Answers from Sakar Murli 04-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-12-2020*

1. आज्ञाकारी बच्चे ही _____ के पात्र हैं, जिनका प्रभाव दिल को सदा ______ रखता है।
° _दुआओं_, _सन्तुष्ट_

2. मनन शक्ति ही ____ बुद्धि की खुराक है। इस शक्ति द्वारा मास्टर _____ बनो। रोज़ अमृतवेले अपने एक _____ को स्मृति में लाकर मनन करते रहो, तो _____ शक्ति से बुद्धि शक्तिशाली रहेगी। माया का वार नहीं होगा क्योंकि माया पहले ____ संकल्प रूपी वाण द्वारा दिव्यबुद्धि को कमजोर बनाती।
° _दिव्य_, _सर्वशक्तिमान_, _टाइटल_, _मनन_, _व्यर्थ_

3. अब जागो, सतयुग आ रहा है। सत्य बाप ही तुमको 21 जन्मों का ____ देते हैं। भारत ही ____ -खण्ड बनता है। वहाँ सदैव खुशी रहती है, वह है ही ____ -धाम। वहाँ तो हीरे जवाहरातों के महल होते, बाप तुमको ____ का खजाना देते। ____ राज्य को ही पैराडाइज कहा जाता है।
° _वर्सा_, _सच_, _सुख_, _कारून_, _डीटी_

4. किन बच्चों को देखकर *बेहद का बाप बहुत खुश* होते हैं? (3)
° जो बच्चे *सर्विस के लिए एवररेडी* रहते हैं, पतितों को *पावन बनाने* की सेवा करते हैं,
° अलौकिक और पारलौकिक *दोनों बाप को पूरा फालो* करते हैं,
° *ज्ञान-योग (के गहनों) से आत्मा को श्रृंगारते* हैं,
ऐसे बच्चों को देख बेहद के बाप को बहुत खुशी होती है। (बाप की चाहना हैं मेरे बच्चे मेहनत कर ऊंच पद पायें।)

5. अभी तुमको एक बाप को ही याद करना है। बाबा आप कितने _____ हैं, कितना मीठा ___ आप देते हैं। हमको मनुष्य से देवता, _____ लायक बनाते हो। बाबा आप तो सबसे मीठे हो। आपको हम क्यों नहीं ____ करेंगे। आपको प्रेम का, शान्ति का _____ कहा जाता है, आप ही वर्सा देते हो।
° _मीठे_, _वर्सा_, _मन्दिर_, _याद_, _सागर_

6. “मीठे बच्चे – बेहद का बाबा आया है तुम बच्चों का ज्ञान से श्रृंगार करने, ऊंच पद पाना है तो सदा ____ हुए रहो”
° _श्रृंगारे_

7. सुई पर अगर कट चढ़ी हुई होगी तो _____ खींचेगा नहीं। जितना पापों की ____ उतरती जायेगी तो चुम्बक खीचेगा। ____ तो पूरा प्योर है। तुमको भी पवित्र बनाते हैं ____ -बल से।
° _चुम्बक_, _कट_, _बाप_, _योग_

8. तुम्हारी अविनाशी ज्ञान रत्नों से ____ भरती है ना, यह तो पढ़ाई है। इनको कहा जाता है युनिवर्सिटी कम ____ , जिससे तुम एवरहेल्दी, ____ बनते हो। आत्मा ही इन ____ द्वारा सुनती है।
° _झोली_, _हॉस्पिटल_, _वेल्दी_, _कानों_

9. आत्मा तो ____ मिसल, बिन्दी है। बाप भी बिन्दी है, जिनको ____ सागर कहा जाता है। तुम भी छोटी आत्मा हो, उसमें सारा _____ भरा जाता। तुम फुल ज्ञान लेते हो, पास विद् ____ होते। आत्मा परमधाम से आती ____ बजाने, बाप कहते मैं भी वहाँ से आता। मै रूप भी हूँ, _____ भी, ज्ञान की वर्षा बरसाते।
° _स्टॉर_, _ज्ञान_, _ज्ञान_, _ऑनर_, _पार्ट_, _बसन्त_

