*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 02-09-2020*
1. सर्व प्रति _____ -ग्राहक बनो लेकिन फालो _______ को करो।
°गुण, ब्रह्मा बाप
2. हम बाप समान विश्व सेवाधारी आत्माओं को *कौन-सी डबल सेवा* का अभ्यास निरन्तर-नेचुरल करना है? (जिससे देखने वालों को अनुभव- साक्षात्कार हो कि यह कोई अलौकिक शक्ति है।)
° शरीर द्वारा *स्थूल सेवा करते हुए मन्सा से विश्व परिवर्तन* की सेवा पर तत्पर रहो। (एक ही समय पर *तन और मन* से इक्ट्ठी सेवा। *मन्सा और कर्मणा* दोनों साथ-साथ।)
° मन्सा सेवा के लिए विशेष *एकाग्रता* का अभ्यास बढ़ाओ।
3. रोज़ सुबह-शाम यह विचार करना चाहिए-यह ______ रत्न _____ जीवन के लिए रूहानी बाप से मिलते हैं। पुरूषोत्तम बनने के लिए पढ़ रहे हैं। हम पुरूषोत्तम ______ पर हैं।बाबा अनेक प्रकार से समझाते रहते हैं। तुम भी स्लोगन लिखते हो ‘बी होली एण्ड ______ ‘।सर्विस की युक्तियाँ तो बाबा बहुत बतलाते हैं, बच्चों को _______ में लाना चाहिए।
° अमूल्य, अमूल्य, संगमयुग, राजयोगी, अमल
4. बाबा ने कहा सबके दु:ख दूर करने वाले हम *रूहानी पण्डे* -गाइड्स, सबको *मुक्ति-जीवनमुक्ति की राय* -एडवाइज देते। तो मुक्ति-जीवनमुक्ति में जाने लिये क्या करना है? (2)
° अमरपुरी में जाने के लिए तुम *पवित्र* बन रहे हो। (पतित-पावन आकर राय देते *पावन* बनने की। मुक्तिधाम में कोई भी जा नहीं सकते, जब तक बाप एडवाइज़ न करे, श्रीमत न दे।)
° *मामेकम् याद करो* तो तुम्हारे जन्म-जन्मान्तर के पाप कट जायेंगे। (याद से ही बेड़ा पार है।)
5. बाबा ने आज *परमधाम* को कौन-कौन से नाम दिये? (6)
° मुक्तिधाम, *आत्माओं की अमरपुरी*, परमधाम, शान्तिधाम, शिव नगरी, मूलवतन
6. और *सतयुग* को कौन-से नाम दिये? (7)
° अमरपुरी, *अमरनाथ पुरी*, स्वर्ग, फूलों का बगीचा, नई दुनिया, वाइसलेस वर्ल्ड, सुखधाम, (वर्सा, सद्गति)
7. स्वर्ग *ऊपर में* है _(सही / गलत)_
° *गलत* (मुक्तिधाम ऊपर में है। जीवनमुक्ति में तो यहाँ ही आना है। यह बाप तुम्हें समझाते हैं, उनको अच्छी रीति धारण कर नॉलेज का ही मंथन करना है।)
8. याद को सहज करने लिए *परमपिता परमात्मा शिवबाबा* की कौन-कौन सी *महिमा* आज की मुरली में है? (5)
° वह भी आत्मा ही है। सिर्फ उनको परमपिता परमात्मा कहते हैं, वह हमको समझा रहे हैं। वही *ज्ञान का सागर है, पवित्रता का सागर* है। अब बच्चों को पवित्र बनाने लिए श्रीमत देते।
° यह तो सब कहते हैं *पतित-पावन*।
° *सद्गति दाता* ज्ञान का सागर है ही एक।
° ज्ञान का सागर है, *प्रेम का सागर* है।
° *गीता का भगवान* शिव
9. हमे कौन-सा *नशा* सदा चढ़ा रहना चाहिए, धन्धा आदि करते भी? (2)
° तुम बच्चों को यह नशा रहना चाहिए कि *हम बाप को याद कर जन्म-जन्मान्तर के लिए पवित्र बनते* हैं। तुम जानते हो भल कितने भी विघ्न पड़ें *स्वर्ग की स्थापना तो जरूर होनी है*। नई दुनिया की स्थापना और पुरानी दुनिया का विनाश होना ही है। यह बना-बनाया ड्रामा है, इसमें संशय की बात ही नहीं।
° बुद्धि में रहे – *बाप हमको पढ़ा रहे* हैं। जिस पढ़ाई से हम *मनुष्य से देवता बन जायेंगे*। इसमें तकलीफ की कोई बात नहीं। (धन्धे आदि से भी कुछ टाइम निकाल याद कर सकते हो। छुट्टी लेकर जाए बाबा को याद करो। सारा दिन ऐसे ही थोड़ेही गंवाना है। हम भविष्य का तो कुछ ख्याल करें। युक्तियाँ बहुत हैं, जितना हो सके टाइम निकाल बाप को याद करो।)
10. मातायें तो बिचारी अबोध होती हैं। कहती हैं हम *पढ़ी-लिखी नहीं हैं*। तो बाबा ने कौन-सा वन्डरफुल उत्तर दिया?
