*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 20-11-2020*
1. बालक और मालिक पन के ____ से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ।
° _बैलेन्स_
2. बिहंग मार्ग की सेवा करने के लिए संगठित रूप में *“रूप और बसन्त”* इन दो बातों का बैलेन्स चाहिए। अर्थात् क्या?
° जैसे *बसन्त* रूप से एक समय पर अनेक आत्माओं को *सन्देश देने का कार्य* करते हो..
° ऐसे ही *रूप* अर्थात् *याद* बल द्वारा, *श्रेष्ठ संकल्प* के बल द्वारा बिहंग मार्ग की सर्विस करो। (इसकी भी इन्वेन्शन निकालो।)
3. इस ज्ञान यज्ञ में कौन-से *तिल व जौं* स्वाहा करना है? _(जिससे विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा)_
° साथ-साथ संगठित रूप में *दृढ़ संकल्प से पुराने संस्कार, स्वभाव व पुरानी चलन* के तिल व जौं यज्ञ में स्वाहा करो तब विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा अथवा यज्ञ की समाप्ति होगी।
4. इस याद में रहने का पुरूषार्थ करो तब ____ का पारा चढ़ेगा, ____ भी योगबल से बढ़ती है। तुम अभी ___ -गुण धारण करते हो फिर वह आधाकल्प चलती है। इस एक जन्म में तुम इतना ____ करते हो, जो तुम जाकर यह ____ बनते हो।
° _खुशी_, _आयु_, _दैवी_, _पुरूषार्थ_, _लक्ष्मी-नारायण_
5. सारा इम्तहान है याद की यात्रा का। अच्छी रीति याद में रहें तो इस ___ जैसी खुराक नहीं। यही ____ लगी रहेगी – अभी हम जाते हैं। 21 जन्मों का ___ -भाग्य मिलता है। ____ मिलने वाले को खुशी का पारा चढ़ जाता है ना। तुमको बहुत मेहनत करनी है। इसको ही अन्तिम ___ जीवन कहा जाता है। याद की यात्रा में बहुत ___ है।
° _खुशी_, _तात_, _राज्य_, _लॉटरी_, _अमूल्य_, _मज़ा_
6. कौन-सी एक बात याद रखो तो *अवस्था अचल-अडोल-स्थिर* (खुशी से भरपूर) बन जायेगी?
° पास्ट इज़ पास्ट। बीती का चिंतन नहीं करना है, *आगे बढ़ते जाना* है। सदा *एक की तरफ देखते* रहो तो अवस्था अचल-अडोल हो जायेगी। (तुमने अब कलियुग की हद छोड़ दी, फिर पिछाड़ी की ओर क्यों देखते हो? उसमें बुद्धि ज़रा भी न जाए – यही है सूक्ष्म पढ़ाई।)
7. मीठे बच्चे – तुम अभी बिल्कुल _____ पर खड़े हो, तुम्हें अब इस पार से उस पार जाना है, ____ जाने की तैयारी करनी है। यह सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुग का चक्र भी जैसेकि ___ है। यह पुरूषोत्तम ____ -युग है ना। पुरानी दुनिया में कोई आश नहीं रखो। अब तो एक ही ऊंच आश रखनी है – हम चलें ____ -धाम। इसमें अन्तर्मुखता बहुत चाहिए, इसलिए ___ का भी मिसाल है।
° _शडपंथ (किनारे)_, _घर_, _मॉडल_, _संगम_, _सुख_, _कछुए_
