Answers from Sakar Murli 17-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-12-2020*

1. साधनों की आकर्षण _____ को खण्डित कर देती है।
° _साधना_

2. _____ वृत्ति से सेवा करना – यही सर्व की दुआयें पाने का साधन है। ____ कल्याणकारी हैं, तो अकल्याण का कर्तव्य हो नहीं सकता। जैसा कार्य होता वैसी अपनी ______ होती (सदा रहमदिल, महादानी)। हर कदम कल्याणकारी वृत्ति से चलेंगे, मैं पन नहीं आयेगा, _____ पन याद रहेगा। तो रिटर्न में सर्व की दुआओं का ______ प्राप्त होता।
° _कल्याणकारी_, _विश्व_, _धारणायें_, _निमित्त_, _अधिकार_

3. बाबा हम आपसे 5 हज़ार वर्ष पहले भी मिले थे। *क्यों मिले थे?* (2)
° स्वर्ग का *वर्सा लेने* । *लक्ष्मी-नारायण बनने* के लिए। (कोई भी छोटे, बड़े, बूढ़े आदि आते हैं, यह जरूर सीखकर आते हैं। *एम ऑब्जेक्ट ही यह है* । सत्य नारायण की सच्ची कथा है ना। यह भी तुम समझते हो, राजाई स्थापन हो रही है।)

4. बाबा पूछेंगे *हिम्मत है ना* राजाई लेने की?
° कहते हैं *बाबा क्यों नहीं* , हम पढ़ते ही हैं नर से नारायण बनने। (इतना समय हम अपने को देह समझ बैठे थे अब बाप ने हमको राइटियस रास्ता बताया। देही-अभिमानी बनने की मेहनत करेंगे। घड़ी-घड़ी अपने नाम-रूप में फंस पड़ते हैं। बाप कहते हैं इस नाम-रूप से न्यारा होना है।)

5. किन राहों पर चलना है? _____ की राह पर। सच्चा ____ -गुरू एक है, जिसकी ही वाह-वाह मानी जाती। सच होता है ____ पर। ऊंच ते ऊंच बाप ही सच्चा है, जो ही लिबरेटर, ____ भी बनता। पतित- ____ , सतगुरू को ही कहा जाता। और कोई ऐसे नहीं कहते कि ______ याद करो।
° _गुरू_, _सत_, _संगम_, _गाइड_, _पावन_, _मामेकम्_

6. यह ____ पहले आते, बाप आकर इन्हें सतयुग की _____ देते। तो और सब ऑटोमेटिकली वापिस जाते, इसलिए सर्व का ____ दाता एक कहा जाता। कल्प-कल्प _____ पर ही देवी-देवता धर्म की स्थापना होती, तुम _____ बनते हो। सतयुग में तो है एक _____ । बाप ही आकर युक्ति-श्रीमत देते, किसको? ______ को।
° _देवी-देवतायें_, _बादशाही_, _सद्गति_, _संगम_, _पुरुषोत्तम_, _धर्म_, _आत्माओं_

7. बाप के _____ से तुम्हारी सद्गति होती। तुम्हें अब _____ कला में ले जाने लिए सतगुरू मिला है, तेरे भाने सर्व का ___ । बाप है _______ परमपिता, लौकिक बाप को परमपिता नहीं कहेंगे। बाप कहते हैं – _____ को याद करो तो तुमको 21 जन्म लिए सुख मिलेगा।
° _ज्ञान_, _चढ़ती_, _भला_, _सुप्रीम_, _साहेब_

8. (धारणा) माला का दाना बनने के लिए बहुतों को _____ बनाने की सेवा करनी है। आन्तरिक ______ में रहना है कि हम ____ लेने के लिए पढ़ रहे हैं। यह पढ़ाई है ही नर से _____ बनने की।
° _आप समान_, _खुशी_, _राजाई_, _नारायण_

9. कोई भी आये तो उनको समझायें। आदि में था देवी-देवताओं का _____ , फिर मध्य में रावण _____ हुआ, ______ उतरते रहे। सतयुग में कहेंगे _____ फिर सतो, रजो, तमो में उतरते। _____ फिरता रहता, इनके आदि-मध्य-अन्त को जानना है। जानने से तुमको कितना ____ पद मिलता।
° _राज्य_, _राज्य_, _सीढ़ी_, _सतोप्रधान_, _चक्र_, _ऊंच_

10. तुम बच्चे सर्विस पर हो, बाबा भी ____ पर है। बाबा ____ बिगर रह नहीं सकते। रोज़ सुबह को ______ करने आते। तुम मनुष्यों को रास्ता बताने के लिए कितने ____ आदि बनाते हो। कितना _____ समझा सकते हो।
° _सर्विस_, _सर्विस_, _सर्विस_, _चित्र_, _सहज_

11. अब तुम वर्थ _____ बन रहे। तुम अपने हाथ _____ कर जाते। बाबा को बहुत कहते, जल्दी ______ ले चलो। बाप कहते हैं _____ धरो, स्थापना होनी ही है। यह ______ ही तुमको ले जायेगी। तुम आत्मायें परमधाम से आई, फिर वहाँ जाना, फिर आयेंगे। तो परमधाम को _____ करना पड़े।
° _पाउण्ड_, _भरपूर_, _सतयुग_, _धीरज_, _खातिरी_, _याद_

12. बाप भी कहते हैं मामेकम् ____ करो तो विकर्म विनाश होंगे। यही _____ सभी को देना है। बच्चों को बहुत _____ रहना चाहिए।
° _याद_, _पैगाम_, _नशा_

13. गली-गली में सेन्टर ऐसा नज़दीक होना चाहिए, जो घर से निकले सेन्टर पर आये, *सहज* हो जाए। इसका कौन-सा नया कारण बाबा ने सुनाया?
° बाबा तो कहते हैं तुम बच्चों को घर से बहुत सवेरे भी नहीं आना है और रात को भी नहीं आना चाहिए क्योंकि दिन-प्रतिदिन *दुनिया बहुत खराब होती जाती* है।

14. ड्रामा का कौन सा प्लैन बना हुआ है इसलिए किसी को *दोष नहीं दे सकते* हैं?
° ड्रामा में इस *पुरानी दुनिया के विनाश का प्लैन* बना हुआ है, इसमें कोई का दोष नहीं है। (इस समय इसके विनाश के लिए प्रकृति को जोर से गुस्सा आया है। चारों ओर *अर्थक्वेक* होगी, मकान गिरेंगे, *फ्लड* आयेगी, अकाल पड़ेगा इसलिए बाप कहते हैं बच्चे अब इस पुरानी दुनिया से तुम अपना बुद्धि-योग निकाल दो, *सतगुरू की श्रीमत* पर चलो। जीते जी देह का भान छोड़ अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने का पुरुषार्थ करते रहो।)

Answers from Sakar Murli 07-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 07-12-2020*

1. _____ -पन की स्थिति ही यथार्थ निर्णय का तख्त 💺 है।
° _साक्षी_

2. संगमयुग पर जो बच्चे *गुणों की माला* धारण करते हैं, वही *विजय माला* में आते। इसलिए अब क्या करना है? (2)
° होलीहंस 🦢 बन सर्व के *गुणों को देखो* और एक *बाप के गुणों को स्वयं में धारण* करो, यह गुणमाला सभी के गले में पड़ी हुई हो। (जो जितने बाप के गुण स्वयं में धारण करते हैं उनके गले में उतनी बड़ी माला पड़ती है। गुणमाला को सिमरण करने से स्वयं भी *गुणमूर्त* बन जाते हैं। इसी की यादगार में *देवताओं और शक्तियों के गले में माला* दिखाते हैं।)

3. सतयुग की कौन-सी *सुन्दर-सुन्दर बातें* बाबा ने सुनाई? (5)
° उन्हों के *महल बगीचे आदि कितने बड़े-बड़े* होंगे, बहुत जगह होगी।
° वहाँ डरने आदि की बात ही नहीं होती। *सदैव फुलवाड़ी* रहती है। कांटे होते ही नहीं। वह है ही बगीचा। बहुत अच्छे-अच्छे बगीचे होंगे, खुशबू आती रहेगी।
° वहाँ हम *बहुत थोड़े टुकड़े में* रहते हैं। पीछे वृद्धि को पाते जाते हैं।
° *राजायें प्रिन्स-प्रिन्सेज* होंगे। बहुत रमणीक स्वर्ग होगा।
° पानी के *झरने* बहते रहते हैं।
(आत्मा समझती है हम अच्छी-अच्छी चीजें बनायें। आत्मा को स्वर्ग तो याद आता है ना। चित्रों को देखो तुम कितने खुशनसीब हो।)

4. अपनी *स्थिति को एकरस* बनाने का साधन क्या है?
° सदा याद रखो जो *सेकेण्ड पास हुआ, ड्रामा*। *कल्प पहले भी* ऐसे ही हुआ था। (अभी तो निंदा-स्तुति, मान-अपमान सब सामने आना है इसलिए अपनी स्थिति को एकरस बनाने के लिए *पास्ट का चिंतन मत करो*।

5. (धारणा) कोई भी ऐसा कर्म नहीं करना है जिससे किसी को ____ हो। ___ बोल नहीं बोलने हैं। बहुत-बहुत ____ होकर रहना है। किसी भी _____ की स्तुति नहीं करनी है। बुद्धि में रहे हमको _____ पढ़ाते हैं, उस एक की ही महिमा करनी है, रूहानी _____ -गार बनना है।
° _दु:ख_, _कड़ुवे_, _क्षीरखण्ड_, _देहधारी_, _शिवबाबा_, _खिदमत_

