Answers from Sakar Murli 05-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-02-2021*

1. कर्म और मन्सा दोनों सेवा का बैलेन्स हो तो _____ वायुमण्डल बना सकेंगे।
° _शक्तिशाली_

2. संगमयुग का विशेष _______ वा ब्राह्मण जीवन की ______ है – अतीन्द्रिय सुख। इसकी अनुभूति लिए ________स्थिति द्वारा माया के वार से सेफ रहो। जो अतीन्द्रिय सुख का अनुभव कर लेते उन्हें इन्द्रियों का सुख _____ कर नहीं सकता, नॉलेजफुल होने कारण उनके सामने वह ________ दिखाई देगा।
° _वरदान_, _विशेषता_, _त्रिकालदर्शी_, _आकर्षित_, _तुच्छ_

3. बच्चे जानते यह बेहद का बाप, बेहद का _____ देने वाला है। सब याद करते परन्तु पता नहीं है कि हमको उनसे सतयुगी विश्व की _____ मिलती। वह अटल _____ , अडोल है, हमारी बादशाही 21 जन्म कायम रहती। सारे _____ पर हमारी राजाई रहती जो कोई छीन-लूट नहीं सकता। हमारी राजाई है अडोल क्योंकि वहाँ एक ही _____ है, द्वेत नहीं। तुम कितने सतोप्रधान _____-दार विश्व के मालिक थे।
° _सुख_, _बादशाही_, _अखण्ड_, _विश्व_, _धर्म_, _समझ_

4. सदा यह स्मृति रखनी है कि हम एक ____ , एक _____ , एक ____ की स्थापना के निमित्त हैं इसलिए एक ____ होकर रहना है। सतयुग-त्रेता में सब ____ राजायें होते। अभी तुम जो ______ -लेस बनते हो, उसकी प्रालब्ध 21 जन्म लिए है।
° _मत_, _राज्य_, _धर्म_, _मत_, _पूज्य_, _वाइस_

5. मुझ बाप को और _____ को याद करो। आदि सनातन अपने _____ को याद करो। बाप को याद करेंगे तब ही अपने को _____ का तिलक देते। जितना अच्छी रीति याद में रहेंगे, _____ पर चलेंगे तुम राजाओं का राजा बनेंगे। यह पाठशाला है ही मनुष्य से _____ बनने की। नर से नारायण बनाने की _____ सुनाते हैं।
° _वर्से_, _धर्म_, _राजाई_, _श्रीमत_, _देवता_, _कथा_

6. “मीठे बच्चे – यहाँ तुम्हारा सब कुछ ____ है, इसलिए तुम्हें कोई भी _____ नहीं करना है, अपनी नई राजधानी के _____ में रहना है”। तुम देखते हो बाबा ने जिसमें प्रवेश किया है वह भी कितना______ रहते। अगर परमपिता समझें तो बुद्धि एकदम _____ उठे। बाप स्वर्ग का वर्सा देते हैं, वह है ही ______ गॉड फादर। अब हम मुक्ति-जीवनमुक्ति कैसे पा सकते।
° _गुप्त_, _ठाठ_, _नशे_ , _साधारण_, _चमक_, _हेविनली_

7. ड्रामा में मेरे आने का _____ नूँधा हुआ है। अनेक धर्म _____ , एक धर्म की स्थापना वा कलियुग का विनाश, सतयुग की _____ करनी होती है। मैं अपने _____ पर आपेही आता हूँ।
° _पार्ट_, _विनाश_, _स्थापना_, _समय_

8. बच्चे भी कहते, अभी हम जान गये, 5000 वर्ष बाद फिर से आपके _____ मिले हैं। कल्प पहले भी बाबा आप ______ तन में आये थे। यह ज्ञान अभी मिलता, ज्ञान की है प्रालब्ध, ______ कला। सेकेण्ड में ______ -मुक्ति कहा जाता। जीवनमुक्ति अर्थात् जीवन को मुक्त करते, इस_____ राज्य से।
° _साथ_, _ब्रह्मा_, _चढ़ती_, _जीवन_, _रावण_

9. *श्रेष्ठ धर्म और दैवी कर्म* की स्थापना लिए तुम बच्चे कौन-सी मेहनत करते हो?
° तुम अभी *5 विकारों को छोड़ने की* मेहनत करते हो, क्योंकि इन विकारों ने ही सबको भ्रष्ट बनाया है। (तुम जानते हो इस समय सभी दैवी धर्म और कर्म से भ्रष्ट हैं। बाप ही श्रीमत देकर श्रेष्ठ धर्म और श्रेष्ठ दैवी कर्म की स्थापना करते हैं। तुम *श्रीमत* पर चल बाप की *याद* से विकारों पर विजय पाते हो। *पढ़ाई* से अपने आपको राजतिलक देते हो।)

10. दुर्गति से फिर ____ गति, मुक्ति-जीवनमुक्ति को पाते। पहले मुक्ति में जाकर फिर _______ में आयेंगे। शान्ति से फिर _____ -धाम में आयेंगे। यह चक्र का सारा राज़ बाप ने समझाया है। तुम्हारे साथ और भी धर्म आते जाते, मनुष्य सृष्टि _______ को पाती जाती। बाप कहते इस समय यह मनुष्य सृष्टि का झाड़ तमोप्रधान ______ है।
° _ऊंच_, _जीवनमुक्ति_, _सुख_, _वृद्धि_, _जड़जड़ीभूत_

11. जैसे *बीज* छोटा होता है, *झाड़* 🌳 कितना बड़ा है। झाड़ के *पत्ते* 🍃आदि गिनती नहीं कर सकते। बाबा यहां कौन-सी पॉइंट समझा रहे?
° वैसे *भक्ति का विस्तार* हो जाता है। ( *वैरायटी* भिन्न-भिन्न धर्म वालों के *फीचर्स* , हर एक बात में भिन्न-भिन्न हो जाते हैं। *रस्म-रिवाज़* भी भिन्न-भिन्न होती है। ढेर के ढेर *शास्त्र* बनाते जाते हैं। भक्ति मार्ग के लिए सामग्री भी चाहिए। अब बाप बच्चों को कहते हैं – यह भक्ति मार्ग की सामग्री सब खत्म हो जाती है।)

12. बाप कहते – आत्मा तो __________ है ना, वह लीन कैसे हो सकती। ऐसे नहीं कि परमात्मा ऊपर से ________द्वारा सिखलायेंगे। घर बैठे_______ प्रेरणा करेंगे क्या! गुरू उनको कहा जाता जो _______ करें। गुरू तो एक ही बाप है जिसको ________ का सद्गति दाता कहा जाता।
° _अविनाशी_, _प्रेरणा_, _टीचर_, _सद्गति_, _सर्व_

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *