Answers from Sakar Murli 03-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-07-2020*

1. *श्रेष्ठ जीवन का अनुभव* स्वत: कब होता?
° जब *निश्चय रूपी फाउण्डेशन* पक्का हो।

2. ______ सेवाओं के बैलेन्स द्वारा सर्व _____ की अनुभूति करने वाले गुणमूर्त भव। आपके द्वारा सर्व दिव्य गुणों का ______ स्पष्ट दिखाई दे। _____ -दान सबसे बड़ा दान है।
°तीन, गुणों, श्रृंगार, गुण

3. बाहर वाले भी जानते हैं, भारत ही प्राचीन ______ था। सतयुग में बिल्कुल ही ______ का राज्य होता है। एक धर्म, एक भाषा होती है। वहाँ किसी भी प्रकार के धक्के नहीं होते। ______ ही ______ है, कोई हंगामा नहीं। वहाँ तो ______ ही ______ है।
°बहिश्त, शान्ति, आराम, आराम, सुख, सुख

4. *परमधाम के 5 नाम* बाबा ने आज सुनाये। कौन-से?
° निर्वाणधाम, मूलवतन, *घर*, निराकारी दुनिया, शान्तिधाम

5. तुम बच्चों को *पढ़कर फिर* क्या करना है?
° *पढ़ाना* है।

6. यह है रूहानी नॉलेज। ______ को ही यह नॉलेज मिलती है। यह नॉलेज एक _______ ही दे सकते हैं।
°रूहों, बाप

7. *पावन बनने का एकमात्र उपाय* कौन-सा है? यह नहीं अपनाया, तो क्या होगा?
° *योग लगाना* है तब ही पावन बनेंगे।
° नहीं तो कभी पावन बन नहीं सकेंगे और पिछाड़ी में हिसाब-किताब चुक्तू कर *सज़ायें* खाकर चले जायेंगे।

8. किन बच्चों की बुद्धि में *याद* नहीं ठहर सकती?
° जिन बच्चों को बाप की पूरी पहचान नहीं, पूरा *निश्चय* नहीं उनकी बुद्धि में याद भी ठहरेगी नहीं। हमको कौन सिखला रहे हैं, वह जानते नहीं तो याद किसको करेंगे? बाप की याद से ही तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे।

9. सबसे जास्ती ______ ईश्वर ही है। बाप है बेहद का ________ , ऊंच ते ऊंच बनाने वाला। तुम किसके बच्चे बने हो वह भी नशा होना चाहिए। परमपिता परमात्मा _____ की हम सन्तान हैं, जिसको ही _______ दाता, सद्गति दाता कहते हैं।
°रहमदिल, साहूकार, शिव, जीवनमुक्ति

10. बाप कल्याणकारी है वही आकर भारत का कल्याण करते हैं। *सबसे अधिक कल्याण* किनका करते हैं?
° तुम *बच्चों का!* तुम क्या से क्या बन जाते हो! तुम अमरलोक के मालिक बन जाते हो।

11. परमात्मा से *बेमुख* करने वाला क्या है?
° आत्मा सो परमपिता परमात्मा, सो हम आत्मा – यही *रांग मंत्र* परमात्मा से बेमुख करने वाला है।

12. निराकारी आत्मायें असली ______कुल की हैं। निराकारी दुनिया में रहने वाली हैं। फिर साकारी दुनिया में आती हैं। _____ बजाने आना पड़ता है। तुमने इतने जन्म _____ कुल में लिये फिर इतने जन्म _____ कुल में लिये। 84 जन्मों का चक्र है।
°ईश्वरीय, पार्ट, दैवी, क्षत्रिय

13. इस *देवी-देवता धर्म का बीज* क्या / कौन है?
° परमपिता *परमात्मा* शिव।

14. जो जन्म-जन्मान्तर *लिंग* को ही याद करते हैं, समझते हैं यह परमात्मा है, उनके लिए क्या सुनाया?
° (परमात्मा का) यह चिन्ह है, वह है निराकार, साकार नहीं है।

15. इनको *रुद्र ज्ञान यज्ञ* क्यों कहा जाता?
° *रुद्र* शिवबाबा ने यज्ञ रचा है
° बाबा *ज्ञान* देते
° इस बेहद *यज्ञ* में सारी पुरानी दुनिया की आहुति पड़नी है। फिर नई दुनिया स्थापन हो जायेगी।

16. अभी तुम बच्चों को बेहद का ______ सिखाया जाता है। यह है ही पुरानी दुनिया, अब सुखधाम को याद करो, फिर वाया शान्तिधाम यहाँ आना है।
°वैराग्य

Answers from Sakar Murli 02-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 02-07-2020*

1. सदा बाप के अविनाशी और नि:स्वार्थ _____ में ________ रहने वाले मायाप्रूफ भव
°प्रेम, लवलीन

2. *सेकण्ड में फुलस्टॉप* कौन लगा सकता है?
° *न्यारे-प्यारे होकर कर्म* करने वाला।

3. (बुद्धि का) *ताला* किनका खुलेगा? _(2)_
° जो *श्रीमत* पर चलने लग पड़ेंगे और पतित-पावन बाप को *याद* करेंगे।

4. तुम जब *किसको समझाते* हो, तो बुद्धि में क्या आना चाहिए? _(2)_
° हमारी आत्मा में ज्ञान है, *आत्मा को यह सुनाता* हूँ।
° हमने *बाबा से जो सुना* है वह आत्माओं को सुनाता हूँ।

5. तुम्हें अभी भविष्य ____ जन्मों के लिए यहाँ ही पढ़ाई पढ़नी है, कांटे से ________ फूल बनना है, _______ धारण करने और कराने हैं। हमारे बाप के पास यह कारखाना है, यह मील है, _______ रहता है ना।पुरानी दुनिया और नई दुनिया का तुम _______ को ही पता है।
°21, खुशबूदार, दैवीगुण, नशा, ब्राह्मणों

6. शान्ति के साथ *सुख भी चाहिए* , तो शिवबाबा की याद के साथ-साथ क्या करना है?
° *स्वदर्शन चक्रधारी* बन राजाई को भी याद करना है।

7. हम *कैसी दुनिया* में जा रहे? _(3)_
° नई दुनिया, सतयुग, *स्वर्ग*
° जहां *दैवीगुण-सम्पन्न देवता* राज्य करते (यह लक्ष्मी-नारायण प्रेम के सागर हैं।)
° *पवित्र सृष्टि* और पवित्र शरीर होंगा।

8. आत्मा को _______ नॉलेज मिली है। ज्ञान की तीसरी _______ मिली है।
°स्प्रीचुअल, आंख

9. बाप कहते हैं पहले *आत्मा को रियलाइज़* करो। तो देही-अभिमानी रहने लिये बाबा ने कौन-कौन से संकल्प सुनाये? _(11)_
° आत्मायें *भाई-भाई* हैं।
° आत्मा *कानों से सुनती* है, सुनाने वाला है परमपिता परमात्मा। उनको सुप्रीम आत्मा कहेंगे।
° हमारी आत्मा में ज्ञान है, (दूसरी) *आत्मा को यह सुनाता* हूँ
° मैं आत्मा *अविनाशी* हूँ।
° मैं आत्मा इन *कर्मेन्द्रियों द्वारा पार्ट* बजा रही हूँ।
° तुम आत्मा शूद्र कुल में थी, अभी ब्राह्मण कुल में हो। फिर देवता कुल में जायेंगे।
° अपने को आत्मा निश्चय करना है, आत्मा *निश्चय कर बैठो*।
° तुम आत्मायें तो *अमर* हो।
° आत्मा ही एक *शरीर छोड़ दूसरा* लेती है।
° आत्मा अविनाशी है। है कितनी *छोटी* । उनमें 84 जन्मों का पार्ट है।
° आत्मा को *स्प्रीचुअल नॉलेज* मिली है।

10. वहाँ (सतयुग में) तुम्हारे लिए *तत्व भी पवित्र* चाहिए। क्यों?
° इस आसुरी पृथ्वी पर (तुम) *देवताओं की परछाई* (भी) नहीं पड़ सकती।

11. *स्वास्तिका* में भी 4 (समान) भाग देते हैं। क्यों?
° क्योंकि यह 4 युगों का ड्रामा है (जिन सबकी अवधि एक समान है)

12. आगे यह ड्रामा, *बाइसकोप* आदि नहीं थे। यह भी अभी बने हैं। क्यों बने हैं?
° क्योंकि बाप को (ड्रामा के ज्ञान का) *दृष्टान्त देने में सहज* हो!

