Answers from Sakar Murli 24-10-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-10-2020*

1. फर्स्ट 🥇 ______ में आने के लिए कर्मेन्द्रिय जीत, मायाजीत बनो।
° _डिवीजन_

2. शरीर निर्वाह और आत्म निर्वाह (गृहस्थ व्यवहार और ईश्वरीय व्यवहार ) *दोनों सेवाओं में समानता* लाने की युक्ति क्या है? _(जिससे सदा हल्के और सफल रहेंगे)_ (2)
° यदि *श्रीमत का कांटा ठीक* है तो दोनों साइड समान होंगे।
° लेकिन गृहस्थ शब्द बोलते ही बहाने बाजी शुरू हो जाती इसलिए गृहस्थी नहीं *ट्रस्टी हैं* , इस स्मृति से दोनों में समानता रखो।

3. तुम देखते हो सारी दुनिया ______ बन जाती है। सब कुछ नया, वहाँ _____ का नाम नहीं। पांच तत्व भी तुम्हारी ____ में हाज़िर रहते हैं। बाप अभी ____ बनाते हैं।
° _सब्ज (हरी-भरी)_, _दु:ख_, _सर्विस_, _लायक_

4. तुम बच्चे जानते हो बाप _____ का मालिक बनाने आये हैं। ऐसे बाप को बहुत _____ से याद करो। बेहद के बाप के बच्चे हो ना। ______ मिलती है याद से। बाप को वर्ल्ड _____ अथॉरिटी कहा जाता है। सभी वेदों शास्त्रों का सार बताते हैं।
° _स्वर्ग_, _प्यार_, _शक्ति_, _आलमाइटी_

5 .रूप- ____ बन मुख से सदैव ____ रत्न ही निकालने हैं। _____ के उमंग में रहना है। याद में रहना और सबको बाप की याद दिलाना – यही दिव्य ____ कार्य करना है।
° _बसन्त_, _ज्ञान_, _सर्विस_, _अलौकिक_

6. तुम आकर एक माशूक पर फिदा हुए हो। तो इस *माशूक* की कौन-सी *3 अनोखी विशेषताएं* सुनाई?
° यहाँ तो *एक माशूक बाकी सब हैं आशिक*। (सब बाप को याद करते हैं, हमारे दु:ख दूर करो।)
° यह तुम्हारा माशूक *एवर गोरा* है, कभी सांवरा बनता नहीं।
° बाप *मुसाफिर आकर सबको गोरा बनाते* हैं। (तुम भी मुसाफिर हो ना। दूरदेश से आकर यहाँ पार्ट बजाते हो। तुम्हारे में भी नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार समझते हैं।)

7. “मीठे बच्चे – तुम हो सच्चे-सच्चे _____ जो अभी ____ पर फिदा होते हो, इस फिदा होने का ही ____ यह दीपावली है। सच्चा-सच्चा _____ बन एक ____ पर फिदा होना है अर्थात् बलि चढ़ना है, तभी सच्ची दीपावली होगी।
° _परवाने_, _शमा_, _यादगार_, _आशिक_, _माशूक_

8. *दीपावली* के और कौन-से 2 अर्थ बाबा ने सुनाए?
° दीपावली क्यों मनाते हैं? क्योंकि *देवताओं की ताज-पोशी* होती है। (कारोनेशन पर बत्तियां आदि बहुत जलाते हैं।)
° दूसरा फिर कहा जाता है – *घर-घर में दीपमाला* । हर एक आत्मा की *ज्योत जग जाती* है। (अभी सब आत्माओं की ज्योति उझाई हुई है। आइरन एजड है यानी अन्धियारा है। अन्धियारा माना भक्ति मार्ग। भक्ति करते-करते ज्योत कम हो जाती है। बाकी वह दीपमाला तो आर्टीफिशियल है। लक्ष्मी को बुलाते हैं। पूजा करते हैं। यह उत्सव हैं भक्ति मार्ग के।)

9. बाबा ने अपने बच्चों को कौन-सा *समाचार* सुनाया है?
° बाबा ने सुनाया – तुम आत्मायें *निर्वाणधाम से कैसे आती* हो और मैं कैसे आता हूँ। मैं *कौन* हूँ, *क्या* करता हूँ, *कैसे* रामराज्य स्थापन करता हूँ, *कैसे* तुम बच्चों को रावण पर विजय पहनाता हूँ। (अभी तुम बच्चे इन सब बातों को जानते हो। तुम्हारी ज्योति जगी हुई हैं।)

10. गीत 🎶:-तुम्हीं हो माता पिता…… इस गीत में कौन-से *अक्षर* सही नहीं?
° अब बच्चे *चरणों की धूल* थोड़ही होते हैं। यह रांग है। बाप बच्चों को राइट अक्षर समझाते हैं।

11. *रामराज्य* और *रावणराज्य* के बीच कौन-से 3 अन्तर बाबा से सुनाए?
° रावणराज्य में *कितने करोड़* हैं, रामराज्य में *थोड़े* होते हैं
° रामराज्य में *धीरे-धीरे वृद्धि* को पाते हैं। रावणराज्य में *वृद्धि बहुत* होती है
° क्योंकि रावणराज्य में मनुष्य *विकारी* बन जाते हैं। रामराज्य में हैं *निर्विकारी* । (मनुष्यों की ही कहानी है। तो राम भी बेहद का मालिक, रावण भी बेहद का मालिक है। अभी कितने अनेक धर्म हैं। गाया हुआ है अनेक धर्मों का विनाश।)

