*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 07-11-2020*
1. निरन्तर योगी बनना है तो हद के मैं और मेरेपन को ____ में परिवर्तन करो।
° _बेहद_
2. दूसरे की गलती को देखकर स्वयं ____ नहीं करो। हम ____ में रहें, उसके संग के प्रभाव में न आयें, जो प्रभाव में आ जाते हैं वह अलबेले हो जाते हैं। हर एक सिर्फ यह जिम्मेवारी उठा लो कि मैं राइट के मार्ग पर ही रहूंगा, अगर दूसरा रांग करता है तो उस समय ____ की शक्ति यूज़ करो। किसी की गलती को नोट करने के बजाए उसको सहयोग का नोट दो अर्थात सहयोग से ____ कर दो तो ____ परिवर्तन का कार्य सहज ही हो जायेगा।
° _गलती_, _राइट_, _समाने_, _भरपूर_, _विश्व_
3. वहाँ अपने फर्स्टक्लास ____ बनायेंगे। जैसे कल्प पहले बनाये हैं। बनायेंगे फिर भी वही जो कल्प पहले बनाया होगा। उस समय वह बुद्धि आ जायेगी। उसका ख्याल अब क्यों करें, इससे तो बाप की ____ में रहें। अभी याद की यात्रा में ___ निभाना है और बहुत ____ में रहना है कि हमको बाप, टीचर, सतगुरू मिला है। इस खुशी में तो ____ खड़े हो जाने चाहिए। तुम जानते हो हम आये ही हैं ____ -पुरी का मालिक बनने।
° _महल_, _याद_, _तोड़_, _खुशी_, _रोमांच_, _अमर_
4. बाबा नये देवता धर्म की स्थापना करने ____ है। कितनी ताकत वाला ____ स्थापन करते हैं। हम बाबा से ताकत लेते हैं, सारे विश्व पर ____ पाते हैं। याद की यात्रा से ही ताकत मिलती है और ____ विनाश होते हैं।
° _निमित्त_, _धर्म_, _विजय_, _विकर्म_
5. आत्मा परमपिता परमात्मा से ____ लगाने से ही पारस बनती है। याद करते-करते आइरन एज से _____ एज में चली जायेगी। _____ -पावन एक को ही कहा जाता है। मुझे याद करो तो तुम ____ बन जायेंगे। टू मच ख्यालात में न जाए, मूल बात हम ____ बनेंगे तो ऊंच पद पायेंगे। समझते हो अब पवित्र बन पवित्र दुनिया का मालिक बनना है। हम ____ -योगी हैं, बाप से वर्सा जरूर लेना है।
° _योग_, _गोल्डन_, _पतित_, _पावन_, _सतोप्रधान_, _राज_
6. रूहानी बाप बैठ रूहानी बच्चों को ____ जन्मों की कहानी सुनाते हैं। तुम ही पहले-पहले सतयुग आदि में ____ देवी-देवता थे। भारत में पहले पूज्य देवी-देवता धर्म का ही ____ था। लक्ष्मी-नारायण का राज्य था तो जरूर _____ होगी। 5 हज़ार वर्ष पहले ही इनका राज्य था – यह स्मृति में लाते हैं। ____ ही पूजे जाते हैं। यह बेहद का बाप बैठ समझाते हैं, जिसको ही ____ -फुल कहा जाता है।
° _84_, _पूज्य_, _राज्य_, _डिनायस्टी_, _पवित्र_, _नॉलेज_
7. बाप समझाते हैं – हर एक _____ को अपना-अपना पार्ट मिला हुआ है। सभी आत्मायें अपने ____ -धाम में रहती हैं। उनमें सारा _____ भरा हुआ है। रेडी बैठे हैं कि जाकर _____ -क्षेत्र पर अपना पार्ट बजायें। यह भी तुम समझते हो हम आत्मायें _____ करती हैं। आत्मा ही कहती है यह खट्टा है, यह नमकीन है। आत्मा ही यहाँ कर्मक्षेत्र पर शरीर लेकर सारा पार्ट बजाती है। तो यह _____ करना चाहिए ना! हम आत्मा ही सब कुछ करती हूँ।
° _आत्मा_, _परम_, _पार्ट_, _कर्म_, _सबकुछ_, _निश्चय_
8. यह *नॉलेज बुद्धि में* रखनी है, और कोई दूसरा काम नहीं करना है। _(सही / गलत)_
° *गलत* , ऐसे नहीं यह नॉलेज बुद्धि में रखते दूसरा काम नहीं करते हैं, कितने ख्यालात रखते हैं। चिट्ठियाँ लिखना, पढ़ना, मकान का ख्याल करना, तो भी *बाप को याद* करता रहता हूँ। बाबा को याद न करें तो विकर्म कैसे विनाश होंगे।
9. कहाँ भी प्रदर्शनी, म्युजियम आदि खोलते हो तो ऊपर में ____ शिव जरूर चाहिए। नीचे में यह लक्ष्मी-नारायण ____ ऑब्जेक्ट। हम यह पूज्य देवी-देवता धर्म की ____ कर रहे हैं।
° _त्रिमूर्ति_, _एम_, _स्थापना_
10. मीठे बच्चे – सबको यह *खुशखबरी* सुनाओ….. कौन-सी? (3)