13. *ड्रामा में नूँध* है, फिर हम पुरूषार्थ ही क्यों करें! _(सही / गलत)_
° *गलत* (अरे, पुरूषार्थ बिगर तो पानी भी नहीं मिल सकता। कर्म तो जरूर करना ही है।)

14. गीता में *कुछ-कुछ अक्षर* ठीक होते भी, उनसे प्राप्ति क्यों नहीं होती? _(बाबा ने एक शब्द का उदाहरण दिया)_
° *भगवानुवाच* है परन्तु भगवान किसको कहा जाता है, यह किसी को पता नहीं है।

15. (पहले-पहले) बाबा के पास आते थे तो कहते जो विकर्म किये हैं, वह *बताओ*। क्यों? (2)
° *हल्का* हो जायेगा (इसमें भी मुख्य विकार की बात है।)
° बाप बच्चों के *कल्याण* अर्थ ही पूछते हैं।

16. दृष्टान्त देते हैं कि (सूरदास) ने अपनी *आंखें निकाल दी*। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° बच्चों की कभी क्रिमिनल आई नहीं होनी चाहिए। यह *आंखें ही धोखा देने वाली हैं* इसलिए दृष्टान्त देते हैं कि उसने अपनी आंखें निकाल दी।

17. बाप की *महिमा* क्या है?
° गायन भी है ना – परमपिता परमात्मा ब्रह्मा द्वारा स्थापना करते हैं। वह ज्ञान का सागर, मनुष्य सृष्टि का बीजरूप है। वह *सत है, चैतन्य है, आनन्द, सुख-शान्ति का सागर है*। यह है बाप की महिमा।

Answers from Sakar Murli 01-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-07-2020*

1. बच्चों को कितनी _____ होनी चाहिए। बाबा हमको फिर से क्या बनाने आये हैं! तुम बच्चों को _____ होना चाहिए कि भगवान हमको पढ़ाते हैं। ________ नर से नारायण बनने की सामने खड़ी है।
° खुशी, फ़खुर, एम ऑब्जेक्ट

2. *रिगार्ड देना* अर्थात्‌ क्या?
° दूसरे के विचारों को अपने विचारों से मिलाना।

3. तुम याद के _____ से ही सारे सृष्टि को पवित्र बनाते हो क्योंकि तुम्हारे लिए तो _____ सृष्टि चाहिए।
° बल, पवित्र

4. किसी से *बात* कैसे करनी है? (बाबा ने एक बहुत श्रेष्ठ धारणा की पॉइंट आज सुनाई)
° बड़े आदमी (वा सभी) को *हमेशा “आप” कह बात करनी होती है।*

5. स्व कल्याण के ________द्वारा विश्व कल्याण की सेवा में सदा सफलतामूर्त भव। जो बोलते हो वह आपके स्वरूप से _______ दिखाई दे तब मानेंगे। दिलशिकस्त आत्माओं में ______ परिवर्तन देखने से ही हिम्मत वा शक्ति आ सकती।
° प्रत्यक्ष प्रमाण, प्रैक्टिकल, प्रैक्टिकल

6. माया पर जीत पानी है, बहुत ऊंच पद है। तो *मायाजीत* बनने की कौन-सी 2 वन्डरफुल युक्तियां बाबा ने आज बताई?
° इसलिए बाबा कहते हैं – (याद का) *चार्ट* रखो और *सर्विस का ख्याल* करो तो बहुत खुशी होगी।

7. तुम हो ______ रूहानी सर्जन। तुमको सिखलाते हैं आत्मा को _____ का इन्जेक्शन कैसे लगाना है। बाबा है _______ सर्जन। दूसरा बच्चों को समझाया – _______ बनना है, अविनाशी ज्ञान रत्नों का। अच्छा!
° मास्टर, ज्ञान, अविनाशी, सेल्समैन

8. बाबा ______ भी तो है ना। तुमसे कखपन पाई पैसे लेकर एक्सचेंज में क्या देता हूँ! इसलिए गाया जाता है _______ । कौड़ी से हीरे जैसा बनाने वाला, मनुष्य को देवता बनाने वाला। ________ एक बाप की है। बाप न होता, तो तुम्हारी क्या _______ होती।
° बिजनेसमैन, रहमदिल, बलिहारी, महिमा

9. हमको तो अपनी अविनाशी ____ करनी है, इसमें बहुतों का कल्याण होगा। सर्विस की वृद्धि तभी होगी जब बच्चे कार्य _______ से करे। बच्चों को सर्विस का ______ बनाना है। आपस में मिलकर _____ निकालनी चाहिए। बाप बच्चों को समझाते हैं ______ बुद्धि बनो।
° कमाई, फ्राकदिली, प्लैन, राय, विशाल

10. अच्छे-अच्छे सेन्टर बनाकर बोर्ड-चित्र पर सुन्दर-सुन्दर अक्षर लिखने है। तो बाबा ने आज कौन-से *4 सुन्दर टॉपिक* सुनाये?
° *विश्व में शान्ति* कैसे हो सकती है आकर समझो।
° *21 जन्मों के लिए निरोगी* कैसे बन सकते हो, आकर समझो।
° ऐसी खुशी की बातें लिखी हुई हो। 21 जन्मों के लिए निरोगी, *सतयुगी डबल सिरताज* आकर बनो।
° *अमरलोक का मालिक* तुम कैसे बन सकते हो आकर समझो।

11. बाबा कितनी अच्छी-अच्छी प्वाइंट्स समझाते हैं, *बच्चों को भूल जाती* हैं। तो इसका उपाय क्या बताया?
° तब बाबा कहते हैं प्वाइंट्स *लिखो* । टॉपिक्स लिखते रहो।

12. बाबा पहले-पहले राय देते हैं कि देहली जो _____ थी, फिर से इसे ______ बनाना है। देहली में भी _______ से पर्चे गिराओ।
° परिस्तान, परिस्तान, एरोप्लेन

13. बच्चों की बुद्धि में है कि हम अच्छी रीति पुरूषार्थ कर बाबा के _____ में नजदीक आ जाएं। यह कितना ______ है जो सर्व का सद्गति दाता परमपिता परमात्मा आकर पढ़ाते। तुमको यह सब प्वाइंट्स भी ______ करनी है। गीता के _____ कौन। अभी तुम बच्चों ने ज्ञान _____ रचा है श्रीमत से। जो फिर विद्यालय भी हो जाता है।
°माला, वन्डर, धारण, भगवान, यज्ञ

Answers from Sakar Murli 15-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-07-2020*

1. आज बाबा ने आते ही अपनी क्या *महिमा* सुनाई? इससे संबंधित *संगमयुग* की कौन-सी बातें सुनाई? तो हमे क्या *परहेज* / *पुरुषार्थ* करना है?
° वह है *परमपिता परमात्मा* शिव, गॉड फादर… ज्ञान सागर नॉलेजफुल टीचर, बाप… पतित-पावन सद्गति दाता
° वह हमको पढ़ा रहे हैं। हम हैं *ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ* । *ब्रह्मा* भी रचना है शिवबाबा की और अभी है भी *संगमयुग* । *एम ऑब्जेक्ट* भी *राजयोग* की है, हमको राजयोग सिखलाकर त्रिकालदर्शी बना रहे।
° परहेज में *सच्चा वैष्णव* बनना अर्थात् 3 बाते (वेजिटेरियन, प्याज़ आदि तमोगुणी चीज़ें नहीं, पवित्र रहना)
° देह के सम्बन्ध तोड़ अपने को *आत्मा* समझो। मामेकम् *याद* करो। बस तुम्हारे 84 जन्म अब पूरे हुए। अब तमोप्रधान से *सतोप्रधान* बनना है।

2. *बाबा के दिलतख्त* पर कौन-बैठ सकते? तो अब हमे क्या करना है? इससे प्राप्ति क्या है?
° बापदादा का दिलतख्त इतना प्योर है जो इस तख्त पर *सदा प्योर आत्मायें ही बैठ सकती* हैं।
° जिनके संकल्प में भी अपवित्रता या अमर्यादा आ जाती है वो तख्तनशीन के बजाए गिरती कला में नीचे आ जाते हैं इसलिए पहले *शुद्ध संकल्प के व्रत द्वारा अपनी वृत्ति का परिवर्तन* करो।
° वृत्ति परिवर्तन से भविष्य *जीवन रूपी सृष्टि बदल जायेगी* ।

