Answers from Sakar Murli 15-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-08-2020*

1. किसी भी विधि से ______ को समाप्त कर समर्थ को इमर्ज करो।
°व्यर्थ

2. हमको भगवान पढ़ाते हैं। बस _____ में ठण्डे ठार हो जाना चाहिए। बाप की ______ से सब घोटाले निकल जाते हैं। तुम समझते हो हम ब्राह्मण _____ पर पढ़कर विश्व के मालिक बनते हैं। कितनी खुशी होनी चाहिए। यह बाबा तो अभी ही समझते रहते हैं कि हम जाकर ______ बनेंगे। बचपन की वह बातें अभी ही ______ आ रही हैं, चलन ही बदल जाती है।
°खुशी, याद, श्रीमत, बच्चा, सामने

3. *गोप-गोपियाँ* सतयुग में होंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (गोप-गोपियाँ तो तुम हो। सतयुग में तो होंगे प्रिन्स-प्रिन्सेज। गोप-गोपियों का गोपी वल्लभ है ना। यह सब हैं मुख वंशावली।)

4. *कृष्ण पर लव* लक्ष्मी-नारायण से भी जास्ती रहता है (भल वह एक ही है)। क्यों?
° क्योंकि *बचपन है सतोप्रधान अवस्था* ।

5. कल्प पहले भी परमात्मा-शमा ने हम चैतन्य परवाने-आत्मा से मिल भारत को वाइसलेस शिवालय बनाया था (सद्गति-दाता के ज्ञान से सद्गति हुई थी), यह वही *कल्याणकारी समय* चल रहा (पुरूषोत्तम युग, सच्चा-सच्चा भागवत, वा गीता)। फिर भी *एक-एक दिन जास्ती कल्याणकारी* किनका कहेंगे?
° उनका *जो बाप को अच्छी रीति याद कर अपना भी कल्याण करते* रहते हैं।

6. बाबा ने कहा अवस्थायें नीचे-ऊपर होती। यह है बहुत बड़ी कमाई। कभी बहुत खुशी में अच्छे ख्यालात रहते, कभी ठण्डे पड़ते। तो *अवस्था को सदा ऊँची* रखने की एक युक्ति कौन-सी है?
° *सुबह को उठ बाप को याद* करने से बहुत खुशी होती है ओहो! बाबा हमको पढ़ा रहे हैं। वण्डर है। सभी आत्माओं का बाप भगवान हमको पढ़ा रहे हैं।

7. बाबा ने कहा अपने को आत्मा समझ परमात्मा *बाप से बातें* करनी चाहिए। कैसी बातें?
° बाबा हमारा *बाप* भी है, हमको *पढ़ाते* भी हैं फिर हमको *साथ* भी ले जायेंगे। बाबा हमको *अभी मालूम पड़ा है*।

8. बाप कहते हैं कुमारियों को तो बहुत खड़ा होना चाहिए। कौन-से 3 मन्दिर *कुमारियों के यादगार* बाबा ने कहा?
° कुंवारी कन्या, अधर कुमारी, देलवाड़ा आदि जो भी मन्दिर हैं, यह तुम्हारे ही एक्यूरेट यादगार हैं। (वह जड़, यह चैतन्य। तुम यहाँ चैतन्य में बैठे हो, *भारत को स्वर्ग बना रहे* हो।)

9. हम कैसे *बड़ी सुन्दर कहानी* के रूप में किसी को ज्ञान सुनाने की सेवा कर सकते? (3)
° *लांग-लांग 5 हज़ार वर्ष पहले यह भारत सतयुग था*, सिर्फ देवी-देवताओं का ही सूर्यवंशी राज्य था। लक्ष्मी-नारायण का राज्य चला 1250 वर्ष, फिर उन्होंने राज्य दिया दूसरे भाइयों क्षत्रियों को फिर उनका राज्य चला। तुम समझा सकते हो कि *बाप ने आकर पढ़ाया था* । जो अच्छी रीति पढ़े वह सूर्यवंशी बनें। जो फेल हुए उनका नाम क्षत्रिय पड़ा। बाबा कहते हैं *बच्चे तुम मुझे याद करो* तो तम्हारे विकर्म विनाश हो जायेंगे। तुम्हें *विकारों पर जीत* पानी है। बाप ने ऑर्डीनेन्स निकाला है, जो काम पर जीत पायेंगे वही *जगतजीत* बनेंगे।
° *राम राज्य और रावण राज्य* आधा-आधा है। उनकी कहानी बैठ बनानी चाहिए। फिर क्या हुआ, फिर क्या हुआ।
° यही *सत्य नारायण* की कहानी है। सत्य तो एक ही बाप है, जो इस समय आकर सारे आदि-मध्य-अन्त का तुमको नॉलेज दे रहे हैं, जो और कोई दे न सके। (मनुष्य तो बाप को ही नहीं जानते। जिस ड्रामा में एक्टर हैं, उनके क्रियेटर-डायरेक्टर आदि को नहीं जानते। तो बाकी कौन जानेंगे!)

