Answers from Sakar Murli 20-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-07-2020*

1. ______ बन सर्विस में तत्पर रहो, क्योंकि इस सर्विस में बहुत ऊंच _____ है, 21 जन्मों के लिए तुम वैकुण्ठ का मालिक बनते हो। समझाना चाहिए ना – इस पढ़ाई से हम ______ बनेंगी। यह पढ़ाई तो भविष्य 21 जन्म के लिए _____ का मालिक बनाती है। अब बाप समझाते हैं विषय सागर से चलो ______ में। सतयुग को ______ कहा जाता है।
°बन्धनमुक्त, कमाई, महारानी, स्वर्ग, शिवालय, क्षीर सागर

2. 100 परसेन्ट सालवेन्ट सोने की चिड़िया भारत के *देवताएं* कैसे थे? (4)
° *सर्वगुण सम्पन्न*
° रिलीजस, राइटियस, कितना बल था। विश्व के मालिक थे।

3. हम विश्व के मालिक पारसनाथ थे। फिर 84 जन्म लेते-लेते अब _____ बन पड़े हैं। बाप ने हमको कितना साहूकार बनाया था, अब कितने _____ बन पड़े हैं। जो पूज्य थे, सो अब _____ बन पड़े हैं।
° पत्थरनाथ, कंगाल, पुजारी

4. हम ब्राह्मणों का *कर्त्तव्य* और *पुरुषार्थ* क्या है?
° तुम ब्राह्मणों का कर्तव्य है – *भ्रमरी* के मिसल कीड़ों को भूँ-भूँ कर आप समान बनाना।
° तुम्हारा पुरूषार्थ है – *सर्प* के मिसल पुरानी खाल छोड़ नई लेने का।

5. जैसे दान पुण्य की सत्ता वाले किसी को क्या भी बना सकते। वैसे हम महादानी पुण्य आत्माओं को *कौन-सी विशेष सत्ता* मिली हुई है? इस सत्ता से हम कौन-सा *वन्डरफुल कार्य* कर सकते? सिर्फ क्या *ध्यान* रखना है?
° डायरेक्ट बाप द्वारा *प्रकृतिजीत, मायाजीत* की विशेष सत्ता प्राप्त है
° आप अपने शुद्ध संकल्प के आधार से *किसी भी आत्मा का बाप से सम्बन्ध जोड़कर मालामाल बना सकते* हो।
° सिर्फ इस सत्ता को *यथार्थ रीति यूज़* करो।

6. बाबा ने आज आते ही कौन-सी वन्डरफुल *श्रीमत* याद दिलायी? वैसे तो नशा स्थाई चढ़ना चाहिए, फिर भी कौन-सी *छोटी सी बात* में नशा उड़ जाता है? यदि बाबा ने फर्स्टक्लास ब्राह्मणी को कहाँ *भेजा* है सर्विस के लिए, तो हमें क्या करना है? इससे *प्राप्ति* क्या होंगी?
° (श्रीमत) बच्चे जब सुनते हैं तो अपने को *आत्मा* निश्चय कर बैठे और यह निश्चय करें कि निराकार *परमात्मा* (बेहद का बाप) हमको सुना रहे हैं। इस *लव*-प्रीत से परमात्मा को याद करना।
° (छोटी सी बात) ऐसे नहीं *ब्राह्मणी नहीं* तो नशा उड़ जाए। (फिर मूँझ जाना, ईर्षा करना, अन्धे लूले बनना, सेन्टर पर न आना, क्लास न करना, आदि)
° याद द्वारा जो धारणा हुई है, उस आधार से *सर्विस करनी है* (प्वाइंट्स सुनाने की प्रैक्टिस, सेन्टर सम्भालना, क्लास कराना, खुशी होनी चाहिए हम गद्दी पर बैठ समझाएं, भल छुट्टी लेनी पड़े)
° तब ही दूसरों को *आप समान* बनायेंगे, प्रजा बनायेंगे।

7. *गुड़ियों की पूजा* किसे कहेंगे?
° चित्रों के *आक्यूपेशन जाने बिना* पूजा करना (समझ के आधार पर करने से ही प्राप्ति है)

8. *इतनी सहज बात* भी किसको समझा नहीं सकते। कौन-सी?
° सीढ़ी में पूरा *84 जन्मों का वृतान्त* है।

9. जब आप _____ की बधाईयां मनायेंगे तब समय, प्रकृति और माया विदाई लेगी।
°सम्पूर्णता

10. *बेहद का वैराग्य* हमने क्यों धारण किया है? तो *प्रैक्टिकल जीवन* में इसकी क्या निशानी है?
° (वैराग्य) क्योंकि हम अब *शिवालय, पावन दुनिया में जा रहे* हैं
° (प्रैक्टिकल में) तुम सब ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ भाई-बहन हो। विकारी तमोप्रधान *दृष्टि* जा न सके। (पुरानी आदतें ईर्ष्या आदि भी छोड़ देनी है)

11. पुरानी दुनिया खलास हो जानी है। सागर की एक ही ____ से सारा डांवाडोल हो जायेगा। नैचुरल कैलेमिटीज किसको भी छोड़ती नहीं है। अच्छा!
°लहर

Answers from Sakar Murli 28-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-07-2020*

1. *एक का पदमगुणा* फल किन्हें मिलता?
° जो *समय पर सहयोगी* बनते हैं।

2. दुनिया में बहुत प्लान्स बनाते। तो *बाबा का प्लान* क्या है? और हम *बच्चों का प्लान*?
° बाप कहते हैं मेरा प्लैन है *पुरानी को नया* बनाना।
° हमारा एक ही प्लैन है। जानते हो *बाप की श्रीमत से हम अपना वर्सा ले रहे* हैं। बाबा रास्ता बताते हैं, श्रीमत देते हैं, *याद में रहने की मत* देते हैं।

3. बाबा ने आज पुरुषार्थ की कौन-सी *अच्छी-अच्छी युक्तियां* सुनाई? (3) माया *तंग* किन्हें करती है?
° सवेरे में स्नान कर *(याद में) घूमने फिरने* में बड़ा मज़ा आता (तनदुरस्ती भी रहती), अन्दर यही याद रहे हम एक्टर्स हैं। बाबा ने चक्र का राज़ बताया है। हम सतोप्रधान थे, यह बड़ी खुशी की बात है। (मनुष्य घूमते-फिरते हैं, उनकी कुछ भी कमाई नहीं। तुम तो बहुत कमाई करते।)
° अपने को देखो – हम *क्या थे, अब क्या बन गये हैं! फिर हमको बाबा ऐसा देवता बनाते* हैं।
° पुरुषार्थ करते रहो फिर *पक्का* होता जायेगा फिर ऑफिस में काम करने समय भी यह ईश्वर की स्मृति रहेगी। तुम भी घर में बैठो फिर भी बुद्धि उस तरफ लगी रहे। यह *आदत* रखो तो तुम्हारे अन्दर यही *चिन्तन* चलता रहे।
° (माया तंग) जो बच्चे ज्ञान का *विचार सागर मंथन नहीं करते* हैं उनकी बुद्धि में माया खिट-खिट करती है। उन्हें ही माया तंग करती है। (अन्दर विचार करो हमने यह चक्र कैसे लगाया। सतयुग में इतने जन्म लिए। अब फिर सतोप्रधान बनना है। बाबा ने कहा है – मुझे याद करो तो सतोप्रधान बन जाएंगे।)

