Answers from Sakar Murli 28-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-08-2020*

1. कोई भी बात में अपसेट होने के बजाए ______ की सीट पर सेट रहो।
°नॉलेजफुल

2. जो बच्चे बाप की ____ में रहकर हर कदम उठाते हैं वह कदम-कदम में पदमों की कमाई जमा करते हैं। इस संगम पर ही पदमों के कमाई की _____ मिलती है। संगमयुग है जमा करने का युग। अभी जितना जमा करना चाहो उतना कर सकते हो। एक कदम अर्थात् एक सेकण्ड भी बिना जमा के न जाए अर्थात् ____ न हो। सदा भण्डारा _______ हो। अप्राप्त नहीं कोई वस्तु…ऐसे ______ हों। जब अभी ऐसी तृप्त वा सम्पन्न आत्मा बनेंगे तब भविष्य में अखुट खजानों के मालिक होंगे।
°याद, खान, व्यर्थ, भरपूर, संस्कार

3. अभी तुम संगमयुग पर बैठे हो। तुम _____ सम्प्रदाय बन रहे हो। तुम अभी मनुष्य से देवता _____ पुरूष बनते हो। यह है ______ ब्राह्मणों का कुल। बाप की ____ में रहकर ही तुम पवित्र बन और पवित्र बनाते हो।तुम्हारे लिए तो जैसे _____ नई दुनिया सुखधाम होगी। मनुष्यों को पता ही नहीं – शान्ति कब थी।
°दैवी, उत्तम, सर्वोत्तम, याद, कल

4. बाबा ने कहा याद की यात्रा पर चलते रहना है (ढीला नहीं पड़ना, देह-अभिमान आने से ही विकर्म होते)। तो ऐसी *योगयुक्त आत्म-अभिमानी स्थिति* बनाने लिए बाबा ने आते ही कौन-से बहुत सुन्दर संकल्प दिये? (2)
° इस शरीर की *मालिक* है आत्मा। मैं *आत्मा* हूँ। यह मेरा शरीर है। शरीर से आत्मा काम लेती है, *पार्ट* बजाती है। मैं आत्मा परमपिता परमात्मा की *सन्तान* हूँ।
° एकान्त में बैठ अपने साथ विचार सागर *मंथन कर प्वाइंट्स* निकालनी होती हैं। कितना समय *बाबा की याद* में रहते हैं, मीठी चीज़ की याद पड़ती है ना।

5. जबकि अपने को आत्मा समझ बाप को *याद करने में ही फायदा* है। (यह सौदा-व्यापार है)। तो क्या इसके लिए सबकुछ छोड़ना पड़ेगा?
° नहीं ( *आत्मा को ज्ञान है* हम यात्रा पर हैं। कर्म तो करना ही है। बच्चों आदि को भी सम्भालना है। धंधा धोरी भी करना है। धन्धे आदि में याद रहे हम आत्मा हैं। बाप कहते हैं कोई भी उल्टा काम कभी नहीं करना।)

6. हर प्रकार से पुरूषार्थ करना है, फिक्र (चिंता) नहीं क्योंकि हमारा ______ स्वयं बाप है। हमारा कुछ भी _____ नहीं जा सकता।
°रेसपान्सिबुल, व्यर्थ

7. कौन-सी *वन्डरफुल मीठी बातें* हम बच्चे ही जानते?
° *रामराज्य* था जरूर परन्तु वह *कैसे था, कैसे स्थापन हुआ*, यह वन्डरफुल मीठी बातें तुम बच्चे ही जानते हो।

8. तुम्हारी है ____ की याद, _____ की खुशी, _____ का धन। _____ का बाप है ना। उनसे ____ का सुख मिलता है। तुम्हारी बुद्धि में है, हम _____ थे फिर बनना है।
°बेहद, बेहद, बेहद, बेहद, बेहद, सतोप्रधान

9. ज्ञान सागर बाप को *स्प्रीचुअल* नॉलेजफुल फादर क्यों कहते?
° (क्योंकि) बाप *रूहों से बात* करते हैं। तुम बच्चे समझते हो *रूहानी बाप* पढ़ाते हैं। यह है *स्प्रीचुअल नॉलेज* (रूहानी एज्युकेशन)

10. दुनिया एक ही है, सिर्फ ____ और पुरानी कहा जाता है। नई दुनिया में ____ भारत, ____ देहली कहते हैं। नई होनी है, जिसमें फिर _नया_ राज्य होगा।
°नई, नया, नई

11. बाप समान बहुत-बहुत स्वीट बनना है। *स्वीट, स्वीटर, स्वीटेस्ट* कहा जाता है ना। तो स्वीटेस्ट किसे कहेंगे? (2)
° स्वीटेस्ट वह हैं *जो बहुतों का कल्याण करते* हैं। बाप भी स्वीटेस्ट है ना, तब तो सब उनको याद करते हैं। (कोई गरीब को धनवान बनाना – यह रूहानी सेवा है। बाप कल्याण करते हैं तो बच्चों को भी मदद करनी चाहिए। जो बहुतों को रास्ता बताते हैं वह बहुत ऊंच चढ़ सकते हैं)
° कोई शहद या चीनी को ही स्वीटेस्ट नहीं कहा जाता। यह मनुष्य की *चलन* पर कहा जाता है। कहते हैं ना यह *स्वीट चाइल्ड* (मीठा बच्चा) है।

