Answers from Sakar Murli 27-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-07-2020*

1. *प्रकृति दासी* कब बन जायेगी?
° जब डबल सेवा (वाणी + वृत्ति) द्वारा *पावरफुल वायुमण्डल* बनाएंगे।

2. इस *संगम के समय को कौन-सा वरदान* मिला है? (2) तो अब क्या *पुरूषार्थ* करना है?
° जो चाहे, जैसा चाहे, *जितना चाहे उतना भाग्य* बना सकते हैं (क्योंकि भाग्य विधाता बाप ने तकदीर बनाने की चाबी बच्चों के हाथ में दी है।) लास्ट वाला भी *फास्ट जाकर फर्स्ट* आ सकता है।
° सिर्फ सेवाओं के विस्तार में स्वयं की स्थिति *सेकण्ड में सार स्वरूप* बनाने का अभ्यास करो। अभी-अभी डायरेक्शन मिले *एक सेकण्ड में मास्टर बीज* हो जाओ तो टाइम न लगे। इस एक सेकण्ड की बाजी से सारे कल्प की तकदीर बना सकते हैं।

3. तुम एक्टर्स हो। उनमें भी नम्बरवार हैं, जिनका ________ का पार्ट है। __________ की आत्मा को मनुष्य आत्माओं में सुप्रीम कहेंगे। अच्छा पुरूषार्थ करेंगे, ऊंच आत्मा बनेंगे, _____ पद पायेंगे। स्वर्ग के मालिक तुम बनते हो। तुम्हारे कदम-कदम में _____ हैं।तुम तो _______ में प्रैक्टिकल में जाकर राज्य-भाग्य करेंगे।
°हीरो-हीरोइन, लक्ष्मी-नारायण, ऊंच, पद्म, वैकुण्ठ

4. कल्प के ____ पर ही सत का संग मिलता है। बाप कहते हैं तुम कितना ____ बुद्धि बनते हो।
°संगम, स्वच्छ

5. बाप की याद के साथ-साथ ______ बनाने की सेवा भी करनी है। चैरिटी बिगन्स एट होम…. सबको _____ से समझाना है।अभी तुम हो रूहानी _____ आर्मी। तुम विश्व का _____ पार करते हो। तुम बच्चों की भी महिमा ________ है।
°आप समान, प्यार, सैलवेशन, बेड़ा, अपरमअपार

6. हमें कौन-कौन सी बातों की *खुशी (वा नशा)* है? (3) खुशी कायम रखने की *युक्ति* क्या है?
° हमने 84 जन्म पूरे किये। अब *बाप के पास* जाना है।
° सब कहते हैं हम नर से *नारायण विश्व के मालिक* बनेंगे।
° अभी हम *बेहद के बाप के बच्चे* बने हैं
° (युक्ति) बाप को *याद* करते रहेंगे तो नशा रहेगा – बाबा हमको विश्व का मालिक बनाते हैं।

7. बाबा हमें ऊँच ते ऊँच श्रेष्ठ मत श्रीमत *क्यों* देते? (2) आज कौन-कौन सी *श्रीमत* दी? (4)
° हमको बेहद का *सुख देने* के लिए श्रीमत दे रहे हैं। *पावन बनाने* ।
° बाप मत देते हैं सुल्टा अच्छा कार्य करो। सबसे अच्छा कार्य *अपने ऊपर रहम* करो।
° अपने को आत्मा समझ और अपने पतित-पावन बाप को *याद* करो तो विकर्म विनाश हो पावन-सतोप्रधान बन जायेंगे।
° *टाइम वेस्ट मत करो* । (शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि भल करो फिर भी टाइम निकाल युक्ति रचो। काम करते आत्मा की बुद्धि बाप तरफ होनी चाहिए। जैसे आशिक-माशुक)
° *हियर नो ईविल*

8. श्रीमत पर नहीं चलते, तो क्या समझा जाता है? *तकदीरवान बच्चो* की निशानी क्या है?
° समझा जाता है इनकी *तकदीर* इतनी ऊंच नहीं है।
° तकदीर वाले सवेरे-सवेरे *उठकर याद करेंगे, बाबा से बातें* करेंगे। अपने को *आत्मा समझ* बाप को याद करेंगे (जो पास विद् ऑनर होते हैं वही राजाई के लायक बन सकते हैं।)

9. *कैसे* आत्मा समझ बाबा को याद करें?
° *आत्मा को जाना जाता* है (कैसे अति-सूक्ष्म, स्टार-मिसल, फायरफ्लाई से भी महीन है। शरीर से कैसे निकल जाती, पता भी नहीं पड़ता।)
° *परमात्मा को भी जाना जाता* है। जैसे आत्मा, वैसे परमात्मा भी सोल है। परन्तु परमात्मा को कहा जाता है – सुप्रीम सोल। वह जन्म-मरण में नहीं आते।

10. बाबा को *सतगुरू लिबरेटर* क्यों कहते? साथ में बाबा और क्या करते?
° सबको *पावन बनाकर ले जाते हैं* इसलिए उनको सतगुरू लिबरेटर कहा जाता है। सच्चा गुरू एक ही है। मनुष्य कभी किसकी सद्गति नहीं करते। सद्गति दाता है ही एक, उनको ही सतगुरू कहा जाता है।
° यह तो *स्थापना भी करते* हैं (भारत को सचखण्ड भी वह बनाते हैं।)

11. तमोप्रधान बनने में *आधाकल्प* लगा है _(सही / गलत)_
° *गलत*… सारा ही कल्प कहें क्योंकि कला तो (सतयुग से ही) कम होती जाती है।

12. इस *खेल* में क्या होता है? (3)
° बाबा वर्सा देते, रावण श्राप देता।
° भारत सचखणड होता। फिर बनता।
° हम भी स्वर्ग के मालिक से नर्क के मालिक बनते।

13. *अल्लाह अवलदीन* पर बाबा ने आज कौन-सी सुन्दर बात सुनाई?
° अल्लाह जो अवलदीन अर्थात् जो देवी-देवता धर्म स्थापन करते हैं। *सेकण्ड में जीवनमुक्ति* दे देते हैं। (सेकण्ड में साक्षात्कार हो जाता। कारून का खजाना!)

14. इस पुरानी दुनिया से *वैराग्य* लाना है। इसलिए बाबा ने कौन-कौन सी बाते सुनाई? (2)
° इस दुनिया में कितना लड़ना-झगड़ना मारामारी है। काम महाशत्रु। *डर्टी* दुनिया।
° *झूठखण्ड* (बाप वा देवताओं की भी ग्लानि करते), निर्गुण

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