Answers from Sakar Murli 08-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 08-08-2020*

1. _______ आत्मा की निशानी है सन्तुष्टता, सन्तुष्ट रहो और सन्तुष्ट करो।
°सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न

2. बेहद का बाप तुमको विश्व का मालिक बनाते हैं, सो भी _______ विश्व का। बाप बैठ बच्चों को पारसपुरी का ______ बनाते हैं। यहाँ कौड़ियाँ, वहाँ ____ होंगे। भारत है सबसे _____ ते _____ ।
°गोल्डन एजेड, मालिक, हीरे, ऊंच, ऊंच

3. हमें खुशी है कल्प-कल्प भोलानाथ बाबा हम मीठे-मीठे बच्चो को बेहद सुख का वर्सा (स्वर्ग की बादशाही) देते अर्थात् मनुष्य से देवता बनाते हैं। यह समझकर पूरा पुरुषार्थ करने लिए ड्रामा के कुछ राज़ समझना बहुत जरूरी है। इस सन्दर्भ में बाबा ने:
° a) *मोक्ष* के बारे में क्या सुनाया?
° b) *प्रलय* के बारे में क्या सुनाया?
° c) यह सब समझना *क्यों जरूरी* है?
°°° उत्तर)
° a) इस बने-बनाये ड्रामा में हर एक आत्मा-एक्टर-पार्टधारी निर्वाणधाम से आती है इस नाटकशाला-कर्मक्षेत्र मे पार्ट बजाने, जो फिर *रिपीट* होता रहता है। यह *बना बनाया* ड्रामा है, एक भी एक्टर न एड हो सकता, न कम हो सकता है। सभी को अपना-अपना *पार्ट मिला हुआ* है। मोक्ष को पा नहीं सकते। (फिर तो पार्ट विनाशी हो जाए, रिपीट कैसे हो!)
° b) भल वे सोचते हैं महाभारत बाद प्रलय हो गई फिर समुद्र में पीपल के पत्ते पर एक बच्चा अंगूठा चूसता आया। (लेकिन इनसे फिर दुनिया कैसे पैदा होगी।) वास्तव में प्रलय कभी भी होती नहीं ( *भारत अविनाशी खण्ड है, कभी विनाश नहीं होता*)। हिसाब-किताब चुक्तू कर जाना हैं। फिर नयेसिर तुम आयेंगे।
° c) यह बाबा इसलिए समझाते क्योंकि हमे जीवन-जिम्मेवारियों से भागना नहीं है (मोक्ष-प्रलय की आश में), बल्कि ज्ञान-योग द्वारा मन को मजबूत कर श्रेष्ठ जीवन अनुभव कर सबकी जीवन श्रेष्ठ बनानी है। ( *जितना याद में रहेंगे उतना पवित्र बनेंगे और ऊंच पद पायेंगे*।)

4. *बचपन* के नाज़ नखरे किन्हें कहेंगे? *वानप्रस्थ* में कौन-सा कार्य करना होता? और कब? (वरदान)
° छोटी-छोटी बातों में संगम के अमूल्य समय को गंवाना बचपन के नाज़ नखरे हैं।
° अब यह नाज़ नखरे शोभते नहीं, वानप्रस्थ में सिर्फ एक ही कार्य रह जाता है – *बाप की याद और सेवा।* इसके सिवाए और कोई भी याद न आये।
° *उठो* तो भी याद और सेवा, *सोओ* तो भी याद और सेवा – *निरन्तर* यह बैलेन्स बना रहे। (त्रिकालदर्शी बनकर बचपन की बातें वा बचपन के संस्कारों का समाप्ति समारोह मनाओ, तब कहेंगे वानप्रस्थी।)

5. तुम सबके _____ बनते हो, अन्धों की लाठी बनते हो सबको रास्ता बताने के लिए। यथा बाप _____ तथा तुम बच्चों को भी बनना है। सबको रास्ता बताना है। तुम आत्मा, वह परमात्मा है, उनसे बेहद का वर्सा मिलता है। भारत में बेहद का राज्य था, अब नहीं है। तुम हो सच्चे-सच्चे ब्राह्मण, तो सबको _____ चिता पर बिठाते हो।
°गाइड, गाइड, ज्ञान

6. जिसकी भक्ति करते, तो उनकी बायोग्राफी को भी जानना चाहिए। तुम बच्चे अभी सबकी बायोग्राफी जानते हो बाप के द्वारा। *बाप की बायोग्राफी* का पता है। क्या है बाप की बायोग्राफी?
° बाप है पतित-पावन, लिबरेटर, गाइड। (और पढ़ाकर पावन-देवता बनाते, स्वर्ग की बादशाही का वर्सा देते।)

7. शिव भगवानुवाच, हम इन ______ के द्वारा स्वर्ग के द्वार खोल रहे हैं। ______ पर कलष रखा है। वह फिर सबको ज्ञान _____ पिलाती हैं। तुम _____ सारे विश्व का उद्धार करती हो। अभी फिर बाप तुम _____ को कितना ऊंच बनाते
बुलाते हैं
°माताओं, माताओं, अमृत, मातायें, माताओं

8. गाते है पतित-पावन आओ परन्तु अपने को पतित समझते थोड़ेही हैं। बाप बच्चों को सुजाग करते हैं, तुम घोर अन्धियारे से सोझरे में आये हो। बाप पतित से *पावन बनने की कौन-सी बहुत सहज युक्ति* बताते?,
° अपने को *आत्मा समझ बाप को याद* करो। (आत्मा में ही खाद पड़ने से मुलम्मे की बन गई है। जो पारसबुद्धि थे वही अब पत्थरबुद्धि बने हैं। तुम बच्चे अभी बाप के पास पत्थरनाथ से पारसनाथ बनने आये हो।)

9. *याद* करने लिए शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि सब छोड़ना पड़ेगा। _(सही / गलत)_
° *गलत* (शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि भी करना है। छोड़ना कुछ भी नहीं है। बाबा कहते हैं *सब कुछ करते हुए मुझे याद करते रहो*। भक्ति मार्ग में भी तुम मुझ माशूक को याद करते आये हो कि हमको आकर सांवरे से गोरा बनाओ। उनको मुसाफिर कहा जाता है।)

10. बाप आकर शूद्र से _____ बनाते हैं। यज्ञ में ______ जरूर चाहिए। यह है ____यज्ञ, भारत में यज्ञ बहुत रचते हैं। अब यह तो है ______ यज्ञ, जिसमें सारी पुरानी दुनिया स्वाहा होनी है।
°ब्राह्मण, ब्राह्मण, ज्ञान, रूद्र ज्ञान

11. कई कहते हमको तो मुक्ति ही पसन्द है। हम वहाँ ही बैठे रहें। क्या यह *हो सकता है?* यदि नहीं, तो इन आत्माओं का क्या *पार्ट* है?
° ऐसे थोड़ेही हो सकता है।
° ड्रामा में नूँधा हुआ है, जाकर *पिछाड़ी में आयेंगे जरूर*। बाकी सारा समय शान्तिधाम में रहते हैं। यह बेहद का ड्रामा है। अच्छा!

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