12. परमपिता परमात्मा *बिन्दी* हमको पढ़ाते। हम *आत्मायें* पढ़ रही। फिर हम दूसरी *आत्माओं* को देते। यह भूलना नहीं चाहिए। तो यह याद कब ठहरेगी? (2)
° जब अपने को आत्मा समझ *बाप की याद* में रहेंगे। *देही-अभिमानी* बनने की प्रैक्टिस होंगी।

13. टीचर माना टीच करने वाला, _____ सिखलाने वाला। सतयुग में कोई भी ______ बात नहीं होती। इतना ऊंच पद जो पाते हैं, जरूर यहाँ _____ किया है।तुम्हारा काम है ______ बताना। ______ कहते हैं मुझे याद करो तो तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे।
°मैनर्स, शैतानी, पुरूषार्थ,राइट, शिवबाबा

14. ऐसी-ऐसी प्वाइंट्स निकालनी चाहिए, जिसकी बहुत चाहना है मनुष्यों को। तो *विश्व में शान्ति* लिए क्या समझा सकते? (2)
° यह *लक्ष्मी-नारायण का चित्र* सामने देना है। *इनका जब राज्य था तो विश्व में शान्ति थी* , उनको ही हेविन डीटी वर्ल्ड कहते हैं। (आज से 5 हज़ार वर्ष पहले की बातें और कोई नहीं जानते। यह है मुख्य बात। सभी आत्मायें पुकारती हैं, तुम यहाँ विश्व में शान्ति स्थापन करने का पुरूषार्थ कर रहे हो।)
° जो विश्व में शान्ति चाहते हैं उन्हें तुम सुनाओ कि भारत में ही शान्ति थी। *जब भारत स्वर्ग था तो शान्ति थी*, अब नर्क है। नर्क (कलियुग) में अशान्ति है क्योंकि धर्म अनेक हैं, माया का राज्य है। भक्ति का भी पाम्प है।

15. बाबा ने आज कौन-कौन से *चित्र* याद किये? (3)
° *एक तरफ नई दुनिया*, एक तरफ पुरानी दुनिया – यह चित्र बड़ा अच्छा है।
° कहते भी हैं ब्रह्मा द्वारा स्थापना, शंकर द्वारा विनाश……. परन्तु समझते कुछ नहीं। मुख्य चित्र है *त्रिमूर्ति* का। ऊंच ते ऊंच है शिवबाबा। तुम जानते हो – शिवबाबा ब्रह्मा द्वारा हमको याद की यात्रा सिखला रहे हैं। बाबा को याद करो।
° *लक्ष्मी-नारायण* का चित्र (विश्व में शान्ति)

16. शास्त्रों में *प्रलय* का वृतान्त ठीक है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (प्रलय होती ही नहीं। यह *सृष्टि का चक्र फिरता ही रहता* है। बच्चों को आदि से अन्त तक ख्याल में रखना है।)

17. ______ अक्षर बहुत लवली है। तुमको खुद ही _____ आयेगी – हम आत्मायें बाप को याद नहीं कर सकती हैं, जिनसे विश्व की बादशाही मिलती है! बाप भी कहेंगे तुम तो _____ हो, बाप को याद नहीं कर सकते हो तो वर्सा कैसे पायेंगे! विकर्म विनाश कैसे होंगे! तुम आत्मा हो मैं तुम्हारा परमपिता परमात्मा ______ हूँ ना। तुम चाहते हो हम पावन बन सुखधाम में जायें तो _____ पर चलो, याद करो।
°बाबा, लज्जा, बेसमझ, अविनाशी, श्रीमत

18. मनुष्य मेले मलाखड़े आदि पर जाते, जरूर कुछ *सच* होगा। _(सही / गलत)_
° *गलत* (उनसे कोई पावन नहीं बन सकते हैं। पावन बनने का रास्ता मनुष्य कोई बता न सकें। *पतित-पावन एक ही बाप है*। दुनिया एक ही है, सिर्फ नई और पुरानी कहा जाता है।)

19. आजकल तो राखी भी कितनी फेशनेबुल बनाते। वास्तव में यह *राखी बंधन* किसका यादगार है?
° अभी तुम बच्चे *पावन बनने की प्रतिज्ञा* करते हो। उसका ही यादगार यह राखी बंधन है।
° वास्तव में है अभी की बात। तुम बाप से प्रतिज्ञा करते हो – हम कभी विकार में नहीं जायेंगे । आप से *विश्व के मालिक बनने का वर्सा लेंगे* । (तुमको शिवालय में ले जाते हैं। वहाँ अथाह सुख है। अभी यह अन्तिम जन्म है, हे आत्मायें पवित्र बनो। क्या बाप का कहना नहीं मानेंगे। ईश्वर तुम्हारा बाप कहते हैं मीठे बच्चे विकार में नहीं जाओ। जन्म-जन्मान्तर के पाप सिर पर हैं, वह मुझे याद करने से ही भस्म होंगे। इतना याद करते रहो जो शरीर का भान न रहे।)

20. संन्यासियों में भी कोई-कोई तीखे होते हैं, ऐसे बैठे-बैठे शरीर छोड़ते। जरूर *मुक्ति-जीवनमुक्ति* में जाते होंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (बाप समझाते हैं – एक भी वापिस नहीं जा सकता, कायदा ही नहीं। झाड़ वृद्धि को जरूर पाना है।)

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