Answers from Sakar Murli 21-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-01-2021*

1. बालक सो _____ वह है जो तपस्या के बल से भाग्यविधाता बाप को अपना बना दे।
° _मालिक_

2. *यथार्थ श्रीमत पर चलने वाले* को प्राप्तियां क्या होती? (2)
° जो बच्चे स्वयं को ट्रस्टी समझकर श्रीमत प्रमाण चलते हैं, श्रीमत में जरा भी मनमत या परमत मिक्स नहीं करते उन्हें *निरन्तर खुशी, शक्ति और सफलता की अनुभूति* होती है।
° पुरूषार्थ वा *मेहनत कम होते भी प्राप्ति ज्यादा* हो तब कहेंगे यथार्थ श्रीमत पर चलने वाले। (परन्तु माया, ईश्वरीय मत में मनमत वा परमत को रायॅल रूप से मिक्स कर देती है इसलिए सर्व प्राप्तियों का अनुभव नहीं होता। इसके लिए *परखने और निर्णय करने की शक्ति धारण करो* तो धोखा नहीं खायेंगे।)

3. हम सब भाई-भाई हैं, वह सबका बाप सर्व- _____ है।तुम्हारे में सर्व- _____ थी, विश्व पर पवित्र देवी-देवता रूप में राज्य करते थे। जो ______ ताकत थी वह फिर कम होती जाती। अब फिर तुम निर्विकारी बन रहे, जैसेकि सर्वशक्तिमान् बाप को _____ कर उनसे शक्ति ले रहे। सर्वशक्तिमान् बाप से अपना _____ -योग लगात। बाप को याद करते-करते आत्मा बिल्कुल ____ हो जाती।
° _शक्तिमान्_, _शक्तियां_, _सतोप्रधान_, _याद_, _बुद्धि_, _प्योर_

4. देवताओं में जो सतोप्रधान *ताकत थी वह फिर दिन-प्रतिदिन कम* होती जाती है। सतोप्रधान से तमोप्रधान बनना है। इसके लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° *जैसे बैटरी* की ताकत कम होती जाती है तो मोटर खड़ी हो जाती है। बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है। (परन्तु आत्मा की बैटरी फुल डिस्चार्ज नहीं होती है, कुछ न कुछ ताकत रहती है।)
° जैसे कोई मरता है तो *दीपक* जलाते हैं, उसमें *घृत* डालते रहते हैं कि *ज्योति* बुझ न जाए।

5. हे बच्चों – अब तुम मुझे याद करो, मैं ऑलमाइटी हूँ, मेरे द्वारा ऑलमाइटी _____ मिलता है। सतयुग में देवी-देवता सारे _____ के मालिक थे, पवित्र थे, _____ गुणवान थे। सिवाए परमपिता परमात्मा के साथ योग लगाने के बैटरी _____ नहीं हो सकती। वह बाप ही एवर ____ है। एक को ही याद करना है, ऊंच ते ऊंच है ____ । बाकी सब हैं रचना। रचना से रचना को कभी वर्सा नहीं मिलता।
° _राज्य_, _विश्व_, _दैवी_, _चार्ज_, _प्योर_, _भगवान्_

6. बच्चों को दिल अन्दर समझना चाहिए – हमारे लिए बाबा नई दुनिया _____ की स्थापना कर रहे हैं। तुम जानते हो – _____ आने वाला है। सतयुग में होता ही है सदा _____ । वह कैसे मिलता? बाप समझाते मामेकम् _____ करो, मैं एवरप्योर हूँ। मैं जन्म-मरण में नहीं आता, सिर्फ तुम्हें स्वर्ग की _____ देने लिए, इनके वानप्रस्थ अवस्था के तन में आता हूँ।
° _स्वर्ग_, _सतयुग_, _सुख_, _याद_, _बादशाही_

7. सूक्ष्मवतन मे तो सिर्फ साक्षात्कार के लिए _____ हैं। तुम बच्चे भी अन्त में जब बिल्कुल _____ हो जाते हो तो तुम्हारा भी साक्षात्कार होता है। ऐसे फरिश्ते बन फिर सतयुग में यहाँ ही आकर स्वर्ग के _____ बनेंगे।
° _फरिश्ते_, _पवित्र_, _मालिक_

8. मैं बीजरूप हूँ ना। इस सारे झाड़ की _____ मेरे पास है। और किसको पता नहीं, सृष्टि की _____ कितनी है? कैसे इनकी स्थापना, पालना, _____ होता है? बाप तुमको बेहद की पढ़ाई पढ़ाते हैं, जिससे तुमको बेहद का _____ बनाते हैं।
° _नॉलेज_, _आयु_, _विनाश_, _मालिक_

9. यह सब अकाल आत्माओं के _____ हैं। आत्मा अकाल है जिसको ____ खा न सके, बाकी तख्त तो बदलते रहते हैं। _____ -मूर्त आत्मा इस तख्त पर बैठती है।
° _तख्त_, _काल_, _अकाल_

10. पिछाड़ी में *सब वापिस घर जायेंगे* । इसके कौन-से 2 मिसाल बाबा ने सुनाये?
° जैसे टिड्डियों का अथवा *मधुमक्खी का झुण्ड* जाता है ना। मधुमक्खियों की भी क्वीन होती है। उनके पिछाड़ी सब जाते हैं। (बाप भी जायेंगे तो उनके पिछाड़ी सब आत्मायें जायेंगी। वहाँ मूलवतन में जैसे सब आत्माओं का मनारा (छत्ता) है।)
° बाप आकर सब आत्माओं को ले जाते हैं। *शिव की बरात* कहा जाता है। बच्चे कहो अथवा *सजनियां* कहो। तुम ही पहले-पहले भागेंगे बाप के पिछाड़ी। तुम्हारा बाप के साथ अथवा *सजनियों का साजन के साथ योग* है। (बाप आकर बच्चों को पढ़ाकर याद की यात्रा सिखलाते। पवित्र बनने बिगर तो आत्मा जा नहीं सकती। जब पवित्र बन जायेगी तब पहले-पहले शान्तिधाम जायेगी। वहाँ जाकर सब निवास करते हैं। वहाँ से फिर धीरे-धीरे आते रहते हैं, वृद्धि होती रहती है।)

11. झाड़ धीरे-धीरे वृद्धि को पाता है। पहले-पहले तो है आदि सनातन _____ धर्म, जो बाप स्थापन करते। (इसके भी) पहले-पहले हमको ______ बनाते हैं, प्रजापिता ब्रह्मा है ना। प्रजा में _____ हो जाते, ब्रह्माकुमार और कुमारियां। जरूर _____ -बुद्धि होंगे तब तो इतने ढेर हुए हैं। तुम्हारे में भी जो _____ हैं वह जरूर पहले आयेंगे, कच्चे पिछाड़ी में आयेंगे।
° _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_, _भाई-बहिन_, _निश्चय_, _पक्के_

12. तुम्हारा है *बेहद का संन्यास*, अर्थात्‌ क्या?
° *सारी दुनिया का*, सम्बन्धियों आदि का भी बुद्धि से संन्यास करते हो। इस दुनिया को कहा जाता है फॉरेस्ट ऑफ थॉर्नस। (कांटों का जंगल)। ( *तुम्हारे लिए अब स्वर्ग की स्थापना हो रही है*। तुम्हारी बुद्धि स्वर्ग तरफ ही जायेगी। तो शिवबाबा को ही याद करना है।मनमनाभव, मध्याजी भव।)
° यह बेहद की लंका है जिस पर रावण का राज्य है। (फिर *देवताओं का पवित्र राज्य* होगा। वहाँ *बहुत सुख* होता है। स्वर्ग की कितनी महिमा है।)

13. मैं संगम पर ही सुनाता हूँ। ____ -योग जरूर आगे जन्म में संगम पर सीखे होंगे। यह सृष्टि बदलती है ना, तुम पतित से _____ बन जाते हो। अब यह है पुरुषोत्तम संगमयुग, जबकि हम ऐसे तमोप्रधान से _____ बनते हैं। हर एक बात अच्छी रीति समझकर ______ करनी चाहिए। यह है _____ अर्थात् श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ मत, भगवान की। बाप मनुष्य से _____ बना देते।
° _राज_, _पावन_, _सतोप्रधान_,
_निश्चय_, _श्रीमत_, _देवता_

Answers from Sakar Murli 20-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-01-2021*

1. प्रयोगी आत्मा बन _____ के प्रयोग से सर्व खजानों को बढ़ाते चलो।
° _योग_

2. जो बच्चे विशेष पार्टधारी हैं उनकी हर एक्ट_____ होती। विशेष आत्मा कोई भी कर्म _____ -अभिमानी बनकर करेगी। इससे वे स्वयं भी सदा _____ रहते, दूसरों को भी करते इसलिए उन्हें सन्तुष्टमणि का _____ स्वत: प्राप्त हो जाता।
° _विशेष_, _देही_, _सन्तुष्ट_, _वरदान_

