Answers from Sakar Murli 01-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-12-2020*

1. ____ का पर्दा बीच में आने न दो तो बाप के साथ का अनुभव होता रहेगा।
° _बातों_

2. संगमयुग पर जब बाप सेवाधारी बन करके आते, तो छत्रछाया रूप में बच्चों की सदा सेवा करते। याद करते ही सेकण्ड में साथ का अनुभव होता। तो इस *याद की छत्रछाया* से क्या प्राप्तियां होती? (2)
° यह याद की छत्रछाया कैसी भी नाज़ुक *परिस्थितियों में कमल पुष्प के समान न्यारा और प्यारा* बना देती है। (मेहनत नहीं लगती।)
° बाप को सामने लाने से, स्व स्थिति में स्थित होने से कैसी भी *परिस्थिति परिवर्तन* हो जाती है।

3. तुम जानते हो हम कल्प बाद आकर बाप से बेहद का _____ लेंगे। अब बाप 21 जन्मों के लिए सब ____ दूर करने लिए पढ़ाते हैं। वहाँ तो है ____ । उसमें नम्बरवार तो आते ही हैं। ____ दुनिया में तो बहुत थोड़े होंगे। तुम विश्व के _____ बनते हो। वहाँ अति ____ होगा।
° _वर्सा_, _दु:ख_, _राजाई_, _नई_, _मालिक_, _सुख_

4. रूहानी बाप रूहानी बच्चों को रूहानी पाठशाला में _____ देते हैं वा ऐसे कहें कि बच्चों को ____ सिखलाते हैं। क्या कहते हैं? ____ -मनाभव। यह जैसे हर एक अपने ऊपर ____ करते हैं। बाप कहते हैं बच्चे मामेकम् याद करो, अशरीरी बन जाओ। यह रूहानी बाप ही सिखलाते हैं, वह है ____ टीचर।
° _डायरेक्शन_, _ड्रिल_, _मन_, _मेहर_, _सुप्रीम_

5. उनमें ड्रिल सिखलाने का ड्रामा प्लैन अनुसार ____ भरा हुआ है। तमोप्रधान से _____ बनना है। ऐसे और कोई भी नहीं कहेंगे कि हे रूहानी बच्चों अब ____ जाना है। तुम सतोप्रधान दुनिया के ____ थे फिर 84 का चक्र लगाए। हमने बहुत ____ देखे हैं, एम ऑब्जेक्ट सामने हैं। वह है ही फूलों का ____ ।
° _पार्ट_, _सतोप्रधान_, _वापिस_, _मालिक_, _सुख_, _बगीचा_

6. बाप बच्चों को पुरुषार्थ कराते रहते हैं लेकिन बच्चों को किस बात में *बहुत स्ट्रिक्ट रहना* चाहिए?
° पुरानी दुनिया को *आग लगने के पहले* तैयार हो, अपने को आत्मा समझ बाप की याद में रह *बाप से पूरा-पूरा वर्सा लेने* में बहुत स्ट्रिक्ट रहना है। (नापास नहीं होना है, जैसे वह स्टूडेन्ट नापास होते हैं तो पछताते हैं, समझते हैं हमारा वर्ष मुफ्त में चला गया। कोई तो कहते हैं नहीं पढ़ा तो क्या हुआ – लेकिन तुम्हें बहुत स्ट्रिक्ट रहना है। टीचर ऐसा न कहे कि टू लेट।)

7. तुम नहीं कहेंगे कैसे ____ करें। मूल बात ही है सतोप्रधान ____ देवी-देवता बनना। ब्राह्मण ही बाप से यह ड्रिल सीखते। अन्दर में ____ भी होती है। यह ____ अच्छी लगती है ना। तुम फिर औरों को सिखलाते। 84 जन्म ले पतित बने हो, अब फिर ____ बनना है। उसके लिए रूहानी पतित-पावन बाप को ____ करो।
° _निश्चय_, _पूज्य_, _खुशी_,
_पढ़ाई_, _पावन_, _याद_

8. तुम देते कुछ नहीं हो, यह तो रिटर्न में *बहुत लेते* हो। कैसे? _(भक्ति के दान-पुण्य से यह कैसे भिन्न है?)_
° उस रिटर्न में अल्पकाल क्षणभंगुर सुख मिलता है। भल मिलता है दूसरे जन्म में परन्तु वह नीचे उतरने वाले जन्म में मिलता है। सीढ़ी उतरते ही आते हो ना। ( *अभी जो तुम करते हो वह है चढ़ती कला* में जाने के लिए। आत्मा को कर्म का फल मिलता है। इन लक्ष्मी-नारायण को भी कर्मों का ही फल मिला है ना। बेहद के बाप से बेहद का फल मिलता है, डायरेक्ट।)

9. तुम ____ -ऋषि हो। बाप हमको ____ -दर्शी बना रहे हैं। तुम ____ कराते हो, सिर्फ अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से सब ____ दूर हो जाते। बाप ही पतित-पावन है। यह है ____ -बल। भारत का प्राचीन ____ -योग बहुत मशहूर है।
° _राज_, _त्रिकाल_, _पुरुषार्थ_, _दु:ख_, _योग_, _राज_

10. ____ हज़ार वर्ष पहले भी शिवबाबा आया था। जरूर यही ____ दिया होगा, जैसे अब दे रहे हैं। बाप खुद कहते हैं मैं कल्प-कल्प _____ पर साधारण तन में आकर राजयोग सिखलाता हूँ। मैं आता हूँ, ज्ञान से _____ देने। तुम्हारी बुद्धि में है हमको बाबा _____ बना रहे हैं। कल्प-कल्प आकर हमारी ____ करते हैं तब तो उनको दु:ख हर्ता, सुख कर्ता कहते हैं।
° _5_, _ज्ञान_, _संगम_, _सद्गति_, _पावन_, _रक्षा_

11. वह लाखों वर्ष कह देते, उनकी *भेंट में* तुम कहेंगे….. क्या?
° बाकी *कुछ घण्टे* हैं।

12. अभी तुम हो संगम पर। _____ -लोक आने वाला है। अभी हम पुरुषोत्तम बनने के लिए _____ कर रहे। यह है _____ -कारी पुरुषोत्तम संगमयुग। आगे चल बहुतों को ख्याल में आयेगा। जरूर कोई आया हुआ है जो ____ को चेंज कर रहे हैं। यह वही _____ लड़ाई है। तुम भी कितने समझदार बने हो। यह बड़ी ____ करने की बाते हैं।
° _अमर_, _पुरुषार्थ_, _कल्याण_, _दुनिया_, _महाभारत_, _मंथन_

13. माया से बचने के लिए ____ -दोष से अपनी बहुत-बहुत सम्भाल करनी है। अपनी ____ क्लीयर रखनी है। ____ व्यर्थ नहीं गंवाने हैं। ____ से सफल करने हैं। अभी कोई नये ____ नहीं बनाने हैं।
° _संग_, _लाइन_, _श्वांस_, _ज्ञान_, _बंधन_

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