Answers from Sakar Murli 10-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-11-2020*

1. मनन करने से जो खुशी रूपी ____ निकलता है-वही जीवन को शक्तिशाली बनाता है।
° _मक्खन_

2. *नम्बरवन* आने का सहज साधन क्या है? कौन-सा *मंत्र* पक्का करना है?
° जो नम्बरवन ब्रह्मा बाप है, उसी *वन को देखो* । (अनेकों को देखने के बजाए एक को देखो और *एक को फालो* करो।)
° *हम सो फरिश्ता* का मंत्र पक्का कर लो तो अन्तर मिट जायेगा (फिर साइन्स का यंत्र अपना काम शुरू करेगा और आप *सम्पूर्ण फरिश्ते देवता बन नई दुनिया में अवतरित* होंगे। तो सम्पूर्ण फरिश्ता बनना अर्थात् साकार बाप को फालो करना।)

3. सतयुग नई दुनिया जो पास्ट हो गई है, उसमें इन लक्ष्मी-नारायण का ___ था। यह किसको भी पता नहीं है। वहाँ हर एक चीज़ ____ है। गीत भी है ना जाग ____ जाग……। ___ -युग है सतयुग। पुराना युग है कलियुग। तुम सतयुग के लिए पढ़ते हो। ऐसा पढ़ाने वाला तो कोई भी नहीं होगा जो कहे कि इस ___ से तुमको नई दुनिया में राज्य पद मिलेगा। ___ के सिवाए और कोई बोल न सके।
° _राज्य_, _नई_, _सजनिया_, _नव_, _पढ़ाई_, _बाप_

4. नई दुनिया और ___ दुनिया में बहुत फ़र्क है। वह है पावन दुनिया, यह है ____ दुनिया। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ, आकर पावन बनाओ। ___ को पुराना, सतयुग को नया कहा जाता है। कलियुग अन्त और सतयुग आदि का यह है संगमयुग। बाप नई दुनिया का ______ -शन कराते फिर इस पुरानी दुनिया का ___-शन हो जाता है। ____ राज्य में सब पतित दु:खी हैं। रामराज्य में सब हैं पावन सुखी।
° _पुरानी_, _पतित_, _कलियुग_, _कन्स्ट्रक्_, _डिस्ट्रक्_, _रावण_

5. बाबा भी बहुत ____ करते हैं। वन्डर भी खाते रहते हैं। बाबा की याद में ___ करता हूँ, ___ खाता हूँ, फिर भी भूल जाता हूँ फिर ___ करने लगता हूँ। बड़ी सबजेक्ट है यह।
° _पुरूषार्थ_, _स्नान_, _भोजन_, _याद_

6. बाप बैठ रूहानी बच्चों को समझाते हैं – यहाँ जब याद की यात्रा में बैठते हो तो भाई-बहिनों को कहो कि तुम आत्म-अभिमानी हो बैठो और बाप को याद करो। यह ____ दिलानी चाहिए, तुमको भी मिल रही है। हम आत्मा हैं, हमारा ___ हमको पढ़ाने आते हैं। हम भी ____ द्वारा पढ़ते हैं। बाप भी ___ का आधार ले इन द्वारा पहले-पहले यह कहते हैं – बाप को याद करो। ज्ञान सिर्फ एक ही ___ सागर पतित-पावन देते हैं। तुमको पहले नम्बर का ___ यही मिलता है – अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो। यह बहुत जरूरी है।
° _स्मृति_, _बाप_, _कर्मेन्द्रियों_, _कर्मेन्द्रियों_, _ज्ञान_, _पाठ_

7. बेहद के बाप को याद करो तो ___ विनाश हो जाएं। हम अभी ____ बन रहे हैं याद की यात्रा-बल से। यह है ही राजयोग बल। सतयुग में तुम कितना तन्- ___ रहते हो।
° _विकर्म_, _पावन_, _दुरूस्त_

