Answers from Sakar Murli 17-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-07-2020*

1. बाबा ने आज आते ही पूछा *आत्म-अभिमानी* होकर बैठे हो? तो *सारा 84 का चक्र* भी बुद्धि में आ जाना चाहिए (क्योंकि आत्मा में ही 84 जन्मों का पार्ट भरा हुआ है)। इस (84 के पार्ट) में कौन-कौन सी *ज्ञान की बातें* आ जाती है? (4)
° हम *आत्मा* हैं।
° *मूलवतन* की रहने वाली हैं।
° यहाँ हमारा पार्ट है। मूलवतन से पहले-पहले *देवी-देवता* धर्म (सूर्यवंशी फिर चन्द्रवंशी) में आते हैं। नई दुनिया स्वर्ग में अथाह सुख देखे!
° अब हमने 84 का चक्र पूरा किया है। अब हमको पवित्र बनना है। पवित्र बन *फिर नये सिर* चक्र लगायेंगे। (सतोप्रधान दुनिया में सतोप्रधान पार्ट बजायेंगे!)

2. जितना यात्रा पर नजदीक होगे उतनी _____ होगी। तुम जानते हो ______ सामने खड़ा है। ______ के झाड़ दिखाई पड़ रहे हैं। बस, अब पहुँचे कि पहुँचे। अच्छा
°खुशी, शान्तिधाम-सुखधाम, वैकुण्ठ

3. *समर्थ बोल* की कौन-सी 2 निशानीयां है?
° जिस बोल में *आत्मिक भाव* और *शुभ भावना* हो।

4. बच्चे सदा यह अटेन्शन रखें कि हमें अपना टाइम ______ करना है, वेस्ट नहीं। बहुतों को रास्ता बताने का पुरूषार्थ करो। _____ बनो। बाप को याद करो तो विकर्म ______ होंगे, ______ बनेंगे और ______ के मालिक बन जायेंगे। जो भी आते हैं उनको यह समझाओ और 84 का चक्र बताओ।
°सफल, महादानी, विनाश, निरोगी, स्वर्ग

5. हमें *खुशी* होनी चाहिए। क्यों? (3)
° जितना *यात्रा पर नजदीक* होगे, उतनी खुशी होगी।
° अन्दर खुशी होगी ना। सतयुग में दु:ख की कोई बात होती नहीं। ऐसी *कोई अप्राप्त वस्तु नहीं* जिसकी प्राप्ति के लिए पुरूषार्थ करें!
° तुम बच्चों को खुशी रहनी चाहिए कि अभी हम इस गन्दी दुनिया से छूटते हैं।

6. बाबा ने कहा अपना घरबार भी सम्भालना है, साथ में अपनी ऊंच तकदीर बनाने लिए बाप श्रीमत देते हैं – मीठे बच्चे, अपना सब कुछ धनी के नाम पर सफल कर लो। अर्थात्‌ *प्रैक्टिकल में क्या करना* है? (2) इससे कौन-सी जबरदस्त *प्राप्ति* हैं? *नहीं तो* क्या होंगा? कौन-सा *उदाहरण* हमारे सामने है?
° धनी (बाप) खुद कहते हैं – बच्चे, इसमें खर्च करो, यह *रूहानी हॉस्पिटल, युनिवर्सिटी खोलो* (वा उसकी पालना करो) तो बहुतों का कल्याण हो जायेगा।
° धनी के नाम तुम खर्चते हो जिसका फिर *21 जन्म के लिए तुमको रिटर्न* में मिलता है। (वर्से में राज्य-भाग्य!)
° *किनकी दबी रहेगी धूल में*, किनकी राजा खाए……। यह दुनिया ही खत्म होनी है इसलिए धनी के नाम जितना हो सके सफल करो। धनी शिवबाबा है ना।
° *ब्रह्मा बाबा* (तुम सब बादशाही लेने लिए बैठे हो तो फालो करो ना। जानते हो इसने कैसे सब छोड़ दिया। नशा चढ़ गया, ओहो! राजाई मिलती है, अल्फ को अल्लाह मिला….)

7. पढ़ाई में चित्रों की दरकार नहीं। बुद्धि में सबकुछ होना चाहिए। फिर भी समझाने लिए चित्र बहुत उपयोगी है। तो *बाबा ने आज कौन-कौन से चित्र याद किये* और किस समझानी लिए? (6)
° विराट रूप (वर्णों का ज्ञान)
° सीढ़ी (कैसे हम सीढ़ी उतरते हैं। फिर बाप चढ़ती कला में ले जाते हैं। )
° गोला (यह 5 हज़ार वर्ष का चक्र है। अगर लाखों वर्ष होते तो संख्या कितनी बढ़ जाती।)
° विष्णु चतुर्भुज (वा लक्ष्मी-नारायण, त्रिमूर्ति) का चित्र
° रावण का चित्र (5 + 5 विकार)
° गीता का भगवान कृष्ण के बदले, हम कहते हैं शिव है। (इसका भी चित्र है)

8. सूक्ष्मवतन में जाते हो, परन्तु इसमें न योग है, न ज्ञान है। यह सिर्फ एक _____ है। सूक्ष्मवतन की जो _______है, यह भी टाइम पास करने के लिए है। जब तक ______ अवस्था हो टाइम पास करने के लिए यह _____ हैं।
°रस्म, रमत-गमत, कर्मातीत, खेलपाल

9. ब्रह्मा बाप समान अथक बनने के लिए *अलबेलेपन को समाप्त* करना है। इसके लिए कौन-सी तीन शक्तिशाली युक्तियां बाबा ने सुनाई? और क्या *नहीं करना* है? इससे *प्राप्ति* क्या है?
° कोई *कड़ा नियम* बनाओ।
° *दृढ़ संकल्प* करो
° *अटेन्शन रूपी चौकीदार सदा अलर्ट* रहें तो अलबेलापन समाप्त हो जायेगा।
° *आराम के संकल्पों के डंलप को छोड़ो* । करना ही है, यह स्लोगन मस्तक में याद रहे तो परिवर्तन हो जायेगा।
° पहले स्व के ऊपर मेहनत करो फिर सेवा में, तब *धरनी परिवर्तन* होगी।

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