*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 29-12-2020*
1. स्वभाव इज़ी और पुरूषार्थ _____ वाला बनाओ।
° _अटेन्शन_
2. जो स्नेही को पसन्द है वही स्नेह करने वाले को पसन्द हो – यही *स्नेह का स्वरूप* है। चलना-खाना-पीना-रहना *स्नेही के दिलपसन्द* हो, तो इसके लिए क्या पुरूषार्थ है?
° जो भी संकल्प वा कर्म करो तो *पहले सोचो कि यह स्नेही बाप के दिलपसन्द है*। ऐसे सच्चे स्नेही बनो तो निरन्तर योगी, *सहजयोगी* बन जायेंगे। (यदि स्नेही स्वरूप को *समान स्वरूप* में परिवर्तन कर दो तो *अमर भव* का वरदान मिल जायेगा और *जुदाई को सदाकाल के लिए विदाई* मिल जायेगी।)
3. आने वाला है ____ -लोक, यह है मृत्युलोक, बीच का यह है पुरुषोत्तम संगमयुग। अब बाप आत्माओं को पढ़ाते इसलिए बच्चों को कहते _____ -अभिमानी हो बैठो। यह निश्चय करना है – हमको बेहद का बाप निराकार _____ पढ़ाते। यह है गॉड फादरली _____ युनिवर्सिटी, हमारी एम ऑब्जेक्ट यह है – लक्ष्मी- _____ या अमरलोक का _____ बनना।
° _अमर_, _आत्म_, _शिव_, _वर्ल्ड_, _नारायण_, _देवता_
4. बाप समझाते हैं – पहले-पहले तो अपने को _____ समझो। आत्मा ही एक _____ छोड़ दूसरा लेती। अभी तुमको _____ -अभिमानी बनना है। तुम अशरीरी आये थे फिर ______ बन वापिस जाना है। आत्मा समझ बाप को याद करो। यह है ______ यात्रा। आत्मा अपने रूहानी बाप को ____ करती, जिससे पाप भस्म हो जायेंगे।
° _आत्मा_, _शरीर_, _देही_,
_अशरीरी_, _रूहानी_, _याद_
5. पहले _____-प्रधान थे तो _____-बुद्धि थे। अभी अपने श्रेष्ठ _____ धर्म-कर्म को भी भूल गये, अभी सतयुगी _____-लेस कैसे बनें? इन लक्ष्मी-नारायण जैसा _____-गुण सम्पन्न बनना है, खान पान की भी परहेज चाहिए। तुम पवित्र वैष्णव बन _____-वंशी बनते हो।
° _सतो_, _पारस_, _दैवी_, _वाइस_, _सर्व_, _विष्णु_
6. नई दुनिया वह थी, जहाँ यह देवी-देवतायें _____ करते थे। यह सारे विश्व के _____ थे।बेहद के बाप का भी प्लैन हैं _____ -राज्य बनाने का। तुम इस नॉलेज से देवता बन _____ पर जीत पाते। तुम ही इस ज्ञान से फिर यह इतना ____ पद पाते हो।
° _राज्य_, _मालिक_, _राम_, _काल_, _ऊंच_
7. मुख्य है _____ बनने की बात। बाप की ______ में रहना है। इसी में ही _____ विघ्न डालती है। तुम बाप को याद करते हो अपना _____ पाने लिए। कभी भी मुरली मिस न हो, मुरली से कहाँ भी बैठे _____ होते रहेंगे। श्रीमत पर चलना पड़े, ____ बनने लिए।
° _पवित्र_, _याद_, _माया_, _वर्सा_, _रिफ्रेश_, _श्रेष्ठ_
8. योग अथवा याद से _____ मिलता है। योगबल से तुम विश्व की _____ लेते हो। बाप राजयोग सिखाकर _____ बनाते हैं।
° _बल_, _बादशाही_, _पावन_
9. सभी एक बाप को ही पुकारते हैं – हे ____ -पावन आओ। वह एक ही गॉड फादर है जो जन्म-मरण रहित है। आत्मा का वा परमात्मा का रूप बहुत सूक्ष्म है, जिसको ____ व बिन्दू कहते। एक उनको ही कहा जाता वाह ____ वाह! (ज्ञान से सद्गति देते)
° _पतित_, _स्टॉर_, _सतगुरू_
10. निराकार आत्मायें सब आकर अपना-अपना ____ लेती हैं। हर एक _____ मूर्त आत्मा का तख्त है यह। निराकार खुद _____ में जब बैठे तब बोल सके, पतितों को पावन बनायें। बाप कहते हैं मैं निराकार आकर इनका ____ लोन लेता हूँ, इनको ____ -शाली रथ कहा जाता।
° _रथ_, _अकाल_, _रथ_, _टेप्रेरी_, _भाग्य_
11. बाप ही सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का राज़ बताए तुम बच्चों को _____-दर्शी _____-स्तिक बनाते हैं। _____ को बहुत अच्छी रीति समझना है। _____ मिसल टिक-टिक होती रहती। जो कुछ होता फिर कल्प 5 हज़ार वर्ष बाद हूबहू _____ होगा। इसको बहुत अच्छी रीति समझकर बेहद का _____ करना है।
° _त्रिकाल_, _आ_, _ड्रामा_, _जूं_, _रिपीट_, _संन्यास_
12. सबका हक है। सबको कहना है अपने को _____ समझो। माँ-बाप में ज्ञान होगा तो बच्चों को भी सिखायेंगे – ____ -बाबा को याद करो, दूसरा न कोई। एक की _____ से ही तमोप्रधान से सतोप्रधान बन जायेंगे। इसमें पढ़ाई बहुत _____ चाहिए।
° _आत्मा_, _शिव_, _याद_, _अच्छी_
13. कोई *विलायत* जाते हैं कहेंगे वहाँ हम यह नॉलेज पढ़ सकते हैं?
° बाप कहते हैं हाँ *कहाँ भी* बैठ तुम पढ़ सकते हो। इसमें पहले 7 रोज़ का *कोर्स* लेना पड़ता है। बहुत सहज है, आत्मा को सिर्फ यह *समझना* होता है। हम *सतोप्रधान विश्व के मालिक थे* तब सतोप्रधान थे। अब काम-वश तमोप्रधान बन गये हैं, अब *ज्ञान* -चिता पर बैठना है। (अब कलियुग है फिर जरूर सतयुग होना है, वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट होती है, चक्र फिरता रहता है ना। बाप को याद करने से ही पाप भस्म हो जायेंगे, इनको योग अग्नि कहा जाता है। याद तो तुम कहाँ भी कर सकते हो। 7 रोज़ में समझाना होता है।)
14. तुम बच्चे *किस नॉलेज को समझने के कारण* बेहद का संन्यास करते हो?
° तुम्हें ड्रामा की यथार्थ नॉलेज है, तुम जानते हो ड्रामानुसार अब इस *सारे मृत्युलोक को भस्मीभूत होना* है। अभी यह दुनिया *वर्थ नाट एपेनी* बन गई है, हमें वर्थ पाउण्ड बनना है। (इसमें जो कुछ होता है वह फिर *हूबहू कल्प के बाद रिपीट होगा* इसलिए तुमने इस सारी दुनिया से बेहद का संन्यास किया है।)
15. बच्चे कम पैदा हों उसके लिए भी कितना माथा मारते रहते, कितनी दवाइयां आदि निकालते। बाप के पास तो *एक ही दवाई* है। कौन-सी?
° तुमको बाबा ने ऐसी दवाई दी है *मनमनाभव* की, जिससे तुम 21 जन्मों के लिए पवित्र बन जाते हो। (एक धर्म की स्थापना होनी है। वह समय आयेगा सब कहेंगे यह तो पवित्र बन रहे हैं। फिर दवाई आदि की भी क्या दरकार है।)