6. रूहानी बाप का नाम क्या है? _____। रूहानी बच्चों का नाम? _____ । सच्चा-सच्चा सत का संग जो सत बाप _____ सिखाकर सतयुग में ले जाते। सारा सृष्टि चक्र बुद्धि में है, तुम बच्चे ही स्वदर्शन _____ हो। यह नई बात नहीं, जानते हो _____ सुनते, अब फिर से सुन रहे। प्रैक्टिकल ____ -बन तो यह है।
° _शिवबाबा_, _आत्मा_, _राजयोग_, _चक्रधारी_, _कल्प-कल्प_, _मधु_

7. तुम्हारी बुद्धि में है कि हम सतयुग से पुनर्जन्म लेते-लेते अभी संगम पर खड़े हैं – _____ बनने लिए। सतयुग में ____ -प्रधान आत्मायें थी, शरीर भी। अभी फिर से बाप आकर मिले हैं, जन्म सिद्ध _____ देने लिए। यहाँ बाप _____ कराते, इसमें आत्मा के 84 जन्मों की रियलाइजेशन आ जाती। जैसे 5000 वर्ष पहले भी समझाया था – मनुष्य को ____ या कंगाल को _____ बनाने लिए।
° _पुरुषोत्तम_, _सतो_, _अधिकार_, _रियलाइज_, _देवता_, _सिरताज_

8. बांधेलियों ने कभी देखा थोड़ेही है, कैसे आत्मा को ____ आती है। अपना घर नजदीक आने से आत्मा को ____ होती है। समझते हैं बाबा हमको ज्ञान देकर ____ -ने आये हैं।
° _उछल_, _खुशी_, _श्रृंगार_

9. “मीठे बच्चे – तुम *बहुत समय के बाद* फिर से बाप से मिले हो इसलिए तुम बहुत-बहुत _____ हो”
° _सिकीलधे_

10. मधुबन में *रिफ्रेश होने* कौन आयेंगे?
° वह आयेंगे *जिनको बहुत अच्छा पद पाना होगा*। (कम पद वाले जास्ती पुरुषार्थ भी नहीं करेंगे। यह ज्ञान ऐसा है थोड़ा भी पुरुषार्थ किया तो वह व्यर्थ नहीं जायेगा। पुरुषार्थ अच्छा करते तो सज़ा भी कम होती।)

11. _____ की यात्रा बिगर विकर्म विनाश नहीं होंगे। यह तो घड़ी-घड़ी अपने को _____ कराओ। कोई भी मनुष्य मिले पहले यह समझाना – अपने को _____ समझो। यह नाम तो पीछे _____ पर मिले हैं।
° _याद_, _याद_, _आत्मा_, _शरीर_

12. शिव के चित्र भी कोई बड़े, कोई छोटे बनाते हैं। है तो वह _____ ही। नाम-रूप भी है परन्तु _____ है। जरूर कभी ____ सुनाया है तब तो उनको ज्ञान सागर कहते हैं। बाप को ज्ञान का सागर ____ कहा जाता है। शिवबाबा कहते हैं ______, मुझ एक बाप को याद करो। शिव भगवानुवाच पहले-पहले तो ____ ही समझना पड़े।
° _बिन्दी_, _अव्यक्त_, _ज्ञान_, _अथॉरिटी_, _मनमनाभव_, _अल्फ_

13. बाबा कहते हैं _____ याद करो तो विकर्म विनाश होंगे। यह _____ अग्नि है। भारत का _____ योग गाया हुआ है ना। आर्टीफीशियल योग तो बहुत हो गये हैं इसलिए बाबा कहते हैं याद की ____ कहना ठीक है। शिवबाबा को याद करते-करते तुम ___ -पुरी में चले जायेंगे।
° _मामेकम्_, _योग_, _प्राचीन_, _यात्रा_, _शिव_

14. पहले तो पूछना चाहिए *अभी* कलियुग है या सतयुग? नई दुनिया है या पुरानी दुनिया?…. फिर *पुराना-पन* कैसे सिद्ध करे? _(बाबा ने एक अच्छा नया तर्क सुनाया)_
° यह *लक्ष्मी-नारायण अगर होते, तो उन्हों का राज्य भी होता* । (यह पुरानी दुनिया, कंगालपना ही नहीं होता। अभी तो सिर्फ इन्हों के चित्र हैं।)

15. कौन-सी एक बात किसकी बुद्धि में याद रहे, तो भी *सारा ड्रामा बुद्धि में आ जाए*?
° *हम पुरुषोत्तम संगमयुग पर हैं*। (जो अच्छी रीति धारणा करते हैं, वह दूसरे को भी समझाते हैं। परन्तु कलियुगी देह के सम्बन्धी आदि याद आते रहते हैं। बाप कहते हैं – तुमको याद करना है एक बाप को। सर्व का सद्गति दाता राजयोग सिखलाने वाला एक ही है।)

16. तुम्हारी बुद्धि जानती है – शिवबाबा इस ____ -रथ पर विराजमान हैं। तुम जानते हो यह ____ कोई इस बाप की नहीं, इनको तो यह मालूम नहीं था कि कलियुग खत्म हो सतयुग आना है। इनका अब कोई देहधारी ____ नहीं है। यह धर्म किसने स्थापन किया? परमपिता परमात्मा ____ शिवबाबा ने ____ द्वारा स्थापन किया है।
° _भागी_, _शिक्षा_, _गुरू_,
_त्रिमूर्ति_, _ब्रह्मा_

Answers from Sakar Murli 05-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-12-2020*

1. जो मन से सदा _____ है वही डबल लाइट है।
° _सन्तुष्ट_

2. विकर्मों के बन्धनों से बचने लिए कौन-सी *2 जबरदस्त युक्तियां* वरदान में सुनाई? (2)
° यदि *त्रिकालदर्शी स्टेज* पर स्थित हो, *कर्म के आदि मध्य अन्त को जानकर कर्म* करते हो तो कोई भी कर्म विकर्म नहीं हो सकता है, सदा सुकर्म होगा।
° ऐसे ही *साक्षी दृष्टा बन कर्म* करने से कोई भी कर्म के बन्धन में कर्म बन्धनी आत्मा नहीं बनेंगे। (कर्म का फल श्रेष्ठ होने के कारण कर्म सम्बन्ध में आयेंगे, बन्धन में नहीं। कर्म करते न्यारे और प्यारे रहेंगे तो अनेक आत्माओं के सामने दृष्टान्त रूप अर्थात् एक्जैम्पल बन जायेंगे।)

3. मीठे-मीठे रूहानी बच्चे यह गीत (आखिर वह दिन आया आज) गा रहे। बच्चे समझते हैं कि कल्प बाद फिर से *हमको वर्सा मिल रहा है*। तो इस वर्से में क्या-क्या होंगा? _(बाबा ने आते ही बहुत सुन्दर बातें सुनाई)_ (2)
° *धनवान, हेल्दी और वेल्दी* बनाने, *पवित्रता, सुख, शान्ति* का वर्सा देने बाप आते हैं।
° पहले भी हमको बाप ने आकर मनुष्य से *देवता* , नर से *नारायण* बनने की शिक्षा दी थी। यह *डीटी किंगडम* स्थापन हो रही है। आदि सनातन *देवी-देवता धर्म* की स्थापना हो रही है। (बाप सत्य बताकर, *सचखण्ड* की स्थापना कर रहे हैं।)

4. “मीठे बच्चे – अब _____ जाना है इसलिए _____ -अभिमानी बनो, एक _____ को याद करो तो अन्त मति सो गति हो जायेगी, _____ -प्रधान बन _____ दुनिया के मालिक बन जायेंगे।”
° _घर_, _देही_, _बाप_, _सतो_, _सतोप्रधान_

5. वण्डरफुल बाप ने तुम्हें कौन सा एक *वण्डरफुल राज़* सुनाया है?
° बाबा कहते – बच्चे, यह *अनादि अविनाशी ड्रामा* बना हुआ है, इसमें *हर एक का पार्ट नूंधा* हुआ है। कुछ भी होता है *नथिंग न्यु* । (बाप कहते हैं बच्चे इसमें *मेरी भी कोई बड़ाई नहीं* , मैं भी ड्रामा के बंधन में बांधा हुआ हूँ। यह वण्डरफुल राज़ सुनाकर बाप ने जैसे अपने पार्ट का महत्व कम कर दिया है।)

6. पहले-पहले ____ को पहचानना है। इतनी छोटी आत्मा में 84 _____ का अविनाशी पार्ट भरा हुआ है। यही है सबसे वण्डरफुल बात। आत्मा भी ____ है। जैसे बाबा वण्डरफुल वैसे _____ भी बड़ा वण्डरफुल है।
° _आत्मा_, _जन्मों_, _अविनाशी_, _ज्ञान_

7. तुम जानते हो पहले हम _____ से भी बदतर थे। अब बाप ____ लायक बना रहे हैं। जो अच्छे-अच्छे बच्चे हैं उनकी आत्मा ______ करती, बरोबर हम कोई काम के नहीं थे। अभी हम वर्थ ____ बन रहे हैं। कल्प-कल्प _____ हमको पेनी से पाउण्ड बनाते हैं।
° _बन्दर_, _मन्दिर_, _रियलाइज_, _पाउण्ड_, _बाप_

