*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 05-12-2020*
1. जो मन से सदा _____ है वही डबल लाइट है।
° _सन्तुष्ट_
2. विकर्मों के बन्धनों से बचने लिए कौन-सी *2 जबरदस्त युक्तियां* वरदान में सुनाई? (2)
° यदि *त्रिकालदर्शी स्टेज* पर स्थित हो, *कर्म के आदि मध्य अन्त को जानकर कर्म* करते हो तो कोई भी कर्म विकर्म नहीं हो सकता है, सदा सुकर्म होगा।
° ऐसे ही *साक्षी दृष्टा बन कर्म* करने से कोई भी कर्म के बन्धन में कर्म बन्धनी आत्मा नहीं बनेंगे। (कर्म का फल श्रेष्ठ होने के कारण कर्म सम्बन्ध में आयेंगे, बन्धन में नहीं। कर्म करते न्यारे और प्यारे रहेंगे तो अनेक आत्माओं के सामने दृष्टान्त रूप अर्थात् एक्जैम्पल बन जायेंगे।)
3. मीठे-मीठे रूहानी बच्चे यह गीत (आखिर वह दिन आया आज) गा रहे। बच्चे समझते हैं कि कल्प बाद फिर से *हमको वर्सा मिल रहा है*। तो इस वर्से में क्या-क्या होंगा? _(बाबा ने आते ही बहुत सुन्दर बातें सुनाई)_ (2)
° *धनवान, हेल्दी और वेल्दी* बनाने, *पवित्रता, सुख, शान्ति* का वर्सा देने बाप आते हैं।
° पहले भी हमको बाप ने आकर मनुष्य से *देवता* , नर से *नारायण* बनने की शिक्षा दी थी। यह *डीटी किंगडम* स्थापन हो रही है। आदि सनातन *देवी-देवता धर्म* की स्थापना हो रही है। (बाप सत्य बताकर, *सचखण्ड* की स्थापना कर रहे हैं।)
4. “मीठे बच्चे – अब _____ जाना है इसलिए _____ -अभिमानी बनो, एक _____ को याद करो तो अन्त मति सो गति हो जायेगी, _____ -प्रधान बन _____ दुनिया के मालिक बन जायेंगे।”
° _घर_, _देही_, _बाप_, _सतो_, _सतोप्रधान_
5. वण्डरफुल बाप ने तुम्हें कौन सा एक *वण्डरफुल राज़* सुनाया है?
° बाबा कहते – बच्चे, यह *अनादि अविनाशी ड्रामा* बना हुआ है, इसमें *हर एक का पार्ट नूंधा* हुआ है। कुछ भी होता है *नथिंग न्यु* । (बाप कहते हैं बच्चे इसमें *मेरी भी कोई बड़ाई नहीं* , मैं भी ड्रामा के बंधन में बांधा हुआ हूँ। यह वण्डरफुल राज़ सुनाकर बाप ने जैसे अपने पार्ट का महत्व कम कर दिया है।)
6. पहले-पहले ____ को पहचानना है। इतनी छोटी आत्मा में 84 _____ का अविनाशी पार्ट भरा हुआ है। यही है सबसे वण्डरफुल बात। आत्मा भी ____ है। जैसे बाबा वण्डरफुल वैसे _____ भी बड़ा वण्डरफुल है।
° _आत्मा_, _जन्मों_, _अविनाशी_, _ज्ञान_
7. तुम जानते हो पहले हम _____ से भी बदतर थे। अब बाप ____ लायक बना रहे हैं। जो अच्छे-अच्छे बच्चे हैं उनकी आत्मा ______ करती, बरोबर हम कोई काम के नहीं थे। अभी हम वर्थ ____ बन रहे हैं। कल्प-कल्प _____ हमको पेनी से पाउण्ड बनाते हैं।
° _बन्दर_, _मन्दिर_, _रियलाइज_, _पाउण्ड_, _बाप_
8. कल्प पहले वाले ही इन बातों को ____ रीति समझेंगे। तुम भी प्रदर्शनी आदि करते हो, नथिंग न्यु। इन द्वारा ही तुम _____ -पुरी की स्थापना कर रहे हो।
° _अच्छी_, _अमर_
9. *त्रिमूर्ति में लिखा हुआ* है – क्या?