3. तुम बच्चे समझते हो कि भारत _____-गॉडेज का स्थान था। पहले-पहले ऊपर से जो आत्मायें आती, वो _____ एज में आती। हम वहाँ के रहवासी थे – पहले-पहले हम _____ थे। तुम विश्व के _____ महाराजा-महारानी थे, तुम्हारी राजधानी थी। वह तो _____ द्वारा श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ बन जाते, फिर कोई से राय लेने की दरकार नहीं। जब देवताओं का राज्य था तो _____-लेस वर्ल्ड थी।
° _गॉड_, _गोल्डन_, _देवता_, _मालिक_, _श्रीमत_, _वाइस_

4. सारा पार्ट _____ ही बजाती, न कि शरीर। हम आत्मा असुल में ______ दुनिया वा ____ -धाम में रहने वाले हैं। बरोबर आत्मायें _____ -धाम में रहती। वह है ______ वर्ल्ड। यहाँ हम सब आत्मायें, एक्टर्स पार्टधारी हैं।अभी सुखधाम स्थापन होता, बाकी सब आत्मायें _____ -धाम में रहेंगी।
° _आत्मा_, _निराकारी_, _शान्ति_, _परम_, _इनकारपोरियल_, _मुक्ति_

5. तुम जैसे अब _____ हाउस हो। _____ से जान गये हो चक्र कैसे फिरता। अभी तुम्हें और सबको _____ बताना है। सब नईयाएं हैं, तुम _____ हो, रास्ता बताने वाले। सबको बोलो आप शान्तिधाम, सुखधाम को _____ करो, कलियुग दु:खधाम को भूल जाओ। यह बाप तो बाप, टीचर, सतगुरू है जो सबको _____ देते।
° _लाइट_, _ज्ञान_, _रास्ता_, _पाइलेट_, _याद_, _सद्गति_

6. तुम आत्माओं की अभी शिव _____ के साथ सगाई हुई है। तो बच्चों को ज्ञान रत्नों से _____ भरनी चाहिए। मूल बात है ______ बनने की। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन….. पावन बनने से ______ बन जायेंगे। सबसे पावन हैं देवी -देवतायें, अभी तुम 21 जन्म लिए _____ पावन बनते हो, सम्पूर्ण निर्विकारी पावन। तो बाप जो ______ देते हैं उस पर चलना चाहिए।
° _साजन_, _झोली_, _पवित्र_, _सुखी_, _सर्वोत्तम_, _श्रीमत_

7. सीता *आग 🔥से पार* हुई। इस कथा का आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° आग से कोई थोड़ेही पावन होना है। बाप समझाते हैं तुम सब सीतायें इस समय पतित हो। *रावण राज्य की जेल में शोक वाटिका में* हो। अब एक *निराकार राम की याद, वा योग अग्नि* से तुमको *पावन* बनना है। (अग्नि अक्षर सुनने से समझते हैं – आग से पार हुई।)

8. हे लाडले मीठे सिकीलधे बच्चों, तुम बहुत समय पार्ट बजाते-बजाते अब फिर आकर मिले हो, अपना वर्सा लेने।मीठे-मीठे रूहानी बच्चे अभी सम्मुख बैठे हैं और _____ बहुत प्यार से समझा रहे। सिवाए रूहानी बाप के सर्व को सुख- _____ देने वा _____ से लिबरेट करने वाला कोई हो नहीं सकता। तुम बच्चे मधुबन में _____ हो, सम्मुख सुनने से बड़ा _____ आता है। अब तुम्हारी आत्मा _____ -फ्रेश हो रही।
° _बाप_, _शान्ति_, _दु:ख_, _सम्मुख_, _मजा_, _रि_

9. बाप एक ही समय आता सारे चक्र में, यह कल्प का _____ संगमयुग है। इसका नाम रखा है _____ , यही संगमयुग है जिसमें सभी मनुष्य मात्र उत्तम बनते हैं। _____-प्रधान हैं तो उत्तम हैं। अपने को घड़ी-घड़ी _____ निश्चय करना है। मैं आत्मा बाप से _____ ले रही हूँ।
° _सुहावना_, _पुरुषोत्तम_, _सतो_, _आत्मा_, _वर्सा_

10. अभी तुम बच्चों को _____ -अभिमानी बनना है। शान्तिधाम से आकर यहाँ तुम _____ बने हो, इसके बिगर कर्म हो न सके।आत्मा कहती है – हम एक शरीर छोड़ _____ अनुसार फिर दूसरा शरीर लेता हूँ। आत्मा अविनाशी है, इसमें अविनाशी _____ नूँधा हुआ है। अभी बाबा हमको वर्सा दे रहे, जितना जो पुरुषार्थ करेगा उतना ____ पायेगा।
° _देही_, _टॉकी_, _संस्कार_, _पार्ट_, _पद_

11. *अनेक प्रकार के प्रश्नों* की उत्पत्ति का कारण तथा उन सबका निवारण क्या है?
° जब *देह-अभिमान* में आते हो तो *संशय* पैदा होता है और संशय उठने से ही अनेक *प्रश्नों* की उत्पत्ति हो जाती है। (बाबा कहते मैंने तुम बच्चों को जो *धन्धा* दिया है – *पतित से पावन बनो और बनाओ*, इस धन्धे में रहने से सब प्रश्न खत्म हो जायेंगे।)

12. अभी यह बेहद का _____ आकर पूरा हुआ। यह _____ दुनिया बदलनी जरूर है। बरोबर हम सतयुग के मालिक थे, फिर _____ जन्मों बाद ऐसे बने। अब फिर बाप कहते हैं मुझे _____ करो तो तुम स्वर्ग के मालिक बनेंगे। तो हम क्यों न अपने को _____ निश्चय करें और बाप को याद करें। यह माया का वण्डर है जो घड़ी-घड़ी भुला देती, उससे बचने लिए _____ रचना चाहिए।
° _नाटक_, _पुरानी_, _84_, _याद_, _आत्मा_, _उपाय_

13. जब तक जीना है पुरुषार्थ करना है। _____ अमृत पीते रहना है। यह भी समझते हो हमारा यह _____ जन्म है। इस शरीर का _____ छोड़ देही-अभिमानी बनना है। _____ व्यवहार में भी रहना है, पुरुषार्थ जरूर करना है। सिर्फ अपने को आत्मा निश्चय कर बाप को याद करो, सेकण्ड में _____ मुक्ति गाया जाता है।
° _ज्ञान_, _अन्तिम_, _भान_, _गृहस्थ_, _जीवन_

Answers from Sakar Murli 16-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-01-2021*

1. साक्षीपन की स्थिति में रह _____ के साथ का अनुभव करने वाले ही लवलीन आत्मा हैं।
° _दिलाराम_

2. संगमयुग का सबसे श्रेष्ठ स्वमान है _____। जैसे कोई बड़ा आफीसर वा राजा जब _____ पर स्थित होता, तो दूसरे भी उसे सम्मान देते। ऐसे आप अपने श्रेष्ठ _____ की सीट पर सेट रहो तो माया आपके आगे _____ हो जायेगी।
° _मास्टर सर्वशक्तिमान_, _सीट_, _स्वमान_, _सरेण्डर_

3. पुरानी दुनिया को भूल जाएं यह तो ठीक है। भला याद किसको करें? _____ -धाम _____ -धाम को। जितना हो सके उठते-बैठते, चलते-फिरते ____ को याद करो। बेहद _____ के स्वर्ग को याद करो। सबको कहते हो सतोप्रधान बनना है क्योंकि _____ जर्नी होती। यहाँ स्वदर्शन _____ होकर बैठो, अभी फिर से देवता बनते।
° _शान्ति_, _सुख_, _बाप_, _सुख_, _रिटर्न_, _चक्रधारी_

4. *कौन-सी स्मृति* बाबा ने आज बताई, जिसमें ज्ञान-योग दोनों आ जाते?
° जानते हैं *शिवबाबा पढ़ाते हैं* तो ज्ञान भी हुआ, याद भी हुई। (ज्ञान और योग दोनों इकट्ठा चलता है। ऐसे नहीं, योग में बैठे शिवबाबा को याद करते रहे, नॉलेज भूल जाए। बाप योग सिखाते हैं तो नॉलेज भूल जाती है क्या! सारी नॉलेज उनमें रहती है। तुम बच्चों में यह नॉलेज होनी चाहिए। पढ़ना चाहिए।)

