Answers from Sakar Murli 13-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 13-02-2021*

1. जाननहार के साथ करनहार बन असमर्थ आत्माओं को _____ का प्रसाद बांटते चलो।
° _अनुभूति_

2. जो बाप की महिमा है वही आपका _______ है, इसमें स्थित रहो तो _______ बन जायेंगे, फिर सर्व द्वारा स्वत: ही _______मिलता रहेगा। मान मांगने के _______ से सर्व के माननीय-पूज्यनीय बनने का _______ प्राप्त होता क्योंकि सम्मान देना, देना नहीं _______ है।
° _स्वमान_, _निर्मान_, _मान_, _त्याग_, _भाग्य_, _लेना_

3. हम स्वर्ग में पवित्र _______ आश्रम में थे, देवी-देवता थे। उन्हों की _______ भी गाते हैं सर्वगुण _______ , 16 कला _______ …… तुम खुद भी गाते थे। अब समझते हो हम मनुष्य से _______फिर से बन रहे हैं।
° _गृहस्थ_, _महिमा_, _सम्पन्न_, _सम्पूर्ण_, _देवता_

4. यह _______ है तुम बच्चों के बुद्धि की खुराक। जो रोज़ इस खुराक को लेते उनकी बुद्धि _______ बन जाती। पारसनाथ _______ जो बुद्धिवानों की _______ है वह तुम्हें आपसमान पारसबुद्धि बनाते। यह ज्ञान है खुराक, इससे बुद्धि कितना _______ -ती है। इसको ज्ञान _______ भी कहते।
° _पढ़ाई_, _पारस_, _बाप_, _बुद्धि_, _पलट_, _अमृत_

5. गीत:-तकदीर जगाकर आई हूँ… लाइन सुनकर के भी मीठे-मीठे बच्चों के _______ खड़े होने चाहिए, इनका सार और कोई नहीं जानते। सतयुग में सबकी तकदीर _______ हुई है। तकदीर जगाने वाला, श्रीमत देने वाला, तदबीर बनाने वाला एक ही _______ है। बच्चे पैदा होते तकदीर जग जाती, पता पड़ जाता हम _______ हैं। कल्प-कल्प हमारी तकदीर जगती, _______ बनते तो तकदीर जगती।
° _रोमांच_, _जगी_, _बाप_, _वारिस_, _पावन_

6. वास्तव में सच्चा-सच्चा सतगुरू एक ही है, जो सर्व का _______ दाता है, जो सभी आत्माओं को साथ ले जाते। मनुष्य अर्थात् आत्मायें अपने बाप _______ को भी नहीं जानती, जिसको याद भी करते ओ गॉड फादर, बहुत रिस्पेक्ट से। उनके लिए ही गाते पतित-पावन, दु:ख हर्ता _______ कर्ता। _______ कालों का काल तुमको काल पर जीत पहनाते। अभी ज्ञान का _______ बाप आकर हमें ज्ञान देते।
° _सद्गति_, _रचयिता_, _सुख_, _महाकाल_, _सागर_

7. बुलाते हैं हे _______ -पावन आओ, आकर हमको पावन बनाओ। किसी देहधारी को मत देख, जबकि _______ -बाबा सम्मुख बैठे हैं। वह है परमपिता _______ शिव। वही आकर पतित से पावन बनने का _______ बताते। वह _______ -रूप, _______ चित आनन्द का सागर है।
° _पतित_, _शिव_, _परमात्मा_, _रास्ता_, _बीज_, _सत्_

8. बाप समझाते रोने की तो कोई दरकार नहीं। आत्मा को अपने _______ अनुसार जाए दूसरा पार्ट बजाना है। हमारा तो एक ही बेहद का बाप है, दूसरा न कोई, ऐसी _______ बच्चों की होनी चाहिए। यहाँ तो बाप समझाते – … हलुआ खाना….. _______ -मोहा होना। यह 5 _______ तुम्हारी बुद्धि को कितना खराब करते। बाप सारी दुनिया को पतित से _______ बनाने आते।
° _हिसाब-किताब_, _अवस्था_, _नष्टो_, _विकार_, _पावन_

9. अब तुम सुख के _______ बनते हो। सुख का वर्सा ले रहे हो _______ -चार्य से। यह (शिवबाबा) है व्यास देव, उनके बच्चे तुम _______ देव हो। उनका असुल नाम है ही _______ ।
° _देवता_, _शिवा_, _सुख_, _शिव_

10. बाप पूछते हैं अब तुमने अपनी आत्मा को _______ किया? इतनी छोटी सी आत्मा में अविनाशी _______ नूंधा हुआ है। जैसे एक _______ है। तुम जानते हो हम आत्मा ही _______ धारण करती। अब _______ -अभिमानी बने हो। इनको कहा जाता बना-बनाया अविनाशी _______ ड्रामा।
° _रियलाइज़_, _पार्ट_, _रिकार्ड_, _शरीर_, _देही_, _वर्ल्ड_

11. बाप कहते मैं इस शरीर में _______ कर इन द्वारा तुमको समझाता। इनको अपना बनाता, इनके बहुत _______ के अन्त में आता हूँ। यह भी 5 विकारों का _______ करते। अभी तुम _______ -ऋषि बने हो। तुम तो राज- _______ बनते हो, प्रतिज्ञा करते हम विकार में कभी नहीं जायेंगे। सद्गति लिए सुनी-सुनाई बातों को छोड़ _______ पर चलना है, एक बाप से ही सुनना है।
° _प्रवेश_, _जन्मों_, _संन्यास_, _राज_, _योगी_, _श्रीमत_

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