Answers from Sakar Murli 03-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-12-2020*

1. जहाँ ब्राह्मणों के तन-मन-धन का ____ है वहाँ सफलता साथ है।
° _सहयोग_

2. कैसी भी अवगुण वाली आत्मा हो, लेकिन जो *रहमदिल विश्व कल्याणकारी बच्चे* हैं वे क्या करते? (3)
° सर्व आत्माओं के प्रति लॉफुल के साथ *लवफुल* होंगे।
° कभी इस वहम में नहीं आयेंगे कि यह तो कभी बदल ही नहीं सकते, यह तो हैं ही ऐसे….या यह कुछ नहीं कर सकते, मैं ही सब कुछ हूँ..यह कुछ नहीं हैं। (इस प्रकार का *अहम् और वहम छोड़*….)
°… कमजोरियों वा बुराइयों को जानते हुए भी *क्षमा* करने वाले रहमदिल बच्चे ही विश्व कल्याण की सेवा में सफल होते हैं।

3. वहाँ तो सदैव _____ मौसम रहता है। वह है ही ____ -राज्य, सब ____ -खण्ड रहते हैं। बाप आये हैं तुमको ऐसे _____ का मालिक बनाने। उसको कहते हैं _____ -सागर। बाप है ही स्वर्ग की स्थापना करने वाला तो जरूर हम भी स्वर्ग के ____ होने चाहिए। बाबा आप ऐसा राज्य देते हो जो कोई छीन न सके।
° _बहारी_, _राम_, _क्षीर_, _हेविन_, _क्षीर_, _मालिक_

4. अभी वह दैवी राजधानी स्थापन कर रहे हैं। वहाँ तो _____ इतना होगा, बिगर पैसे जितना चाहे उतना मिलेगा। हम ____ को ऐसा बना देते जो कभी कोई रोग हो ही नहीं, गैरन्टी है। कैरेक्टर भी हम इन _____ जैसा बनाते हैं। बच्चों को समझाने में बहुत _____ भी आता है। बाबा ने ही यह ____ आदि बनवाये हैं।
° _अनाज_, _हेल्थ_, _देवताओं_, _मज़ा_, _चित्र_

5. *डबल अहिंसक* दैवी सम्प्रदाय (अहिंसा परमो देवी-देवता धर्म) बनने वाले बच्चों को कौन सा ध्यान रखना है? (2)
° ध्यान रखना है कि ऐसी कोई वाचा मुख से न निकले जिससे किसी को भी दु:ख हो क्योंकि *वाचा से दु:ख देना भी हिंसा* है।
° हम देवता बनने वाले हैं, इसलिए *चलन बहुत रॉयल* हो। खान-पान न बहुत ऊंचा, न नीचा हो।

6. “मीठे बच्चे – तुम्हें मन्सा-वाचा-कर्मणा बहुत-बहुत ____ में रहना है, सबको ____ करना है, किसी को भी ____ नहीं देना है”
° _खुशी_, _खुश_, _दु:ख_

7. अपने को आत्मा समझेंगे, दूसरे को भी आत्मा ____ देखेंगे तो फिर दु:ख नहीं देंगे। बाप समझाते रहते हैं एक-दो को देखते हो तो ऐसे समझो – हम भाई (आत्मा) से ____ करते, भाई को समझाते। आत्मा ही ____ पर विराजमान है।
° _भाई_, _बात_, _तख्त_

8. बाप भी _____ को बैठ समझाते हैं। _____ ही सब कुछ करती है ना। एक खाल छोड़ दूसरी लेती है, जैसे ____ का मिसाल। ______ भी तुम हो, ज्ञान की भूं-भूं करो, इससे तुम किसको भी विश्व का मालिक बना सकते। ऐसे बाप को क्यों नहीं ____ करेंगे। अब बाप आया हुआ है तो ____ क्यों नहीं लेना चाहिए।
° _आत्माओं_, _आत्मा_, _सर्प_, _भ्रमरियाँ_, _याद_, _वर्सा_

