Answers from Sakar Murli 20-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-02-2021*

1. सर्वशक्तियों को अपने _____ में रखने वाले ही मास्टर सर्वशक्तिमान हैं।
° _ऑर्डर_

2. ब्राह्मणों की श्रेष्ठ धारणा है सम्पूर्ण _____ । इसी धारणा लिए गायन है “ _____ जाएं पर धर्म न जाये।” किसी भी परिस्थिति में अपनी इस धारणा प्रति कुछ भी त्याग-सहन-सामना करना पड़े, साहस रखना पड़े तो _____ से करो – इसमें त्याग न समझ _____ अनुभव करो तब कहेंगे सच्चे त्यागी। ऐसी धारणा वाले ही सच्चे _____ कहे जाते।
° _पवित्रता_, _प्राण_, _खुशी-खुशी_, _भाग्य_, _ब्राह्मण_

3. अवस्थाएं नीचे-ऊपर होती, ग्रहचारी आदि। तुम ___ -अभिमानी बनो तो बाप की _____ रहेगी और सर्विस में _____ करते रहेंगे। ऊंच ____ जिनको पाना है वह सदैव सर्विस में लगे रहेंगे। तकदीर में नहीं है तो फिर ________ भी नहीं होगी। जिनको धारणा होती, उन्हें _____ भी बहुत होती।
° _देही_, _याद_, _उन्नति_, _पद_, _तदबीर_, _खुशी_.

4. बाकी समय थोड़ा है, इस भारत को रावणपुरी से फिर ________ बनाना है। हम इस अपनी अति-प्रिय भारत भूमि को ______ बनाकर छोड़ेंगे, जो बहुत शानदार था। मुख्य है ही भारत का आदि सनातन _________ धर्म। तुम गैरन्टी करते हम स्वर्ग स्थापन करेंगे, जहाँ एक _____ होगा। वह यह नहीं जानते कि परमपिता परमात्मा आ गया है, बच्चों को ____ देने, आकर भारत को स्वर्ग का ________ बनाते।
° _विष्णुपुरी_, _स्वर्ग_, _देवी देवता_, _धर्म_, _वर्सा_, _मालिक_.

5. परमपिता परमात्मा का जन्म भी यहाँ ______ में ही होता है। ____ -जयन्ती मनाते हैं ना। बुद्धि कहती है जरूर आकर स्वर्ग की _________ की होगी। यहाँ तो तुम बच्चों को ______ -योग सिखाया जाता। _____ की यात्रा समझाई जाती।
° _भारत_, _शिव_, _स्थापना_, _राज, याद_

6. सबसे बड़ा पार्ट है ____ का, ब्रह्मा-विष्णु का। ब्रह्मा सो विष्णु, विष्णु सो ब्रह्मा। भल पूजा करते परन्तु उनको पता नहीं विष्णु के ही दो रूप लक्ष्मी-नारायण हैं, जो नई दुनिया में _____ करते। सूक्ष्मवतन में सिर्फ एम ऑबजेक्ट दिखलाते हैं ______ मार्ग का। यह सारे वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी कैसे _____ लगाती, कोई नहीं जानते। ____ को ही नहीं जानते तो बाप की रचना कैसे जान सकते। बाप स्वयं कहते – मैं सिवाए _______ के कभी आता ही नहीं हूँ।
° _शिव_, _राज्य_, _प्रवृत्ति_, _चक्र_, _बाप_, _संगमयुग_

7. रूहानी बच्चों पास बाप आये हैं श्रीमत देने, तुम ब्रह्मा ____ वंशावली को ही नॉलेज है। “मीठे बच्चे – तुम ईश्वरीय सम्प्रदाय हो, तुम्हें _____ सूर्य बाप मिला है।” अब बाप-पढ़ाई है गुप्त, सेन्टर्स-बच्चे बहुत हैं। तुम भी पाण्डव _______ गाई हुई हो। वास्तव में कहा जाता ______ ईश्वरीय गवर्मेन्ट, पतित-पावन बाप पावन दुनिया का मालिक बनाते। यह भी बच्चे जानते हैं यह है रूद ज्ञान ______ ।
° _मुख_, _ज्ञान_, _गवर्मेन्ट_, _पावन, यज्ञ_

8. हम पार्टधारी _______ हैं। यहाँ से _______ हो सीधा सतयुग नहीं जाते, पहले शान्तिधाम। तुम्हारे में भी नम्बरवार हैं जो अपने को पार्टधारी समझते इस _______ में। पार्टधारी एक्टर्स होते भी ड्रामा के क्रियेटर, डायरेक्टर, आदि-मध्य-अन्त नहीं जान सकते तो वह फर्स्टक्लास ________ हैं। यह तो है शिव भगवानुवाच ____ तन द्वारा। तुम बच्चों को बड़ा _____ रहना चाहिए, यह तो राइट बात है।
° एक्टर्स, ट्रांसफर, ड्रामा,
बेसमझ, ब्रह्मा, नशा

9. ड्रामा ____ अनुसार सारा कार्य होना है। जो समय पास होता, हूबहू _____ चलता रहता। जो सेकेण्ड गुज़रता, वह ड्रामा में नूंध है, फिर ऐसे ही ______ होगा। इस समय तक जिसने जैसे-जैसे, जितना-जितना _______ किया है, उतना ही कल्प पहले किया था। ड्रामा अनुसार _______ भी जरूर होना है, मूसल आदि। तो जो ______हो गया है वह फिर रिपीट होगा।
° प्लैन, ड्रामा, रिपीट, पुरुषार्थ, विनाश, पास्ट

10. इस भारत को श्रीमत पर स्वर्ग जरूर बनाना है, सबको ______ बताना है। अभी तुमको बाप ने जगाया है, तुमको फिर ______ को जगाना है, त्रिकालदर्शी बनाना बाप का ही काम है। गीता का _______ कौन, निराकार शिव? ज्ञान सागर कौन? पवित्रता, सुख-शान्ति का सागर, लिबरेटर, गाइड कौन?कलियुग आसुरी सम्प्रदाय, सतयुग दैवी सम्पद्राय, सारे कान्ट्रास्ट तुम सिद्ध कर बता सकते। ____ में बड़ा क्लीयर है, उतरती कला चढ़ती कला। भारत में सुख-शान्ति की स्थापना करने लिए आपस में _______ करना है। _____ का विचार सागर मंथन करना है।
° रास्ता, औरों, भगवान, सीढ़ी, सेमीनार, ज्ञान

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