Answers from Sakar Murli 21-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-05-2021*

1. अतीन्द्रिय सुखमय जीवन में बच्चे कहते बेहद बाप आया है ___ दुनिया बनाने, नई दुनिया कितनी छोटी। हम राज्य करेंगे, भारत स्वर्ग था, ऐसा कोई देश नहीं, सबसे ___। इतना खुशी-रिगार्ड रहता? हमको फिर अपना ___ बाबा आकर देते, कितने सुखी रहेंगे, हीरे जवाहरात के महल।
° _पावन_, _ऊंच वा प्राचीन_, _राज्य-भाग्य_,

2. तुम्हे खुशी-अतीन्द्रिय सुख चाहिए, ___-अभिमानी बनो, हम आत्मा हैं, पुराना शरीर छोड़ नया फर्स्टक्लास लेंगे। सारा ज्ञान बुद्धि में टपकना चाहिए, हम ___ पर हैं, बुद्धियोग घर तरफ। एक दो को यही सुनाना – ___, बड़ा जबरदस्त मन्त्र है, हम भविष्य लिए राजयोग सीख रहे।
° _देही_, _यात्रा_, _मनमनाभव_

3. थोड़ा समय है, ऐसे अपने को बहलाते खुशी में आना, हम मलूक (फरिश्ता) बन ___ साथ घर जायेंगे। आत्माओं का बाप शिक्षा देते, आये हैं बेहद ___ देने, ऐसी बातें करो, विचार सागर मंथन। जो पहले आये उन्होंने भक्ति की, वही ___ में तीखे जायेंगे, कोई तो बहुत अच्छा पुरूषार्थ करते।
° _माशूक_, _वर्सा_, _ज्ञान-योग_

4. जो रूहानी सर्विस में लगे है, बहुत अच्छा, सचमुच ___ में बैठे हैं, सम्बन्ध अटूट। गृहस्थ में रहते नये सुनते-सुनाते पुरानों से भी ___ जा रहे, स्टूडेन्ट लाइफ, साथ-साथ यह कोर्स पढ़ते। कन्यायें बड़ी तीखी जानी चाहिए, उनके कारण ___ नाम गाया है।
° _भट्ठी_, _तीखे_, _कन्हैया वा गोपाल_

5. तुम सतयुग में देवता धर्म के थे, लक्ष्मी-नारायण ___ मार्ग में राज्य करते, देवतायें फर्स्टक्लास सर्वगुण सम्पन्न.. हैं! कृपा अपने ऊपर करनी है, तुम ___ थे, फिर पुरूषार्थ कर बनो। हमको फिर बाबा राज्य दे रहे, वहाँ ___ देवी-देवता धर्म था और कोई नहीं।
° _प्रवृत्ति_, _देवता_, _अद्वैत_

6. तुमको बड़ी खुशी चाहिए, हम ___ से अपना राज्य स्थापन कर रहे, श्रीमत पर। ___ याद करो तो पाप भस्म होंगे, आत्मा में ही खाद पड़ी है। यह नियम रखो, बाप को याद करने का, याद का ___ करो।
° _योगबल, मामेकम्, स्नान वा यात्रा_

7. बाप ज्ञान देते ___ का भी चक्र का भी, ब्राह्मणों का झाड़ बहुत बड़ा होगा, फिर थोड़े करके जायेंगे। सेन्टर्स बहुत वृद्धि पायेंगे, प्रदर्शनियाँ ढेर जहाँ-तहाँ, जैसे ___ निकलते, गाँव-गाँव घर-घर में। चित्रों की छपाई होंगी, सब पास ___ जाना है, बड़ी भारी सर्विस है, गाँव-गाँव में प्रोजेक्टर-प्रदर्शनी दिखाना है।
° _योग_, _मन्दिर टिकाणे_, _पैगाम_

8. अच्छी रीति प्वाइंट्स ___ होंगी तो सर्विस अच्छी होगी, भाषण बाद विचार करेंगे सब प्वाइंट्स ठीक समझाई? (त्रिनेत्री) बाबा ज्ञान दे रहे जो आत्मा धारण करती, मैं ___ इस शरीर द्वारा यह करता, बाबा पढ़ाते। खुशी में रहना, बस हमारा ___ आया कि आया, वहां क्या-क्या होगा।
° _धारण_, _आत्मा_, _राज्य_

9. बहुत खुशी होनी चाहिए, हम इस ___ से राज्य लेते, पढ़ने वाले को भविष्य मर्तबा याद रहता, अच्छा पढ़ेंगे तो राजगद्दी। सब कहेंगे फलानी को भेजो रिफ्रेश करने, तो उनका ___ भी रखना, इन जैसा होशियार बनना है।
° _पढ़ाई_, _रिगार्ड_

10. जैसे वस्त्र धारण करना-न करना अपने हाथ में, ऐसा अनुभव इस ___ रूपी वस्त्र में हो। कार्य पूरा होते ही वस्त्र से न्यारे, शरीर-आत्मा का न्यारापन ___ अनुभव हो, तब कहेंगे निरन्तर सहजयोगी। ऐसे डिटैच रहने वालो द्वारा अनेक आत्माओं को ___ के साक्षात्कार होंगे, अन्त में इस सर्विस से ही प्रभाव निकलेगा।
° _शरीर_, _चलते-फिरते_, _फरिश्ते रूप और भविष्य राज्य पद_

11. संगम का एक ___ भी व्यर्थ गंवाना अर्थात् एक वर्ष गंवाना।
° _सेकण्ड_.

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