Answers from Sakar Murli 04-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-06-2020*

1. सबसे बड़ा *शान* क्या है?
° *सदा खुश* रहना और खुशी बांटना

2. शिवबाबा तुमको कहते हैं मुझे याद करो, *किसको* कहा?
° मुझ *आत्मा को* कहा। बाप आत्माओं से ही बात करते हैं।

3. तुम जब वहाँ से मधुबन आते हो तो पहले जरूर अपने को _____ समझते हो। तुम घर से निकलते हो तो समझते हो हम _____ के पास जाते हैं। तुम बच्चों को यह पक्का _____ रहना चाहिए कि बेहद का बाप हमको विश्व का मालिक बनाते हैं। अब बाप कहते हैं सिकीलधे बच्चे, तुम भी कहते हो कितना _____ बाप है।
° आत्मा, बापदादा, *निश्चय*, सिकीलधा

4. पुरूषार्थ बड़ा या प्रालब्ध बड़ी?
° पुरूषार्थ बड़ा क्योंकि *पुरूषार्थ की ही प्रालब्ध बनेगी।*

5. *याद* में कब-कब रह सकते? _(5)_
° जब चाहे, कर्म करते, खाना खाकर चक्र लगाए, घूमते फिरते, कुछ भी देखते

6. तुम खुशी में रहते, यह भी जानते हो बाप की याद भी _____ ठहरेगी। हम _____ हैं-यही भूल जाते फिर देह-अभिमान में आ जाते। यहाँ बैठे भी कोशिश करके अपने को _____ निश्चय करो। तो बाप की याद भी रहेगी। देह में आने से देह के सब सम्बन्ध याद आयेंगे। यह एक लॉ है। तुम गाते भी हो मेरा तो एक दूसरा न कोई। बाबा हम बलिहार जायेंगे। वह अभी ही _____ है, एक को ही याद करना है। बड़ी जबरदस्त मंजिल है, तब बाबा कहते हैं अपनी जांच करो। यह तुम्हारा मोस्ट वैल्युबुल _____ है। तो अपने को देखना चाहिए-हमने कितना शिवबाबा को याद किया? नहीं तो चार्ट में _____ पड़ जायेगा। बाप कहते हैं मेरी याद में रहो तो तुम्हारे _____ के पाप मिट जाएं।
° *पक्की*, आत्मा, आत्मा, समय, टाइम, रोला, जन्म-जन्मान्तर

7. बाबा ने *बेहद* की कौन-सी 5 बातें बताई?
बेहद *पवित्रता* अर्थात् क्या?
बेहद वैराग्य में कौन-सी 3 बातें आती?
° बेहद का बाप, वर्सा, पवित्रता, वैराग्य, संन्यास
° बेहद पवित्रता अर्थात्‌ सिवाए एक बेहद के बाप के और कोई की *याद* न आये।
° वैराग्य है पुरानी दुनिया, सम्बन्ध, वा जो कुछ दिखता उससे

8. हम *चैतन्य लाइट हाउस* कैसे है?
° तुम बच्चे इस समय चैतन्य लाइट हाउस हो, एक आंख में मुक्तिधाम, दूसरी आंख में जीवनमुक्तिधाम। तुम्हें ज्ञान का नेत्र मिला है। तुम *ज्ञानवान बन सबको रास्ता दिखाते* हो।

9. आने वाले विघ्नों में थकने वा दिलशिकस्त होने के बजाए सेकण्ड में स्वयं के _____ स्वरूप और निमित्त भाव के _____ स्वरूप द्वारा सेकण्ड में हाई जम्प दो। थोड़ी सी _____ के कारण सहज मार्ग को मुश्किल नहीं बनाओ। अपने जीवन की भविष्य श्रेष्ठ मंजिल को स्पष्ट देखते हुए _____ बनो। जिस नज़र से बापदादा वा विश्व आपको देख रही है उसी श्रेष्ठ _____ में सदा स्थित रहो।
° आत्मिक ज्योति, डबल लाइट, विस्मृति, तीव्र पुरूषार्थी, *स्वरूप*

10. *स्वर्ग का पासपोर्ट* किन बच्चों को मिलता?
° जो याद में रह अपने विकर्मों को विनाश कर *कर्मातीत* अवस्था को पाते हैं।

11. किस बात में *पाई का भी संशय नहीं?*
° नई दुनिया सतयुग था, क्राइस्ट से 3 हज़ार वर्ष पहले स्वर्ग था फिर अब स्वर्ग की स्थापना हो रही है। आगे चल समझेंगे-तुम जानते हो *स्थापना जरूर होनी है।*

12. खुद आकर कहते हैं बच्चों-हम पहले तुमको _____ ले जाऊंगा। मालिक है ना। फिर आयेंगे _____ में पार्ट बजाने। _____ बनने लिए भी सिवाए बाप के और कोई पुरूषार्थ करा न सके।
° शान्तिधाम, सुखधाम, *स्वर्गवासी* (21 जन्मों के लिए)

13. *ज्ञान* क्या है? *रूद्र माला* में कौन-कौन हैं?
° ज्ञान है पढ़ाई जिससे तुम जान गये हो कि हम *आत्मा* हैं, वह *परमपिता परमात्मा* है।
° बाप कहते हैं इतने करोड़ (सभी) आत्माओं की मेरी माला है।

14. बाबा ने आज कौन-सी *राय*, वा *पुरुषार्थ की युक्ति* दी?
° अपने *ताज व तख्त का फोटो अपने पॉकेट में* रख दो तो याद रहेगी। इनसे हम यह बनते हैं। जितना देखेंगे उतना याद करेंगे। फिर उसमें ही मोह लग जायेगा। हम यह बन रहे हैं-नर से नारायण, चित्र देखकर खुशी होगी। शिवबाबा याद आयेगा। यह सब पुरूषार्थ की युक्तियां हैं।

15. तुम _____ बनकर विष्णुपुरी में आते हो। यह है नई बात। सबको रास्ता बताना है, तुम्हारा _____ है। तुम कोई _____ में नहीं फँसाते हो। कहा भी जाता है _____ ड्रामा है।
° *स्वदर्शन चक्रधारी*, फ़र्ज, देहधारी, बना बनाया

16. *साक्षात्कार* किन्हें होंगे?
° यह भी बाप समझाते हैं-अच्छी रीति बाप की याद में रह सर्विस करेंगे तो आगे चल तुमको साक्षात्कार भी होते रहेंगे।

17. *सखी से प्रीत* हो जाने से क्या होता? _(4)_
° फिर उनकी याद ठहर जाती है। फिर वह *रग* टूटने में बड़ी मुश्किलात होती है।
° पूछते हैं बाबा यह क्या है! अरे, तुम *नाम-रूप* में क्यों फँसते हो।
° एक तो तुम *देह-अभिमानी* बनते हो
° दूसरा फिर तुम्हारा कोई पास्ट का *हिसाब-किताब* है, वह धोखा देता है।

18. कलियुग में सब हैं कनिष्ट पुरूष, जो _____ पुरूष लक्ष्मी-नारायण को नमन करते हैं। भक्ति मार्ग में जो जिसमें जैसी भावना रखते हैं, उसका साक्षात्कार होता है। अभी तुम्हारी _____ सबसे ऊंच ते ऊंच बाप में है। दुनिया को तो कुछ भी पता नहीं है। ऐसे ही मुख से सिर्फ कह देते हैं-इसको कहा जाता है _____। यह है तुम्हारा _____।
° *उत्तम*, भावना, थ्योरीटिकल, प्रैक्टिकल

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