4. बाप आते ही सेकण्ड में ऊंच चढ़ा देते हैं, तीसरा नेत्र दे दूरांदेशी-विशाल बना देते। तो जबकि हम इतने *समझदार-बुद्धिवान* है, तो हम इस *ड्रामा* में बारे में क्या-क्या जानते हैं? (5) *सार* में क्या याद रखना है?
° हम आत्मा हैं। यह शरीर रूपी *चोला पहनकर बहुरूपी पार्ट* बजाते हैं। नाम, रूप, देश, फीचर्स बदलते जाते हैं।
° सारे ड्रामा के *चक्र का राज़* बुद्धि में याद है (जो बाबा ने दिया है)। एक्टर्स घर में चले जाते हैं, वहाँ कोई पार्ट नहीं बजाते। पार्ट इस स्टेज पर बजाते। गोल्डन एज में सतोप्रधान-पावन-सुख का राज्य था, फिर आइरन एज में रावण-वश तमोप्रधान-पतित-दु:खी बने।
° बाकी आत्मायें सब ऊपर से यहाँ आती हैं पार्ट बजाने। यह झाड़ *सब धर्मों* का नम्बरवार है। (यह सब बीज-झाड़ के चित्र में भी आ जाता, बीच में त्रिमूर्ति भी रखकर समझा सकते)
° इस चैतन्य ड्रामा में ज़रा भी *अदली-बदली नहीं* हो सकती।
° सतयुग से लेकर कलियुग तक आते हैं फिर जाते हैं *फिर नये सिर* आकर पार्ट बजाते हैं।
° ( *सार* ) अपने को *आत्मा* समझना है। मुझ आत्मा में सारे चक्र का *पार्ट* है। अभी वह पार्ट *पूरा* हुआ है। बाप राय देते हैं बहुत सहज, मुझे *याद* करो।

5. वहाँ के *गरीब भी बहुत ऊंच* हैं, यहाँ के साहूकारों से। _(सही / गलत)_
° *सही*… (भल यहां कितने भी बड़े-बड़े राजायें थे, धन बहुत था परन्तु हैं तो विकारी ना। इनसे वहाँ की साधारण प्रजा भी बहुत ऊंच बनती है। बाबा फर्क बतलाते हैं।)

6. कौन-सी *3 प्रकार की विद्या* बाबा ने बताई? इस आध्यात्मिक विद्या (स्प्रीचुअल नॉलेज) की *मुख्य विशेषता* कौन-सी हे?
° उन स्कूलों में मिलती है *जिस्मानी* विद्या। और फिर वह है *शास्त्रों* की विद्या। यह फिर है *रूहानी* विद्या (आध्यात्मिक विद्या, स्प्रीचुअल नॉलेज)
° यह स्प्रीचुअल नॉलेज जो *स्प्रीचुअल फादर* सभी आत्माओं का बाप है, वही *पढ़ाते* हैं। (उनकी महिमा है *शान्ति, सुख का सागर*……।)

7. *परमधाम* के कौन-कौन से नाम आज की मुरली में आये हैं? (6) वहां आत्माएं *कैसी* दिखती है?
° शान्तिधाम, मुक्ति, घर, मूलवतन, निराकारी दुनिया, ब्रह्म महतत्व।
° आत्मायें ब्रह्म महतत्व में खड़ी होती हैं, *जैसे स्टार्स आकाश में* खड़े हैं। (यह स्टार्स तो दूर से *छोटे-छोटे* देखने में आते हैं।)

8. याद के लिए *यात्रा* अथवा *युद्ध* अक्षर सिर्फ समझाने में काम में लाते हैं। _(सही / गलत)_
° *सही* … (इसमें युद्ध आदि कुछ है नहीं। यात्रा भी अक्षर है। बाकी है तो याद।)
° ( *यात्रा* ) याद करते-करते पावन बन जायेंगे। यह यात्रा पूरी भी यहाँ ही होगी। कहाँ जाना नहीं है।
° ( *युद्ध* ) युद्ध कोई है नहीं। अपने को तमोप्रधान से सतोप्रधान बनाना है। माया पर जीत पानी है।

9. भल माया की चमक कितनी भी है परन्तु यह है ______ की गोल्डन एज, वह (सतयुग) है _____ गोल्डन एज। सतयुग में तो एक ____ एक _____ थी, जो अब फिर से स्थापन कर रहे हैं। बाप तो _____ भाषा में ही समझाते रहते हैं। मीठे-मीठे बच्चों को फिर भी समझाते हैं – जल्दी-जल्दी _____ करो। शरीर पर भरोसा थोड़ेही है।
°रावण, ईश्वरीय, राज्य,भाषा, हिन्दी, पुरूषार्थ

10. कोई-कोई बहुत कट्टर होते हैं सुनते भी नहीं, लिटरेचर भी नहीं लेते। बहुत मेहनत करते हैं फिर भी कोई *बिरले निकलते* हैं। इसलिए सेवा छोड़ देनी चाहिए। _(सही / गलत)_
° *गलत* (थकना नहीं है। मेहनत तो करनी है। मेहनत बिगर कुछ मिलता थोड़ेही है। प्रजा तो बनती रहती है)

11. ज्ञान मार्ग में बच्चे कौन-सी *गुड़ियों का खेल* करते? इसके बदले बातों का *क्या करना* है?
° (गुड़ियों का खेल) आपके सामने भी जब कोई निर्जीव, असार बातें (ईर्ष्या, अनुमान, आवेश आदि) आती हैं, आप उनका *विस्तार कर अनुभव करते* या कराते हो कि यही सत्य हैं, तो यह भी जैसे उनमें प्राण भर देते हो।
° फिर उन्हें ज्ञान सागर बाप की याद से, बीती सो बीती कर, स्वउन्नति की लहरों में डुबोते भी हो लेकिन इसमें भी टाइम तो वेस्ट जाता है। इसलिए पहले से ही *मास्टर ज्ञान सागर बन स्मृति सो समर्थी भव के वरदान से इन गुड़ियों के खेल समाप्त* करो।

Answers from Sakar Murli 18-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-07-2020*

1. तुम बच्चों को अभी कितनी ____ है, नई दुनिया स्थापन हो रही है। बाबा कहते हैं हम तुमको कितना ______ बनाता हूँ। कल्प-कल्प तुम्हारे जैसा _____ और _____ कोई नहीं।।
°खुशी,धनवान,पवित्र,सुखी

