Answers from Sakar Murli 29-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-07-2020*

1. संगमयुग पर बापदादा का वायदा है – एक दो लाख (अनगिनत) लो। जैसे सर्वश्रेष्ठ समय-जन्म-टाइटल इस समय के हैं, वैसे *सर्व प्राप्तियों का अनुभव अभी ही होता है* । क्यों अभी ही? (3)
° अभी जब चाहो जैसे चाहो, जो चाहो *बाप सर्वेन्ट रूप में बांधे हुए हैं* ।
° क्योंकि वर्तमान समय *वरदाता ही आपका* है।
° जब *बीज आपके हाथ में है* तो बीज द्वारा जो चाहो वह सेकण्ड में लेकर सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न बन सकते हो।

2. *सफलता-सम्‍पन्‍न* बनना चाहते है, तो क्या करना है? (2)
° एक दो की बातों को *स्‍वीकार* करो और *सत्‍कार* दो।

3. मुख्य मिस्टेक बाप को भूल गए, जिस कारण ही भारत अनराइटियस इरिलीजस, इनसालवेन्ट बना है। अभी विचार सागर मंथन करना है कैसे किसको बाप का परिचय दे? आज बाबा ने *किस क्रम में बाप का परिचय देना* सिखाया? (7)
° पहले है कि परमात्मा, बाप रचता, गॉड फादर खुदा *एक है*। वह सब आत्माओं का *बाप है* (पारलौकिक)
° वह सदैव पावन *यहाँ आयेंगे स्वर्ग का वर्सा देने* अर्थात्‌ स्वर्ग का मालिक बनाने।यह भी तुम बच्चे जानते हो स्वर्ग का रचता भारत में ही स्वर्ग रचते हैं, जिसमें देवी-देवताओं का ही राज्य होता है।
° (ऐसे प्राप्ति / अनुभूति के बाद परिचय) वह *पुनर्जन्म रहित, निराकार, बिन्दी* है (तब तो कह सकते कि देह के सब धर्म छोड़ मामेकम् याद करो)। हमको *राजयोग* सिखाते अर्थात् नर से *नारायण* बनाते। पतितों को *पावन* बनाते। रचता और रचना के आदि-मध्य-अन्त का राज़ समझाते हैं, जो *नॉलेज* और कोई नहीं जानते हैं। बाप को आपेही आकर अपना परिचय देना है।
° उनका नाम है *शिव* (परमपिता परमात्मा, भगवान, ज्ञान का सागर सबका बाप वह है।)
° *दिव्य जन्म* है। साधारण तन का आधार लेते (भगवानुवाच है, तो जरूर भगवान का मुख चाहिए ना।) (जो पहले लक्ष्मी-नारायण बनते हैं, वही 84 जन्म लेते-लेते पिछाड़ी में आते हैं तो फिर उनके ही तन में आते। कृष्ण के बहुत जन्मों के अन्त में)
° बाप *पढ़ाकर साथ मुक्तिधाम ले जाते* हैं और कोई तकलीफ की बात नहीं (फिर *चक्र रिपीट* होगा।)
° (अन्त में हमको प्रैक्टिकल में अब क्या करना है) बाप सिर्फ कहते हैं *मामेकम् याद* करो, जिससे ही पाप कटेंगे, सतोप्रधान बनेंगे।

4. ऐसे अच्छे से बाबा का परिचय देने से *अच्छा रिजल्ट* क्या निकलेंगा? (3)
° सब समझेंगे *यह तो ट्रूथ है*, परमात्मा झूठ थोड़े ही कहेंगे।
° इससे तुम्हारा *नाम बहुत बाला* होंगा, इसमें कोई खिटपिट नहीं करेंगे। तुम्हारे पास *बहुत आयेंगे* ।
° बहुतों का प्यार भी होगा, *तुमको बुलायेंगे कि यहाँ आकर भाषण करो* इसलिए पहले-पहले अल्फ सिद्ध कर समझाओ।

5. कहते हैं ना – विश यू लाँग लाइफ एण्ड प्रॉसपर्टी। बाबा ऐसे *आशीर्वाद* देते हैं कि सदा जीते रहो। _(सही / गलत)_
° *गलत*
° बाबा ऐसे आशीर्वाद नहीं देते। यह साधू लोग कहते हैं – अमर रहो। (बाबा तो हमें ऐसे *श्रेष्ठ कर्म* सीखाते जिसके फलस्वरूप हमें *भाग्य* में लम्बी आयु मिल जाती।) तुम बच्चे समझते हो अमर तो जरूर अमरपुरी में होंगे।

6. सदा इसी ____ वा _____ में रहना है कि हमको भगवान पढ़ाते हैं। स्टूडेन्ट की ____ में यह सारी नॉलेज होनी चाहिए ना। खुशी रहती है, हम कितनी _____ करते हैं, यह अमरकथा अमर बाबा तुमको सुनाते हैं।
°नशे, खुशी, बुद्धि, कमाई

7. सतयुग में तो कुछ सीखते नहीं हैं। जरूर _____ पर ही सीखते होंगे। ऊंच ते ऊंच बनना है, वह कैसे बनें। जरूर बीच में ______ है जब पवित्र बनते हैं। हेविनली गॉड फादर जरूर ______ पर ही आते हैं। तुम जानते हो अभी _____ है।
°संगम, संगमयुग, संगम, संगम

8. यह एक धर्म एक _____ से स्थापन होता है। सूक्ष्मवतन की बातों में ज्यादा _____ नहीं रखना है।
°श्रीमत, इन्ट्रेस्ट

9. चित्रों को, शास्त्रों को भी *परिक्रमा* दिलाते हैं फिर घर ले आकर सुलाते हैं। बाबा ने इसका कौन-सा बहुत सुन्दर आध्यात्मिक रहस्य सुनाया?
° अभी तुम बच्चे जानते हो हम सतयुग में पहले लक्ष्मी-नारायण देवता से क्षत्रिय, वैश्य, शुद्र बनते हैं, यह चक्र लगाते हैं। *चक्र के बदले वह फिर परिक्रमा* दिलाकर घर में जाए रखते हैं।

10. बाबा ने समझाया है माया *आंखों द्वारा बहुत धोखा* देती है। कैसे? (4) तो अब आंखों का *क्या करना* है? (2)
° ( *लोभ* ) अच्छी चीज़ देखेंगे तो दिल बित-बित करेगी खायें।
° आंखों से देखते हैं तब *क्रोध* आता है मारने लिए। देखें ही नहीं तो मारे कैसे।
° आंखों से देखते हैं तब लोभ, *मोह* भी होता है। मुख्य धोखा देने वाली आंखे हैं।
° क्रिमिनलपना ( *विकार* )
° (क्या करना है) इन पर *पूरी नज़र* रखनी चाहिए। *आत्मा को ज्ञान* मिलता है, तो फिर क्रिमिनलपना छूट जाता है। ऐसे भी नहीं है आंखों को निकाल देना है। तुम्हें तो क्रिमिनल आई को *सिविलआई* बनाना है। अच्छा!

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