*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 02-03-2021*
1. शान्ति दूत बन अपनी _____ द्वारा विश्व में शान्ति की किरणें फैलाओ।
° _तपस्या_
2. ब्राह्मण अर्थात् दिव्य और अलौकिक जन्म वाले _____ पुरूषोत्तम। वे _____ में भी किसी आकर्षण वश मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं कर सकते। उल्लंघन करते वो बाप के _____ का अनुभव नहीं कर पाते। बच्चे बजाए मांगने वाले भक्त बनते। _____ अर्थात् पुकारना-मांगना बंद, कभी प्रकृति-माया के मोहताज नहीं, सदा बाप के _____।
° _मर्यादा_, _संकल्प_, _सहारे_, _ब्राह्मण_, _सिरताज_
3. भक्त कहते हमारी झोली भर दो। वहाँ स्वर्गवासी ________ देवी-देवता होते। तुम कहते बाबा स्वर्ग का मालिक बनाओ, वहाँ अथाह ________ होता, हीरे जवाहरात के महल। हम भगवान द्वारा राजाई का ________ पा रहे, सुखधाम, गॉर्डन आफ अल्लाह, हेविन, स्वर्ग कहने से ही मुख मीठा। जब स्वर्ग था, ________ थे। तुम 100% पवित्र-सालवेन्ट-एवरहेल्दी-एवरवेल्दी थे। कृष्ण सतयुग का ________, यह चैतन्य रूप सतयुग में था फिर मिल नहीं सकता। वहाँ सर्वोत्तम कर्म करते थे, तुम सदा ________ थे 21 जन्म।
° पावन , _धन_, _वर्सा_, _सतोप्रधान_, _प्रिन्स_, _सुखी_
4. भगवान तो इस समय नर से नारायण बनाने ________ -योग सिखाते, मनमनाभव। “मीठे बच्चे – तुम्हें सद्गति की सबसे न्यारी मत मिली है कि देह के सब धर्म ________ आत्म अभिमानी ________ , मामेकम् ________ करो”। अभी तुम मनुष्य से ________ बन रहे हो। इस राजयोग की एम आब्जेक्ट है ही ________ बनना।
° _राज_, _त्याग_, _भव_, _याद_, _देवता_, _लक्ष्मी-नारायण_
5. भगवान बाप जब आये तब अपना परिचय दे – नाम-रूप-देश-काल, आदि। सारी रचना के आदि-मध्य-अन्त का राज़ मैं “ ________ ” समझाता। मैं कल्प-कल्प के ________ पर आता। भगवान ________ स्टार जो ज्ञान सागर है, वह समझाते भगवान एक है। मैं हूँ परमधाम रहने वाला परमपिता अर्थात् परे ते परे रहने वाला ________ आत्मा, सुप्रीम सोल। नॉलेजफुल, मनुष्य सृष्टि का ________। परमात्मा सत् चित् ________ स्वरूप, ज्ञान-सुख का सागर है। तुम पतित-पावन मुझ ज्ञान सागर बाप को कहते, सर्व का सद्गति दाता।
° _रचता_, _संगम_, _निराकार_, _परम_, _बीजरूप_, _आनंद_
6. जो परमात्मा को *नाम-रूप से न्यारा* कहते, उनसे तुम कौन-सा प्रश्न पूछ सकते?
° उनसे पूछो – गीता में जो दिखाते हैं अर्जुन को अखण्ड ज्योति स्वरूप का *साक्षात्कार हुआ*, बोला बस करो हम सहन नहीं कर सकते। तो फिर नाम रूप से न्यारा कैसे कहते हो। (बाबा कहते हैं मैं तो तुम्हारा बाप हूँ। *बाप का रूप देखकर बच्चा खुश* होगा, वह कैसे कहेगा मैं सहन नहीं कर सकता।)
7. तुम हो अभी ________ कुल भूषण। आत्मा तो एक स्टार मिसल अति ________ है। मास्टर ________ सागर बन पतित से पावन बनाने की सेवा करनी है। बाप ने जो सब शास्त्रों का ________ सुनाया है वह बुद्धि में रख सदा ________ रहना है। एक बाप की ________ हर पल पालन करना है।
° _ब्राह्मण_, _सूक्ष्म_, _ज्ञान_, _सार_, _हर्षित_, _श्रीमत_
8. आत्मा *निर्लेप* है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (कहते भी हैं कि अच्छे वा बुरे संस्कार आत्मा में रहते हैं। उस आधार पर आत्मा जन्म लेती है। यह कोई भी बुद्धिवान मनुष्य नहीं जो समझाये।)
9. *दीदार होना* गोया हमको भगवान मिला, बस हम तो पार हो गये। _(सही / गलत)_
° *गलत* (अल्पकाल के लिए सुख मिलता है। दर्शन हुआ खलास। ऐसे तो नहीं मुक्ति जीवनमुक्ति को पा लिया, कुछ भी नहीं।)
