Answers from Sakar Murli 24-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-12-2020*

1. जोश में आना भी मन का _____ है – अब यह फाइल खत्म करो।
° _रोना_

2. संगमयुग पर विशेष *सर्व प्राप्तियों में स्वयं को सम्पन्न* बनाना है, इसलिए क्या चेक करना है? _(वरदान)_
° सर्व *खजाने* , सर्व *सम्बन्ध* , *सर्वगुण* और *कर्तव्य* को सामने रख चेक करो कि सर्व बातों में *अनुभवी बने हैं?* यदि किसी भी बात के अनुभव की कमी है तो उसमें स्वयं को *सम्पन्न बनाओ* । (एक भी सम्बन्ध वा गुण की कमी है तो *सम्पूर्ण स्टेज* वा सम्पूर्ण मूर्त नहीं कहला सकते इसलिए बाप के गुणों वा अपने आदि स्वरूप के गुणों का अनुभव करो तब सम्पूर्ण मूर्त बनेंगे।)

3. “मीठे बच्चे – यह शरीर रूपी _____ आत्मा रूपी चैतन्य _____ से चलता है, तुम अपने को आत्मा निश्चय करो तो _____ बन जायेंगे। हम आत्मा सुनती हैं, यह पक्की-पक्की _____ डालनी है।
° _खिलौना_, _चाबी_, _निर्भय_, _आदत_

4. *आत्मा शरीर के साथ खेल* खेलते नीचे आई है इसलिए उसको कौन सा नाम देंगे?
° *कठपुतली* । (जैसे ड्रामा में कठपुतलियों का खेल दिखाते हैं वैसे तुम आत्मायें कठपुतली की तरह 5 हज़ार वर्ष में खेल खेलते नीचे पहुँच गयी हो। बाप आये हैं तुम कठपुतलियों को ऊपर चढ़ने का रास्ता बताने। अब तुम *श्रीमत की चाबी लगाओ तो ऊपर चले जायेंगे*।)

5. यह ज्ञान का सागर तुम बच्चों को ज्ञान _____ देते, जिससे तुम देवता बनते। तुम ज्ञान रत्न ____ -ते हो। अब रत्न चुगने से तुम ____ -बुद्धि, _____ -नाथ बनते हो ना। यह पारसनाथ (लक्ष्मी-नारायण) विश्व के ____ थे।
° _रत्न_, _चुग_, _पारस_, _पारस_, _मालिक_

6. रूहानी बाप रूहानी बच्चों को ____ -मत देते। अभी तुम बच्चों को ____ मत मिल रही है।बाप हमको कितनी _____ मत दे रहे हैं। जरूर मनुष्य से _____ बनाने की मत देते हैं।
° _श्री_, _ईश्वरीय_, _ऊंच_, _देवता_

7. बाप कहते हैं तुम पतित बन गये हो, अब _____ बनने लिए _____ याद करो। यह _____ बनने का मेला संगमयुग पर ही होता। मुझे याद करो चाबी लग जायेगी, आत्मा _____-प्रधान बन जायेगी। अब तुम्हारी आत्मा रूपी _____ भरती है। जितना याद करेंगे उतना उसमे _____ भरती जायेगी।
° _पावन_, _मामेकम्_, _पुरूषोत्तम_, _सतो_, _बैटरी_, _पावर_

8. कहाँ भी बैठे बाप को _____ करना है। मालूम है बाप की याद से ही हमारे _____ विनाश होंगे। खाते-पीते, _____ आदि करते बाप को याद करो। हर एक को अपने को ही ____ करनी है। ईश्वर ने तो मत दी है कि ऐसे-ऐसे करो तो तुम्हारी _____ बुद्धि बन जायेगी।
° _याद_, _विकर्म_, _स्नान_, _मदद_, _दैवी_

9. ड्रामा चलता रहता, इसके आदि-मध्य-अन्त को कोई जानते नहीं, बाप ने समझाया है अब तुमको _____ आई है। बाप अर्थ समझाते हैं _____ कला और उतरती कला का, 5 हज़ार वर्ष की बात है। अभी तुम सो ब्राह्मण बने हो फिर सो _____ (सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी) बनेंगे। यहाँ बच्चों को डायरेक्ट _____ बना रहे। वह है _____ -धाम, वहाँ बीमारी आदि कोई होती नहीं। _____ से राजाई पद पाये, ऐसा तो कभी सुना नहीं होगा।
° _स्मृति_, _चढ़ती_, _देवता_, _पावन_, _सुख_, _पढ़ाई_

10. तुम्हारे पास जब कोई आते हैं तो बोलो तुम ईश्वर की ____ हो ना। ईश्वर ____ -बाबा है, शिवजयन्ती भी मनाते हैं। वह है भी _____ दाता। उनको अपना _____ तो है नहीं, तो निराकार बाप भी आये कैसे? गायन भी है ____ पर आते हैं।
° _सन्तान_, _शिव_, _सद्गति_, _शरीर_, _रथ_

11. लिखना चाहिए – निराकार भगवान कहते हैं मुझ एक को _____ करो। अपने को _____ समझो। अपनी _____ को भी याद नहीं करो। _____ ज्ञान एक ही शिवबाबा से तुमको मिलता है। यह ज्ञान सागर से _____ निकलते हैं।
° _याद_, _आत्मा_, _देह_, _अव्यभिचारी_, _रत्न_

12. जितना _____ करेंगे – उतना ऊंच पद पायेंगे। ____-राउन्ड सर्विस करनी है। बाप की सर्विस में हम ____ देने भी तैयार हैं। बहुत बच्चियाँ तड़पती रहती – बाबा हमको छुड़ाओ तो सर्विस में लगे, जिससे बहुतों का _____ हो। अभी इस रूहानी सेवा से ____ कला होती है।
° _सर्विस_, _आल_, _हड्डी_, _कल्याण_, _चढ़ती_

13. जो बाबा की दिल पर सो ____ तख्त पर बैठते हैं। ऐसे ही _____ माला में आ जाते। _____ भी होते, सर्विस भी करते। बाप बहुत याद-प्यार उनको देंगे जो ____ में हैं। तो जांच करनी है, मैं ____ पर चढ़ा हुआ हूँ? ____ का दाना बन सकता हूँ?
° _ताउसी_, _विजय_, _अर्पण_, _सर्विस_, _दिल_, _माला_

14. ईश्वर की मत *एक ही बार* मिलती। क्यों?
° क्योंकि ईश्वर तो *आते ही हैं एक बार*। तो उनकी मत भी एक बार ही मिलेगी। (एक देवी-देवता धर्म था। जरूर उन्हों को ईश्वरीय मत मिली थी, उसके आगे तो हुआ संगमयुग। बाप आकर दुनिया को बदलाते हैं। तुम अब बदल रहे हो।)

15. जो नापास होते हैं वह चन्द्रवंशी बन जाते हैं। किसमें *नापास* होते, ज्ञान या योग?
° *योग में*। (ज्ञान तो बहुत सहज समझाया है। कैसे तुम 84 का चक्र लगाते हो।)

16. *मुख्य कड़ी बीमारी* कौन-सी है?
° *देह-अभिमान* से ही फिर और विकार आते हैं। मुख्य कड़ी बीमारी देह-अभिमान की है। (सतयुग में देह-अभिमान का नाम ही नहीं होगा। वहाँ तो है ही तुम्हारी प्रालब्ध।)

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