*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 05-11-2020*
1. विश्व परिवर्तक वही है जो किसी के _____ को ______ में बदल दे।
° _निगेटिव_, _पॉजिटिव_
2. अभी तुम बच्चे *21 जन्मों के लिए अखुट खजानों में वज़न करने योग्य* बनते हो – क्यों? (2)
° क्योंकि *बाप जब नई सृष्टि रचते हैं, तब तुम बच्चे उनके मददगार बनते* हो।
° *अपना सब कुछ उनके कार्य में सफल करते* हो श्रीमत पर इसलिए बाप उसके रिटर्न में 21 जन्मों के लिए तुम्हें अखुट खजानों में ऐसा वज़न करते हैं जो कभी धन भी नहीं खुटता, दु:ख भी नहीं आता, अकाले मृत्यु भी नहीं होती।
3. वहाँ की ____ सतोप्रधान बहुत सुन्दर होती हैं। जैसे सुन्दर देवतायें, वैसे ____ । देखने से ही दिल ___ हो जाए। वह है ही ____ । सभी स्वर्ग को ____ करते हैं। रात होती है अन्धियारी, ____ में है सोझरा।
° _गायें_, _गायें_, _खुश_, _स्वर्ग_, _याद_, _दिन_
4. दिखलाते हैं – *कृष्ण के मुख में माँ ने देखा* माखन के बदले विश्व का गोला। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° यह है अभी संगम की बात। तुम जानते हो हम यह शरीर छोड़ *बच्चा* जाए बनेंगे। *विश्व का मालिक* बनेंगे। (दोनों क्रिश्चियन आपस में लड़ते हैं और *माखन* मिलता है तुम बच्चों को। राजाई मिलती है ना। तुम अभी ईश्वरीय सन्तान बने हो। अभी तुम ब्रह्माण्ड के मालिक और विश्व के मालिक बनते हो।)
5. आज वरदान में बाबा ने *मेरा-पन के 6 प्रकार* सुनाये। कौन-से?
° मेरा *पुरूषार्थ* , मेरी *इन्वेन्शन* , मेरी *सर्विस* , मेरी *टचिंग* , मेरे *गुण* अच्छे हैं, मेरी *निर्णय शक्ति* बहुत अच्छी है, यह मेरा पन ही रॉयल माया का रूप है।
6. माया ऐसा जादू मंत्र कर देती है जो तेरे को भी ____ बना देती है इसलिए अब ऐसे अनेक _____ से मुक्त बन एक बाप के सम्बन्ध में आ जाओ तो ____ -जीत बन जायेंगे। _____ जीत ही प्रकृति जीत, विश्व जीत व जगतजीत बनते हैं। वही एक सेकण्ड के _____ भव के डायरेक्शन को सहज और स्वत: कार्य में लगा सकते हैं।
° _मेरा_, _बन्धनों_, _माया_, _माया_, _अशरीरी_
7. *ओम् शान्ति* के बदले सिर्फ ओम् कहना भी ठीक है। _(सही / गलत)_
° गलत (कोई-कोई सिर्फ ओम् कहते हैं, परन्तु कहना चाहिए ओम् शान्ति। सिर्फ ओम् का अर्थ निकलता है ओम् भगवान। ओम् शान्ति का अर्थ है *मैं आत्मा शान्त स्वरूप हूँ* । हम आत्मा हैं, यह हमारा शरीर है। पहले है आत्मा, पीछे है शरीर।)
° आत्मा शान्त स्वरूप है, उनका *निवास स्थान है शान्तिधाम* ।
° तुम बच्चों को (शान्ति के सागर द्वारा) *शान्ति का वर्सा* मिल जायेगा। (वहाँ न घर में, न बाहर राजधानी में अशान्ति होती। उसको कहा जाता है शान्ति का राज्य, यहाँ है अशान्ति का राज्य क्योंकि रावण राज्य है। वह है ईश्वर का स्थापन किया हुआ राज्य। अब ईश्वर आकर सर्व की सद्गति कर रहे हैं। पवित्रता, सुख, शान्ति की स्थापना करते हैं। तुम बच्चों को ज्ञान का अब तीसरा नेत्र मिला है।)
8. कहा जाता है ब्रह्मा देवता नम: फिर कहते हैं शिव परमात्माए नम: तो सबसे ____ हो गया ना। उनको कहा जाता है भगवान। कितने मन्दिर हैं, सबसे बड़ा यादगार ____ का है ना, जैसे ____ -नाथ मन्दिर का गायन है। ____ -गर, ____ -गर, ____ -गर, यह शिव परमात्मा को कहा जाता है।
° _ऊंच_, _शिव_, _सोम_, _जादू_, _सौदा_, _रत्ना_
9. गायन भी है दु:ख में सिमरण सब करें……..। बाप सुख का वर्सा देते हैं, फिर _____ करने की दरकार नहीं रहती। तुम मात-पिता…….. यह है _____ मात-पिता की बात। स्कूल में बच्चे अच्छा पास होते हैं तो फिर टीचर को इनाम देते हैं। अब तुम उनको क्या इनाम देंगे! तुम तो उनको अपना ____ बना लेते हो, जादूगरी से। हम सब आत्माओं का वह बाप भी है, ____ भी है।
° _याद_, _पारलौकिक_, _बच्चा_, _टीचर_
