Answers from Sakar Murli 30-03-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-03-2021*

1. जो सर्व आत्माओं के प्रति _____ रखते हैं वही वरदानी मूर्त हैं।
° _शुद्ध संकल्प_

2. यह ब्राह्मण कुल सबसे बड़े से बड़ा है, इसके आप _____ हो। कुल दीपक अर्थात् सदा अपनें _____ की ज्योति से ब्राह्मण कुल का नाम रोशन करने वाले। अखण्ड ज्योति अर्थात् सदा स्मृति सो समर्थी _____ । यदि स्मृति रहे मैं मास्टर _____ हूँ तो समर्थ स्वरूप स्वत: रहेंगे। इसका यादगार आपके जड़ चित्रों आगे _____ ज्योति जगाते।
° _दीपक_, _स्मृति_, _स्वरूप_, _सर्वशक्तिमान_, _अखण्ड_

3. गीत:-तकदीर जगाकर आई हूँ.. अक्षर सुने और फौरन खुशी में रोमांच खड़े हो गये होंगे, खुशी का _____ बजना चाहिए, नशा।बच्चे जानते हैं यहाँ आये हैं अपने सौभाग्य, स्वर्ग की _____ लेने, वर्सा। हम श्रीमत पर स्वर्ग बनाने का _____ कर रहे, ऊंच ते ऊंच पद पाने।
° _नगाड़ा_, _तकदीर_, _पुरूषार्थ_

4. सृष्टि का चक्र यह अनादि _____ बना हुआ है, जैसे रात बाद दिन, वैसे कलियुग बाद सतयुग। इस वर्ल्ड युनिवर्सिटी में स्वयं ज्ञान सागर, पतित-पावन पढ़ाते _____ दुनिया बनाने, पवित्रता-सुख-शान्ति सम्पन्न, तत्व भी सब श्रेष्ठ। न जास्ती ठण्डी, न गर्मी, सदैव _____ मौसम। शान्तिधाम फिर है _____ दुनिया, जहाँ से हम आते हैं।
° _खेल_, _पावन_, _बहारी_, _निराकारी_

5. बाप समान महिमा योग्य बनने लिए _____ फादर करना है। बाप तो एवर- _____ है (वास्तव में यह नहीं कह सकते)। जैसे बाप ज्ञान सागर है, तुम्हारी बुद्धि में भी सृष्टि चक्र का _____ है। जानते हो बाप सुख सागर है, उनसे अथाह _____ मिलते।
° _फालो_, _हैप्पी_, _ज्ञान_, _सुख_

6. बाप बच्चों को अभी श्रेष्ठ _____ सिखला रहे, जिससे लक्ष्मी-नारायण ने राज्य पाया। श्रीमत पर हर एक को _____ बताना, इस महाभारत समय पर सबको जगाते रहना। दो पैसा भी देते तो 21 _____ लिए बहुत मिलता, जबकि डायरेक्ट बाबा के सम्मुख है। सेन्टर खोलते जाओ, अक्षर लिखो _____ गीता पाठशाला।
° _कर्म_, _रास्ता_, _जन्मों_, _सच्ची_

7. मैं आत्मा बिगर _____ थी फिर यहाँ पार्ट बजाने धारण किया, अब है पुरानी जुत्ती, देह सहित सब _____ भूल जाने हैं। बाप कहते तुम हो आशिक, एक _____ के, फरमान है मुझे याद करो, धंधा-कर्म भल करो। बाबा स्टॉर है, मनुष्य सृष्टि का चैतन्य _____।
° _शरीर_, _संबंध_, _माशूक_, _बीजरूप_

8. मामेकम् याद करो तो पाप भस्म हो _____ -प्रधान बन सकते। कर्मभोग को कर्मयोग से खुशी-खुशी चुक्तू करना, _____ हो जाता, बाप धैर्य देते तुम्हारे सदा सुख के दिन आ रहे। पहले _____ बनेंगे फिर लक्ष्मी-नारायण।
° _सतो_, _हल्का_, _प्रिन्स-प्रिन्सेज_

9. तुम बच्चे अपनी देह को भी भूलने का पुरूषार्थ करते हो इसलिए तुम्हें *किस चीज़ की दरकार नहीं* हैं?
° *चित्रों की* । जब यह चित्र (देह) ही भूलना है तो उन चित्रों की क्या दरकार है। (स्वयं को आत्मा समझ विदेही बाप को ओर स्वीट होम को याद करो। यह चित्र तो हैं छोटे बच्चों के लिए अर्थात् *नयों के लिए*। तुम्हें तो याद में रहना है और सबको याद कराना है। धंधा आदि करते सतोप्रधान बनने के लिए याद में ही रहने का अभ्यास करो।)

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