*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 09-01-2021*
1. अपनी विशेषताओं को _____ में लाओ तो हर कदम में प्रगति का अनुभव करेंगे।
° _प्रयोग_
2. डबल लाइट फरिश्ता बनने लिए ____ भान की मिट्टी से भी परे रहो, यह भी बोझ-भारीपन है। फरिश्ता अर्थात् अपनी देह साथ भी ____ नहीं। बाप का दिया हुआ ____ भी बाप को दे दिया। सब हिसाब-किताब, सब लेन-देन बाप से बाकी सब पिछले ____ और रिश्ते खत्म – ऐसे सम्पूर्ण ____ ही डबल लाइट फरिश्ते हैं।
° _देह_, _रिश्ता_, _तन_, _खाते_, _बेगर_
3. तुम बच्चे समझते हो हमको हमारा _____ मिला है, पढ़ाते हैं। भगवानुवाच है ना! मैं तुमको _____-योग सिखाता हूँ। विश्व की _____ कैसे प्राप्त कराने सिखाता हूँ। हम विश्व की _____ लेने लिए बेहद के बाप से पढ़ते हैं – यह नशा हो तो अपार _____ आ जाए।
° _बाप_, _राज_, _राजाई_, _बादशाही_, _खुशी_
4. मीठे बच्चे – बेहद के बाप को याद करना – यह है ____ बात, याद से ____ मिलती है, जो याद नहीं करते उन्हें ____ भी कैसे याद करें। अभी तुम बच्चे बाप को जानते हो तो बाप की कितनी ____ करते हो।
° _गुप्त_, _याद_, _बाप_, _महिमा_
5. बोलो भारत ____ था ना, अभी नर्क है। सतयुगी _____ तो यहाँ हो नहीं सकता। जो सेकेण्ड-मिनट पास होता, वह हूबहू ____ होता। _____ बार रिपीट होते रहेंगे। हम सो ब्राह्मण हैं फिर हम सो क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र बनेंगे। फिर बाप आयेंगे तो हम सो ____ बन जायेंगे। यह याद करो तो भी स्वदर्शन चक्रधारी ठहरे, जिससे ____ बने हैं।
° _स्वर्ग_, _सुख_, _रिपीट_, _अनगिनत_, _ब्राह्मण_, _देवता_
6. संगम पर तुम बच्चे *कौन-सी पढ़ाई* पढ़ते हो जो सारा कल्प नहीं पढ़ाई जाती?
° *जीते जी शरीर से न्यारा* अर्थात् मुर्दा होने की पढ़ाई अभी पढ़ते हो क्योंकि तुम्हें कर्मातीत बनना है। (बाकी जब तक शरीर में हैं तब तक कर्म तो करना ही है। मन भी अमन तब हो जब शरीर न हो इसलिए मन जीते जगतजीत नहीं, लेकिन माया जीते जगतजीत।)
7. सर्विस का ___ देना है। देहभान को छोड़ अपना सच्चा-सच्चा _____ देना है। पास विद् ऑनर होने का _____ करना है। जब तुम आये हो यह (लक्ष्मी-नारायण) बनने तो _____ बड़ी अच्छी चाहिए।
° _सबूत_, _समाचार_, _पुरुषार्थ_, _चलन_
8. जब कोई नया आता है तो पहले-पहले उनको हद-बेहद के बाप का _____ देना चाहिए। वह है सब _____ का बाप। _____ ही अपनी पहचान देते हैं। आत्मा और परमात्मा का _____ तो एक ही है। वह भी आत्मा है परन्तु उनको _____ आत्मा कहा जाता, परमधाम से आते। सिर्फ एक ही बाप है जो _____-मरण में नहीं आता।
° _परिचय_, _आत्माओं_, _बाप_, _रूप_, _परम_, _जन्म_
9. सब कहते – हम पतित हैं। हे भगवान, हम सब पतित दुनिया के रहने वालों को ____ बनाओ। तुम्हारी बुद्धि में है पावन दुनिया आज से _____ वर्ष पहले थी, जिसको ____ -युग कहा जाता, फर्स्टक्लास। ____ जरूर रहना है, ____ विकार जीते जगतजीत।
° _पावन_, _5 हज़ार_, _सत_, _पवित्र_, _काम_
10. अब बेहद का बाप ऊंच ते ऊंच भगवान आते तो किसको पढ़ाते होंगे? जरूर जो ऊंच ते ऊंच बिल्कुल _____ होंगे। यह नॉलेज भी सब एकरस नहीं _____ कर सकते। यह पढ़ाई है, अपनी ______ अनुसार हरेक पढ़ते हैं। हरेक को अपना-अपना _____ मिला हुआ है। जिसने कल्प पहले जितनी _____ धारण की है उतनी अब भी धारण करते। पढ़ाई अनुसार ही ____ मिलता।
° _बेसमझ_, _धारण_, _बुद्धि_, _पार्ट_, _पढ़ाई_, _पद_
11. कोई देहधारी सबको कह न सके कि *मामेकम्* याद करो। क्यों?
° देहधारी की याद से तो *पाप कटते नहीं* हैं। (यदि कृष्ण कहे – देह के सब
संबंध त्याग मामेकम् याद करो परन्तु *देह के संबंध* तो कृष्ण को भी हैं और फिर वह तो छोटा-सा *बच्चा* है ना।)
12. परमात्मा तो *सर्वव्यापी* हो नहीं सकता, इसका एक अच्छा-सा कारण आज बाबा ने सुनाया। कौन-सा?
° जिसके लिए कहते हैं *सर्व का सद्गति दाता* है तो क्या वह भी दुर्गति को पाते हैं! परमात्मा कब *दुर्गति को पाता है क्या?* यह सब विचार सागर मंथन करने की बातें हैं।
13. यह आंखें जब तक पतित क्रिमिनल हैं, तो _____ चीज़ देखने में आ नहीं सकती। इसलिए ____ का तीसरा नेत्र चाहिए। जब तुम कर्मातीत अवस्था को पायेंगे अर्थात् देवता बनेंगे फिर तो इन आंखों से _____ को देखते रहेंगे। बाकी इस शरीर में इन आंखों से ____ को देख नहीं सकते।
° _पवित्र_, _ज्ञान_, _देवताओं_, _कृष्ण_
