Answers from Sakar Murli 11-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-11-2020*

1. स्वमान में ___ रहो तो अनेक प्रकार के अभिमान स्वत: समाप्त हो जायेंगे।
° _स्थित_

2. मीठे बच्चे – तुम अभी वर्ल्ड सर्वेन्ट हो, तुम्हें किसी भी बात में _____ नहीं आना चाहिए। बाबा भी कहते हैं बच्चे नमस्ते। अर्थ सहित समझाते हैं। तुम अभी पद्मापद्म _____ बन रहे हो। ब्राह्मण जो बनते हैं उनके पांव में ____ हैं। तुम बच्चों को समझाना चाहिए – हम यह राज्य स्थापन कर रहे हैं, इसलिए बाबा ने ___ बनवाये हैं। ___ साड़ी पहनी हुई हो, बैज लगा हो, इससे स्वत: सेवा होती रहेगी।
° _देह-अभिमान_, _भाग्यशाली_, _पद्म_, _बैज_, _सफेद_

3. संगमयुग पर आलराउन्ड सेवा का चांस मिलना-यह भी *ड्रामा में एक लिफ्ट* है, कैसे?
° क्योंकि जो प्यार से यज्ञ की आलराउन्ड सेवा करते हैं उन्हें *सर्व प्राप्तियों का प्रसाद* स्वत:प्राप्त हो जाता है। वे *निर्विघ्न* रहते हैं। एक बारी सेवा की और *हजार बार सेवा का फल* प्राप्त हो गया। (इसलिए सदा स्थूल सूक्ष्म लंगर लगा रहे। किसी को भी सन्तुष्ट करना-यह सबसे बड़ी सेवा है। मेहमान-निवाज़ी करना, यह सबसे बड़ा भाग्य है।)

4. सर्विस का ____ रहना चाहिए। सबको यह पैगाम देने की ___ रचें। मेहनत करनी है। ___ से बताना चाहिए – शिवबाबा कहते हैं मुझे याद करो तो पाप मिट जायेंगे। हम एक ___ के सिवाए और किसको याद नहीं करते हैं। अच्छा!
° _शौक_, _युक्ति_, _नशे_, _शिवबाबा_

5. बड़ी चीज़ होगी (चित्र) तो देखकर पूछेंगे – *यह क्या उठाया है?*
° बोलो, हमने वह चीज़ उठाई है, *जिससे मनुष्य बेगर टू प्रिन्स* बन जायें। दिल में बड़ा *उमंग* , बड़ी *खुशी* रहनी चाहिए। (हम आत्मायें भगवान के बच्चे हैं। हम आत्माओं को भगवान पढ़ाते हैं।)

6. तुम छोटी-छोटी बच्चियां तोतलj भाषा में किसको भी समझा सकती हो। बड़े-बड़े ____ आदि होते हैं, उनमें तुमको बुलाते हैं। यह चित्र तुम ले जाओ और बैठकर समझाओ। भारत में फिर से इन्हों का ____ स्थापन हो रहा है। कहाँ भी ____ सभा में तुम समझा सकते हो। सारा दिन सर्विस का ही नशा रहना चाहिए। बाबा हमको ____ सिखला रहे हैं। शिव भगवानुवाच – हे बच्चों, तुम अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो। तो तुम यह बन जायेगे 21 पीढ़ी के लिए। ____ गुण भी धारण करने हैं। ____ बनाने वाला तो एक ही श्री श्री शिवबाबा है। वही ऊंच ते ऊंच बाप हमको पढ़ाते हैं। शिव भगवानुवाच, मनमनाभव।
° _सम्मेलन_, _राज्य_, _भरी_, _राजयोग_, _दैवी_, _श्रेष्ठ_

7. तुम छोटी-छोटी _____ कोई से भी विजिट ले सकती हो। अभी तुम बहुत श्रेष्ठ बन रहे हो। यह भारत की एम ____ है ना। कितना ____ चढ़ना चाहिए। हम तो ____ बनेंगे।
° _बच्चियां_, _आब्जेक्ट_, _नशा_, _लक्ष्मी-नारायण_

8. जो *अच्छे बच्चे* होंगे – वह कैसी *अवस्था* में बैठेंगे? _(योग में)_
° एक टिक, एकदम लवलीन हो जाते हैं। *एकदम अशरीरी बन जाते* हो। जो अच्छे बच्चे होंगे – वही ऐसी अवस्था में बैठेंगे। (देह का भान निकल जायेगा। *अशरीरी हो उस मस्ती में बैठे रहेंगे* । यह आदत पड़ जायेगी।)

9. इस सृष्टि में सबसे नामीग्रामी हैं यह *राधे कृष्ण, सतयुग के फर्स्ट प्रिन्स प्रिन्सेज* । कभी किसके ख्याल में भी नहीं आयेगा कि यह कहाँ से आये। सतयुग के आगे जरूर कलियुग होगा। *उन्होंने क्या कर्म किये जो विश्व के मालिक बनें?* _(एक शब्द का उत्तर)_
° अभी तुम बच्चे जानते हो – बाप हमको *राजयोग* सिखा रहे हैं। (हमारी एम आब्जेक्ट यह है। तुम्हारे में भी नम्बरवार समझते हैं। कोई तो बिल्कुल ही भूल जाते हैं। चलन ऐसी होती है जैसे पहले थी। यहाँ समझते तो बहुत अच्छा हैं, यहाँ से बाहर निकले खलास।)

