Answers from Sakar Murli 11-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-07-2020*

1. आप _____ का एक कदम बढ़ाओ तो बाप _______ के हजार कदम बढ़ायेंगे।
°हिम्मत, मदद

2. बाबा हमको इन लक्ष्मी-नारायण जैसा बनाते हैं। वैसे आगे तो 21 जन्म के लिए लिखते थे। अभी बाबा लिखते हैं *50-60 जन्म*। क्यों?
° क्योंकि *द्वापर में भी पहले तो बहुत धनवान सुखी* रहते हो ना। भल पतित बनते हो तो भी धन बहुत रहता है। यह तो बिल्कुल जब तमोप्रधान बनते हैं तब दु:ख शुरू होता है। पहले तो सुखी रहते हो।

3. अच्छी रीति धारणा कर और *हर्षित* होना है। क्यों हर्षित रहना है? (2)
° (हमारा एम अॉब्जेक्ट) इन *लक्ष्मी-नारायण* का चित्र सदैव हर्षितमुख वाला ही बनाते हैं।
° *स्कूल में ऊंच दर्जा* पढ़ने वाले कितना हर्षित होंगे। दूसरे भी समझेंगे यह तो बहुत बड़ा इम्तहान पास करते हैं।

4. आज बाबा ने कहा शिवबाबा की भी महिमा है, तो सूर्यवंशी घराने की भी महिमा है। फिर भी *एक शिवबाबा की ही महिमा* कहेंगे। क्यों?
° लक्ष्मी-नारायण को ऐसा लायक भी शिवबाबा ही बनाते हैं, उनकी ही महिमा है। इनको ऐसा *बनाने वाला टीचर* न हो तो यह भी ऐसे न बनें। बाप संगम पर न आयें तो इन्हों को राजाई भी मिल न सके।

5. बाप ही नॉलेजफुल है। तो उनमें कौन-सी *नॉलेज* है? बाबा किन्हों का *उद्धार* कर सकते? भारत को ही *मदर कन्ट्री* क्यों कहा जाता है?
° *सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त की हिस्ट्री-जॉग्राफी* बेहद का बाप ही सुनाते हैं।।
° *महा अजामिल जैसे पापियों* का भी उद्धार करते हैं।
° क्योंकि यहाँ ही शिवबाबा *मात-पिता* के रूप में पार्ट बजाते हैं। (शिवबाबा ब्रह्मा-माँ में प्रवेश कर बच्चों को एडाप्ट करते)

6. बाबा की *याद* से कौन-सी 3 मुख्य प्राप्तियां सुनाई? वैसे तो रोना नहीं है, फिर भी *आंसू मोती* कब बन जाते?
° बाप की याद से ही *विकर्म विनाश* होंगे। बाप को जितना याद करेंगे उतना *पावन* बनेंगे और फिर *ऊंच पद* पायेंगे नम्बरवार।
° *बाप की याद में प्यार के आंसू* बहाते हैं, वह आंसू मोती बन जाते हैं।

7. *वानप्रस्थ स्थिति* की कौन-सी 3 निशानियाँ आज वरदान में सुनाई?
° वानप्रस्थी कभी गुड़ियों का खेल नहीं करते हैं। वे सदा (एक के अन्त में) *एकान्त* और *सिमरण* में रहते (स्मृति-स्वरुप बनते)।
° *समान बनना ही समाना* है – यही वानप्रस्थ स्थिति की निशानी है।

8. बच्चों को यह ओना रहना चाहिए – हमको पढ़कर अपने को _____ बनाना है। जो अच्छी रीति पुरूषार्थ करेंगे वही _____ तिलक पायेंगे। बच्चों को हुल्लास में रहना चाहिए – हम भी इन ________ जैसे बनें। बाप कहते हैं अपने लिए आपेही पुरुषार्थ कर ______ प्राप्त करनी है। अभी बाप हमको _____ -योग सिखला रहे हैं, नई दुनिया के लिए राजाओं का राजा कैसे बन सकते हैं वह बतलाते हैं।
°राजा, राज, लक्ष्मी-नारायण, राजधानी, राज,

9. यह पढ़ाई ऐसी *सहज* है, कैसी? (3)
इस पढ़ाई में और क्या करना है? (2)
° खटिया पर सोये हुए भी पढ़ सकते हो। विलायत में रहते भी पढ़ सकते हो। घर में रहते भी पढ़ सकते हो। इतनी *सहज पढ़ाई* है।
° मेहनत कर अपने *पापों को काटना* है और दूसरों को भी *समझाना* है।

10. पढ़ने लिए _____ मिलती है। मूल बात है ______ बनने की, जिसके लिए यह पढ़ाई है। फी आदि की कोई बात नहीं सिर्फ _____ की बात है
°श्रीमत, पावन, हिम्मत

11. दूसरे धर्म वालों को भी तुम समझा सकते हो। कौन-कौन सी पॉइंट्स *सबको सुनानी* है? (4)
° कोई को भी यह बताना है – तुम *आत्मा* हो। आत्मा का स्वधर्म एक ही है, इनमें कोई फर्क नहीं पड़ सकता है।
° कोई को भी समझा सकते हो – *आत्मा का बाप* कौन है?
° कोई भी मिले तो बोलो तुम *स्वीट होम* जाना चाहते हो? फिर पावन जरूर बनना पड़े।
° लक्ष्मी-नारायण के चित्र पर कोई को भी समझाना सहज है। भारत में इनका राज्य था। यह जब राज्य करते थे तो *विश्व में शान्ति* थी। विश्व में शान्ति बाप ही कर सकते हैं और कोई की ताकत नहीं।

12. *अखबार* में भी क्या लिख सकते हैं? *ज्ञान तलवार* के साथ क्या चाहिए?
° (अखबार में) भारत में जब इनका राज्य था तो *विश्व में शान्ति* थी। आखरीन समझेंगे जरूर।
° *याद का जौहर* नहीं होगा तो ज्ञान तलवार चलेगी नहीं। बहुत याद करें तब जौहर आये।

13. बुद्धिवानों की *बुद्धि* बाबा ताला कैसे खोलते? जो *अच्छी रीति पढ़ते* उनकी निशानी क्या है? जो *नहीं पढ़ते* उनकी निशानी क्या है?
° बाप तुम सब बच्चों को *ज्ञान की रोशनी देते* हैं उससे ताला खुलता जाता है। फिर भी कोई-कोई की बुद्धि खुलती नहीं।
° जो अच्छी रीति पढ़ते हैं, उनको जहाँ-तहाँ *बुलाया जाता* है। बाबा उन्हें जानते हैं। गोल्डन एज में *पारसबुद्धि* बनते।
° (नहीं पढ़ते) *शक्ल* और *सर्विस* से मालूम पड़ जाता है कि यह क्या बनने लायक हैं। घर में स्टूडेन्ट की *चाल-चलन* से समझ जाते हैं। जब पिछाड़ी में इम्तहान पूरा होगा तब तुमको सब साक्षात्कार होंगे।

14. यहाँ जो कुछ हो रहा है, जिसमें मनुष्य खुशी समझते हैं वह सब दु:ख के लिए है। यह है विनाशी खुशियाँ। बाबा किस बात पर समझा रहे है? और क्यों? *अविनाशी खुशी* कौन देते?
° बाइसकोप, क्योंकि यह देखने वाले अपवित्र बनने का पुरूषार्थ जरूर करेंगे। (हम जो देखेंगे, वैसे ही संकल्प चलेंगे)
° *अविनाशी बाप* से ही अविनाशी खुशी मिलती है।

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