10. बाबा ने *इन्द्रप्रस्थ की नम्बरवार परियां* (नीलम परी, पुखराज परी) किन 2 कारणों से याद की? (2)
° *तुम्हारे में भी कोई हीरे जैसा रत्न है*। देखो रमेश भाई ने ऐसी बात निकाली प्रदर्शनी की जो सबका विचार सागर मंथन हुआ। तो हीरे जैसा काम किया ना। कोई पुखराज है, कोई क्या है! (बाप कहते हैं – विचार सागर मंथन कर युक्तियां निकालो कि कैसे जगायें? जागेंगे भी ड्रामा अनुसार।)
° यहाँ दूसरा कोई आ न सके। *बाप कहते हैं मैं बच्चों को ही पढ़ाता हूँ*। कोई नये को यहाँ बिठा नहीं सकते।

11. हम जब पुजारी बने थे तब मन्दिर बनाये थे, हीरे ______ का। कोई कितना भी माथा मारे, तुम्हारी _______ तो स्थापन होनी ही है। रावण ही तुमको अज्ञान के घोर अन्धियारे में ______ देते हैं।
°माणिक, राजधानी, सुला

12. बाबा तुमको *गीता* ही पढ़कर सुनाते हैं। _(सही / गलत)_
° *गलत*… बाबा तुमको कोई गीता पढ़कर नहीं सुनाते हैं। वह तो *राजयोग की शिक्षा देते* हैं, जिसका फिर भक्ति मार्ग में शास्त्र बनाते हैं तो अगड़म बगड़म कर देते हैं। (तो तुम्हारी मूल बात है कि गीता का ज्ञान किसने दिया! उनका नाम बदली कर दिया है। कृष्ण तो सर्वगुण सम्पन्न देवता है।)

13. भल कितनी भी पोजीशन वाले बड़े-बड़े विद्वान, पण्डित आदि हैं, कहते भी हैं गॉड फादर को याद करते हैं, परन्तु वह *क्या नहीं जानते?*
° भगवान किसको कहा जाता है। कब आया, क्या आकर किया यह सब भूल गये हैं। *बाप सब बातें समझाते* रहते हैं।

14. और धर्म शास्त्र चले आते, विनाश नहीं होते। तुमको तो जो ज्ञान अभी मैं देता हूँ, इनका कोई शास्त्र बनता नहीं है ( *प्रायः लोप* हो जाता)। ऐसा क्यों? (2)
° यह तो तुम लिखते हो यह सब नैचुरल जलकर *खत्म हो जायेंगे*। (संगम के बाद सतयुग की नई शुरूआत है।)
° बाप ने कल्प पहले भी कहा था, अभी भी तुमको कह रहे हैं – यह ज्ञान तुमको मिलता है फिर *प्रालब्ध जाकर पाते हो फिर ज्ञान की दरकार नहीं* रहती।

15. (वरदान) अभी *कैसा समय* आने वाला है? (4) तो अब हमें क्या करना है?
° अभी ऐसा समय आयेगा जब हर आत्मा प्रत्यक्ष रूप में अपने *रीयल्टी द्वारा रॉयल्टी का साक्षात्कार* करायेगी।
° प्रत्यक्षता के समय माला के मणके का *नम्बर* और भविष्य राज्य का *स्वरूप* दोनों ही *प्रत्यक्ष* होंगे।
° अभी जो रेस करते-करते थोड़ा सा रीस की धूल का पर्दा चमकते हुए हीरों को छिपा देता है, अन्त में यह पर्दा हट जायेगा फिर *छिपे हुए हीरे अपने प्रत्यक्ष सम्पन्न स्वरूप में आयेंगे*
° *रॉयल फैमली* अभी से अपनी *रायॅल्टी दिखायेगी* अर्थात् अपने भविष्य पद को स्पष्ट करेगी।
° (क्या करना है) इसलिए *रीयॅल्टी द्वारा रायॅल्टी* का साक्षात्कार कराओ

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