9. अभी तुम _____ बुद्धि बन रहे हो। तुम जब पारसबुद्धि थे तो तुमने बहुत ___ देखे। तुम ही सुखधाम के _____ थे ना। और शान्तिधाम है हमारा _____ होम। फिर वहाँ से _____ बजाने आये हैं।
° _पारस_, _सुख_, _मालिक_, _स्वीट_, _पार्ट_

10. तुम यह लक्ष्मी-नारायण थे ना, मैं तुमको _____ सिखलाकर राजाओं का राजा बनाता हूँ। जो _____ राजायें थे वही फिर पुजारी राजायें बनते हैं। तो बाप कहते हैं – बच्चे, अच्छी रीति _____ करो। _____ धारण करो। बाप कहते हैं बच्चों को, तुम कोई ____ नहीं करो।
° _राजयोग_, _पूज्य_, _पुरुषार्थ_, _दैवीगुण_, _फिक्र_

11. शिवबाबा बहुत ____ है, वह तो है निराकार। बाप के लिए गाया जाता लिबरेटर, गाइड, _____। ऊंच ते ऊंच भगवान-बाप, ऊंच ते ऊंच ___ टीचर भी है। बाप आये ही हैं ____ करने। वह है ही _____ बाप, 5 तत्वों का भी कल्याण करता।
° _मीठा_, _खिवैया_, _सुप्रीम_, _सुखी_, _कल्याणकारी_

12. ज्ञान बहुत मीठा है। इसमें ____ खोलकर सुनना होता है। ____ को तो देखेंगे ना। तुम जानते हो ____ -बाबा यहाँ विराजमान है तो आंखे खोलकर बैठना चाहिए ना। ____ के बाप को देखना चाहिए ना।
° _आंखे_, _बाप_, _शिव_, _बेहद_

13. तुमने ही सारे ____ पर राज्य किया है, अनेक बार हार और जीत। तुम कहेंगे हम बहुत _____ थे फिर बाप हमको ऊंच चढ़ाते। हम हर ____ वर्ष बाद पढ़ते ही आते। इसको कहा जाता है वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी ____ । अभी फिर ____ बनते हैं 21 जन्मों लिए, पूज्य स्वर्ग के मालिक। यह है नर से नारायण बनने की _____।
° _विश्व_, _ऊंच_, _5 हज़ार_, _रिपीट_, _पूज्य_, _नॉलेज_

14. बाप कहते हैं काम महाशत्रु है, उन पर जीत पाने से तुम ____ -जीत बनेंगे, तो खुशी से बनना चाहिए ना। भल गृहस्थ-प्रवृत्ति में रहो परन्तु _____ फूल समान पवित्र रहो, अभी तुम कांटों से फूल बन रहे हो। ____ है तो पीस प्रासपर्टी है। सारा मदार ____ पर है। बुलाते भी हैं हे _____ -पावन आओ।
° _जगत_, _कमल_, _प्योरिटी_, _पवित्रता_, _पतित_

15. ब्रह्मा बाबा आज कैसे निर्मानता से हमारा *बुद्धियोग शिवबाबा से* जोड़ रहे थे?
° मेरे से तो तुमको कुछ भी नहीं मिलता है। *मैं भी पढ़ता हूँ*, वर्सा है ही एक हद का, दूसरा बेहद के बाप का। प्रजापिता ब्रह्मा क्या वर्सा देंगे। बाप कहते हैं – मामेकम् याद करो, यह तो रथ है ना। *रथ को तो याद नहीं करना है* ना। ऊंच ते ऊंच भगवान कहा जाता है। (तुमको वर्सा लौकिक और पारलौकिक बाप से मिलता है। अलौकिक बाप से वर्सा नहीं मिलता है। यह तो दलाल है, इनका वर्सा नहीं है। प्रजापिता ब्रह्मा को याद नहीं करना है।)

16. लक्ष्मी है _____ की देवी, उनसे पैसे मांगते हैं। अम्बा तो विश्व का ____ बनाती है। सब ____ पूरी कर देती है। ____ द्वारा सब कामनायें पूरी हो जाती हैं। अच्छा!
° _स्वर्ग_, _मालिक_, _कामनायें_, _श्रीमत_

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