3. हम कितने *भाग्यशाली* है? ऐसे बच्चों की *निशानी* क्या है?
° बाप कहते हैं तुम बच्चे *सौभाग्यशाली* , हजार भाग्यशाली, करोड़ भाग्यशाली, पदम, अरब, खरब भाग्यशाली हो।
° जो बच्चे अपने को सौभाग्यशाली समझते हैं, वह जरूर अच्छी तरह से बाप को *याद* करते रहेंगे। वही गुलाब के फूल ( *खुशबूदार फूल* ) बनेंगे।

4. लौकिक बाप नहीं कहेंगे वा पूछेंगे कि मुझे याद करो, *याद* होती ही है। यहाँ पूछना पड़ता है, क्यों?
स्त्री 12 मास तक तो अच्छी रीति याद करती है, *मुँह ढक कर रोती रहती* है। बाबा ने इसका कौन-सा जबरदस्त उत्तर दिया?
° क्योंकि *माया भुला देती* है।
° ऐसे मुँह ढक कर अगर तुम बाप को याद करो दिन-रात तो *बेडा ही पार* हो जाए। बाप कहते हैं – जैसे पति को तुम याद करती रहती हो ऐसे मेरे को याद करो तो तुम्हारे विकर्म विनाश हो जाएं। बाप युक्तियां बतलाते हैं ऐसे-ऐसे करो।

5. बच्चों को इस पढ़ाई का अच्छी रीति _____ करना है। अभी बाप कहते हैं – मीठे बच्चे, बहुत-बहुत ______ बनो। यहाँ तो ज्ञान सागर के कण्ठे पर आते हो, जितनी _____ करेंगे उतना अच्छा है। इसमें लग जाना चाहिए। तुम आते ही हो ________ की झोली भरने।
°सिमरण, समझदार, कमाई, अविनाशी ज्ञान रत्नों

6. बाप बैठ मीठे बच्चों को कहते बच्चे *सुखदाई* बनो। और हमें भी अपनी चाल-चलन ( *मैनर्स* ) अच्छी रखनी है। तो
कोई कुछ बोले, तो क्या करना है? (3)
° *सुना-अनसुना* कर दो।
° तुम *मुस्कराते* रहो तो वह आपेही ठण्डा हो जायेगा।
° बाबा ने कहा था कोई क्रोध करे तो तुम उन पर *फूल चढ़ाओ* । (बाप-समन अपकारी पर उपकार)

7. तुम मीठे-मीठे बच्चों को कितना _____ ले जाते हैं। हम क्या थे, अभी क्या बनते हैं! विश्व के मालिक बनते हैं। _______ में भी नहीं था। यह नया _____ झाड़ स्थापन हो रहा है ना। बच्चे जानते हैं हमारा _____ फूलों का बगीचा बन रहा है। सतयुग में ______ ही रहते हैं।
°ऊंच, ख्याल-ख्वाब, दैवी, दैवी, देवतायें

8. तन और मन को ______ समझकर चलेंगे तो ______ रहेंगे और रूहानियत आयेगी।
°अमानत, अनासक्‍त

9. बेहद का बाप भी बच्चों को कहते हैं याद की यात्रा बहुत _______ है। बाप कहते हैं यह है ______ यात्रा। अब तुम बच्चे भी जितना _______ करेंगे, उतना ही कल्याण करेंगे। तो बाप समझाते हैं खूब ______ करो। बरोबर मम्मा-बाबा सबसे जास्ती _____ करते हैं।
°सहज, रूहानी, पुरूषार्थ, पुरूषार्थ, सर्विस

10. *भगवान अपना बच्चा बनाते* हैं, तो हम क्या बन जाते हैं? *माया* थप्पड़ कब मारती है?
° खुदा के बच्चे तो हो ही। भगवान अपना बच्चा बनाते हैं तो तुम *भगवान-भगवती* बन जाते हो। लक्ष्मी-नारायण को गॉड गॉडेज कहते हैं ना।
° तुम *याद नहीं करते* हो, देह-अभिमान में आ जाते हो तो माया थप्पड़ मार देती है।

11. जो दान आदि करते हैं उनको कहेंगे *पुण्य आत्मा* । इससे क्या सिद्ध होता है? (2)
*सर्वव्यापी* कहना रांग है, इसलिए कौन-सा तर्क बाबा ने दिया?
° आत्मा ही दान-पुण्य करती है इसलिए पुण्य आत्मा, पवित्र आत्मा कहा जाता है। *आत्मा कोई निर्लेप नहीं* है। ऐसे अच्छे-अच्छे अक्षर याद करने चाहिए।
° (सर्वव्यापी) साधुओं को भी महान् आत्मा कहते हैं। *महान् परमात्मा नहीं कहा जाता* है।

12. शिवबाबा, ब्रह्मा बाबा, मम्मा (और हम सभी) का आपसी *सम्बंध* किन शब्दों में बाबा ने स्पष्ट किया?
° शिवबाबा सागर है। ब्रह्मा बाबा है ब्रह्मपुत्रा बड़ी नदी। मेला भी लगता है *सागर और ब्रह्मपुत्रा* का। (हम सभी ज्ञान नदियां-गंगायें है)
° ब्रह्मा बाबा है *बड़ी मम्मा* , जिसमें बाप प्रवेश कर बच्चों को रचते हैं। (फिर मम्मा-सरस्वती हो गई छोटी मम्मा)

Answers from Sakar Murli 29-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-07-2020*

1. संगमयुग पर बापदादा का वायदा है – एक दो लाख (अनगिनत) लो। जैसे सर्वश्रेष्ठ समय-जन्म-टाइटल इस समय के हैं, वैसे *सर्व प्राप्तियों का अनुभव अभी ही होता है* । क्यों अभी ही? (3)
° अभी जब चाहो जैसे चाहो, जो चाहो *बाप सर्वेन्ट रूप में बांधे हुए हैं* ।
° क्योंकि वर्तमान समय *वरदाता ही आपका* है।
° जब *बीज आपके हाथ में है* तो बीज द्वारा जो चाहो वह सेकण्ड में लेकर सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न बन सकते हो।

2. *सफलता-सम्‍पन्‍न* बनना चाहते है, तो क्या करना है? (2)
° एक दो की बातों को *स्‍वीकार* करो और *सत्‍कार* दो।

3. मुख्य मिस्टेक बाप को भूल गए, जिस कारण ही भारत अनराइटियस इरिलीजस, इनसालवेन्ट बना है। अभी विचार सागर मंथन करना है कैसे किसको बाप का परिचय दे? आज बाबा ने *किस क्रम में बाप का परिचय देना* सिखाया? (7)
° पहले है कि परमात्मा, बाप रचता, गॉड फादर खुदा *एक है*। वह सब आत्माओं का *बाप है* (पारलौकिक)
° वह सदैव पावन *यहाँ आयेंगे स्वर्ग का वर्सा देने* अर्थात्‌ स्वर्ग का मालिक बनाने।यह भी तुम बच्चे जानते हो स्वर्ग का रचता भारत में ही स्वर्ग रचते हैं, जिसमें देवी-देवताओं का ही राज्य होता है।
° (ऐसे प्राप्ति / अनुभूति के बाद परिचय) वह *पुनर्जन्म रहित, निराकार, बिन्दी* है (तब तो कह सकते कि देह के सब धर्म छोड़ मामेकम् याद करो)। हमको *राजयोग* सिखाते अर्थात् नर से *नारायण* बनाते। पतितों को *पावन* बनाते। रचता और रचना के आदि-मध्य-अन्त का राज़ समझाते हैं, जो *नॉलेज* और कोई नहीं जानते हैं। बाप को आपेही आकर अपना परिचय देना है।
° उनका नाम है *शिव* (परमपिता परमात्मा, भगवान, ज्ञान का सागर सबका बाप वह है।)
° *दिव्य जन्म* है। साधारण तन का आधार लेते (भगवानुवाच है, तो जरूर भगवान का मुख चाहिए ना।) (जो पहले लक्ष्मी-नारायण बनते हैं, वही 84 जन्म लेते-लेते पिछाड़ी में आते हैं तो फिर उनके ही तन में आते। कृष्ण के बहुत जन्मों के अन्त में)
° बाप *पढ़ाकर साथ मुक्तिधाम ले जाते* हैं और कोई तकलीफ की बात नहीं (फिर *चक्र रिपीट* होगा।)
° (अन्त में हमको प्रैक्टिकल में अब क्या करना है) बाप सिर्फ कहते हैं *मामेकम् याद* करो, जिससे ही पाप कटेंगे, सतोप्रधान बनेंगे।

