*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 25-12-2020*
1. याद और सेवा दोनों का _____ ही डबल लॉक 🔒है।
° _बैलेन्स_
2. संगमयुग पर सदा स्व में स्थित रहने से तन का कर्मभोग योग में परिवर्तन कर देते इसलिए सदा _____ हो। मनमनाभव होने के कारण ______ की खान से सदा सम्पन्न हो। ____ धन सब धनों से श्रेष्ठ है, उनकी प्रकृति स्वत: दासी बनती। सर्व ____ एक के साथ हैं, सम्पर्क भी _____ -हंसों से है…इसलिए श्रेष्ठ भाग्यवान का ______ स्वत: प्राप्त है।
° _स्वस्थ_, _खुशियों_, _ज्ञान_, _संबंध_, _होली_, _वरदान_
3. तुम *बच्चों का अतीन्द्रिय सुख गाया हुआ* है, क्यों? (3)
° क्योंकि तुम *सदा ही बाबा की याद में खुशियाँ मनाते* हो, अभी तुम्हारी सदा ही क्रिसमस है। तुम्हें *भगवान पढ़ाते* हैं, इससे बड़ी खुशी और क्या होगी, यह *रोज़ की खुशी* है इसलिए तुम्हारा ही अतीन्द्रिय सुख गाया हुआ है।
4. ज्ञान का तीसरा _____ देने वाला रूहानी बाप रूहानी बच्चों को समझाते। बाप आकरके मुक्तिधाम-जीवनमुक्तिधाम की _____ बता रहे। इस तीसरे नेत्र से तुम ______ के आदि-मध्य-अन्त को जान गये। यही तुम्हारी बुद्धि में ज्ञान की _____ है। _____ ….’ यही सबसे मीठी चीज़ है, बस बाप को याद करो।
° _नेत्र_, _राह_, _सृष्टि चक्र_,
_सैक्रीन_, _मनमनाभव_
5. तुम बच्चे इस समय ब्रह्मा मुख वंशावली _____ कुल भूषण हो। तुम्हारा है ______ कुल, इसको कहा जाता है ऊंच ते _____ कुल। इस समय तुम्हारा यह _____ अमूल्य है। तो बाबा कहते हैं इस समय पांच ______ को छोड़कर योग में रहो तो _____ बढ़ती रहेगी, बढ़ते-बढ़ते 150 वर्ष हो जायेगी।
° _ब्राह्मण_, _सर्वोत्तम_, _ऊंच_, _जीवन_, _विकारों_,
_आयु_
6. गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए, अपने धन्धेधोरी का कर्तव्य करते हुए ____ फूल के समान रहो और मुझे _____ करो। यहाँ तो तुम ______ -जन्मान्तर उस माशूक के आशिक रहे हो। तुम मुझे याद करो तो तुम्हारे _____ कट जायें, क्योंकि बाप _____ -पावन है। अभी तुम _____ बनो।
° _कमल_, _याद_, _जन्म_,
_पाप_, _पतित_, _पावन_
7. जब तक जीना है बाबा को _____ करना है। बाप कहते हैं तुम अपने को _____ समझकर बाप को याद करो और _____ गुण धारण करो तो ऐसे बन जायेंगे। तो बच्चों को _____ अच्छी तरह पढ़नी चाहिए, मुख्य तन्त है _____ को याद करो।
° _याद_, _आत्मा_, _दैवी_, _पढ़ाई_, _बाप_
8. बाप आकरके बच्चों को समझाते, तुम्हारे अभी सुख के ____ आने वाले हैं, पुकारते भी हो – हे _____ हर्ता, सुख दाता। जानते हो बरोबर _____ में सब सुखी ही सुखी हैं। सारे दुनिया की _____ को पार लगाना है। यह सारी दुनिया जैसे एक बहुत बड़ा _____ है इनको पार लगाते हैं।
° _दिन_, _दु:ख_, _सतयुग_,
_नईया_, _जहाज_
9. जब प्रदर्शनी में या सेन्टर पर कोई भी आते हैं तो उनको *पहले-पहले* क्या समझाओ?
° बाबा को याद करो क्योंकि *वह ऊंच ते ऊंच है*। तो ऊंचे ते ऊंचे को ही याद करना चाहिए, उनसे कम को थोड़ेही याद करना चाहिए। (कहते हैं ऊंचे से ऊंचा भगवान। भगवान ही तो *नई दुनिया की स्थापना* करने वाले हैं।)
10. अपने से पूछना चाहिए, मैं उत्तम हूँ, मध्यम हूँ या _____ हूँ? अपने को आपेही परखना चाहिए, मैं ऐसे ऊंचे ते ऊंचा इम्तहान पास करके ऊंच पद पाने के _____ हूँ? मैं _____ करता हूँ? तुम अपने को ____ समझ करके निश्चयबुद्धि होकरके सर्विस में लग जाओ। बाप की सर्विस, ऑन ___ फादरली सर्विस।
° _कनिष्ट_, _लायक_, _सर्विस_, _आत्मा_, _गॉड_
11. यह मैजिस्टी से भी *ऊंची सर्विस* है, कैसे?
° क्योंकि *मैजिस्टी (महाराजा) बनाते* हैं। (यह भी तुम समझ सकते हो कि बरोबर हम वर्ल्ड का मालिक बनते हैं।)
12. बाप कहते हैं – बच्चे, सर्विसएबुल बनो, बाबा को फालो करो क्योंकि *मैं भी तो सर्विस करता हूँ ना*। शिवबाबा ने अपनी सर्विस का कौन-सा *जबरदस्त मिसाल* सुनाया?
° मैं आया ही हूँ सर्विस करने लिए और *रोज़-रोज़ सर्विस* करता हूँ क्योंकि *रथ भी तो लिया है* ना। रथ भी मज़बूत, अच्छा है और सर्विस तो इनकी सदैव है। भले इनका शरीर बीमार पड़ जाये, मैं तो बैठा हूँ ना। तो मैं इनके अन्दर में बैठ करके लिखता भी हूँ, अगर यह *मुख से नहीं भी बोल सके तो मैं लिख सकता हूँ*। मुरली नहीं मिस होती है।
13. जो अच्छी रीति पुरूषार्थ करते उनको ही ____ -वीर कहा जाता, जो बाबा के _____ पर चलते। जब भी किससे बात करो तो समझो हम ____ हैं, अपने _____ से बात करते। बैठक कहाँ है? ____ तख्त पर। आत्मा अकाल मूर्त है, वह कभी विनाश नहीं होती। दुनिया में जो भी आत्मायें हैं, उनका तख्त यह _____ है।
° _महा_, _डायरेक्शन_, _आत्मा_, _भाई_, _अकाल_,
_भ्रकुटी_