5. आंखें खुली होते _____ कर सकते। ____ की तो कभी इच्छा नहीं रखनी है, इच्छा मात्रम् अविद्या। बाप तुम्हारी सब कामनायें पूरी करते, अगर _____ पर चलते। बाप से बुद्धियोग रखो – जिससे ही _____ बनना है, बैटरी चार्ज होगी। अगर यह _____ बनना चाहते तो मेहनत करनी पड़े।
° _याद_, _ध्यान_, _आज्ञा_, _सतोप्रधान_, _लक्ष्मी-नारायण_

6. इस ख्याल से जरूर बैठना होता है – यह बाप भी है, टीचर भी है, _____ गुरू भी है। महसूस करते कि याद करते-करते _____ बन पवित्रधाम में पहुँचेंगे। पहले तुम _____-प्रधान थे। अगर हम शिवबाबा की याद में रहते तो _____ दूर नहीं। बच्चों को जास्ती तकलीफ नहीं देते, मुख्य मन्सा-वाचा-कर्मणा _____ बनना है।
° _सुप्रीम_, _पवित्र_, _सतो_, _शिवालय_, _पवित्र_

7. शिवबाबा के बन गये फिर भूल क्यों जाते, इसमें ____ की यात्रा मुख्य है। योग से ही ____ बनना है। तुम बुलाते हो बाबा आकर पावन बनाओ, जो हम _____ में जा सकें। याद की यात्रा है ही पावन बन _____ पद पाने लिए। पिछाड़ी में तुमको सब ____ होगा – हम क्या बनेंगे। कदम-कदम पर खबरदारी से तुम _____ -पति बन सकते।
° _योग_, _पवित्र_, _स्वर्ग_, _ऊंच_, _साक्षात्कार_, _पद्म_

8. हर एक के अन्दर की _____ मेरे बच्चे हैं। मैं जानता हूँ सबके तख्त पर _____ विराजमान है। बाप यहाँ आते तो बच्चों को अच्छी रीति _____ सागर मंथन करना है। नॉलेज पर बहुत-बहुत मंथन करना चाहिए, _____ देना चाहिए तब अपना _____ कर सकेंगे। साथ में जितना जो बाप पास जमा करते, उतना _____ बनता है।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _विचार_, _टाइम_, _कल्याण_, _भाग्य_

9. हम जा रहे हैं – अपने ____ होम में। _____ माना सब कुछ भूल जाना पड़ता है। अपने को _____ कर देना चाहिए, शरीर से हम आत्मा अब जा रही हैं। “मीठे बच्चे – कदम-कदम ____ पर चलो, नहीं तो माया देवाला निकाल देगी, यह ____ बहुत धोखा देती हैं, इनकी बहुत-बहुत सम्भाल करो”
° _स्वीट_, _वैराग्य_, _डिटैच_, _श्रीमत_, _आंखे_

10. किन बच्चों से माया बहुत *विकर्म* कराती है? यज्ञ में *विघ्न* रूप कौन हैं? (3)
° जिन्हें *अपना अंहकार* रहता है उनसे माया बहुत विकर्म कराती है।
° ऐसे मिथ्या अंहकार वाले *मुरली भी नहीं पढ़ते* । ऐसी गफलत करने से माया थप्पड़ लगाए वर्थ नाट पेनी बना देती है।
° यज्ञ में विघ्न रूप वो हैं जिनकी *बुद्धि में झरमुई झगमुई (परचिंतन)* की बातें रहती हैं, यह बहुत खराब आदत है।

11. (धारणा) अपने ऊपर बहुत _____ रखना है। श्रीमत में कभी _____ नहीं बनना। बहुत-बहुत खबरदार रहना, कोई _____ का उल्लंघन न हो। अन्तर्मुख हो एक बाप से _____ की लिंक जोड़नी है। इस पतित पुरानी दुनिया से बेहद का ____ रखना है। बुद्धि में रहे – जो ____ मैं करुँगा, मुझे देख सब करेंगे।
° _कन्ट्रोल_, _बेपरवाह_, _कायदे_, _बुद्धि_, _वैराग्य_, _कर्म_

12. सदैव बाप को _____ लिखना चाहिए, डायरेक्शन लेते रहना चाहिए। बाप जब समझाते हैं तब पता पड़ता, सचमुच हमारी _____ कैसी है, बहुतों को समझाना तो सहज है। जब कोई कमेटी आदि बनाते तो उसमें हेड एक-दो _____ जरूर होनी चाहिए, जिनकी राय पर काम हो।
° _समाचार_, _अवस्था_, _फीमेल_

Answers from Sakar Murli 15-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-01-2021*

1. साक्षीपन की स्थिति में रह _____ के साथ का अनुभव करने वाले ही लवलीन आत्मा हैं।
° _दिलाराम_

2. संगमयुग का सबसे श्रेष्ठ स्वमान है _____। जैसे कोई बड़ा आफीसर वा राजा जब _____ पर स्थित होता, तो दूसरे भी उसे सम्मान देते। ऐसे आप अपने श्रेष्ठ _____ की सीट पर सेट रहो तो माया आपके आगे _____ हो जायेगी।
° _मास्टर सर्वशक्तिमान_, _सीट_, _स्वमान_, _सरेण्डर_

3. पुरानी दुनिया को भूल जाएं यह तो ठीक है। भला याद किसको करें? _____ -धाम _____ -धाम को। जितना हो सके उठते-बैठते, चलते-फिरते ____ को याद करो। बेहद _____ के स्वर्ग को याद करो। सबको कहते हो सतोप्रधान बनना है क्योंकि _____ जर्नी होती। यहाँ स्वदर्शन _____ होकर बैठो, अभी फिर से देवता बनते।
° _शान्ति_, _सुख_, _बाप_, _सुख_, _रिटर्न_, _चक्रधारी_

4. *कौन-सी स्मृति* बाबा ने आज बताई, जिसमें ज्ञान-योग दोनों आ जाते?
° जानते हैं *शिवबाबा पढ़ाते हैं* तो ज्ञान भी हुआ, याद भी हुई। (ज्ञान और योग दोनों इकट्ठा चलता है। ऐसे नहीं, योग में बैठे शिवबाबा को याद करते रहे, नॉलेज भूल जाए। बाप योग सिखाते हैं तो नॉलेज भूल जाती है क्या! सारी नॉलेज उनमें रहती है। तुम बच्चों में यह नॉलेज होनी चाहिए। पढ़ना चाहिए।)

5. आंखें खुली होते _____ कर सकते। ____ की तो कभी इच्छा नहीं रखनी है, इच्छा मात्रम् अविद्या। बाप तुम्हारी सब कामनायें पूरी करते, अगर _____ पर चलते। बाप से बुद्धियोग रखो – जिससे ही _____ बनना है, बैटरी चार्ज होगी। अगर यह _____ बनना चाहते तो मेहनत करनी पड़े।
° _याद_, _ध्यान_, _आज्ञा_, _सतोप्रधान_, _लक्ष्मी-नारायण_

6. इस ख्याल से जरूर बैठना होता है – यह बाप भी है, टीचर भी है, _____ गुरू भी है। महसूस करते कि याद करते-करते _____ बन पवित्रधाम में पहुँचेंगे। पहले तुम _____-प्रधान थे। अगर हम शिवबाबा की याद में रहते तो _____ दूर नहीं। बच्चों को जास्ती तकलीफ नहीं देते, मुख्य मन्सा-वाचा-कर्मणा _____ बनना है।
° _सुप्रीम_, _पवित्र_, _सतो_, _शिवालय_, _पवित्र_

7. शिवबाबा के बन गये फिर भूल क्यों जाते, इसमें ____ की यात्रा मुख्य है। योग से ही ____ बनना है। तुम बुलाते हो बाबा आकर पावन बनाओ, जो हम _____ में जा सकें। याद की यात्रा है ही पावन बन _____ पद पाने लिए। पिछाड़ी में तुमको सब ____ होगा – हम क्या बनेंगे। कदम-कदम पर खबरदारी से तुम _____ -पति बन सकते।
° _योग_, _पवित्र_, _स्वर्ग_, _ऊंच_, _साक्षात्कार_, _पद्म_

8. हर एक के अन्दर की _____ मेरे बच्चे हैं। मैं जानता हूँ सबके तख्त पर _____ विराजमान है। बाप यहाँ आते तो बच्चों को अच्छी रीति _____ सागर मंथन करना है। नॉलेज पर बहुत-बहुत मंथन करना चाहिए, _____ देना चाहिए तब अपना _____ कर सकेंगे। साथ में जितना जो बाप पास जमा करते, उतना _____ बनता है।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _विचार_, _टाइम_, _कल्याण_, _भाग्य_