8. कल्प पहले वाले ही इन बातों को ____ रीति समझेंगे। तुम भी प्रदर्शनी आदि करते हो, नथिंग न्यु। इन द्वारा ही तुम _____ -पुरी की स्थापना कर रहे हो।
° _अच्छी_, _अमर_

9. *त्रिमूर्ति में लिखा हुआ* है – क्या?
° यह तुम्हारा *ईश्वरीय जन्म सिद्ध अधिकार* है। *ब्रह्मा द्वारा स्थापना* , शंकर द्वारा विनाश, विष्णु द्वारा पालना….. विनाश भी जरूर होना है। (नई दुनिया में बहुत थोड़े होते हैं। अभी तो अनेक धर्म हैं। समझते हैं एक आदि सनातन देवी-देवता धर्म है नहीं। फिर जरूर वह एक धर्म चाहिए।)

10. पतित से पावन, पावन से पतित बनना, यह समझना कोई डिफीकल्ट बात नहीं। है बहुत सहज, परन्तु *युद्ध किस बात में* है? _(इसपर एक कहानी भी है)_
° बच्चे देखते हैं हम घड़ी-घड़ी *बाप को याद करते, फिर याद टूट जाती* है। माया दीवा बुझा देती है।
° इस पर *गुलबकावली* की भी कहानी है। (बच्चे जीत पाते हैं। बहुत अच्छे चलते हैं फिर माया तूफान लाकर दीवा बुझा देती है। कभी-कभी गज़ को ग्राह खा भी लेती)

11. हथियाला बांधने समय कहते यह तुम्हारा गुरू ईश्वर है। और यहाँ *बाप कहते हैं* ….. क्या?
° तुम्हारा *एक ही बाप सब कुछ* है। मेरा तो *एक दूसरा न कोई*। सब उनको ही याद करते हैं। उस एक से ही योग लगाना है। देह भी मेरी नहीं।

12. जिसका पेट भरा हुआ होता, वह ____ रहते। अन्दर में समझते हो हमने कितना बार _____ ली थी, कल ही _____ थे फिर चक्र लगाए पतित बने फिर हम ____ -बल से विश्व की बादशाही लेते। बाप कहते हैं कल्प-कल्प तुम ही ____ लेते हो। ज़रा भी फर्क नहीं पड़ सकता।
° _गम्भीर_, _राजाई_, _देवी-देवता_, _योग_, _बादशाही_

13. प्रजापति ब्रह्मा और शिवबाबा में कौन-सा *स्पष्ट अन्तर* मुरली में सुनाया? (4)
° (रूप) यह *देहधारी* है, वह *विदेही*, विचित्र है।
° (सम्बन्ध) इनको *प्रजापिता* कहेंगे। वह *परमपिता* तो परमधाम में रहते हैं।
° (देश) वह परमपिता तो *परमधाम* में रहते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा परमधाम में नहीं कहेंगे। वह तो यहाँ *साकारी दुनिया में* हो गया। (सूक्ष्मवतन में भी नहीं है। प्रजा तो है स्थूल-वतन में।
° (नाम) प्रजापिता को भगवान नहीं कहा जाता है। *भगवान का कोई शरीर का नाम* नहीं। मनुष्य तन जिस पर नाम पड़ते हैं, उनसे वह न्यारा है।

14. _____ के पास कितने आते हैं मिलने। कहता हूँ बेहद के बाप का कहना नहीं मानेंगे, ____नहीं बनेंगे! बाप आत्मा समझ _आत्मा_ को कहते हैं तो तीर 🎯 जरूर लगेगा।
° _बाबा_, _पवित्र_,

15. (धारणा) कोई भी ग्रहचारी आती है तो _____ हो बैठ नहीं जाना है। फिर से _____ कर, बाप की याद में रह ____ पद पाना है। स्वयं की स्थिति याद से ऐसी _____ बनानी है जो कोई भी माया का _____ वार न कर सके। _____ से अपनी सम्भाल करते रहना है।
° _दिलशिकस्त_, _पुरुषार्थ_,
_ऊंच_, _मजबूत_, _तूफान_,
_विकारों_,

16. छोटे बच्चे को पवित्र कहा जाता है। फिर भी इस समय तो *कोई पवित्र आत्मा नहीं* कह सकते। क्यों?
° छोटे से *बड़ा तो होगा* ना (फिर भी पतित तो कहेंगे।)

Answers from Sakar Murli 04-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-12-2020*

1. आज्ञाकारी बच्चे ही _____ के पात्र हैं, जिनका प्रभाव दिल को सदा ______ रखता है।
° _दुआओं_, _सन्तुष्ट_

2. मनन शक्ति ही ____ बुद्धि की खुराक है। इस शक्ति द्वारा मास्टर _____ बनो। रोज़ अमृतवेले अपने एक _____ को स्मृति में लाकर मनन करते रहो, तो _____ शक्ति से बुद्धि शक्तिशाली रहेगी। माया का वार नहीं होगा क्योंकि माया पहले ____ संकल्प रूपी वाण द्वारा दिव्यबुद्धि को कमजोर बनाती।
° _दिव्य_, _सर्वशक्तिमान_, _टाइटल_, _मनन_, _व्यर्थ_

3. अब जागो, सतयुग आ रहा है। सत्य बाप ही तुमको 21 जन्मों का ____ देते हैं। भारत ही ____ -खण्ड बनता है। वहाँ सदैव खुशी रहती है, वह है ही ____ -धाम। वहाँ तो हीरे जवाहरातों के महल होते, बाप तुमको ____ का खजाना देते। ____ राज्य को ही पैराडाइज कहा जाता है।
° _वर्सा_, _सच_, _सुख_, _कारून_, _डीटी_

4. किन बच्चों को देखकर *बेहद का बाप बहुत खुश* होते हैं? (3)
° जो बच्चे *सर्विस के लिए एवररेडी* रहते हैं, पतितों को *पावन बनाने* की सेवा करते हैं,
° अलौकिक और पारलौकिक *दोनों बाप को पूरा फालो* करते हैं,
° *ज्ञान-योग (के गहनों) से आत्मा को श्रृंगारते* हैं,
ऐसे बच्चों को देख बेहद के बाप को बहुत खुशी होती है। (बाप की चाहना हैं मेरे बच्चे मेहनत कर ऊंच पद पायें।)

5. अभी तुमको एक बाप को ही याद करना है। बाबा आप कितने _____ हैं, कितना मीठा ___ आप देते हैं। हमको मनुष्य से देवता, _____ लायक बनाते हो। बाबा आप तो सबसे मीठे हो। आपको हम क्यों नहीं ____ करेंगे। आपको प्रेम का, शान्ति का _____ कहा जाता है, आप ही वर्सा देते हो।
° _मीठे_, _वर्सा_, _मन्दिर_, _याद_, _सागर_

6. “मीठे बच्चे – बेहद का बाबा आया है तुम बच्चों का ज्ञान से श्रृंगार करने, ऊंच पद पाना है तो सदा ____ हुए रहो”
° _श्रृंगारे_

7. सुई पर अगर कट चढ़ी हुई होगी तो _____ खींचेगा नहीं। जितना पापों की ____ उतरती जायेगी तो चुम्बक खीचेगा। ____ तो पूरा प्योर है। तुमको भी पवित्र बनाते हैं ____ -बल से।
° _चुम्बक_, _कट_, _बाप_, _योग_

8. तुम्हारी अविनाशी ज्ञान रत्नों से ____ भरती है ना, यह तो पढ़ाई है। इनको कहा जाता है युनिवर्सिटी कम ____ , जिससे तुम एवरहेल्दी, ____ बनते हो। आत्मा ही इन ____ द्वारा सुनती है।
° _झोली_, _हॉस्पिटल_, _वेल्दी_, _कानों_

9. आत्मा तो ____ मिसल, बिन्दी है। बाप भी बिन्दी है, जिनको ____ सागर कहा जाता है। तुम भी छोटी आत्मा हो, उसमें सारा _____ भरा जाता। तुम फुल ज्ञान लेते हो, पास विद् ____ होते। आत्मा परमधाम से आती ____ बजाने, बाप कहते मैं भी वहाँ से आता। मै रूप भी हूँ, _____ भी, ज्ञान की वर्षा बरसाते।
° _स्टॉर_, _ज्ञान_, _ज्ञान_, _ऑनर_, _पार्ट_, _बसन्त_

10. अब बाप है ऊंच ते ऊंच, *फिर ऊंच ते ऊंच* किन्हें कहेंगे? _(आज की मुरली अनुसार)_
° यह *वर्सा लक्ष्मी-नारायण*, इन जैसा ऊंच बनना है। (जितना तुम पुरुषार्थ करेंगे उतना ऊंच पद पायेंगे। अभी अच्छा पुरुषार्थ किया तो कल्प-कल्प करते रहेंगे। रूहानी पढ़ाई से पद बहुत मिलता है। लक्ष्मी-नारायण भी हैं तो मनुष्य परन्तु *दैवीगुण धारण* करते हैं इसलिए *देवता* कहा जाता है।)

11 बाप _____ आकर बच्चों को पढ़ाते, यह _____ -शाला है ना। बाप कहते हैं मैं तुमको राजाओं का राजा बनाता, यह ____ -योग है। अभी तुम तीनों लोकों को जान गये हो। इतनी छोटी ____ कैसे पार्ट बजाती है, बना-बनाया। इनको कहते अनादि-अविनाशी ____ ड्रामा। बाप सारा राज़ समझाते, तुम _स्वदर्शन_ चक्रधारी हो।
° _सम्मुख_, _पाठ_, _राज_, _आत्मा_, _वर्ल्ड_

