*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 19-08-2020*
1. ब्राह्मण जीवन का ____ उमंग-उत्साह है इसलिए किसी भी परिस्थिति में उमंग-उत्साह का _____ कम न हो।
°सांस, प्रेशर
2. तुमको अविनाशी ज्ञान _____ का दान मिलता है, जिससे तुम साहूकार बनते हो। तुम बच्चे इस पढ़ाई से ____ -पति बनते हो। सोर्स ऑफ इनकम है ना। इन ज्ञान रत्नों को तुम _____ करते हो। झोली भरते हो।
°रत्नों, पद्म, धारण
3. *ओम् शान्ति* कौन-कौन कहते? (3)
° एक *सुप्रीम आत्मा (शिवबाबा)* कहते हैं ओम् शान्ति।
° दूसरा यह दादा ( *ब्रह्मा बाबा*) कहते हैं ओम् शान्ति। (शिवबाबा और ब्रह्मा बाबा दोनों को हक है बच्चे-बच्चे कहना)
° फिर तुम *बच्चे* भी कहते हो हम आत्मा शान्त स्वरूप हैं, रहने वाले भी शान्ति देश के हैं। स्थूल देश में पार्ट बजाने आये। (तो शरीर द्वारा लड़ना नहीं है, भाई-भाई से। )
4. आखिर *वह दिन* आया आज। कौन-सा दिन? (4)
° जो *बाप आया है* पढ़ाने।
° बाबा *दु:ख हरकर सुख देते*। (हर एक मनुष्य सुख-शान्ति ही पसन्द करते हैं।)
° जब तुम पुराने भक्तों के पुकार की *सुनवाई* होती है। जब भगवान *भक्ति का फल* देता है। (भक्तों को देवता बनाता!)
° *पुरुषोत्तम संगमयुग का दिन*। जब तुम उत्तम से उत्तम पुरूष बन रहे हो (उत्तम ते उत्तम पुरुष हम ही थे!)
5. जबकि सुखदाता श्री श्री शिवबाबा हमें *श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ श्रीमत* देते विश्व का मालिक बनाने। (जहाँ अप्राप्त कोई वस्तु नहीं, आधाकल्प प्योरिटी-पीस-प्रासपर्टी सम्पन्न दैवी राज्य, जमुना के कण्ठे पर परिस्तान!), तो ऐसी श्रीमत पर जरूर चलना है। बाबा *पहली-पहली मत* कौन-सी देते? _(आज की मुरली अनुसार)_
° पहली-पहली मत देते हैं – *देही-अभिमानी बनो*। (बाबा हम आत्माओं को पढ़ाते हैं। यह पक्का-पक्का याद करो। यह अक्षर याद किया तो बेड़ा पार है। बच्चों को समझाया है, तुम ही 84 जन्म लेते हो। तुम ही तमोप्रधान से सतोप्रधान बनते हो।)
6. जबकि सर्वशक्तिमान्-पतित पावन खिवैया-बागवान *शिवबाबा हमे पढ़ाते* (जो सद्गति-दाता ज्ञान-सागर बाप है।), तो अच्छी रीति पढ़कर *दैवी कर्म करने है* । कौन-सा एक भ्रष्ट कर्म बिल्कुल नहीं करना चाहिए?
° “जुआ”। बहुत मनुष्यों में जुआ खेलने की आदत होती है, यह भ्रष्ट कर्म है क्योंकि हारने से दु:ख, जीतने से खुशी होगी। ऐसा कोई भी कर्म नहीं करना है जिसमें टाइम वेस्ट हो। सदा *बेहद की जीत (माया पर जीत!)* पाने का पुरुषार्थ करो।
7. *सुप्रीम बाप आया है साथ ले जाने लिए* (शिव की बरात!) तो इसके लिए मुख्य कौन-सा पुरूषार्थ है?
° *आत्मा को पवित्र बनाना*। आत्मा ही पवित्र बन पार जाती है। उड़ती है। (इसलिए कहते कि अन्त में बाप आकर सबको *पवित्र बनाए* साथ ले जाते।)
8. _____ कितना प्यार से बैठ समझाते हैं। तुम बच्चों को भी नम्बरवार _____ अनुसार निश्चय है। थोड़ा टाइम भी चाहिए ना, _____ बनने के लिए। जो अच्छी रीति इन बातों को समझेंगे, तुम फील करेंगे यह हमारे ____ का है।
°बाप, पुरुषार्थ, पावन, कुल
9. जब बाप के साथ सर्व सम्बन्ध जोड़ लिए तो और किसी में ____ कैसे हो सकता। मनमनाभव की _____ द्वारा बन्धनों के _____ को समाप्त करने वाले नष्टोमोहा स्मृति स्वरूप भव।
°मोह, विधि, बीज
10. *बड़ के झाड़* का मिसाल बाबा क्यों देते?
° क्योंकि उसमें थुर है नहीं। बाकी सारा झाड़ खड़ा है। वैसे इस समय भी *देवी-देवता धर्म का फाउन्डेशन* है नहीं। बाकी सारा झाड़ खड़ा है। (था जरूर परन्तु प्राय: लोप हो गया है फिर रिपीट होगा नई दुनिया में।)
11. वैकुण्ठ के खेल-पाल देखना, *भक्ति में साक्षात्कार* आदि करना। इसमें कोई प्राप्ति नहीं है। कैसे?
° (मीरा का मिसाल) साक्षात्कार किया, परन्तु उससे *स्वर्ग में तो नहीं जा सकते* । गति-सद्गति तो संगम पर ही मिल सकती है। (इस पुरूषोत्तम संगमयुग को तुम समझते हो। हम बाबा द्वारा अब मनुष्य से देवता बन रहे हैं।)
12. शिव जयन्ती के बाद फिर होती है _____ जयन्ती । वह फिर श्री- _____ बनते हैं। फिर चक्कर लगाए अन्त में _______ बनते। बाप आकर फिर _____ बनाते हैं।
°कृष्ण, नारायण, सांवरा (पतित), गोरा
13. बहुत हैं जो *यहाँ सुनकर बाहर गये* तो (पढ़ाई) यहाँ की यहाँ रह जाती है। इसके लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° जैसे *गर्भ जेल* में कहते हैं – हम पाप नहीं करेंगे। बाहर निकले, बस वहाँ की वहाँ रही। थोड़ा बड़ा हुआ पाप करने लग पड़ते।
14. बाबा कहते तुम *काम चिता पर बैठ कब्रिस्तानी* बन पड़े थे। फिर तुमको परिस्तानी बनाते हैं। इसके कौन-से 3 यादगार भक्ति मार्ग में चले आये है?
° श्रीकृष्ण को *श्याम-सुन्दर* कहते हैं – क्यों? बाप कहते हैं काम चिता पर बैठने से आइरन एज में हैं।
° (एक कहानी में) गाया हुआ भी है, *सागर के बच्चे* काम चिता पर जल मरे। अब बाप सब पर ज्ञान वर्षा करते हैं। फिर सब चले जायेंगे गोल्डन एज में।
° *भस्मासुर* भी नाम है।
