Answers from Sakar Murli 03-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-11-2020*

1. ____ को निवारण में परिवर्तन कर _____ बात को भी शुभ करके उठाओ।
° _कारण_, _अशुभ_

2. जो हम *बाप के गुण गाते* हैं, उनका क्या करना है? (2)
° उन सर्व गुणों के *अनुभवी बनो*। (जैसे बाप आनंद का सागर है तो उसी आनंद के सागर की लहरों में लहराते रहो।)
° जो भी सम्पर्क में आये उसे आनदं, प्रेम, सुख… सब गुणों की *अनुभूति कराओ* । (ऐसे सर्व गुणों के अनुभवी मूर्त बनो तो आप द्वारा बाप की सूरत प्रत्यक्ष हो क्योंकि आप महान आत्मायें ही परम आत्मा को अपने अनुभवी मूर्त से प्रत्यक्ष कर सकती हो।)

3. इसी रूहानी ____ में रहना है कि बाबा हमें डबल _____ बना रहे हैं। हम हैं _____ चक्रधारी ब्राह्मण। पास्ट, प्रेजन्ट, फ्युचर का ज्ञान ____ में रखकर चलना है।
° _नशे_, _सिरताज_, _स्वदर्शन_, _बुद्धि_

4. कुमारी ____ है इसलिए सब उनके पांव पड़ते हैं। तुम हो प्रजापिता _____ । मैजारिटी कुमारियों की है इसलिए गायन है कुमारी द्वारा बाण मरवाये। यह है _____ बाण। तुम _____ से बैठ समझाते हो। बाप ____ तो एक ही है। वह सर्व का सद्गति दाता है। भगवानुवाच – _____ ।
° _पवित्र_, _ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ_, _ज्ञान_, _प्रेम_, _सतगुरू_, _मनमनाभव_

5. मीठे बच्चे – तुम ही सच्चे अलौकिक *जादूगर* हो, कैसे? (2)
° तुम *मनुष्य को देवता* बना रहे। यह जादूगरी है ना। *कितनी बड़ी कमाई* कराने का तुम रास्ता बताते / ऊंची पढ़ाई सिखाते हो। (तुम आत्माओं को शुद्ध नशा रहना चाहिए। यह है गुप्त नशा।)
° बेहद के बाप की तो कमाल है। कैसा रूहानी जादू है। *रूह को याद करते-करते तुम पवित्र-सतोप्रधान* बन जायेंगे। (डीटी सावरन्टी श्रीमत पर स्थापन करते। तुम समझाते भी हो हम बेहद बाप से यह वर्सा ले रहे हैं। तुम सब पुरूषार्थ करो। वह बाप सभी आत्माओं का पिता है। तुम आत्माओं को बाप कहते हैं अब मुझे याद करो।)

6. आत्मायें और परमात्मा अलग रहे ____ ….. जो पहले-पहले बिछुड़े हैं, मिलेंगे भी पहले उनको। इसलिए बाप कहते हैं _____ सिकीलधे बच्चों!
° _बहुकाल_, _लाडले_

7. अब भगवान किसको कहा जाए? जरूर सब कहेंगे – _____ शिव। हम आत्मायें उनके बच्चे ___ हैं। वह एक बाप है। बाप कहते हैं तुम सब _____ हो – मुझ माशूक को याद करते हो क्योंकि मैंने ही राजयोग सिखाया था, जिससे तुम प्रैक्टिकल में नर से नारायण बनते हो। शमा पर पतंगे आते हैं, चले जाते हैं फिर आते हैं। यह भी ____ है, सब जलकर खत्म होने हैं। भक्ति मार्ग में बहुत याद करते आये हो – हे ________ …… तो जरूर बाप सुख देने वाला है ना। स्वर्ग को कहा ही जाता है सुखधाम।
° _निराकार_, _ब्रदर_, _आशिक_, _शमा_, _दु:ख हर्ता, सुख कर्ता_

8. *आत्म-अभिमानी* बनाने लिए बाबा ने कौन-से संकल्प दिये? (3)
° तुम *आत्माओं को ज्ञान* का तीसरा नेत्र देते हैं, जिससे आत्मा जान जाती है। शरीर बिगर तो *आत्मा बात* कर नहीं सकती। आत्माओं के *रहने के स्थान* को निर्वाणधाम कहा जाता है।
° क्लास में भी तुम ब्राह्मणियाँ जब बैठती हो तो तुम्हारा काम है पहले-पहले सावधान करना। भाइयों-बहनों अपने को *आत्मा* समझ कर बैठो। हम आत्मा इन *आरगन्स द्वारा सुनते* हैं। *84 जन्म* का राज़ भी बाप ने समझाया है।
° अपने को आत्मा समझो। *आत्मा में ही संस्कार* हैं। संस्कार ले जाते,