4. ऐसे अच्छे से बाबा का परिचय देने से *अच्छा रिजल्ट* क्या निकलेंगा? (3)
° सब समझेंगे *यह तो ट्रूथ है*, परमात्मा झूठ थोड़े ही कहेंगे।
° इससे तुम्हारा *नाम बहुत बाला* होंगा, इसमें कोई खिटपिट नहीं करेंगे। तुम्हारे पास *बहुत आयेंगे* ।
° बहुतों का प्यार भी होगा, *तुमको बुलायेंगे कि यहाँ आकर भाषण करो* इसलिए पहले-पहले अल्फ सिद्ध कर समझाओ।

5. कहते हैं ना – विश यू लाँग लाइफ एण्ड प्रॉसपर्टी। बाबा ऐसे *आशीर्वाद* देते हैं कि सदा जीते रहो। _(सही / गलत)_
° *गलत*
° बाबा ऐसे आशीर्वाद नहीं देते। यह साधू लोग कहते हैं – अमर रहो। (बाबा तो हमें ऐसे *श्रेष्ठ कर्म* सीखाते जिसके फलस्वरूप हमें *भाग्य* में लम्बी आयु मिल जाती।) तुम बच्चे समझते हो अमर तो जरूर अमरपुरी में होंगे।

6. सदा इसी ____ वा _____ में रहना है कि हमको भगवान पढ़ाते हैं। स्टूडेन्ट की ____ में यह सारी नॉलेज होनी चाहिए ना। खुशी रहती है, हम कितनी _____ करते हैं, यह अमरकथा अमर बाबा तुमको सुनाते हैं।
°नशे, खुशी, बुद्धि, कमाई

7. सतयुग में तो कुछ सीखते नहीं हैं। जरूर _____ पर ही सीखते होंगे। ऊंच ते ऊंच बनना है, वह कैसे बनें। जरूर बीच में ______ है जब पवित्र बनते हैं। हेविनली गॉड फादर जरूर ______ पर ही आते हैं। तुम जानते हो अभी _____ है।
°संगम, संगमयुग, संगम, संगम

8. यह एक धर्म एक _____ से स्थापन होता है। सूक्ष्मवतन की बातों में ज्यादा _____ नहीं रखना है।
°श्रीमत, इन्ट्रेस्ट

9. चित्रों को, शास्त्रों को भी *परिक्रमा* दिलाते हैं फिर घर ले आकर सुलाते हैं। बाबा ने इसका कौन-सा बहुत सुन्दर आध्यात्मिक रहस्य सुनाया?
° अभी तुम बच्चे जानते हो हम सतयुग में पहले लक्ष्मी-नारायण देवता से क्षत्रिय, वैश्य, शुद्र बनते हैं, यह चक्र लगाते हैं। *चक्र के बदले वह फिर परिक्रमा* दिलाकर घर में जाए रखते हैं।

10. बाबा ने समझाया है माया *आंखों द्वारा बहुत धोखा* देती है। कैसे? (4) तो अब आंखों का *क्या करना* है? (2)
° ( *लोभ* ) अच्छी चीज़ देखेंगे तो दिल बित-बित करेगी खायें।
° आंखों से देखते हैं तब *क्रोध* आता है मारने लिए। देखें ही नहीं तो मारे कैसे।
° आंखों से देखते हैं तब लोभ, *मोह* भी होता है। मुख्य धोखा देने वाली आंखे हैं।
° क्रिमिनलपना ( *विकार* )
° (क्या करना है) इन पर *पूरी नज़र* रखनी चाहिए। *आत्मा को ज्ञान* मिलता है, तो फिर क्रिमिनलपना छूट जाता है। ऐसे भी नहीं है आंखों को निकाल देना है। तुम्हें तो क्रिमिनल आई को *सिविलआई* बनाना है। अच्छा!

Answers from Sakar Murli 25-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-07-2020*

1. हम रचयिता और रचना के आदि-मध्य-अन्त को जान गये हैं। तो आदि में *नई दुनिया में नया भारत* कैसा था? (3) अब अन्त में विश्व कैसा बन गया है?
° भारत में सतयुग (स्वर्ग, दिन, विष्णुपुरी, शिवालय, वन्डर ऑफ वर्ल्ड) था तो देवी-देवताओं *(लक्ष्मी-नारायण) का राज्य* था (वजीर भी नहीं), एक ही धर्म था। है ।
° भारत *मोस्ट सालवेन्ट* था। हीरे-जवाहरों के महल थे
° वाइसलेस, *महान् पवित्र देश* था
° अभी है 100 परसेन्ट इरिलीजस, अनराइटियस, इनसालवेन्ट, पतित विशश

2. अभी तुम समझाते हो कि भारत की _____ कला और _______ कला कैसे होती है।
°चढ़ती, उतरती

3. जबकि देही-अभिमानी को ही ईश्वरीय सम्प्रदाय कहा जाता है (क्योंकि ईश्वर को देह है ही नहीं। सदैव आत्म-अभिमानी है।), तो *आत्म-अभिमानी बनने के लिए* बाबा ने आज कौन-कौन सी पॉइंट्स सुनाई? (3)
° *रूहानी बच्चे* सुन रहे हैं। अपने को *आत्मा समझकर* बैठो। देह न समझो। हम *फर्स्टक्लास* आत्मा हैं।
° आत्मा *अविनाशी* है, शरीर विनाशी है। आत्मा *शरीर द्वारा पार्ट* बजाती है। आत्मा तो *अशरीरी* है ना। कहते भी हैं अशरीरी आये हैं, अशरीरी जाना है।
° *भृकुटी के बीच* चमकता है अजब सितारा। उसमें *84 जन्मों का पार्ट* भरा हुआ है।

4. व्यर्थ से बेपरवाह बनो, _______ में नहीं।
°मर्यादाओं

5. जबकि हमे परमपिता परमात्मा (सुप्रीम आत्मा, सभी आत्माओं का बाप। ऊंचे ते ऊंच।) को याद करना है, तो उनका *रूप* , *महिमा* और (हमसे) *सम्बन्ध* क्या है?
° (रूप) वह *निराकार* है (जन्म-मरण में नहीं आते)।
° (महिमा) *ज्ञान का सागर, शान्ति का सागर, पवित्रता का सागर*, यह उस एक की ही महिमा है। (दूसरे कोई की महिमा हो नहीं सकती। देवताओं की महिमा अलग है, परमपिता परमात्मा शिव की महिमा अलग है। वह है बाप।)
° (सम्बन्ध) वह हमारा क्रिएटर, रचता, बाप है ( *सर्व* ही सम्बन्ध है)

6. इस रूद्र *यज्ञ* का पूरा नाम क्या है?
° राजस्व अश्वमेध अविनाशी रूद्र गीता ज्ञान यज्ञ।

7. बाबा के *स्नेह का रिटर्न* क्या है? ऐसा बनने से *प्राप्ति* क्या है? तो अभी कौन-सा *पुरुषार्थ* करना है?
° *फरिश्ते पन की स्थिति में स्थित होना* – यही बाप के स्नेह का रिटर्न है।
° ऐसा रिटर्न देने वाले *समाधान स्वरूप* बन जाते हैं। समाधान स्वरूप बनने से स्वयं की वा अन्य आत्माओं की समस्यायें स्वत: समाप्त हो जाती हैं।
° तो अब ऐसी सेवा करने का समय है, लेने के साथ *देने का समय* है। इसलिए अब *बाप समान उपकारी* बन, पुकार सुनकर अपने फरिश्ते रूप द्वारा उन आत्माओं के पास पहुंच जाओ और समस्याओं से थकी हुई आत्माओं की *थकावट उतारो*।

8. इस सच्चे-सच्चे *सतसंग* (सत का संग) और दुनिया के सत्संगो में कौन-से 2 मुख्य अन्तर हैं?
° उसमें *आत्मा या परमात्मा का ज्ञान* न कोई में है, न दे सकते हैं।
° वहाँ तो कोई *एम आबजेक्ट* होती नहीं। तुम बच्चे तो अभी *पढ़ाई* पढ़ रहे हो।

9. इस युग को *पुरूषोत्तम* संगमयुग क्यों कहा जाता है?
° बाबा हमको ऐसा *पुरूषोत्तम बनाते* हैं। (यह सच्ची सत्य नारायण की कथा है। सत्य बाप तुमको नर से नारायण बनने का राजयोग सिखला रहे हैं। यह ज्ञान सिर्फ एक बाप के पास है।)
° बाप तुमको पुरूषोत्तम, *पारसबुद्धि* बना रहे हैं।
° बाप मनुष्य से *देवता* बनने की तुम्हें सुमत देते हैं।

10. बाप की मत के लिए ही गाया जाता है तुम्हरी गत- *मत न्यारी*…..। क्यों?
° बाप समझाते हैं मैं *ऐसी श्रेष्ठ मत देता हूँ जो तुम देवता बन जाते* हो।