12. अभी तुम जानते हो फिर औरों को बताना है। *सबको कैसे पता पड़े*………. ऐसा लक्ष्य क्यों रखना है?
° जो फिर ऐसा *कोई उल्हना न दे* कि हमको पता नहीं पड़ा।

13. भक्ति में दीदार होता है तो बहुत रोते हैं, दु:ख में आकर *बहुत आंसू बहाते* हैं 😭। और यहाँ तो बाप कहते हैं…….. क्या?
° आंसू आया तो *फेल!*

14. *कोई शरीर छोड़ते* हैं तो बी.के. को बुलाते हैं कि आकर शान्ति दो। तुम समझाते हो……. क्या? (3)
° आत्मा ने *एक शरीर छोड़ दूसरा लिया*, रोने से क्या फायदा।
° कहते हैं, इनको काल खा गया.. ऐसी कोई चीज़ है नहीं। यह तो *आत्मा आपेही* एक शरीर छोड़ जाती है। *अपने समय पर* शरीर छोड़ भागती है। बाकी काल कोई चीज़ नहीं है।
° *सतयुग में* गर्भ महल होता है, *सज़ा की बात ही नहीं*। वहाँ तुम्हारे कर्म अकर्म हो जाते हैं। माया ही नहीं जो विकर्म हो। तुम विकर्माजीत बनते हो।

15. अब शिवबाबा ____ -लय की स्थापना कर रहे हैं। फिर रावण आकर ____ -लय स्थापन करते हैं। बाप ____ -खण्ड बनाते हैं, ____ खण्ड फिर 5 विकारों रूपी रावण बनाते। आधाकल्प है ____ -राज्य, आधाकल्प है _____ राज्य।
° _शिवा_, _वेश्या_, _सच_, _झूठ_, _राम_, _रावण_

16. *पहले-पहले* मुक्तिधाम किन्हें जाना हैं?
° *तुम बच्चे ही* पहले-पहले आते हो फिर पहले तुमको ही जाना है। मुक्तिधाम के *गेट्स भी तुमको खोलने हैं* । (फिर तुम सद्गति में जाते हो बाकी सब गति में अर्थात् अपने घर में जाते हैं। वह है स्वीट होम। मूलवतन तो है ही स्वीट होम, मुक्तिधाम।)

17. मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों वापस जाना है, उसके लिए ____ जरूर बनना है। _______ बनने बिगर कोई जा न सके। मैं सबको लेने आया हूँ। यह वानप्रस्थ अवस्था का समय है, इसलिए बहुत _____ रहना है। न बहुत ऊंच, न बहुत नींच। वापस जाने लिए आत्मा को सम्पूर्ण _____ बनाना है।
° _पवित्र_, _पवित्र_, _साधारण_, _पावन_

18. बाबा के पास बहुत बच्चे हैं जो *शादी करके भी पवित्र* रहते हैं। ऐसा कैसे हो सकता? _(संन्यासी तो कुछ और कहते)_
° हो सकता क्योंकि इसमें *आमदनी बहुत* है। (पवित्र रहने से *21 जन्मों की राजधानी* मिलती है तो एक जन्म पवित्र रहना कोई बड़ी बात थोड़ेही है। बाप कहते हैं तुम काम चिता पर बैठ बिल्कुल ही काले बन गये हो।)

Answers from Sakar Murli 03-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-12-2020*

1. जहाँ ब्राह्मणों के तन-मन-धन का ____ है वहाँ सफलता साथ है।
° _सहयोग_

2. कैसी भी अवगुण वाली आत्मा हो, लेकिन जो *रहमदिल विश्व कल्याणकारी बच्चे* हैं वे क्या करते? (3)
° सर्व आत्माओं के प्रति लॉफुल के साथ *लवफुल* होंगे।
° कभी इस वहम में नहीं आयेंगे कि यह तो कभी बदल ही नहीं सकते, यह तो हैं ही ऐसे….या यह कुछ नहीं कर सकते, मैं ही सब कुछ हूँ..यह कुछ नहीं हैं। (इस प्रकार का *अहम् और वहम छोड़*….)
°… कमजोरियों वा बुराइयों को जानते हुए भी *क्षमा* करने वाले रहमदिल बच्चे ही विश्व कल्याण की सेवा में सफल होते हैं।

3. वहाँ तो सदैव _____ मौसम रहता है। वह है ही ____ -राज्य, सब ____ -खण्ड रहते हैं। बाप आये हैं तुमको ऐसे _____ का मालिक बनाने। उसको कहते हैं _____ -सागर। बाप है ही स्वर्ग की स्थापना करने वाला तो जरूर हम भी स्वर्ग के ____ होने चाहिए। बाबा आप ऐसा राज्य देते हो जो कोई छीन न सके।
° _बहारी_, _राम_, _क्षीर_, _हेविन_, _क्षीर_, _मालिक_

4. अभी वह दैवी राजधानी स्थापन कर रहे हैं। वहाँ तो _____ इतना होगा, बिगर पैसे जितना चाहे उतना मिलेगा। हम ____ को ऐसा बना देते जो कभी कोई रोग हो ही नहीं, गैरन्टी है। कैरेक्टर भी हम इन _____ जैसा बनाते हैं। बच्चों को समझाने में बहुत _____ भी आता है। बाबा ने ही यह ____ आदि बनवाये हैं।
° _अनाज_, _हेल्थ_, _देवताओं_, _मज़ा_, _चित्र_

5. *डबल अहिंसक* दैवी सम्प्रदाय (अहिंसा परमो देवी-देवता धर्म) बनने वाले बच्चों को कौन सा ध्यान रखना है? (2)
° ध्यान रखना है कि ऐसी कोई वाचा मुख से न निकले जिससे किसी को भी दु:ख हो क्योंकि *वाचा से दु:ख देना भी हिंसा* है।
° हम देवता बनने वाले हैं, इसलिए *चलन बहुत रॉयल* हो। खान-पान न बहुत ऊंचा, न नीचा हो।

6. “मीठे बच्चे – तुम्हें मन्सा-वाचा-कर्मणा बहुत-बहुत ____ में रहना है, सबको ____ करना है, किसी को भी ____ नहीं देना है”
° _खुशी_, _खुश_, _दु:ख_

7. अपने को आत्मा समझेंगे, दूसरे को भी आत्मा ____ देखेंगे तो फिर दु:ख नहीं देंगे। बाप समझाते रहते हैं एक-दो को देखते हो तो ऐसे समझो – हम भाई (आत्मा) से ____ करते, भाई को समझाते। आत्मा ही ____ पर विराजमान है।
° _भाई_, _बात_, _तख्त_

8. बाप भी _____ को बैठ समझाते हैं। _____ ही सब कुछ करती है ना। एक खाल छोड़ दूसरी लेती है, जैसे ____ का मिसाल। ______ भी तुम हो, ज्ञान की भूं-भूं करो, इससे तुम किसको भी विश्व का मालिक बना सकते। ऐसे बाप को क्यों नहीं ____ करेंगे। अब बाप आया हुआ है तो ____ क्यों नहीं लेना चाहिए।
° _आत्माओं_, _आत्मा_, _सर्प_, _भ्रमरियाँ_, _याद_, _वर्सा_

9. अभी तुम _____ बुद्धि बन रहे हो। तुम जब पारसबुद्धि थे तो तुमने बहुत ___ देखे। तुम ही सुखधाम के _____ थे ना। और शान्तिधाम है हमारा _____ होम। फिर वहाँ से _____ बजाने आये हैं।
° _पारस_, _सुख_, _मालिक_, _स्वीट_, _पार्ट_

10. तुम यह लक्ष्मी-नारायण थे ना, मैं तुमको _____ सिखलाकर राजाओं का राजा बनाता हूँ। जो _____ राजायें थे वही फिर पुजारी राजायें बनते हैं। तो बाप कहते हैं – बच्चे, अच्छी रीति _____ करो। _____ धारण करो। बाप कहते हैं बच्चों को, तुम कोई ____ नहीं करो।
° _राजयोग_, _पूज्य_, _पुरुषार्थ_, _दैवीगुण_, _फिक्र_

11. शिवबाबा बहुत ____ है, वह तो है निराकार। बाप के लिए गाया जाता लिबरेटर, गाइड, _____। ऊंच ते ऊंच भगवान-बाप, ऊंच ते ऊंच ___ टीचर भी है। बाप आये ही हैं ____ करने। वह है ही _____ बाप, 5 तत्वों का भी कल्याण करता।
° _मीठा_, _खिवैया_, _सुप्रीम_, _सुखी_, _कल्याणकारी_

12. ज्ञान बहुत मीठा है। इसमें ____ खोलकर सुनना होता है। ____ को तो देखेंगे ना। तुम जानते हो ____ -बाबा यहाँ विराजमान है तो आंखे खोलकर बैठना चाहिए ना। ____ के बाप को देखना चाहिए ना।
° _आंखे_, _बाप_, _शिव_, _बेहद_

13. तुमने ही सारे ____ पर राज्य किया है, अनेक बार हार और जीत। तुम कहेंगे हम बहुत _____ थे फिर बाप हमको ऊंच चढ़ाते। हम हर ____ वर्ष बाद पढ़ते ही आते। इसको कहा जाता है वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी ____ । अभी फिर ____ बनते हैं 21 जन्मों लिए, पूज्य स्वर्ग के मालिक। यह है नर से नारायण बनने की _____।
° _विश्व_, _ऊंच_, _5 हज़ार_, _रिपीट_, _पूज्य_, _नॉलेज_