2. _____ के महत्व को सामने रख सर्व प्राप्तियों का खाता फुल जमा करो।
°समय

3. बाबा आज हमे किस *विशेष रूप* में मिलने आये है? हम कैसी *सेना* है? (3) हमारा *कर्त्तव्य* क्या है? इसके लिए *प्रैक्टिकल* में क्या करना है? (2)
° बाप है ऊंच ते ऊंच कमान्डर इन चीफ, *सुप्रीम कमान्डर*।
° तुम हो *रूहानी* , बेहद की, डबल अहिंसक, गुप्त सेना (तुम्हारे में कमान्डर्स, कैप्टन, जनरल, लेफ्टिनेंट अर्थात नम्बरवार महारथी, घोड़ेसवार, प्यादे हैं)
° हम *श्रीमत पर सारे विश्व पर फिर से अपना दैवी राज्य स्थापन* कर रहे हैं (नई दुनिया सतयुग, लक्ष्मी-नारायण का राज्य)
° राजऋषि बन (देह-धर्म त्याग कर) मामेकम् याद द्वारा पावन- *पुरुषोत्तम* बनना।
° दूसरा है आपस में मिलकर राय-प्लैन करना (कैसे-कैसे हम सर्विस करें वा बढ़ाएं, सबको बाप का पैगाम-परिचय-सन्देश-मैसेज कैसे दें, हम अपने भाई-बहिनों को चेतावनी कैसे दें)… कि *बाप नई दुनिया स्थापन करने के लिए आये हैं। कहते हैं अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो।* अब इस पुरानी दुनिया का विनाश होना है।)

4. बाबा हम बच्चों को *ज्ञान* सुना रहे हैं। इसमें कौन-सी 3 भक्तिमार्ग की कहानियां आ जाती?
° सत्य नारायण की कथा, तीजरी की कथा, अमर कथा।

5. बाप विश्व का मालिक बनने की पढ़ाई पढ़ाने आये हैं इसलिए कभी ऐसा नहीं कहना कि हमें ______ नहीं। बाप का यह _____ सदा याद रहे – हियर नो ईविल, टॉक नो ईविल……।
°फुर्सत,डायरेक्शन

6. हमें कौन-सा *निश्चय* है? (2)
° हम बाप द्वारा वर्ल्ड का *क्राउन प्रिन्स* बन रहे हैं। (तो ऐसा पुरूषार्थ कर दिखाना है।)
° *माशूक आया हुआ है, जिसको हम पुकारते थे*, जरूर कोई शरीर में आया होगा। उनको अपना शरीर तो है नहीं। बाप कहते हैं मैं इनमें प्रवेश कर तुम बच्चों को सृष्टि चक्र की, रचयिता और रचना की नॉलेज देता हूँ।

7. सुखधाम की स्थापना अर्थ बाबा हमको *नम्बरवन डायरेक्शन* कौन-सा देते हैं?
*हमारा धनी है* (और हमारा ब्राह्मण धर्म बहुत ऊंच है) , इसलिए कौन-सी 2 बाते नहीं करनी है?
° नम्बरवन डायरेक्शन है *पावन बनो*।
° तुम्हें न विकार में जाना है, न लड़ना-झगड़ना है।

8. मुरली के अन्त में बाबा ने कौन-सी *मीठी-मीठी बातें* सुनने-सुनाने को कहा?
° हम क्राउन प्रिन्स बने। फिर 84 का चक्र लगाया अब फिर बनते हैं। यह है नर्क, इनमें कुछ भी नहीं रहा है। फिर बाप आकर भण्डारा भरपूर कर काल कंटक दूर कर देते हैं। अमरपुरी में काल आ न सके। वह है अमरलोक, यह है मृत्युलोक। ऐसी मीठी-मीठी बातें सुननी-सुनानी है।

9. तुम बच्चे इस समय सभी को _____ दान देते हो। बाप तुम्हें _____ का दान देते हैं, तुम दूसरों को देते हो। तुम अपने ही _______ से श्रीमत पर भारत को _____ बना रहे हो।
°ज्ञान,रत्नों,तन-मन-धन,स्वर्ग

10. बाप को ______ देनी है। बाप फिर रिटर्न में _____ जन्म के लिए देते हैं। नये-नये चित्र निकलते हैं, प्रदर्शनी भी करते हैं। अच्छा, फिर क्या किया जाए? अच्छा _______ बनाओ।
°मदद, 21,रूहानी म्युज़ियम

11. बाबा ने आज वरदान में कहा सूक्ष्म आलस्य का भी नाम निशान न रहे इसके लिए सदा अलर्ट, एवररेडी और आलराउन्डर बनो।तो *आलस्य* वास्तव में क्यों होता है? इससे क्या *नुकसान* है?
° जो *पुरूषार्थ में दिलशिकस्त* होते हैं उन्हें ही आलस्य आता है, वह सोचते हैं क्या करें इतना ही हो सकता है, ज्यादा नहीं हो सकता। हिम्मत नहीं है, चल तो रहे हैं, कर तो रहे हैं –
° *पुरूषार्थ की थकावट* आलस्य की निशानी है। आलस्य वाले जल्दी थकते हैं, उमंग वाले अथक होते हैं।

12. भक्ति का राज्य में मनुष्य कौन-सी *छोटी सी बात* भी नहीं जानते?
*विराट रूप* के चित्र में कौन-सी समझानी है?
*ब्रह्मा* किसका बच्चा, किसने क्रियेट किया, मनुष्य सृष्टि की रचना कैसे होती?
*लाखों बर्ष* होते तो क्या हो जता?
° (छोटी सी बात) पतित दुनिया में एक भी पावन नहीं हो सकता और *पावन दुनिया में फिर एक भी पतित नहीं* हो सकता।
° (विराट रूप में है *सृष्टि चक्र* का ज्ञान) ब्राह्मण चोटी के ऊपर है ऊंच ते ऊंच भगवान निराकार। फ़िर हम बनते हैं देवता, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र। फिर ब्राह्मण।
° *क्रियेटर* तो एक निराकार ही है। बाप कहते हैं – मैंने इसमें *प्रवेश* कर नाम बदली किया। तुम ब्राह्मणों के भी ( *एडाप्ट* किये)
° लाखों वर्ष की बात हो फिर *आधा-आधा* तो हो न सके। लाखों वर्ष हो तो फिर देवता धर्म के हैं उनकी *संख्या बहुत बड़ी* होनी चाहिए। *अनगिनत* होने चाहिए।

Answers from Sakar Murli 17-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-07-2020*

1. बाबा ने आज आते ही पूछा *आत्म-अभिमानी* होकर बैठे हो? तो *सारा 84 का चक्र* भी बुद्धि में आ जाना चाहिए (क्योंकि आत्मा में ही 84 जन्मों का पार्ट भरा हुआ है)। इस (84 के पार्ट) में कौन-कौन सी *ज्ञान की बातें* आ जाती है? (4)
° हम *आत्मा* हैं।
° *मूलवतन* की रहने वाली हैं।
° यहाँ हमारा पार्ट है। मूलवतन से पहले-पहले *देवी-देवता* धर्म (सूर्यवंशी फिर चन्द्रवंशी) में आते हैं। नई दुनिया स्वर्ग में अथाह सुख देखे!
° अब हमने 84 का चक्र पूरा किया है। अब हमको पवित्र बनना है। पवित्र बन *फिर नये सिर* चक्र लगायेंगे। (सतोप्रधान दुनिया में सतोप्रधान पार्ट बजायेंगे!)