9. *अच्छे पुरूषार्थी* स्टूडेन्ट की निशानी क्या होगी? (2)
° वह पास विद् ऑनर होने का अर्थात् *विजय माला में आने का लक्ष्य* रखेंगे।
° उनकी बुद्धि में *एक बाप की ही याद* होगी। (देह सहित देह के सब सम्बन्धों से बुद्धियोग तोड़ *एक से प्रीत* रखेंगे। ऐसे पुरूषार्थी ही माला का दाना बनते हैं।)

10. कर्म, अकर्म, विकर्म का भी ____ समझाया है। बाप बच्चों को ही समझाते हैं और बच्चे ही जानते हैं। रावण राज्य में सबके कर्म ____ ही होते हैं। सतयुग में कर्म ____ होते हैं। अभी तुम बच्चों को राइट और रांग को समझने की ज्ञान चक्षु मिली है तो ___ कर्म ही करना है।
° _राज़_, _विकर्म_, _अकर्म_, _राइट_

11. (पवित्रता की बात पर) कोई पूछे वहाँ *बच्चे* आदि नहीं होते? उत्तर क्या देना है?
° बोलो, उसको कहा ही जाता है वाइसलेस वर्ल्ड, तो वहाँ यह 5 विकार कहाँ से आये। यह तो बहुत सिम्पुल बात है ( *योगबल से रचना* )। यह बाप बैठ समझाते हैं। (बाप समझाते हैं मैं आया ही हूँ पावन बनाने। बच्चे जो काम चिता पर बैठ भस्म हो गये हैं, उन पर आकर ज्ञान की वर्षा करता हूँ। तुम बच्चों को योग सिखलाता हूँ – बाप को याद करो तो विकर्म विनाश होंगे और तुम परिस्तान के मालिक बन जायेंगे। विनाश काले विपरीत बुद्धि कहते हैं। इस पर भी तुम समझा सकते हो। हमारी बाप के साथ प्रीत बुद्धि है। एक बाप के सिवाए हम और कोई को याद नहीं करते।)

12. आधाकल्प ज्ञान, आधाकल्प भक्ति। यह *आधा-आधा* समझाने लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° दिन और रात 24 घण्टे में भी *12 घण्टे ए.एम. और 12 घण्टे पी.एम.* होता है। कल्प भी आधा-आधा है। (ब्रह्मा का दिन, ब्रह्मा की रात।)

13. यह भी तुम्हारा *चक्र फिरता रहता* है। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° *नार की कंगनी* (कुएं से पानी निकालने की एक विधि) होती है ना, फिरती रहती है।

14. पिछाड़ी में आकर जन्म ले और मर जायें। यहां बाबा ने किनका *मिसाल* दिया?
° वह तो जैसे *मच्छरों* मिसल हो गये। (दीपावली पर कितने छोटे-छोटे मच्छर निकलते हैं और खत्म हो जाते हैं। जीना और मरना।)

15. ईश्वर सर्वव्यापी कह देते हैं। ____ कभी सर्वव्यापी होता है क्या? बाप से तुम बच्चों को ____ मिलता है। बाप आकर पुरानी दुनिया को नई दुनिया ____ बनाते हैं। कई तो नर्क को ____ भी नहीं मानते हैं।
° _बाप_, _वर्सा_, _स्वर्ग_, _नर्क_

16. अभी तुम सारी पुरानी दुनिया का ______ करते हो। नई दुनिया का तुमको ______ करा दिया है। वह है वाइसलेस वर्ल्ड। _____ गॉड फादर है हेविन स्थापन करने वाला। फूलों का ____ बनाने वाला। कांटों को फूल बनाते हैं। नम्बरवन कांटा है – काम कटारी। काम के लिए ____ कहते हैं, क्रोध को ___ कहेंगे। देवी-देवतायें डबल अहिंसक थे।
° _संन्यास_, _साक्षात्कार_, _हेविनली_, _बगीचा_, _कटारी_, _भूत_

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