*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 04-08-2020*
1. हर संकल्प में _____ की विशेषता को प्रैक्टिकल में लाओ तो प्रत्यक्षता हो जायेगी।
°दृढ़ता
2. भल कांटों के जंगल दुःखधाम मे कोई भी समस्या हो (तन की बीमारी, धन ऊपर-नीचे आदि), सुखदाता बाप के बच्चो को *स्वप्न में भी दु:ख की फीलिंग / लहर नहीं* आ सकती। यह कैसे होता?
° क्योंकि *योगबल से चुक्तू* कर सुख-स्वरूप रहते (जब दु:ख आये तो मंत्र ले लो जिससे दु:ख भाग जायेगा। जैसे सागर में लहरें आती हैं और चली जाती हैं लेकिन जिन्हें उन लहरों में लहराना आता है वह उसमें सुख का अनुभव करते हैं, लहर को जम्प देकर ऐसे क्रास करते हैं जैसे खेल कर रहे हैं। तो सागर के बच्चे सुख स्वरूप हो, दुख की लहर भी न आये।)
3. परमात्मा का कौन-सा *यथार्थ परिचय* हम जानते, जिससे ब्रह्मा का राज़ भी स्पष्ट हो जाता?
° ऊंच ते ऊंच है भगवान *शिवबाबा*
° जो प्रजापिता ब्रह्मा में *प्रवेश* कर उन्हें क्रियेट कर हमारे ऊंच ब्राह्मण कुल को रचते। (प्रजापिता जरूर यहां स्थूल वतन में होंगे, और यह वही कृष्ण-नारायण-विष्णु की आत्मा का 84 वा जन्म है)
° फिर शिवबाबा नॉलेजफुल बन आदि-मध्य-अन्त की *नॉलेज देते*, वा ज्ञान-यज्ञ (ईश्वरीय विद्यालय) रचते
° हम आत्मायें *मामेकम् याद* में मस्त रह (ड्रामा को *साक्षी* देख) पावन-डबल सिरताज-देवता बनते।
4. यह _____ सब आत्माओं के रथ हैं। अकालमूर्त आत्मा का बोलता चलता _____ है। जो _____ में पहले-पहले होते हैं, वहाँ भी वह पहले आयेंगे। बाप कहते हैं ____ में रहने से तुम सेफ्टी में रहेंगे।
°(शरीर), तख्त, पढ़ाई, याद
5. वैकुण्ठ को विष्णुपुरी कहा जाता है अर्थात् _____ का राज्य था। अभी तुम पुरूषार्थ करते हो – हम नई दुनिया में जायें। वहाँ जाकर नये-नये _____ बनाने पड़ेंगे।
°लक्ष्मी-नारायण, महल
6. ज्ञान से या तो है सेकण्ड में _____ या तो फिर कहते सागर को ____ बनाओ तो भी पूरा नहीं हो। या तो सिर्फ कहते हैं ____ को याद करो।
°जीवनमुक्ति, स्याही, अल्फ
7. ब्राह्मण बनने से तुम _____ के बन गये। आत्मायें कहती हैं – शिवबाबा, हमारी तो आपसे _____ हो गई। अब आपसे हम मिलें कैसे? शिवबाबा तो पतियों का _____ है। बच्चों पर अब है _____ की दशा।
°धनी, सगाई, पति, ब्रहस्पति
8. राधे वा कृष्ण के माँ-बाप का *पद* उनसे ज्यादा ऊँच है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (वह सेकण्ड क्लास का पद है जो सिर्फ निमित्त बनते हैं कृष्ण को जन्म देने। ऐसे नहीं कि कृष्ण की आत्मा से वह ऊंच पढ़ा हुआ है। राधे-कृष्ण है नम्बर-वन!)
9. हमारा *ज्ञान* कभी कम-जास्ती होता रहता। _(सही / गलत)_
° *गलत* (ज्ञान कभी कम-जास्ती नहीं होता। याद की यात्रा ही कभी कम, कभी जास्ती होती है। ज्ञान तो जो मिला है सो है ही। याद की यात्रा में कभी उमंग रहता है, कभी ढीला।)
10. अगर कोई ____ में गिरा तो बुद्धि में धारणा हो नहीं सकती। बाबा कहते हैं तुम ऐसी कड़ी भूल करेंगे तो ______ हो जायेंगे। तुमको हम गोरा बनाने के लिए आये हैं, फिर तुम ______ कैसे करते हो। भल स्वर्ग में आयेंगे, पाई पैसे का पद पायेंगे। राजधानी स्थापन हो रही है ना। कोई तो हार खाकर जन्म-जन्मान्तर पद भ्रष्ट हो जाते हैं। पिछाड़ी में तुमको सब _______ होंगे। ______ का ही मान है।
°विकार, चकनाचूर, काला मुँह, साक्षात्कार, पवित्रता
