*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 22-10-2020*
1. परमात्म ____ का अनुभव करो तो सब कुछ सहज अनुभव करते हुए ____ रहेंगे।
° _साथ_, _सेफ_
2. लोक पसन्द सभा के मेम्बर बनना अर्थात् ला एण्ड आर्डर का राज्य अधिकार व राज्य सिंहासन प्राप्त कर लेना। तो *लोक पसन्द बनने की युक्ति* कौन-सी है? (2)
° कोई भी संकल्प करते हो तो पहले चेक करो कि *यह संकल्प बाप पसन्द है?* (जो बाप पसन्द है वह लोक पसन्द स्वत:बन जाते हैं।)
° यदि किसी भी *संकल्प* में स्वार्थ है तो मन पसन्द कहेंगे और *विश्व कल्याणार्थ है* तो लोकपसन्द व प्रभू पसन्द कहेंगे।
3. लौकिक बाप बच्चों को कहते हैं – *तुम्हारे लिए यह लाया हूँ* तो बच्चे कितना खुश होते हैं। और बाबा क्या कहते?
° बाबा भी कहते हैं *तुम्हारे लिए बहिश्त लाया हूँ*। (तुम वहाँ राज्य करेंगे तो कितनी खुशी होनी चाहिए।)
4. *सतयुग* की कौन-कौन सी बातें बाबा ने सुनाई? _(गिनने की कोशिश करे)_ (9)
° देहली *परिस्तान* बन जायेगी। एक ही परिस्तान में *लक्ष्मी-नारायण का राज्य* चलता है।
° कितने *बड़े-बड़े महल* बनते होंगे। ( *बेहद की जागीर* मिलती है। तुमको कुछ खर्चा नहीं करना पड़ता है। बाबा कहते हैं इनकी (ब्रह्मा की) लाइफ में ही कितना सस्ता अनाज था। तो सतयुग में कितना सस्ता होगा।)
° *देहली जितने तो एक-एक के घर और जमीन* आदि होगी। (मीठी नदियों पर तुम्हारा राज्य चलेगा। एक-एक को क्या नहीं होगा।)
° *सदा अन्न* मिलता रहेगा। वहाँ के कितने *बड़े-बड़े फल-फूल होते* हैं। तुम *शूबीरस* पीकर आते हो।
° वहाँ *कितने थोड़े* होंगे। कहाँ अभी इतने करोड़, कहाँ 9 लाख होंगे।
° *सब कुछ तुम्हारा होगा*। (बाप ऐसी राजाई देते हैं जो हमसे कोई छीन न सके। आसमान, धरती आदि सबके मालिक तुम रहते हो। गीत भी बच्चों ने सुना।)
5. शिव के बच्चों की बरात है। वह पतियों का ____ भी है। कहते हैं तुम सब ब्राइड्स हो। मैं हूँ ______ । तुम सब आधाकल्प से आशिक हो, मैं हूँ ____। अभी मैं आया हूँ सब ______ हैं। भक्तों की रक्षा करने वाला है भगवान। भक्ति का फल सतयुग में भोगते हो, जो अब बच्चों को दे रहे हैं। साथ ले जायेंगे फिर तुम अपने पुरूषार्थ अनुसार जाकर राज्य-भाग्य लेंगे। तुम सब हो _____ । मैं हूँ कथा सुनाने वाला अमरनाथ।
° _पति_, _ब्राइडग्रूम_, _माशूक_, _भक्तियां_, _पार्वतियां_
6. कह देते ईश्वर तो सर्वशक्तिमान् हैं, सब कुछ कर सकते हैं। परन्तु इतना लव नहीं रहता। यहाँ ईश्वर को ____ कहा जाता है, सबसे मीठा अक्षर।। कहने से ही ____ मिलने की बात हो जाती है। शिवबाबा कहते हैं हमेशा _____ – _____ कहना चाहिए। ईश्वर वा प्रभू आदि अक्षर भूल जाने चाहिए। बाबा ने कहा है – मामेकम् ____ करो। प्रदर्शनी आदि में भी जब समझाते हो तो घड़ी-घड़ी शिवबाबा का ____ दो। शिवबाबा एक ही ऊंच ते ऊंच है, जिसको गॉड फादर कहा जाता है।
° _बाबा_, _वर्सा_, _बाबा_, _बाबा_, _याद_, _परिचय_
7. बाबा को लिखते हैं *बाबा इतनी खुशी नहीं रहती* है। माया के तूफान आते हैं। तो बाबा ने कौन-सी जबरदस्त युक्ति सुनाई?
° अरे माया के तूफान आये – तुम बाजा बजा लो। *ऐसे-ऐसे गीत* 6-8 हैं जो *सुनने से ही खुशी का पारा* चढ़ जाता है। (देखो अवस्था में कुछ गड़बड़ है, तो गीत बजा लो। यह है खुशी के गीत। तुम तो अर्थ भी जानते हो। बाबा बहुत युक्तियां बतलाते हैं अपने को हर्षितमुख बनाने की।)
° इनका अर्थ तो तुम बच्चे समझते हो। यह *सुनने से भी खुशी* में आ जायेंगे। परन्तु बच्चे भूल जाते हैं।
° घर में किसको गमी होती है तो भी गीत सुनकर बड़े खुश होंगे। यह *बहुत वैल्युबुल चीज़* है।
8. सतयुग में कोई मनुष्य तो क्या जानवर भी *रोगी नहीं होते* हैं, क्यों?
° क्योंकि संगमयुग पर *बाबा अविनाशी सर्जन* सभी आत्माओं का और बेहद सृष्टि का *ऐसा ऑपरेशन कर देते हैं, जो रोग का नाम-निशान ही नहीं रहता*। (अभी जो सारी सृष्टि रोगी है, इस सृष्टि में फिर दु:ख का नाम-निशान नहीं होगा। यहाँ के दु:खों से बचने के लिए बहुत-बहुत बहादुर बनना है।)
9. छोटी सौगात देते तो कहते बाबा आप तो हमको विश्व की बादशाही देते हो, *यह सौगात क्या है* । बाबा का उत्तर?
° अरे *शिवबाबा की यादगार* साथ रहेगी तो *शिवबाबा की याद* रहेगी और तुमको *पद्म* मिल जायेंगे।
10. हम विश्व के मालिक बनेंगे फिर फूलों की वर्षा होगी, जयजयकार हो जायेगी। *सोने के स्थूल फूल बरसेंगे*। _(सही / गलत)_
° नहीं, तुम अभी कांटे से सोने के फूल बन रहे हो ना। फिर तुम्हारा अवतरण होगा, *फूल नहीं बरसते लेकिन तुम फूल बनकर आते हो*। (वास्तव में तुम फूल बनकर आते हो। *सोने के फूल तुम* ऊपर से उतरते हो। तुम बच्चों को कितनी लॉटरी मिल रही है विश्व के बादशाही की।)
11. तुम हो _____ शक्तियां। तुम्हारे ____ कमल से ____ अमृत निकलता है। तुम्हारा नाम बाला करने गऊ मुख कह दिया है। ज्ञान अमृत पिया तो फिर ____ पी नहीं सकते। अमृत पीने से तुम _____ बनते हो।
° _शिव_, _मुख_, _ज्ञान_, _विष_, _देवता_
12. *ओम् शान्ति* के कौन-से 4 प्रकार के अर्थ बाबा ने सुनाये? _(जिसे रावण राज्य में भूलने से क्रिमिनल आई-एक्ट हो दु:खी हुए)_
° मैं *आत्मा शान्त स्वरूप* हूँ।
° हमारा निवास स्थान *शान्तिधाम* में है।
° *(शान्ति के सागर) बाबा* की हम सब सन्तान हैं।
° सब *आत्मायें* ओम् कहती हैं, वहाँ हम *सब भाई-भाई* हैं फिर यहाँ *भाई-बहन* बनते हैं। और कोई सम्बन्ध नहीं। (यह तो साधारण पाई-पैसे का खेल है, रावण राज्य में क्रिमिनल आई-एक्ट हो दु:खी हुए, फिर तुम मुझे याद करते हो तो अपना राज्य-भाग्य आधाकल्प के लिए लेते हो।)
13. आज *सत* -गुरूवार है, इस विषय पर बाबा ने क्या सुनाया? (3)
° हमेशा *सत बोलना चाहिए* । (व्यापार में भी कहते हैं ना – सत बोलो। झूठ बोलते हैं इसलिए सत को याद करते हैं।)
° कहते हैं ना – सत नाम संग है। *अभी सत के साथ तुम आत्माओं का संग* हुआ है तो तुम ही साथ जायेंगे।
° तुम बच्चे जानते हो शिवबाबा आया हुआ है, *जिसको ट्रूथ कहा जाता* है। (वह हम आत्माओं को पवित्र बनाकर साथ ले जायेंगे एक ही बार।)
14. बाप कहते हैं अभी मैं तुम बच्चों के पास आया हूँ, *नयनों पर बिठाए* ले जाता हूँ। कौन-से नैन?
° यह नैन नहीं, *तीसरा नेत्र*। (तुम जानते हो इस समय बाप आये हैं – साथ ले जायेंगे।)
15. दशहरा मनाना *हद की बात* कैसे है?
° क्योंकि *रावणराज्य तो अभी सारे विश्व पर* है। सिर्फ लंका पर नहीं है। विश्व तो बहुत बड़ी है ना। (बाप ने समझाया है यह सृष्टि सारी सागर पर खड़ी है। ऐसे नहीं बैल वा गऊ 🐄 के सींग पर सृष्टि खड़ी है।)
16. कितनी इन्वेन्शन निकालते हैं कि बच्चे पैदा कम कैसे हों। फसल बहुत अच्छी होगी आदि। परन्तु *कलियुगी दुनिया की वास्तविकता* क्या है?
° *नर चाहत कुछ और* , भई कुछ औरे की और। (नैचुरल कैलेमिटीज़ को तो कोई समझ न सके। कोई बात का ठिकाना थोड़ेही है। कहाँ फसल हो और बर्फ के ओले ❄️🌨️ पड़ जाएं तो कितना नुकसान हो पड़ता। बारिश न पड़ी तो भी नुकसान, इनको कुदरती आपदायें कहा जाता है। यह तो ढेर होने वाली हैं, इनसे बचने के बहुत-बहुत बहादुर होना चाहिए।)