2. जितना यात्रा पर नजदीक होगे उतनी _____ होगी। तुम जानते हो ______ सामने खड़ा है। ______ के झाड़ दिखाई पड़ रहे हैं। बस, अब पहुँचे कि पहुँचे। अच्छा
°खुशी, शान्तिधाम-सुखधाम, वैकुण्ठ

3. *समर्थ बोल* की कौन-सी 2 निशानीयां है?
° जिस बोल में *आत्मिक भाव* और *शुभ भावना* हो।

4. बच्चे सदा यह अटेन्शन रखें कि हमें अपना टाइम ______ करना है, वेस्ट नहीं। बहुतों को रास्ता बताने का पुरूषार्थ करो। _____ बनो। बाप को याद करो तो विकर्म ______ होंगे, ______ बनेंगे और ______ के मालिक बन जायेंगे। जो भी आते हैं उनको यह समझाओ और 84 का चक्र बताओ।
°सफल, महादानी, विनाश, निरोगी, स्वर्ग

5. हमें *खुशी* होनी चाहिए। क्यों? (3)
° जितना *यात्रा पर नजदीक* होगे, उतनी खुशी होगी।
° अन्दर खुशी होगी ना। सतयुग में दु:ख की कोई बात होती नहीं। ऐसी *कोई अप्राप्त वस्तु नहीं* जिसकी प्राप्ति के लिए पुरूषार्थ करें!
° तुम बच्चों को खुशी रहनी चाहिए कि अभी हम इस गन्दी दुनिया से छूटते हैं।

6. बाबा ने कहा अपना घरबार भी सम्भालना है, साथ में अपनी ऊंच तकदीर बनाने लिए बाप श्रीमत देते हैं – मीठे बच्चे, अपना सब कुछ धनी के नाम पर सफल कर लो। अर्थात्‌ *प्रैक्टिकल में क्या करना* है? (2) इससे कौन-सी जबरदस्त *प्राप्ति* हैं? *नहीं तो* क्या होंगा? कौन-सा *उदाहरण* हमारे सामने है?
° धनी (बाप) खुद कहते हैं – बच्चे, इसमें खर्च करो, यह *रूहानी हॉस्पिटल, युनिवर्सिटी खोलो* (वा उसकी पालना करो) तो बहुतों का कल्याण हो जायेगा।
° धनी के नाम तुम खर्चते हो जिसका फिर *21 जन्म के लिए तुमको रिटर्न* में मिलता है। (वर्से में राज्य-भाग्य!)
° *किनकी दबी रहेगी धूल में*, किनकी राजा खाए……। यह दुनिया ही खत्म होनी है इसलिए धनी के नाम जितना हो सके सफल करो। धनी शिवबाबा है ना।
° *ब्रह्मा बाबा* (तुम सब बादशाही लेने लिए बैठे हो तो फालो करो ना। जानते हो इसने कैसे सब छोड़ दिया। नशा चढ़ गया, ओहो! राजाई मिलती है, अल्फ को अल्लाह मिला….)

7. पढ़ाई में चित्रों की दरकार नहीं। बुद्धि में सबकुछ होना चाहिए। फिर भी समझाने लिए चित्र बहुत उपयोगी है। तो *बाबा ने आज कौन-कौन से चित्र याद किये* और किस समझानी लिए? (6)
° विराट रूप (वर्णों का ज्ञान)
° सीढ़ी (कैसे हम सीढ़ी उतरते हैं। फिर बाप चढ़ती कला में ले जाते हैं। )
° गोला (यह 5 हज़ार वर्ष का चक्र है। अगर लाखों वर्ष होते तो संख्या कितनी बढ़ जाती।)
° विष्णु चतुर्भुज (वा लक्ष्मी-नारायण, त्रिमूर्ति) का चित्र
° रावण का चित्र (5 + 5 विकार)
° गीता का भगवान कृष्ण के बदले, हम कहते हैं शिव है। (इसका भी चित्र है)

8. सूक्ष्मवतन में जाते हो, परन्तु इसमें न योग है, न ज्ञान है। यह सिर्फ एक _____ है। सूक्ष्मवतन की जो _______है, यह भी टाइम पास करने के लिए है। जब तक ______ अवस्था हो टाइम पास करने के लिए यह _____ हैं।
°रस्म, रमत-गमत, कर्मातीत, खेलपाल

9. ब्रह्मा बाप समान अथक बनने के लिए *अलबेलेपन को समाप्त* करना है। इसके लिए कौन-सी तीन शक्तिशाली युक्तियां बाबा ने सुनाई? और क्या *नहीं करना* है? इससे *प्राप्ति* क्या है?
° कोई *कड़ा नियम* बनाओ।
° *दृढ़ संकल्प* करो
° *अटेन्शन रूपी चौकीदार सदा अलर्ट* रहें तो अलबेलापन समाप्त हो जायेगा।
° *आराम के संकल्पों के डंलप को छोड़ो* । करना ही है, यह स्लोगन मस्तक में याद रहे तो परिवर्तन हो जायेगा।
° पहले स्व के ऊपर मेहनत करो फिर सेवा में, तब *धरनी परिवर्तन* होगी।

Answers from Sakar Murli 23-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-06-2020*

1. आज की सारी मुरली *फूल* बनने पर थी… इस टॉपिक के सन्दर्भ में बाबा ने कितनी बाते बताई? _(5)_
° हम हैं *फूल*
° बाबा है *बागवान*
° नम्बरवार *मालिया* है (निमित्त)
° सतयुग है फ़ूलों का *बगीचा*
° लक्ष्मी-नारायण है *गुलाब* के फूल
° पहले हम कलियुगी जंगल के कांटे थे

2. हम *कैसे फूल* है? और कैसे फूल बनना हैं?
° तुम हो *ज्ञान* के फूल
° हम *शुद्ध खुशबूदार* फूल बन रहे, आखरीन *गुलाब* का फूल लक्ष्मी-नारायण बनेंगे

3. सभी कहते हैं हम श्री लक्ष्मी-नारायण बनेंगे तो गोया _____ के फूल हो गये। बाप कहते हैं अच्छा तुम बच्चों के मुख में _____ । अब पुरूषार्थ कर सदा ______ बनो।
°गुलाब,गुलाब,गुलाब

4. *अच्छे फूल* किन्हें कहेंगे?
° बच्चों को कहते भी हैं-अच्छे अच्छे फूल लाओ। *जो अच्छे-अच्छे फूल लायेंगे* वह अच्छा फूल माना जायेगा।