11. भारत ही *ऊंच खण्ड* है, जो भी मनुष्य मात्र हैं, उनका यह *तीर्थ* है। कैसे?
° सर्व की सद्गति करने *बाप यहाँ ही आते* हैं। रावण राज्य से लिबरेट कर गाइड बन ले जाते हैं।

12. इस नॉलेज को पूरी रीति समझने में *7 रोज़* क्यों लगते हैं? (2)
° पतित *बुद्धि को पावन* बनाना है।
° सिर्फ स्थूल प्राप्तियों से समझते हैं हम स्वर्ग में बैठे हैं। सुखधाम (स्वर्ग) को बिल्कुल जानते नहीं क्योंकि पत्थरबुद्धि हैं। अब उन्हें *पारसबुद्धि बनाने के लिए* 7 रोज़ की भट्ठी में बिठाओ।
(पतित को यहाँ तो बिठा नहीं सकते। यहाँ पावन ही रह सकते हैं। पतित को एलाउ नहीं कर सकते।)

13. शिव के मन्दिर में इतने ही हीरे जवाहर थे जो मुहम्मद गजनवी *ऊंट भरकर* ले गये। _(सही / गलत)_
° *गलत*… (इतने माल थे, ऊंट तो क्या कोई लाखों ऊंट ले आये तो भी भर न सकें। सतयुग में सोने, हीरे-जवाहरों के तो अनेक महल थे। मुहम्मद गजनवी तो अभी आया है। द्वापर में भी कितने महल आदि होते हैं। वह फिर अर्थक्वेक में अन्दर चले जाते हैं।)

14. *कल्प की आयु* लम्बी-चौड़ी क्यों कर दी है? कौन-से *तर्क* से यह सत्य स्पष्ट कर सकते?
° *84 लाख योनियाँ* समझने के कारण। (वास्तव में है 5 हज़ार वर्ष। बाप समझाते हैं तुम 84 जन्म लेते हो, न कि 84 लाख।)
° कल्प की आयु लाखों वर्ष दें फिर तो (ज़न) *संख्या* बहुत होनी चाहिए।

15. *हम सो* का अर्थ क्या समझते है? सही अर्थ क्या है?
° हम आत्मा सो परमात्मा कह देते हैं, कितना रांग है।
° सही अर्थ है *हम आत्मा ब्राह्मण सो देवता* सो क्षत्रिय…. बनती। (सो फिर ब्राह्मण)

Answers from Sakar Murli 24-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-07-2020*

1. हज़ूर को बुद्धि में _____ रखो तो सर्व प्राप्तियां जी ____ करेंगी।
°हाज़िर, हज़ूर

2. बाबा, *माया भुला देती है*। _(सही / गलत)_
° *गलत*… (दोष माया पर रखते हैं। अरे, याद तो तुमको करना है। बाप को भूल जाते हो, अच्छा टीचर को याद करो। (गुरू भी) तुमको 3 चांस दिये जाते हैं। एक भूले तो दूसरे को याद करो।)

3. जबकि बहुत प्यार से बाबा को याद करना है, तो बाबा ने आज आते ही कौन-सी *याद की युक्ति* बताई? किन-किन बातों को *ज्ञान* कहेंगे? 84 के *चक्र को याद* करने से क्या प्राप्ति है? आत्मा की *वैल्यू* कब है?
° (याद की युक्ति) जब मुरली पहले बैठते हैं, अन्दर में हो शिव भोले बाबा आये हैं। समझो आधा घण्टा शान्त में बैठ जाते हैं, बोलते नहीं हैं तो तुम्हारे अन्दर आत्मा कहेगी कि शिवबाबा कुछ बोले। जानते हो शिवबाबा विराजमान है, परन्तु बोलते नहीं हैं। *यह भी तुम्हारी याद की यात्रा है ना। बुद्धि में शिवबाबा ही याद है*। अन्दर में समझते हो बाबा कुछ बोले, ज्ञान रत्न देवे।
° (ज्ञान) *बाबा जो कुछ समझायेंगे उसको ज्ञान कहेंगे*। (देही-अभिमानी हो रहो। बाप को याद करो। यह ज्ञान हुआ। बाप कहते हैं इस ड्रामा के चक्र को, सीढ़ी को और बाप को याद करो – यह ज्ञान हुआ। बाबा जो कुछ समझायेंगे उसको ज्ञान कहेंगे। याद की यात्रा भी समझाते रहते हैं। यह सब है ज्ञान रत्न।
°(84 के चक्र की याद से) स्मृति रहेंगी चक्र पूरा हुआ, हम पवित्र आये थे फिर *पवित्र* होकर ही जाना है। *कर्मातीत* अवस्था में जाना है और बाप से *पूरा वर्सा* लेना है। वह तब मिलेगा, जब आत्मा *सतोप्रधान* बन जायेगी याद के बल से। (नहीं तो सज़ायें खानी पड़ेंगी।) पुरानी जुत्ती से *वैराग्य* होगा।
° (आत्मा की वैल्यू) वहाँ तुम्हारी आत्मा की कितनी वैल्यु रहती है। *सतोप्रधान* है ना।वहाँ आत्मा पवित्र है, तो बहुत वैल्यु है। अभी 9 कैरेट बन गई है तो कोई वैल्यु नहीं है इसलिए बाप कहते हैं आत्मा को पवित्र बनाओ तो फिर शरीर भी पवित्र मिलेगा। जैसा सोना वैसा जेवर। सतयुग में हम आत्मा और शरीर दोनों पवित्र थे। (यह ज्ञान और कोई दे न सके।)

4. बाबा ने आज कौन-सी 5 *अलौकिक* बाते बताई?
° शिवबाबा है निराकार, *उनका अलौकिक जन्म* है।
° तुम *बच्चों को भी अलौकिक जन्म* देते हैं।
° अलौकिक *बाप*
° अलौकिक *बच्चे*
° अलौकिक बाप से अलौकिक *वर्सा* मिलता है।

5. अपने को आत्मा समझना कभी-कभी मुश्किल रहता। धन्धे आदि में वह अवस्था नहीं रहती। बाप कहते हैं अच्छा अपने को *आत्मा नहीं समझ सकते हो, तो* यह करो। क्या? (2)
° *शिवबाबा को याद* करो। (हथ कार डे दिल यार डे।)
° धंधा आदि करते यही मेहनत करो कि मैं *आत्मा* इस शरीर से काम करती हूँ। मैं *आत्मा* ही शिवबाबा को याद करती हूँ। *आत्मा* ही पहले-पहले पवित्र थी, अब फिर पवित्र बनना है।

6. बाबा ने कहा इस पुरुषार्थ में *बड़ी जबरदस्त कमाई* है (दुनिया की तुलना में)। कैसे?
° यहाँ कितने भी साहूकार हैं, अरब-खरब हैं परन्तु वह सुख नहीं है। *सबके सिर पर दु:ख* हैं।

7. कौन-सी 3 बातों की *जांच* रखनी है?
° तुम बच्चे अपनी जांच करते रहो, कोई हमारे में *अवगुण* तो नहीं है? *याद* में रहते हैं? *पढ़ाई* भी पढ़नी है।

8. प्रैक्टिकल में तुम _____ में जाकर राज्य करेंगे। तुम गुप्त वेष में _______ से अपना गँवाया हुआ राज्य लेते हो।अब तुम बच्चों को 21 जन्म विश्राम पाने के लिए ___ तो जरूर बनना पड़े। इस पुरानी दुनिया से ______ होना है।
°वैकुण्ठ, दिल व जान, सिक व प्रेम, पावन, नष्टोमोहा

9. बाप समझाते हैं – बच्चे, नर से नारायण बनना है तो तुम्हारी जो ____ है, वही करनी हो। पहले अपनी _____ को देखना है। बाबा हम तो आपसे पूरा वर्सा लेकर ही छोड़ेंगे, तो वह _____ भी चाहिए।
°कथनी, अवस्था, चलन

10. *नई दुनिया में नये भारत* का बाबा ने क्या वर्णन किया? (3)
° कैपीटल भी जानते हो, *जमुना का कण्ठा* था, जिसको परिस्तान भी कहते थे।
° उसमें देवी-देवता थे। वहाँ नैचुरल ब्युटी रहती है। आत्मा पवित्र बन जाती है तो पवित्र आत्मा को शरीर भी पवित्र मिलता है। बाप कहते हैं मैं आकर तुमको *हसीन सो देवी-देवता* बनाता हूँ।
° है ही *वाइसलेस* वर्ल्ड। वहाँ होते ही हैं मोहजीत।