9. हम जा रहे हैं – अपने ____ होम में। _____ माना सब कुछ भूल जाना पड़ता है। अपने को _____ कर देना चाहिए, शरीर से हम आत्मा अब जा रही हैं। “मीठे बच्चे – कदम-कदम ____ पर चलो, नहीं तो माया देवाला निकाल देगी, यह ____ बहुत धोखा देती हैं, इनकी बहुत-बहुत सम्भाल करो”
° _स्वीट_, _वैराग्य_, _डिटैच_, _श्रीमत_, _आंखे_

10. किन बच्चों से माया बहुत *विकर्म* कराती है? यज्ञ में *विघ्न* रूप कौन हैं? (3)
° जिन्हें *अपना अंहकार* रहता है उनसे माया बहुत विकर्म कराती है।
° ऐसे मिथ्या अंहकार वाले *मुरली भी नहीं पढ़ते* । ऐसी गफलत करने से माया थप्पड़ लगाए वर्थ नाट पेनी बना देती है।
° यज्ञ में विघ्न रूप वो हैं जिनकी *बुद्धि में झरमुई झगमुई (परचिंतन)* की बातें रहती हैं, यह बहुत खराब आदत है।

11. (धारणा) अपने ऊपर बहुत _____ रखना है। श्रीमत में कभी _____ नहीं बनना। बहुत-बहुत खबरदार रहना, कोई _____ का उल्लंघन न हो। अन्तर्मुख हो एक बाप से _____ की लिंक जोड़नी है। इस पतित पुरानी दुनिया से बेहद का ____ रखना है। बुद्धि में रहे – जो ____ मैं करुँगा, मुझे देख सब करेंगे।
° _कन्ट्रोल_, _बेपरवाह_, _कायदे_, _बुद्धि_, _वैराग्य_, _कर्म_

12. सदैव बाप को _____ लिखना चाहिए, डायरेक्शन लेते रहना चाहिए। बाप जब समझाते हैं तब पता पड़ता, सचमुच हमारी _____ कैसी है, बहुतों को समझाना तो सहज है। जब कोई कमेटी आदि बनाते तो उसमें हेड एक-दो _____ जरूर होनी चाहिए, जिनकी राय पर काम हो।
° _समाचार_, _अवस्था_, _फीमेल_

Answers from Sakar Murli 15-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-01-2021*

1. व्यर्थ संकल्प वा विकल्प से किनारा कर _____ स्थिति में रहना ही योगयुक्त बनना है।
° _आत्मिक_

2. जब कोई भी नई वा शक्तिशाली इन्वेन्शन करते तो अन्डरग्राउण्ड करते। यहाँ _____ -वासी बनना ही अन्डरग्राउण्ड है। जो भी समय मिले, कारोबार करते भी, इस देह की दुनिया और देह के ____ से परे साइलेन्स में चले जाओ। यह अनुभव करने कराने की स्टेज हर _____ का हल कर देगी, इससे एक सेकण्ड में किसी को भी शान्ति वा ____ की अनुभूति करा देंगे। जो सामने आयेगा वह इसी स्टेज में ____ का अनुभव करेगा।
° _एकान्त_, _भान_, _समस्या_, _शक्ति_, _साक्षात्कार_

3. *योगबल के लिफ्ट की कमाल* क्या है?
° तुम बच्चे योगबल की लिफ्ट से *सेकेण्ड में ऊपर* चढ़ जाते हो अर्थात् सेकेण्ड में जीवनमुक्ति का वर्सा तुम्हें मिल जाता है। (तुम जानते हो सीढ़ी उतरने में 5 हज़ार वर्ष लगे और चढ़ते हैं एक सेकेण्ड में, यही है योगबल की कमाल। बाप की याद से सब *पाप कट* जाते हैं। *आत्मा सतोप्रधान* बन जाती है।)

4. तुम आत्मा बिन्दी हो, आत्मा को यहाँ शरीर मिला हुआ है, इसलिए यहाँ ____ करती है। अभी तुम जानते हो पढ़ाई से हम _____ बनते हैं। देवताओं के लिए कहेंगे यह सतयुग में ___ करके गये हैं। सतयुग में है ज्ञान का ____ । बरोबर गॉड फादर ने ____ स्थापन किया।
° _कर्म_, _यह (देवी-देवता)_, _राज्य_, _सुख_, _पैराडाइज़_

5. रूहानी बाप की महिमा तो बच्चों को सुनाई है। वह _____ का सागर, सत-चित-_____ स्वरूप है। _____ का सागर है। उनको सब _____ की शिफ्तें दी जाती हैं। यह महिमा एक बाप की और बच्चों की भी है क्योंकि बाप बच्चों को पढ़ाते, _____ सिखलाते। कहते बाबा _____ बनाओ और अपना परिचय भी दो कि आप हैं कौन?
° _ज्ञान_, _आनंद_, _शान्ति_, _बेहद_, _यात्रा_, _पावन_

6. जब ____ -युग होता है, सृष्टि पुरानी होती है तब मैं आता हूँ। तुम बच्चों ने रावण के देश में हमको बुलाया है, मैं तो ____ -धाम में बैठा था। स्वर्ग स्थापन करने के लिए मुझे नर्क रावण के देश में बुलाया कि अब ____ -धाम में ले चलो।
° _संगम_, _परम_, _सुख_

7. बाप जादूगर, सौदागर, रत्नागर है ना। धोबी भी है, सोनार भी है, *वकील भी है*। वकील कैसे?
° सबको *रावण की जेल से छुड़ाते* हैं। (उनको ही सब बुलाते हैं – हे पतित-पावन, हे दूरदेश के रहने वाले……. हमको आकर पावन बनाओ। आओ भी पतित दुनिया में, पतित शरीर में आकर हमको पावन बनाओ।

8. तुम जैसे *जिन्न* हो। कैसे?
° तुम ही *पूरी सीढ़ी उतरते हो फिर चढ़ते* हो। (जिन्न की कहानी है ना – उसने बोला काम दो तो राजा ने कहा अच्छा सीढ़ी उतरो और चढ़ो। बहुत मनुष्य कहते हैं भगवान को क्या हुआ जो ऐसी सीढ़ी बनाई! बाप समझाते हैं यह अनादि खेल है।)

9. अभी तुम बी.के. ____ को भी जाकर ज्ञान और योग सिखलाते हो, _____ से मिलाने लिए। तुम कहते हो हम तुमको स्वर्ग का _____ बनायेंगे, मुक्ति-जीवनमुक्ति देंगे। फिर उनको बोलो ______ को याद करो, और कोई को नहीं।
° _राजाओं_, _बाप_, _मालिक_, _शिवबाबा_

10. पहले एक ब्रह्मा फिर ब्राह्मणों की एडाप्टेड ____ वृद्धि को पाते हैं। कितनी वृद्धि होने की है। जितने सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी _____ थे, उतने सब बनने के हैं। आबू सर्व तीर्थों में, सब धर्मों के तीर्थों में मुख्य तीर्थ है क्योंकि यहाँ ही बाप आकर सर्व _____ की सद्गति करते। अभी तुम _____ की स्थापना कर रहे। यह चक्र देखने से ही सारा ____ आ जाता है।
° _सन्तान_, _देवतायें_, _धर्मों_, _स्वर्ग_, _ज्ञान_

11. *अन्धश्रद्धा* वा *ब्लाइन्डफेथ* किसे कहेंगे?
° जिनकी भक्ति करते हैं, उनकी *बायोग्राफी, आक्यूपेशन का किसको पता नहीं* इसलिए उनको कहा जाता है अन्धश्रद्धा। (किसकी पूजा करना, माथा टेकना और उनकी *जीवन कहानी को न जानना* , उसको कहा जाता है ब्लाइन्डफेथ।)

12. जगत का मालिक बनने लिए मुख्य ___ विकार पर जीत पानी है। सम्पूर्ण _____ जरूर बनना है। अभी हम ____ कर रहे – यह लक्ष्मी-नारायण बनने लिए। अभी जबकि मैं तुमको स्वर्ग की बादशाही देता तो तुम ____ क्यों नहीं बनेंगे। मैं स्वर्ग स्थापन करने आया हूँ तो अब मेरी ____ पर चलो। अभी तुम ____ -बुद्धि बनाने का पुरुषार्थ कर रहे, आत्मा में ही धारणा होती।
° _काम_, _निर्विकारी_, _तपस्या_, _पवित्र_, _श्रीमत_, _पारस_

Answers from Sakar Murli 18-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Daily Murli 18-01-2021*

1. संकल्प वा स्वप्न में भी एक _____ की याद रहे तब कहेंगे सच्चे तपस्वी।
° _दिलाराम_