° बाप कहते हैं नहीं पढ़े तो *अच्छा है* । वेद-शास्त्र जो कुछ पढ़े हैं वह *सब यहाँ भूल जाना* है। अभी मैं जो सुनाता हूँ, वह सुनो।
11. *स्टूडेन्ट* घर में यही ख्याल करते-यह पेपर भरकर देना है, आज यह करना है। तो हम बच्चों को *अपने कल्याण* के लिए क्या ख्याल करते रहना है?
° आत्मा को *सतोप्रधान* बनाना है। *पवित्र* बन मुक्तिधाम में जाना है और *नॉलेज* से फिर देवता बनते हैं।
12. बाबा अनेक प्रकार से समझाते रहते। फिर भी देह-अभिमान में आने से भूल जाते। तो इस *देह-अभिमान को मिटाने* लिए कौन-सी युक्ति है? (2)
° *जितना याद करते रहेंगे* उतना देह-अभिमान टूटता जायेगा।
° अपनी *सम्भाल करते रहो। देखो*, हमारा देह-अभिमान टूटा है? (हम अभी जा रहे हैं फिर हम विश्व के मालिक बनेंगे। हमारा पार्ट ही हीरो-हीरोइन का है।)
13. आत्मा ही पुरूषार्थ करती विश्व का मालिक बनने। बाप कहते यह पक्का याद कर लो हम आत्मा हैं। यह पुरूषार्थ *देवता बनने के बाद* भी करना पड़ेगा। _(सही / गलत)_
° *गलत* (देवताओं को याद नहीं करना पड़ता क्योंकि वह तो है ही पावन। प्रालब्ध भोग रहे हैं, पतित थोड़ेही हैं जो बाप को याद करें। तुम आत्मा अभी पतित हो इसलिए बाप को याद करना है।)
14. यह ड्रामा है। इसमे *हर दिन एक समान* है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (एक भी दिन एक समान नहीं होता। यह ड्रामा चलता रहता। सारे दिन का पार्ट सेकण्ड बाई सेकण्ड बदलता रहता। शूट होता रहता। तो बाप बच्चों को समझाते हैं, कोई भी बात में हार्टफेल मत हो।)
15. प्रदर्शनी वा *म्युज़ियम* में हमारे कौन-से नाम रख सकते? (2)
° लिखो *गाइड टू हेविन*
° वा *नई विश्व की राजधानी के गाइड्स* ।
16. _____ वा _____ है तो उनको भी युक्ति से यह रूहानी पढ़ाई पढ़ानी चाहिए, जिससे कल्याण हो। बाकी इस जिस्मानी पढ़ाई से क्या होगा। हम यह पढ़ाते हैं। बाकी थोड़े दिन हैं।
अन्दर _____ आती रहेगी – कैसे मनुष्यों को रास्ता बतायें।
°टीचर, प्रोफेसर, उछल
17. *गीता का भगवान् शिव* लिखने से फेल कर दिया। तो क्या यह सत्य बात वे कभी समझेंगे?
° *हाँ* (आगे चलकर समझेंगे बरोबर इस बच्ची ने जो लिखा था वह सत्य है। जब प्रभाव निकलेगा वा प्रदर्शनी अथवा म्युज़ियम में उनको बुलायेंगे तो पता चलेगा और बुद्धि में आयेगा यह तो राइट है।)
18. क्षत्रियपने की निशानी _____ दिया है। परन्तु हमारा तो पार्ट है ऊंच ते ऊंच हीरो-हीरोइन का। यह नाम तब पड़ता है जब कोई ______ पाते हैं। _______ कन्या उनको कहा जाता है जो अपवित्र बनने के बाद फिर पवित्र बनती है।
°बाण, विजय, अधर
19. भल कोई कितने भी लखपति वा करोड़पति हो परन्तु तुम जानते हो यह सब ____ हो जायेंगे। तुम आत्मायें धनवान बनती जाती हो। बाकी सब _____ में जा रहे हैं।
°विनाश, देवाले
20. भक्ति में भी बहुत दानी होते हैं। (सुबह को उठकर अन्न की मुट्ठी निकालते, गरीबों को दान करते।) परन्तु बाबा कहते *पात्र को दान* देना चाहिए। (इस समय तो यह बहुत जरूरी है ध्यान रखना)। तो बाहर में एसे ही भीख में पैसे देना, यह क्यों ठीक नहीं है?
° उन्हों का तो यह धन्धा हो जाता। (और यदि दुरुपयोग करते, तो हमारा भी कर्मों का खाता बनता।)