11. परमात्मा *सृष्टि का मालिक* है। _(सही / गलत)_
° * *गलत* (बाप समझाते हैं – मीठे-मीठे बच्चों, मैं इस सृष्टि का मालिक नहीं हूँ। तुम मालिक बनते हो और फिर राज्य गँवाते हो। फिर बाप आकर विश्व का मालिक बनाते हैं।)

12. इस *पढ़ाई* की कौन-सी विशेषताएं आज बाबा ने सुनाई? (6)
° यह पढ़ाई है *ऊंच ते ऊंच* ,
° *पढ़ाने वाला भी* है ऊंच ते ऊंच शिवबाबा।
° वहाँ तो मनुष्य, मनुष्य को पढ़ाते हैं। हो तुम भी मनुष्य परन्तु बाप तुम *आत्माओं को बैठ पढ़ाते* हैं। पढ़ाई के संस्कार आत्मा में ही रहते हैं। यह है *रूहानी नॉलेज* । तुम्हारी रूह को रूहानी बाप बैठ नॉलेज सुनाते हैं।
° 5 हज़ार वर्ष पहले भी तुमने सुनी थी। सारे मनुष्य सृष्टि भर में ऐसे कभी कोई पढ़ाता नहीं होगा। किसको भी पता नहीं, *ईश्वर कैसे पढ़ाते* हैं?
° तुम बच्चे जानते हो अभी इस *पढ़ाई से किंगडम* स्थापन हो रही है।
° यह एक ही पढ़ाई है, *नर से नारायण* बनने की।

13. जबकि *पढ़ाई से किंगडम* स्थापन हो रही है, तो हाइएस्ट कौन बनते और प्रजा में कौन आते?
° जो अच्छी रीति पढ़ते और *श्रीमत* पर चलते हैं वह हाइएस्ट बनते हैं।
° जो बाप की जाए निंदा कराते हैं, हाथ छोड़ जाते हैं वह प्रजा में बहुत कम पद पाते हैं।

14. ____ नहीं करते हैं तो मोस्ट वैल्युबुल टाइम नुकसान होता है।
°याद

15. इस *खेल* के बारे में क्या-क्या सुनाया? (3)
° यह *हार और जीत* का खेल है।
° यह *अनादि* खेल चला आता है। चक्र फिरता रहता है, प्रलय होती नहीं। भारत तो अविनाशी खण्ड है।
° सूर्य-चांद इस *माण्डवे की बत्तियां* हैं।

16. *सच्ची सत्य नारायण की कथा* किसे कहेंगे? *अल्लाह अवलदीन* का आध्यात्मिक रहस्य क्या है? *हातमताई* की कहानी से कौन-सी धारणा की पॉइंट सीखनी है?
° (सच्ची सत्य नारायण की कथा) तुमको पहचान मिली है – *हम तो मालिक थे, सूर्यवंशी देवतायें थे। अभी फिर वह बनने के लिए पुरूषार्थ कर रहे* हो क्योंकि यहाँ तुम सत्य नारायण की कथा सुन रहे हो ना। बाप द्वारा हम नर से नारायण कैसे बनें? बाप आकर राजयोग सिखलाते हैं।
° (अल्लाह अवलदीन) दिखाते हैं ठका करने से खजाना निकल आया। अभी तुम बच्चे जानते हो – *अल्लाह तुमको ठका करने से क्या से क्या बनाते* हैं।
° (हातमताई) मुहलरा मुख में डालते थे तो माया गुम हो जाती थी। मुहलरा निकालने से माया आ जाती थी। रहस्य तो कोई समझ न सके। बाप कहते हैं बच्चे *मुख में मुहलरा डाल दो। तुम शान्ति के सागर (की सन्तान) हो, आत्मा शान्ति में अपने स्वधर्म में रहती* है।

17. जैसे स्थूल सीजन का इन्तजाम करते, जिससे किसी को कोई तकलीफ न हो, समय व्यर्थ न जाए। ऐसे ही अब *हमें क्या करना* है? इसके लिए क्या *पुरुषार्थ* है?
° सर्व आत्माओं की गति-सद्गति करने की अन्तिम सीजन आने वाली है, तड़फती हुई आत्माओं को क्यू में खड़ा करने का कष्ट नहीं देना है, *आते जाएं और लेते जाएं*।
° इसके लिए *एवररेडी* बनो। पुरूषार्थी जीवन में रहने से ऊपर अब दातापन की स्थिति में रहो। *हर संकल्प, हर सेकण्ड में मास्टर दाता* बन करके चलो।

Answers from Sakar Murli 23-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-07-2020*

1. बाबा ने आते ही कौन-से *बहुत सुन्दर शब्दों में हमारे भाग्य का वर्णन* किया, जिसकी हमे बहुत खुशी होनी चाहिए। (3) हमारा जीवन *अमूल्य* क्यों है?
° ऊंच ते ऊंच भगवान तुमको (अपने से भी) *ऊंच ते ऊंच* सारे विश्व का मालिक बनाते हैं।
° किसी को कुछ पता नहीं। दुनिया क्या है, *वैकुण्ठ* क्या है। भल कितने भी कोई नवाब, मुगल आदि होकर गये हैं, भल अमेरिका में कितने भी पैसे वाले हैं परन्तु इन *लक्ष्मी-नारायण* जैसे तो हो न सकें। वह तो व्हाईट हाउस आदि बनाते हैं परन्तु वहाँ तो *रत्न जड़ित गोल्डन हाउस* बनते हैं।
° तुम्हारा ही *हीरो-हीरोइन* का पार्ट है। तुम *डायमण्ड* बनते हो। गोल्डन एज थी। अब है आइरन एज। बाप कहते हैं तुम कितने *भाग्यशाली* हो। भगवान खुद बैठ समझाते हैं।
° यह तुम्हारा जीवन बहुत अमूल्य है क्योंकि तुम विश्व की सर्विस करते हो।

2. फिर भी *खुशी चली जाये*, तो क्या करना है? (2) *अपार खुशी* में कौन रह सकते हैं? (2)
° जो भी शंका हो (जिस कारण देह-अभिमान में आते) तो *बाबा से पूछो*।
° *कान भी प्योर* करना चाहिए। प्योरिटी फर्स्ट। पवित्रता होगी तो धारणा होगी।
° अपार खुशी उन्हें ही रहेगी जो सदा *दूसरों की खिदमत* (सेवा) में रहते हैं (स्थूल-सूक्ष्म दोनों, सच्ची सत्य नारायण की कहानी सुनाते।)
° मुख्य धारणा *चलन बहुत-बहुत रॉयल* हो। खान-पान बहुत सुन्दर हो।

3. कैसा *स्नेह का सागर* बनना है?
° जो *क्रोध समीप भी न आ सके*।

4. बाबा ने आज कौन-सा *जबरदस्त उल्हना* दिया? (2)
° पतित दुनिया में ही मुझे बुलाते हैं। पारसनाथ बनाता हूँ। तो बच्चे खुद पारसपुरी में आ जाते हैं। वहाँ तो मुझे कभी *बुलाते ही नहीं* हैं। कभी बुलाते हो कि बाबा पारसपुरी में आकर थोड़ी विजिट तो लो? बुलाते ही नहीं।
° गायन भी है दु:ख में सिमरण सब करें, पतित दुनिया में याद करते हैं, सुख में करे न कोई। *न याद करते* हैं, न बुलाते हैं।

5. अमरलोक में *ऊंच पद* पाने के लिए क्या करना है? (3) *अविनाशी ज्ञान रत्नों के व्यापार* पर बाबा ने क्या सुनाया? (3)
° (ऊंच पद लिए) एक तो *पवित्र* बनना है, दूसरा फिर *दैवीगुण* भी धारण करने हैं। अपना रोज़ *पोतामेल* रखो।
° व्यापारी लोग इन बातों को अच्छी रीति समझेंगे। यह हैं ज्ञान रत्न। *कोई विरला व्यापारी* इनसे व्यापार करे। कोई तो अच्छी रीति व्यापार कर *स्वर्ग का सौदा* लेते हैं – *21 जन्म* के लिए। 21 जन्म भी क्या 50-60 जन्म तुम *बहुत सुखी* रहते हो। *पद्मपति* बनते हो। (देवताओं के पैर में पद्म दिखाते हैं ना।)
° स्थूल व्यापार तो इनके आगे कुछ भी नहीं है।

