Answers from Sakar Murli 01-10-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-10-2020*

1. सुने हुए को ____ करो, इससे ही शक्तिशाली बनेंगे।
°मनन

2. जैसे बाप का भण्डारा सदा चलता रहता है, रोज़ देते हैं ऐसे *आपका भी अखण्ड लंगर चलता रहे*। क्यों? (3)
° क्योंकि आपके पास *ज्ञान* का, *शक्तियों* का, *खुशियों का भरपूर भण्डारा* है। (इसे साथ में रखने वा यूज़ करने में कोई भी खतरा नहीं है। यह भण्डारा खुला होगा तो चोर नहीं आयेगा।)
° भण्डारा *बंद रखेंगे तो चोर (माया के) आ जायेंगे!* (इसलिए रोज़ अपने मिले हुए खजानों को देखो और स्व के प्रति और औरों के प्रति यूज करो।)
° तो *अखण्ड महादानी* बन जायेंगे।

3. *यहाँ तुम आते हो रिफ्रेश होने*। बाबा किस स्थान की बात कर रहे हैं?
° इसका नाम ही पड़ा है *मधुबन* । तुम्हारे कलकत्ता वा बाम्बे में थोड़ेही मुरली चलाते हैं। *मधुबन में ही मुरली बाजे* । (मुरली सुनने के लिए बाप के पास आना होगा रिफ्रेश होने। नई-नई प्वाइंट्स निकलती रहती हैं। सम्मुख सुनने में तो फील करते हो, बहुत फर्क रहता है।)

4. पहला नम्बर विश्व का प्रिन्स *श्रीकृष्ण के माथे में मोर 🦚का पंख* लगाते हैं। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° क्योंकि सतयुग में भी *विकार का नाम नहीं*। (तुमको मालूम है – मोर-डेल है वह विकार से बच्चा पैदा नहीं करते। उनको आंसू गिरता है, उसे डेल धारण करती है। नेशनल बर्ड कहते हैं।)

5. हमें किस बात का *नशा* होना चाहिए? (2)
° तुम्हारा नाम है बी.के.। तुम *महिमा लायक बन फिर पूजा लायक* बनते हो।
° *बाप ही तुम्हारा टीचर* भी है। तो तुम बच्चों को नशा रहना चाहिए, हम स्टूडेन्ट हैं। भगवान *जरूर भगवान-भगवती ही बनायेंगे*।

6. हम बच्चों को *बहुत खुशी* क्यों होनी चाहिए?
° हम *बेहद के बाप के सम्मुख बैठे हैं* जिसको कोई भी नहीं जानते हैं। (ज्ञान का सागर वह शिवबाबा ही है। देहधारी से बुद्धि योग निकाल देना चाहिए।)

7. हम रूहानी-चैतन्य-अविनाशी पार्टधारी आत्माओं को इस बेहद नाटक- *ड्रामा के सब राज़* मालूम है। जैसे कि? (3)
° तुम इस सृष्टि चक्र को जानते हो, इसमें *सब एक्टर्स का पार्ट नूँधा हुआ* है। बदल नहीं सकता। न कोई छुटकारा पा सकता। हाँ, थोड़ा समय मुक्ति मिलती है। (बाप कहते हैं मेरी आत्मा में भी यह ज्ञान नूँधा हुआ है। हूबहू तुम को वही बोलेंगे जो कल्प पहले ज्ञान दिया था।)
° तुम तो *आलराउण्ड* हो। *84 जन्म लेते* हो। बाकी सब अपने घर में होंगे फिर पिछाड़ी में आयेंगे। तुम तो *ड्रामा अनुसार पढ़ते* हो। जानते हो बाबा ने *5 हज़ार वर्ष पहले भी ऐसे राजयोग* सिखाया था। तुम फिर औरों को समझाते हो कि शिवबाबा ऐसे कहते हैं। (अभी तुम जानते हो हम कितने ऊंच थे, अब कितने नींच बने हैं। फिर बाप ऊंच बनाते हैं तो ऐसे पुरूषार्थ करना चाहिए ना।)
° *आगे चल बहुत पार्ट देखने हैं* । (बाबा पहले-पहले सब सुना दे तो टेस्ट निकल जाए। आहिस्ते-आहिस्ते इमर्ज होता जाता है। एक सेकण्ड न मिले दूसरे से।)

8. वेद-शास्त्र, शिव-पूजा से बाप कहते *कोई मेरे को प्राप्त नहीं कर सकते*। क्यों?
° क्योंकि *भक्ति है ही उतरती कला*। ज्ञान से सद्गति होती है तो जरूर कोई से उतरते भी होंगे। *यह एक खेल है* , जिसको कोई भी जानते नहीं। (पत्थरबुद्धि बन गये हैं तो पूजा भी पत्थर की करते हैं, ज्ञान बिगर। दूसरी तरफ कहते हैं नाम-रूप से न्यारा!)

