Answers from Sakar Murli 19-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-02-2021*

1. कर्म और _____ का बैलेन्स ही परमात्म ब्लैसिंग का अधिकारी बना देता है।
° _योग_

2. भविष्य के पहले सर्व _____ का अनुभव आप संगमयुगी ब्राह्मण करते। अभी डबल ताज-तख्त-तिलकधारी, सर्व _____ मूर्त बनते। भविष्य में तो गोल्डन स्पून होगा लेकिन अभी _____ तुल्य बनते। _____ ही हीरा बनता। वहाँ सोने-हीरे के झूले, यहाँ बापदादा की _____ में अतीन्द्रिय सुख में झूलते। तो त्रिकालदर्शी बन वर्तमान-भविष्य के श्रेष्ठ _____ देखते सर्व प्राप्तियों का अनुभव करो।
° _प्राप्तियों_, _अधिकारी_, _हीरे_, _जीवन_, _गोदी_, _चित्र_

3. वास्तव में गऊमुख तुम चैतन्य हो, तुम्हारे मुख से ज्ञान _____ निकलता। तुम हो जगत अम्बा के बच्चे, _____ -ज्ञानेश्वरी फिर बनेंगे राज-राजेश्वरी। तुम ईश्वर से योग लगाकर _____ बनते, मनुष्य हैं भोगेश्वर। अभी है संगमयुग, इसमें तुम उत्तम से उत्तम बनते, इसलिए _____ कहते। तुम कौड़ी से _____ जैसा बनते।
° _अमृत_, _ज्ञान_, _योगेश्वर_, _पुरुषोत्तम_, _हीरे_

4. देवता धर्म बहुत _____ देने वाला है। नाम लेने से मुख _____ हो जाता। _____ जन्म लेता सतयुग में, फर्स्ट प्रिन्स। स्कूल में पढ़ते, बड़ा होते गद्दी का मालिक, रासलीला आदि। तुम बहुत _____ -वान बनते हो। सब कुछ मिल जाता, _____ भव, पुत्रवान भव। आयु 150 वर्ष, जितना _____ लगायेंगे उतना आयु बढ़ती रहेगी।
° _सुख_, _मीठा_, _कृष्ण_, _धन_, _आयुश्वान_, _योग_

5. देवताओं के आगे महिमा गाते – आप _____ सम्पन्न……। बेहद का बाप कहते हैं अभी तुमको _____ रूपी घर बनाकर देता। पुराने _____ पर हम परिस्तान बनायेंगे। यही _____ का कण्ठा होगा, इस पर महल बनेंगे। आज _____ में हैं, कल कृष्णपुरी में होंगे। _____ के बाद है विष्णुपुरी।
° _सर्वगुण_, _स्वर्ग_, _कब्रिस्तान_, _जमुना_, _कंसपुरी_, _रावणपुरी_

6. (ओम् शान्ति का अर्थ) अहम् आत्मा का स्वधर्म है ________ । आत्मा स्वयं शान्त स्वरूप, ________ में रहने वाली है। हाँ थोड़ा समय ________ रह सकती, आत्मा कर्मेन्द्रियों के बोझ से थक, अपने स्वधर्म में टिक जाती, शरीर से अलग। परन्तु ________ तो करना ही है, शरीर में आने से ________ बनती। अहम् आत्मा ________ , मम शरीर है विनाशी।
° _शान्त_, _शान्तिधाम_, _शान्त_, _कर्म_, _टॉकी_, _अविनाशी_

7. सोने में खाद पड़ती, उनको साफ करने आग में डाला जाता, इनका नाम है ________ अग्नि, जिससे ________ जलते हैं। आत्मा को पतित से ________ बनाने वाला परमात्मा है, बुलाते हैं हे ________ -पावन आओ। तुम इन आसुरी 5 विकारों पर ________ -बल से जीत पाते। इतनी हिम्मत चाहिए, इस पुरानी दुनिया से ________ मिटा दो, पुराना चोला छोड़ हम जायेंगे नई दुनिया में।
° _योग_, _पाप_, _पावन_, _पतित_, _योग_, _ममत्व_

8. मुझे ________ भी कहते, मैं सेकेण्ड में सारी दुनिया के कपड़े साफ करता। सिर्फ ________ होने से आत्मा और शरीर पवित्र बन जायेंगे। ________ मन्त्र है ना, सेकेण्ड में जीवनमुक्ति। अभी तुम्हारी एकएक सेकेण्ड में ________ कला होती। मैं तुम बच्चों का ________ बन आया हूँ, तुमने बुलाया है हे पतित-पावन आओ। बाप आकर सच बतलाते हैं, सचखण्ड ________ बाबा स्थापन करते। बाप कहते मुझे याद करो।
° _धोबी_, _मनमनाभव_, _छू_, _चढ़ती_, _सर्वेन्ट_, _सच्चा_

9. यह है अव्यभिचारी ज्ञान, एक ही ________ से तुम सुनते हो। शिवजयन्ती से फिर झट ________ जयन्ती होती। यह रूहानी विद्या तुमको सुप्रीम ________ ही दे रहे। यह तो ज्ञान सागर बाप आते हैं, इसमें ________ कर नॉलेज सुनाते हैं। बेहद के ________ के तुम बने हो, जिससे ________ मिलेगा नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार।
° _शिवबाबा_, _गीता_, _रूह_, _प्रवेश_, _बाप_, _वर्सा_

10. यह ड्रामा बना-बनाया है, इसमें भी किसका ________ नहीं। जब तक मैं आऊं, सबको अपना ________ बजाना है। पहले तुम शिव की भक्ति करते, फर्स्टक्लास ________ बनाते। तुम जानते हो ड्रामा में जो एक बार हो गया वह फिर 5000 वर्ष बाद होगा, हूबहू ________ । ब्रह्मा द्वारा ________ , प्रजापिता तो मशहूर है ना, ________ देव और देवी।
° _दोष_, _पार्ट_, _मन्दिर_, _रिपीट_, _स्थापना_, _आदि_

11. यह सारी जो पृथ्वी है वह लंका-रावण राज्य है, अभी ________ का दशहरा होना है।। सारी पुरानी दुनिया इस ज्ञान यज्ञ में स्वाहा होगी, इस पुरानी दुनिया को ________ लगनी है। नेचुरल कैलेमिटीज भी आयेगी, ________ मुआफिक सब मनुष्य पीसकर खत्म होंगे। अभी यह बेहद की ________ होनी है, जिसमें शरीर खत्म होंगे, आत्मायें पवित्र बन चली जायेंगी। किसको भी समझाओ पहले बोलो स्थापना फिर ________ ।
° _बेहद_, _आग_, _सरसों_, _होलिका_, _विनाश_

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