12. दिखाते हैं *लंका में रावण* राज्य करते थे, सीता को चुराकर लंका में ले गया, इसलिए *रावण को जलाते* हैं दशहरा पर। इसका *बेहद* और वास्तविक अर्थ क्या है? (2)
° अब बाप कहते हैं *सारे विश्व पर रावण का राज्य* है। रामराज्य अब नहीं है। (रामराज्य अर्थात् ईश्वर का स्थापन किया हुआ। सतयुग को कहा जाता है रामराज्य।)
° अभी तो बेहद का *विनाश*, सच्चा-सच्चा दशहरा होना है।

13. अभी तुम ____ बन गये हो। रचता और _____ के आदि-मध्य-अन्त को जानते हो। तो तुम हो गये _____ ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ। तुमको सबसे अच्छा टाइटिल मिलता है ______ ।
° _त्रिकालदर्शी_, _रचना_, _त्रिकालदर्शी_, _स्वदर्शन चक्रधारी_

14. शिवबाबा को भी *स्वदर्शन चक्रधारी* कहेंगे। _(सही / गलत)_
° हाँ, *शिवबाबा स्वदर्शन चक्रधारी न हो तो तुमको कैसे बनाये* । (वह सबसे सुप्रीम ऊंच ते ऊंच आत्मा है। देह को थोड़ेही कहा जाता। वह सुप्रीम बाप ही आकर तुमको सुप्रीम बनाते हैं। स्वदर्शन चक्रधारी आत्माओं के सिवाए कोई बन न सके।)

15. कितनी अच्छी-अच्छी बातें हैं। तुम सुनते हो और खुश होते हो। बाहर वाले यह सुनें तो आश्चर्य खायें, *ओहो! यह तो बहुत ऊंच ज्ञान है* । तो क्या उत्तर दे सकते?
° अच्छा *तुम भी ऐसा* स्वदर्शन चक्रधारी *बनो* तो फिर *चक्रवर्ती राजा विश्व का मालिक बन जायेंगे*। (परन्तु यहाँ से बाहर गये खलास। माया इतनी बहादुर है, यहाँ की यहाँ रही। जैसे गर्भ में बच्चा अन्ज़ाम (वायदा) कर निकलता है फिर भी वहाँ की वहाँ रह जाती है। तुम प्रदर्शनी आदि में समझाते हो, बहुत अच्छा-अच्छा करते हैं। नॉलेज बहुत अच्छी है, मैं ऐसा पुरूषार्थ करूँगा, यह करुँगा…..। बस बाहर निकला, वहाँ की वहाँ रही। परन्तु फिर भी कुछ न कुछ असर रहता है।)

16. बाप कहते हैं मैं तुमको ____ वैतरणी नदी से निकाल ____ -सागर में भेज देता हूँ। असुल तुम _____ -धाम के निवासी थे। फिर ___ -धाम में पार्ट बजाने आये। अभी फिर हम जाते हैं।
° _विषय_, _क्षीर_, _शान्ति_,
_सुख_

17. गाते भी हैं तुम मात-पिता…… वह सुख घनेरे तो होते ही हैं _____ में। अभी है संगम। यहाँ पिछाड़ी में त्राहि-त्राहि करेंगे क्योंकि अति ____ होता है। फिर सतयुग में अति ____ होगा। अति सुख और अति दु:ख का यह _____ बना हुआ है।
° _सतयुग_, _दु:ख_, _सुख_, _खेल_

18. ईश्वर ही आकर भारत को स्वर्ग बनाते हैं। उनका त्योहार शिवजयन्ती मनाते हैं। तो यह त्योहार *सारे विश्व में गॉड फादर का त्योहार* रूप में कब मनाएंगे?
° अगर मालूम होता कि *परमपिता परमात्मा शिव ही मुक्ति-जीवनमुक्ति का वर्सा देते* हैं तो फिर सारे विश्व में गॉड फादर का त्योहार मनाते।
° बेहद के बाप का यादगार मनायें तब *जब समझें कि शिवबाबा ही लिबरेटर, गाइड है* । (उनका जन्म ही भारत में होता है। शिव जयन्ती भी भारत में मनाते हैं। परन्तु पूरी पहचान नहीं तो हॉलीडे भी नहीं करते हैं। जो बाप सर्व की सद्गति करने वाला, उनकी जन्म भूमि जहाँ अलौकिक कर्तव्य आकर करते हैं, उनका जन्म दिन और तीर्थ यात्रा तो बहुत मनानी चाहिए, स्टैम्प भी होना चाहिए।)

19. भारत बहुत ऊंच ते ऊंच ____ है। भारत की महिमा ______ गाई हुई है। यहां ही शिवबाबा का जन्म होता है। तुम बच्चे जानते हो इसको कहा जाता है – ____ भूमि। यहाँ जितने धर्मात्मा रहते हैं उतने और कहाँ नहीं। तुम कितना दान-पुण्य करते हो। ____ को जानकर, तन-मन-धन सब इस ____ में लगा देते हो।
° _खण्ड_, _अपरमअपार_, _धर्म_, _बाप_, _सेवा_

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