9. जब ज्ञान है तो तुम पूजा नहीं करते हो। चैतन्य सम्मुख में है, उनको ही तुम _____ करते हो। जानते हो इससे विकर्म _____ होंगे।
°याद, _विनाश_

10. बाबा से हमारी *कौन-सी प्रतिज्ञा* है?
° बाप से तुम प्रतिज्ञा करते आये हो – *बाबा मेरा तो आप एक दूसरा न कोई*। हम आपको ही याद करेंगे। (भक्ति मार्ग में भल गाते हैं परन्तु उनको पता नहीं है कि याद से क्या होता है। वह तो बाप को जानते ही नहीं।)

11. जैसे हम *आत्मा बिन्दी है वैसे बाप भी* बिन्दी है। इसमें मूँझने की कोई दरकार नहीं। _(सही / गलत)_
° *सही* (कोई कहते हैं हम देखें। बाप कहते हैं देखने वालों की तो तुमने बहुत पूजा की। फायदा कुछ भी हुआ नहीं। अब *यथार्थ रीति मैं तुमको समझाता हूँ*। मेरे में सारा पार्ट भरा हुआ है। सुप्रीम सोल हूँ ना, सुप्रीम फादर।)

12. यहाँ मुख्य है याद की यात्रा। *याद भी घड़ी-घड़ी खिसक जाती*। यहां बाबा ने कौन-सी चीज़ का मिसाल दिया?
° जैसे *पारा* खिसक जाता है ना! (कितना चाहते हैं बाप को याद करें फिर और-और ख्याल आ जाते हैं। इसमें ही तुम्हारी रेस है।)

13. इस ज्ञान में कौन-से बच्चे *तीखे* जा सकते हैं? *घाटा* किन्हें पड़ता है?
° जिन्हें अपना *पोतामेल रखना आता* है वह इस ज्ञान में बहुत तीखे जा सकते हैं। घाटा उनको पड़ता है जो *देही-अभिमानी* नहीं रहते। (बाबा कहते व्यापारी लोगों को पोतामेल निकालने की आदत होती है, वह यहाँ भी तीखे जा सकते हैं।)

14. गीत 🎵:- मुखड़ा देख ले प्राणी… जबकि हमे दिव्यगुण-सम्पन्न देवता बनना है, तो अन्दर कौन-से *5 प्रकार के अवगुण* नहीं होने चाहिए?
° *गुस्सा* करना, *मारना*, *तंग* करना, *बुरा काम* करना , *चोरी* -चकारी करना यह सब महापाप है। (बाप कहते हैं तुमको देवता बनाते हैं तो अपनी जांच पूरी करो। कहाँ तक दैवीगुणों की धारणा हुई है? मेहनत बिगर विश्व का मालिक थोड़ेही बन सकेंगे।)

15. बाप आये हैं रूहानी सेवा करने तो बच्चों का भी *फ़र्ज है रूहानी सेवा* करना। *कम से कम* क्या बताना है?
° यह तो बताओ – *बाप को याद करो और पवित्र बनो* । (पवित्रता में ही फेल होते हैं क्योंकि याद नहीं करते हैं।)

16. बाबा ने *सेवा की सुन्दर युक्ति* सुनाई, कहते हैं यह भी जज करो …….. क्या?
° जज करो कि *महान् आत्मा किसको कहा जाए?* *श्रीकृष्ण* जो छोटा बच्चा स्वर्ग का प्रिन्स है, वह महात्मा है *या आजकल के कलियुगी मनुष्य?* (वह विकार से पैदा नहीं होता है ना। वह है निर्विकारी दुनिया।)

17. हमारी *कर्मातीत स्थिति* हो गई होंगी। _(सही / गलत)_
° *गलत* (ऐसे नहीं कि फट से पाप मिट जायेंगे। समय लगता है। कर्मातीत अवस्था हो जाए तो *फिर यह शरीर ही न रहे*। परन्तु अभी कोई कर्मातीत अवस्था को नहीं पा सकते हैं। फिर *उनको सतयुगी शरीर चाहिए*।)

18. अभी तुम *बी.के.* बने हो। तो हमारे *कितने प्रकार के सम्बन्ध* है?
° समझाया जाता है – *भगवान एक* है। *बाकी सब भाई-भाई* । दूसरा कोई कनेक्शन नहीं। प्रजापिता ब्रह्मा से रचना होती है फिर वृद्धि होती है। (सबसे जास्ती होता है पति का प्रेम। तुम्हें तो पतियों के पति (परमात्मा) को याद करना है और सबको भूल जाना है)

19. धर्मराज द्वारा *बहुत डन्डे* कब खाने पड़ेंगे?
° *शिवबाबा का यह रथ* है। इनका *रिगार्ड नहीं रखेंगे तो* धर्मराज द्वारा बहुत डन्डे खाने पड़ेंगे। *बड़ों का* रिगार्ड तो रखना है ना। (आदि देव का कितना रिगार्ड रखते हैं। जड़ चित्र का इतना रिगार्ड तो चैतन्य का कितना रखना चाहिए।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *