*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 31-12-2020*
1. _____ स्वरूप स्थिति का अनुभव करना है, तो संकल्पों की गति को धैर्यवत बनाओ।
° _शक्ति_
2. बुद्धि सभी कर्मेन्द्रियों में ____ -मणी है। जो विशाल बुद्धि-सालिम हैं, उनका _____ सदा चमकता क्योंकि बुद्धि रूपी ____ में सारा ज्ञान भरा हुआ है, जिससे दान कर महादानी बन जाते। तुम बुद्धि को सदा ज्ञान का _____ देते भरपूर रहो, तो प्रकृति को भी ____ -बल से ठीक कर लेती। सर्वोत्तम बुद्धि वाले सर्वोत्तम ____ कर वैकुण्ठ की बादशाही प्राप्त करते।
° _शिरो_, _मस्तक_, _तिजोरी_, _भोजन_, _कमाई_
3. सयाने जो होंगे वह झट समझ जायेंगे। बेहद का बाप है, उनसे जरूर _____ का वर्सा मिलना चाहिए। मिला था, अब नहीं है फिर _____ रहा है। एम _____ सामने खड़ा है। बाप ने जब स्वर्ग की स्थापना की थी, तुम स्वर्ग के _____ थे।
° _स्वर्ग_, _मिल_, _ऑब्जेक्ट_, _मालिक_
4. तुम कहेंगे हम आये हैं – सारे विश्व को माया की ____ से छुड़ाने। तुम भी ज्ञान प्राप्त कर ____ ज्ञान सागर बनते हो ना।बाबा हमको ____ हाउस का भी टाइटिल देते। एक आंख में ____ -धाम, दूसरी आंख में ____ -धाम। बाप कहते हैं इन आंखों से जो कुछ तुम देखते हो, उनको ___ ।
° _जंजीरों_, _मास्टर_, _लाइट_, _मुक्ति_, _जीवनमुक्ति_, _भूलो_
5. सिर्फ रचयिता ___ को याद करना और कराना है। आत्मा को अपने बाप को याद करना है, इसको ही ____ योग कहा जाता। ____ भी एक से ही सुनना है, वह है अव्यभिचारी ज्ञान। याद भी एक को करो। मेरा तो एक, ____ न कोई। जब तक अपने को ____ निश्चय नहीं करेंगे तब तक एक की याद आयेगी नहीं।
° _बाप_, _अव्यभिचारी_, _ज्ञान_, _दूसरा_, _आत्मा_,
6. अभी तुम बच्चों को अपनी _____ का पता पड़ा है। और _____ जन्मों का भी मालूम पड़ा है। भल कहते हैं आत्मा बिन्दी है, भ्रकुटी के बीच स्टार है, परन्तु _____ रीति किसी की बुद्धि में नहीं है। सतयुग में हैं सब _____-यस।
° _आत्मा_, _84_, _यथार्थ_, _राइटि_
7. अब बाप कहते हैं – बच्चे, ____ बनो। तुम पुकारते थे ना कि हे ____ -पावन आओ।बाप कहते हैं तुम ____ -धाम में पवित्र तो थे ना। मेहनत कर ____ बनने से खुशी का पारा भी चढ़ेगा। जितना खाद निकलती जायेगी उतना ___ पद मिलेगा, जो जितना पुरुषार्थ करे।
° _पावन_, _पतित_, _शान्ति_, _पावन_, _ऊंच_
8. कर्मेन्द्रियों की *चंचलता समाप्त* कब होगी?
° जब तुम्हारी *स्थिति सिलवर एज़ तक* पहुँचेगी अर्थात् जब आत्मा त्रेता की *सतो स्टेज* तक पहुँच जायेगी तो कर्मेन्द्रियों की चंचलता बंद हो जायेगी। (अभी तुम्हारी *रिटर्न जरनी* है इसलिए कर्मेन्द्रियों को वश में रखना है। कोई भी छिपाकर ऐसा *कर्म* नहीं करना जो आत्मा पतित बन जाए। अविनाशी सर्जन तुम्हें जो *परहेज* बता रहे हैं, उस पर चलते रहो। अपना चार्ट देखना है)
9. कहाँ भी हो तुम बाप_को याद करो। याद में रहेंगे, ____ -दर्शन चक्रधारी बनेंगे तो कहाँ भी रहते तुम ____ पद पा लेंगे। जितना इन्डीविज्युअल _____ करेंगे उतना पद पायेंगे। घर में रहते भी याद की _____ में रहना है। अभी _____ रिजल्ट में थोड़ा टाइम पड़ा है। फिर नई दुनिया भी तैयार चाहिए ना, अभी ____ अवस्था बनानी है।
° _स्व_, _ऊंच_, _मेहनत_, _यात्रा_, _फाइनल_, _कर्मातीत_
10. तुम सबकी बड़ाई करते, बोलते हो तुम यह ____ थे फिर 84 जन्म भोगे। अब फिर ____ -प्रधान बनना है तो उसके लिए _____ चाहिए। समझ जाएं तो _____ का पारा चढ़े। समझाने वाले का तो और ही _____ चढ़ जाए। बेहद के बाप की ____ कहानी सुनाते हैं!
° _देवता_, _सतो_, _योग_, _खुशी_, _पारा_, _जीवन_
11. जैसे बाप तुम _____ को समझाते हैं, तुमको फिर औरों को समझाना है। जरूर बाप के _____-गार चाहिए ना। “मीठे बच्चे – तुम्हारी यह _____ मिशन है, तुम सबको ईश्वर का बनाकर उन्हें बेहद का _____, बेहद का सुख दिलाते हो”
° _बच्चों_, _मदद_, _ईश्वरीय_, _वर्सा_
12. तुम पहले फॉर्म भराते – आत्मा का ____ कौन? अपने-अपने ____ में भी तुम समझा सकते हो। एक-दो मुख्य चित्र सीढ़ी, त्रिमूर्ति, _____ यह बहुत जरूरी है। बाप कहते आदि सनातन देवी-देवता धर्म का सैपलिंग तो लगा फिर झाड़ के ____ भी तुमको बनाने हैं। बाबा पुरुषार्थ कराते रहते – ____ -समान बनाने लिए।
° _बाप_, _घर_, _झाड़_, _पत्ते_, _आप_
13. रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप समझा रहे। जो भी रूहानी बच्चे प्रजापिता ब्रह्मा ____ -वंशावली हैं, वह जानते। पहले तुम शूद्र थे फिर आकर ____ बने हो। फिर _____ वर्ण के बनेंगे। जज योर ____ । भेंट करो, जो जन्म-जन्मान्तर सुना और जो ज्ञान सागर बाप समझाते – _राइट_ क्या है?
° _मुख_, _ब्राह्मण_, _देवता_, _सेल्फ_
14. _____ की बायोग्राफी का किसको पता नहीं है। निराकार बाप को जरूर _____ तो चाहिए ना, जिससे अमृत दे। अभी तुम जानते हो, समझते हो शिवबाबा का _____ यह है।
° _ब्रह्मा_, _मुख_, _रथ_