5. आजकल देखो ____ उत्सव करते रहते, अब भगवान मनुष्यों का ______ कर रहे हैं।
°वन,वनोत्सव

6. संगमयुग पर बाप द्वारा सभी बच्चों को कौन-सा *त्रिमूर्ति वरदान* प्राप्त है? इनसे क्या *प्राप्ति* है?
सदा स्मृति में रहे कि यह तीनों प्राप्तियाँ हमारा _____ अधिकार हैं। तीनों ही धारणाओं के लिए डबल _____ लगाओ।
° *एवरहेल्दी, वेल्दी और हैप्पी* रहने का त्रिमूर्ति वरदान
° बच्चे इन तीनों प्राप्तियों से सदा सम्पन्न रहते हैं उनका खुशनसीब, हर्षितमुख चेहरा देखकर मानव जीवन में *जीने का उमंग-उत्साह* आ जाता है।
° जन्म सिद्ध, अन्डरलाइन

7. मीठे-मीठे बच्चों हम तुमको विश्व की बादशाही देकर ______ में चले जायेंगे। _______ करते हैं। मैं निष्काम _______ हूँ।
°वानप्रस्थ,विश्राम,सेवाधारी

8. *भारत महादानी* क्यों गाया हुआ है?
° क्योंकि अभी तुम बच्चे महादानी बनते हो। *अविनाशी ज्ञान रत्नों का तुम दान करते हो*। बाबा ने समझाया है आत्मा ही रूप बसन्त है।

9. तुम बच्चों को बाप पर _____ है। बाप भी बच्चों को ______ करते हैं ना। बाबा हमको रंक से राव बनाओ। यह तो बहुत अच्छा ______ है। उनको तुम कहते भी हो _____ हर्ता ______ कर्ता।
°लव,लव,ग्राहक,दु:ख,सुख

10. सतयुग में नही बुलायेंगे क्योंकि वहाँ तो सुख ही सुख है इसलिए गाते भी हैं________________|
°दु:ख में सिमरण सब करें सुख में करे न कोई।

11. बील्वेड बाप की महिमा और कृष्ण की महिमा में कौन-से *2 मुख्य अन्तर* बाबा ने बताये?
° वह *निराकार* , वह साकार है।
° कृष्ण की महिमा है सर्वगुण सम्पन्न…… शिवबाबा की यह महिमा नहीं करेंगे, जिसमें गुण हैं तो अवगुण भी होंगे इसलिए बाप की महिमा ही अलग है। (वह सर्व *गुणों के सागर* है)

12. बाप को ______ -मूर्त कहते हैं ना। हम भी _____ -मूर्त हैं। आखरीन अन्त में तुम नम्बरवार ______ अवस्था को पायेंगे। तुम संस्कार नहीं ले जाते हो। तुम पढ़ाई की ____ ले जाते हो।
°अकाल,अकाल,कर्मातीत,रिजल्ट

13. *बन्धनमुक्त स्थिति* क्या है?
° न्यारे और अधिकारी होकर कर्म में आना

14. माया दु:ख देने में _____ है ना। बाप सुख देने में ______ है इसलिए उनका गायन है।
°शक्तिमान,शक्तिमान

Answers from Sakar Murli 22-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-06-2020*

1. तुम बच्चे जब प्रदर्शनी आदि समझाते हो तो हज़ार बार मुख से ______ निकलना चाहिए। बाप ने कहा है यह ‘ _____ ‘ शब्द खूब अच्छी तरह से घोटते रहो। सारा दिन _______ करते रहना चाहिए।
°बाबा-बाबा, बाबा, बाबा-बाबा

2. *एवरहैपी* किन्हें कहेंगे? _(2)_
° एवरहैपी अर्थात् सदा खुश रहने का वरदान जिन बच्चों को प्राप्त है वह दुख की लहर उत्पन्न करने वाले वातावरण में, नीरस वातावरण में, *अप्राप्ति का अनुभव कराने वाले वातावरण में सदा खुश* रहेंगे
° अपनी खुशी की झलक से दुख और उदासी के वातावरण को ऐसे *परिवर्तन* करेंगे जैसे सूर्य अंधकार को परिवर्तन कर देता है।
° अंधकार के बीच रोशनी करना, अशान्ति के अन्दर शान्ति लाना, नीरस वातावरण में खुशी की झलक लाना इसको कहा जाता है एवरहैप्पी।

3. *प्रदर्शनी के 2 नाम* आज बाबा ने बताये।
° *गेट वे* टू हेविन
° बैकुण्ठ जाने का *रास्ता*, एक सेकण्ड में समझने का रास्ता।

4. बाबा आते हैं _______ का वर्सा देने के लिए। बाबा को याद करने से तुम्हारा कितना _____ होगा। बाबा ______ करते हैं तुम इमप्योर से प्योर ऐसे बन जायेंगे। देखते हुए बुद्धि का योग अपने _____ माशुक की तरफ हो।
°मुक्ति-जीवनमुक्ति, फायदा, गैरन्टी, बिलवेड

5. *खुशी* की कौन-कौन सी पॉइंट्स बाबा ने सुनाई? _(4)_
° भगवान हमको फिर से राजयोग सिखलाते हैं-यह *याद* रहे तो भी कितनी खुशी होगी।
° यह भी खुशी रहे हम *गॉड फादरली स्टूडेन्ट* हैं
° अपने को *एक्टर्स* समझते हो। तो अन्दर में खुशी बहुत रहनी चाहिए। पुरानी दुनिया से वैराग्य, ऩफरत आनी चाहिए।
° तुम बच्चों के अन्दर बहुत खुशी रहनी चाहिए। कोई भी झंझट नहीं। हम आत्मायें अब *बाबा के पास जाती* हैं पुराने शरीर आदि सब छोड़कर। हमने कितना पार्ट बजाया है। अब चक्र पूरा होता है।

6. बच्चों को सर्विस का ______ होता है। आपस में मिलकर राय कर निकलते हैं सर्विस पर, मनुष्यों का जीवन ______ जैसा बनाने। यह कितना _____ का कार्य है। सब धर्म वालों के लिए एक ही टोटका है- ______ क्योंकि गॉड इज वन।
°शौक, हीरे, पुण्य, मनमनाभव

7. *अपने से बाते* करते रहने से क्या प्राप्ति है? _(2)_
° उतना *हर्षित* भी रहेंगे और अपनी *चलन* को भी देखते रहेंगे-कहाँ तक हम लक्ष्मी-नारायण को वरने लायक बने हैं?

8. जब इस याद से हम एवर हेल्दी, निरोगी बनेंगे तो क्यों न अपना चार्ट रख उन्नति को पायें। *चार्ट में कौन-सी 3 बाते* देखनी है?
° सोने के समय अपना पोतामेल अन्दर देखो कि:
° किसको *दु:ख* तो नहीं दिया?
° हम कितना तमोप्रधान से *सतोप्रधान* बने हैं?
° सारे दिन में कितना समय *याद* किया अपने मीठे बाप को?