14. बाप कहते हैं काम महाशत्रु है, उन पर जीत पाने से तुम ____ -जीत बनेंगे, तो खुशी से बनना चाहिए ना। भल गृहस्थ-प्रवृत्ति में रहो परन्तु _____ फूल समान पवित्र रहो, अभी तुम कांटों से फूल बन रहे हो। ____ है तो पीस प्रासपर्टी है। सारा मदार ____ पर है। बुलाते भी हैं हे _____ -पावन आओ।
° _जगत_, _कमल_, _प्योरिटी_, _पवित्रता_, _पतित_

15. ब्रह्मा बाबा आज कैसे निर्मानता से हमारा *बुद्धियोग शिवबाबा से* जोड़ रहे थे?
° मेरे से तो तुमको कुछ भी नहीं मिलता है। *मैं भी पढ़ता हूँ*, वर्सा है ही एक हद का, दूसरा बेहद के बाप का। प्रजापिता ब्रह्मा क्या वर्सा देंगे। बाप कहते हैं – मामेकम् याद करो, यह तो रथ है ना। *रथ को तो याद नहीं करना है* ना। ऊंच ते ऊंच भगवान कहा जाता है। (तुमको वर्सा लौकिक और पारलौकिक बाप से मिलता है। अलौकिक बाप से वर्सा नहीं मिलता है। यह तो दलाल है, इनका वर्सा नहीं है। प्रजापिता ब्रह्मा को याद नहीं करना है।)

16. लक्ष्मी है _____ की देवी, उनसे पैसे मांगते हैं। अम्बा तो विश्व का ____ बनाती है। सब ____ पूरी कर देती है। ____ द्वारा सब कामनायें पूरी हो जाती हैं। अच्छा!
° _स्वर्ग_, _मालिक_, _कामनायें_, _श्रीमत_

Answers from Sakar Murli 02-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 02-12-2020*

1. आपका ______ और ______ ब्रह्मा बाप के समान हो तब कहेंगे सच्चे ब्राह्मण। _(स्लोगन)_
° _उच्चारण_, _आचरण_

2. मगन अवस्था के अनुभव द्वारा माया को अपना _____ बनाने वाले ____ -जीत भव।
° _भक्त_, _माया_

3. *मगन अवस्था का अनुभव* करने कौन-कौन सी पाइंटस स्मृति में रख सकते? (6)
° अपने अनेक *टाइटल* वा स्वरूप, अनेक *गुणों* के श्रृंगार, अनेक प्रकार के *खुशी* की, रूहानी *नशे* की, रचता और रचना के विस्तार ( *ज्ञान* ) की पाइंटस, *प्राप्तियों* की पाइंटस।

4. तुम बच्चों को *कोई भी फिकरात नहीं* – क्यों? (2)
° क्योंकि *तुम्हें सतगुरू बाबा मिला है* । (कहते भी हैं फिक्र से फारिग कींदा स्वामी सद्गुरू…।)
° अभी तुम *ऐसी दुनिया में जाते हो* जहाँ कोई फिकरात नहीं।

5. बच्चे जानते हैं अभी बाप आये हैं ____ -वासी बनाने। वह है ही सम्पूर्ण _____ शिवालय। अब बाप _____ की दुनिया में ले जाते, तो श्रीमत पर चलना चाहिए। _____ भी बहुत अच्छे चाहिए, जो करेगा सो पायेगा।श्रीमत कहती है – ____ बनो, मेरे को याद करो तो तुम्हारे पाप भस्म हो जायेंगे। तुम ही _____ -प्रधान थे।
° _स्वर्ग_, _निर्विकारी_, _सुख_, _गुण_, _पवित्र_, _सतो_

6. बाप कहते हैं मैं आत्माओं से _____ कर रहा हूँ। अविनाशी आत्माओं को अविनाशी परमात्मा बाप ____ दे रहे हैं। आत्मा _____ से सुनती है। _____ का बाप यह नॉलेज सुना रहे हैं। तुमको मनुष्य से ____ बनाते हैं, रास्ता दिखलाने वाला ____ पण्डा बैठा है।
° _बात_, _ज्ञान_, _कानों_, _बेहद_, _देवता_, _सुप्रीम_

7. आज *गीत* कौन-सा था?
° *तू प्यार का सागर* है……..

8. हमको भी _____ प्यार का सागर बनना है। जैसे हम प्यार के सागर हैं, तुमको भी बहुत _____ से चलना है। बाप कहते हैं – मीठे बच्चे, बहुत-बहुत ____ बन जाओ। _____ में बहुत प्यार है, कितना उनको प्यार करते, भोग लगाते। तुम जानते हो _____ में है प्यार की राजधानी, प्यार के सिवाए कुछ भी नहीं है। बाबा तो कितना ____ से पढ़ाते हैं।
° _मास्टर_, _प्यार_, _मीठा_,
_देवताओं_, _सतयुग_, _प्यार_

9. बाप समझाते हैं तुम भी *लून-पानी* मत बनो…….. तो क्या बनो?
° *क्षीरखण्ड* बनो। क्षीर (दूध) और खण्ड (चीनी) दोनों अच्छी चीज़ है ना। मतभेद आदि कुछ भी नहीं रखो।

10. अब (मीठा बनने लिए) तुमको ____ बनना है, बड़ी बात तो है नहीं। _____ है तो सुख-शान्ति भी है। बाप कहते हैं – तुम ____ थे, अब पतित बने हो। अब बाप आये हैं तुमको ____ बनाने। तुम इस _____ घराने के थे ना। आसुरी और ईश्वरीय अथवा दैवी घराने में कितना फ़र्क है। यह अब है तुम्हारा _____ कुल।
° _पवित्र_, _पवित्रता_, _पावन_, _पावन_, _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_

11. *मधुबन* को आज कौन-से नये टाइटल्स मिले? (2)
° होलीएस्ट ऑफ होली चर्च। *होलीएस्ट ऑफ होली पैलेस*। (यहाँ विकारी को आने का हुक्म नहीं है। पतित कोई भी इस होली-पैलेस में आ न सके। तुम भी होली बनते हो। फिर स्वर्ग भी है होलीएस्ट ऑफ होली, पावन दुनिया।)

12. अब बाप शान्तिधाम-सुखधाम में ले जाते हैं। तो *शान्तिधाम* को कौन-सा टाइटल मिला?
° इनको कहा जाता है *टॉवर ऑफ साइलेन्स* अर्थात् साइलेन्स की ऊंचाई, जहाँ आत्मायें निवास करती हैं।

13. सामने एम ऑब्जेक्ट खड़ा है। ऊंच ते ऊंच बाप यह ____ बनाते हैं। वही विष्णु सो फिर ____ बनते हैं। सेकण्ड में ____ -मुक्ति मिली फिर 84 जन्म ले यह बना। ततत्वम्, तुम ब्रह्मा के बच्चे _____ हो। बाप आकर बच्चों को ____ सिरताज बनाते हैं।
° _(विष्णु)_, _ब्रह्मा_, _जीवन_, _ब्राह्मण_, _डबल_

14. तुम ____ -बाबा के आगे बैठे हो, बाप इस भागीरथ द्वारा तुमको पढ़ाते। वो ____ का सागर है। तुमको भी सारी ____ मिली है। यह किसको पता नहीं – ____ -खण्ड कब-किसने स्थापन किया, बाप आकर रोशनी देते। ऊंच ते ऊंच वह एक ही है, वह है ____ सोल। तुम्हारी बुद्धि में है वह ____ है।
° _शिव_, _ज्ञान_, _नॉलेज_, _सच_, _सुप्रीम_, _बिन्दी_

15. बाप कहते मुझे निमंत्रण ही पतित दुनिया में देते। बाप फिर सबको निमंत्रण देते हैं – _____ पियो। बाप तो कहते हैं तुमको ____ अमृत पिलाता हूँ, तुम फिर विष क्यों खाते हो? (रक्षाबंधन) बाप सबको कहते हैं प्रतिज्ञा करो ____ बनने की, यह अन्तिम जन्म है। योग में रहेंगे तो ____ कट जायेंगे। अपनी दिल से पूछना है, हम ____ में रहते हैं वा नहीं? बच्चे को याद कर ____ होते हैं ना।
° _अमृत_, _ज्ञान_, _पवित्र_, _पाप_, _याद_, _खुश_

16. “मीठे बच्चे – तुम्हें पढ़ाई पढ़नी-पढ़ानी है, इसमें आशीर्वाद की बात नहीं, तुम सबको यही बताओ कि बाप को ____ करो तो सब दु:ख दूर हो जायेंगे। इसको कहा जाता है सहज ____ । ____ अविनाशी है, शरीर विनाशी है। बाप कहते हैं मैं भी अविनाशी हूँ। तुम मुझे बुलाते हो कि आकर हम पतितों को ____ बनाओ।
° _याद_, _योग_, _आत्मा_, _पावन_

17. थोड़ा भी सुनते हैं तो स्वर्ग में जरूर आयेंगे। और जो *बहुत सुनेंगे, धारणा करेंगे*, तो?
° *राजाई में आ जायेंगे*। (थोड़ा सुनने वाले प्रजा में आयेंगे। राजधानी में तो राजा-रानी आदि सब होते हैं ना। सिर्फ वहाँ वजीर होता नहीं, बाप तुम्हें ऐसा विशाल बुद्धि बनाते हैं।)