8. माया ने आत्मा के ___ तोड़ डाले हैं। आत्मा उड़ती है ना। एक शरीर छोड़ दूसरा लेती है। आत्मा है सबसे तीखा ___ । तुम बच्चों को यह नई-नई बातें सुनकर वन्डर लगता है। आत्मा में 84 जन्मों का ___ नूंधा हुआ है। ऐसी बातें दिल में याद रखने से ___ आयेगा।
° _पंख_, _रॉकेट_, _पार्ट_, _उमंग_

9. ___ में ही मन-बुद्धि है। ____ ही पढ़ती है। नौकरी आदि सब कुछ ____ ही करती है। शिवबाबा भी ____ है। परन्तु उनको परम कहते हैं। वह ज्ञान का सागर है। वह बहुत छोटी ___ है। यह भी किसको पता नहीं है, जो उस बाप में ____ हैं वही तुम बच्चों में भरे जाते हैं। अभी तुम योगबल से पावन बन रहे हो। उसके लिए पुरूषार्थ करना पड़े।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _बिन्दी_, _संस्कार_

10. बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ, आकर ____ बनाओ। गीता में भी अक्षर है मामेकम् याद करो। देह के सर्व सम्बन्ध ___ अपने को आत्मा समझो। यह देह के ____ पहले नहीं थे। तुम आत्मा यहाँ आती हो ___ बजाने। गायन भी है – अकेले आये, ___ जाना है। गीता में भी है देह सहित देह के सब धर्म छोड़ो। बाकी रही ____ । देह को भूल अपने को आत्मा समझो।
° _पावन_, _त्याग_, _सम्बन्ध_, _पार्ट_, _अकेला_, _आत्मा_

11. पहले तो यह बताओ कि बाप कहते हैं – देह के सब सम्बन्ध छोड़ अपने को ____ समझो। तुम आत्मा ____ आई थी, अब फिर वापिस जाना है। अभी तुम्हारी आत्मा कहेगी कि हम असुल ____ के रहने वाले हैं। यहाँ यह 5 तत्वों का ___ लिया है – पार्ट बजाने के लिए।
° _आत्मा_, _अशरीरी_, _परमधाम_, _पुतला_

12. बाबा पूछते हैं – *आगे कभी मिले हो?*
° *हाँ बाबा, कल्प पहले* मिले थे। (बाबा पूछते हैं और तुम उत्तर देते हो अर्थ सहित। ऐसे नहीं कि तोते मिसल कह देंगे।)

13. फिर बाबा पूछते हैं – *क्यों मिले थे, क्या पाया था?*
° हमने *विश्व का राज्य पाया था* , उसमें सब आ जाता है।

14. तुम बच्चों के *मुख से कौन से शुभ बोल* सदा निकलने चाहिए?
° सदा मुख से यही शुभ बोल बोलो कि *हम नर से नारायण बनेंगे* , कम नहीं। हम ही *विश्व के मालिक थे फिर से बनेंगे* । (लेकिन यह मंजिल ऊंची है, इसलिए बहुत-बहुत खबरदार रहना है। अपना पोतामेल देखना है। एम ऑबजेक्ट को सामने रख पुरूषार्थ करते रहना है, हार्ट-फेल नहीं होना है।)

15. तुम बच्चों को हर बात की स्मृति दिलाई जाती है। ग़फलत नहीं करनी है। बाबा सबको समझाते रहते हैं। कहाँ भी बैठो, ___ आदि करो अपने को आत्मा समझ करो। धन्धे धोरी में जरा मुश्किलात होती है तो जितना हो सके – ____ निकाल याद में बैठो तब ही आत्मा पवित्र होगी। और कोई उपाय नहीं। पहले नम्बर की सबजेक्ट ही यह है कि हम आत्मा ____ बनें। कुछ खामी न रह जाए। नहीं तो नापास हो जायेंगे। माया तुमको हर बात में भुलाती है। आत्मा चाहती भी है ___ रखें। सारे दिन में कोई आसुरी काम न करें। परन्तु माया रखने नहीं देती। तुम माया के चम्बे में आ जाते हो। दिल कहती भी है – ____ रखें। व्यापारी लोग हमेशा फायदे नुकसान देखते हैं। तुम्हारा तो यह बहुत बड़ा पोतामेल है। 21 जन्मों की ____ है, इसमें ग़फलत नहीं करनी चाहिए।
° _धंधा_, _टाइम_, _सतोप्रधान_, _चार्ट_, _पोतामेल_, _कमाई_