° यह तुम्हारा *ईश्वरीय जन्म सिद्ध अधिकार* है। *ब्रह्मा द्वारा स्थापना* , शंकर द्वारा विनाश, विष्णु द्वारा पालना….. विनाश भी जरूर होना है। (नई दुनिया में बहुत थोड़े होते हैं। अभी तो अनेक धर्म हैं। समझते हैं एक आदि सनातन देवी-देवता धर्म है नहीं। फिर जरूर वह एक धर्म चाहिए।)
10. पतित से पावन, पावन से पतित बनना, यह समझना कोई डिफीकल्ट बात नहीं। है बहुत सहज, परन्तु *युद्ध किस बात में* है? _(इसपर एक कहानी भी है)_
° बच्चे देखते हैं हम घड़ी-घड़ी *बाप को याद करते, फिर याद टूट जाती* है। माया दीवा बुझा देती है।
° इस पर *गुलबकावली* की भी कहानी है। (बच्चे जीत पाते हैं। बहुत अच्छे चलते हैं फिर माया तूफान लाकर दीवा बुझा देती है। कभी-कभी गज़ को ग्राह खा भी लेती)
11. हथियाला बांधने समय कहते यह तुम्हारा गुरू ईश्वर है। और यहाँ *बाप कहते हैं* ….. क्या?
° तुम्हारा *एक ही बाप सब कुछ* है। मेरा तो *एक दूसरा न कोई*। सब उनको ही याद करते हैं। उस एक से ही योग लगाना है। देह भी मेरी नहीं।
12. जिसका पेट भरा हुआ होता, वह ____ रहते। अन्दर में समझते हो हमने कितना बार _____ ली थी, कल ही _____ थे फिर चक्र लगाए पतित बने फिर हम ____ -बल से विश्व की बादशाही लेते। बाप कहते हैं कल्प-कल्प तुम ही ____ लेते हो। ज़रा भी फर्क नहीं पड़ सकता।
° _गम्भीर_, _राजाई_, _देवी-देवता_, _योग_, _बादशाही_
13. प्रजापति ब्रह्मा और शिवबाबा में कौन-सा *स्पष्ट अन्तर* मुरली में सुनाया? (4)
° (रूप) यह *देहधारी* है, वह *विदेही*, विचित्र है।
° (सम्बन्ध) इनको *प्रजापिता* कहेंगे। वह *परमपिता* तो परमधाम में रहते हैं।
° (देश) वह परमपिता तो *परमधाम* में रहते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा परमधाम में नहीं कहेंगे। वह तो यहाँ *साकारी दुनिया में* हो गया। (सूक्ष्मवतन में भी नहीं है। प्रजा तो है स्थूल-वतन में।
° (नाम) प्रजापिता को भगवान नहीं कहा जाता है। *भगवान का कोई शरीर का नाम* नहीं। मनुष्य तन जिस पर नाम पड़ते हैं, उनसे वह न्यारा है।
14. _____ के पास कितने आते हैं मिलने। कहता हूँ बेहद के बाप का कहना नहीं मानेंगे, ____नहीं बनेंगे! बाप आत्मा समझ _आत्मा_ को कहते हैं तो तीर 🎯 जरूर लगेगा।
° _बाबा_, _पवित्र_,
15. (धारणा) कोई भी ग्रहचारी आती है तो _____ हो बैठ नहीं जाना है। फिर से _____ कर, बाप की याद में रह ____ पद पाना है। स्वयं की स्थिति याद से ऐसी _____ बनानी है जो कोई भी माया का _____ वार न कर सके। _____ से अपनी सम्भाल करते रहना है।
° _दिलशिकस्त_, _पुरुषार्थ_,
_ऊंच_, _मजबूत_, _तूफान_,
_विकारों_,
16. छोटे बच्चे को पवित्र कहा जाता है। फिर भी इस समय तो *कोई पवित्र आत्मा नहीं* कह सकते। क्यों?
° छोटे से *बड़ा तो होगा* ना (फिर भी पतित तो कहेंगे।)