18. बाप कितना ऊंच बनाते हैं, एकदम पतित से _____ । बाप कुछ भी लेता नहीं है। शिवबाबा फिर क्या लेंगे! तुम शिवबाबा की _____ में डालते हो।
° _पावन_, _भण्डारी_

Answers from Sakar Murli 01-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-12-2020*

1. ____ का पर्दा बीच में आने न दो तो बाप के साथ का अनुभव होता रहेगा।
° _बातों_

2. संगमयुग पर जब बाप सेवाधारी बन करके आते, तो छत्रछाया रूप में बच्चों की सदा सेवा करते। याद करते ही सेकण्ड में साथ का अनुभव होता। तो इस *याद की छत्रछाया* से क्या प्राप्तियां होती? (2)
° यह याद की छत्रछाया कैसी भी नाज़ुक *परिस्थितियों में कमल पुष्प के समान न्यारा और प्यारा* बना देती है। (मेहनत नहीं लगती।)
° बाप को सामने लाने से, स्व स्थिति में स्थित होने से कैसी भी *परिस्थिति परिवर्तन* हो जाती है।

3. तुम जानते हो हम कल्प बाद आकर बाप से बेहद का _____ लेंगे। अब बाप 21 जन्मों के लिए सब ____ दूर करने लिए पढ़ाते हैं। वहाँ तो है ____ । उसमें नम्बरवार तो आते ही हैं। ____ दुनिया में तो बहुत थोड़े होंगे। तुम विश्व के _____ बनते हो। वहाँ अति ____ होगा।
° _वर्सा_, _दु:ख_, _राजाई_, _नई_, _मालिक_, _सुख_

4. रूहानी बाप रूहानी बच्चों को रूहानी पाठशाला में _____ देते हैं वा ऐसे कहें कि बच्चों को ____ सिखलाते हैं। क्या कहते हैं? ____ -मनाभव। यह जैसे हर एक अपने ऊपर ____ करते हैं। बाप कहते हैं बच्चे मामेकम् याद करो, अशरीरी बन जाओ। यह रूहानी बाप ही सिखलाते हैं, वह है ____ टीचर।
° _डायरेक्शन_, _ड्रिल_, _मन_, _मेहर_, _सुप्रीम_

5. उनमें ड्रिल सिखलाने का ड्रामा प्लैन अनुसार ____ भरा हुआ है। तमोप्रधान से _____ बनना है। ऐसे और कोई भी नहीं कहेंगे कि हे रूहानी बच्चों अब ____ जाना है। तुम सतोप्रधान दुनिया के ____ थे फिर 84 का चक्र लगाए। हमने बहुत ____ देखे हैं, एम ऑब्जेक्ट सामने हैं। वह है ही फूलों का ____ ।
° _पार्ट_, _सतोप्रधान_, _वापिस_, _मालिक_, _सुख_, _बगीचा_

6. बाप बच्चों को पुरुषार्थ कराते रहते हैं लेकिन बच्चों को किस बात में *बहुत स्ट्रिक्ट रहना* चाहिए?
° पुरानी दुनिया को *आग लगने के पहले* तैयार हो, अपने को आत्मा समझ बाप की याद में रह *बाप से पूरा-पूरा वर्सा लेने* में बहुत स्ट्रिक्ट रहना है। (नापास नहीं होना है, जैसे वह स्टूडेन्ट नापास होते हैं तो पछताते हैं, समझते हैं हमारा वर्ष मुफ्त में चला गया। कोई तो कहते हैं नहीं पढ़ा तो क्या हुआ – लेकिन तुम्हें बहुत स्ट्रिक्ट रहना है। टीचर ऐसा न कहे कि टू लेट।)

7. तुम नहीं कहेंगे कैसे ____ करें। मूल बात ही है सतोप्रधान ____ देवी-देवता बनना। ब्राह्मण ही बाप से यह ड्रिल सीखते। अन्दर में ____ भी होती है। यह ____ अच्छी लगती है ना। तुम फिर औरों को सिखलाते। 84 जन्म ले पतित बने हो, अब फिर ____ बनना है। उसके लिए रूहानी पतित-पावन बाप को ____ करो।
° _निश्चय_, _पूज्य_, _खुशी_,
_पढ़ाई_, _पावन_, _याद_

8. तुम देते कुछ नहीं हो, यह तो रिटर्न में *बहुत लेते* हो। कैसे? _(भक्ति के दान-पुण्य से यह कैसे भिन्न है?)_
° उस रिटर्न में अल्पकाल क्षणभंगुर सुख मिलता है। भल मिलता है दूसरे जन्म में परन्तु वह नीचे उतरने वाले जन्म में मिलता है। सीढ़ी उतरते ही आते हो ना। ( *अभी जो तुम करते हो वह है चढ़ती कला* में जाने के लिए। आत्मा को कर्म का फल मिलता है। इन लक्ष्मी-नारायण को भी कर्मों का ही फल मिला है ना। बेहद के बाप से बेहद का फल मिलता है, डायरेक्ट।)

9. तुम ____ -ऋषि हो। बाप हमको ____ -दर्शी बना रहे हैं। तुम ____ कराते हो, सिर्फ अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से सब ____ दूर हो जाते। बाप ही पतित-पावन है। यह है ____ -बल। भारत का प्राचीन ____ -योग बहुत मशहूर है।
° _राज_, _त्रिकाल_, _पुरुषार्थ_, _दु:ख_, _योग_, _राज_

10. ____ हज़ार वर्ष पहले भी शिवबाबा आया था। जरूर यही ____ दिया होगा, जैसे अब दे रहे हैं। बाप खुद कहते हैं मैं कल्प-कल्प _____ पर साधारण तन में आकर राजयोग सिखलाता हूँ। मैं आता हूँ, ज्ञान से _____ देने। तुम्हारी बुद्धि में है हमको बाबा _____ बना रहे हैं। कल्प-कल्प आकर हमारी ____ करते हैं तब तो उनको दु:ख हर्ता, सुख कर्ता कहते हैं।
° _5_, _ज्ञान_, _संगम_, _सद्गति_, _पावन_, _रक्षा_

11. वह लाखों वर्ष कह देते, उनकी *भेंट में* तुम कहेंगे….. क्या?
° बाकी *कुछ घण्टे* हैं।

12. अभी तुम हो संगम पर। _____ -लोक आने वाला है। अभी हम पुरुषोत्तम बनने के लिए _____ कर रहे। यह है _____ -कारी पुरुषोत्तम संगमयुग। आगे चल बहुतों को ख्याल में आयेगा। जरूर कोई आया हुआ है जो ____ को चेंज कर रहे हैं। यह वही _____ लड़ाई है। तुम भी कितने समझदार बने हो। यह बड़ी ____ करने की बाते हैं।
° _अमर_, _पुरुषार्थ_, _कल्याण_, _दुनिया_, _महाभारत_, _मंथन_

13. माया से बचने के लिए ____ -दोष से अपनी बहुत-बहुत सम्भाल करनी है। अपनी ____ क्लीयर रखनी है। ____ व्यर्थ नहीं गंवाने हैं। ____ से सफल करने हैं। अभी कोई नये ____ नहीं बनाने हैं।
° _संग_, _लाइन_, _श्वांस_, _ज्ञान_, _बंधन_

Answers from Sakar Murli 31-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 31-12-2020*

1. _____ स्वरूप स्थिति का अनुभव करना है, तो संकल्पों की गति को धैर्यवत बनाओ।
° _शक्ति_

2. बुद्धि सभी कर्मेन्द्रियों में ____ -मणी है। जो विशाल बुद्धि-सालिम हैं, उनका _____ सदा चमकता क्योंकि बुद्धि रूपी ____ में सारा ज्ञान भरा हुआ है, जिससे दान कर महादानी बन जाते। तुम बुद्धि को सदा ज्ञान का _____ देते भरपूर रहो, तो प्रकृति को भी ____ -बल से ठीक कर लेती। सर्वोत्तम बुद्धि वाले सर्वोत्तम ____ कर वैकुण्ठ की बादशाही प्राप्त करते।
° _शिरो_, _मस्तक_, _तिजोरी_, _भोजन_, _कमाई_

3. सयाने जो होंगे वह झट समझ जायेंगे। बेहद का बाप है, उनसे जरूर _____ का वर्सा मिलना चाहिए। मिला था, अब नहीं है फिर _____ रहा है। एम _____ सामने खड़ा है। बाप ने जब स्वर्ग की स्थापना की थी, तुम स्वर्ग के _____ थे।
° _स्वर्ग_, _मिल_, _ऑब्जेक्ट_, _मालिक_

4. तुम कहेंगे हम आये हैं – सारे विश्व को माया की ____ से छुड़ाने। तुम भी ज्ञान प्राप्त कर ____ ज्ञान सागर बनते हो ना।बाबा हमको ____ हाउस का भी टाइटिल देते। एक आंख में ____ -धाम, दूसरी आंख में ____ -धाम। बाप कहते हैं इन आंखों से जो कुछ तुम देखते हो, उनको ___ ।
° _जंजीरों_, _मास्टर_, _लाइट_, _मुक्ति_, _जीवनमुक्ति_, _भूलो_

5. सिर्फ रचयिता ___ को याद करना और कराना है। आत्मा को अपने बाप को याद करना है, इसको ही ____ योग कहा जाता। ____ भी एक से ही सुनना है, वह है अव्यभिचारी ज्ञान। याद भी एक को करो। मेरा तो एक, ____ न कोई। जब तक अपने को ____ निश्चय नहीं करेंगे तब तक एक की याद आयेगी नहीं।
° _बाप_, _अव्यभिचारी_, _ज्ञान_, _दूसरा_, _आत्मा_,

6. अभी तुम बच्चों को अपनी _____ का पता पड़ा है। और _____ जन्मों का भी मालूम पड़ा है। भल कहते हैं आत्मा बिन्दी है, भ्रकुटी के बीच स्टार है, परन्तु _____ रीति किसी की बुद्धि में नहीं है। सतयुग में हैं सब _____-यस।
° _आत्मा_, _84_, _यथार्थ_, _राइटि_

7. अब बाप कहते हैं – बच्चे, ____ बनो। तुम पुकारते थे ना कि हे ____ -पावन आओ।बाप कहते हैं तुम ____ -धाम में पवित्र तो थे ना। मेहनत कर ____ बनने से खुशी का पारा भी चढ़ेगा। जितना खाद निकलती जायेगी उतना ___ पद मिलेगा, जो जितना पुरुषार्थ करे।
° _पावन_, _पतित_, _शान्ति_, _पावन_, _ऊंच_

8. कर्मेन्द्रियों की *चंचलता समाप्त* कब होगी?
° जब तुम्हारी *स्थिति सिलवर एज़ तक* पहुँचेगी अर्थात् जब आत्मा त्रेता की *सतो स्टेज* तक पहुँच जायेगी तो कर्मेन्द्रियों की चंचलता बंद हो जायेगी। (अभी तुम्हारी *रिटर्न जरनी* है इसलिए कर्मेन्द्रियों को वश में रखना है। कोई भी छिपाकर ऐसा *कर्म* नहीं करना जो आत्मा पतित बन जाए। अविनाशी सर्जन तुम्हें जो *परहेज* बता रहे हैं, उस पर चलते रहो। अपना चार्ट देखना है)

9. कहाँ भी हो तुम बाप_को याद करो। याद में रहेंगे, ____ -दर्शन चक्रधारी बनेंगे तो कहाँ भी रहते तुम ____ पद पा लेंगे। जितना इन्डीविज्युअल _____ करेंगे उतना पद पायेंगे। घर में रहते भी याद की _____ में रहना है। अभी _____ रिजल्ट में थोड़ा टाइम पड़ा है। फिर नई दुनिया भी तैयार चाहिए ना, अभी ____ अवस्था बनानी है।
° _स्व_, _ऊंच_, _मेहनत_, _यात्रा_, _फाइनल_, _कर्मातीत_

10. तुम सबकी बड़ाई करते, बोलते हो तुम यह ____ थे फिर 84 जन्म भोगे। अब फिर ____ -प्रधान बनना है तो उसके लिए _____ चाहिए। समझ जाएं तो _____ का पारा चढ़े। समझाने वाले का तो और ही _____ चढ़ जाए। बेहद के बाप की ____ कहानी सुनाते हैं!
° _देवता_, _सतो_, _योग_, _खुशी_, _पारा_, _जीवन_

11. जैसे बाप तुम _____ को समझाते हैं, तुमको फिर औरों को समझाना है। जरूर बाप के _____-गार चाहिए ना। “मीठे बच्चे – तुम्हारी यह _____ मिशन है, तुम सबको ईश्वर का बनाकर उन्हें बेहद का _____, बेहद का सुख दिलाते हो”
° _बच्चों_, _मदद_, _ईश्वरीय_, _वर्सा_

12. तुम पहले फॉर्म भराते – आत्मा का ____ कौन? अपने-अपने ____ में भी तुम समझा सकते हो। एक-दो मुख्य चित्र सीढ़ी, त्रिमूर्ति, _____ यह बहुत जरूरी है। बाप कहते आदि सनातन देवी-देवता धर्म का सैपलिंग तो लगा फिर झाड़ के ____ भी तुमको बनाने हैं। बाबा पुरुषार्थ कराते रहते – ____ -समान बनाने लिए।
° _बाप_, _घर_, _झाड़_, _पत्ते_, _आप_

13. रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप समझा रहे। जो भी रूहानी बच्चे प्रजापिता ब्रह्मा ____ -वंशावली हैं, वह जानते। पहले तुम शूद्र थे फिर आकर ____ बने हो। फिर _____ वर्ण के बनेंगे। जज योर ____ । भेंट करो, जो जन्म-जन्मान्तर सुना और जो ज्ञान सागर बाप समझाते – _राइट_ क्या है?
° _मुख_, _ब्राह्मण_, _देवता_, _सेल्फ_

14. _____ की बायोग्राफी का किसको पता नहीं है। निराकार बाप को जरूर _____ तो चाहिए ना, जिससे अमृत दे। अभी तुम जानते हो, समझते हो शिवबाबा का _____ यह है।
° _ब्रह्मा_, _मुख_, _रथ_

Answers from Sakar Murli 30-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-12-2020*

1. साधन सेवाओं के लिए हैं, _____-पसन्द बनने के लिए नहीं।
° _आराम_

2. ____ -शिकस्त होना, किसी भी संस्कार-परिस्थिति के ____ -भूत होना, व्यक्ति-वैभवों के तरफ ____ होना – इन सब कमजोरियों को दृढ़ संकल्प से सदाकाल लिए समाप्त करो अर्थात् _____ बनो। विजय हमारे गले की माला है – सदा इस स्मृति से ____ स्वरूप बनो। फालो फादर कर _____ -गुणों के स्तम्भ बनो।
° _दिल_, _वशी_, _आकर्षित_, _विजयी_, _समर्थी_, _सर्व_

3. इन लक्ष्मी-नारायण को कहेंगे _____ सम्पन्न, विश्व का _____ । अभी हम सो _____ बनते, बाप कहते हैं निर्विकारी बनना है, _____-गुण धारण करने हैं। तुम ड्रामा अनुसार ऐसे सतोप्रधान _____ बन जाते हो। हम आदि सनातन देवी-देवता _____ के थे।
° _सर्वगुण_, _मालिक_, _देवता_, _दैवी_, _फूल_, _धर्म_

4. बाप कहते हैं हथ कार डे.. आत्मा याद ____ को करती है। इस समय ही ____ बनने के लिए मेहनत करनी पड़े। योग- ____ से तुम विश्व के मालिक बनते हो। ज्ञान बड़ा _____ और रमणीक है, मेहनत भी है। इस योग की ही महिमा है जिससे तुमको ____ -प्रधान बनना है।बाप को याद करना भी ____ है परन्तु जब करें ना!
° _बाप_, _पवित्र_, _बल_, _सहज_, _सतो_, _सहज_

5. बच्चों को पहले यह ____ हो – बाबा आया हुआ है, हमको पावन बना रहे। यह तो ____ रहती है, देवता बनेंगे। देवताओं की तो बड़ी राजधानी है, उसमें ऊंच पद पाना वह फिर _____ और एक्टिविटी पर है। तुम्हारी एक्टिविटी बड़ी ____ होनी चाहिए। बाबा अपने लिए भी कहते – अभी ____ अवस्था नहीं बनी है। हमको भी ____ बनना है।
° _निश्चय_, _खुशी_, _पढ़ाई_, _अच्छी_, _कर्मातीत_, _सम्पूर्ण_

6. निर्विकारी बनने लिए *कौन-सी मेहनत* जरूर करनी है?
° *आत्म-अभिमानी बनने की* मेहनत जरूर करनी है। भृकुटी के बीच में आत्मा को ही *देखने* का अभ्यास करो। आत्मा होकर आत्मा से *बात* करो, आत्मा होकर *सुनो* । (देह पर *दृष्टि न जाए* – यही मुख्य मेहनत है, इसी मेहनत में विघ्न पड़ते हैं। जितना हो सके यह अभ्यास करो – कि “ *मैं आत्मा हूँ*, मैं आत्मा हूँ।”)

7. आत्म-अभिमानी बनने लिए बाबा ने किसका *जबरदस्त मिसाल* सुनाया?
° *बीकानेर में एक बच्चा* है जो सदैव *आत्मा-आत्मा* कह लिखता है। मेरी आत्मा इस शरीर द्वारा *लिख* रही है। मुझ आत्मा का यह *विचार* है। मेरी आत्मा यह *करती* है। तो यह आत्म-अभिमानी बनना मेहनत की बात है ना। मेरी आत्मा *नमस्ते* करती है।

8. मीठे बच्चों को बाप ने स्मृति दिलाई है कि सृष्टि का ____ कैसे फिरता। ____ के आदि-मध्य-अन्त का समाचार बाप ही सुनाते, और किसको ____ सागर नहीं कहते। नई दुनिया में एक ही _____ देवी-देवता धर्म रहता, वही फिर पुजारी बने। बच्चों को स्मृति में आया बरोबर ड्रामा प्लैन अनुसार यह बिल्कुल ___ है।
° _चक्र_, _सृष्टि_, _ज्ञान_, _पूज्य_, _राइट_

9. तुम कभी भी *झूठ नहीं बोल सकते* हो। क्यों?
° क्योंकि मीठे बच्चे – सत बाप द्वारा संगम पर तुम्हें *सत्य का वरदान* मिलता है।

10. ____ करनी है, सेन्टर्स खोलने हैं। तुम हो _____ आर्मी। _____ मिशन हो ना। तुम्हारा ____ बहुत है। निश्चयबुद्धि _____!
° _सर्विस_, _सैलवेशन_, _ईश्वरीय_, _महत्व_, _विजयन्ती_

11. जिन बच्चों को निश्चय हो जाता, तो वे ____ से समझाते भी हैं। ___ -डर तो अभी हुए नहीं हैं ना, वह तब होंगे जब पूरे ____ -अभिमानी बन जाएं। तुम सब हो महावीर, दुनिया में तो कोई नहीं जानते कि ____ पर जीत कैसे पहनी जाती। तुम बच्चों को अब स्मृति में आया है, आगे भी बाप ने कहा था ____ -मनाभव। ____ -पावन बाप ही आकर यह समझाते।
° _निश्चय_, _नि_, _देही_,
_माया_, _मन_, _पतित_

12. समझ जाएं कि गीता निराकार भगवान ने सुनाई, इसमें *टाइम तो लगता* है। क्यों?
° *2500 वर्ष से* गीता कृष्ण की समझते आये हैं। अब एक जन्म में समझ जाएं कि गीता निराकार भगवान ने सुनाई, इसमें टाइम तो लगता है ना। गीता एपीसोड बरोबर है। (सिर्फ गीता में नाम बदल दिया है। तुम लिख सकते हो बाप हमको राजयोग सिखा रहे हैं।)

13. जो महारथी हैं, कभी-कभी उनको भी माया ____ हप कर लेती। बच्चों को निश्चय है बरोबर ____ ही यह ज्ञान दे रहे, और कोई दे न सके। तुमको पावन बनना है तो ______ याद करो, और कोई बातों में नहीं पड़ो। पहले एक बात को समझो जिससे तुम्हारे ____ नाश होते। कोई प्रश्न-उत्तर में मूंझता तो बोलो इन बातों को छोड़ एक बाप की ____ में रहने का पुरुषार्थ करो।
° _ग्राह_, _बाप_, _मामेकम्_, _पाप_, _याद_

Answers from Sakar Murli 29-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-12-2020*

1. स्वभाव इज़ी और पुरूषार्थ _____ वाला बनाओ।
° _अटेन्शन_

2. जो स्नेही को पसन्द है वही स्नेह करने वाले को पसन्द हो – यही *स्नेह का स्वरूप* है। चलना-खाना-पीना-रहना *स्नेही के दिलपसन्द* हो, तो इसके लिए क्या पुरूषार्थ है?
° जो भी संकल्प वा कर्म करो तो *पहले सोचो कि यह स्नेही बाप के दिलपसन्द है*। ऐसे सच्चे स्नेही बनो तो निरन्तर योगी, *सहजयोगी* बन जायेंगे। (यदि स्नेही स्वरूप को *समान स्वरूप* में परिवर्तन कर दो तो *अमर भव* का वरदान मिल जायेगा और *जुदाई को सदाकाल के लिए विदाई* मिल जायेगी।)

3. आने वाला है ____ -लोक, यह है मृत्युलोक, बीच का यह है पुरुषोत्तम संगमयुग। अब बाप आत्माओं को पढ़ाते इसलिए बच्चों को कहते _____ -अभिमानी हो बैठो। यह निश्चय करना है – हमको बेहद का बाप निराकार _____ पढ़ाते। यह है गॉड फादरली _____ युनिवर्सिटी, हमारी एम ऑब्जेक्ट यह है – लक्ष्मी- _____ या अमरलोक का _____ बनना।
° _अमर_, _आत्म_, _शिव_, _वर्ल्ड_, _नारायण_, _देवता_

4. बाप समझाते हैं – पहले-पहले तो अपने को _____ समझो। आत्मा ही एक _____ छोड़ दूसरा लेती। अभी तुमको _____ -अभिमानी बनना है। तुम अशरीरी आये थे फिर ______ बन वापिस जाना है। आत्मा समझ बाप को याद करो। यह है ______ यात्रा। आत्मा अपने रूहानी बाप को ____ करती, जिससे पाप भस्म हो जायेंगे।
° _आत्मा_, _शरीर_, _देही_,
_अशरीरी_, _रूहानी_, _याद_

5. पहले _____-प्रधान थे तो _____-बुद्धि थे। अभी अपने श्रेष्ठ _____ धर्म-कर्म को भी भूल गये, अभी सतयुगी _____-लेस कैसे बनें? इन लक्ष्मी-नारायण जैसा _____-गुण सम्पन्न बनना है, खान पान की भी परहेज चाहिए। तुम पवित्र वैष्णव बन _____-वंशी बनते हो।
° _सतो_, _पारस_, _दैवी_, _वाइस_, _सर्व_, _विष्णु_

6. नई दुनिया वह थी, जहाँ यह देवी-देवतायें _____ करते थे। यह सारे विश्व के _____ थे।बेहद के बाप का भी प्लैन हैं _____ -राज्य बनाने का। तुम इस नॉलेज से देवता बन _____ पर जीत पाते। तुम ही इस ज्ञान से फिर यह इतना ____ पद पाते हो।
° _राज्य_, _मालिक_, _राम_, _काल_, _ऊंच_

7. मुख्य है _____ बनने की बात। बाप की ______ में रहना है। इसी में ही _____ विघ्न डालती है। तुम बाप को याद करते हो अपना _____ पाने लिए। कभी भी मुरली मिस न हो, मुरली से कहाँ भी बैठे _____ होते रहेंगे। श्रीमत पर चलना पड़े, ____ बनने लिए।
° _पवित्र_, _याद_, _माया_, _वर्सा_, _रिफ्रेश_, _श्रेष्ठ_

8. योग अथवा याद से _____ मिलता है। योगबल से तुम विश्व की _____ लेते हो। बाप राजयोग सिखाकर _____ बनाते हैं।
° _बल_, _बादशाही_, _पावन_

9. सभी एक बाप को ही पुकारते हैं – हे ____ -पावन आओ। वह एक ही गॉड फादर है जो जन्म-मरण रहित है। आत्मा का वा परमात्मा का रूप बहुत सूक्ष्म है, जिसको ____ व बिन्दू कहते। एक उनको ही कहा जाता वाह ____ वाह! (ज्ञान से सद्गति देते)
° _पतित_, _स्टॉर_, _सतगुरू_

10. निराकार आत्मायें सब आकर अपना-अपना ____ लेती हैं। हर एक _____ मूर्त आत्मा का तख्त है यह। निराकार खुद _____ में जब बैठे तब बोल सके, पतितों को पावन बनायें। बाप कहते हैं मैं निराकार आकर इनका ____ लोन लेता हूँ, इनको ____ -शाली रथ कहा जाता।
° _रथ_, _अकाल_, _रथ_, _टेप्रेरी_, _भाग्य_

11. बाप ही सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का राज़ बताए तुम बच्चों को _____-दर्शी _____-स्तिक बनाते हैं। _____ को बहुत अच्छी रीति समझना है। _____ मिसल टिक-टिक होती रहती। जो कुछ होता फिर कल्प 5 हज़ार वर्ष बाद हूबहू _____ होगा। इसको बहुत अच्छी रीति समझकर बेहद का _____ करना है।
° _त्रिकाल_, _आ_, _ड्रामा_, _जूं_, _रिपीट_, _संन्यास_

12. सबका हक है। सबको कहना है अपने को _____ समझो। माँ-बाप में ज्ञान होगा तो बच्चों को भी सिखायेंगे – ____ -बाबा को याद करो, दूसरा न कोई। एक की _____ से ही तमोप्रधान से सतोप्रधान बन जायेंगे। इसमें पढ़ाई बहुत _____ चाहिए।
° _आत्मा_, _शिव_, _याद_, _अच्छी_

13. कोई *विलायत* जाते हैं कहेंगे वहाँ हम यह नॉलेज पढ़ सकते हैं?
° बाप कहते हैं हाँ *कहाँ भी* बैठ तुम पढ़ सकते हो। इसमें पहले 7 रोज़ का *कोर्स* लेना पड़ता है। बहुत सहज है, आत्मा को सिर्फ यह *समझना* होता है। हम *सतोप्रधान विश्व के मालिक थे* तब सतोप्रधान थे। अब काम-वश तमोप्रधान बन गये हैं, अब *ज्ञान* -चिता पर बैठना है। (अब कलियुग है फिर जरूर सतयुग होना है, वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट होती है, चक्र फिरता रहता है ना। बाप को याद करने से ही पाप भस्म हो जायेंगे, इनको योग अग्नि कहा जाता है। याद तो तुम कहाँ भी कर सकते हो। 7 रोज़ में समझाना होता है।)

14. तुम बच्चे *किस नॉलेज को समझने के कारण* बेहद का संन्यास करते हो?
° तुम्हें ड्रामा की यथार्थ नॉलेज है, तुम जानते हो ड्रामानुसार अब इस *सारे मृत्युलोक को भस्मीभूत होना* है। अभी यह दुनिया *वर्थ नाट एपेनी* बन गई है, हमें वर्थ पाउण्ड बनना है। (इसमें जो कुछ होता है वह फिर *हूबहू कल्प के बाद रिपीट होगा* इसलिए तुमने इस सारी दुनिया से बेहद का संन्यास किया है।)

15. बच्चे कम पैदा हों उसके लिए भी कितना माथा मारते रहते, कितनी दवाइयां आदि निकालते। बाप के पास तो *एक ही दवाई* है। कौन-सी?
° तुमको बाबा ने ऐसी दवाई दी है *मनमनाभव* की, जिससे तुम 21 जन्मों के लिए पवित्र बन जाते हो। (एक धर्म की स्थापना होनी है। वह समय आयेगा सब कहेंगे यह तो पवित्र बन रहे हैं। फिर दवाई आदि की भी क्या दरकार है।)