10. वह देवतायें हैं मनुष्य, परन्तु ____ -गुण वाले हैं। वहाँ भी 2 भुजा वाले ही मनुष्य होते हैं, परन्तु सम्पूर्ण ____ । वहाँ कितनी खुशी होती है – जाकर ____ बनेंगे। तो तुम बच्चों को बहुत खुशी रहनी चाहिए। हम आत्मा इस शरीर द्वारा ____ को तो देखें।
° _दैवी_, _पवित्र_, _प्रिंस_, _बाबा_
11. आत्मा तो है ही _____, देखने से तुम कुछ भी नहीं समझेंगे। आत्मा तो बहुत ____ है। बहुत डॉक्टर्स आदि ने कोशिश की है आत्मा को पकड़ने की, परन्तु किसको पता नहीं पड़ता। आत्मा जो _____ है उसने तो जाकर दूसरा जन्म लिया। आत्मा में ही अच्छे वा बुरे ____ होते हैं। शरीर में हों तो शरीर के साथ संस्कार भस्म हो जाएं। आत्मा ही ज्ञान _____ करती है, इसलिए बाप कहते हैं अपने को आत्मा समझो। तुम कहते हो शिवबाबा, हम आत्मायें पढ़ती हैं इस शरीर द्वारा। नई बात है ना। हम आत्माओं को शिवबाबा पढ़ाते हैं। आत्मा ही _____ करती है। बाकी शरीर के नाम बदलते हैं।
° _बिन्दी_, _महीन_, _अविनाशी_, _संस्कार_, _धारण_, _सबकुछ_
12. आत्मा तो आत्मा ही है। मैं ____ आत्मा तुम्हारे मुआफिक पुनर्जन्म नहीं लेता हूँ। मेरा ड्रामा में पार्ट ही ऐसा है, जो मैं इनमें प्रवेश कर तुमको सुना रहा हूँ इसलिए इनको _____ रथ कहा जाता है। इनको पुरानी ____ भी कहते हैं। शिवबाबा ने भी पुराना लांग _____ पहना है। बाप कहते हैं मैंने इसमें बहुत जन्मों के अन्त में प्रवेश किया है। साधारण रीति इस रथ में बैठ पढ़ाते हैं। उनका नाम है भागीरथ। यह है पतित पुराना रथ, जिसमें बाप आकर ऊंच ते ऊंच ____ करते हैं। बाप कहते हैं मुझे तो अपना शरीर है नहीं। मैं जो ज्ञान का सागर, प्रेम का सागर…. हूँ, तो तुमको वर्सा कैसे दूँ! ऊपर से तो नहीं दूँगा। क्या प्रेरणा से पढ़ाऊंगा? जरूर आना पड़ेगा ना। पारलौकिक बाप कहते हैं मैं इनमें प्रवेश कर तुम बच्चों को कांटों से फूल विश्व का मालिक बनाए, आधा-कल्प के लिए सदा _____ बनाए मैं वानप्रस्थ में बैठ जाता हूँ।
° _परम_, _भाग्यशाली_, _जुत्ती_, _बूट_, _सर्विस_, _सुखी_
13. हम कौन-सा एक कार्य कर सकते, जो *ब्रह्मा बाबा भी नहीं कर सकते?*
° बाबा कहते हैं तुम तो जवान हो। मेरे से जास्ती पढ़कर ऊंच पद पाना चाहिए, परन्तु मेरे साथ बाबा है तो मुझे घड़ी-घड़ी उनकी याद आती है। बाबा मेरे साथ सोता भी है, परन्तु *बाबा मुझे भाकी नहीं पहन सकते। तुमको भाकी पहनते* हैं। तुम भाग्यशाली हो ना। (शिवबाबा ने जो शरीर लोन लिया है तुम उनको भाकी पहन सकते हो। मैं कैसे पहनूँ! मुझे तो यह भी नसीब नहीं है इसलिए तुम *लक्की सितारे* गाये हुए हो। शिवबाबा भी कहते हैं तुम मेरे से लक्की हो, तुमको पढ़ाकर विश्व का मालिक बनाता हूँ, मैं थोड़ेही बनता हूँ।)
14. ध्यान में आत्मा कहाँ जाती नहीं। आत्मा निकल जाए तो शरीर खत्म हो जाए। यह सब हैं _____। ड्रामा अनुसार उस समय पर वह _____ होता है, जो ड्रामा में पहले से ही नूँध है। सूक्ष्मवतन में आना-जाना ______ आदि इस समय होता है फिर 5 हज़ार वर्ष सूक्ष्मवतन का नाम नहीं होता। आजकल बाबा ने _______ का पार्ट बन्द कर दिया है, क्योंकि नुकसान हो जाता है।
° _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_
15. कोई-कोई महात्माओं का *प्रभाव* इतना क्यों है?
° यह भी बाबा ने समझाया है। झाड़ में *नये-नये पत्ते* निकलते हैं तो सतोप्रधान हैं। ऊपर से *नई सोल* आयेगी तो जरूर उनका प्रभाव होगा ना *अल्पकाल के लिए* (परन्तु वह हमे सतोप्रधान नहीं बना सकते)। (उनका सोने अथवा हीरों में वज़न करते हैं, परन्तु यह तो सब खलास हो जाने हैं। मनुष्यों के पास कितने लाखों के मकान हैं। समझते हैं हम तो बहुत साहूकार हैं। तुम बच्चे जानते हो यह साहूकारी बाकी थोड़े समय के लिए है। यह सब मिट्टी में मिल जायेंगे। किनकी दबी रही धूल में……..)