9. यह भी वन्डर है जो संगमयुग पर आकर _____ में बैठकर फिर उतर जाते हैं। अब तुम संगमयुग पर पुरूषोत्तम बनने के लिए आकर ______ में बैठे हो, पार जाने के लिए। बुद्धि से इस पुरानी दुनिया, पुराने शरीर का _______ किया है। अभी हम आत्मायें जाती हैं, जाकर बाप से मिलेंगी। हर एक को _______ अपनी तकदीर ऊंच बनाने के लिए पढ़ना है। इस दुनिया को देखते हुए अन्दर में समझते हैं यह तो _______ होना है। इनसे क्या कनेक्शन रखेंगे। तुमको ज्ञान मिलता है-उसको _____ कर उस पर चलना है।
°स्टीमर, नांव, संन्यास, इन्डीपिन्डेंट, कब्रिस्तान, धारण

10. *अशरीरी* किसे कहेंगे? पुरूषार्थ करते-करते *गैलप* कब करेंगे? *तीसरा नेत्र* क्यों मिला है? *महान् सौभाग्यशाली* वा पक्के निश्चयबुद्धि बच्चे कौन हैं?
° अशरीरी वह है जिसे शरीर की कोई भी आकर्षण अपनी तरफ आकर्षित न करे।
° पुरूषार्थ करते-करते गैलप करना है। वह तब होगा जब रोज़ शाम को अपनी अवस्था को देखेंगे।
° तीसरा नेत्र मिला है, इसलिए कि *बाप को ही देखो* और याद करो। देह अभिमान को छोड़ते जाओ।
° जो महान् सौभाग्यशाली पक्के निश्चयबुद्धि बच्चे हैं वह स्त्री-पुरूष साथ में रहते भाई-भाई होकर रहेंगे। स्त्री-पुरूष का भान नहीं होगा।

Answers from Sakar Murli 20-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-06-2020*

1. तुम बहुत सौभाग्यशाली हो जो _____ ने हाथ पकड़ा है। तुम ही कल्प-कल्प _____ बनते हो। वह परम आत्मा तो सदैव प्योर है। वही आते हैं _____ बनाने। सतयुग में तुम ______ बन जायेंगे। वहाँ नैचुरल _____ रहती है।
°खिवैया, निमित्त, प्योर, खूबसूरत, ब्युटी

2. तुम बच्चों का बैठना ____ है। ऐसे बैठने से तुम बच्चे _____ होते हो। मनुष्य से फिर भविष्य के लिए ______ बन रहे हैं। हम कांटों से _____ बन रहे हैं। बाबा बागवान भी है, माली भी है।
°सिम्पुल, ट्रांसफर, देवता, फूल

3. हम ईश्वरीय सन्तान हैं फिर दैवी सन्तान बनेंगे तो *डिग्री कम* हो जायेगी। _(सही / गलत)_
° *सही* … यह लक्ष्मी-नारायण भी डिग्री कम है, क्योंकि इनमें ज्ञान नहीं है। ज्ञान ब्राह्मणों में है। (परन्तु लक्ष्मी-नारायण को अज्ञानी नहीं कहेंगे। इन्होंने ज्ञान से ही यह पद पाया है।)

4. कुछ भी _____ करो, ______ पकाओ, बुद्धि में सिर्फ बाप को याद करो। बच्चों को यह श्रीमत मिलती है-चलते-फिरते सब कुछ करते सिर्फ ______ में रहो। बाप की याद से _____ भी याद आता है, _84 का चक्र_ भी याद आता है। बच्चे जानते हैं बाबा बहुत-बहुत _____ है, तुम बच्चों को कितनी ____ होनी चाहिए।
°काम-काज, रोटी, याद, वर्सा, मीठा, खुशी

5. अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो, यह *कड़ुवी दवाई* है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बड़ी मीठी दवाई है)

6. याद के ______मंत्र द्वारा सर्व सिद्धियां प्राप्त करने वाले ______- भव। याद में रहना बड़ी बात नहीं है, ___ याद में रहना-यही बड़ी बात है, इसी से सर्व सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
°जादू, सिद्धि स्वरूप, सदा

7. इनको कहा जाता है ______नॉलेज, जो ______ फादर बच्चों को बैठ देते हैं। वहाँ तो मनुष्य, मनुष्य को पढ़ाते हैं, यहाँ हम आत्माओं को परमात्मा _____ समान बना रहे हैं। बाप कहते हैं मैं तुमको अपने से भी ऊंच _________ बनाता हूँ। बाप कितना ____ से पढ़ाते हैं।
°स्प्रीचुअल,स्प्रीचुअल,आप, डबल सिरताज,
प्यार

8. *याद* में पैदल करने से कौन-सी 4 प्राप्तियां बाबा ने बताई?
° कभी *टांगे थकेंगी नहीं* ।
° *हल्के* हो जायेंगे।
° बहुत *मदद* मिलती है।
° तुम *मास्टर सर्वशक्तिमान* बन जाते हो।

9. मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों को सब ____ , सब युक्तियां बतलाते हैं। ____ में बैठे भी तुम सर्विस कर सकते हो। जो इस कुल का होगा वह अच्छी रीति _____ करेंगा।
°राज़, ट्रेन, धारणा

10. किस बात की *गांठ* बांध देनी चाहिए?
° अविनाशी सर्जन कहते हम तुमको आधाकल्प लिए निरोगी बनाते हैं। सिर्फ *मुझे याद करो* तो विकर्म विनाश होंगे। तुम *21 जन्म के लिए निरोगी बन जायेंगे* । यह गांठ बांध देनी चाहिए।

11. ब्रह्मा तन में प्रवेश करते हैं इसलिए उनको _____ कहा जाता है। ब्रह्मा के बच्चे _____, चोटी। बाप जब _____ रूप में आते हैं तो तुम बच्चों को ______ दान में विश्व की बादशाही देते हैं।
°भागीरथ, ब्राह्मण, गुप्त, गुप्त

12. *अन्तिम सर्टीफिकेट* लेना अर्थात् क्या?
° *सेकण्ड में विस्तार को सार* रूप में समा लेना।

13. बाप के पास आये हैं और कोई तकलीफ नहीं देते हैं। सिर्फ बच्चों को कहते हैं ________ । जो सर्विसएबुल बच्चे हैं उनके मुख से तो सदैव ______ ही निकलेंगे। ज्ञान की बातों के सिवाए बाकी है ____ मारना।
°हियर नो ईविल, ज्ञान रत्न, पत्थर

14. आज बाबा ने कौन-से 3 *आसुरी स्वभाव* सुनाए, जो देवता बनने वालो में नहीं होने चाहिए?
° कोई पर *क्रोध* नहीं करना
° किसको *दु:ख* नहीं देना,
° कोई भी फालतू बातें *झरमुई-झगमुई* कान से सुन *टाइम वेस्ट* नहीं करना हैं।

15. *लक्ष्मी-नारायण का चित्र* कैसा है? _(2)_ उस पर क्या समझाना है? _(2)_
° ए वन, *फर्स्टक्लास*
° आज से *5 हज़ार वर्ष पहले इनका राज्य था* , विश्व में सुख-शान्ति-पवित्रता सब थी, और कोई धर्म नहीं था।
° तुम चाहते हो ना- *विश्व में शान्ति* हो। परन्तु वह कब थी? सतयुग में पवित्रता, सुख, शान्ति सब थी।

Answers from Sakar Murli 19-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-06-2020*

1. अभी तुम यहाँ _____ बनने के लिए आये हो। यह है पुरूषोत्तम संगमयुग। बाप आये ही हैं सबको ______ बनाने।
°फूल, पुरूषोत्तम

2. और _____ तोड़ अपने को आत्मा समझो, एक बाप को याद करो। बाप ही पतित-पावन है। ______ चक्र फिराते रहो। इतना याद किया तो भी ____ में जरूर आयेंगे। फिर ऊंच पद तो _____ के अनुसार ही मिलेगा। अभी तुम बाप के पास आये हो, जानते हो _____ बाबा इतना ऊंच ते ऊंच ले जाते हैं। उनको कौन भूलेंगे।
°संग, स्वदर्शन, स्वर्ग, पुरूषार्थ, मीठा

3. सर्व का सद्गति दाता तो एक ही ______है। वह परम _____ भी है, फिर नॉलेज भी देते हैं। तुम बच्चों को पढ़ाते भी हैं, उनका पार्ट ही _______ है।
°परमपिता परमात्मा, गुरू, वन्डरफुल

4. _____ कितना साहूकार था, ______ है स्वर्ग, वन्डर ऑफ वर्ल्ड।
°भारत, भारत

5. यहाँ के रंक-राव और वहाँ के *रंक-राव* में कौन सा (रात-दिन का!) फ़र्क होता है?
° यहाँ के राव भी दु:खी हैं तो रंक भी दु:खी हैं। वहाँ *दोनों सुखी* रहते हैं।

6. बाप कहते हैं मैं आया हूँ तुमको पतित से पावन होने की ______ बताने। पवित्र नहीं बनेंगे तो _____ भी नहीं होगी। जीत पानी है।
°युक्ति, धारणा

7. “मीठे बच्चे – अभी तुम्हें निंदा-स्तुति, मान-अपमान, दु:ख-सुख सब कुछ _____ करना है, तुम्हारे _____ के दिन अभी समीप आ रहे हैं”
°सहन, सुख

8. बाप कहते हैं और सबसे तो भल रूठो लेकिन एक ____ से कभी नहीं रूठना। अगर कोई रूठ गया तो कहेंगे _____ से रूठ गया। तुम बच्चे समझते हो हमको _____से पढ़ना है। तुम यहाँ पढ़ते ही हो मनुष्य से _____ बनने।
°बाप, सद्गति, फादर, देवता

9. जैसे आकाश का अन्त नहीं वैसे सागर का भी अन्त नहीं पा सकते हैं। ______ का भी अन्त नहीं। ड्रामा का एक्टर होकर भी ड्रामा के _______ और मुख्य ______ आदि को नहीं जानते हैं तो उन्हें क्या कहें।
°, ब्रह्म महतत्व, आदि-मध्य-अन्त, एक्टर्स

10. यह शरीर-आत्मा दोनों ही खत्म हो जायेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (आत्मा तो मिट्टी में नहीं मिलती)

Answers from Sakar Murli 18-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-06-2020*

1. _____ का _____ आन हो तो मूड ऑफ हो नहीं सकती। (स्लोगन)
°स्मृति, स्विच

2. तुम बच्चों को अन्दर में खुशी से _____ होना चाहिए कि बेहद का बाबा शिवबाबा हमको पढ़ा रहे हैं, वह ज्ञान का सागर है, सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त को जानता है। ऐसा बाबा हमारे लिए आया है तो खुशी में ______ होती है। बाबा को कहते हैं बाबा हमने आपको अपना ________ बनाया है।
°गद्गद्, गुदगुदी, वारिस

3. बाप ने अपना परिचय दिया है कि मैं ____ हूँ। मुझे ही ज्ञान का सागर कहते हैं। मुझ ____ में सारा ज्ञान भरा हुआ है।
°छोटी बिन्दू, बिन्दू

4. हम बच्चे ऐसा नहीं कह सकते भगवान ही सुख-दु:ख देता है। क्यों?
° क्योंकि हम जानते हो कि *बाप तो सुखदाता है।* सतयुग में सुखधाम था। वहाँ दु:ख का नाम नहीं था।

5. यह तो पतियों का पति, बापों का बाप है, इनसे कितना हमको ____ मिलता है। और सबसे तो _____ मिलता है। हमने आज से 5 हज़ार वर्ष पहले तुमको कितना समझदार बनाया था, तुम ____- , वेल्दी , _______ थे।
°सुख, दु:ख, एवरहेल्दी, समझदार

6. यहाँ तो एक ही टीचर है। कितना ____ है। बाप भी ____- , टीचर भी _____ ….. । तुमको वन्डर लगता है। बाबा आप सारे रचता और रचना की नॉलेज सुनाते हो। आप हमको कितना ऊंच पढ़ाते हो। _____ जाऊं, हमको तो सिवाए एक बाप के और कोई को याद नहीं करना है। अन्त तक पढ़ना है तो जरूर _____ को याद करना है।
°लवली, लवली, लवली, बलिहार, टीचर

7. _____ की स्थिति द्वारा ________का स्टॉक खत्म करने वाले _खुशी_ के खजाने से सम्पन्न भव। आपके पास अनेक भावों से अनेक आत्मायें आयेंगी लेकिन आपकी तरफ से _____ भावना की बातें ही ले जाएं। यदि दिल में किसी के प्रति कोई व्यर्थ बातें होगी तो जहाँ बातें हैं वहाँ बाप नहीं, ______ है।
°रूहानियत, व्यर्थ बातों, शुभ, पाप

8. *पुण्य आत्मा बनने* के लिए क्या करना है? माया का धर्म क्या है?
° पुण्य आत्मा बनने के लिए *याद में जरूर रहना* चाहिए।
° माया का धर्म है तुम्हारे योग को तोड़ना।

9. ______ ब्रह्मा तो जरूर यहाँ ही चाहिए ना जिससे ब्राह्मण पैदा हो। _____ माना ही मुख से एडाप्ट करने वाला, तुम हो मुख वंशावली।
°प्रजापिता, प्रजापिता

10. भगवानुवाच। बाकी वह जो भी वेद-शास्त्र आदि सुनाते वह है _______ के। यहाँ तो खुद ______ तुमको सुना रहे हैं। अभी तुम समझते हो हम _____ बन रहे हैं।
°भक्ति मार्ग, भगवान, पुरूषोत्तम

11. कोई गरीब दु:खी है तो समझेंगे ______ ही ऐसा किया हुआ है। अच्छे _______ किये हैं तो सुखी हैं।
°कर्म, कर्म

12. कौन-कौन *वानप्रस्थी* हैं?
° बाप भी कहते हैं मैं वानप्रस्थ में आया हूँ। यह भी वानप्रस्थी, मैं भी वानप्रस्थी। यह सब मेरे बच्चे भी वानप्रस्थी हैं।

13. माया का तूफान ही न आये, योग लगा ही रहे तो ______ अवस्था हो जाए।
°कर्मातीत

14. शिवबाबा को अपना ______ बनाकर सब कुछ एक्सचेंज कर देना है। फिर शरीर निर्वाह भी करना है, _______ समझकर रहना है। ______ कोई भी पाप कर्म में नहीं लगाने हैं।
°वारिस, ट्रस्टी, पैसे

15. मीठे बच्चे – बाप तुम्हें नई दुनिया के लिए राजयोग सिखला रहे हैं, इसलिए इस पुरानी दुनिया का ______ भी जरूर होना है
°विनाश

16. कहते भी हैं *हम सब ब्रदर्स हैं*। इससे क्या सिद्ध होता है?
° तो जरूर सब एक बाप के बच्चे ठहरे ना। आत्माओं का बाप भी है।

Answers from Mamma Murli 24-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Mamma Murli 24-06-2020*

1. *सुनो* बहुत और *धारण* करो थोड़ा। _(सही / गलत)_
° नहीं। सुनो थोड़ा *धारण करो बहुत* ।

2. परमात्मा की इतनी *महिमा* क्यों है? इसके लिए *हमें कैसा* बनाते? तो अब हमे प्रैक्टिकल में *क्या करना है* ? फिर आखरीन कौन-सी *डिग्री* मिलेंगी?
° महिमा है क्योंकि उनका कर्तव्य सबसे ऊंचा है (सबके लिये *सबका गति-सद्गति दाता* है, प्रकृति सहित *सारे विश्व को सुखदाई बनाता* )
° इसके लिए हम आत्माओं को *स्वच्छ, गोल्डन एजेड* (सतोप्रधान) बनाते
° अब हमे अपना *पोतामेल* रखना है कि सारे दिन में हमारा कितना फायदा रहा, कितना नुकसान रहा? (धारणा का चार्ट, वा याद) अपना *अटेन्शन* रखने से फिर हम फायदे में जाते-जाते अपनी जो पोजीशन है उसको पकड़ते चलेंगे।
° स्वच्छ की डिग्री है *देवता* (सर्वगुण सम्पन्न, सोलह कला सम्पूर्ण, सम्पूर्ण निर्विकारी…)

3. सोचना चाहिए कि जब परमात्मा बाप आया है तो उनसे हम ______ वर्सा ले लेवें। स्टूडेन्ट का काम है ______ पुरुषार्थ कर स्कॉलरशिप लेना, तो हम पहला नम्बर _____ क्यों न विन करें! वह है ________ में पिरोया जाना।
°कम्पलीट, सम्पूर्ण, लॉटरी, विजय माला

4. *दुनिया* कब बदलेगी?
° जब *हम* बदलेंगे!

5. बाबा को *त्वमेव माताश्च पिता* … क्यों कहते?
° क्योंकि उसमें सब रस समाया हुआ है, उनसे *सभी सम्बन्धों की रसना* मिलती है।

6. चढ़ने का _____ बाप सिखला रहे हैं। अभी उनके साथ हमें अपना _____ जोड़ना है। हमारा सम्बन्ध कितना बड़ी ______ से है! हमारा ग्रैण्ड ______ है शिव, उनका नाम कितना भारी है, वो सारी मनुष्य सृष्टि का बीजरूप है। सर्व आत्माओं का _________ होने कारण उनको कहा जाता है हर हर भोलानाथ शिव महादेव। वो सारी सृष्टि का ______, _________ है, उस द्वारा हमें सुख-शान्ति-पवित्रता का बड़ा हक मिलता है।
° ढंग, रिलेशन, अथॉरिटी, पप्पा, कल्याणकारी, दु:ख हर्ता, सुख कर्ता

7. *सर्वोत्तम पुरुषार्थी* क्या नहीं करते?
° *दो लड्डू* पकड़कर बैठेना, यहाँ का भी हद का सुख लूँ और वहाँ भी वैकुण्ठ में कुछ-न-कुछ सुख ले लेंगे, ऐसे विचारवान को मध्यम और कनिष्ठ पुरुषार्थी कहेंगे।

8. कोई भी परिस्थिति जो भल हलचल वाली हो लेकिन ______ कहा और अचल बनें। कारण ही ______ बन जाए क्योंकि मास्टर सर्वशक्तिमान् ब्राह्मणों के आगे परिस्थितियां _____ समान भी नहीं। सिर्फ क्या हुआ, क्यों हुआ यह सोचने के बजाए, जो हुआ उसमें _______ भरा हुआ है, _______ समाई हुई है, ऐसे देखेंगे तो सदा अचल अडोल रहेंगे।
°बाबा, निवारण, चींटी, कल्याण, सेवा

9. किसी भी आत्मा के *प्रभाव* में कौन नहीं आ सकते?
° जो *एक बाप के प्रभाव में रहने वाले* हैं।

10. *माया* कितना विघ्न डालती है, क्यों?
° अब माया का *राज्य समाप्त* होने वाला है।

11. आखिर तुम मेरे हो अभी _____ हो करके कैसे रहो। ऐसे तुम ____, ____, ____से मेरे हो करके चलो। इसका आदर्श (प्रमाण) यह (बाबा) है, ऐसे ________ ।
°मेरे, तन, मन, धन, फॉलो फादर

12. 21 जन्मों के लिये इतना इस समय पुरुषार्थ भी करें, फिर भी 21 जन्मों के बाद गिरना ही है… एसा सोचना क्यों गलत है? _(3)_
° ड्रामा के अन्दर आत्माओं की जितनी *सर्वोत्तम सिद्धि* मुकरर है वो तो मिलेगी ना! सतयुग त्रेता का सारा सुख इस जन्म के पुरुषार्थ पर आधार रखता है तो क्यों न सम्पूर्ण पुरुषार्थ कर अपना सर्वोत्तम पार्ट बजायें!
° मनुष्य पुरुषार्थ सदा *सुख* के लिये ही करता है
° आत्माओं को फिर भी पार्ट में आना ही पड़ेगा तो क्यों न *सर्वोत्तम पार्ट* बजायें।

13. _____ के कारण ही हम दु:खी हुए हैं।
°विकारों

14. गीत:- मेरा छोटा-सा देखो ये संसार है…। इस *परिवार* में हमारा किन-किन के साथ क्या *सम्बन्ध* है? _(4)_
° हम परमपिता परमात्मा शिव के *पोत्रे* हैं
° ब्रह्मा सरस्वती की मुख *संतान* हैं
° विष्णु शंकर हमारे *ताया जी* है
° हम आपस में सभी *भाई बहन* ठहरे।
° यह है अपना छोटा-सा संसार… इनके आगे और सम्बन्ध रचा ही नहीं