देते रहते हैं।
°कल्याण, श्रीमत, पर्चे, पैगाम

7. पिछाड़ी में सब क्या करेंगे?
° खूब पुरूषार्थ करेंगे। याद करने लगेंगे।

8. इस ____ कमाई के लिए समय निकालना है, पीछे आते भी ______ से मेकप कर लेना है। यह विकर्म ______ करने का समय है इसलिए कोई भी विकर्म नहीं करना है।
°सच्ची, पुरूषार्थ, विनाश

9. ऊंच बनना है तो अपना ________ रोज़ देखो, कोई भी ______ धोखा न दे, ______ बहुत धोखेबाज हैं इनसे सम्भाल करो।
°पोतामेल, कर्मेन्द्रिय, आंखें

10. तकदीर में नहीं है, इसकी निशानी क्या है?
° तो संशय उठता है – शिवबाबा कैसे आकर पढ़ायेंगे! मैं नहीं मानता। मानते नहीं तो फिर शिवबाबा को याद भी कैसे करेंगे। विकर्म विनाश हो नहीं सकेंगे। यह सारी नम्बरवार राजधानी स्थापन हो रही है।

11. सबसे बुरी आदत कौन-सी है?
° जबान का स्वाद। कोई अच्छी चीज़ देखी तो छिपाकर खा लेंगे। छिपाना अर्थात् चोरी। चोरी रूपी माया भी बहुतों को नाक कान से पकड़ लेती है।