*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 31-05-2021*
1. कब्रिस्तान बनने वाला है, पहले ___ था, सब मिट्टी में मिलना हैं। परिस्तान स्थापन करने वाला आया है, अगर कब्रिस्तान से दिल लगाई घाटा पड़ेगा, बेहद बाप से बेहद सुख का ___ ले रहे। यह बुद्धि में सदा रहे यही मनमनाभव है, बाप की ___ से परिस्तानी बनेंगे, बाकी माया का टैम्परेरी पाम्प, झूठा शो है। बापू जी चाहते थे नई दुनिया ___-राज्य, परिस्तान हो।
° _परिस्तान_, _वर्सा_, _याद_, _राम_
2. सब शान्ति ढूँढ़ते, हम वास्तव में ___ रहते, वहां आत्माएं शान्त रहती फिर आती पार्ट बजाने। अभी तुम पुरुषार्थ करते सुखधाम जाने वाया शान्तिधाम, हम जायेंगी अपने ___, फिर सतयुग पावन दुनिया। बेहद बाप हमको चक्र का राज़ समझाते, भारत स्वर्ग था तो बहुत ___ थे, और कोई धर्म नहीं था।
° _शान्तिधाम_, _घर_, _साहूकार_
3. तुमको रोज़ ___ करते, बाप-वर्से को याद करो, हमेशा अंगुली ☝️दिखाते परमात्मा को याद करो। हम बाप की सन्तान को सदा सुख का वर्सा चाहिए, भगवान है ही स्वर्ग स्थापन करने वाला ___ गॉड फादर, देवता धर्म की स्थापना संगम पर होगी। बाप नॉलेजफुल है, भारत में इन ___ का राज्य था, सतयुग के मालिक थे।
° _रिफ्रेश_, _हेविनली_, _लक्ष्मी-नारायण_
4. हमारे जैसा ___ कोई नहीं, हम डायरेक्ट बाप के बने हैं, जिससे सद्गति का वर्सा मिलता। अन्त में सिवाए ___ और कुछ याद नहीं रहना है, यह धन्धा आदि करते थोड़े समय लिए। तुम्हारे सेन्टर्स बड़े से बड़े ___ हैं, जहाँ से मनुष्य को सुख-शान्ति मिलती, इससे तुम्हारी बहुत (आध्यात्मिक) आमदनी होती।
° _खुशनसीब_, _बाप_, _तीर्थ_
5. समझते चरणामृत से हृदय पवित्र होगा, यहाँ बाप कहते याद करो वर्सा मिले, तुमको अविनाशी ज्ञान रत्नों का ___ मिलता, झोली भरते। जब आत्मा पवित्र बने तब जा सके, पंख मिले हैं, ___ में रहने से आत्मा तीखी उड़ती, मुक्तिधाम में कर्मातीत हो तब जा सकें। सब आत्मायें मूलवतन जाने वाली हैं, नई दुनिया में थोड़े सुखी होंगे, कल्प पहले भी तुम ___ बने थे, प्रजापिता ब्रह्मा के बच्चे।
° _खज़ाना_, _योग_, _ब्रह्माकुमार-कुमारी_
6. हमारे द्वारा बाबा स्वर्ग स्थापन करा रहे, जब ___ (देवता) बनेंगे फिर पुरानी दुनिया विनाश होगी। तुम ___ बनते, फरमान है काम रूपी शत्रु जीतो, मामेकम् याद करो, बहुत सहज। जो पास्ट हुआ सेकेण्ड, ड्रामा शूट हुआ है, ___ बना बनाया ड्रामा है, जितने भी आत्मा-बिन्दी-एक्टर्स हैं, सबका 84 का पार्ट अविनाशी चलता रहता।
° _लायक_, _पवित्र_, _अनादि_
7. ज्ञान का ___ एक बाप है, हम बाप से पवित्रता-सुख-शान्ति का वर्सा ले रहे। ___ भव.. सतयुग है सुखधाम, भारत कितना सुन्दर था। तुम्हारा एक बाप-टीचर-गुरू है, शिवबाबा हमको बेहद पढ़ाई पढ़ाते, तुम सब जानते, मास्टर ___ हो। तुम भी सबको बताते, बाप को याद करो तो ___ वर्सा मिलेगा।
° _सागर_, _आयुश्वान वा धनवान भव_, _नॉलेजफुल_, _21 जन्मों के लिए_
8. संगम पर बापदादा द्वारा सभी को ताज-तख्त प्राप्त है। ___ का ताज, ___ तख्त। जब ऐसे डबल ताज-तख्तनशीन बनते तो नशा-निशाना स्वत: याद रहता, फिर यह ___ जी हजूर करती, नहीं तो आर्डर कोई कारोबारी नहीं मानते।
° _प्योरिटी वा जिम्मेवारियों_, _अकाल वा दिलतख्त_, _कर्मेन्द्रियां_
9. ___ संकल्प ही प्रसन्नचित के बजाए प्रश्नचित बना देते हैं।
° _कमजोर_