6. बाबा कहा तो *बाबा माना बाबा* । यह कहकर बाबा ने अपनी कौन-सी *महिमा* सुनाई? (3)
° भक्तिमार्ग में भी गाया जाता है पतियों का *पति* , गुरूओं का *गुरू* एक ही है। वह हमारा *फादर* है।
° ज्ञान का सागर *पतित-पावन* है।
° तुम बच्चे कहते हो बाबा हम कल्प-कल्प आपसे वर्सा लेते आये हैं। आप बेहद के बाप से हमको जरूर *बेहद का वर्सा* मिलेगा। बाबा माना वर्सा। *बेहद का बाप* तो एक ही है। अच्छा।

7. अभी तुम बच्चों को कितनी _____ करनी चाहिए। बाप समझाते हैं तुमको तो ______ का दाना बनना है। ऐसे मीठे-मीठे बाबा को _______ भी कहते हैं। ऐसे बाप की ____ पर भी चलना चाहिए ना। बाबा कितना समझाते हैं, _चार्ट_ रखो। नहीं तो बहुत पछताना पड़ेगा।मीठे-मीठे _____________ वाले बच्चों प्रति बापदादा का याद-प्यार और गुडमॉर्निंग।
°तैयारी,विजय माला, बाबा-बाबा, राय, 5 हज़ार वर्ष बाद फिर से आकर मिलने

8. *कृष्ण* कैसे बना?
इन भक्ति मार्ग की बातों का आध्यात्मिक रहस्य क्या है:
° *मानसरोवर* में टुबका लगाये तो परी बन जाये।
° पाण्डवों के बहुत *बड़े-बड़े चित्र*
° विष्णु की *नाभी* से ब्रह्मा निकला
° कृष्ण ने *भगाया*!
उत्तर:
° *आगे जन्म में शिवबाबा को याद* करने से ही कृष्ण बना।
° वास्तव में है *ज्ञान मानसरोवर*। उसमें तुम क्या से क्या बन जाते हो। *शोभनिक* को परी कहते हैं।
° क्योंकि पाण्डव को महावीर कहा जाता (ऊंची *ऊंची स्थिति* )
° ब्रह्मा सो विष्णु, विष्णु *सो* ब्रह्मा बनते हैं। ब्रह्मा को विष्णु बनने में सेकण्ड लगता है। सेकण्ड में जीवनमुक्ति
° भगवान् अभी हमें (बुद्धि से भगाकर!) पटरानी बनाते। स्वर्ग की महारानी!

9. समय प्रति समय जैसे हमारी स्टेज आगे बढ़ती जा रही है, *माया* का क्या होना चाहिए? यदि माया आ भी जाए, तो क्या करना चाहिए? निर्भय वा *मायाजीत* कौन बन सकते?
° अब माया का वार नहीं होना चाहिए, *माया नमस्कार* करने आये वार करने नहीं।
° यदि माया आ भी जाए तो उसे *खेल* समझकर देखो। ऐसे अनुभव हो जैसे *साक्षी* होकर हद का *ड्रामा* देखते हैं। माया का कैसा भी विकराल रूप हो आप उसे खिलौना और खेल समझकर देखेंगे तो बहुत मजा आयेगा, फिर उससे डरेंगे वा घबरायेंगे नहीं।
° जो बच्चे सदा *खिलाड़ी* बनकर साक्षी हो माया का खेल देखते हैं वह सदा निर्भय वा मायाजीत बन जाते हैं।

Answers from Sakar Murli 22-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-07-2020*

1. तुम बच्चों को बहुत ____ रहनी चाहिए। तुम _____ भी रॉयल हो। तुम बच्चों को कितना ____ रहना चाहिए और ऊंच ______ होने चाहिए।
°खुशी, स्टूडेन्ट, नशा, ख्यालात

2. सतयुग में एक ही _____ , पवित्रता-सुख-शान्ति सब रहता। तुम बच्चे जानते हो बाप ______ का मालिक बनाने आये हैं। ______ को कहते ही है गॉर्डन ऑफ अल्लाह। हम जिसके मालिक बन रहे हैं।
°धर्म, सुखधाम, बहिश्त

3. *निश्चयबुद्धि* की 3 निशानीयां कौन-सी है? हमे *डबल पितायें* कौन-से मिले हैं?
° *निश्चित* विजयी और *निश्चिंत*, उनके पास *व्यर्थ आ नहीं सकता*।
° एक *निराकार* ऊंच ते ऊंच, दूसरा फिर *साकार* वह भी ऊंच ते ऊंच।

4. स्टूडेन्ट कहाँ भी बैठे होंगे उनकी बुद्धि में बाप भी याद आता है, ______ भी याद पड़ता है। भगवान जिसको सारी दुनिया अल्लाह गॉड कह पुकारती है, वह यहाँ ड्रामा अनुसार कल्प पहले मुआफिक आये हैं। यह है गीता का _____ , जिसमें बाप आकर स्थापना करते हैं।मूलवतन, सूक्ष्मवतन और सृष्टि का चक्र, बस, और कोई ____ से तुम्हारा काम नहीं।
°टीचर, एपीसोड, धाम

5. हम ब्राह्मणों का *अलौकिक धर्म* क्या है? बाबा *सच्चा खुदाई खिदमतगार* किन्हें कहते? *छोटे बच्चों* की कैसे सेवा कर सकते?
° (अलौकिक धर्म) *श्रीमत पर अलौकिक सेवा* में तत्पर रहना। (यह भी मनुष्यों को पता पड़ जायेगा कि तुम श्रीमत पर कितना ऊंच काम कर रहे हो। तुम्हारे जैसी अलौकिक सर्विस कोई कर न सके। इसमें ही बिजी रहना चाहिए।)
° (सच्चा खुदाई खिदमतगार) जो *कम से कम 8 घण्टा आत्म-अभिमानी* रहने का पुरूषार्थ करते हैं।
° (छोटे बच्चे) उनको भी *शिवबाबा की ही याद* दिलानी

6. सदा _____ की स्थिति में स्थित रहने वाले _____ -मुक्त, _____ -मुक्त भव। ________ बनना – यह है बेहद की स्थिति।
°बेहद, बन्धन, जीवन, देही अभिमानी

7. आज बाबा ने आते ही पहले-पहले कौन-सी *सावधानी* दी? (2) वा नम्बरवन बात बताई?
° यहाँ बैठते हो तो अपने को *आत्मा* समझ बाप के आगे बैठे हो? (आत्मा इन आरगन्स द्वारा सुनती) यह भी बुद्धि में लाओ कि हम *बाप* के आगे भी बैठे हैं, टीचर के आगे भी बैठे हैं। (उनसे पढ़ते)
° नम्बरवन बात है – *हम आत्मा हैं, बाप भी आत्मा* है, टीचर भी आत्मा है, गुरू भी आत्मा है। एक ही है ना। यह नई बात तुम सुनते हो।
° (तुम कहेंगे बाबा हम तो कल्प-कल्प यह सुनते हैं। यह ज्ञान इस समय ही तुम बच्चों को मिलता है ऊंच ते ऊंच भगवान द्वारा। वह सभी आत्माओं का बाप है जिससे हम स्वर्ग का वर्सा ले रहे हैं।)

8. हम स्वर्ग में जरूर जायेंगे। स्वर्ग की स्थापना जरूर होनी है। फिर हम *पुरूषार्थ क्यों* करते? *स्वर्ग* / सतयुग किसे कहेंगे? कौन-सी बात समझने में *बुद्धि बड़ी विशाल* चाहिए?
° (पुरूषार्थ क्यों) सिर्फ *ऊंच पद* पाने लिए।
° (स्वर्ग किसे कहेंगे) स्वर्ग कहा ही जाता है *नई दुनिया को* । त्रेता को नई दुनिया थोड़ेही कहेंगे। पहले-पहले सतयुग में है एकदम नई दुनिया।।
° यह *लक्ष्मी-नारायण* विश्व के मालिक कैसे बनें! इस समझने में बुद्धि बड़ी विशाल चाहिए।

9. शिवबाबा का *पार्ट* ही दिव्य अलौकिक है। कैसे?
° *पतितों को पावन* बनाने वाला एक ही बाप है। कहते हैं मेरा पार्ट सबसे न्यारा है।

10. ऐसे नहीं ड्रामा अनुसार हमारा कम पुरूषार्थ चलता है। *पुरूषार्थ को तेज* करना चाहिए। कैसे? (3)
° ड्रामा पर *छोड़ नहीं देना* है।
° अपने *चार्ट* को देखते रहो। बढ़ाते रहो। नोट रखो हमारा चार्ट बढ़ता जाता है, कम तो नहीं होता है।
° बहुत खबरदारी चाहिए। यहाँ तुम्हारा है ब्राह्मणों का *संग*। बाहर में सभी है कुसंग।

