*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 22-07-2020*
1. तुम बच्चों को बहुत ____ रहनी चाहिए। तुम _____ भी रॉयल हो। तुम बच्चों को कितना ____ रहना चाहिए और ऊंच ______ होने चाहिए।
°खुशी, स्टूडेन्ट, नशा, ख्यालात
2. सतयुग में एक ही _____ , पवित्रता-सुख-शान्ति सब रहता। तुम बच्चे जानते हो बाप ______ का मालिक बनाने आये हैं। ______ को कहते ही है गॉर्डन ऑफ अल्लाह। हम जिसके मालिक बन रहे हैं।
°धर्म, सुखधाम, बहिश्त
3. *निश्चयबुद्धि* की 3 निशानीयां कौन-सी है? हमे *डबल पितायें* कौन-से मिले हैं?
° *निश्चित* विजयी और *निश्चिंत*, उनके पास *व्यर्थ आ नहीं सकता*।
° एक *निराकार* ऊंच ते ऊंच, दूसरा फिर *साकार* वह भी ऊंच ते ऊंच।
4. स्टूडेन्ट कहाँ भी बैठे होंगे उनकी बुद्धि में बाप भी याद आता है, ______ भी याद पड़ता है। भगवान जिसको सारी दुनिया अल्लाह गॉड कह पुकारती है, वह यहाँ ड्रामा अनुसार कल्प पहले मुआफिक आये हैं। यह है गीता का _____ , जिसमें बाप आकर स्थापना करते हैं।मूलवतन, सूक्ष्मवतन और सृष्टि का चक्र, बस, और कोई ____ से तुम्हारा काम नहीं।
°टीचर, एपीसोड, धाम
5. हम ब्राह्मणों का *अलौकिक धर्म* क्या है? बाबा *सच्चा खुदाई खिदमतगार* किन्हें कहते? *छोटे बच्चों* की कैसे सेवा कर सकते?
° (अलौकिक धर्म) *श्रीमत पर अलौकिक सेवा* में तत्पर रहना। (यह भी मनुष्यों को पता पड़ जायेगा कि तुम श्रीमत पर कितना ऊंच काम कर रहे हो। तुम्हारे जैसी अलौकिक सर्विस कोई कर न सके। इसमें ही बिजी रहना चाहिए।)
° (सच्चा खुदाई खिदमतगार) जो *कम से कम 8 घण्टा आत्म-अभिमानी* रहने का पुरूषार्थ करते हैं।
° (छोटे बच्चे) उनको भी *शिवबाबा की ही याद* दिलानी
6. सदा _____ की स्थिति में स्थित रहने वाले _____ -मुक्त, _____ -मुक्त भव। ________ बनना – यह है बेहद की स्थिति।
°बेहद, बन्धन, जीवन, देही अभिमानी
7. आज बाबा ने आते ही पहले-पहले कौन-सी *सावधानी* दी? (2) वा नम्बरवन बात बताई?
° यहाँ बैठते हो तो अपने को *आत्मा* समझ बाप के आगे बैठे हो? (आत्मा इन आरगन्स द्वारा सुनती) यह भी बुद्धि में लाओ कि हम *बाप* के आगे भी बैठे हैं, टीचर के आगे भी बैठे हैं। (उनसे पढ़ते)
° नम्बरवन बात है – *हम आत्मा हैं, बाप भी आत्मा* है, टीचर भी आत्मा है, गुरू भी आत्मा है। एक ही है ना। यह नई बात तुम सुनते हो।
° (तुम कहेंगे बाबा हम तो कल्प-कल्प यह सुनते हैं। यह ज्ञान इस समय ही तुम बच्चों को मिलता है ऊंच ते ऊंच भगवान द्वारा। वह सभी आत्माओं का बाप है जिससे हम स्वर्ग का वर्सा ले रहे हैं।)
8. हम स्वर्ग में जरूर जायेंगे। स्वर्ग की स्थापना जरूर होनी है। फिर हम *पुरूषार्थ क्यों* करते? *स्वर्ग* / सतयुग किसे कहेंगे? कौन-सी बात समझने में *बुद्धि बड़ी विशाल* चाहिए?