10. अब बाप है ऊंच ते ऊंच, *फिर ऊंच ते ऊंच* किन्हें कहेंगे? _(आज की मुरली अनुसार)_
° यह *वर्सा लक्ष्मी-नारायण*, इन जैसा ऊंच बनना है। (जितना तुम पुरुषार्थ करेंगे उतना ऊंच पद पायेंगे। अभी अच्छा पुरुषार्थ किया तो कल्प-कल्प करते रहेंगे। रूहानी पढ़ाई से पद बहुत मिलता है। लक्ष्मी-नारायण भी हैं तो मनुष्य परन्तु *दैवीगुण धारण* करते हैं इसलिए *देवता* कहा जाता है।)

11 बाप _____ आकर बच्चों को पढ़ाते, यह _____ -शाला है ना। बाप कहते हैं मैं तुमको राजाओं का राजा बनाता, यह ____ -योग है। अभी तुम तीनों लोकों को जान गये हो। इतनी छोटी ____ कैसे पार्ट बजाती है, बना-बनाया। इनको कहते अनादि-अविनाशी ____ ड्रामा। बाप सारा राज़ समझाते, तुम _स्वदर्शन_ चक्रधारी हो।
° _सम्मुख_, _पाठ_, _राज_, _आत्मा_, _वर्ल्ड_

12. अभी तुम जानते हो फिर औरों को बताना है। *सबको कैसे पता पड़े*………. ऐसा लक्ष्य क्यों रखना है?
° जो फिर ऐसा *कोई उल्हना न दे* कि हमको पता नहीं पड़ा।

13. भक्ति में दीदार होता है तो बहुत रोते हैं, दु:ख में आकर *बहुत आंसू बहाते* हैं 😭। और यहाँ तो बाप कहते हैं…….. क्या?
° आंसू आया तो *फेल!*

14. *कोई शरीर छोड़ते* हैं तो बी.के. को बुलाते हैं कि आकर शान्ति दो। तुम समझाते हो……. क्या? (3)
° आत्मा ने *एक शरीर छोड़ दूसरा लिया*, रोने से क्या फायदा।
° कहते हैं, इनको काल खा गया.. ऐसी कोई चीज़ है नहीं। यह तो *आत्मा आपेही* एक शरीर छोड़ जाती है। *अपने समय पर* शरीर छोड़ भागती है। बाकी काल कोई चीज़ नहीं है।
° *सतयुग में* गर्भ महल होता है, *सज़ा की बात ही नहीं*। वहाँ तुम्हारे कर्म अकर्म हो जाते हैं। माया ही नहीं जो विकर्म हो। तुम विकर्माजीत बनते हो।

15. अब शिवबाबा ____ -लय की स्थापना कर रहे हैं। फिर रावण आकर ____ -लय स्थापन करते हैं। बाप ____ -खण्ड बनाते हैं, ____ खण्ड फिर 5 विकारों रूपी रावण बनाते। आधाकल्प है ____ -राज्य, आधाकल्प है _____ राज्य।
° _शिवा_, _वेश्या_, _सच_, _झूठ_, _राम_, _रावण_

16. *पहले-पहले* मुक्तिधाम किन्हें जाना हैं?
° *तुम बच्चे ही* पहले-पहले आते हो फिर पहले तुमको ही जाना है। मुक्तिधाम के *गेट्स भी तुमको खोलने हैं* । (फिर तुम सद्गति में जाते हो बाकी सब गति में अर्थात् अपने घर में जाते हैं। वह है स्वीट होम। मूलवतन तो है ही स्वीट होम, मुक्तिधाम।)

17. मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों वापस जाना है, उसके लिए ____ जरूर बनना है। _______ बनने बिगर कोई जा न सके। मैं सबको लेने आया हूँ। यह वानप्रस्थ अवस्था का समय है, इसलिए बहुत _____ रहना है। न बहुत ऊंच, न बहुत नींच। वापस जाने लिए आत्मा को सम्पूर्ण _____ बनाना है।
° _पवित्र_, _पवित्र_, _साधारण_, _पावन_

18. बाबा के पास बहुत बच्चे हैं जो *शादी करके भी पवित्र* रहते हैं। ऐसा कैसे हो सकता? _(संन्यासी तो कुछ और कहते)_
° हो सकता क्योंकि इसमें *आमदनी बहुत* है। (पवित्र रहने से *21 जन्मों की राजधानी* मिलती है तो एक जन्म पवित्र रहना कोई बड़ी बात थोड़ेही है। बाप कहते हैं तुम काम चिता पर बैठ बिल्कुल ही काले बन गये हो।)

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