*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 30-10-2020*
1. परमात्म प्यार की पालना का स्वरूप है – ____ -योगी जीवन।
° _सहज_
2. *सेवा* करने से कौन-कौन सी प्राप्तियां होती? _(वरदान)_ (3)
° याद और सेवा का बैलेन्स है तो *हर कदम में चढ़ती कला* का अनुभव करते रहेंगे।
° हर संकल्प में सेवा हो तो *व्यर्थ से छूट जायेंगे* ।
° सेवा जीवन का एक अंग बन जाए, जैसे शरीर में सब अंग जरूरी हैं वैसे ब्राह्मण *जीवन का विशेष अंग* सेवा है। (बहुत सेवा का चांस मिलना, स्थान मिलना, संग मिलना यह भी *भाग्य की निशानी* है। ऐसे सेवा का गोल्डन *चांस लेने वाले* ही राज्य अधिकारी बनते हैं।)
3. प्वाइंट्स तो बच्चों को बहुत मिलती हैं। फिर भी बाबा कहते हैं – *और कुछ धारणा नही होती है, मुख नहीं चलता है*, तो?
° अच्छा तुम *बाप को याद करते रहो तो तुम भाषण आदि करने वालों से ऊंच पद* पा सकते हो (और मुख भी खुल जाएंगा)। भाषण करने वाले कोई समय तूफान में गिर पड़ते हैं। वह गिरे नहीं, बाप को याद करते रहें तो जास्ती पद पा सकते हैं।
4. वहाँ तो है प्रालब्ध _____ ही ____, दु:ख की बात नहीं। उनको ____ कहते हैं। ____ गॉड फादर ही हेविन का मालिक बनाते हैं। ऐसे बाप को भी कितना भूल जाते हैं। बाप आकर बच्चों को _एडाप्ट_ करते हैं।
° _सुख_, _सुख_, _हेविन_, _हेविनली_,
5. “मीठे बच्चे – तुम्हें एक बाप से एक मत मिलती है, जिसे ____ मत कहते हैं, इसी _____ मत से तुम्हें देवता बनना है”
° _अद्वेत_, _अद्वेत_
6. तुम्हारी बुद्धि में है, हूबहू कल्प पहले मुआफिक संगमयुग पर हम ज्ञान सागर भगवान (और प्रजापिता) द्वारा *राजयोग की पढ़ाई पढ़कर देवता बन रहे हैं – नई दुनिया के* । तो इसमे हमे क्या करना है? (3)
° अभी तुमको बाप समझाते हैं, यह *बुद्धि में याद रखो – हम पढ़ रहे हैं। पढ़ाने वाला है शिवबाबा* । (यह रात-दिन याद रहना चाहिए। यही माया घड़ी-घड़ी भुला देती है, इसलिए याद करना होता है। बाप, टीचर, गुरू तीनों को भूल जाते हैं। है भी एक ही फिर भी भूल जाते हैं। रावण के साथ लड़ाई इसमें है।)
° बाप कहते हैं – हे आत्मायें, तुम *सतोप्रधान पूज्य थी* , अभी तमोप्रधान बनी हो। जब शान्तिधाम में थी तो *पवित्र* थी। (प्योरिटी के बिगर कोई आत्मा ऊपर में रह नहीं सकती।)
° अभी तुम बच्चों को *घड़ी-घड़ी याद* करना है – बेहद के बाप को।
7. मनुष्य समझ लेते कि *स्वर्ग ऊपर में* है। परन्तु वास्तविकता क्या है?
° यह तो *चक्र* फिरता रहता है। आधाकल्प के बाद *स्वर्ग फिर नीचे चला जायेगा फिर आधाकल्प स्वर्ग ऊपर आयेगा* । (इनकी आयु कितनी है, कोई जानते नहीं। तुमको बाप ने सारा चक्र समझाया है। तुम ज्ञान लेकर ऊपर जाते हो, चक्र पूरा होता है फिर नयेसिर चक्र शुरू होगा। यह बुद्धि में चलना चाहिए। जैसे वह नॉलेज पढ़ते हैं तो बुद्धि में किताब आदि सब याद रहते हैं ना। यह भी पढ़ाई है। यह भरपूर रहना चाहिए, भूलना नहीं चाहिए।)
8. यह पढ़ाई बूढ़े, जवान, बच्चे आदि सबको हक है पढ़ने का। इतना सहज क्यों है?
