*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 08-09-2020*
1. देह-अभिमान का *दरवाजा*🚪 कौन-सा है, जिसे बन्द करना है?
° *मैं पन और मेरा पन”
2. जैसे बाप के संकल्प-बोल-नयनों में *सदा ही कल्याण की भावना*-कामना है, ऐसे हम बच्चों को क्या करना है?
° हमारे *संकल्प में* भी विश्व कल्याण की भावना-कामना भरी हुई हो। (कोई भी *कार्य करते* विश्व की सर्व आत्मायें इमर्ज हों।)
° *मास्टर ज्ञान सूर्य* बन शुभ भावना वा श्रेष्ठ कामना के आधार से *शान्ति व शक्ति की किरणें* देते रहो तब कहेंगे *विश्व कल्याणकारी* ।
° लेकिन इसके लिए सर्व *बन्धनों से मुक्त, स्वतंत्र* बनो।
3. अपनी दिल पर हाथ रखकर पूछो कि बाबा जो सुनाते हैं क्या हम सब पहले जानते थे। अभी जानते हो बाबा फिर से आकर हमको विश्व की _____ देते हैं। जो हमसे आधाकल्प तक कोई छीन नहीं सकते। तो बच्चों को कितनी _____ होनी चाहिए। बाप से कितना बार _____ लिया है। बाप _____ है, सत्य शिक्षक भी है, सतगुरू भी है। कब सुना ही नहीं।
°बादशाही, खुशी, राज्य, सत्य
4. बाप के पास आते हैं, _____ होने। सम्मुख बैठने से याद पड़ती है। बाबा आया है ले जाने के लिए। बाप सम्मुख बैठे हैं तो जास्ती _____ आनी चाहिए। अपनी ____ की यात्रा को वहाँ भी तुम रोज़ बढ़ा सकते हो। ज्ञान में इतना समय नहीं लगता है, जितना ____ की यात्रा में लगता है। 84 जन्मों की कहानी तो जैसे एक _____ है, आज से 5 वर्ष पहले किन्हों का राज्य था, वह राज्य कहाँ गया?
°रिफ्रेश, याद, याद, याद, कहानी
5. अपने को देखना है कि हमारे में कोई ______ तो नहीं हैं! जैसे देवतायें _____ हैं, ऐसा बना हूँ?
°अवगुण, मीठे
6. तुम्हारे इस *ब्राह्मण धर्म में सबसे अधिक ताकत* है – कौन-सी और कैसे?
° (कौन-सी) तुम्हारा यह ब्राह्मण धर्म ऐसा है जो *सारे विश्व की सद्गति* श्रीमत पर कर देते हैं। ब्राह्मण ही *सारे विश्व को शान्त* बना देते हैं। तुम ब्राह्मण कुल भूषण देवताओं से भी ऊंच हो,
° (कैसे) तुम्हें *बाप द्वारा* यह ताकत मिलती है। तुम ब्राह्मण *बाप के मददगार* बनते हो, तुम्हें ही *सबसे बड़ी प्राइज* मिलती है। (तुम ब्राह्माण्ड के भी मालिक और विश्व के भी मालिक बनते हो।)
7. तुम बच्चों को अब सारी नॉलेज है। तुम हो कितने साधारण अजामिल जैसे पापी, अहिल्यायें, कुब्जायें, भीलनियाँ उनको कितना _____ बनाते हैं। बाप समझाते हैं – तुम क्या से क्या बन गये हो। बाप खुद कहते हैं मैं तुमको अपने से भी ______ बनाता हूँ। बाबा लिखते हैं _____ ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण।
°ऊंच, ऊंच, सर्वोत्तम
8. बेहद का बाप है तो जरूर उनसे वर्सा भी मिलता होगा। इस बात को समझने लिए कौन-सा *एक वन्डरफुल अंग्रेजी शब्द* है?