° अब *डीटी डिनायस्टी* स्थापन हो रही है। (जब वाइसलेस वर्ल्ड होगी तब बाकी सब विनाश हो जायेंगे।)
° मुख्य बात ही यह है – हम भारतवासियों को खुशखबरी सुनाते हैं। *हम यह राज्य स्थापन कर रहे* हैं। (सतयुग में जब यह एक धर्म था तो अनेक धर्म थे नहीं। अब यह पहला आदि सनातन देवी-देवता धर्म प्राय:लोप है।)
° तुम कह सकते हो हम आपको खुशखबरी सुनाते हैं – *शिवबाबा वाइसलेस वर्ल्ड स्थापन कर रहे* हैं। (हम प्रजापिता ब्रह्मा की सन्तान ब्रह्माकुमार-कुमारियां हैं ना। पहले-पहले तो हम भाई-भाई हैं फिर रचना होती है तो जरूर भाई-बहिन होंगे। सब कहते हैं बाबा हम आपके बच्चे हैं तो भाई-बहिन की क्रिमिनल आई जा न सके। यह अन्तिम जन्म पवित्र बनना है, तब ही पवित्र विश्व के मालिक बन सकेंगे।)
° हम खुशखबरी सुनाते हैं। *अब इस धर्म की स्थापना हो रही* है जिसको ही हेविन, स्वर्ग कहते हैं।
11. हम प्रजापिता ब्रह्माकुमार-कुमारियां ____ पर यह कार्य कर रहे हैं। श्रीमत है ही परमपिता परमात्मा ____ की, जो सबका बाप है। _____ ही एक धर्म की स्थापना, अनेक धर्मों का विनाश करते हैं। ____ -योग सीख यह बनते हैं। हम भी यह बन रहे हैं। हमने बेहद का ____ किया है क्योंकि जानते हैं – ये पुरानी दुनिया भस्म हो जानी है। अब हमारे लिए नई ____ स्थापन कर रहे हैं। तुम पढ़ते ही हो – नई दुनिया के लिए।
° _श्रीमत_, _शिव_, _बाप_, _राज_, _सन्यास_, _दुनिया_
12. तुम जानते हो गति-सद्गति _____ है ही एक बाप। पुरानी दुनिया बदलकर जरूर ____ दुनिया स्थापन होनी है। वो तो भगवान ही करेंगे। अब वह नई दुनिया कैसे ____ करते हैं, यह तुम बच्चे ही जानते हो। शिवबाबा ब्रह्मा में ____ कर हमको अपना बनाते हैं। हम शिवबाबा से ____ बनने का वर्सा लेते हैं। शान्ति-सुख का ____ बताने वाला एक ही बाप है।
° _दाता_, _नई_, _क्रियेट_, _प्रवेश_, _पावन_, _रास्ता_
13. अभी तुम पाण्डव सेना के बने हो। अपनी सर्विस करते हुए भी यह ख्याल रखना है, हम जाकर सबको रास्ता बतायें। जितना करेंगे, उतना ऊंच पद पायेंगे। बाबा से पूछ सकते हैं – *इस हालत में मर जायें तो हमको क्या पद मिलेगा?* क्या रिजल्ट है? (3)
° बाबा झट बता देंगे। सर्विस नहीं करते हो इसलिए *साधारण घर में जाकर जन्म* लेंगे। (फिर आकर ज्ञान लेवें सो तो मुश्किल है क्योंकि छोटा बच्चा इतना ज्ञान तो उठा नहीं सकता। समझो बाकी 2-3 वर्ष रहते हैं तो क्या पढ़ सकेंगे?)
° बाबा बता देंगे तुम कोई *क्षत्रिय कुल में जाकर जन्म* लेंगे। (पिछाड़ी में करके डबल ताज मिलेगा। स्वर्ग का फुल सुख पा नहीं सकेंगे। जो फुल सर्विस करेंगे, पढ़ेंगे वही फुल सुख पायेंगे। नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार।)
° यही फुरना रखना है – अभी नहीं बनेंगे तो कल्प-कल्प नहीं बनेंगे। *हर एक अपने को जान सकते* हैं, हम कितने मार्क्स से पास होंगे। (सब जान जाते हैं फिर कहा जाता है भावी।)
14. बैठे-बैठे मनुष्य मर भी जाते हैं इसलिए बाप कहते हैं ____ मत करो। कोई भी मित्र-सम्बन्धी आदि हैं, उन पर ____ पड़ना चाहिए, समझाते रहना चाहिए। कोशिश कर पियरघर, ससुरघर का ______ करना है। सबसे जोड़ना है। हम उनका भी कल्याण करें। बहुत _____ -दिल बनना है। हम सुख तरफ जाते हैं तो औरों को भी _____ बतायें। अन्धों की _____ तुम हो ना। अभी अन्त है, तुम याद के लिए पुरूषार्थ कर रहे हो।
° _सुस्ती_, _तरस_, _कल्याण_, _रहम_, _रास्ता_, _लाठी_
15. *रावण का श्राप* कब मिलता है, श्रापित होने की निशानी क्या है?
° जब तुम *देह-अभिमानी* बनते हो तब रावण का श्राप मिल जाता है। श्रापित आत्मायें *कंगाल विकारी* बनती जाती हैं, नीचे उतरती जाती हैं। (अब बाप से वर्सा लेने के लिए *देही-अभिमानी* बनना है। अपनी *दृष्टि-वृत्ति को पावन* बनाना है।)
