*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 21-01-2021*
1. बालक सो _____ वह है जो तपस्या के बल से भाग्यविधाता बाप को अपना बना दे।
° _मालिक_
2. *यथार्थ श्रीमत पर चलने वाले* को प्राप्तियां क्या होती? (2)
° जो बच्चे स्वयं को ट्रस्टी समझकर श्रीमत प्रमाण चलते हैं, श्रीमत में जरा भी मनमत या परमत मिक्स नहीं करते उन्हें *निरन्तर खुशी, शक्ति और सफलता की अनुभूति* होती है।
° पुरूषार्थ वा *मेहनत कम होते भी प्राप्ति ज्यादा* हो तब कहेंगे यथार्थ श्रीमत पर चलने वाले। (परन्तु माया, ईश्वरीय मत में मनमत वा परमत को रायॅल रूप से मिक्स कर देती है इसलिए सर्व प्राप्तियों का अनुभव नहीं होता। इसके लिए *परखने और निर्णय करने की शक्ति धारण करो* तो धोखा नहीं खायेंगे।)
3. हम सब भाई-भाई हैं, वह सबका बाप सर्व- _____ है।तुम्हारे में सर्व- _____ थी, विश्व पर पवित्र देवी-देवता रूप में राज्य करते थे। जो ______ ताकत थी वह फिर कम होती जाती। अब फिर तुम निर्विकारी बन रहे, जैसेकि सर्वशक्तिमान् बाप को _____ कर उनसे शक्ति ले रहे। सर्वशक्तिमान् बाप से अपना _____ -योग लगात। बाप को याद करते-करते आत्मा बिल्कुल ____ हो जाती।
° _शक्तिमान्_, _शक्तियां_, _सतोप्रधान_, _याद_, _बुद्धि_, _प्योर_
4. देवताओं में जो सतोप्रधान *ताकत थी वह फिर दिन-प्रतिदिन कम* होती जाती है। सतोप्रधान से तमोप्रधान बनना है। इसके लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° *जैसे बैटरी* की ताकत कम होती जाती है तो मोटर खड़ी हो जाती है। बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है। (परन्तु आत्मा की बैटरी फुल डिस्चार्ज नहीं होती है, कुछ न कुछ ताकत रहती है।)
° जैसे कोई मरता है तो *दीपक* जलाते हैं, उसमें *घृत* डालते रहते हैं कि *ज्योति* बुझ न जाए।
5. हे बच्चों – अब तुम मुझे याद करो, मैं ऑलमाइटी हूँ, मेरे द्वारा ऑलमाइटी _____ मिलता है। सतयुग में देवी-देवता सारे _____ के मालिक थे, पवित्र थे, _____ गुणवान थे। सिवाए परमपिता परमात्मा के साथ योग लगाने के बैटरी _____ नहीं हो सकती। वह बाप ही एवर ____ है। एक को ही याद करना है, ऊंच ते ऊंच है ____ । बाकी सब हैं रचना। रचना से रचना को कभी वर्सा नहीं मिलता।
° _राज्य_, _विश्व_, _दैवी_, _चार्ज_, _प्योर_, _भगवान्_
6. बच्चों को दिल अन्दर समझना चाहिए – हमारे लिए बाबा नई दुनिया _____ की स्थापना कर रहे हैं। तुम जानते हो – _____ आने वाला है। सतयुग में होता ही है सदा _____ । वह कैसे मिलता? बाप समझाते मामेकम् _____ करो, मैं एवरप्योर हूँ। मैं जन्म-मरण में नहीं आता, सिर्फ तुम्हें स्वर्ग की _____ देने लिए, इनके वानप्रस्थ अवस्था के तन में आता हूँ।
° _स्वर्ग_, _सतयुग_, _सुख_, _याद_, _बादशाही_
7. सूक्ष्मवतन मे तो सिर्फ साक्षात्कार के लिए _____ हैं। तुम बच्चे भी अन्त में जब बिल्कुल _____ हो जाते हो तो तुम्हारा भी साक्षात्कार होता है। ऐसे फरिश्ते बन फिर सतयुग में यहाँ ही आकर स्वर्ग के _____ बनेंगे।
° _फरिश्ते_, _पवित्र_, _मालिक_
8. मैं बीजरूप हूँ ना। इस सारे झाड़ की _____ मेरे पास है। और किसको पता नहीं, सृष्टि की _____ कितनी है? कैसे इनकी स्थापना, पालना, _____ होता है? बाप तुमको बेहद की पढ़ाई पढ़ाते हैं, जिससे तुमको बेहद का _____ बनाते हैं।
° _नॉलेज_, _आयु_, _विनाश_, _मालिक_
9. यह सब अकाल आत्माओं के _____ हैं। आत्मा अकाल है जिसको ____ खा न सके, बाकी तख्त तो बदलते रहते हैं। _____ -मूर्त आत्मा इस तख्त पर बैठती है।
° _तख्त_, _काल_, _अकाल_
10. पिछाड़ी में *सब वापिस घर जायेंगे* । इसके कौन-से 2 मिसाल बाबा ने सुनाये?