° *हेविनली गॉड फादर* (यह अक्षर बहुत मीठा है और हेविन मशहूर भी है। तुम बच्चों की बुद्धि में हेविन और हेल का सारा चक्र फिरता है, जो-जो सर्विसएबुल हैं।)
9. तुम कहेंगे हम रूहानी बच्चे बाप की श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ ____ पर चल रहे हैं। ऊंच ते ऊंच बाप की ही _____ है। _____ भगवद् गीता भी गाई हुई है। अभी तुम समझते हो बाप ने ही ______ -योग सिखाया, जिससे सब मुक्ति-जीवनमुक्ति को पाते हैं।
°मत, श्रीमत, श्रीमद्, राज
10. कोई को पता नहीं गॉड वा ईश्वर कौन है, बाप ही बच्चों को बैठ अपना _____ देते हैं।
रूहानी बाप एक ही बार हर 5 हज़ार वर्ष के बाद आते हैं जरूर।
हम सभी आत्माओं का बाप वह ____ है। यह भी समझते हो कि भारत में ही शिवबाबा आया था, उनकी ______ भी मनाते हैं। कृष्ण की आत्मा के _____ में बाप ने प्रवेश किया है। कितनी वन्डरफुल बात है। कभी किसकी बुद्धि में आयेगा नहीं।
°परिचय, एक, जयन्ती, रथ
11. *बैज लगाने का उमंग बढ़ाने* लिए बाबा ने कौन-सा वन्डरफुल मिसाल दिया? (2)
° तुम *रूहानी सेना* हो। तुम यह बैज नहीं लगायेंगे तो मनुष्य कैसे समझेंगे कि यह भी रूहानी मिलेट्री है। मिलेट्री वालों को हमेशा बैज लगा हुआ होता है। (बैज में, *शिवबाबा* है नई दुनिया का रचयिता। वहाँ इन *देवताओं का राज्य* था, अब नहीं है। फिर बाप कहते हैं मनमनाभव। देह सहित सब सम्बन्ध छोड़ *मामेकम् याद* करो तो कृष्ण की डिनायस्टी में आ जायेंगे।) इसमें लज्जा की तो बात ही नहीं।
° अभी तुम बच्चों को ज्ञान है, बैज तो जरूर लगा रहना चाहिए। तुम हो *नर को नारायण बनाने वाले* । *राजयोग भी तुम ही सिखलाते* हो।
12. तुमसे पूछेंगे *क्या पढ़ते हो?* (2)
° बोलो, हम *नई दुनिया में राजाई प्राप्त करने लिए राजयोग* पढ़ते हैं। (यह है ही राजयोग। टीचर को जरूर याद तो करेंगे ना।)
° तुम कहेंगे हम स्वर्ग की राजाई प्राप्त करने के लिए ही पढ़ते हैं। *कौन पढ़ाते हैं? शिवबाबा भगवान* । (उनका नाम तो एक ही है जो चला आया है। मेरा नाम है ही शिव। बाप शिव और रथ ब्रह्मा कहेंगे।)
13. आजकल छोटेपन में ही *गुरू* करते हैं। गुरू का चित्र बनाए भी गले में डालते वा घर में रखते। और यहां कौन-सी वन्डरफुल बात है?
° यहाँ तो वन्डर है-बाप, शिक्षक, सतगुरू *सब एक शिवबाबा ही है।* बाप कहते हैं मैं साथ में ले चलूँगा।)
14. जिनको *धन मोटर आदि* हैं, वह स्वर्ग में है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (स्वर्ग कहा जाता है नई दुनिया को। यह साइंस भी वहाँ सुख देती है। यहाँ तो इन सबसे है अल्पकाल का सुख। वहाँ तुम बच्चों के लिए यह स्थाई सुख हो जायेगा।)
° अभी है *अल्पकाल का सुख*। (फिर यह बॉम्ब्स आदि ही सबको खलास कर देंगे। यहाँ तो अशान्ति का राज्य है। यह भी तुम्हारे में नम्बरवार हैं जो समझते हैं, हम पहले-पहले अपने घर जायेंगे फिर सुखधाम में आयेंगे।)
15. यह है *एकज़ भूल* का नाटक। कौन-सी है यह बड़े ते बड़ी भूल? (3)
° *गीता में नाम गुम* होने से महिमा भी गुम हो गई है।
° जिससे सारी दुनिया को सुख-शान्ति मिलती है, उस *बाप को भूल गये* हैं। इनको कहा ही जाता है एकज़ भूल का नाटक।
° बड़े ते बड़ी भूल यह है जो *बाप को नहीं जानते* । कभी कहते वह *नाम-रूप से न्यारा* है फिर कहते *कच्छ-मच्छ* अवतार है। *ठिक्कर-भित्तर* में है। भूल में भूल होती जाती है। (सीढ़ी नीचे उतरते जाते हैं। कला कम होती जाती है, तमोप्रधान बनते जाते हैं।)
° ड्रामा के प्लैन अनुसार जो बाप स्वर्ग का रचयिता है, *जिसने भारत को स्वर्ग का मालिक बनाया*, उनको ठिक्कर-भित्तर में कह देते हैं।
16. इनको *भाग्यशाली रथ* क्यों कहते हैं?
° क्योंकि *शिवबाबा की प्रवेशता* है तो जरूर दो आत्मायें ठहरी। यह भी तुम जानते हो। (दिखाते हैं भागीरथ ने गंगा लाई। क्या पानी लाया? किसने लाया है? किसने प्रवेश किया है? बाप ने किया ना। मनुष्य में पानी थोड़ेही प्रवेश करेगा। जटाओं से पानी थोड़ेही आयेगा। इन बातों पर मनुष्य कभी ख्याल भी नहीं करते हैं।)
17. *विराट रूप* भल बनाया है परन्तु वह भी *आधा है* । कैसे?
° *मुख्य रचता और उनकी पहली रचना* को कोई नहीं जानते। बाप ( *बिन्दी* ) है रचता, फिर ब्राह्मण हैं *चोटी* , इसमें ताकत है।
18. *अज्ञान अन्धियारा* किसे कहा जाता है?
° ड्रामा क्या है, पूछते रहते हैं। यह दुनिया कब से बनी है? नई सृष्टि कब थी तो कहेंगे *लाखों वर्ष आगे* । समझते हैं पुरानी दुनिया में तो अभी *बहुत वर्ष पड़े* हैं, इसको अज्ञान अन्धियारा कहा जाता है। (गायन भी है ज्ञान अजंन सतगुरू दिया, अज्ञान अन्धेर विनाश।)