8. ___ लिखना भी भूल जाते हैं। अपने दिल पर हाथ रखकर देखो – बाबा जो कहते हैं, ऐसी ____ हमारी है? बुद्धि में एक बाबा ही ___ हो। बाबा याद की यात्रा भिन्न-भिन्न प्रकार से सिखलाते रहते हैं। ____ को देखो हम कहाँ खड़े हैं? सतयुग से लेकर बुद्धि में यह ___ याद करो। तुम ___ -दर्शन चक्रधारी हो ना, तो सारा दिन बनना चाहिए।
° _चार्ट_, _अवस्था_, _याद_, _अपने_, _चक्र_, _स्व_
9. तुम्हारी बुद्धि में अब कोई भी बाहर का वातावरण ____ न रहे। दिन-प्रतिदिन तुम बच्चों को ____ में ही जाना है। ____ वेस्ट नहीं गँवाना है। पुरानी दुनिया को छोड़ नये सम्बन्ध से अपना बुद्धि का ___ लगाओ, नहीं लगायेंगे तो ___ कैसे करेंगे? जबकि जानते हो हम ____ -उत्तम बन रहे हैं।
° _झंझट_, _साइलेन्स_, _टाइम_, _योग_, _पाप_, _पुरूष_
10. डबल सिरताज…… यह सिर्फ नाम है, बाकी *लाइट* का ताज कोई वास्तव में रहता नहीं है। _(सही / गलत)_
° सही, यह तो पवित्रता की *निशानी* है। (जैसे धर्म स्थापक के चित्रों में लाइट दिखाते हैं क्योंकि वह शुरू में वाइसलेस सतोप्रधान हैं, फिर रजो तमो में आते हैं।)
11. इस दुनिया में कामकाज करते बुद्धि में यह याद रखो। ____ कितनी बड़ी है। तुम बच्चों को नॉलेज मिलती है, उसमें ____ रहना चाहिए। भल तुम हो इस दुनिया में परन्तु ____ का योग वहाँ लगा रहे। इनसे भी ____ तो निभाना है, जो इस कुल के होंगे वह निकल आयेंगे। ____ लगना है। आदि सनातन देवी-देवता धर्म वाले जो होंगे वह जरूर आगे-पीछे आयेंगे। पिछाड़ी में आने वाले भी आगे वालों से _तीखे_ जायेंगे।
° _मंजिल_, _मस्त_, _बुद्धि_,
_तोड़_, _सैपलिंग_
12. बाप शिक्षा देते रहते हैं। तुम समझते हो – कल्प-कल्प हम विश्व के ____ बनते हैं, इतने थोड़े टाइम में ____ कर देते हैं। सारी दुनिया को ____ कर देते हैं। बाप के लिए कोई बड़ी बात नहीं। कल्प-कल्प करते हैं। बाप समझाते हैं – चलते-फिरते, खाते-पीते अपना बुद्धियोग ____ से लगाओ। यह _____ बात बाप ही बच्चों को बैठ समझाते हैं। अपनी ____ को अच्छी रीति जमाते रहो। नहीं तो ऊंच पद नहीं पायेंगे।
° _मालिक_, _कमाल_, _चेंज_, _बाप_, _गुप्त_, _अवस्था_
13. कुटुम्ब परिवार आदि सबसे प्रीत रखो परन्तु बुद्धि का योग बाप से लगाना है। तुम जानते हो हम अभी *एक की मत पर* हैं। कौन-सी मत?
° (श्रीमत) यह है *देवता बनने की मत* , इसको ही *अद्वेत* मत कहा जाता है। (बच्चों को देवता बनना है। कितना बार तुम बने हो? अनेक बार। अभी तुम संगमयुग पर खड़े हो। यह अन्तिम जन्म है। अब तो जाना है।)
14. तुम ही ____ -वीर हो जो माया पर जीत पाते हो। कितना वन्डरफुल ____ है बाबा का। यह पता था क्या कि अपने को ____ समझना है, इतनी छोटी सी ____ में सारा पार्ट नूंधा हुआ है जो ____ फिरता रहता है। बहुत वन्डरफुल है। वन्डर कह छोड़ना ही पड़ता है। अच्छा!
° _महा_, _ज्ञान_, _बिन्दी_, _बिन्दी_, _चक्र_