2. स्नेह के पीछे _____ करने में मुश्किल भी सहज अनुभव होता। तो _____ स्वरूप के वरदान द्वारा सर्व कमजोरियों को मजबूरी से नहीं _____ से कुर्बान करो क्योंकि सत्य बाप के पास _____ ही स्वीकार होता। तो सिर्फ बाप के स्नेह के गीत नहीं गाओ लेकिन स्वयं बाप समान _____ स्थिति स्वरूप बनो जो सब आपके _____ गायें।
° _कुर्बान_, _समर्थी_, _दिल_, _सत्य_, _अव्यक्त_, _गीत_

3. अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो और अपने घर को याद करो, उनको कहा ही जाता टावर ऑफ _____ । टावर ऑफ _____ । टावर बहुत _____ होता है। वहां कैसे जा सकते, यह भी टावर में रहने वाला _____ सिखलाते, बच्चे, अपने को आत्मा समझो, हम आत्मा शान्तिधाम की _____ हैं। यह चलते-फिरते _____ डालनी है, आत्मा समझो और शान्तिधाम-सुखधाम याद करो।
° _साइलेन्स_, _सुख_, _ऊंचा_, _बाप_, _निवासी_, _टेव (आदत)_

4. बच्चों को _____ होनी चाहिए – स्वर्ग-विश्व का मालिक बनाने वाला बाबा हमें पढ़ा रहा। आत्मा की _____ चली जाती बाप तरफ। यह है आत्मा का _____ एक बाप के साथ। सवेरे-सवेरे उठ बाबा से मीठी-मीठी _____ करो, बाबा आपकी तो कमाल है, बाबा हम आपकी _____ पर जरूर चलेंगे। तुम्हीं से खाऊं, तुम्ही से बैठूँ.. तुम जानते हो शिवबाबा इसमें आकर कहते – मीठे बच्चे _____ याद करो।
° _खुशी_, _बुद्धि_, _लव_, _बातें_, _शिक्षा_, _मामेकम्_

5. जब तक दैवी राजधानी स्थापन हो जाए तब तक सुनाते रहेंगे, फिर _____ होंगे नई दुनिया में। हिसाब-किताब सामने आता, जितना हो सके _____-बल से काम लो, इसमें ही कल्याण है। लव ऐसा होना चाहिए जो बात मत पूछो, बच्चों को तो बाप को _____ में छिपाना पड़े। मोस्ट बिलवेड _____ बाप हमें पढ़ा रहे, वह ज्ञान-सुख-_____ का सागर है।
° _ट्रांसफर_, _योग_, _पलकों_, _निराकार_, _प्यार_

6. बच्चों की कितनी निष्काम _____ करते। पतित शरीर में आकर बच्चों को _____ जैसा बनाते। कितना मीठा बाबा है, बच्चों को भी ऐसा _____ बनना है। कितना निरंहकार से बाबा बच्चों की सेवा करते, बच्चों को भी इतनी _____ करनी चाहिए। श्रीमत पर चलना चाहिए, तुम ईश्वरीय सन्तान भाई-बहन वर्सा ले रहे, जितना पुरुषार्थ उतना _____ पायेंगे। इसमें _____ रहने का भी बहुत अभ्यास चाहिए।
° _सेवा_, _हीरे_, _मीठा_, _सेवा_, _पद_, _साक्षी_

7. मीठे बच्चे, तुम जानते हो यह अनादि ड्रामा है, इसमें हार जीत का _____ चलता है। जो होता है वह ठीक है। _____ को ड्रामा जरूर पसन्द होगा ना, तो बच्चों को भी पसन्द होगा। बाप कहते कल्प पहले मिसल फिर से _____ बनाने आया हूँ। तुम्हें यहाँ मास्टर प्यार का _____ बनना है। यहाँ बनेंगे तो वह संस्कार _____ बन जायेंगे। बाप सदाकाल का _____ देने वाला है तो बच्चों को भी बाप समान बनना है।
° _खेल_, _क्रियेटर_, _प्यारा_, _सागर_, _अविनाशी_, _सुख_

8. कितना सहज उपाय बताते, कितना प्यार से तुम्हारी _____ की पालना करते। _____ का स्नान करना है। आत्मा समझने का अभ्यास करते रहो, यह देह का _____ बिल्कुल टूट जाए। योग से ही _____ सतोप्रधान बन बाबा पास जाना है। सच्चाई से अपना _____ बाप को बताना चाहिए। चेक करना – हम पौना घण्टा बैठे, इसमें कितना _____ आत्मा समझ याद किया!
° _ज्ञान_, _योग_, _अंहकार_, _पवित्र_, _चार्ट_, _समय_

9. जो आत्म-अभिमानी होकर रहते उनको कहा जाता _____-वीर। याद से ही तुम सुप्रीम अर्थात् _____-वान बनते। याद में न रहने कारण तुम्हारा किसको _____ नहीं लगता। निरन्तर याद रहे तो _____ अवस्था हो जाए। ज्ञान की _____ दिखाई दे। एक बाप के सिवाए और कोई की याद न रहे, _____ भी नहीं, यह अवस्था पिछाड़ी को होगी।
° _महा_, _शक्ति_, _तीर_, _कर्मातीत_, _प्राकाष्ठा_, _देह_

10. _____ है तो उसको सफल कैसे करें, बाबा कहते सेन्टर खोलो, जिससे बहुतों का _____ हो। तुमको भी भविष्य 21 जन्मों लिए _____ भाग्य मिलता। तुम्हारी यह नम्बरवन _____ है, 4 आना डालो तो हजार बन जायेगा। पत्थर से सोना, तुम्हारी हर चीज़ _____ बन जायेगी। बाबा कहते मीठे बच्चे ऊंच पद पाना है तो मात पिता को पूरा फालो करो और अपनी कर्मेन्द्रियों पर _____ रखो, जास्ती तमन्नायें नहीं!
° _पैसा_, _कल्याण_, _राज्य_, _बैंक_, _पारस_, _कन्ट्रोल_

11. बाबा तुम बच्चों को कितना _____ श्रृंगार कराए सतयुग के महाराजा महारानी बनाते। इसमें _____-शीलता का गुण बहुत अच्छा चाहिए। देह ऊपर टूमच मोह नहीं होना चाहिए, _____-बल से काम लेना। बाबा को कितनी भी खांसी आदि होती फिर भी सदैव _____ पर तत्पर रहते। तुम अभी ईश्वरीय मात-पिता की _____ में बैठे हो। तुमको सर्वगुण _____ यहाँ बनना है।
° _ज्ञान_, _सहन_, _योग_, _सर्विस_, _गोद_, _सम्पन्न_

12. सभी योगयुक्त और संकल्प-वाणी-कर्म _____-युक्त स्थिति में स्थित होते हुए अपना कार्य कर रहे हैं? तब ही सम्पन्न व _____ बन सकेंगे। चारों ओर सर्वशक्तियों का स्वयं में _____ चाहिए। दुनिया में चारों ओर टेन्शन तो बढ़ेगा, उसका _____ रूहानी पाण्डव सेना पर न हो। उसके लिये कोई-न-कोई बीच-बीच में ईश्वरीय याद की यात्रा का विशेष प्रोग्राम रहना चाहिए जिससे आत्माओं का _____ मजबूत रहेगा।
° _युक्ति_, _सम्पूर्ण_, _अटेन्शन_, _प्रभाव_, _किला_

13. आजकल सम्बन्ध-सम्पर्क में रहने वाले ज्यादा आयेंगे, _____ बनने वाले कम। कमजोर आत्माओं ज्यादा, उन्हें सब बातों में _____ नहीं होगा। उनके लिये रेग्युलर _____ बनना मुश्किल होगा। जैसे पहले उछल-उमंग-उत्साह होता – वह _____ कोई होगा। खाली हाथ कोई भी न जाये, नियमों पर भल नहीं चल पाते, लेकिन वह _____ में रहना चाहते, तो ऐसी आत्माओं का भी अटेन्शन जरूर रखना। समझ लेना यह ग्रुप तीसरी स्टेज वाला है, उसी प्रमाण _____ मिलनी चाहिए।
° _स्वरूप_, _निश्चय_, _स्टुडेण्ट_, _विरला_, _स्नेह_, _हैण्डलिंग_

Answers from Sakar Murli 14-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-01-2021*

1. नाज़ुकपन के संकल्पों को समाप्त कर _____ संकल्प रचने वाले ही डबल लाइट रहते हैं।
° _शक्तिशाली_

2. ब्राह्मण जीवन की विशेषता है _______, अगर एक भी गुण-शक्ति की अनुभूति नहीं तो ______ के वश हो जायेंगे। अभी अनुभूति का _____ शुरू करो। हर गुण वा शक्ति रूपी खजाने को ______ करो। जिस समय जिस गुण की आवश्यकता है, उसका _____ बन जाओ। तब विजयी बन सकेंगे और ______ का गीत सदा गाते रहेंगे।
° _अनुभव_, _विघ्न_, _कोर्स_, _यूज_, _स्वरूप_, _वाह रे मैं_