° जैसे टिड्डियों का अथवा *मधुमक्खी का झुण्ड* जाता है ना। मधुमक्खियों की भी क्वीन होती है। उनके पिछाड़ी सब जाते हैं। (बाप भी जायेंगे तो उनके पिछाड़ी सब आत्मायें जायेंगी। वहाँ मूलवतन में जैसे सब आत्माओं का मनारा (छत्ता) है।)
° बाप आकर सब आत्माओं को ले जाते हैं। *शिव की बरात* कहा जाता है। बच्चे कहो अथवा *सजनियां* कहो। तुम ही पहले-पहले भागेंगे बाप के पिछाड़ी। तुम्हारा बाप के साथ अथवा *सजनियों का साजन के साथ योग* है। (बाप आकर बच्चों को पढ़ाकर याद की यात्रा सिखलाते। पवित्र बनने बिगर तो आत्मा जा नहीं सकती। जब पवित्र बन जायेगी तब पहले-पहले शान्तिधाम जायेगी। वहाँ जाकर सब निवास करते हैं। वहाँ से फिर धीरे-धीरे आते रहते हैं, वृद्धि होती रहती है।)
11. झाड़ धीरे-धीरे वृद्धि को पाता है। पहले-पहले तो है आदि सनातन _____ धर्म, जो बाप स्थापन करते। (इसके भी) पहले-पहले हमको ______ बनाते हैं, प्रजापिता ब्रह्मा है ना। प्रजा में _____ हो जाते, ब्रह्माकुमार और कुमारियां। जरूर _____ -बुद्धि होंगे तब तो इतने ढेर हुए हैं। तुम्हारे में भी जो _____ हैं वह जरूर पहले आयेंगे, कच्चे पिछाड़ी में आयेंगे।
° _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_, _भाई-बहिन_, _निश्चय_, _पक्के_
12. तुम्हारा है *बेहद का संन्यास*, अर्थात् क्या?
° *सारी दुनिया का*, सम्बन्धियों आदि का भी बुद्धि से संन्यास करते हो। इस दुनिया को कहा जाता है फॉरेस्ट ऑफ थॉर्नस। (कांटों का जंगल)। ( *तुम्हारे लिए अब स्वर्ग की स्थापना हो रही है*। तुम्हारी बुद्धि स्वर्ग तरफ ही जायेगी। तो शिवबाबा को ही याद करना है।मनमनाभव, मध्याजी भव।)
° यह बेहद की लंका है जिस पर रावण का राज्य है। (फिर *देवताओं का पवित्र राज्य* होगा। वहाँ *बहुत सुख* होता है। स्वर्ग की कितनी महिमा है।)
13. मैं संगम पर ही सुनाता हूँ। ____ -योग जरूर आगे जन्म में संगम पर सीखे होंगे। यह सृष्टि बदलती है ना, तुम पतित से _____ बन जाते हो। अब यह है पुरुषोत्तम संगमयुग, जबकि हम ऐसे तमोप्रधान से _____ बनते हैं। हर एक बात अच्छी रीति समझकर ______ करनी चाहिए। यह है _____ अर्थात् श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ मत, भगवान की। बाप मनुष्य से _____ बना देते।
° _राज_, _पावन_, _सतोप्रधान_,
_निश्चय_, _श्रीमत_, _देवता_