° (पुरूषार्थ क्यों) सिर्फ *ऊंच पद* पाने लिए।
° (स्वर्ग किसे कहेंगे) स्वर्ग कहा ही जाता है *नई दुनिया को* । त्रेता को नई दुनिया थोड़ेही कहेंगे। पहले-पहले सतयुग में है एकदम नई दुनिया।।
° यह *लक्ष्मी-नारायण* विश्व के मालिक कैसे बनें! इस समझने में बुद्धि बड़ी विशाल चाहिए।
9. शिवबाबा का *पार्ट* ही दिव्य अलौकिक है। कैसे?
° *पतितों को पावन* बनाने वाला एक ही बाप है। कहते हैं मेरा पार्ट सबसे न्यारा है।
10. ऐसे नहीं ड्रामा अनुसार हमारा कम पुरूषार्थ चलता है। *पुरूषार्थ को तेज* करना चाहिए। कैसे? (3)
° ड्रामा पर *छोड़ नहीं देना* है।
° अपने *चार्ट* को देखते रहो। बढ़ाते रहो। नोट रखो हमारा चार्ट बढ़ता जाता है, कम तो नहीं होता है।
° बहुत खबरदारी चाहिए। यहाँ तुम्हारा है ब्राह्मणों का *संग*। बाहर में सभी है कुसंग।
11. बाबा कह रहे थे हमे इस समय बिल्कुल *सिम्पुल* रहना है। इस सन्दर्भ में अति देह-अभिमान किसे कहेंगे? इन शिक्षाओं का *प्रैक्टिकल सार* क्या है?
° 100-150 रूपया देते हैं सिर्फ बाल बनाने के लिए। इसको कहा जाता है अति देह-अभिमान। (ऊंची साड़ी, आदि)
° (प्रैक्टिकल सार) देह-अभिमान तोड़ने के लिए सब हल्का कर देना चाहिए। अच्छी चीज़ देह-अभिमान में लाती है। (और देह-अभिमान छोड़ने से ही *बाबा से सम्पूर्ण योग लगाकर सर्व प्राप्ति सम्पन्न* बन सकते, कल्प-कल्पान्नतर के लिए)
12. हम कैसे *वारियर्स* / सेना हैं? (3) हमारा मुख्य *कर्त्तव्य* क्या है?
° इनकागनीटो, अननोन (गुप्त), नान-वायोलेन्स (डबल अहिंसक)
° (मुख्य कर्त्तव्य) *पवित्र* जगतजीत लक्ष्मी-नारायण बनना।
13. अपने अभी तुमको कोई चित्र आदि भी याद नहीं करना है। सब कुछ भूलो। कोई में बुद्धि न जाए, लाइन ______ चाहिए। पहले-पहले तुम _______ आये थे, फिर तुमको जाना है। तुम ________ हो। वह होते हैं हद के एक्टर्स, तुम हो बेहद के। ______ को भूल अपने को आत्मा समझ और बाप को याद करना है, तब ही पाप नाश होंगे।
.°क्लीयर,अशरीरी, आलराउन्डर, दुनिया
14. जो स्वयं को *बेहद का पार्टधारी* समझकर चलते हैं, उनकी निशानी क्या होंगी? (2)
° उनकी बुद्धि में कोई भी सूक्ष्म वा स्थूल *देहधारी की याद नहीं* होगी। वह एक बाप को और शान्तिधाम घर को याद करते रहेंगे क्योंकि बलिहारी एक की है।
° जैसे बाप सारी दुनिया की खिदमत करते हैं, पतितों को पावन बनाते हैं। ऐसे बच्चे भी *बाप समान खिदमतगार* बन जाते हैं।
15. याद की मेहनत से सर्व ______ को तोड़ कर्मातीत बनना है।
°कर्मबन्धनों