3. बाप हमको 5000 वर्ष बाद शिक्षा देते, जो फिर औरों को देनी है। पहले-पहले तो बाप का ही _____ देना है। दुनिया की जो सब आत्मायें हैं, सब आपस में _____ हैं। सब अपना मिला हुआ पार्ट इस _____ द्वारा बजाते। अब तो बाप आये हैं नई दुनिया में ले जाने, जिसको _____ कहा जाता। सभी को _____ बनाने वाला है ही एक बाप।
° _परिचय_, _भाई-भाई_, _शरीर_, _स्वर्ग_, _पावन_

4. हम सब सोल्स का वह है _____ सोल, उनको फादर कहा जाता है। ______ पहले पढ़ना है। सब आत्मायें कहती हैं – _____ फादर, परमपिता। पहले तो यह निश्चय बिठाना कि हम आत्मा हैं, ______ नहीं हैं। बाबा खुद कहते मैं आता हूँ पतितों को ______ बनाने। मैं चैतन्य हूँ, _____ हूँ और अमर हूँ।
° _सुप्रीम_, _अल्फ_, _गॉड_, _परमात्मा_, _पावन_, _सत_

5. अच्छा, फिर वह बाप सृष्टि के ______ का ज्ञान भी सुनाते, टीचर रूप में। यह चक्र अनादि, _____ बना-बनाया है। _____ -त्रेता पास्ट हुए, नोट करो। जहाँ ______ का राज्य चलता है। फिर धीरे-धीरे ______ कम होती जाती, दुनिया पुरानी तो होगी ना। _____ तुम्हारे पास हैं – निश्चय कराने।
° _आदि-मध्य-अन्त_, _एक्यूरेट_,
_सतयुग_, _देवी-देवताओं_, _कलायें_, _चित्र_

6. सतयुग का प्रभाव बहुत _____ है। नाम ही है स्वर्ग, _____ , नई दुनिया…. उसकी ही महिमा करनी है। नई दुनिया में है ही एक _____ देवी-देवता धर्म। सतयुग में लक्ष्मी-नारायण का _____ था। सतयुग-त्रेता में सब _____ रहते।
° _भारी_, _हेविन_, _आदि सनातन_, _राज्य_, _निर्विकारी_

7. आत्मा में ही सब ____ हैं। पास्ट के ____-कर्म_ का संस्कार आत्मा ले आती। सतयुग में कर्म ____ -कर्म हो जाता। अभी हो संगम पर। सतयुग-त्रेता है ____ दुनिया, जब रावण राज्य शुरू होता तब पाप होते। चित्र सामने हैं ____ राज्य और रावण राज्य।
° _संस्कार_, _वि_, _अ_, _पवित्र_, _राम_

8. झाड़ 🌳 ऐसा होता है, बीज और झाड़ *सेकेण्ड में याद* आ जायेंगे। यह बीज फलाने झाड़ का है, ऐसे इनसे फल निकलता है। यह *बेहद का मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़ भी ऐसे* है। कैसे?
° बच्चों को सारा समझाया है – *आधाकल्प* बाप से सुख का वर्सा, *दैवी* डिनायस्टी कैसे चलती। फिर *रावण राज्य* होता है तो जो सतयुग-त्रेतावासी हैं, वही *द्वापरवासी* बनते हैं। झाड़ *वृद्धि* को पाता रहता है। कितना सिम्पल समझाते हैं।

9. एक को समझाते या बहुतों को – ऐसे अटेन्शन देना है, समझता है, _____ करता है? बोलो अच्छी रीति ____ करते जाओ। कोई शंका हो तो _____। बाप ने समझाया है नोट करो फिर इस पर _____ करना। जैसे टीचर एसे (निबन्ध) देते फिर घर में जाकर _____ कर आते ना।तुम भी यह नॉलेज देते फिर देखो क्या होता, पूछते रहो, एक-एक बात ____ रीति समझाओ।
° _हाँ-हाँ_, _नोट_, _पूछना_, _विचार_, _रिवाइज़_, _अच्छी_

10. बाप-टीचर का कर्तव्य समझाकर फिर _____ का समझाओ। उनको बुलाया है पतितों को _____ बनाओ, फिर शरीर भी पावन मिले। जैसा (सतोप्रधान) सोना वैसा _____ बनता। पहले-पहले भारत 24 कैरेट पक्के सोने की _____, सतोप्रधान नई दुनिया थी। बाप ही वाणी से परे _____ वर्ल्ड ले जाते। बाबा चैतन्य सत-चित-आनंद स्वरूप होने कारण _____-फुल कहा जाता, उनका नाम सदैव शिव है।
° _गुरू_, _पावन_, _जेवर_, _चिड़िया_, _इनकारपोरियल_, _नॉलेज_

11. मीठे-मीठे बच्चों, मैं उनके ____ में आता जो बहुत जन्मों के अन्त में है, पूरा 84 जन्म लेते। भाग्यशाली _____। पहले नम्बर में तो है श्री- _____, नई दुनिया का मालिक, फिर वही नीचे उतरते। गोल्डन से सिल्वर, कॉपर, आइरन एज में। बाप कहते सिर्फ मुझ अपने बाप को _____ करो। जिसमें ____ किया है उनकी आत्मा में तो ज़रा भी नॉलेज नहीं थी।
° _तन_, _रथ_, _कृष्ण_, _याद_,
_प्रवेश_

12. इस संगमयुग पर ही बाप आकर _____ कुल और देवता कुल स्थापन करते। कृष्ण तो है _____ का रहवासी, उनको दूसरी जगह कोई देख न सके। यह बना-बनाया खेल _____ के अन्दर फिक्स है। समय, _____ , तिथि-तारीख आदि सब बदल जाता। यह ड्रामा _____ होता रहता। अभी यह है संगमयुग, तुमको सारी दुनिया की हिस्ट्री-जॉग्राफी _____ बताता हूँ।
° _ब्राह्मण_, _सतयुग_, _ड्रामा_, _फीचर्स_, _रिपीट_, _सत्य_

13. बाप, बाप-टीचर-सतगुरू है, जो फिर से _____ बनने लिए बहुत अच्छी युक्ति बताते। देह सहित देह के सब धर्म छोड़ अपने को _____ समझो। वापिस अपने घर ____ -धाम जरूर जाना है, पार्टधारी ____ गया तो पार्ट से मुक्त हुआ। यह ड्रामा अनादि-अविनाशी है, यह है श्रीमत, ____ बनाने लिए। ____ -मुक्ति भी वह देते।
° _सतोप्रधान_, _आत्मा_, _मुक्ति_, _घर_, _श्रेष्ठ_, _जीवन_

Answers from Sakar Murli 13-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 13-01-2021*

1. _____ जीवन में जो सदा सन्तुष्ट और खुश रहने वाले हैं वही खुशनसीब हैं।
° _पुरुषार्थी_

2. जो बच्चे बाप के स्नेह में सदा समाये रहते उन्हें स्नेह के रेसपॉन्स में ______ बनने का वरदान प्राप्त हो जाता। जो सदा स्नेहयुक्त और योगयुक्त हैं वह सर्व ______ से सम्पन्न स्वत: बन जाते। सर्व शक्तियां सदा साथ हैं तो ______ हुई पड़ी है। जिन्हें स्मृति रहती कि ______ बाप हमारा साथी है, वह कभी किसी बात से विचलित नहीं हो सकते।
° _बाप समान_, _शक्तियों_, _विजय_, _सर्वशक्तिमान्_

3. इस मुरली में _____ का जादू है। जब सतयुग है तो इस ज्ञान का _____ है। देवताओं की सृष्टि को पवित्र _____ दुनिया कहा जाता। ज्ञान को दिन कहते, ज्ञान से होती है _____ । तुम महिमा भी करते हो सर्वगुण _____ …. तो अभी तुमको ऐसा बनना है। अपने से पूछना चाहिए हमारे में सब _____-गुण हैं?
° _ज्ञान_, _वर्सा_, _निर्विकारी_, _सद्गति_, _सम्पन्न_, _दैवी_

4. अभी तुम _____ स्टूडेन्ट हो, जानते हो मनुष्य से देवता बनने की ____ पढ़ रहे। ज्ञान का _सागर_ एक को ही कहा जाता। इनको ही कहा जाता पुरुषोत्तम संगमयुग जबकि तुम ______ बन रहे हो, तो वातावरण भी बहुत _____ होना चाहिए। तुम्हारा मुखड़ा सदैव _____ होना चाहिए।
° _ईश्वरीय_, _पढ़ाई_, _पुरुषोत्तम_, _अच्छा_, _हर्षित_