11. बाबा कह रहे थे हमे इस समय बिल्कुल *सिम्पुल* रहना है। इस सन्दर्भ में अति देह-अभिमान किसे कहेंगे? इन शिक्षाओं का *प्रैक्टिकल सार* क्या है?
° 100-150 रूपया देते हैं सिर्फ बाल बनाने के लिए। इसको कहा जाता है अति देह-अभिमान। (ऊंची साड़ी, आदि)
° (प्रैक्टिकल सार) देह-अभिमान तोड़ने के लिए सब हल्का कर देना चाहिए। अच्छी चीज़ देह-अभिमान में लाती है। (और देह-अभिमान छोड़ने से ही *बाबा से सम्पूर्ण योग लगाकर सर्व प्राप्ति सम्पन्न* बन सकते, कल्प-कल्पान्नतर के लिए)

12. हम कैसे *वारियर्स* / सेना हैं? (3) हमारा मुख्य *कर्त्तव्य* क्या है?
° इनकागनीटो, अननोन (गुप्त), नान-वायोलेन्स (डबल अहिंसक)
° (मुख्य कर्त्तव्य) *पवित्र* जगतजीत लक्ष्मी-नारायण बनना।

13. अपने अभी तुमको कोई चित्र आदि भी याद नहीं करना है। सब कुछ भूलो। कोई में बुद्धि न जाए, लाइन ______ चाहिए। पहले-पहले तुम _______ आये थे, फिर तुमको जाना है। तुम ________ हो। वह होते हैं हद के एक्टर्स, तुम हो बेहद के। ______ को भूल अपने को आत्मा समझ और बाप को याद करना है, तब ही पाप नाश होंगे।
.°क्लीयर,अशरीरी, आलराउन्डर, दुनिया

14. जो स्वयं को *बेहद का पार्टधारी* समझकर चलते हैं, उनकी निशानी क्या होंगी? (2)
° उनकी बुद्धि में कोई भी सूक्ष्म वा स्थूल *देहधारी की याद नहीं* होगी। वह एक बाप को और शान्तिधाम घर को याद करते रहेंगे क्योंकि बलिहारी एक की है।
° जैसे बाप सारी दुनिया की खिदमत करते हैं, पतितों को पावन बनाते हैं। ऐसे बच्चे भी *बाप समान खिदमतगार* बन जाते हैं।

15. याद की मेहनत से सर्व ______ को तोड़ कर्मातीत बनना है।
°कर्मबन्धनों

Answers from Sakar Murli 21-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-07-2020*

1. आत्मा जब पवित्र है तो ________ कही जाती है, फिर शरीर भी एसा मिलता। अभी तुम बच्चे आत्म-अभिमानी बनने के _______ अपने में डालते हो। तुम अभी ______ पर पूज्य देवता बन रहे हो। अभी तुमको आसुरी बंधनों से छुड़ाकर सुख के _____ सम्बन्ध में ले जाते हैं। आत्माओं और परमात्मा का _____ होता है।
°गोल्डन एजेड, संस्कार, संगमयुग, दैवी, मेला

2. कैसी भी धरनी तैयार करनी है तो वाणी के साथ ___ से सेवा करो।
°वृत्ति

3. *खूबसूरती* पर बाबा ने कितनी पॉइंट्स सुनाई? (8)
° उनको हसीन परमपिता *परमात्मा* भी कहा जाता है, बहुत खूबसूरत है क्योंकि वह एवर प्योर है।
° *आत्मा* प्योर बन जाती है तो उनको शरीर भी प्योर, नैचुरल सुन्दर मिलता है।
° शान्तिधाम में आत्मायें पवित्र रहती हैं फिर जब यहाँ आती हैं *पार्ट* बजाने तो सतोप्रधान सुन्दर से श्याम अर्थात् काली इमप्योर बन जाती हैं (सतो, रजो, तमो)
° ऐसे नहीं, आजकल जो बहुत खूबसूरत हैं, उनकी आत्मा पवित्र है। नहीं। भल शरीर खूबसूरत है फिर भी आत्मा तो पतित है ना ( *नर्क की खूबसूरती* )
° यह लक्ष्मी-नारायण हैं *सतयुगी खूबसूरत*
° हम अभी स्वर्ग के लिए *नेचुरल सुन्दर बन रहे* हैं। 21 जन्म के लिए ऐसे सुन्दर बनेंगे।
° बाबा आया हुआ है, सारी दुनिया के मनुष्य मात्र तो क्या *दुनिया को भी खूबसूरत* बनाते हैं। सतयुग नई दुनिया में थे ही खूबसूरत देवी-देवतायें।
° बाबा कहते हैं मैं तुमको हसीन (सुन्दर) बनाने आया हूँ, तुम फिर काला मुँह मत करो।

4. यह _____ शरीर बहुत वैल्युबल है, इसमें बहुत _____ करनी है। बेहद के बाप के साथ खाते, पीते……. सर्व ____ की अनुभूति करनी है।
°अन्तिम पुरुषार्थी, कमाई, सम्बन्धों

5. कोई भी ऐसा कर्म नहीं करना है जिससे ब्राह्मण परिवार की वा बाप की _____ जाये। आत्म अभिमानी बन पूरा ____ बनना है। ____ से पुरानी खाद निकालनी है।
°इज्ज़त, पवित्र, याद

6. बाबा *अपने से भी बच्चों को ऊंच* बनाते हैं। कैसे? _(2)_
° तुम *डबल मालिक* बनते (विश्व का भी मालिक हो तो ब्रह्माण्ड का भी मालिक बनते हो)
° तुम्हारी *पूजा भी डबल* होती है। आत्माओं की भी पूजा होती है। देवता वर्ण में भी पूजा होती है।
° (बाबा कहते) मेरी तो सिंगल सिर्फ शिवलिंग के रूप की पूजा होती है। मैं राजा तो बनता नहीं हूँ। तुम्हारी कितनी सेवा करता हूँ।

7. इस कलियुगी दुनिया में कुछ भी हो लेकिन आपकी सदा ______ कला है। दुनिया के लिए हाहाकार है और आपके लिए ______ है। आप किसी भी परिस्थिति से घबराते नहीं क्योंकि आप पहले से ही _____ हो। ______ होकर हर प्रकार का खेल देख रहे हो। वह सहज ही बेहद के ____ बन जाते हैं।
°चढ़ती, जयजयकार, तैयार, साक्षी, वैरागी

8. रूहानी शमा पर जो *परवाने फिदा* होने वाले हैं, उनकी निशानी क्या होगी?
° शमा *जो है जैसी है* उसे यथार्थ रूप से जानते और याद करते हैं।
° फिदा होना माना *बाप समान* बनना।
° फिदा होना माना *बाप से भी ऊंच* राजाई का अधिकारी बन जाना।

9. परमात्मा किसका *सागर* है? (4) *सागर से थालियां* निकलने का आध्यात्मिक रहस्य क्या? परमात्मा के और कौन-से *टाइटल्स* आज सुनाये? (6)
° वही ज्ञान का सागर, पवित्रता, शान्ति, सम्पत्ति का सागर है।
° यह भी दिखाते हैं सागर से रत्नों की थालियाँ निकलती हैं। बाप समझाते हैं यह हैं *अविनाशी ज्ञान रत्न*। इन ज्ञान रत्नों से तुम बहुत साहूकार बनते हो और फिर हीरे जवाहर भी तुमको बहुत मिलते हैं। यह एक-एक रत्न *लाखों रूपये* का है जो तुमको इतना *साहूकार* बनाते हैं।
° निराकार परमपिता *परमात्मा* शिवबाबा, ओबीडियन्ट सच्चा *फादर* , रूहानी *शमा* , *हुसैन* , *हसीन* (एवर प्योर), *सतगुरू* (कालों का काल, महाकाल, सुप्रीम गाइड)

10. *शान्तिधाम* के बारे में क्या-क्या सुनाया?
° आत्माओं और परमात्मा का *घर* शान्तिधाम है। वहाँ चुरपुर कुछ भी नहीं होती है।
° शान्तिधाम में *आत्माएं पवित्र* रहती है।
° बुलाते हैं हमको सद्गति में ले जाओ। ऐसी युक्ति बताओ जो हम शरीर छोड़ *शान्तिधाम चले जायें* ।

11. *ब्रह्मा बाबा* के कौन-से टाइटल्स आज की मुरली में है? (5)
° बेहद का रचयिता, ग्रेट-ग्रेट ग्रैन्ड फादर, आदि देव, एडम, ब्रह्मपुत्रा