10. अब बाप तुम बच्चों को कहते हैं अपने को आत्मा समझ ____ याद करो। सभी आत्माओं को अपने ____ को याद करना है। वास्तव में बच्चों को समझाया है – गुरू कोई भी है नहीं, सिवाए एक के। जिसके नाम पर ही गाते हैं ____ -गुरू अकाल… वह ______ -मूर्त है अर्थात् जिसको काल न खाये, वह है आत्मा, तब यह कहानियां आदि बैठ बनाई हैं। श्रीमत तब मिले जब _____ स्वयं आकर मत देवे। तुम समझा सकते हो कि जरूर कोई की मत से यह (देवता) बने हैं ना। भारत में किसको भी यह पता नहीं कि यह इतना ऊंच विश्व के मालिक कैसे बने। तुमको तो यही ___ चढ़ना चाहिए। यह एम आब्जेक्ट का चित्र सदैव छाती से लगा होना चाहिए। किसको भी बताओ – हमको भगवान पढ़ाते हैं, जिससे हम विश्व का महाराजा बनते हैं। बाप आये हैं इस राज्य की स्थापना करने।
° _मामेकम्_, _बाप_, _सत_,
_अकाल_, _श्री-श्री_, _नशा_,

11. बाप बैठ बच्चों को शिक्षा देते हैं – बच्चे ___ -अभिमानी बनो। यह आदत तुम्हारी फिर ___ जन्म के लिए चलती है। बाबा घड़ी-घड़ी मूल बात समझाते हैं – अपने को ____ समझकर बैठो। ____ बाप हम आत्माओं को बैठ समझाते हैं, तुम घड़ी-घड़ी ___ -अभिमान में आ जाते हो फिर घरबार आदि याद आ जाता है। यह होता है।
° _आत्म_, _21_, _आत्मा_, _परमात्मा_, _देह_

12. यह लिखा हुआ है। देह सहित देह के सर्व सम्बन्ध छोड़ अपने को ___ समझो। बाप याद दिलाते हैं – तुम बच्चे पहले-पहले ____ आये थे, वहाँ तो पवित्र ही रहते हैं। फिर यहाँ आकर अपवित्र भी जरूर होना है। सतयुग को ____ वर्ल्ड, कलियुग को विशश वर्ल्ड कहा जाता है। अब तुम ____ -पावन बाप को याद करते हो कि हमको पावन ____ बनाने आप विशश दुनिया, विशश शरीर में आओ। किसी को समझाओ तो बोलो – बाप कहते हैं तुम अशरीरी आये, अब ____ बनकर जाना है।
° _आत्मा_, _अशरीरी_, _वाइसलेस_, _पतित_, _वाइसलेस_, _अशरीरी_

13. आदि सनातन _____धर्म वाले भी तमोप्रधान बन गये हैं। ____ का भगवान कब आया था? ____ का युग कब था? कोई भी नहीं जानते। तुम जानते हो इस ____ -युग पर ही बाप आकर राजयोग सिखलाते हैं। तमोप्रधान से सतोप्रधान बनाते हैं। भारत की ही बात है। अनेक धर्म भी थे जरूर। गायन है एक धर्म की ____ , अनेक धर्मों का विनाश। सतयुग में था एक धर्म, अभी नहीं है। बाकी सब खड़े हैं। ____ के झाड़ का मिसाल भी बिल्कुल ठीक है।
° _देवी देवता_, _गीता_, _गीता_, _संगम_, _स्थापना_, _बड़_

14. ब्रह्मा के चित्र पर ही मूंझते हैं कि दादा को क्यों बिठाया है। समझाना चाहिए यह तो ____ -रथ है। शिव भगवानुवाच है – यह रथ मैंने लिया है क्योंकि मुझे प्रकृति का ____ जरूर चाहिए। नहीं तो मैं तुमको पतित से ____ कैसे बनाऊं। रोज़ पढ़ाना भी जरूर है। भागीरथ को ही ब्रह्मा कहा जाता है, जिसको ____ भी कहते हैं। यहाँ देलवाड़ा मन्दिर में बैठे हुए हैं ना।
° _भागी_, _आधार_, _पावन_, _महावीर_

15. गीत:- ____ देख ले प्राणी….. ओम् शान्ति। मीठे-मीठे रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप कहते हैं – अपनी ___ करो कि याद की यात्रा से हम तमोप्रधान से सतोप्रधान तरफ कितना आगे बढ़े हैं क्योंकि जितना-जितना याद करेंगे उतना ___ कटते जायेंगे।
° _मुखड़ा_, _जांच_, _पाप_

16. बाबा हमको ____ पर बिठाए ले जायेंगे। इन ____ से जो देखते हैं यह कुछ भी रहना नहीं है। यहाँ तो मनुष्य हैं कांटों मिसल। सतयुग है फूलों का बगीचा। फिर हमारे ____ ही ठण्डे हो जायेंगे।
° _नयनों_, _आंखों_, _नयन_

17. कौन सी एक आदत *ईश्वरीय कायदे के विरूद्ध* है, जिससे बहुत नुकसान होता है?
° कोई भी *फिल्मी कहानियां* सुनना वा पढ़ना, *नाविल्स* पढ़ना… यह आदत बिल्कुल बेकायदे है, इससे बहुत नुकसान होता है। (बाबा की मना है-बच्चे, तुम्हें ऐसी कोई किताबें नहीं पढ़नी है। अगर कोई बी.के. ऐसी पुस्तकें पढ़ता है तो तुम एक-दो को सावधान करो।)

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