5. *ज्ञान* किसको कहा जाता है? (3)
° एक तो *स्वयं की वा बाप की पहचान* और फिर *सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त की नॉलेज* को ज्ञान कहा जाता है।

6. मीठे बच्चे – तुम्हारे मुख से सदैव ____ रत्न निकलने चाहिए, रत्न सुनते-सुनाते कितनी _____ रहती। ज्ञान रत्न जो अभी तुम लेते, फिर ये सभी ______ बन जाते। रत्न ही तुमको भविष्य 21 जन्मों लिए _____ बनाते। यह पढ़ाई है ही बेहद का _____ पाने की, विश्व का मालिक बनाती। तो अपने को बहुत-बहुत _समझ_ -दार बनाना है।
° _ज्ञान_, _खुशी_, _हीरे-जवाहरात_, _मालामाल_, _धन_

7. जिन बच्चों ने ब्राह्मण *जीवन में ज्ञान की धारणा* की है, उनकी निशानी क्या होगी? (4)
° 1- उनकी चलन देवताओं मिसल होगी, उनमें *दैवीगुणों की धारणा* होगी।
° 2- उन्हें *ज्ञान का विचार सागर मंथन करने का अभ्यास* होगा। वे कभी आसुरी बातों का अर्थात् किचड़े का मंथन नहीं करेंगे। (सर्विसएबुल का विचार सागर मंथन चलता रहेगा। इस टॉपिक पर यह-यह समझाना है। ऑटोमेटिकली विचार सागर मंथन चलता है। फलाने आने वाले हैं उन्हों को भी हुल्लास से समझायेंगे।)
° 3- उनके जीवन से गाली देना और *ग्लानी करना बन्द* हो जाता है।
° 4- उनका मुखड़ा *सदा हर्षित* रहता है।

8. वहाँ (सतयुग में) तो अभी के पुरुषार्थ से अकीचार (अथाह) धन मिल जाता है। परन्तु यहाँ साहूकारों को अहंकार रहता है। इसमें *अहंकार मिट जाना* चाहिए। क्यों? (2)
° हम आत्मा हैं, *आत्मा के पास तो धन-दौलत, हीरे-जवाहरात आदि कुछ भी नहीं* हैं। (बाप भी कहते हैं देह सहित सब संबंध छोड़ो। आत्मा शरीर छोड़ती है तो साहूकारी आदि सब खत्म हो जाती है। नयेसिर पढ़कर फिर धन कमावे। दान-पुण्य का फल भी अल्पकाल ही चलता।)
° यहाँ तो साहूकारों के भी *विकर्म* बनते हैं। तब तो यह *बीमारियां आदि दु:ख* होते हैं। वहाँ *विकार* में जाते ही नहीं तो विकर्म कैसे बनेंगे? सारा मदार है *कर्मों* पर। (सतयुग में अच्छे ही कर्म होते हैं क्योंकि अभी का वर्सा मिला हुआ है।)

9. देवताओं के पास *धन बहुत* था, इसका (इतिहास में) क्या प्रमाण है?
° सतयुग-त्रेता के बाद फिर जब द्वापर में आये तो कितना धन था, *कितने मन्दिर बनाये हुए* हैं। (फिर आकर औरों ने धन लूटा। कितने धनवान थे! आज की पढ़ाई से इतना धनवान कोई बन नहीं सकेंगे। तुम अभी जानते हो हम इतनी ऊंची पढ़ाई पढ़ते हैं जिससे यह (देवी-देवता) बनते हैं। तो पढ़ाई से देखो मनुष्य क्या बन जाते हैं! गरीब से साहूकार।)

10. अधम से अधम का भी _____ करना होता है ना। बाप को तो सारे _____ का उद्धार करना होता है। माया बड़ी प्रबल है, फिर भी _____ रखते हैं। भाग्य पर है। कोई झट निश्चय करेंगे, कोई नहीं करेंगे। उम्मीद रखना माना सर्विस का _____ है।
° _उद्धार_, _विश्व_, _उम्मींद_, _शौक_

11. ____ को याद करने से ही बादशाही मिलती है। । बाबा ज्ञान देते, अपना बच्चा बनाते, तो बच्चों को कितनी _____ में रहना चाहिए। बाबा हमारी कितनी ____ करते, विश्व का मालिक बनाते। बाप का नाम है _____ , और सालिग्राम बच्चों को कहा जाता। उनका नाम ही है ____ -पावन, तो पुरानी दुनिया को नया बनाने की उनकी ड्युटी है। फिर ब्रह्मा किसका बच्चा? परमपिता ____ शिव ने उनको एडाप्ट किया है।
° _अल्फ_, _खुशी_, _सेवा_, _शिव_, _पतित_, _परमात्मा_

12. सब _____ को अपना-अपना शरीर है। अपना-अपना _____ मिला है, जो बजाना ही है। यह परम्परा से चला आता, ____ अर्थात् उनका आदि-मध्य-अन्त नहीं।थोड़े मनुष्य हो जाते इसलिए कहते जैसे ____ हो गई। बाबा में जो ज्ञान है इनके लिए ही कहते हैं – सारा ____ स्याही (मस) बनाओ…… तो भी पूरा नहीं होगा। अच्छा!
° _आत्माओं_, _पार्ट_, _अनादि_,
_प्रलय_, _सागर_

Answers from Sakar Murli 12-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-01-2021*

1. सम्पूर्ण _____ ही पवित्रता का आधार है।
° _सत्यता_

2. जैसे और प्रोग्राम बनाते, ऐसे सवेरे से रात तक ____ में कैसे-कब रहेंगे, यह प्रोग्राम बनाओ। बीच-बीच में 2-3 मिनट संकल्पों की ____ स्टॉप करो, जब कोई व्यक्त भाव में ज्यादा दिखे अपना अव्यक्ति ____ रूप ऐसा धारण करो जो वह इशारे से समझे, तो वातावरण ____ रहेगा। अनोखापन दिखेगा, आप _____ कराने वाले साक्षात-मूर्त बनेंगे।
° _याद की यात्रा_, _ट्रैफिक_, _शान्त_, _अव्यक्त_, _साक्षात्कार_

3. हम विश्व के ____ बनते हैं, बहुत-बहुत बड़ा ____ है! बड़ी _____ मिलती है, हम विश्व की _____ लेंगे। बाबा कहते _____ सुख और खुशी की बातें मेरे बच्चों से पूछो। तुम जाते हो सबको ____ की बातें सुनाने।
° _मालिक_, _लॉटरी_, _बादशाही_, _अतीन्द्रिय_, _खुशी_

4. बाबा आपकी तो कमाल है, आप हमको कितना ऊंच _____ बनाकर फिर निर्वाणधाम में बैठ जाते। इतना _____ तो कोई बना न सके। आप कितना _____ कर बतलाते। बाप कहते- जितना टाइम मिले, _____ करते भी बाप को याद कर सकते। याद ही तुम्हारा बेड़ा _____ करेंगी। शिवालय को भी याद करना, _____ का स्थापन किया हुआ स्वर्ग – तो दोनों की याद आती।
° _देवी-देवता_, _ऊंच_, _सहज_, _कामकाज_, _पार_, _शिवबाबा_

5. (बाबा कहते) मैं ____ बजा रहा हूँ, ड्रामा प्लैन अनुसार। ____ की यात्रा और आदि-मध्य-अन्त का ____ बताता। तुम जानते हर 5000 वर्ष बाद बाबा हमारे _____ आता। बाप बच्चों को शिक्षा देते – आत्मा को एक बार ही ____ होना होत ा। बाबा कहते हैं मैंने ____ बार तुमको पढ़ाया फिर भी पढ़ाऊंगा। कितनी वण्‍डरफुल बातें हैं।
° _पार्ट_, _याद_, _राज़_, _सम्मुख_, _प्योर_, _अनेक_

6. पढ़ाई माना समझ। तुम समझते हो यह पढ़ाई बहुत ____ और बहुत ऊंची है। हम विश्व का _____ बनने लिए पढ़ रहे। तो बहुत _____ होनी चाहिए। कल्प-कल्प हम इस ____ -बल से विश्व का मालिक बनते, इससे ऑटोमेटिकली _____ -गुण आ जाते। हमारे योगबल से सारा विश्व ____ होना है।
° _सहज_, _मालिक_, _खुशी_,
_योग_, _दैवी_, _पवित्र_