16. अपना पोतामेल भी देखना है – इस हालत में हम ऊंच ____ पा सकेंगे वा नहीं? कितनों को ___ बताया है? कितने अन्धों की ___ बना हूँ? अगर सर्विस नहीं करते तो समझना चाहिए – हम प्रजा में चले जायेंगे। अपनी दिल से पूछना है अगर अभी हमारा ____ छूट जाए तो क्या पद पायेंगे? बहुत बड़ी मंजिल है तो खबरदार रहना चाहिए। तुम इस पढ़ाई से कितने ___ बनते हो।
° _पद_, _रास्ता_, _लाठी_, _शरीर_, _ऊंच_

17. *हार्टफेल* किसे कहा जाता?
° कई बच्चे समझते हैं बरोबर *हम तो याद ही नहीं करते तो फिर पोतामेल रखकर क्या करेंगे* । उसको फिर हार्टफेल कहा जाता है। (वह पढ़ते भी ऐसा ही हैं। ध्यान नहीं देते। मिया मिट्ठू बन बैठ नहीं जाना है जो पिछाड़ी में फेल हो जाएं। अपना कल्याण करना है। एम ऑब्जेक्ट तो सामने है। हमको पढ़कर यह बनना है।)

18. *शिव-शिव* मुख से कहना नहीं है। क्यों?
° *बाप का नाम बच्चा थोड़ेही सिमरण करता* है। (यह है सब गुप्त। किसको भी पता नहीं है कि तुम क्या कर रहे हो। जिन्होंने कल्प पहले समझा होगा वही समझेंगे। नये-नये बच्चे आते रहते हैं, वृद्धि को पाते रहते हैं। आगे चल ड्रामा क्या दिखलाता है सो साक्षी होकर देखना है।)

19. बच्चियां लिखती हैं *फलाने ने लिखकर दिया है* कि गीता का भगवान शिव है, यह तो बिल्कुल ठीक है। तो बाबा का जबरदस्त उत्तर? (3)
° भल ऐसे कहते हैं परन्तु बुद्धि में कोई बैठता थोड़ेही है। *अगर समझ जाएं कि बाप आया है तो कहे ऐसे बाप से हम जाकर मिलें* । वर्सा लेवें। (एक को भी निश्चय नहीं बैठता। फट से एक की भी चिट्ठी नहीं आती। भल करके लिखते भी हैं कि नॉलेज बड़ी अच्छी है।)
° परन्तु इतनी हिम्मत नहीं होती जो समझें *वाह ऐसा बाबा* , जिससे हम इतना समय दूर रहे, भक्ति मार्ग में धक्के खाये, अब वह बाप विश्व का मालिक बनाने आये हैं। *तो भाग आये*। (आगे चल निकलेंगे।)
° अगर बाप को पहचाना है, ऊंच ते ऊंच भगवान है तो *उनका बनो ना*। समझानी ऐसी देनी चाहिए जो *कपाट ही खुल जाएं*। अच्छा!

20. स्टूडेण्ट को यह पढ़ाई ____ में रहती है। तुमको भी मुख्य-मुख्य प्वाइंट्स बुद्धि में ____ करनी हैं। नम्बरवन बात ___पक्का करो तब आगे चलो।
° _बुद्धि_, _धारण_, _अल्फ_

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