° *सिर्फ अल्फ को जानना* है। (अल्फ को जान लिया तो बाप की प्रापर्टी भी बुद्धि में आ जायेगी।)
9. तो *पढ़ाई में उन्नति* प्राप्त करने लिए पहली मुख्य धारणा कौन-सी है? (2)
° यह बुद्धि से समझने की बातें हैं। कोई पूरी रीति समझते नहीं हैं तो फिर *झुटका* खाते रहते हैं। कमाई में कभी झुटका नहीं खाते हैं। वह कमाई तो है अल्पकाल के लिए। यह तो आधाकल्प के लिए है। परन्तु *बुद्धि और तरफ* भटकती है तो फिर *थक* जाते हैं। *उबासी* देते रहते हैं। तुमको *आंखें बन्द* करके नहीं बैठना चाहिए। (तुम तो जानते हो आत्मा अविनाशी है, शरीर विनाशी है।)
° *हम आत्मा बाप द्वारा पढ़ते* हैं। यह कोई को पता नहीं। ज्ञान सागर परमपिता परमात्मा आकर पढ़ाते हैं। हम *आत्मा सुन रही* हैं। (अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से विकर्म विनाश होंगे। तुम्हारी *बुद्धि ऊपर* चली जायेगी। शिवबाबा हमको नॉलेज सुना रहे हैं, इसमें बहुत रिफाइन बुद्धि चाहिए।)
10. *रिफाइन बुद्धि* करने लिए कौन-सी युक्ति हैं?
° *अपने को आत्मा* समझने से बाप जरूर याद आयेगा। अपने को आत्मा समझते ही इसलिए हैं कि *बाप याद पड़े, सम्बन्ध रहे* जो सारा कल्प टूटा है।
11. अब बाप कहते हैं बच्चे _____ याद करो और अपने ____ को याद करो। जहाँ से तुम आये हो पार्ट बजाने। आत्मा को घर बहुत _____ लगता है। कितना याद करते हैं परन्तु _____ भूल गये हैं। तुम्हारी बुद्धि में है, हम बहुत दूर रहते हैं। ____ से परे जाना है। आत्मा शरीर से निकल जाती है तो फिर आवाज़ नहीं रहता। बच्चे जानते हैं हमारा तो वह ____ होम है। फिर देवताओं की है स्वीट राजधानी, अद्वेत राजधानी।
° _मामेकम्_, _घर_, _प्यारा_, _रास्ता_, _वाणी_, _स्वीट_
12. बच्चों को समझाया है – *ओम्* का अर्थ अलग है और *सो हम* का अर्थ अलग है। क्या है अर्थ?
° ( *हम सो* ) तुम आत्मा शान्तिधाम में रहने वाली हो फिर आती हो पार्ट बजाने। देवता, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र बनते हैं।
° *ओम्* अर्थात् हम आत्मा।
13. यह भी वन्डर है जो श्री _____ है वही अन्त में आकर भाग्यशाली _____ बनते हैं। उनमें बाप की _____ होती है तो भाग्यशाली बनते हैं। ब्रह्मा सो ____ , विष्णु सो ____ , यह 84 जन्मों की हिस्ट्री बुद्धि में रहनी चाहिए। अच्छा!
° _नारायण_, _रथ_, _प्रवेशता_, _विष्णु_, _ब्रह्मा_
14. *स्त्री* को समझते हैं मेरी स्त्री। तो वह *मुख वंशावली* ठहरी। _(सही / गलत)_
° *सही*, स्त्री है ही मुख वंशावली। फिर जब बच्चे होते हैं, वह हैं कुख वंशावली।
15. सबसे जास्ती जो विकार में गिरते हैं तो _____ टूट जाते हैं। पांचवी मंजिल है – _____ । चौथी मंजिल है ____ फिर उतरते आओ। लिखते भी हैं बाबा हम गिर पड़े। क्रोध के लिए ऐसे नहीं कहेंगे कि हम गिर पड़े। _____ मुँह करने से बड़ी चोट लगती है फिर दूसरे को कह न सकें कि महाशत्रु है। बाबा बार-बार समझाते हैं – ______ आंखों की बहुत सम्भाल करनी है। वह है सिविलीयन राज्य। अभी तुम्हारी आत्मा को ________ मिलती है, जो 21 जन्म काम देती है। वहाँ कोई भी क्रिमिनल नहीं बनते।
° _हडगुड_, _देह-अभिमान_, _काम_, _काला_, _क्रिमिनल_, _सिविलाइज़_