7. बाप कहते एक्यूरेट _____ का चार्ट रखो। _____ को उठ बाबा को याद करो। बाबा, आप हमको विश्व का मालिक बनाते हो तो हम आपकी _____ करेंगे। यह आत्मा और परमात्मा का _____ है। वह क्रियेटर भी है, _____ भी है। शिवबाबा ही ब्रह्मा द्वारा समझाते, मूल बड़ा टीचर, बड़ा सर्जन तो _____ ही है।
° _याद_, _सुबह_, _महिमा_, _मेला_, _डायरेक्टर_, _बाप_

8. बाप आत्माओं को ही जगाते, घड़ी-घड़ी कहते अपने को _____ समझो। शरीर समझते हो तो जैसे _____ पड़े हो। अपने को आत्मा समझो और _____ को भी याद करो। आत्मा ____ तो शरीर भी पावन मिलता। धारणा भी _____ ही करती है। बाप समझाते तुम ही इस देवी-देवता ____ के थे, फिर तुम ही बन जायेंगे।
° _आत्मा_, _सोये_, _बाप_, _पावन_, _आत्मा_, _घराने_

9. रोज़ चार्ट लिखना चाहिए – हम कितना समय ____ में रहते?पढ़ाई और _____ कैरेक्टर्स का रजिस्टर रखो, रोज़ चेक करो हमसे कोई ____ तो नहीं हुई। _____ का फँदा-जेल प्रबल है, रजिस्टर रखने नहीं देती। जो पाप कर्म करते, बाबा को बताने से माफ हो जायेगा, बोझ ____। कोई झट बतलाते – बाबा यह भूल हुई। बाबा खुश होते। ____ खुश हुआ तो और क्या चाहिए।
° _याद_, _दैवी_, _भूल_, _माया_, _हल्का_, _भगवान्_

10. तुम बच्चे किस पुरूषार्थ से *राजाई का तिलक* प्राप्त कर सकते हो? (3)
° 1. *सदा आज्ञाकारी* रहने का पुरूषार्थ करो। संगम पर *फ़रमानबरदार का टीका* दो तो राजाई का तिलक मिल जायेगा। (बेव़फादार अर्थात् आज्ञा को न मानने वाले राजाई का तिलक नहीं प्राप्त कर सकते।)
° 2. कोई भी बीमारी सर्जन से *छिपाओ नहीं*। (छिपायेंगे तो पद कम हो जायेगा।)
° 3. *बाप जैसा प्यार का सागर* बनो तो राजाई का तिलक मिल जायेगा।

11. _____ पर चल अपनी बुद्धि सालिम रखनी है। क्रोध में आकर मुख से बाम नहीं निकालना (शक्ल तांबे जैसी!), ____ रहना है। सर्विसएबुल का स्वभाव बहुत ____ चाहिए। एक ____ की महिमा करनी है, इस पुरानी दुनिया से ____ नहीं रखना। बेहद का _____ और निर्मोही बनना है।
° _श्रीमत_, _चुप_, _मीठा_, _बाप_, _आसक्ति_, _वैरागी_

12. नया हो तो भी यह बातें बहुत सहज हैं समझने की। तुम देवता _____ थे, यह है ज्ञान मार्ग, बाप अब चढ़ने की _____ सुना रहे।कोई भी चीज छपती तो सब _____ में छपानी चाहिए। कोई लिटरेचर छपाते तो सबको एक-एक _____ भेज दो। एक कॉपी _____ में भेज देनी चाहिए। _____ की बात नहीं, बाबा का भण्डारा बहुत भर जायेगा।
° _पूज्य_, _बातें_ , _भाषाओं_, _कापी_, _लाइब्रेरी_, _खर्चे_

Answers from Sakar Murli 11-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-01-2021*

1. अपने चेहरे और चलन से सत्यता की _____ का अनुभव कराना ही श्रेष्ठता है।
° _सभ्यता_

2. ____ रूपी विमान से अव्यक्त व मूलवतन का सैर करने लिए ____ पंछी बनो, जब चाहो, जहाँ चाहो पहुंच जाओ। यह तब होगा जब बिल्कुल इस लोक के _____ से परे रहेंगे। इस ____ संसार में कोई प्राप्ति नहीं, तो संकल्प और ____ द्वारा भी इस रौरव नर्क में जाना बन्द करो।
° _बुद्धि_, _उड़ता_, _लगाव_, _असार_, _स्वप्न_

3. तुम तो कितने _____ आदमी (देवता) बनते हो। _____-गुणों वाले देवता स्वर्ग के मालिक बनते हो। वहाँ तुम्हारे लिए महल भी _____ -जवाहरातों के होते। वहाँ तुम्हारा फर्नीचर _____ के जड़ित का फर्स्टक्लास होगा। वहाँ तो फर्स्टक्लास हीरे-जवाहरातों की _____ चीजें होंगी।
° _बड़े_, _दैवी_, _हीरे_, _सोने_, _सब_

4. अभी बाबा आया हुआ है, हमको ____ बनाया है। बाप कहते हैं पहले-पहले हमने तुमको ____ में भेजा। तुम बहुत-बहुत _____ थे, तुम्हारी आत्मा और शरीर सतोप्रधान थे _____ एज में।
° _अपना_, _स्वर्ग_, _साहूकार_,
_गोल्डन_

5. बाबा हमको विश्व का मालिक बनाते, मोस्ट _____ बाबा है। उनसे ज्यादा _____ वस्तु कोई हो न सके। भगवान को जादूगर, रत्नागर, सौदागर कहते तो जरूर ______ है। मनुष्य को देवता, बेगर से प्रिन्स बनाते, ऐसा _____ कभी देखा। बाप ने समझाया है तुम सब _____ हो। यह शिव अमरनाथ तुमको ____ सुना रहे।
° _बील्वेड_, _प्यारी_, _चैतन्य_,
_जादू_, _पार्वतियां_, _कथा_

6. अब *मोस्ट बील्वेड* निराकार शिव भी है तो नम्बरवन साकार देवता (कृष्ण) भी। तो *जास्ती प्यारा* किसे कहेंगे, और क्यों?
° *शिवबाबा ही तो ऐसा लायक बनाते* हैं ना, तो गायन भी जास्ती उस बाप का होना चाहिए।

7. बाबा ____ ही कितना मीठा है। अभी तुम _____ -अभिमानी बन बाबा के बने हो। बाबा आया हुआ है, उनसे हमको ____ मिलता। शिवबाबा ____ -योग सिखलाते ही हैं सतयुग लिए। ऊंच ते ऊंच शिवबाबा इन द्वारा कराते, ____ -करावनहार है। यह तो हाइएस्ट अथॉरिटी गॉड फादरली _____ है।
° _अक्षर_, _आत्म_, _वर्सा_, _राज_, _करन_, _गवर्नमेन्ट_

8. यह है ____ की वर्षा है, इससे क्या होता? पतित दुनिया से ____ दुनिया बनती। कांटों के जंगल को बाप आकर ____ ऑफ फ्लावर बनाते, इसलिए नाम ____ -नाथ रख दिया है। फूल से सब आकर _____ लेते हैं। अब तुम बच्चों का बाप के साथ कितना ____ होना चाहिए।
° _ज्ञान_, _पावन_, _गार्डन_, _बबुल_, _खुशबू_, _लव_

9. वास्तव में तुम हो _____ बाप के बच्चे। तुम आत्मा _____-पिता परमात्मा के बच्चे हो। रहने वाले भी _____-धाम के हो। सतयुग में तुम सुखी बन जाते तो उस _____ बाप को भूल जाते। दु:ख में याद करते, और याद भी _____ करती उस रूहानी बाप को।
° _निराकार_, _परम_, _निर्वाण (वा शान्ति)_, _पारलौकिक_, _आत्मा_

10. अब आत्मा और शरीर जो ऐसे काले बन गये हैं तो फिर ____ कैसे बनें। पुकारते ही हैं – हे ____ -पावन बाबा, आकर _____ बनाओ। ड्रामा अनुसार आयेंगे भी तब जब पुरानी दुनिया से नई बननी, तो जरूर _____ पर ही आयेंगे। सृष्टि का ही चक्र फिरता रहता, _____ होता रहता। इस समय ही बाप यह _____ रूद्र ज्ञान यज्ञ रचते।
° _प्योर_, _पतित_, _पावन_, _संगम_, _रिपीट_, _अविनाशी_

11. _____ -जयन्ती मनाते हैं। कहते हैं – हे भगवान, ओ _____ फादर। अविनाशी फादर को _____ करते हैं। वह बाप आकर _____ स्थापन करते। सबसे पहले _____ तुम करते हो। तो तुमको ही पहले-पहले भगवान द्वारा _____ मिलना चाहिए जो फिर तुम ही नई दुनिया में राज्य करो। इसमें तकलीफ की कोई बात नहीं।
° _शिव_, _गॉड_, _याद_, _हेविन_, _भक्ति_, _ज्ञान_